Wednesday, July 8, 2026
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भाई ने ‘इज्जत’ के नाम पर बहन को पानी में डुबोकर दी दर्दनाक मौत, खुद पहुंचा पुलिस के पास

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक भाई ने अपनी सगी बहन को ‘इज्जत’ के नाम पर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी 19 वर्षीय बहन को नहर में डुबोकर मार डाला और फिर खेत में शव फेंक दिया। हैरानी की बात यह कि वारदात के बाद उसने खुद ही पुलिस को फोन कर पूरी वारदात स्वीकार कर ली।

भौराबारी गांव निवासी आदित्य यादव ने सोमवार सुबह अपनी बहन नित्या यादव को धामिना नहर के पास रोक लिया। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद उसने बहन को पकड़कर नहर के गहरे पानी में धकेल दिया। जब तक वह तड़पती रही, वह वहीं खड़ा देखता रहा। नित्या की सांसें थमते ही आरोपी ने शव को घर से करीब ढाई किलोमीटर दूर एक धान के खेत में फेंक दिया।

थोड़ी देर बाद आदित्य ने खुद ही कैंपियरगंज पुलिस को बुलाकर कहा— “मैंने अपनी बहन की हत्या की है।”
उसने बताया कि बहन का एक युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बार-बार समझाने के बावजूद वह नहीं मानी, जिससे गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।

थाना प्रभारी राकेश रोशन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की सटीक वजह स्पष्ट होगी।

गांव में इस घटना से सनसनी फैल गई है। लोग स्तब्ध हैं कि “जिस भाई के कंधे पर रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही बहन का जल्लाद बन गया।”
आदित्य के पिता अमरजीत यादव की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। चार भाई-बहनों में वह सबसे बड़ा था। नित्या तीसरे नंबर पर थी और इंटरमीडिएट की छात्रा थी। ग्रामीणों के अनुसार, वह शांत स्वभाव की लड़की थी और पढ़ाई में अच्छी थी। उसकी असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।

पुलिस का बयान
पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे पारिवारिक और सामाजिक दबाव दोनों कारण हो सकते हैं। जांच जारी है कि क्या इस वारदात में और कोई शामिल था या नहीं।

महिला कल्याण विभाग ने बढ़ाई महिलाओं की आत्मनिर्भरता


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)मिशन शक्ति के विशेष अभियान फेज 5.0 के तहत महिला कल्याण विभाग की पहल पर राजीव गांधी महाविद्यालय, मऊ में “ड्राइविंग माय ड्रीम्स” मेगा इवेंट आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाना है, ताकि वे यातायात में पुरुषों पर निर्भर न रहें और नए जीवन कौशल विकसित कर सकें।

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कार्यक्रम में आरटीओ सुहेल अहमद ने बालिकाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हर महिला के लिए ड्राइविंग सीखना आत्मविश्वास और सफलता की कुंजी है। लर्निंग लाइसेंस के लिए बालिकाएं घर से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन की फीस ₹350 है और लर्निंग लाइसेंस के 30 दिन बाद ही परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।

जिला मिशन कोऑर्डिनेटर अर्चना राय ने महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। सखी वन स्टाप सेंटर की मैनेजर संध्या सिंह ने हेल्पलाइन नंबर 181 और अन्य सहायता सेवाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।

कार्यक्रम में परिवहन विभाग के महमूद अहमद, तारा सिंह चौहान, करूणा निधि राय, महिला कल्याण विभाग की मनोवैज्ञानिक मीरा यादव, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय, सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति राय एवं अनीता चौरसिया, साथ ही राजीव गांधी महाविद्यालय की अध्यापिका और छात्राएं उपस्थित रही।

इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनका सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के साक्षात्कार तिथियाँ जारी – तैयार रहें अपने दस्तावेज़ लेकर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VKSSY) के अंतर्गत चयनित ट्रेडों के लिए साक्षात्कार की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि निम्नानुसार साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे:


