Tuesday, July 7, 2026
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धरतीपुत्र से ग़ज़ल सम्राट तक 10 अक्टूबर की अमर यादें

10 अक्टूबर : विदा हुए वो सितारे, जिन्होंने युगों तक छोड़ी अपनी अमिट छाप

इतिहास के पन्नों में 10 अक्टूबर का दिन केवल घटनाओं और जन्मदिवसों के लिए नहीं, बल्कि उन विभूतियों की स्मृति के लिए भी अंकित है, जिन्होंने अपने कर्म और व्यक्तित्व से भारत ही नहीं, विश्व के सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित किया। आज का दिन हमें उन प्रेरक हस्तियों की याद दिलाता है, जिनका निधन इसी तिथि को हुआ—मुलायम सिंह यादव, जगजीत सिंह, मनोरमा, एस. आर. बोम्मई, रूबी मेयर्स और लुडमिला पावलीचेंको जैसी शख्सियतें जिनकी विरासत आज भी जीवित है।
🌹 मुलायम सिंह यादव (1939 – 2022)
समाजवाद के पुरोधा और किसानों की आवाज़
मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के सैफई गाँव में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा सैफई में पूरी करने के बाद उन्होंने के.के. कॉलेज, इटावा और ए.के. कॉलेज, शिकोहाबाद से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले मुलायम सिंह ने जल्द ही राजनीति को अपनी जीवनधारा बना लिया।
उन्होंने राम मनोहर लोहिया के समाजवादी विचारों को अपनाया और किसानों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की आवाज़ को सशक्त किया। 1967 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। 1989, 1993 और 2003 में तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1996 में वे भारत के रक्षा मंत्री भी बने।
उनका जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का प्रतीक था। “धरतीपुत्र” कहलाने वाले मुलायम सिंह यादव ने भारतीय राजनीति में समाजवाद की एक सशक्त धारा स्थापित की। 10 अक्टूबर 2022 को उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके विचार आज भी समाजवादी राजनीति के स्तंभ बने हुए हैं।
🎭 मनोरमा (1937 – 2015)
दक्षिण भारतीय सिनेमा की ‘हास्य रानी’
मनोरमा का जन्म 26 मई 1937 को तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुआ था। असली नाम गोपालरतम था, लेकिन फ़िल्मी दुनिया में वे ‘मनोरमा’ नाम से प्रसिद्ध हुईं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्टेज से की और फिर तमिल फिल्मों में हास्य और चरित्र भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया।
करीब 1500 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाली मनोरमा ने तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी फिल्मों में भी काम किया। राजनीति, शिवाजी गणेशन और जयललिता जैसे बड़े अभिनेताओं के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब भाती थी।
मनोरमा ने अपनी अभिनय प्रतिभा से साबित किया कि सिनेमा में स्त्री केवल ‘नायिका’ नहीं, बल्कि ‘चरित्र’ की आत्मा भी हो सकती है। 10 अक्टूबर 2015 को उनका निधन हुआ, पर उनकी जीवंत भूमिकाएँ आज भी सिनेप्रेमियों के मन में बसती हैं।
🎼 जगजीत सिंह (1941 – 2011)
ग़ज़लों के ‘सम्राट’ जिनकी आवाज़ अब भी गूंजती है
जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था। उनका नाम संगीत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उन्होंने ग़ज़लों को आम लोगों तक पहुँचाने का जो कार्य किया, वह असाधारण था।
उनकी ग़ज़लें — होठों से छू लो तुम, झुकी झुकी सी नज़र, वो कागज़ की कश्ती, तुमको देखा तो ये ख़याल आया — भावनाओं और सुरों का ऐसा संगम हैं जो दिलों को छू जाते हैं।
पत्नी चित्रा सिंह के साथ उनकी जोड़ी संगीत जगत की एक मिसाल बनी। उन्होंने कई पीढ़ियों को ग़ज़ल की नर्म लय और संवेदना से जोड़ दिया।
10 अक्टूबर 2011 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी आवाज़ आज भी रेडियो, मंच और दिलों में गूंजती है। वे केवल गायक नहीं, एक संवेदनशील कवि, संगीतकार और भावनाओं के शिल्पी थे।
🏛️ एस. आर. बोम्मई (1924 – 2007)
भारतीय राजनीति के संवैधानिक प्रहरी
सोमनहल्ली रामैया बोम्मई का जन्म 6 जून 1924 को कर्नाटक में हुआ। वे जनता पार्टी के एक प्रमुख नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री (1988–1989) रहे।
उनका नाम भारतीय संवैधानिक इतिहास में “एस. आर. बोम्मई केस” के कारण अमर है। यह मामला भारतीय संघीय ढांचे और राज्यों की सरकारों के बर्खास्तगी के अधिकारों से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में इस केस के माध्यम से ऐतिहासिक फैसला दिया कि राष्ट्रपति शासन लगाने में मनमानी नहीं हो सकती।
एस. आर. बोम्मई का यह योगदान भारतीय लोकतंत्र की नींव को और मज़बूत करता है। उनके पुत्र बसवराज बोम्मई बाद में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। 10 अक्टूबर 2007 को एस. आर. बोम्मई का निधन हुआ, लेकिन उनके संवैधानिक योगदान हमेशा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में अमर रहेंगे।
🎬 रूबी मेयर्स (1909 – 1983)
‘सुलोचना’ — भारतीय सिनेमा की पहली सुपरस्टार
रूबी मेयर्स, जिन्हें सिनेमा जगत ‘सुलोचना’ के नाम से जानता है, भारतीय फ़िल्म उद्योग की शुरुआती महिला सुपरस्टार थीं। उनका जन्म 1909 में पुणे में हुआ था।
1920 और 1930 के दशक में जब फ़िल्मों में महिलाएँ बहुत कम थीं, तब रूबी मेयर्स ने पर्दे पर स्त्री की मजबूत और सशक्त छवि प्रस्तुत की। मधुरी, अनारकली और Indira M.A. जैसी फिल्मों से उन्होंने न केवल लोकप्रियता पाई बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अभिनेत्रियों के लिए राह बनाई।
सुलोचना ने मूक फिल्मों से लेकर टॉकी सिनेमा तक अपनी छाप छोड़ी। 1973 में उन्हें भारतीय सिनेमा के योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 10 अक्टूबर 1983 को उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन वे भारतीय सिनेमा की नींव में सदैव जीवित हैं।
🪖 लुडमिला पावलीचेंको (1916 – 1974)
द्वितीय विश्वयुद्ध की ‘स्नाइपर क्वीन’
लुडमिला मिखाइलोव्ना पावलीचेंको का जन्म 12 जुलाई 1916 को यूक्रेन में हुआ था। वे सोवियत रेड आर्मी की सबसे प्रसिद्ध महिला स्नाइपर थीं। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने 309 जर्मन सैनिकों को निशाना बनाया—यह संख्या उन्हें विश्व की सबसे सफल महिला स्नाइपरों में शामिल करती है।
युद्ध के बाद उन्होंने सोवियत संघ का प्रतिनिधित्व अमेरिका और अन्य देशों में किया, जहाँ वे महिला सशक्तिकरण और शांति का प्रतीक बनीं। उन्हें “लेडी डेथ” के नाम से भी जाना जाता था।
10 अक्टूबर 1974 को उनका निधन हुआ, पर वे आज भी साहस, नारी शक्ति और देशभक्ति की मिसाल हैं।
10 अक्टूबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि यह उन असाधारण व्यक्तित्वों की याद का प्रतीक है जिन्होंने अपने क्षेत्र में इतिहास रचा।
राजनीति, सिनेमा, संगीत, युद्ध और समाज—हर क्षेत्र में इन महान आत्माओं ने अमर योगदान दिया।
वे चले गए, पर उनकी धरोहर हमें यह सिखाती है कि जीवन की असली जीत संघर्ष, सेवा और सृजन में है।

