“बलिया विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में बेटियों का रहा वर्चस्व”
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को नशे से दूर रहने और पौधारोपण का दिया संदेश
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया का सप्तम् दीक्षान्त समारोह मंगलवार को बड़े ही गरिमामय और प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए युवाओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे और लिव-इन रिलेशन जैसी दुष्प्रवृत्तियों से दूर रहने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि बेटियाँ समाज परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए प्रत्येक विद्यार्थी से एक-एक पौधा लगाने का संकल्प लेने को कहा।
समारोह में पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने कहा कि “बलिया तप, त्याग और क्रांति की भूमि है — शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है।” उन्होंने युवाओं को कौशल विकास पर ध्यान देने की सलाह दी।
इस वर्ष 19,560 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 15,878 स्नातक और 3,682 परास्नातक शामिल रहे। 62 प्रतिशत छात्राएँ रहीं। कुल 19 विद्यार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि दी गई।
एमए (उर्दू) की छात्रा शामिया खातून को कुलाधिपति पदक (चांसलर मेडल) से सम्मानित किया गया।
कुल 43 विद्यार्थियों को 44 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से —
नीलू यादव (बीए), आँचल सिंह (बीकॉम), सलोनी गुप्ता (बीएससी), श्रेया गौर (बीसीए), रूपेश पाण्डेय (एमएससी रसायन विज्ञान) और शिवांगी सिंह (एमएससी कृषि) शामिल रहीं।
कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय की सभी प्रक्रियाएँ — परीक्षा परिणाम, प्रवेश आदि — पूर्णतः ऑनलाइन हैं और यह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है जो समय से पहले परीक्षा परिणाम घोषित करता है।
दीक्षोत्सव सप्ताह के अंतर्गत गोद लिए गए गाँवों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं तथा विजेताओं को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्मारिका ‘सृजन’, समाचार पत्र ‘अन्वीक्षण’ और शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।
राज्यपाल की प्रेरणा से किशोरियों का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान भी प्रारंभ किया गया।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, कुलसचिव संतलाल पाल सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, छात्र-छात्राएँ एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता पाण्डेय ने किया।
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