8 अक्टूबर 2025 दर्जी, नाई, धोबी सुबह 10:30 बजे उपायुक्त उद्योग कार्यालय, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, देवरिया 9 अक्टूबर 2025 हलवाई, राजमिस्त्री, लोहार, बढ़ई सुबह 10:30 बजे वही स्थान
उपायुक्त उद्योग ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित हों, ताकि चयन प्रक्रिया समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी की जा सके। यह साक्षात्कार ऑनलाइन आवेदन किए गए अभ्यर्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आवश्यक प्रशिक्षण और उपकरण अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है।

पीसीएस परीक्षा की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, दिए कड़े पीसीएस परीक्षा 2025निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे।

डीएम ने बैठक के दौरान साफ निर्देश दिए कि लोक सेवा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएँ पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी” — डीएम

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुचित गतिविधि या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जाए और प्रतिबंधित सामग्री को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से रोका जाए।

निगरानी रहेगी हाईटेक

डीएम ने बताया कि परीक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित व गोपनीय तरीके से रखा जाएगा ताकि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सतर्कता, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण व सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके।

परीक्षा तिथि व समय

बताया गया कि सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 एवं सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 का आयोजन 12 अक्टूबर 2025 को दो पालियों में होगा —

प्रथम पाली: प्रातः 9:30 से 11:30 बजे तक
द्वितीय पाली: अपराह्न 2:30 से 4:30 बजे तक
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जैनेंद्र सिंह, संबंधित उप जिलाधिकारीगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

📰 देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया की पांचवीं मंजिल पर स्थित पानी की टंकी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला।
देवरिया स्थित देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल पर पानी की टंकी में मिला शव देख पूरे कॉलेज परिसर में सन्नाटा और दहशत फैल गई।

घटना की जानकारी सफाई कर्मचारियों द्वारा दी गई, जिन्होंने पानी की टंकी में शव को देखा और तत्काल कॉलेज प्रशासन तथा पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सीएमएस, चिकित्सकगण और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

पानी की टंकी से शव निकालने में कठिनाई होने पर प्रशासन ने टंकी तोड़कर शव निकालने की तैयारी शुरू की। मौके पर सदर कोतवाल पुलिस बल के साथ पहुंचे उच्चाधिकारियों ने आवश्यक निर्देश दिए और घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए।

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सुरक्षा सैनिक और सुपरवाइजर के पदों पर होगी भर्ती, ब्लॉकवार लगेगा रोजगार शिविर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया के युवाओं के लिए खुशखबरी! अब घर के पास ही नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिला है। एसआईएस इंडिया लिमिटेड के तत्वावधान में सुरक्षा सैनिक एवं सुपरवाइजर के पदों पर भर्ती के लिए ब्लॉकवार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह भर्ती भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा पारित “पसारा एक्ट 2005” के अंतर्गत होगी।

उप जिलाधिकारी बरहज ने बताया कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न विकास खंडों में दो दिवसीय भर्ती शिविर लगेंगे


08 एवं 09 अक्टूबर: भागलपुर और भलुअनी ब्लॉक

10 एवं 11 अक्टूबर: बरहज ब्लॉक


अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी ब्लॉक में आयोजित भर्ती शिविर में भाग ले सकते हैं।
एसआईएस इंडिया लिमिटेड के डिप्टी कमांडेंट रजनीश कुमार राय एवं भर्ती अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि यह कंपनी देश-विदेश में सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने वाली अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है। चयनित अभ्यर्थियों को एनडीआरएफ के माध्यम से सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे उनका कौशल और अनुशासन दोनों मजबूत होंगे।
भर्ती के लिए निर्धारित शारीरिक मानक इस प्रकार हैं —
सुरक्षा सैनिक: लंबाई 167.5 सेमी ,सीना: 80-85 सेमी,वजन: 56 से 90 किलो,आयु सीमा: 19 से 40 वर्ष,शैक्षिक योग्यता: हाईस्कूल उत्तीर्ण,रोजगार के इच्छुक युवा अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों पर संबंधित ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।