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जन्म दिन 10 अक्टूबर की महान विरासत : नामों में बसा संघर्ष, ज्ञान और प्रेरणा

भारत और विश्व के इतिहास में 10 अक्टूबर का दिन अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा है। इस दिन जन्मे महान व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अद्भुत योगदान देकर समाज को दिशा दी। साहित्य, राजनीति, खेल, सिनेमा, समाज सुधार और प्रशासन के क्षेत्र में इन विभूतियों ने ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आइए, इस दिन जन्मे कुछ प्रमुख व्यक्तियों की जीवन यात्रा और उपलब्धियों पर नज़र डालें।

  1. सुतीर्था मुखर्जी (Sutirtha Mukherjee) — टेबल टेनिस खिलाड़ी (1995 — )
    जन्म: 10 अक्टूबर 1995
    स्थान: नयाहाटी, पश्चिम बंगाल
    प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा:
    सुतीर्था का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें टेबल टेनिस का गहरा शौक था। परिवार के सहयोग और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस खेल में निपुण बना दिया।
    करियर एवं उपलब्धियाँ:
    सुतीर्था भारत की अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएँ जीतीं और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला टीम की सदस्य रहीं। 2020 टोक्यो ओलंपिक और 2022 एशियाई खेलों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ महिला डबल्स में कांस्य पदक जीता।
    2023 में WTT Contender Tunis में उन्होंने अपना पहला WTT खिताब जीता।
    योगदान व प्रेरणा:सुतीर्था ने संघर्ष के बीच अपनी जगह बनाई और आज वे भारतीय टेबल टेनिस की प्रेरक छवि हैं। वे महिला खिलाड़ियों के लिए दृढ़ता और आत्मविश्वास की मिसाल हैं।
  2. आर. के. नारायण (R. K. Narayan) — साहित्यिक पुरोधा (1906 – 2001)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1906, मद्रास (चेन्नई)
    शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय से B.A.
    साहित्यिक यात्रा:रासिपुरम कृष्णस्वामी नारायण भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य के प्रमुख उपन्यासकारों में से एक थे। उन्होंने शिक्षण और पत्रकारिता से शुरुआत कर लेखन को अपना जीवन बना लिया। उनकी पहली प्रसिद्ध रचना “Swami and Friends” (1935) थी, जिसके बाद “The Bachelor of Arts”, “The English Teacher”, “The Guide”, “Malgudi Days” जैसी रचनाएँ आईं।
    पुरस्कार: 1958 में “The Guide” के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1964 में पद्म भूषण, और 2000 में पद्म विभूषण मिला। वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
    योगदान: उन्होंने भारतीय समाज के मध्यमवर्गीय जीवन को अंग्रेज़ी भाषा में गहन संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया। उनका रचा हुआ काल्पनिक नगर मालगुडी भारतीय जीवन का प्रतीक बन गया।
    मृत्यु: 13 मई 2001, चेन्नई
  3. मंजीत सिंह (Manjit Singh) — रोइंग खिलाड़ी (1988 — )
    जन्म: 10 अक्टूबर 1988, चंडीगढ़
    शिक्षा एवं प्रशिक्षण: चंडीगढ़ रोइंग सेंटर
    करियर:मंजीत सिंह भारतीय रोवर हैं जिन्होंने “Men’s Lightweight Double Sculls” वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वे 2008 बीजिंग ओलिंपिक और 2012 लंदन ओलिंपिक में भारत की टीम का हिस्सा रहे।
    योगदान:भारत में रोइंग को लोकप्रियता दिलाने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में उनका नाम आता है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन किया।
  4. रेखा (Rekha) — हिंदी सिनेमा की सशक्त अभिनेत्री (1954 — )
    जन्म: 10 अक्टूबर 1954, चेन्नई, तमिलनाडु
    शिक्षा: Sacred Heart Convent, चेन्नई
    करियर:रेखा का फिल्मी सफर बाल कलाकार के रूप में शुरू हुआ। उन्होंने हिंदी सिनेमा में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें उमराव जान, सिलसिला, खून भरी मांग, मुकद्दर का सिकंदर प्रमुख हैं।
    पुरस्कार:उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर पुरस्कार और 2010 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। वे राज्यसभा सदस्य भी रही हैं।
    योगदान:रेखा ने भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों को नई पहचान दी। वे आत्मनिर्भरता, दृढ़ता और सौंदर्य की प्रतीक हैं।
  5. श्रीपाद अमृत डांगे (Shripad Amrit Dange) — समाजवादी विचारक (1899 – 1991)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1899, कोल्हापुर, महाराष्ट्र
    शिक्षा: विल्सन कॉलेज, मुंबई
    कार्य एवं योगदान:डांगे भारत के पहले कम्युनिस्ट नेताओं में से थे। उन्होंने मजदूर वर्ग के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के संस्थापकों में थे।
    उन्होंने ट्रेड यूनियनों को मज़बूत किया और स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया।
    मृत्यु: 22 मई 1991
    छाप:डांगे भारतीय समाज में श्रमिक चेतना और समाजवादी सोच के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।
  6. प्रकाश चंद्र सेठी (Prakash Chandra Sethi) — राजनेता (1920 – 1996)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1920, झालवाड़ (राजस्थान)
    शिक्षा: स्नातक, उज्जैन विश्वविद्यालय
    राजनीतिक यात्रा:
    वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे। 1972–1975 के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री भी बने।
    योगदान:
    उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, औद्योगिक विकास और ग्रामीण कल्याण योजनाओं को प्रोत्साहित किया।
    उनके कार्यकाल में मध्य प्रदेश में कई सामाजिक योजनाओं की नींव रखी गई।
    मृत्यु: 1996
  7. डॉ. रामविलास शर्मा (Ramvilas Sharma) — साहित्यकार व चिंतक (1912 – 2000)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1912, ऊँचगाँव, उत्तर प्रदेश
    शिक्षा: लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी
    करियर एवं रचनाएँ:वे हिंदी साहित्य के प्रख्यात आलोचक, कवि और चिंतक थे। “निराला की साहित्य साधना” और “भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिंदी” जैसी पुस्तकों ने उन्हें विशेष पहचान दी।
    योगदान:उन्होंने साहित्य को समाजशास्त्रीय दृष्टि से देखने की परंपरा स्थापित की। वे प्रगतिशील आलोचना के अग्रणी विद्वान थे।
    मृत्यु: 30 मई 2000
  8. द्वारकानाथ कोटणीस (Dr. Dwarkanath Kotnis) — मानवता के चिकित्सक (1910 – 1942)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1910, शोलापुर, महाराष्ट्र
    शिक्षा: जीएस मेडिकल कॉलेज, मुंबई
    योगदान:वे 1938 में चीन गए और वहाँ के युद्धग्रस्त लोगों के लिए चिकित्सा सेवा दी। चीन-जापान युद्ध के दौरान उन्होंने हजारों सैनिकों का इलाज किया और वहीं रहकर प्राण त्याग दिए।
    सम्मान:उन्हें चीन में “भारतीय मित्र” और “अमर चिकित्सक” कहा जाता है। भारत-चीन मित्रता के प्रतीक के रूप में उनका नाम अमर है।
    मृत्यु: 9 दिसंबर 1942, चीन
  9. के. शिवराम कारंत (K. Shivaram Karanth) — ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता साहित्यकार (1902 – 1997)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1902, उडुपी, कर्नाटक
    शिक्षा: मैसूर विश्वविद्यालय
    करियर एवं रचनाएँ:वे कन्नड़ भाषा के प्रसिद्ध उपन्यासकार, पर्यावरणविद्, रंगकर्मी और सामाजिक सुधारक थे।
    उन्होंने 100 से अधिक पुस्तकें लिखीं जिनमें “Marali Mannige” और “Chomana Dudi” विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
    सम्मान:
    1977 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से अलंकृत।
    योगदान:
    उन्होंने कर्नाटक की संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में अनोखा कार्य किया।
    मृत्यु: 9 दिसंबर 1997
  10. मदन मोहन पुंछी (Madan Mohan Punchhi) — न्यायविद (1933 – 2015)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1933, पंजाब
    शिक्षा: पंजाब विश्वविद्यालय
    करियर:वे भारत के 28वें मुख्य न्यायाधीश रहे (1998–1999)।
    उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था में संघीय ढाँचे को सुदृढ़ किया।
    योगदान:उनकी अध्यक्षता में गठित “पुंछी आयोग” ने केंद्र-राज्य संबंधों पर महत्वपूर्ण सिफारिशें दीं।
    उनका न्यायिक दृष्टिकोण भारतीय संविधान की मूल भावना से प्रेरित था।
    मृत्यु: 17 जून 2015
  11. बलबीर सिंह (Balbir Singh) — हॉकी खिलाड़ी (1924 – 2020)
    जन्म: 10 अक्टूबर 1924, हरियाणा

