Monday, July 27, 2026
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गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन के पूजन में शामिल हुए पूर्व विधायक संजय यादव

बलिया (राष्ट्र क़ी परम्परा )

पूर्व विधायक संजय यादव ने सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गौरा मदनपुरा में नव-निर्मित फायर स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत आयोजित पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की।
पूर्व विधायक संजय यादव ने कहा कि गौरा मदनपुरा में फायर स्टेशन की स्थापना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके शुरू होने से आग लगने जैसी आपातकालीन घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा, जिससे लोगों के जान-माल की सुरक्षा और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि यह फायर स्टेशन न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जनहित और क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके संचालन से आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को आपातकालीन सेवाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।
पूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने फायर स्टेशन के निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया और इसके लिए सभी संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रेलवे ट्रैक पर मिला वृद्ध का क्षत-विक्षत शव, पहचान में जुटी पुलिस

अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास सुबह हुई घटना, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कोठीभार थाना क्षेत्र के अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोठीभार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने से मौत का माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 8:16 बजे मेमो के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अमडीहां रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे लाइन के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एथानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि शव रेलवे ट्रैक के निकट पड़ा था तथा शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर यह अनुमान लगाया गया कि व्यक्ति किसी ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने आस-पास मौजूद लोगों, रेलवे कर्मियों तथा निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों से पूछ-ताछ कर शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र अथवा ऐसा दस्तावेज भी बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही आस-पास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों के बीच मृतक की पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष कोठीभार अखिलेश बर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान के लिए आस-पास के थानों को सूचना भेजी जा रही है। साथ ही गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान कराया जा रहा है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

अघोषित बिजली कटौती के विरुद्धरविवार को बरहज रहा बंद

व्यापारियों ने दुकाने बंद करके जताया विरोध

पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
रविवार को अघोषित विद्युत कटौती के विरोध मे बरहज पूरी तरह बंद रहा। व्यापारिक दुकाने बंद रहे और लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ अटल तिराहे पर चल रहे कर्मिक अनशन स्थल पर, जनसभा कर नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग उठाई। बंद के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने कहा कि लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन, व्यापार, किसानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनशनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
क्रमिक अनशन के दौरान वक्ताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द ही अघोषित विद्युत कटौती समाप्त कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा आंदोलनकारियों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, जबकि जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र की आवाज़ को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने में विफल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूरे बंद के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही। क्रमिक अनशन का सातवें दिन प्रदीप मद्धेशिया उर्फ़ सिंटू ने नेतृत्व किया और संचालन प्रदीप जायसवाल ने किया।
इस दौरान पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, डॉ अजय मिश्रा, अजय जायसवाल, बिंदेश्वर गिरी, प्रमोद मिश्रा, जितेंद्र भारत, अरविंद त्रिपाठी, ओंकारनाथ मिश्रा, सावित्री राय, राजेश निषाद, सभासद नवाब हुसैन, मुकेश पटेल, आनंद जायसवाल, पंकज शर्मा, विद्यानंद पांडेय, सुनील निषाद, पीयूष चावला, धर्मेंद्र सिंह,विजय जयसवाल, संजय बरनवाल, मुरारी अग्रवाल, ओमप्रकाश तिवारी, बबलू जायसवाल, आलम खान, लियाकत अली, टीपू रॉकी, अजय विश्वकर्मा, विष्णु मद्धेशिया, पवन मद्धेशिया आदि सैंकड़ो लोग उपस्थित रहे।

शाहजहाँपुर पुलिस का सराहनीय अभियान

201 गुम मोबाइल बरामद कर लौटाए

शाहजहाँपुर( राष्ट्र की परम्परा )
19 जुलाई शाहजहाँपुर पुलिस की सर्विलांस सेल, एसओजी और विभिन्न थानों की साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए 201 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 47 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने शाहजहाँपुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए अभियान की सराहना की।
पुलिस के अनुसार, गुम मोबाइलों की शिकायतें पुलिस अधीक्षक कार्यालय और ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त होती हैं। सर्विलांस सेल तकनीकी सहायता और सीईआईआर (CEIR) प्रणाली के माध्यम से लगातार ऐसे मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद करती है।
इस अवसर पर पुलिस ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर मोबाइल ब्लॉक कराएं, निकटतम थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें तथा मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। इससे मोबाइल के दुरुपयोग पर रोक लगाने और उसकी शीघ्र बरामदगी में मदद मिलती है।