विशेष आकर्षण
🔹 सरकारी मान्यता प्राप्त कंपनी में नौकरी का अवसर
🔹 एनडीआरएफ द्वारा प्रोफेशनल ट्रेनिंग
🔹 सभी ब्लॉकों के युवाओं के लिए खुला अवसर
🔹 आयु व योग्यता में लचीलापन
🔹 तत्काल चयन प्रक्रिया

“रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 31 अक्टूबर से प्रयागराज से अयोध्या तक — संजय सिंह

बुलडोज़र राजनीति और पेपर लीक पर आप सांसद का तीखा प्रहार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। आम आदमी पार्टी ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने घोषणा की कि 31 अक्टूबर, सरदार पटेल जयंती के दिन से प्रयागराज से “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा की शुरुआत होगी, जो 15 नवम्बर को अयोध्या पहुंचकर संपन्न होगी। यह यात्रा करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

संजय सिंह ने गोरखपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह पदयात्रा बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा — “प्रयागराज बेरोजगार युवाओं की मंडी बन चुका है। सरकार पेपर लीक से युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है, जबकि जनता को नफरत की राजनीति में उलझाया जा रहा है।”

आप सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “बुलडोज़र बाबा की राजनीति” के शोर में असली मुद्दे — रोजगार, भ्रष्टाचार और सामाजिक न्याय — पीछे धकेले जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान करते हुए मिस्ड कॉल नंबर 7500040004 जारी किया।

संजय सिंह ने बरेली की हालिया घटना को “सरकारी साजिश” करार देते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए 16 सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा — “धर्म के नाम पर विभाजनकारी राजनीति समाज के लिए घातक है। मुसलमानों के घर गिराकर हिंदू वोट पाने का प्रयास बेहद खतरनाक दिशा में ले जा रहा है।”

केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए संजय सिंह ने कहा — “यह बचत उत्सव नहीं, चपत उत्सव है। जीएसटी ‘वन नेशन वन टैक्स’ नहीं बल्कि ‘वन नेशन, मल्टीपल टैक्स’ बन गया है।”

सोनम वांगचुक पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि आवाज उठाने वालों को दबाने का काम हो रहा है। साथ ही गोरखपुर में आम आदमी पार्टी के पार्षद प्रत्याशी कुंजबिहारी निषाद की हत्या पर प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाया।

प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव एवं जिला प्रभारी प्रवीण कुमार यादव भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव बोले– परीक्षा में निष्पक्षता सर्वोपरि, किसी भी लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने आगामी राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा एवं सहायक वन संरक्षक व क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।
गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, एडीएम सिटी एवं नोडल अधिकारी परीक्षा अंजनी कुमार सिंह तथा डीआईओएस अमरकांत सिंह सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को होने वाली परीक्षा के लिए गोरखपुर जिले में 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ कुल 19,224 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 480 परीक्षार्थी दो पालियों में शामिल होंगे। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 41 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है।

मुख्य सचिव गोयल ने कहा— “परीक्षा को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी।”
उन्होंने निर्देश दिया कि हर परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और परीक्षार्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन और पुलिस दोनों पूरी तरह चौकस और मुस्तैद हैं। “हर केंद्र पर निगरानी रखी जाएगी तथा किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।”

एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी और सतर्क रहेगी। “ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए टीआई, टीएसआई और जवानों की ड्यूटी तय कर दी गई है ताकि आमजन को कोई असुविधा न हो।”

मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और प्रवेश-निकास प्रबंधन की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। साथ ही निर्देश दिया कि “किसी आकस्मिक स्थिति में केंद्र व्यवस्थापक तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।”

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि परीक्षा निरीक्षकों की नियुक्ति 50 प्रतिशत बाहरी विद्यालयों से और 50 प्रतिशत स्थानीय शिक्षकों से की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा— “लक्ष्य यह है कि हर अभ्यर्थी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।”