    करियर:वे भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज फॉरवर्ड खिलाड़ी थे।
    1948, 1952 और 1956 ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे।
    योगदान:उनकी कप्तानी में भारत ने एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता।उन्हें “Padma Shri” से सम्मानित किया गया और वे भारतीय हॉकी के स्वर्ण युग के प्रतीक बने।
    मृत्यु: 25 मई 2020
  12. 10 अक्टूबर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि विविधता में एकता का जीवंत प्रतीक है। इस दिन जन्मे बहुत से व्यक्तियों ने अपने क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान देकर भारत की सांस्कृतिक, बौद्धिक और खेल विरासत को समृद्ध किया। साहित्य से लेकर राजनीति और खेल से लेकर समाज सेवा तक — इन सभी ने अपने कर्म, समर्पण और संघर्ष से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है।

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एनएच-28 पर ट्रक बना आग का गोला! फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, सामान जलकर खाक

मुजफ्फरपुर/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एनएच-28 (राष्ट्रीय राजमार्ग 28) पर खड़ी एक लोडेड ट्रक में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में ट्रक आग के गोले में तब्दील हो गया और ट्रक में लदा सारा सामान जलकर खाक हो गया।

घटना का विवरण (Truck Fire Accident NH-28 Muzaffarpur)

यह हादसा ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक एनएच-28 के पास गुरुवार की आधी रात को हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक में अचानक धुआं उठने के कुछ ही देर बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते पूरी ट्रक लपटों में घिर गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को करीब एक घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि आग आसपास खड़े अन्य ट्रकों तक नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

फायर ब्रिगेड और पुलिस की कार्रवाई

मौके पर पहुंचे ब्रह्मपुरा थाना के अपर थाना प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया। कई दमकल वाहनों की मदद से आग पर नियंत्रण पाया गया।
उन्होंने कहा कि,

“आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन ट्रक में लोड सामान पूरी तरह जल गया। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।”

शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस और अग्निशमन विभाग ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

घटना के समय ट्रक में चालक और उसका सहयोगी मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक के आगे खड़ी दूसरी ट्रक का ड्राइवर समय रहते नीचे कूद गया और अपनी जान बचाने में सफल रहा।

घटनास्थल पर मची अफरातफरी

आग लगते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। कुछ ही देर में पूरी ट्रक जलकर राख हो गई।

IND W vs SA W: दक्षिण अफ्रीका ने रोका भारत का विजय रथ, लाउरा-क्लार्क के अर्धशतक से भारत को 3 विकेट से हराया

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विशाखापत्तनम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। महिला विश्व कप 2025 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका महिला टीम ने भारत को 3 विकेट से हरा दिया। भारत की ओर से विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष की शानदार 94 रनों की पारी के बावजूद टीम जीत से चूक गई। इस हार के साथ भारतीय महिला टीम का विजय अभियान थम गया।