देवरिया की बेटी ने पहले ही प्रयास में जीता NEET, 578 अंकों से रचा नया इतिहास

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद की होनहार बेटी श्रेया राय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। देवरिया के रामपुर खोरोबारी (पोस्ट-रामपुर) निवासी श्री गुड्डू राय उर्फ पंकज राय की पुत्री श्रेया राय ने 720 में से 578 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
देश की सबसे चुनौतीपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट में पहले ही प्रयास में मिली इस उपलब्धि ने न केवल श्रेया के परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होते ही उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया और गांव में खुशी का माहौल बन गया।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना देखने वाली श्रेया ने अपनी तैयारी के लिए कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित संस्थान का चयन किया। परिवार से दूर रहकर उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखी। उनकी यही लगन आज सफलता के रूप में सामने आई है।
श्रेया की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिवार का विश्वास और श्रेया का निरंतर प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बना।
श्रेया राय की सफलता उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। छोटे से गांव की बेटी ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी स्थान की मोहताज नहीं होती।
जैसे ही श्रेया की सफलता की खबर रामपुर खोरोबारी पहुंची, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। क्षेत्र के लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि श्रेया आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।

भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान तेज, डीएम ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। भूजल सप्ताह के तहत शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के प्रति जागरूक करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि अभी से जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन को अपनाने, तालाबों, नदियों और अन्य जलाशयों को स्वच्छ रखने, अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा भूजल के अनावश्यक दोहन को रोकने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूजल सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, विकासखंडों, नगर निकायों और जिला स्तर पर जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य आमजन को जल बचाने और भूजल संवर्धन के प्रति प्रेरित करना है।
जिलाधिकारी ने लोगों से “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई भी विकल्प” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), वरिष्ठ हाइड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शहर का चर्चित होटल निर्माण मानकों पर फेल, प्रशासन की जांच में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के एक चर्चित होटल नेमत में निर्माण मानकों और स्वीकृत मानचित्र के उल्लंघन का मामला सामने आया है। प्रशासन और संबंधित विभाग की संयुक्त जांच में होटल के संचालन और निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान पता चला कि होटल को स्वीकृत मानचित्र में केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, जबकि मौके पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए 22 कमरे निर्मित और संचालित पाए गए। इतना ही नहीं, भवन निर्माण में अनिवार्य सेटबैक नियमों का भी पालन नहीं किया गया है।
जांच टीम को यह भी मिला कि स्वीकृत नक्शे में प्रस्तावित रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का निर्माण नहीं कराया गया है, जबकि यह भवन निर्माण की आवश्यक शर्तों में शामिल है। इससे भवन निर्माण नियमों के साथ पर्यावरणीय मानकों की भी अनदेखी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर होटल संचालक को नोटिस जारी करने, अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने तथा अन्य वैधानिक कदम उठाए जाने की तैयारी चल रही है। यदि अनियमितताओं की पुष्टि अंतिम रूप से हो जाती है तो होटल के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल

निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l बीते दो दिनों से रुक रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने गोरखपुर शहर की रफ्तार थाम दी है। भारी वर्षा के चलते शहरी क्षेत्र के अधिकांश निचले इलाकों में जलभराव की भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आमजन का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि बरसात थमे करीब पांच घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पानी जस का तस भरा हुआ है, जो जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर के निचले क्षेत्रों में सड़कों से लेकर गलियों तक हर ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भरा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक कामकाज करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यातायात व्यवस्था पर भी बारिश का व्यापक असर पड़ा है। प्रमुख सड़कों पर जलभराव के चलते वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और जगह-जगह लंबा जाम लगा हुआ है। सबसे खराब स्थिति शहर के अंडरपास की है, जहां पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास और चारों फाटक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे इन मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हर साल बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है। समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़कों और बाजारों में भर जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता, जिससे समस्या लगातार बनी रहती है।
व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। राप्ती कॉम्प्लेक्स में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां 200 से अधिक दुकानों में चार फीट से ज्यादा पानी भर गया है। दुकानों में रखा सामान पानी में डूब जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार जमा पानी के कारण राहत नहीं मिल पा रही है।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट की आशंका के चलते लोग दहशत में हैं। स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं, क्योंकि गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश में शहर को इस समस्या से जूझना न पड़े।

