Tuesday, July 7, 2026
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अयोध्या में धमाका: मकान गिरा, 5 की मौत, कई घायल, CM योगी ने लिया संज्ञान

अयोध्या/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अयोध्या के कलंदर थाना क्षेत्र के पगला भारी गांव में अवैध पटाखों के कारण जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। धमाका इतना तेज था कि मकान पूरी तरह से गिर गया।

घटना स्थल और रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना स्थल से फटा हुआ कूकर और सिलेंडर बरामद हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका उपचार शुरू किया गया।

अयोध्या जिला चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मृतकों में 3 बच्चे और 2 व्यस्क शामिल हैं। उनकी बॉडीज जल चुकी हैं। घटना के समय खेत में बने मकान की छत गिर गई थी और तेज आवाज सुनाई दी। मलबा हटाने का काम जारी है।

CM योगी ने जताई संवेदना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर संज्ञान लिया और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य को तेज किया जाए और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारी जांच में जुटे

एसएसपी अयोध्या गौरव ग्रोवर ने बताया कि पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबा हटाया गया और आसपास के क्षेत्र की भी सर्च की जा रही है। धमाके में पप्पू गुप्ता नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ प्रभावित हुआ।

जिला मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे ने कहा कि बचाव दल ने तुरंत मलबा हटाया और जिला अस्पताल में 5 मौतों की पुष्टि की गई।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि घायलों का तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए और मामले की सख्त जांच की जाए।

राजकीय चर्म संस्थान, नुनिहाई में कम्युनिटी डेवलपमेंट कंसल्टेंट और जूनियर कंसल्टेंट के पदों पर भर्ती

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l राजकीय चर्म संस्थान, नुनिहाई ने भारत सरकार की “कम्युनिटी डेवलपमेंट थ्रू पॉलीटेक्निक योजना” के अंतर्गत कम्युनिटी डेवलपमेंट कंसल्टेंट और जूनियर कंसल्टेंट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। नियुक्ति छह माह की अस्थाई अनुबंध अवधि के लिए होगी।

साक्षात्कार दिनांक 10 अक्टूबर 2025, प्रातः 10 बजे संस्थान परिसर में आयोजित किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को मूल प्रमाणपत्रों सहित उपस्थित होना अनिवार्य है। यात्रा भत्ता (TA/DA) नहीं दिया जाएगा।

वेतनमान एवं योग्यता:

कम्युनिटी डेवलपमेंट कंसल्टेंट: ₹20,000 मासिक; सामाजिक कार्य, ग्रामीण विकास, कृषि या संबंधित क्षेत्र में स्नातकोत्तर डिग्री और दो वर्ष का अनुभव अनिवार्य।

जूनियर कंसल्टेंट: ₹12,000 मासिक; इंजीनियरिंग/प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा या स्नातक डिग्री के साथ एक वर्ष का अनुभव वरीयता के आधार पर।

आवेदन सादे कागज पर पासपोर्ट साइज फोटो, प्रमाणपत्रों की स्वप्रमाणित छायाप्रति और प्रार्थना पत्र सहित प्रस्तुत किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए www.gliagra.ac.in पर देखा जा सकता है।

प्रधान डाकघर देवरिया में अब 24 घंटे स्पीड पोस्ट व पार्सल बुकिंग सुविधा उपलब्ध

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवरिया प्रधान डाकघर में अब स्पीड पोस्ट, पार्सल और अन्य डाक वस्तुओं की बुकिंग सुविधा 24 घंटे एवं सातों दिन उपलब्ध करा दी गई है। यह सुविधा 8 अक्टूबर 2025 से जनहित में शुरू की गई है।

