Friday, March 13, 2026
Home Blog Page 6

जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में एफआरसीटी देगा 10 लाख रुपये की सहायता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाज में बेटियों की शादी को लेकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की चिंता कम करने के उद्देश्य से फास्ट रिलीफ चैरिटेबल टीम (एफआरसीटी) लगातार सराहनीय पहल कर रही है। संस्था द्वारा इस माह जनपद की चार बेटियों की शादी में कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। संस्था की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जिलाध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी के नेतृत्व में संस्था के पदाधिकारियों ने संबंधित परिवारों का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए और सहायता देने की प्रक्रिया पूरी की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि संस्था के सदस्य आपसी सहयोग से प्रत्येक जरूरतमंद बेटी की शादी में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस माह बृजमनगंज ब्लॉक के वर्डपुर निवासी रामप्रीत की पुत्री कोमल गोंड, पनियरा ब्लॉक के नेवास पोखर निवासी राजेश्वर यादव की पुत्री अंजली यादव, निचलौल ब्लॉक के गड़ौरा बाजार निवासी श्रीकृष्ण की पुत्री खुशबू विश्वकर्मा तथा धानी ब्लॉक के भेड़ियापार निवासी अजय त्रिपाठी की पुत्री मनीषा त्रिपाठी की शादी में संस्था द्वारा आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।

संस्था के संस्थापक महेंद्र वर्मा ने बताया कि फास्ट रिलीफ चैरिटेबल टीम प्रदेश की एक अनोखी पहल है, जहां सदस्य मात्र 50-50 रुपये का सहयोग कर जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में बड़ी आर्थिक मदद करते हैं। यह पहल समाज में सहयोग और संवेदना की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है।

सह संस्थापक चन्द्रशेखर सिंह और चरन सिंह कुंवर ने बताया कि संस्था अब तक बेटियों की शादी में करीब 71 लाख रुपये की सहायता कर चुकी है। इसके अलावा आकस्मिक निधन और अन्य सामाजिक जरूरतों में भी संस्था लगातार मदद करती रही है।

बताया गया कि जनपद महराजगंज से अब तक 13,384 लोग संस्था से जुड़ चुके हैं और सभी के छोटे-छोटे सहयोग से बड़े स्तर पर सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिला महामंत्री सुनील वर्मा, शिवेंद्र कुमार, रंजीत चौधरी, मो. आजाद, दीपक जायसवाल, चंदन गुप्ता, अंबरीष भारती, धर्मेंद्र गौतम, संजय श्रीवास्तव, कन्हैया लाल, सुभाष चंद्र यादव, सनत त्रिपाठी, डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. चन्द्रशेखर और देव नारायण सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

फर्जी तरीके से खतौनी में नाम दर्ज करने पर लेखपाल व कंप्यूटर चालक पर कार्रवाई

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में राजस्व अभिलेखों में फर्जी तरीके से नाम दर्ज करने के मामले में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तहसील धनघटा से जुड़े इस प्रकरण में दोषी पाए गए लेखपाल मनोज कुमार और कंप्यूटर चालक श्रीप्रकाश के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रकरण तहसील धनघटा के ग्राम कलान, तप्पा मोहबरा का है। यहां के निवासी चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि एक पुराने वाद संख्या टी-201117650100058 (दयाशंकर बनाम सुमित्रानन्द आदि) में विपक्षी पक्ष के नाम राजस्व अभिलेखों यानी खतौनी में कूट रचित तरीके से दर्ज कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जब मूल पत्रावली की गहन जांच कराई गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि 18 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन का हवाला देकर खतौनी में बदलाव किया गया, जबकि न्यायालय की ओर से ऐसा कोई परवाना या आदेश जारी ही नहीं हुआ था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि लेखपाल मनोज कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीप्रकाश ने बिना किसी आधिकारिक आदेश के आपसी मिलीभगत से विपक्षी पक्ष के नाम फर्जी तरीके से खतौनी में दर्ज कर दिए।
मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने उप जिलाधिकारी धनघटा को निर्देश दिया है कि दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए और की गई कार्रवाई से जिलाधिकारी कार्यालय को शीघ्र अवगत कराया जाए।
इस कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि सरकारी अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पं. गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देश के पूर्व गृह मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने उत्तर प्रदेश के विकास की जो सुदृढ़ आधारशिला रखी थी, उसे आगे बढ़ाते हुए आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पंत का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के आदर्शों का प्रेरणास्रोत है।

स्वयं निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक आज की नारी

0

राजकुमार बरूआ- भोपाल

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥”