मैच का सारांश

गुरुवार को खेले गए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 251 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका ने जवाब में 48.5 ओवर में 7 विकेट खोकर 252 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान लाउरा वोलवार्ड्ट ने 70 रन, जबकि नादिन डी क्लार्क ने नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेली।

भारत की पारी

भारतीय टीम की शुरुआत मजबूत रही लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा गया।

प्रतीका रावल (37) और स्मृति मंधाना (23) ने पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े।

इसके बाद टीम ने 102 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए।

संकट के समय ऋचा घोष ने मोर्चा संभाला और 94 रन (77 गेंद, 11 चौके, 4 छक्के) की बेहतरीन पारी खेली।

उन्होंने अमनजोत कौर (20) के साथ 51 और स्नेह राणा (33) के साथ 88 रनों की साझेदारी की।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से क्लो ट्रायन ने 3 विकेट, जबकि मारिजन कैप, नादिन डी क्लार्क और नोनकुलुलेको मलाबा ने दो-दो विकेट झटके।

दक्षिण अफ्रीका की पारी

252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही।

शुरुआती झटके देने में क्रांति गौड़ (2 विकेट) और स्नेह राणा (2 विकेट) ने अहम भूमिका निभाई।

स्कोर जब 81/5 था, तब लाउरा वोलवार्ड्ट (70) और क्लो ट्रायन (49) ने छठे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर पारी को संभाला।

इसके बाद नादिन डी क्लार्क (84 नाबाद, 54 गेंद, 2 छक्के) ने धैर्य और आक्रामकता दोनों दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई।

प्वाइंट टेबल में स्थिति

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका की टीम 4 अंक और -0.888 नेट रन रेट के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई।
भारत की टीम 4 अंक और +0.959 नेट रन रेट के साथ तीसरे स्थान पर है।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड अभी भी शीर्ष दो स्थानों पर काबिज हैं।

गोरखपुर में दिवाली से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 1000 किलो नकली मावा सीज

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के पहले गोरखपुर में खाद्य विभाग ने नकली मावा (खोया) तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी की और करीब 1000 किलो नकली मावा सीज कर दिया। यह मावा बाजार में मिठाइयों के रूप में पहुंचने वाला था, जो लीवर और किडनी के लिए खतरनाक साबित हो सकता था।

नकली मावा में मिली खतरनाक मिलावट

खाद्य विभाग की जांच में पता चला कि मावा को दूध पाउडर, रिफाइंड और ग्लूकोज के साथ रसायन मिलाकर तैयार किया जा रहा था। फैक्ट्री के पैकेट पर सिर्फ “Best Before” लिखा था, लेकिन पैकिंग या एक्सपायरी डेट नहीं दर्शाई गई थी।

सहायक आयुक्त खाद्य, डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रकार का मावा बाजार में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इसमें मिलावट और मिसब्रांडिंग की गई है।

फैक्ट्री का विवरण

फैक्ट्री का नाम श्रीकृष्णा स्वीट्स है, जिसे भगवान सिंह यादव ने नकहा नंबर एक मोहल्ले में दो-तीन साल पहले खोला था। यहां मिल्क केक और मीठा मावा तैयार किया जाता था। हालांकि, मिल्क केक मानक के अनुसार बनाया जा रहा था, लेकिन मावा आपत्तिजनक पाया गया।

फैक्ट्री संचालक ने कहा कि नए प्रोडक्ट्स लाने के दौरान एक्सपायरी डेट लिखना भूल गए थे। लेकिन खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया कि दूध पाउडर और रिफाइंड को मिलाकर मावा तैयार करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।

मावा बाजार में कैसे जाता

जांच में पता चला कि तैयार नकली मावा को छोटे दुकानों पर सप्लाई किया जाता था। वहां इसे बरफी, पेड़ा और अन्य मिठाइयों का रूप दिया जाता था। यह मावा दो-तीन महीने तक खराब नहीं होता, इसलिए फैक्ट्री संचालकों के लिए यह सुविधाजनक था, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए खतरनाक।

खाद्य विभाग की कार्रवाई

खाद्य विभाग ने सीज की गई सामग्री के नमूने प्रयोगशाला भेजे और नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त खाद्य ने चेताया कि इस प्रकार का नकली मावा बच्चों और बुजुर्गों के लिए हानिकारक हो सकता है।

फैक्ट्री से बरामद सामग्री में शामिल हैं: 1000 किलो नकली मावा, 50 बोरी मिल्क पाउडर, 20-25 टीन रिफाइंड, अन्य मिलावट वाली सामग्री

एलन मस्क vs मार्क जुकरबर्ग: हर महीने कौन कमाता है ज्यादा पैसा? जानिए पूरी डिटेल रिपोर्ट

(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)

टेक इंडस्ट्री के दो दिग्गज एलन मस्क (Elon Musk) और मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) न सिर्फ अपनी इनोवेटिव सोच और टेक्नोलॉजी की दुनिया में योगदान के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपनी नेटवर्थ और मासिक कमाई को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दोनों में से हर महीने कौन ज्यादा कमाता है? आइए जानते हैं ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार पूरी जानकारी।

एलन मस्क की कमाई और नेटवर्थ (Elon Musk Net Worth & Monthly Income)

एलन मस्क, जो Tesla, SpaceX, X (पूर्व में Twitter) और Neuralink जैसी कंपनियों के मालिक हैं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार हैं।
Forbes Real Time Billionaires Index (2025) के अनुसार, एलन मस्क की कुल नेटवर्थ लगभग $500 बिलियन (करीब 42 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है।

अगर औसतन मासिक कमाई की बात करें तो मस्क हर महीने करीब $1.5 से $2 बिलियन (12,000 से 16,000 करोड़ रुपये) तक कमा लेते हैं। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा Tesla के शेयरों, SpaceX की कमर्शियल लॉन्चिंग और X प्लेटफॉर्म के विज्ञापन व सब्सक्रिप्शन मॉडल से आता है।

हालांकि उनकी कमाई स्थिर नहीं रहती, क्योंकि यह शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। जब टेस्ला के शेयर बढ़ते हैं, तो उनकी संपत्ति में अरबों डॉलर का इज़ाफा होता है — यही वजह है कि वह कई बार दुनिया के नंबर 1 रिचेस्ट पर्सन बन चुके हैं।

मार्क जुकरबर्ग की कमाई और नेटवर्थ (Mark Zuckerberg Net Worth & Monthly Income)