डाक अधीक्षक देवरिया, अजय पाण्डेय ने बताया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से उन नागरिकों और व्यवसायियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी, जिन्हें दिन में समयाभाव के कारण अपने डाक लेख या पार्सल बुक कराने में कठिनाई होती थी। अब वे दिन या रात—किसी भी समय अपनी डाक वस्तुएं बुक करा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह में 6 से 10 अक्टूबर तक डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व डाक दिवस के अवसर पर प्रधान डाकघर देवरिया में इस 24X7 सुविधा का शुभारंभ किया गया। डाक विभाग की यह पहल ग्राहकों को बेहतर और सुलभ सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिलाधिकारी का सुझाव ‘विकसित भारत @2047’ में चयनित

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l भारत सरकार के “विकसित भारत 2047” कार्यक्रम के तहत आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का सुझाव राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है। यह सुझाव नवंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदर्शित किया जाएगा।

राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत प्रत्येक राज्य से दो जिलाधिकारियों के सुझावों का चयन किया गया। जिलाधिकारी बंगारी का सुझाव प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु देखभाल पर केंद्रित रहा। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों की अवस्थिति, प्रशिक्षित मानव संसाधनों की कमी, कुपोषण और विभागों के बीच समन्वय की चुनौतियों को सुधारने हेतु डिजिटल टूल्स, एआई आधारित निगरानी, स्मार्ट लर्निंग किट्स और बेहतर प्रशिक्षण मॉडल अपनाने का सुझाव दिया।

उन्होंने आगरा में बाल वाटिका और लर्निंग लैब जैसी नवाचारी पहलें भी साझा कीं, जो कम बजट में टिकाऊ मॉडल के रूप में प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में सफल रही हैं।

भारत सरकार द्वारा डिजिटल वॉल ऑफ फेम में जिलाधिकारी बंगारी की फोटो और सुझाव प्रदर्शित किए जाएंगे। यह उपलब्धि आगरा जनपद और प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण और प्रेरणास्रोत है।

स्वदेशी मेला का भव्य शुभारंभ

मगहर महोत्सव परिसर में 18 अक्टूबर तक 10 दिन तक चलेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025

स्थानीय उत्पादकों और महिलाओं को मिलेगा अपना व्यवसाय बढ़ाने का मंच

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देशानुसार कबीर चौरा, मगहर में 09 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने वाले यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 स्वदेशी मेला का शुभारंभ आज मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक सहजनवा प्रदीप शुक्ला और पूर्व विधायक जीएम सिंह ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद मुख्य अतिथियों ने विभागीय स्टॉलों का भ्रमण किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और स्टॉल कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है और मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को अपने स्वदेशी उत्पादों को विपणन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, सीएम युवा, ओडीओपी और माटी कला जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का सुझाव दिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित स्टॉलों से अधिक से अधिक उत्पाद खरीद कर उन्हें प्रोत्साहित करें। विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी ने भी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय हेतु प्रेरित किया।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मेले के प्रचार-प्रसार और स्टॉल संचालन पर जोर देते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित किया। मेले का संयोजन भाजपा जिला उपाध्यक्ष आदित्य यादव ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्र, अरुण सिंह, हैप्पी राय, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नित्यानंद, किरण प्रजापति, संगीता वर्मा, सुनीता अग्रहरी, अत्रेश श्रीवास्तव, गौरव निषाद, भूपेंद्र त्रिपाठी, धनंजय पांडेय, मीडिया प्रभारी ब्रहमानंद पांडेय, डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ला, डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, उपायुक्त व्यापार कर राजेश पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येंद्र सिंह, एलडीएम पवन कुमार सिन्हा, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित अन्य अधिकारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में 11 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने किया अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़

हल्द्वानी/उत्तराखंड (राष्ट्र की परम्परा न्यूज)। हल्द्वानी पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गन्ना सेंटर क्षेत्र से एक युवक को 11 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शराब की तस्करी कर इलाके में सप्लाई करने की कोशिश कर रहा था।

जानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से गन्ना सेंटर इलाके में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान होटल और ढाबों के पास कुछ संदिग्ध लोगों को देखकर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस को देखकर कुछ युवक भागने लगे, जिनका पीछा करने पर एक व्यक्ति मकान के पिछले गेट के पास शराब की पेटियां छिपाने की कोशिश करता मिला।

पुलिस ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया, जिसकी पहचान नवीन सिंह निवासी कुसुमखेड़ा के रूप में हुई। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से 11 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पूछताछ में उसने शराब की तस्करी में शामिल होने की बात कबूल की।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी यह शराब कहां से लाया और किसे सप्लाई करने वाला था।

एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

आगरा (राष्ट्र की परम्परा) l आयुक्त महोदय के अनुमोदन के तहत जिला पंचायत कार्यालय के चाणक्य सभागार, बालूगंज में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में पी.ए.आई./जी.पी.डी.पी./एल.एस.डी.जी विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने ग्राम पंचायतों के विकास में ग्राम पंचायत विकास योजना की भूमिका समझाई। अन्य अधिकारियों ने लाभार्थीपरक योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) और इसके मानकों को ग्राम पंचायतों में लागू करने की विधियाँ विस्तार से समझाईं।

प्रशिक्षण में जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता विद्युत, उपनिदेशक कृषि, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, ग्राम सचिव और ग्राम प्रधानों ने भाग लिया।

संचारी रोग नियंत्रण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली गई

आगरा, (राष्ट्र की परम्परा)l संचारी रोगों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से आज फतेहपुर सीकरी में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को उपजिला मजिस्ट्रेट किरावली नीलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली में सीएचसी फतेहपुर सीकरी के चिकित्सा कर्मियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, स्कूली बच्चों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। रैली प्रमुख बाजारों और मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

उपजिला मजिस्ट्रेट नीलम ने बताया कि संचारी रोग मुख्य रूप से मच्छरों से फैलते हैं। मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं, इसलिए आवश्यक है कि घरों में जलभराव न होने दिया जाए। उन्होंने कहा— “कूलर, गमले, पुराने बर्तन, छत पर
रखे कबाड़ या फ्रिज की ट्रे में पानी, जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और बच्चोंको फुल आस्तीन के कपड़ेपहनाएं। किसी भी प्रकार का बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।”

उन्होंने आगे बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 05 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक चलाया जा रहा है। इस दौरान 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक “घर-घर दस्तक अभियान” भी संचालित किया जाएगा, जिसके तहत डेंगू, मलेरिया, क्षय रोग और कुष्ठ रोग जैसे मरीजों की घर-घर जाकर पहचान की जाएगी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में सीडीपीओ, एमओआईसी, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियां, स्कूली बच्चे एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लोगों को स्वच्छता बनाए रखने एवं सतर्क रहने का संदेश दिया।