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उनकी शक्ति और समाज में उनके योगदान को सम्मान देने का एक वैश्विक उत्सव है।

यह दिन उन महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने अपने अधिकारों जैसे वोट देने का अधिकार, काम के घंटे कम करना और बेहतर वेतन के साथ समानता का अधिकार देने के लिए दशकों पहले आवाज उठाई थी। यह हमें याद दिलाता है कि आज हम जिस समानता की बात करते हैं, वह एक लंबे संघर्ष का परिणाम है।
संघर्ष अभी जारी है, और “स्वयं सिद्धा” उन सभी चुनौतियों का मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाधान खोजकर समाज को मजबूती प्रदान कर रही है।

नारी केवल एक शक्ति नहीं, बल्कि सृष्टि का आधार है

हम उस सृष्टि की कल्पना भी नहीं कर सकते जिसमें महिलाएं ना हो। और कहते भी है ना कि हर सफल पुरुष के पीछे एक महिला खड़ी है। महिलाऐं इस सृष्टि की प्राण वायु है जिससे इस सृष्टि का दिल धड़क रहा है।

नारी हर रूप में ही सम्मान जनक है, प्रेम,करुणा शक्ति और शांति का समंदर है। मकान को घर बनाने के लिए महिला का होना आवश्यक है। इस संसार में महिलाओं को जो शक्ति ईश्वर ने दी है, वहां और किसी के पास नहीं है।

स्वयं सिध्दा

आज वह ‘स्वयं सिद्धा’ है – अर्थात वह जिसने अपनी सिद्धियां स्वयं प्राप्त की हैं और जो अपनी नियति का लेखन अपने साहस और परिश्रम की स्याही से कर रही है।

कल तक महिलाओं को घर की चारदीवारी और सामाजिक मर्यादाओं के घेरे में देखा जाता था। आज वह घेरा टूट चुका है। शिक्षा की लौ ने उसे वह दृष्टि दी है, जिससे उसने न केवल अपने अधिकारों को पहचाना है, बल्कि अपनी क्षमताओं का लोहा भी मनवाया है। चाहे वह कॉर्पोरेट जगत की ऊंची इमारतें हों, सीमाओं की सुरक्षा हो, या अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्य—आज ऐसी कोई दहलीज नहीं जिसे स्त्री के कदमों ने ना नापा हो।

आज की महिलाओं की सबसे बड़ी विशेषता उसका संतुलन है। वह एक तरफ आधुनिकता के शिखर को छू रही है, तो दूसरी तरफ अपनी जड़ो और संस्कारों को भी संजोए हुए है। वह ‘मल्टीटास्किंग’ की जीवंत मिसाल है। घर की ज़िम्मेदारियो को निभातें हुए करियर की ऊंचाइयों पर पहुंचना उसकी अदम्य इच्छाशक्ति का प्रमाण है। वह अब दूसरों के द्वारा तय किए गए रास्तों पर नहीं चलती, बल्कि अपने रास्ते खुद बनाती है।

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी

महिलाऐं केवल सहभागिता नहीं, बल्कि आधारशिला है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, राजनीति, और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देकर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रही हैं। मिशन शक्ति और अन्य सरकारी नीतियों के माध्यम से वे अब रूढ़ियों को तोड़कर सेना, विज्ञान व उद्यमिता में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। आज की नारी हर उस क्षेत्र में अपने आप को दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ साबित और स्थापित कर रही है जिस पर पहले उसका पहुंचना भी असंभव माना जाता था। आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना योगदान देकर राष्ट्र को मजबूती प्रदान की है।

आज हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान सराहनीय है और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से स्वय: अनुशासन स्थापित होता है जो हर क्षेत्र के लिए अति आवश्यक है।

महिला दिवस के अवसर पर “

महिलाओं को दिया जाने वाला सबसे अनमोल और बेहतरीन उपहार उन्हें सच्चा सम्मान, समानता और उनके निर्णयों की स्वतंत्रता देना है।”
पुरुष वर्ग का भी कर्तव्य बनता है कि वह महिलाओं को आगे आकर काम करने की स्वतंत्रता दे, इसके लिए जरूरी है की वहां महिलाओं के काम में उसको सहयोग करें, चाहें वह काम घरेलू हो या व्यवसाय से जुड़ा हुआ, सहयोग देकर उसके अंदर समानता की भावना को प्रबल करें।

घर में काम करती महिलाओं के काम में उनकी मदद करें, उन्हें समय दे कि वहां अपने आपको घरों के साथ अन्य कार्य क्षेत्र में भी स्वतंत्र रूप से काम कर सके।
आपका दिया यही सहयोग समाज की जड़ों को मजबूत करेगा और राष्ट्र निर्माण के लिए दोनों की साझेदारी ही राष्ट्र को मजबूती प्रदान करेगी।