बाढ़ पूर्व तैयारियों का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में संभावित बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने शनिवार को दोहरीघाट स्थित गौरी शंकर घाट पर सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बाढ़ से बचाव हेतु स्थापित स्टॉक रूम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध राहत एवं बचाव सामग्री की स्थिति देखी। उन्होंने सहायक अभियंता सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां पूर्ण रखें तथा 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर कार्य करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सभी आवश्यक सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उनका उपयोग किया जा सके।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने स्थापित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ पीएसी कैंप का भी जायजा लिया, जिसे संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कैंप में उपलब्ध लाइफ जैकेट सहित अन्य बचाव उपकरणों का निरीक्षण कर उनकी उपलब्धता एवं गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने पीएसी के समस्त जवानों को बाढ़ अथवा किसी भी आपात स्थिति में पूर्ण मुस्तैदी के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर सहित सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

अवर अभियंता के आश्वासन पर कांग्रेसियो ने श्रमदान वापस लिया

सोनूघाट से सड़क पाटने का कार्य जारी

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को बारीपुर हनुमान मंदिर के पास कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह के निर्देश पर सैकड़ो पार्टी कार्यकर्त्ता एवं स्थानीय लोग श्रमदान के लिए फावड़ा खाची लेकर इक्क्ठा हुए बारीपुर से सोनूघाट तक सड़क भरने के लिए , क्योंकि कांग्रेसियों ने सड़क भरने का संकल्प लिया था। यद्यपि
सड़क भरने की सूचना 16 जुलाई को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को भी कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने दीया था किन्तु , सूचना के बाद भी सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए, जिस पर कांग्रेस जन श्रमदान करने के लिए बारीपुर मे इक्क्ठा हुए,क्योंकि सड़क भरने का कार्य बारीपुर हनुमान मंदिर से सोनू घाट तक करना था। सूचना मिलते ही पीडब्लूडी अवर अभियंता अखिलेश राम अपने ठेकेदार के साथ मंदिर पहुंचे जहाँ अवर अभियंता व ठेकेदार ने कांग्रेस प्रवक्ता एवं कांग्रेसी कार्यकर्ताओ तथा स्थानीय लोगो को दो दिनों के अंदर सड़क के गड्ढों को भरने का आश्वासन भर ही नहीं दिया बल्कि
उसे भरने का कार्य भी प्रशासन ने शुरू कर दिया। अवरअभियंता एवं कंट्रेक्टर ने दो दिनों मे सड़क को भरने के आश्वासन दिया और चले गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगो ने उनके जाने पर एक बार प्रदर्शन करते हुए कहा कि यदि जनहित में यह कार्य नहीं होता है तो हम सभी लोग श्रमदान कर सड़क बनाने का कार्य करेंगे।
इस अवसर पर उत्तम सिंह, उदय शंकर सिंह, बृजेश सिंह, रामसनेही, सूर्य प्रताप सिंह, दिवाकर पांडे, राजेश पांडे, अनिरुद्ध तिवारी, मनोज सिंह, सोनू पाठक, सागर कुशवाहा, मनीष गोंड़ , इंद्रजीत सिंह सुधाकर पाण्डेय, छठ्ठू पाठक, काशी यादव, राम सागर मौर्य, उपेंद्र गुप्ता, दिवाकर गुप्ता मुबारक अली मन्नी गौड़ सहित भारी संख्या मे लोग मौजूद रहे।

मिट्टी के घर से संसद तक: रवि किशन ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में संभाला कार्यभार, पहले ही व्याख्यान में संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास का दिया संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू की गई ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना के अंतर्गत गोरखपुर के सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने शनिवार को ललित कला एवं संगीत विभाग में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। अपने पहले व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत को सफलता का सबसे बड़ा आधार बताते हुए अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा किए।
रवि किशन ने कहा कि यदि व्यक्ति के भीतर दृढ़ संकल्प और अटूट आत्मविश्वास हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि एक समय वह मिट्टी के घर में रहते थे, लेकिन लगातार मेहनत, संघर्ष और अपनी कला के प्रति समर्पण ने उन्हें संसद तक पहुंचाया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा पर विश्वास रखने, लगातार अभ्यास करने और बड़े सपने देखने का आह्वान किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि गोरखपुर के युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में वह हरसंभव सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में वह अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएंगे। कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी ताकि विद्यार्थियों को इस पहल का अधिकतम लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है, जिससे शिक्षा अधिक रोजगारपरक, व्यवहारिक और जीवनोपयोगी बन सके।