डिजिटल मार्केटिंग और ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की ठगी

छत्तीसगढ़ व कुशीनगर के तीन लोगों पर सहजनवां थाने में दी तहरीर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सहजनवां थाना क्षेत्र में डिजिटल मार्केटिंग, वेबसाइट निर्माण और स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में रामकेश मौर्य, विशाल गुप्ता, मोनू मौर्य, शिवदास गुप्ता, राजेश धर दूबे, रामू गुप्ता, बृजेश कुमार, विजय कुमार मौर्य, सुधीर कुमार पांडेय और शत्रुधन गुप्ता सहित 11 लोगों ने थानाध्यक्ष सहजनवां को सामूहिक प्रार्थना पत्र देकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि रजनी प्रजापति (पुलिस लाइन, बिलासपुर, छत्तीसगढ़), धनंजय शुक्ला और विपिन बिहारी शुक्ला (ग्राम मुंडेरा उपाध्याय, पोस्ट विक्रम बिशुनपुर, हाटा, कुशीनगर) ने डिजिटल एप्लिकेशन और वेबसाइट निर्माण के नाम पर बड़ी रकम वसूल की।
पीड़ितों के अनुसार आरोपितों ने डिजिटल मार्केटिंग, स्टॉक ट्रेडिंग और ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर एक आकर्षक योजना बताई थी। उन्होंने दावा किया कि निवेश करने वालों को सॉफ्टवेयर, वेबसाइट और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। लोगों ने विश्वास कर नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम टीडीएस सॉल्यूशन नामक संस्था के बैंक खाते (संख्या 50200105201730, शाखा सहजनवां) में जमा की।
लेकिन शिकायतकर्ताओं के मुताबिक न तो एप्लिकेशन तैयार हुआ, न वेबसाइट और न ही ट्रेनिंग दी गई। जब पीड़ितों ने पैसा वापस मांगा तो धनंजय शुक्ला ने कहा कि रकम किसी स्कीम में निवेश की गई है और छह महीने बाद चेक से लौटा दी जाएगी। इसके बाद 4 अक्टूबर से उनका मोबाइल फोन बंद है और कार्यालय पर भी ताला लटका हुआ है।
रामकेश मौर्य और अन्य पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से निवेश किया था और अब रकम डूबने की आशंका से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने उधार लेकर निवेश किया था, अब उधारी चुकाने में कठिनाई हो रही है।
सभी शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराते हुए रजनी प्रजापति, धनंजय शुक्ला और विपिन बिहारी शुक्ला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह एक संगठित ठगी गिरोह का मामला प्रतीत होता है, जो डिजिटल स्कीमों के नाम पर भोले-भाले लोगों से धन ऐंठ रहा है।

फिरोजपुर: पिस्टल लेकर स्कूल पहुंचा 12वीं का छात्र, बैग में किताबों की जगह मिली बंदूक — पुलिस जांच में जुटी

फिरोजपुर/पंजाब (राष्ट्र की परम्परा न्यूज)। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फिरोजपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र के बैग से किताबों की जगह पिस्टल बरामद की गई। मामला फिरोजपुर के गांव गट्टी राजोके का है, जहां छात्र स्कूल में हथियार लेकर पहुंच गया था।

जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने जब छात्र के बैग की जांच की, तो उसमें से एक पुरानी पिस्टल मिली। तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र को हिरासत में ले लिया और पिस्टल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

डीएसपी सुखविंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पिस्टल पाकिस्तान से नहीं आई है, क्योंकि इसका डिजाइन सीमा पार से आने वाले हथियारों से मेल नहीं खाता। संभव है कि यह पिस्टल उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य से लाई गई हो। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्र ने यह पिस्टल कहां से और क्यों लाई।

हिरासत में लिए गए छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे यह पिस्टल उसके किसी साथी ने दी थी। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और नाबालिग छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

स्थानीय लोगों की राय:
गांव के लोगों का कहना है कि छात्र सीमावर्ती गांव भाने वाला का निवासी है। यह इलाका पाकिस्तान की सीमा से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित है और बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से कई बार हेरोइन और असलहा गिराए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कई कम उम्र के युवक नशे के कारोबार में भी शामिल पाए गए हैं।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्र पिस्टल लेकर स्कूल अपने साथियों पर दबाव बनाने के लिए आया था या इसके पीछे कोई और वजह थी।