अप्रैल से शुरू होगी गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं निदेशकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया अप्रैल माह से प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
कुलपति ने निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने-अपने विभागीय ब्रोशर शीघ्र तैयार करें, जिनमें संचालित पाठ्यक्रमों, विभाग की उपलब्धियों, शोध कार्यों तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण शामिल हो। साथ ही विभागों को पोस्टर, ब्रोशर और अन्य माध्यमों से अपने पाठ्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं तक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संभावनाओं की जानकारी पहुंच सके।
इसके अलावा कुलपति ने यह भी निर्देश दिया कि जिन विभागों को किसी पाठ्यक्रम की सीटों की संख्या अथवा फीस संरचना में परिवर्तन का प्रस्ताव देना है, वे एक सप्ताह के भीतर अपना प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दें, ताकि उसे संबंधित निकायों से समय पर अनुमोदित कराया जा सके।
बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में कार्य कर रहा है। नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ पाठ्यक्रमों तथा उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से छात्रों तक पहुंचाना आवश्यक है, जिससे विश्वविद्यालय की अकादमिक पहचान और मजबूत हो सके।

गैस मूल्य के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

गैस मूल्य वापस नहीं तो होगा जन आंदोलन-विजय रावत

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को बरहज देवरिया बाईपास पर सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में लगातार हो रहे गैस मूल्य वृद्धि को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने कहा की महंगाई कम नहीं हुई तो होगा जन आंदोलन भाजपा की सरकार ने सरकार बनाने के पहले जनता से वादा किया था कि जब भाजपा की सरकार बनेगी तो महंगाई कम होगी, लेकिन इसके ठीक उल्टा काम भाजपा सरकार कर रही है।
रावत ने कहाँ कि भाजपा सरकार बनने के बाद महंगाई आसमान छू रही हैं अगर तत्काल महंगाई और गैस मूल्य वापस नहीं हुआ तो पुरे जनपद को जनता को जागरूक कर बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा।
बरहज विधानसभा के पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार महंगाई की जननी हैं, यह भाजपा सरकार जबसे बनी है तबसे महंगाई में बेतहाशा बढोतरी हो रही हैं अगर महंगाई कम नहीं हुई तो भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन होगा। इस दौरान मुख्य रूप से राहुल यादव, संजय सिंह, राकेश यादव, विकास यादव, सलीम खान, अनुप राजभर, अख़्तर आलम, अनुरुद्ध यादव, कृष्णा नन्द यादव, इस्लाम अंसारी, राम प्रसाद, अनिश अंसारी, दिनेश यादव, अनिल कुमार सहीत आदि लोग शामिल रहे ।

10 मार्च को विश्वविद्यालय की खो-खो (पुरुष) टीम का चयन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की खो-खो (पुरुष) टीम का चयन 10 मार्च 2026 को अपराह्न 2:00 बजे विश्वविद्यालय क्रीड़ांगन में किया जाएगा। यह चयन आगामी पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय खो-खो (पुरुष) प्रतियोगिता 2025-26 में भाग लेने के लिए किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 2 अप्रैल से सिदो कान्हो बिरसा विश्वविद्यालय, पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) में आयोजित होगी।
विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ. राज वीर सिंह ने बताया कि चयन/ट्रायल में भाग लेने के इच्छुक छात्र निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों। प्रतिभागियों को हाईस्कूल से अब तक के समस्त मूल अंकपत्र, शुल्क रसीद, आधार कार्ड, एक पासपोर्ट साइज फोटो तथा अपना परिचय पत्र साथ लाना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि महाविद्यालय से प्रतिभाग करने वाले छात्रों को अपने प्राचार्य द्वारा जारी अधिकार पत्र भी साथ लाना अनिवार्य होगा।

प्रयास हमें बहुत कुछ सिखा जाते हैं

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

छोटी-छोटी बूंदें जब निरंतर बरसती हैं,
तो तालाब और पोखरे सब भर जाते हैं।
नदियों का पानी धारा बन बहता है,
और आखिर समुद्र में जा मिलता है।

हमारे छोटे-छोटे प्रयास और अभ्यास
जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
प्रयास हमें बहुत कुछ सिखा जाते हैं,
इसलिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

जब तक जीना है तब तक सीखना है,
अध्ययन और चिंतन अनुभव देते हैं।
अनुभव जीवन का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है,
प्रयास, अभ्यास और अध्ययन श्रेष्ठ कर्म हैं।