Meta Platforms (Facebook, Instagram, WhatsApp) के CEO मार्क जुकरबर्ग की कुल नेटवर्थ Bloomberg Billionaires Index (2025) के अनुसार लगभग $225 बिलियन (करीब 13 लाख करोड़ रुपये) है।

जुकरबर्ग हर महीने औसतन करीब $1 बिलियन (8,000 करोड़ रुपये) की कमाई करते हैं। उनकी आय का मुख्य स्रोत Meta के विज्ञापन राजस्व, Reels, Threads, और Meta Quest VR जैसे प्रोडक्ट्स की बिक्री से आता है।

हाल के वर्षों में जुकरबर्ग ने AI और Metaverse में बड़े पैमाने पर निवेश किया है, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू और शेयर प्राइस दोनों में तेजी आई है।

कौन कमाता है ज्यादा? (Elon Musk vs Mark Zuckerberg Monthly Income)

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, एलन मस्क की मासिक कमाई मार्क जुकरबर्ग से अधिक है।
इसका सबसे बड़ा कारण है मस्क के पास कई कंपनियों का पोर्टफोलियो और उनमें उनका उच्च शेयरहोल्डिंग।

वहीं जुकरबर्ग की कमाई स्थिर रहती है क्योंकि वह मुख्य रूप से Meta पर निर्भर करते हैं, जो एक मजबूत लेकिन सीमित स्रोत है।
कुल मिलाकर, मस्क की आय भले ही उतार-चढ़ाव वाली हो, लेकिन औसतन वह हर महीने जुकरबर्ग से ज्यादा कमाई करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

नामनेटवर्थ (2025)अनुमानित मासिक कमाईप्रमुख कंपनियां
Elon Musk$500 Billion$1.5 – $2 BillionTesla, SpaceX, X, Neuralink
Mark Zuckerberg$225 Billion$1 BillionMeta (Facebook, Instagram, WhatsApp)

नतीजा: एलन मस्क इस वक्त मार्क जुकरबर्ग से ज्यादा मासिक कमाई करते हैं, हालांकि जुकरबर्ग की इनकम ज्यादा स्थिर और स्थायी मानी जाती है।

सेवाओं तक पहुँच- आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य

डॉ. गरिमा सिंह
असि. प्रोफेसर
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर

मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष

मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, फिर भी यह अक्सर टैबू, चुप्पी और समझ की कमी के कारण दबा रहता है। दुनिया भर में लाखों लोग चिंता, अवसाद और द्विध्रुवी विकार जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों का अनुभव करते हैं, लेकिन न्याय के डर या देखभाल की सीमित पहुँच के कारण अलगाव में रहते हैं। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल जागरूकता, समावेशिता और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक बेहतर पहुँच के लिए एक वैश्विक आह्वान के रूप में मनाया जाता है।

प्रत्येक वर्ष, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एक ऐसे विषय पर आधारित होता है जो मानसिक स्वास्थ्य के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र पर प्रकाश डालता है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 का विषय है “सेवाओं तक पहुँच – आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य”।

यह विषय प्राकृतिक आपदाओं, संघर्षों, महामारियों और अन्य आपात स्थितियों जैसे संकट के समय में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मज़बूत करने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर देता है। दुनिया भर में लाखों लोग ऐसी घटनाओं के दौरान भावनात्मक आघात, तनाव और दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक प्रभावों का सामना करते हैं, फिर भी समय पर परामर्श, चिकित्सा और सामुदायिक सहायता तक पहुँच अक्सर सीमित रहती है।

आपदाओं और आपात स्थितियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, 2025 का विषय सरकारों, स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों और मानवीय संगठनों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान करता है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों, सुलभ हों और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हें प्राथमिकता दी जाए। यह समाजों को याद दिलाता है कि संकट के बाद लचीलापन और सुधार न केवल संरचनाओं के पुनर्निर्माण पर निर्भर करता है, बल्कि प्रभावित लोगों के मन की देखभाल पर भी निर्भर करता है।

Box Office: साउथ सिनेमा ने फिर मचाया धमाल! ‘कांतारा चैप्टर 1’ के हिंदी वर्जन ने बॉक्स ऑफिस पर तोड़ा बड़ा रिकॉर्ड

मनोरंजन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। साउथ फिल्मों का क्रेज एक बार फिर सिर चढ़कर बोल रहा है। ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1 (Kantara Chapter 1)’ इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है। फिल्म ने सिर्फ साउथ भाषाओं में ही नहीं, बल्कि हिंदी बॉक्स ऑफिस पर भी धमाकेदार प्रदर्शन किया है।

हिंदी वर्जन ने तोड़ा बड़ा रिकॉर्ड

2 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुई ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने रिलीज के पहले ही हफ्ते में हिंदी वर्जन से ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है।
फिल्म ने हालिया रिलीज किसी भी बॉलीवुड फिल्म से ज्यादा कमाई कर, एक नया इतिहास रच दिया है।

फिल्म एनालिटिक्स साइट Sacnilk के मुताबिक, ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने अपने ओपनिंग डे पर हिंदी पट्टी में कन्नड़ और अन्य भाषाओं की तुलना में सबसे ज्यादा कलेक्शन किया।
यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहा, जिससे फिल्म का हिंदी बॉक्स ऑफिस और मजबूत होता गया।

‘कांतारा चैप्टर 1’ का हिंदी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (1st Week)

दिन अनुमानित कमाई (₹ करोड़)
डे 1 (2 अक्टूबर)18.45
डे 214.72
डे 316.80
डे 413.90
डे 512.45
डे 612.80
डे 711.88
कुल (1 हफ्ता)₹101 करोड़ (हिंदी वर्जन)

कुल मिलाकर, फिल्म ने सभी भाषाओं से भारत में ₹316.25 करोड़ की कमाई की, जिसमें से एक-तिहाई हिस्सा सिर्फ हिंदी वर्जन से आया है।

साउथ फिल्मों के लिए हिंदी दर्शक बने सबसे बड़ी ताकत

कांतारा चैप्टर 1’ से पहले भी कई साउथ इंडियन फिल्में हिंदी दर्शकों के दम पर सुपरहिट बनी थीं।

पुष्पा 2’ – इंडिया में ₹1274.1 करोड़ की कमाई, जिसमें से ₹812.14 करोड़ सिर्फ हिंदी से।

महावतार नरसिम्हा’ – कुल ₹250.29 करोड़ कमाई, जिसमें ₹187.69 करोड़ हिंदी वर्जन से।

अब ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने भी यह साबित कर दिया कि हिंदी दर्शक साउथ सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं।

ओवरऑल बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट (India Collection)

भाषाअनुमानित कमाई (₹ करोड़)
कन्नड़122.10
तमिल34.25
तेलुगु28.90
मलयालम29.00
हिंदी101.00
कुल (भारत में)₹316.25 करोड़

क्यों है ‘कांतारा चैप्टर 1’ इतनी खास?