डीडीयू में स्वास्थ्य वार्ता: डायबिटीज़ और मोटापे से बचाव पर दी गई जानकारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र द्वारा अपोलो क्लिनिक गोरखपुर के सहयोग से “डायबिटीज़, मोटापा और हार्मोनल स्वास्थ्य” विषय पर जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में जीवनशैली जनित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम की प्रेरणा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में प्राप्त हुई। अध्यक्षता प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने की। उन्होंने कहा कि असंतुलित खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण डायबिटीज़ और हार्मोनल असंतुलन जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं, जिनसे बचाव के लिए जागरूकता और अनुशासन जरूरी है।
निदेशक, आईक्यूएसी प्रो. अजय सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी स्वास्थ्य केंद्र प्रो. वीना बी. कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि सतर्कता और नियमित जांच स्वस्थ जीवन की कुंजी हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में अपोलो क्लिनिक के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. यूके शाह ने डायबिटीज़, मोटापा और हार्मोनल असंतुलन के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर जांच को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में प्रो. सुधा यादव, प्रो. अजय गुप्ता, प्रो. रविकांत उपाध्याय, प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो. केशव, प्रो. निगम, डॉ. ओ. पी. सिंह, डॉ. आशीष शुक्ला, डॉ. अरुंधति सिंह, डॉ. सुनैना गौतम, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. सरोज चौहान और डॉ. साजिद सहित अनेक प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में प्रतिभागियों को क्लिनिक की ओर से निःशुल्क “अपोलो प्रिविलेज कार्ड” प्रदान किए गए। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि विश्वविद्यालय समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़े।

दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय ने वियतनाम की दो विश्वविद्यालयों के बीच राजभवन के गांधी हॉल में हुआ समझौता

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)
गुरुवार को कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में, विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वियतनाम की दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों — हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस तथा हो ची मिन्ह सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी — के साथ एम.ओ.यू. (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता राजभवन लखनऊ के गांधी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में संपन्न हुआ, जिसमें कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश की नौ राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, आई.आई.टी. कानपुर के प्रतिनिधि एवं वियतनाम से आए प्रतिनिधि मंडल उपस्थित रहे।
यह एम.ओ.यू. विश्वविद्यालय के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शैक्षणिक कूटनीति के एक नए युग की शुरुआत है। यह भारत और वियतनाम के बीच शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

एम.ओ.यू. के प्रमुख उद्देश्य:
शैक्षणिक सहयोग:

सीमापार शैक्षणिक गतिविधियों, शोध एवं ज्ञान-साझाकरण को प्रोत्साहन।

संस्कृतिक एवं अकादमिक

आदान-प्रदान: छात्र एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान से वैश्विक दृष्टिकोण का विकास।

संयुक्त शोध एवं इंटर्नशिप
संयुक्त शोध एवं इंटर्नशिप कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार और कौशल-विकास को बढ़ावा।

दीर्घकालिक साझेदारी
विभिन्न विषयों में सतत सहयोग की स्थापना।
संयुक्त, द्वैतिक एवं ट्विनिंग डिग्री कार्यक्रमों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि।

इस सहयोग के माध्यम से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और वियतनामी विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन करेंगे तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय उच्च शिक्षा की उपस्थिति को और सशक्त बनाएंगे।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस अवसर पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए वियतनाम से आए प्रतिनिधियों को बुद्धभूमि कुशीनगर आने का आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. दिनेश यादव, प्रो. अनुशुति दुबे, डॉ. रामवंत गुप्ता तथा धीरेंद्र श्रीवास्तव (कुलसचिव) उपस्थित रहे।

“घर से राष्ट्र तक: हर भूमिका में निपुण है नई पीढ़ी की बालिका”

गोंदिया – भारत में आदिअनादि काल से भारतीय संस्कृति में महिलाओं का बहुत सम्मान किया जाता रहा है। उन्हें देवियों का अवतार माना जाता रहा है, परंतु बड़े बुजुर्गों की कहावत सत्य ही है कि, समय कभी एक सा नहीं रहता परंतु उनकी वह भी शिक्षा है कि वह अपनी सकारात्मक सोच सच्चाई नारी सम्मान परमार्थ बुरी नजर से बचना सहित अनेक गुणों को समय के साथ न बदलते हुए स्थाई रखना मानवीय स्वभाव में समाहित करना जरूरी है। परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया इनकी स्थिति में काफी बदलाव आया,लड़कियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी, बालविवाह प्रथा, सती प्रथा, दहेज़ प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या इत्यादि रुढ़िवादी प्रथायें काफी प्रचलित हुआ करती थी, इसी कारण लड़कियों को शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार और चिकित्सा जैसे अधिकारों से वंचित रखा जाने लगा था, मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र मानता हूं कि  अब इस आधुनिक युग में लड़कियों को उनके अधिकार देने और उनके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है और कई योजनायें लागू कर रही है। इसलिए आज हम मीडिया के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है इसपर चर्चा करेंगे 