इसलिए आइए हम सभी
निरंतर प्रयास, अभ्यास और अध्ययन
करते रहें, जीवन को संवारते रहें,
खुद का और समाज का भला करते रहें।

मंदबुद्धि महिला से हैवानियत: बलिया में दो सगे भाई गिरफ्तार

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बांसडीह थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रास्ता भटककर इलाके में पहुंची एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ छेड़खानी और मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

सुनसान जगह ले जाकर की हैवानियत की कोशिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 27 फरवरी की रात की है। केवरा चट्टी के पास एक मंदबुद्धि महिला अकेली भटक रही थी। इसी दौरान क्षेत्र के दो सगे भाई मुन्ना ठाकुर और गुड्डू ठाकुर की नजर उस पर पड़ गई।

आरोप है कि महिला को अकेला और असहाय देखकर दोनों की नीयत खराब हो गई। दोनों उसे जबरन बाइक पर बैठाकर कोल्ड स्टोरेज के पीछे एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहां उन्होंने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।

विरोध करने पर बेरहमी से की मारपीट

जब महिला ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। किसी तरह पीड़िता वहां से निकलकर अपने पति के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी।

ये भी पढ़े – ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला, हथियार उत्पादन 4 गुना

24 घंटे में पुलिस ने किया गिरफ्तार

पीड़िता के पति की तहरीर पर 5 मार्च को बांसडीह थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए Omveer Singh ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद बांसडीह थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को जितौरा नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।

जेल भेजे गए आरोपी

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

लोगों में आक्रोश, पुलिस कार्रवाई की सराहना

घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए सख्त कानून के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़े – Panchang 7 March 2026: आज चतुर्थी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया

ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला, हथियार उत्पादन 4 गुना

वाशिंगटन/पश्चिम एशिया (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने आठवें दिन में पहुंच गया है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, वहीं ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। लगातार हो रही बमबारी के बीच पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है और क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा बताया जा रहा है।

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य ताकत बढ़ाने और हथियार उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने की योजना का खुलासा किया है।

हथियार उत्पादन बढ़ाने की योजना

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अमेरिका की प्रमुख सैन्य हथियार निर्माण कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में हथियारों के उत्पादन और उत्पादन शेड्यूल पर विस्तार से चर्चा की गई।

ट्रंप के अनुसार, उच्च-स्तरीय हथियारों के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों का उत्पादन जल्द से जल्द और अधिक मात्रा में शुरू करना उनकी प्राथमिकता है।

पहले ही शुरू हो चुका है उत्पादन विस्तार

ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि हथियारों के उत्पादन का विस्तार करीब तीन महीने पहले ही शुरू किया जा चुका है और कई प्रकार के हथियारों का निर्माण पहले से जारी है। उनका कहना है कि अमेरिका की रक्षा कंपनियां तेजी से उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही हैं।

बैठक में शामिल रहीं प्रमुख रक्षा कंपनियां

ट्रंप के मुताबिक बैठक में अमेरिका की प्रमुख सैन्य कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

• BAE Systems
• Boeing
• Honeywell Aerospace
• L3Harris Technologies
• Lockheed Martin
• Northrop Grumman
• Raytheon Technologies

ट्रंप ने बताया कि उत्पादन और आपूर्ति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और अगले दो महीनों के भीतर एक और बैठक करने पर सहमति बनी है।

ये भी पढ़े – Panchang 7 March 2026: आज चतुर्थी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया

अमेरिका के पास ‘अनंत’ गोला-बारूद का दावा

अपने बयान में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के गोला-बारूद की आपूर्ति लगभग अनंत है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों का उपयोग पहले ईरान में किया गया था और हाल ही में वेनेजुएला में भी किया गया।
ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने रक्षा कंपनियों को दिए जाने वाले ऑर्डर भी बढ़ा दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी से हथियार उपलब्ध कराए जा सकें।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य तैयारी मजबूत करना चाहता है। इसके जरिए वह यह संदेश देना चाहता है कि किसी भी संभावित संघर्ष की स्थिति में उसके पास पर्याप्त हथियार और गोला-बारूद मौजूद हैं।

हालांकि कुछ विश्लेषकों ने यह भी कहा है कि अमेरिका के वास्तविक हथियार भंडार की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और “अनंत आपूर्ति” का दावा पूरी तरह वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता।