ऋषभ शेट्टी की दमदार परफॉर्मेंस और लोककथाओं पर आधारित कहानी

यूनिक सिनेमैटिक विजुअल्स और रहस्यमय संगीत

पैन इंडिया प्रमोशन स्ट्रेटेजी और वर्ड ऑफ माउथ की जबरदस्त पकड़

दर्शकों की प्रतिक्रिया

फिल्म के हिंदी दर्शक इसे “साउथ की नई सिनेमा क्रांति” कह रहे हैं। कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फिल्म भावनाओं, संस्कृति और रहस्य का परफेक्ट मिश्रण है।

बिहार के मधुबनी से दिखाई दी हिमालय की बर्फीली चोटियां, वायरल हुआ वीडियो

मधुबनी/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के मधुबनी जिले से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का अद्भुत नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर @Satyamraj_in नाम के यूजर ने मधुबनी के जैननगर इलाके से यह खूबसूरत वीडियो शेयर किया। वीडियो में साफ आसमान के बीच दूर तक हिमालय की बर्फीली चोटियां दिखाई दे रही हैं, जिसे देखकर लोग हैरान हैं।

बारिश के बाद साफ आसमान, दिखा यह दुर्लभ नजारा

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर कम हुआ। साफ मौसम के कारण मधुबनी और उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों से हिमालय की चोटियां साफ दिखाई देने लगी। ये पर्वत नेपाल में स्थित हैं, लेकिन साफ मौसम में सैकड़ों किलोमीटर दूर से भी इनकी बर्फीली चोटियां आसानी से देखी जा सकती हैं।

वीडियो को अब तक 15 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि 11 हजार से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया और हजारों लोगों ने शेयर भी किया।

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सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स को लॉकडाउन के दिन याद आ गए, जब प्रदूषण घटने के कारण पंजाब और बिहार के कुछ इलाकों से हिमालय की चोटियां दिखाई दे रही थीं।

एक यूजर ने लिखा:
“इतना साफ आसमान और दूर से हिमालय दिखना अद्भुत है, कई सालों बाद यह नजारा देखने को मिला।”

मधुबनी में हिमालय देखने का अनोखा अनुभव

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नजारा बहुत कम देखने को मिलता है। केवल स्वच्छ और साफ मौसम में ही मधुबनी और उत्तर बिहार के कुछ इलाकों से हिमालय की बर्फीली चोटियां दिखाई देती हैं। स्थानीय लोग इसे एक दुर्लभ और यादगार अनुभव मानते हैं।

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बिहार में सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: BTSC ने 4654 पदों पर भर्ती निकाली, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने राज्य में 4654 पदों पर बंपर सरकारी भर्तियां निकाली हैं। इस भर्ती में वर्क इंस्पेक्टर, हॉस्टल मैनेजर, डेंटल हाइजिनिस्ट और जूनियर इंजीनियर (JE) जैसे अहम पद शामिल हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 10 नवंबर 2025 तक चलेगी।
उम्मीदवार BTSC की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

कुल पदों का विवरण (BTSC Vacancy 2025)

पद का नाम कुल पद

जूनियर इंजीनियर (JE) 2747
वर्क इंस्पेक्टर 1114
डेंटल हाइजिनिस्ट 702
हॉस्टल मैनेजर 91
कुल 4654 पद

जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती विवरण

कुल पद: 2747

शाखा अनुसार: सिविल इंजीनियरिंग – 2591 पद, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग – 86 पद, मैकेनिकल इंजीनियरिंग – 70 पद

योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित इंजीनियरिंग डिप्लोमा

वेतनमान: सातवां वेतन आयोग, लेवल-6 के अनुसार

वर्क इंस्पेक्टर भर्ती 2025

पदों की संख्या: 1114

योग्यता: मैट्रिक पास, किसी मान्यता प्राप्त ITI से ड्राफ्ट्समैन सिविल, सर्वेयर या प्लंबर ट्रेड में सर्टिफिकेट

आयु सीमा: 18 से 37 वर्ष

हॉस्टल मैनेजर भर्ती 2025

पदों की संख्या: 91

योग्यता: B.Sc (आतिथ्य एवं होटल प्रशासन) या होटल मैनेजमेंट में स्नातक / पीजी डिप्लोमा

कार्य क्षेत्र: जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास और पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास

वेतनमान: लेवल-4 के अनुसार


डेंटल हाइजिनिस्ट भर्ती 2025

पदों की संख्या: 702

योग्यता:

10+2 (जीव विज्ञान विषय के साथ)

मान्यता प्राप्त संस्थान से डेंटल हाइजिनिस्ट में 2 साल का डिप्लोमा

बिहार राज्य दंत परिषद में पंजीकरण आवश्यक

वेतनमान: ₹5200-₹20200 + ग्रेड पे ₹2400

आयु सीमा: 18 से 37 वर्ष

आवेदन शुल्क (Application Fees)

श्रेणी शुल्क

सामान्य / OBC / EWS ₹500
SC / ST ₹250
महिला उम्मीदवार (सभी वर्ग) ₹250

आवेदन प्रक्रिया

  1. आधिकारिक वेबसाइट http://btsc.bihar.gov.in पर जाएं।
  2. “New Registration” पर क्लिक करें और सभी विवरण भरें।
  3. लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म पूरा भरें।
  4. सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  5. आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
  6. फॉर्म सब्मिट करें और प्रिंट आउट सुरक्षित रखें। महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 अक्टूबर 2025

आवेदन की अंतिम तिथि: 10 नवंबर 2025

तापमान में गिरावट, बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू! जानें कहां होगी भीषण ठंड की शुरुआत

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देशभर में मौसम का मिजाज अब बदलने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 72 घंटों में उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और ठंडी हवाओं का असर तेज़ रहेगा।

इन राज्यों में होगी बारिश

मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में पहली बर्फबारी के आसार हैं।

पूर्वोत्तर भारत: बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मानसूनी बादल फिर से सक्रिय होंगे और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है।

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उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सुबह-शाम ठंडी हवाओं ने सर्दी की दस्तक दे दी है।