साथियों बात अगर हम बालिकाओं की शक्ति को साकार करने में निवेश की करें तो, ये एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण चरण से गुजरती हैं जहां उन्हें एक सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करके दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ सशक्त बनाया जा सकता है। उनमें आज की सशक्त लड़की के साथ-साथ कल की कार्यकर्ता, मां, उद्यमी, संरक्षक, घर का मुखिया या राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, किशोरियों की शक्ति को साकार करने में निवेश आज उनके अधिकारों को कायम रखता है और एक अधिक न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का वादा करता है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, राजनीतिक संघर्ष की समस्याओं को हल करने में आधी मानवता एक समान भागीदार है, आर्थिक विकास, बीमारी की रोकथाम और वैश्विक स्थिरता।

साथियों बात अगर हम भारत की करें तो,भारतीय समाज में सदियों से बेटियों को कई प्राचीन कुप्रथाओ, रीति-रिवाजों, के चलते प्रताड़ित होना पड़ा है। आज भी निर्भया जैसा कांड शर्मनाक है। कहने को हम आधुनिक हो चले हैं पर आज भी बहुत सारी ऐसी घटनाएं होती है जिन्हें सुनकर समाज का असभ्य चेहरा सामने आता है। आज भी भारतीय समाज में भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा, यौन शोषण, बलात्कार जैसे अनैतिक कृत्य नहीं रुक रहे हैं। प्रशासन के साथ-साथ हर निजी व्यक्ति की भी एक सामाजिक जिम्मेदारी होती है। बेटियों को अच्छे संस्कार,नैतिक मूल्यों का महत्तव,महान महिलाओं की गाथाओं और धार्मिक संस्कारों से परिचित कराना अभिभावकों का कर्तव्य है।बाहर ही नहीं बल्कि घर में भी वह भेदभाव, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना हमारा पहला दायित्व है और नैतिक अनिवार्यता भी। शिक्षा से लड़कियां न सिर्फ शिक्षित होती हैं बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास भी पैदा होता है। वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं साथ ही यह गरीबी दूर करने में भी सहायक होती है।

साथियों हालांकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भारत सरकार ने 2015 में योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य देश में हर बालिका को शिक्षा प्रदान करना है। यह बाल लिंग अनुपात में गिरावट के मुद्दे को भी संबोधित करता है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सुरक्षा करना है। यह योजना त्रि-मंत्रालयी प्रयास है। इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा और 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इसके 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में प्रगति के लिए एक रोडमैप शामिल है जो टिकाऊ है और किसी को पीछे नहीं छोड़ता है। 17 लक्ष्यों में से प्रत्येक लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को प्राप्त करने का अभिन्न अंग है।

साथियों बात अगर हम बदलते परिपेक्ष की करें तो, वक़्त के साथ समाज की प्राथमिकताएं बदलती है सोच औऱ आदतें बदलती है निरंतर विकास की ओर कदमों की छाप बढ़ती जाती है इसी तरह ग्रामीण लोगों के नज़रिये में बदलाव आने लगा है। अब वह न केवल लड़कियों को क्रिकेट – फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित करने लगे हैं बल्कि इससे जुड़ी हर गतिविधियों में सहयोग भी करते हैं। लेकिन ये भी सच है लैंगिकता के मायने लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों में महिलाओं ने समानता सदैव चुनौतियों का सामना किया चाहे ग्रामीण इलाकों रहे हो या शहरी। ग्रामीण क्षेत्र अब भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चाहे पहनावे से लेकर हो या नौकरी करने तक इक़ संकुचित सोच के दायरे में सिमटा हुआ है।