ये भी पढ़े – बदलते समय में समाज की दिशा: विकास के साथ मूल्यों का संतुलन जरूरी

बदलते समय में समाज की दिशा: विकास के साथ मूल्यों का संतुलन जरूरी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाज हमेशा परिवर्तनशील रहा है। समय के साथ जीवन की परिस्थितियां, सोच और सामाजिक संरचना बदलती रहती हैं। आज का दौर भी ऐसे ही व्यापक बदलावों का साक्षी है। तकनीक, वैश्वीकरण और आधुनिक जीवनशैली ने मानव जीवन को नई दिशा दी है। यह परिवर्तन केवल आर्थिक या तकनीकी स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी इसका गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है।

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आने वाली पीढ़ियां हमारे वर्तमान समय को किस रूप में देखेंगी—क्या यह विकास और प्रगति का स्वर्णिम युग कहलाएगा, या फिर इसे मूल्यों के क्षरण के दौर के रूप में याद किया जाएगा।

तेज बदलाव का दौर

यदि इतिहास पर नजर डालें तो हर युग में समाज ने बदलावों का सामना किया है, लेकिन आज के समय में परिवर्तन की गति पहले से कहीं अधिक तेज हो गई है। सूचना क्रांति और डिजिटल तकनीक ने पूरी दुनिया को एक वैश्विक गांव में बदल दिया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अब एक साधारण व्यक्ति भी दुनिया की बड़ी घटनाओं से तुरंत जुड़ जाता है। यह आधुनिक युग की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने ज्ञान और संवाद के नए द्वार खोले हैं।

प्रगति के साथ नई चुनौतियां

हालांकि इस तेज प्रगति के साथ कई चुनौतियां भी सामने आई हैं। सामाजिक संबंधों में पहले जैसी आत्मीयता और अपनापन कम होता दिखाई दे रहा है। परिवारों का स्वरूप बदल रहा है और संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। व्यस्त जीवनशैली और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में मनुष्य अक्सर मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों को पीछे छोड़ देता है। यही कारण है कि आज समाज में नैतिक मूल्यों के क्षरण को लेकर चिंता भी व्यक्त की जा रही है।

ये भी पढ़े – दो वर्षों से जेल में बंद वकील कृपा शंकर सिंह और कार्यकर्ता बिंदा सोना सिंह की रिहाई की मांग

भारतीय संस्कृति की शक्ति

भारतीय सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता उसके संस्कार, सहिष्णुता और सामूहिकता की भावना रही है। हजारों वर्षों के इतिहास में भारत ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इन मूल्यों की बदौलत समाज की आत्मा हमेशा जीवित रही। यही सांस्कृतिक शक्ति भारतीय समाज को अन्य सभ्यताओं से अलग पहचान देती है। इतिहास यह भी बताता है कि जब-जब समाज ने अपने मूल्यों को भुलाया, तब-तब उसे कठिन परिस्थितियों और संकटों का सामना करना पड़ा।

संतुलन बनाए रखना समय की जरूरत

आज के दौर में यह और भी जरूरी हो गया है कि आधुनिकता को अपनाते हुए अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भी संजोकर रखा जाए। विकास और प्रगति निश्चित रूप से आवश्यक हैं, लेकिन यदि यह प्रगति मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संतुलन को कमजोर कर दे, तो उसका लाभ अधूरा रह जाता है।

इसलिए समाज के हर वर्ग—चाहे वह युवा हों, परिवार हों या सामाजिक संस्थाएं—सभी को मिलकर इस संतुलन को बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

भविष्य के लिए संदेश

वास्तव में समाज का इतिहास केवल पुस्तकों में दर्ज घटनाओं से नहीं बनता, बल्कि उन मूल्यों और व्यवहारों से बनता है जिन्हें लोग अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं। यदि समाज नैतिकता, सहानुभूति और सामाजिक एकता को महत्व देगा, तो वही आने वाले समय का गौरवशाली इतिहास बनेगा।
आज का परिवेश हमें एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—कि हम ऐसा समाज बनाएं, जहां विकास के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्य भी बने रहें।

ये भी पढ़े – Panchang 7 March 2026: आज चतुर्थी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया

Panchang 7 March 2026: आज चतुर्थी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चौघड़िया

Panchang 7 March 2026: आज 7 मार्च 2026, शनिवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो शाम 7:17 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। आज चित्रा नक्षत्र सुबह 11:15 बजे तक रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र प्रारंभ होगा।

आज चंद्रमा तुला राशि में संचार करेगा और सूर्य कुंभ राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और चौघड़िया।

आज का पंचांग (7 मार्च 2026)

तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी – शाम 7:17 PM तक, बाद पंचमी
नक्षत्र: चित्रा – 11:15 AM तक, बाद स्वाति
योग: वृद्धि योग – 06:52 AM तक, बाद ध्रुव योग