अधिकतम तापमान: 31°C से घटकर 27°C तक

न्यूनतम तापमान: 19°C के आसपास
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 15 अक्टूबर से उत्तर भारत में ठंड आधिकारिक रूप से शुरू हो सकती है।

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किसानों और यात्रियों के लिए अलर्ट

किसानों के लिए सलाह: IMD ने किसानों को चेताया है कि वे धान और मक्का की कटाई कुछ दिनों के लिए टाल दें ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।

यात्रियों के लिए चेतावनी: पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और यात्रा के दौरान मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

मौसम से जुड़ी अहम जानकारी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार सर्दी सामान्य से पहले शुरू हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी के कई दौर देखने को मिलेंगे।

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“10 अक्टूबर : इतिहास की गोद में दिन-प्रतिदिन घटित घटनाएँ”

10 अक्टूबर : इतिहास में एक अविस्मरणीय दिन

“समय अविरत बहता है, किन्तु कुछ तिथियाँ इतिहास के पन्नों में अमिट हो जाती हैं।”

मानव इतिहास की लंबी यात्रा में कुछ तिथियाँ विशेष महत्व ले लेती हैं

— युद्धों, स्वतंत्रताओं, खोजों, सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों और वैज्ञानिक सफलताओं की। 10 अक्तूबर उन तिथियों में से एक है, जिसने कई देशों और क्षेत्रों को कार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मोड़ दिए। यह लेख हम आपको इस दिन घटी उन महत्वपूर्ण घटनाओं का संक्षिप्त एवं विश्लेषणात्मक विवेचन देगा, जिससे यह तिथि स्मरणयोग्य बन गई।
घटना-वार विवरण
1756 – ब्रिटिश गवर्नर जनरल रॉबर्ट क्लाइव का कलकत्ता पुन: कब्जा
1756 में, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर जनरल रॉबर्ट क्लाइव ने मद्रास (अब चेन्नई) से कूच किया और कलकत्ता (अब कोलकाता) पर पुनः नियंत्रण स्थापित किया। उस समय भारत पर अंग्रेजों और भारतीय शक्तियों के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा था, और यह कदम ब्रिटिश आरंभिक नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
1846 – विलीम लासेल ने नेपच्यून का उपग्रह खोजा
ब्रिटिश खगोलविद विलियम हेर्सेल (William Lassell) ने 1846 को नेपच्यून ग्रह के एक प्राकृतिक उपग्रह की खोज की। इस उपग्रह की खोज उस समय की खगोलीय ज्ञान की प्रगति को दर्शाती है और सौरमंडल के ग्रहों व उनकी उपग्रह प्रणालियों की महत्वपूर्ण पहचान में योगदान देती है।
1868 – क्यूबा का स्पेन के विरुद्ध विद्रोह
1868 में क्यूबा ने स्पेन के उपनिवेशी शासन के विरुद्ध विद्रोह किया। यह मूलतः “दस साल की लड़ाई” (Ten Years’ War) की शुरुआत थी, जिसके ज़रिये क्यूबा ने अपनी राष्ट्रीय पहचान और स्वतंत्रता की मांग रखी। इस संघर्ष ने बाद में क्यूबा स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरणा दी।
1910 – प्रथम अखिल भारतीय हिन्दी सम्मेलन, वाराणसी
10 अक्तूबर 1910 को वाराणसी में मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में प्रथम अखिल भारतीय हिन्दी सम्मेलन आयोजित किया गया। उस सम्मेलन ने हिन्दी भाषा को प्रतिष्ठा दी और भारतीय उपमहाद्वीप में हिंदी को एक भाषा आंदोलन का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1924 – अल्फा डेल्टा गामा संस्था की स्थापना, शिकागो
1924 को शिकागो में लोयोला विश्वविद्यालय (Loyola University) के लेक शोर परिसर में अल्फा डेल्टा गामा (Alpha Delta Gamma) नामक बिरादरी की स्थापना हुई। इस तरह की सामाजिक एवं वैचारिक संस्थाएँ अमेरिकी कॉलेजियेट जीवन में बंधुत्व, नेतृत्व तथा समानता की भावना को प्रोत्साहित करती हैं।
1942 – सोवियत संघ और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रथम राजनयिक संबंध
1942 में सोवियत संघ ने ऑस्ट्रेलिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए। यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय का महत्वपूर्ण कदम था, क्योंकि उस समय विभिन्न देश युद्ध की परिस्थितियों में नए सामरिक एवं कूटनीतिक गठजोड़ बना रहे थे।
1964 – टोकियो ओलंपिक का पहली बार सीधा दूरदर्शन प्रसारण
1964 में टोकियो (जापान) में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का पहला सीधा दूरदर्शन (live telecast) किया गया। इसने खेलों को जनता तक तुरंत पहुँचाया और टीवी मीडिया एवं खेल प्रसारण के युग की शुरुआत की।
1970 – फिजी को स्वतंत्रता मिली
10 अक्तूबर 1970 को दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित फिजी (Fiji) को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यह नया राष्ट्र क्षेत्रीय एवं सांस्कृतिक पहचान की ओर अग्रसर हुआ और ओशिनिया में एक स्वतंत्र सदस्य बना।
1971 – लंदन ब्रिज का पुनर्निर्माण अमेरिका में
1971 में, अमेरिका के एरिजोना राज्य के लेक हवासु शहर में लंदन ब्रिज को पुनर्निर्मित किया गया। इसे ब्रिटेन से खरीदकर तोड़कर अमेरिका लाया गया था। यह एक अनूठा उदाहरण है जब एक ऐतिहासिक ब्रिटिश पुल को स्थानांतरित कर पुनर्जीवित किया गया।
1978 – रोहिणी खadilकर प्रथम महिला राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन
10 अक्तूबर 1978 को रोहिणी खadilकर भारत की प्रथम महिला बनीं जिन्होंने राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता (National Chess Championship) जीती। इस सफलता ने भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक मानक स्थापित किया।
1986 – सैन सल्वाडोर भूकंप