ललित कला एवं संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने रवि किशन का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकार का विश्वविद्यालय से जुड़ना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक कौशल के लिए अत्यंत प्रेरणादायी साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अभिनय, कला, करियर, संघर्ष और सफलता से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका रवि किशन ने विस्तार से उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर उषा सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. प्रदीप राजोरिया सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में SOG और युवक के बीच झड़प, युवक की मौत; तीन जवान घायल, भद्रवाह में इंटरनेट सेवा निलंबित

डोडा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार देर रात स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एक युवक के बीच हुई झड़प में युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि SOG के तीन जवान घायल हो गए। घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने भद्रवाह क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर SOG की टीम ने भद्रवाह-गंधोह मार्ग पर तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक युवक को पूछताछ के लिए रोका गया।

अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवक ने कथित तौर पर एक SOG जवान की सर्विस राइफल छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद हाथापाई हुई और गोली चल गई। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि SOG के तीन जवान भी घायल हुए।

सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान युवक की मृत्यु हो गई। वहीं, घायल जवानों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है तथा तलाशी अभियान जारी है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने भद्रवाह क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर: सांबा के आसमान में 9 सेकेंड तक दिखी रहस्यमयी रोशनी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

सांबा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सोमवार रात करीब 9 बजे आसमान में लगभग 9 सेकेंड तक दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी ने लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में अचानक तेज चमक वाली रोशनी दिखाई दी, जो कुछ क्षण तक नजर आने के बाद अचानक गायब हो गई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

प्रारंभिक स्तर पर कुछ लोगों ने इसे उल्कापिंड (Meteor), कुछ ने इल्यूमिनेशन राउंड (Illumination Round) और कुछ ने अन्य संभावित कारणों से जोड़कर देखा। हालांकि, अब तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राहत की बात यह है कि घटना के संबंध में किसी भी प्रकार के धमाके, मलबा मिलने या जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी तथ्यों के आधार पर रहस्यमयी रोशनी के वास्तविक कारण का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

बहराइच: नवाबगंज में सेंध लगाकर लाख रुपये के जेवरात व नकदी चोरी, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बहराइच के थाना नवाबगंज क्षेत्र में चोरी की एक और बड़ी घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत सती जोर के मजरा चरगंहवा निवासी फुलकोरा, पत्नी स्वर्गीय महेश, ने अज्ञात चोरों के खिलाफ थाना नवाबगंज में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, 16/17 जुलाई 2026 की रात अज्ञात चोरों ने मकान की पश्चिम दिशा की दीवार में सेंध लगाकर घर में प्रवेश किया। इसके बाद घर में रखे बक्से से सोने की नथ, चांदी की पायल, चांदी की जंजीर, चांदी का खड़ुवा तथा 5,000 रुपये नकद चोरी कर फरार हो गए।

पीड़िता का कहना है कि चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये है। घटना के बाद परिवार और गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़िता ने पुलिस से चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

मामले में थाना प्रभारी नवाबगंज जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है। पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एनएचआई से वार्ता के बाद कपरवार सेतु पर दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु पर सुरक्षा कारणों से वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने से गोरखपुर और देवरिया के बीच आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच कपरवार रामजानकी मार्ग स्थित चौकी पर कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह और समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह ने एनएचआई के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर आमजन की समस्याओं से अवगत कराया।
वार्ता के बाद एनएचआई अधिकारियों ने दोपहिया वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर चारपहिया, भारी वाहनों समेत अन्य सभी वाहनों के संचालन पर रोक जारी रहेगी।
एनएचआई अधिकारियों ने बताया कि कपरवार सेतु के निर्माण कार्य के लिए तीन कंपनियों को बुलाया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
रवि प्रताप सिंह और अर्जुन सिंह ने कहा कि यदि अगले 100 घंटे के भीतर सेतु निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि सेतु बंद होने से प्रतिदिन हजारों यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था न होने से लोगों को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ रहा है।
इस दौरान दिवाकर चौरसिया, सुमीत तिवारी, राहुल, विवेक, हरिश्चंद्र, कमलेश, विजली, अखिलेश, पंकज, नीरज वर्मा, अभिषेक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।