करण:
० बव – 06:31 AM तक
० बालव – 07:17 PM तक
० कौलव – इसके बाद
वार: शनिवार

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: 06:16 AM
सूर्यास्त: 05:55 PM
चंद्रोदय: 09:39 PM
• चंद्रास्त: 08:41 AM (8 मार्च)

आज का राहुकाल और अशुभ मुहूर्त

राहुकाल: 09:11 AM – 10:38 AM
यमगंड: 01:33 PM – 03:00 PM
कुलिक काल: 06:16 AM – 07:43 AM
दुर्मुहूर्त: 07:49 AM – 08:36 AM
वर्ज्य काल: 05:23 PM – 07:08 PM

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: 11:42 AM – 12:29 PM
अमृत काल: 03:53 AM – 05:38 AM
• ब्रह्म मुहूर्त: 04:39 AM – 05:27 AM

विशेष योग

आज स्वाति नक्षत्र और शनिवार के संयोग से सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है, जो 11:15 AM से अगले दिन 06:15 AM तक रहेगा। यह योग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है।

ये भी पढ़े – 7 मार्च का इतिहास: फिजी सरकार का इस्तीफ़ा से लेकर क्यूबा में फिदेल कास्त्रो के छठे कार्यकाल तक की प्रमुख घटनाएँ

चंद्र बल (Chandrabalam)

08 मार्च 2026 सुबह 06:15 बजे तक इन राशियों को चंद्र बल प्राप्त होगा:
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु और मकर।

दिन का चौघड़िया

समयचौघड़िया
06:16 AM – 07:43 AMकाल
07:43 AM – 09:11 AMशुभ
09:11 AM – 10:38 AMरोग
10:38 AM – 12:05 PMउद्बेग
12:05 PM – 01:33 PMचर
01:33 PM – 03:00 PMलाभ
03:00 PM – 04:27 PMअमृत
04:27 PM – 05:55 PMकाल

रात का चौघड़िया

समयचौघड़िया
05:55 PM – 07:27 PMलाभ
07:27 PM – 09:00 PMउद्बेग
09:00 PM – 10:32 PMशुभ
10:32 PM – 12:05 AMअमृत
12:05 AM – 01:37 AMचर
01:37 AM – 03:10 AMरोग
03:10 AM – 04:42 AMकाल
04:42 AM – 06:15 AMलाभ

ये भी पढ़े – 7 March Ank Rashifal: मूलांक 1 से 9 तक जानें आज का दिन

7 March Ank Rashifal: मूलांक 1 से 9 तक जानें आज का दिन

Ank Rashifal 7 March 2026: आज 7 मार्च 2026 और दिन शनिवार है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज की तारीख 07/03/2026 के सभी अंकों को जोड़ने पर 20 प्राप्त होता है और 2+0 = 2 बनता है। अंक 2 के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। इसी आधार पर आज का अंक राशिफल तैयार किया गया है। इसे आप अपने मूलांक (1 से 9) के अनुसार देख सकते हैं।

अंक ज्योतिष में मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, गुण और जीवन की संभावनाओं के बारे में संकेत देता है।

मूलांक 1

आज आपके अंदर नेतृत्व क्षमता मजबूत दिखाई देगी। कार्यक्षेत्र में आपके विचारों को महत्व मिलेगा। नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए दिन अनुकूल हो सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर निवेश करें। परिवार के बड़े सदस्यों की सलाह लाभदायक साबित हो सकती है। मानसिक तनाव कम रखने के लिए योग या ध्यान करें।

मूलांक 2

कार्यक्षेत्र में सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना फायदेमंद रहेगा। टीमवर्क से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। परिवार में किसी पुराने विवाद को सुलझाने का मौका मिल सकता है। स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद और मानसिक शांति बनाए रखें।

मूलांक 3

कार्यक्षेत्र में आपके विचारों की सराहना हो सकती है। शिक्षक, लेखक और क्रिएटिव क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए दिन खास रह सकता है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार की संभावना है। अधिक काम से थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी जरूरी है।

ये भी पढ़े – 7 मार्च का इतिहास: फिजी सरकार का इस्तीफ़ा से लेकर क्यूबा में फिदेल कास्त्रो के छठे कार्यकाल तक की प्रमुख घटनाएँ

मूलांक 4

आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत की पहचान भी होगी। आर्थिक मामलों में योजनाबद्ध तरीके से खर्च करना बेहतर रहेगा। परिवार में किसी महत्वपूर्ण निर्णय पर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या और संतुलित भोजन अपनाना लाभकारी रहेगा।