साथियों बात अगर हम महिलाओं के हक में कानून व्यवस्थाएं बनाने की करें तो  इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण क़ा करना है,क्योंकि लिंगआधारित चुनौतियों को समाप्त करता है, जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं, जिसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और हिंसा शामिल है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। 

खिलती हुई कलियाँ हैं बेटियाँ,

माँ-बाप का दर्द समझती हैं बेटियाँ,

घर को रोशन करती हैं बेटियाँ,

लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियाँ।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कलकी कार्यकर्ता मां उद्यमी संरक्षक घर का मुखिया राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है इसलिए उन्हें सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

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एमएलसी डॉ धर्मेंद्र सिंह का भव्य स्वागत

दस दिवसीय ट्रेड मेले का किया शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मगहर महोत्सव परिसर में गुरुवार से आरंभ हुए दस दिवसीय ट्रेड मेले के उद्घाटन करने आ रहे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह और जिलाध्यक्ष नीतू सिंह का पुलिस चौकी मगहर के पास भव्य स्वागत गौरव निषाद के नेतृत्व में किया गया।
स्वागत कार्यक्रम में श्री निषाद के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवान श्री गणेश का तैलचित्र भेंट कर तथा फूलमाला पहनाकर दोनों नेताओं का अभिनंदन किया।
इस मौके पर जिलाउपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मिश्र, हैप्पी राय, अत्रेश श्रीवास्तव, संगीता वर्मा, अरविंद निषाद, अतुल श्रीवास्तव, चंदन, जमाल, संदीप मिश्रा, विद्याधर यादव, सबलू, अभिषेक सहित पार्टी के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रमुख, बूथ अध्यक्ष और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
ट्रेड मेले में विभिन्न राज्यों के उद्यमियों द्वारा उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जो दस दिनों तक आकर्षण का केंद्र रहेगा।

अखिलेश का पलटवार: मायावती पर भाजपा से ‘गुप्त सौदे’ का लगाया आरोप

उत्पीड़कों की आभारी हैं बीएसपी सुप्रीमोअखिलेश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता के लाभ के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ‘गुप्त समझौता’ किया है। मायावती द्वारा सपा को “दोगली पार्टी” कहे जाने के कुछ ही घंटे बाद अखिलेश ने पलटवार करते हुए कहा कि “वे अपने उत्पीड़कों की आभारी हैं, क्योंकि दोनों के बीच अंदरूनी मिलीभगत अब भी जारी है।”

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सपा और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने ही कांशीराम को इटावा से सांसद बनने में मदद की थी। अगर मायावती की मूर्तियां किसी ने लगवाई हैं, तो वह मैंने लगवाई हैं। हमारी सरकार ने उनके सभी स्मारकों का विधिवत रखरखाव किया।”

उन्होंने अपने ‘पीडीए फॉर्मूले’ — पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — को दोहराते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रखेगी। अखिलेश ने विश्वास जताया कि “जनता से जुड़ाव बनाए रखकर सपा और इंडिया गठबंधन निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे।”

वहीं, इससे पहले कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित बसपा रैली में मायावती ने सपा पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि समाजवादी पार्टी को दलित तब याद आते हैं जब चुनाव करीब होते हैं। बसपा प्रमुख ने सपा पर दलित स्मारकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि “उनकी सरकार ने स्मारकों के रखरखाव पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया।”

मायावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने बसपा शासनकाल में बने स्मारकों और पार्कों का संरक्षण किया है। उन्होंने बताया कि “हमने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टिकट से प्राप्त राशि को रखरखाव में लगाने का अनुरोध किया था, और भाजपा सरकार ने इस पर अमल किया। इसके लिए हम आभारी हैं।”

अखिलेश और मायावती के बीच जुबानी जंग ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए सियासी समीकरणों की चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है।

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