लखीमपुर खीरी में तेंदुए का आतंक: किसान की मौत, गन्ने के खेत में मिला अधखाया शव

लखीमपुर खीरी (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। धौरहरा वन रेंज के ग्राम दोंदरा पंडितपुरवा में तेंदुए के हमले में किसान मन्नालाल (35) की मौत हो गई। ग्रामीणों ने दोपहर बाद गन्ने के खेत में उनका अधखाया शव बरामद किया।

खेत में घास काटते समय हुआ तेंदुए का हमला

परिजनों के मुताबिक, मन्नालाल पड़ोसी गांव लोकईपुरवा निवासी शंकर के गन्ने के खेत में घास काटने गए थे। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि तेंदुआ किसान के पैर का मांस खाते हुए उसे खेत के भीतर घसीट ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जब मन्नालाल दोपहर तक घर नहीं लौटे, तो परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में निकले। खोजबीन के दौरान खेत में उनका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
धौरहरा रेंजर नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।

एक माह में चार लोगों पर तेंदुए के हमले

लखीमपुर खीरी में बीते कुछ महीनों से तेंदुओं की आबादी क्षेत्रों में बढ़ती आवाजाही ने दहशत फैला दी है। बीते एक महीने में चार लोगों पर तेंदुए ने हमला किया, जिनमें एक की मौत हो चुकी है।

4 अक्टूबर: ईसानगर क्षेत्र के खजुआ गांव में रमजान नामक किसान पर तेंदुए ने हमला किया।

23 सितंबर: रमियाबेहड़ क्षेत्र में मिश्रीलाल को तेंदुए ने घायल कर दिया।

10 सितंबर: नकहा के मजरा केवलपुरवा के पूर्व प्रधान प्रकाशचंद उर्फ मोतीलाल पर खेत में हमला हुआ।

अब 6 अक्टूबर को, मन्नालाल की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है।

कई गांवों में फैला तेंदुए का खौफ

मझगई क्षेत्र के चौखड़ा फार्म, गनेशपुर, करनपुर, हरिहरपुर, सिंगाही, और महेवागंज इलाके में भी तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुए ने अब तक दर्जनों पालतू कुत्तों और मवेशियों को मार डाला है। वन विभाग ने कुछ इलाकों में पिंजरा लगाकर पकड़ने की कोशिश की है, लेकिन अब तक तेंदुआ हाथ नहीं आया है।

विशेषज्ञों की राय

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में शिकार की कमी और खेतों में ऊँची फसलें (जैसे गन्ना) होने से तेंदुए इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं। यह स्थिति मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ा रही है।

सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: सोना 1.3 लाख, चांदी 1.57 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुँची

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग और रुपये में कमजोरी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखी गई। दिल्ली में सोने का भाव 9,700 रुपये बढ़कर 1,30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुँच गया।

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाला सोना शुक्रवार को 1,20,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5% शुद्धता वाला सोना 2,700 रुपये की बढ़त के साथ 1,22,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुँच गया।

चांदी की कीमतों में भी मजबूती

चांदी ने भी तेजी दर्ज की, और यह 7,400 रुपये की वृद्धि के साथ 1,57,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए उच्च स्तर पर पहुँच गई। शुक्रवार को चांदी का भाव 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में करीब 2% का उछाल आया, और यह 3,949.58 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया। चांदी की कीमत भी 1% बढ़कर 48.75 डॉलर प्रति औंस हो गई।


विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी बाजार में निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर रुझान और रुपये में गिरावट ने इस तेजी में योगदान दिया है।

कीवर्ड: सोने की कीमत आज, चांदी की कीमत आज, सोने का भाव, चांदी का भाव, सोने-चांदी के रेट, सोना चांदी में उछाल, सोने का रेट दिल्ली

भरत मिलाप का भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं ने ली उत्सव की अनुभूति

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। रविवार की रात शहर में श्री मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम लीला कमेटी द्वारा ऐतिहासिक भरत मिलाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “राजीव लोचन स्रवत जल तन ललित पुलकावलि बनी, अति प्रेम हृदयँ लगाइ अनुजहि मिले प्रभु त्रिभुअन धनी” की लयबद्ध पंक्तियों के बीच भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुध्न का भावपूर्ण मिलन हुआ। इस दौरान दर्शकों की आंखों में आंसू छलक उठे। जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयघोष से सैकड़ों श्रद्धालु रोमांच और उत्साह से सराबोर रहे।