मूलांक 5

आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर या व्यवसाय में अचानक कोई अच्छा मौका मिल सकता है। मार्केटिंग, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। आर्थिक मामलों में अचानक लाभ या खर्च दोनों की संभावना है। दोस्तों से मुलाकात या छोटी यात्रा के योग बन सकते हैं।

मूलांक 6

आज आप परिवार और प्रियजनों के साथ अधिक समय बिताना चाहेंगे। कार्यक्षेत्र में सहयोग से काम आसानी से पूरे होंगे। कला, डिजाइन और सौंदर्य से जुड़े लोगों को पहचान मिल सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। तनाव से बचने के लिए समय-समय पर आराम करें।

ये भी पढ़े – दो वर्षों से जेल में बंद वकील कृपा शंकर सिंह और कार्यकर्ता बिंदा सोना सिंह की रिहाई की मांग

मूलांक 7

कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे लेकिन स्थिर प्रगति हो सकती है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार में शांति बनाए रखने के लिए संवाद महत्वपूर्ण रहेगा। प्रकृति के साथ समय बिताने से मानसिक संतुलन बना रहेगा।

मूलांक 8

आज का दिन जिम्मेदारियों और कर्म के परिणामों से जुड़ा रहेगा। पिछले समय की मेहनत के सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। बड़े निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करें। स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या जरूरी है।

मूलांक 9

आज आप ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे। कार्यक्षेत्र में साहसिक निर्णय लेने का मौका मिल सकता है। नए प्रोजेक्ट में प्रगति के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में सहयोग और प्रेम बना रहेगा। अधिक काम से बचें और पर्याप्त आराम करें।

ये भी पढ़े – ईरान-अमेरिका तनाव के बीच राष्ट्रपति पेजेशकियन का बड़ा बयान

7 मार्च का इतिहास: फिजी सरकार का इस्तीफ़ा से लेकर क्यूबा में फिदेल कास्त्रो के छठे कार्यकाल तक की प्रमुख घटनाएँ

7 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
इतिहास के पन्नों में 7 मार्च की तारीख कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और वैज्ञानिक घटनाओं के लिए जानी जाती है। इस दिन विश्व के विभिन्न देशों में सरकार, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और उद्योग जगत से जुड़ी कई अहम घटनाएँ घटीं।
नीचे 7 मार्च को घटित कुछ प्रमुख घटनाओं का क्रमवार विवरण प्रस्तुत है।

2001 – फिजी की अंतरिम सरकार का इस्तीफ़ा
7 मार्च 2001 को फिजी की अंतरिम सरकार ने इस्तीफा दे दिया। यह घटना उस समय देश की राजनीतिक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी गई। इस इस्तीफे ने फिजी की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया और वहां सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को गति मिली।

2002 – इस्लामाबाद में दक्षेस सूचना मंत्रियों का सम्मेलन
साल 2002 में 7 मार्च के दिन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दक्षेस (सार्क) देशों के सूचना मंत्रियों का सम्मेलन शुरू हुआ। इस सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने एक बार फिर द्विपक्षीय मुद्दों को उठाया।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन के इस सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग और संवाद को बढ़ावा देना था। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच सूचना और संचार के क्षेत्र में सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

ये भी पढ़े – बोतल, डिब्बा या कंटेनर में पेट्रोल देने पर लगी रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

2003 – फिदेल कास्त्रो का छठा राष्ट्रपति कार्यकाल

7 मार्च 2003 को क्यूबा की संसद ने राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो को छठे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति निर्वाचित किया। फिदेल कास्त्रो दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले शासनाध्यक्षों में गिने जाते हैं।
क्यूबा की राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहा और उन्होंने देश के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया।

2006 – ईरान की परमाणु गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र से मांग
साल 2006 में ईरान के राष्ट्रपति ने देश की परमाणु गतिविधियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी से क्षतिपूर्ति की मांग की। यह मुद्दा उस समय अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी चर्चा में रहा।

ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर कई देशों के बीच मतभेद बने हुए थे और यह विषय वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहा।

ये भी पढ़े – ईरान-अमेरिका तनाव के बीच राष्ट्रपति पेजेशकियन का बड़ा बयान

2007 – भारत और पाकिस्तान का आतंकवाद जांच में सहयोग
7 मार्च 2007 को भारत और पाकिस्तान आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच में एक-दूसरे की मदद करने के लिए तैयार हुए। दोनों देशों के बीच यह सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
यह कदम आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा गया।

2008 – त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में लेफ्ट फ्रंट की जीत
साल 2008 में 7 मार्च को त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आए, जिसमें सत्तारूढ़ लेफ्ट फ्रंट ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की।
यह जीत राज्य की राजनीति में लेफ्ट फ्रंट की मजबूत पकड़ को दर्शाती है। लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी उस समय राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी गई।

2008 – मंगल ग्रह पर झील की खोज
इसी वर्ष 2008 में अंतरिक्ष यात्रियों ने मंगल ग्रह पर झील की खोज की। यह खोज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई।
मंगल ग्रह पर पानी के संकेतों की खोज लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय रही है और इस तरह की खोजें अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा देती हैं।

2009 – स्टरलाइट इंडस्ट्रीज द्वारा एसार्को के अधिग्रहण की घोषणा
7 मार्च 2009 को प्रमुख धातु कंपनी स्टरलाइट इंडस्ट्रीज ने अमेरिका की तीसरी सबसे बड़ी कॉपर उत्पादक कंपनी एसार्को के अधिग्रहण की घोषणा की।
यह सौदा उद्योग जगत में महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि इससे वैश्विक धातु उद्योग में कंपनी की स्थिति मजबूत होने की संभावना जताई गई।

ये भी पढ़े – दो वर्षों से जेल में बंद वकील कृपा शंकर सिंह और कार्यकर्ता बिंदा सोना सिंह की रिहाई की मांग

दो वर्षों से जेल में बंद वकील कृपा शंकर सिंह और कार्यकर्ता बिंदा सोना सिंह की रिहाई की मांग

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कैम्पेन अगेंस्ट स्टेट रिप्रेशन (CASR) ने उत्तर प्रदेश में कथित “माओवादी संबंध” मामले में दो वर्षों से जेल में बंद एडवोकेट कृपा शंकर सिंह और कार्यकर्ता बिंदा सोना सिंह की लगातार हिरासत की कड़ी निंदा की है। संगठन ने दोनों की तत्काल रिहाई और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

ATS ने 2024 में किया था गिरफ्तार

CASR के अनुसार, 5 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने उनके घरों पर छापा मारकर दोनों को 2019 के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

एडवोकेट कृपा शंकर सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता हैं और लंबे समय से राजनीतिक बंदियों तथा हाशिए के समुदायों के मामलों में पैरवी करते रहे हैं। वहीं बिंदा सोना सिंह पूर्व शिक्षिका हैं और वर्तमान में निजी कानूनी टाइपिस्ट के रूप में काम करती हैं।

संगठन का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी यह दिखाती है कि “माओवादी संबंध” के आरोपों के तहत कई बार वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता है।

ये भी पढ़े – डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं, अफवाह फैलाने पर होगी कार्रवाई

हिरासत में बिगड़ा स्वास्थ्य

CASR का आरोप है कि दो वर्षों की हिरासत के दौरान दोनों का स्वास्थ्य लगातार खराब हुआ है।

संगठन के अनुसार कृपा शंकर सिंह को लंबे समय से एक अलग बैरक में रखा गया है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और मतिभ्रम जैसी समस्याएँ हो रही हैं। जेल के डॉक्टरों ने उन्हें हाइड्रोसील के ऑपरेशन की सलाह भी दी है, लेकिन अब तक इस पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई है।

वहीं बिंदा सोना सिंह को स्त्री-रोग संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में जेल परिसर में गिरने से उनके पैर में गंभीर मोच भी आ गई थी, जिसके बावजूद उन्हें अदालत में पेशी के लिए जाना पड़ा।

ये भी पढ़े – बोतल, डिब्बा या कंटेनर में पेट्रोल देने पर लगी रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

जमानत याचिका पर नहीं हो पा रही सुनवाई

CASR का कहना है कि दोनों की जमानत याचिकाएं एक वर्ष से अधिक समय से उच्च न्यायालय में लंबित हैं। कई बार तारीख पड़ने के बावजूद सुनवाई नहीं हो पा रही है। संगठन का आरोप है कि इससे मुकदमे से पहले की हिरासत ही सजा में बदलती जा रही है।

CASR की मांगें

CASR ने सरकार और न्यायालय से चार प्रमुख मांगें रखी हैं—

  1. एडवोकेट कृपा शंकर सिंह और बिंदा सोना सिंह की तत्काल रिहाई
  2. दोनों को स्वतंत्र और उचित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाए
  3. लंबित जमानत याचिकाओं की शीघ्र सुनवाई हो
  4. “माओवादी संबंध” के आरोपों के तहत लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगे

संगठन ने कहा कि बिना दोष सिद्ध हुए दो वर्षों तक जेल में रखना नागरिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ये भी पढ़े – पत्नी की हत्या के बाद पति ने लगाई फांसी, 24 घंटे में दो मौतों से गांव में सनसनी