भरत मिलाप का जुलूस स्थानीय फायर स्टेशन चौराहे से शुरू होकर बिसातखाने पर समाप्त हुआ। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने भगवान राम की आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। ग्रामीण अंचलों में सजी झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, भरत और हनुमान की शोभा यात्रा निकाली गई।

बिसातखाना लाइन में भगवान राम और भरत के मिलाप का मंचन हुआ। रावण वध और उसकी सोने की लंका को राख करने की सूचना मिलने के बाद भरत अयोध्या से राम से मिलने के लिए आए। मंचन के दौरान भगवान राम और भरत के मिलन के समय राम की आंखों से आंसू छलक पड़े। छतों पर मौजूद महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।

मुख्य आयोजक और प्रमुख अतिथि:
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम करण टेकड़ीवाल के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, राधेश्याम त्रिपाठी, जय जय अग्रवाल, राहुल रॉय, कमल शेखर गुप्ता, मीडिया प्रभारी सचिन श्रीवास्तव, दीपिक सोनी, सुमित खन्ना, नन्हे लाल लोधी, विनय जैन, सुरेश गुप्ता, श्रवण शुक्ला, वैभव जैन, आनंद गुप्ता, के के सक्सेना, अंशुमान यज्ञसैनी, अजय सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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मेलानिया ट्रंप का नया अवतार: फर्स्ट लेडी ने शेयर किया अपना AI जनरेटेड हमशक्ल, सोशल मीडिया पर मच गया हंगामा


AI से बना मेलानिया ट्रंप का डिजिटल वर्जन हुआ वायरल, ‘Into The Future’ कैप्शन से फिर छिड़ी बॉडी डबल बहस

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने ऑफिशियल X (Twitter) अकाउंट से एक AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनका डिजिटल हमशक्ल (AI Body Double) दिखाई दे रहा है।

वीडियो में मेलानिया का एआई अवतार पिक्सल के बादलों से उभरता हुआ दिखता है और कुछ ही क्षणों में उनका रूप ले लेता है। पोस्ट के साथ मेलानिया ने कैप्शन लिखा — “Into The Future”, यानी “भविष्य की ओर।” यह पोस्ट कुछ ही घंटों में वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर #MelaniaAI और #BodyDouble ट्रेंड करने लगे।

AI वीडियो ने फिर दी ‘बॉडी डबल’ अफवाहों को हवा

मेलानिया ट्रंप के इस नए वीडियो ने ‘बॉडी डबल’ थ्योरी को फिर से चर्चा में ला दिया है।
दरअसल, 2017 में व्हाइट हाउस के दौर में ही यह अटकलें लगाई गई थीं कि कुछ सार्वजनिक आयोजनों में मेलानिया की जगह किसी हमशक्ल का इस्तेमाल किया जाता है।
2024 के अमेरिकी चुनाव अभियान और हाल ही में यूके दौरे के दौरान भी कुछ तस्वीरों में मेलानिया के चेहरे और हावभाव में अंतर देखकर यही चर्चा दोबारा तेज़ हुई थी।
अब जब उन्होंने खुद अपना AI वर्जन जारी किया है, तो यूजर्स मान रहे हैं कि उन्होंने इन अफवाहों को “फनी लेकिन स्टाइलिश अंदाज़” में स्वीकार कर लिया है।

ट्रंप फैमिली और AI का बढ़ता क्रेज

मेलानिया से पहले डोनाल्ड ट्रंप खुद कई बार AI-जनरेटेड कंटेंट साझा कर चुके हैं।
उन्होंने अपने Truth Social अकाउंट पर कई AI क्लिप्स पोस्ट किए थे, जिनमें

सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर

और डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ़्रीज़
को हास्यात्मक रूप में दिखाया गया था।
एक वीडियो में जेफ़्रीज़ को सोम्ब्रेरो और मूंछों के साथ दिखाया गया, जबकि बैकग्राउंड में “AI ट्रंप बैंड” का म्यूज़िक चल रहा था।

ट्रंप ने हाल ही में “MedBeds” नामक साजिश सिद्धांत पर आधारित एक AI वीडियो भी शेयर किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया।

मेलानिया का AI प्रयोग: क्रिएटिविटी बनाम कंट्रोवर्सी

जहां डोनाल्ड ट्रंप के AI वीडियो राजनीतिक और विवादास्पद रहे हैं, वहीं मेलानिया का यह प्रयास क्रिएटिव और सॉफ्ट अप्रोच का उदाहरण है।
उनका AI अवतार न केवल डिजिटल कला का प्रदर्शन है बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि ट्रंप परिवार अब राजनीति, तकनीक और ब्रांडिंग को एक साथ जोड़कर डिजिटल युग की नई दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया

“यह भविष्य की झलक है!” — एक यूजर ने लिखा।

“क्या अब हमें असली मेलानिया पहचानने के लिए AI की ज़रूरत पड़ेगी?” — दूसरे यूजर ने मज़ाक किया।

कई टेक एक्सपर्ट्स ने इसे “AI और पर्सनल ब्रांडिंग के संगम” के रूप में सराहा।

सुप्रीम कोर्ट में वकील ने CJI पर फेंका जूता, ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का लगाया नारा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) । सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया। नारेबाजी करते हुए आरोपी वकील को सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मिली रही जानकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान वकील राकेश किशोर के रूप में हुई है। वह अदालत में सुनवाई के दौरान अचानक खड़ा हुआ और ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ के नारे लगाने लगा। इसके बाद उसने मुख्य न्यायाधीश की ओर जूता फेंकने की कोशिश की, लेकिन तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे रोक लिया।
घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। नई दिल्ली जिला पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि जब आरोपी को बाहर ले जाया जा रहा था, तब भी वह नारेबाजी करता रहा।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. गवई ने पूरी घटना के दौरान शांत और संयमित व्यवहार का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से अदालत की कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी।
सूत्रों के अनुसार यह मामला खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति पुनर्स्थापना संबंधी याचिका से जुड़ा हो सकता है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को खारिज किया था। उस फैसले में अदालत ने कहा था कि याचिका प्रचार हित में दायर की गई है। माना जा रहा है कि इसी निर्णय से नाराज होकर वकील ने यह कदम उठाया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

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2025 Nobel Prize in Medicine: इम्यून सिस्टम पर शोध के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

स्टॉकहोम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को समझने में अहम योगदान देने वाले तीन वैज्ञानिकों — मैरी ई. ब्रुनको (Mary E. Brunkow), फ्रेड रैम्सडेल (Fred Ramsdell) और शिमोन साकागुची (Shimon Sakaguchi) — को 2025 का फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान “पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस (Peripheral Immune Tolerance)” की खोज के लिए मिला है, जिसने प्रतिरक्षा प्रणाली की जटिल कार्यप्रणाली को गहराई से समझने का रास्ता खोला है।

नोबेल समिति के अनुसार, इन खोजों ने यह समझने में क्रांति ला दी है कि शरीर अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को खुद के अंगों पर हमला करने से कैसे रोकता है। इस शोध से भविष्य में कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के उपचार को और प्रभावी बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खुली हैं।

क्या है पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस?

यह शरीर की एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को अनियंत्रित होने और अपने ही ऊतकों पर हमला करने से रोकती है। इस प्रक्रिया में नियामक टी कोशिकाएं (Regulatory T Cells) अहम भूमिका निभाती हैं।
ये टी कोशिकाएं प्रतिरक्षा प्रणाली के “शांतिदूत” की तरह कार्य करती हैं — यानी यह शरीर को ऑटोइम्यून रोगों (Autoimmune Diseases) जैसे डायबिटीज़ टाइप-1, ल्यूपस और मल्टीपल स्क्लेरोसिस से बचाने में मदद करती हैं।

खोज की यात्रा

1995 में, जापानी वैज्ञानिक शिमोन साकागुची ने पहली बार नियामक टी कोशिकाओं की पहचान की। उन्होंने यह साबित किया कि इम्यून टॉलरेंस केवल थाइमस (Thymus) में नहीं होती, बल्कि शरीर में एक “पेरिफेरल नियंत्रण तंत्र” भी मौजूद होता है जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को संतुलित रखता है।

2001 में, अमेरिकी वैज्ञानिक मैरी ई. ब्रुनको और फ्रेड रैम्सडेल ने FoxP3 जीन की खोज की, जो नियामक टी कोशिकाओं के विकास और कार्य के लिए केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने पाया कि इस जीन में म्यूटेशन होने से इंसानों में IPEX सिंड्रोम जैसी गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं।

इसके बाद, साकागुची ने साबित किया कि FoxP3 वास्तव में नियामक टी कोशिकाओं के निर्माण और उनके नियंत्रण का प्रमुख जीन है। इस खोज ने इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy) और रोग-नियंत्रण के क्षेत्र में नई दिशाएँ खोलीं।

नोबेल विजेताओं की प्रोफ़ाइल

मैरी ई. ब्रुनको (जन्म 1961):
प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी, वर्तमान में इंस्टीट्यूट फॉर सिस्टम्स बायोलॉजी, सिएटल में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक।

फ्रेड रैम्सडेल (जन्म 1960):
1987 में यूसीएलए (UCLA) से पीएचडी, वर्तमान में सोनोमा बायोथेरेप्यूटिक्स, सैन फ्रांसिस्को में वैज्ञानिक सलाहकार।

शिमोन साकागुची (जन्म 1951):
1976 में एम.डी. और 1983 में पीएचडी क्योटो विश्वविद्यालय, जापान से। वर्तमान में ओसाका विश्वविद्यालय के इम्यूनोलॉजी फ्रंटियर रिसर्च सेंटर में विशिष्ट प्रोफेसर।

नोबेल इतिहास की झलक

पिछले वर्ष अमेरिकी वैज्ञानिक विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को सूक्ष्म आरएनए (microRNA) की खोज के लिए नोबेल दिया गया था।
1901 से अब तक 229 वैज्ञानिकों को 115 बार फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है।

महत्व क्यों है यह खोज?

इस वर्ष का नोबेल यह दिखाता है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करना उतना ही ज़रूरी है जितना उसे मज़बूत बनाना।
यह खोज कैंसर इम्यूनोथेरेपी, ऑटोइम्यून रोगों के उपचार, और टी-सेल आधारित चिकित्सा में आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिला स्तरीय युवा उत्सव एवं साइंस मेला 17 अक्टूबर को आयोजित होगा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर की अध्यक्षता में युवा उत्सव एवं साइंस मेला को लेकर विकास भवन सभागार में बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला युवा कल्याण अधिकारी काशीनाथ ने बताया कि इस उत्सव में डिक्लेमेशन, कहानी लेखन, कविता लेखन, पेंटिंग, लोक नृत्य समूह, लोकगीत समूह और इनोवेशन साइंस मेला जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतिभागियों की आयु सीमा 15 से 29 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को अपने हाई स्कूल प्रमाण पत्र या आधार कार्ड की छाया प्रति साथ लानी होगी।

जिला स्तर पर विजयी युवाओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद विजयी प्रतिभागियों को मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर के विजेताओं को 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव 2026 में प्रतिभाग करने का मौका मिलेगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इनोवेशन ट्रैक के अंतर्गत युवाओं को विज्ञान और तकनीक के अपने नवीनतम प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। इससे युवाओं में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ेगी और समाज के विकास में योगदान देने वाले युवा वैज्ञानिक तैयार होंगे।

मुख्य विकास अधिकारी ने युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और अपनी कला का प्रदर्शन कर जनपद का नाम राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें।

बैठक में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला युवा अधिकारी, नेहरू युवा केंद्र और समस्त क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी उपस्थित रहे।

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