10 अक्तूबर 1986 को सैन सल्वाडोर (अमेरिका मध्य अमेरिका क्षेत्र) में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें लगभग 1,500 लोगों की मृत्यु हुई। इस प्रलयकारी घटना ने भूकंपीय जोख़िम और भूकंप-तत्काल प्रतिक्रिया प्रणालियों की आवश्यकता को उजागर किया।
1990 – अंतरिक्ष यान डिस्कवरी 11 की पृथ्वी वापसी
अमेरिकी अंतरिक्ष यान डिस्कवरी 11 (Space Shuttle Discovery mission STS-41B) ने 10 अक्तूबर 1990 को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापसी की। यह मिशन अंतरिक्ष अनुसंधान, अनुभव और तकनीकी सफलता की श्रृंखला का एक हिस्सा था।
1991 – भारत ने विश्व कैरम टीम खिताब जीता
1991 में भारत ने विश्व कैरम प्रतियोगिता (World Carrom Championship) का टीम खिताब जीता। यह सफलता भारत की पारंपरिक खेल कौशल एवं घरेलू खेलों में विश्व स्तर पर पहचान की ओर संकेत करती है।
1992 – दूसरा हुगली पुल (विद्यासागर सेतु) उद्घाटन
10 अक्तूबर 1992 को भारत में दूसरा हुगली (Hooghly) नदी पर सेतु, विद्यासागर सेतु (Vidyasagar Setu), उद्घाटित हुआ। यह कोलकाता शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क यातायात की सुविधा बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण पुल था।
1999 – मेलबोर्न राष्ट्रकुल खेलों की मेजबानी की घोषणा
10 अक्तूबर 1999 को यह घोषणा की गई कि वर्ष 2006 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर में राष्ट्रकुल (Commonwealth) खेल आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा खेलों की मेजबानी के लिए महत्वपूर्ण सांकेतिक और तैयारियों की शुरुआत थी।
2000 – श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री सिरीमावो भंडारनायके का निधन
10 अक्तूबर 2000 को श्रीलंका की पूर्व प्रधानमंत्री सिरीमावो भंडारनायके का निधन हुआ। वे विश्व की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और श्रीलंका की राजनीति एवं सामाजिक सुधारों में एक मुख्य हस्ती रही।
2001 – ख़ालिदा जिया की दूसरी प्रधानमंत्री शपथ, बांग्लादेश
2001 में बांग्लादेश की राजनैतिक स्थिति में बदलाव हुआ जब ख़ालिदा ज़िया ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह बांग्लादेश की राजनीति में उनकी प्रमुख भूमिका को स्थापित करने वाला एक क्षण था।
2003 – भारत–इज़राइल–रूस एवाक्स समझौता
2003 में भारत ने इज़राइल और रूस के साथ मिलकर एवाक्स (AWACS – वायु चेतना और नियंत्रण प्रणाली) निर्माण के लिए एक समझौता किया। यह रक्षा वायु निगरानी तकनीक में भारत की क्षमताओं में वृद्धि का मील का पत्थर था।
2004 – ऑस्ट्रेलियाई संसदीय चुनाव में जान हावर्ड की जीत
10 अक्तूबर 2004 को ऑस्ट्रेलियाई संसदीय चुनाव हुए, जिसमें प्रधानमंत्री जान हावर्ड की मिली बड़ी जीत हुई। यह चुनाव ऑस्ट्रेलिया की राजनीतिक दिशा और सरकार स्थिरता के लिहाज़ से महत्वपूर्ण रहे।
2005 – एंजेला मैर्केल पहली महिला चांसलर बनीं
2005 में जर्मनी में एंजेला मैर्केल (Angela Merkel) पहली महिला चांसलर बनीं। उन्होंने जर्मनी और यूरोप की राजनीति में नेतृत्व की एक नई दिशा स्थापित की और विश्व स्तर पर एक राजनीतिक प्रतीक बन गईं।
2008 – आईसीआईसीआई बैंक शेयरों में बड़ी गिरावट
10 अक्तूबर 2008 को भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ICICI बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई। यह घटना उस समय की आर्थिक अस्थिरता, वैश्विक वित्तीय संकट और बाजार जोखिमों की गूँज थी।
2014 – कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार
10 अक्तूबर 2014 को यह घोषणा की गई कि भारतीय बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। यह विश्व स्तर पर बाल अधिकारों और बाल श्रम विरोधी संघर्ष को मान्यता देने वाला क्षण था।
अन्य उल्लेखनीय तथ्य एवं संस्मरण
इस ही दिन 1967 में बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) लागू हुई।
1964 में टोकियो ओलंपिक की शुरुआत भी हुई, जिसमें एशिया में पहली बार ओलंपिक का आयोजन हुआ।
इतिहासकारों के अनुसार, 10 अक्टूबर को कई प्रमुख समाजवादी और साहित्यिक हस्तियों की जन्मतिथि भी है, जैसे कि कोटा शिवराम कारंथ (K. Shivaram Karanth) आदि।
1962 में भारत-चीन सीमा विवाद ने युद्ध का रूप लिया; 10 अक्टूबर 1962 को ये संघर्ष प्रारंभ माना जाता है।
10 अक्टूबर का इतिहास और उसका महत्व
10 अक्टूबर एक ऐसा दिन है जहाँ विज्ञान, राजनीति, खेल एवं सामाजिक आंदोलनों की विविधता देखने को मिलती है।
उपनिवेशवाद और सत्ता परिवर्तन: रॉबर्ट क्लाइव द्वारा कलकत्ता पुनरुद्धार और क्यूबा विद्रोह जैसे घटनाएँ उपनिवेशवाद व संघर्ष के युग को उजागर करती हैं।
स्वतंत्रता आंदोलनों: फिजी की स्वतंत्रता तथा विद्यासागर सेतु का उद्घाटन जैसे घटनाएँ राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक बने।
खेल एवं सांस्कृतिक पुरुषार्थ: रोहिणी खाड़ेकर की सफलता और भारत का विश्व कैरम जीतना इस तिथि को खेल-कला से जोड़ता है।वैज्ञानिक प्रगति: खगोलीय खोज और अंतरिक्ष यान की वापसी यह दर्शाती है कि मानव ने ब्रह्मांड की खोज में कदम बढ़ाए हैं।राजनीतिक एवं कूटनीतिक छलांगें: एंजेला मैर्केल की नेतृत्व शुरुआत, सोवियत-ऑस्ट्रेलिया संबंध आदि विश्व शक्ति समीकरण बदलते हैं।समय और स्मृति: यह तिथि हमें सिखाती है कि किसी एक दिन में भी कितनी विविध और गहरी मानवीय घटनाएँ घट सकती हैं।

इस दृष्टिकोण से, 10 अक्टूबर न केवल एक दिन है, बल्कि इतिहास के कई धागों को जोड़ने वाला एक सेतु है — यह हमें याद दिलाता है कि समय की गति बहती रहती है, किन्तु कुछ क्षण इतिहास में अंकित हो जाते हैं।
10 अक्टूबर की घटनाएँ हमें इतिहास की वह जटिल पृष्ठभूमि दिखाती हैं जहाँ मानवता ने संघर्ष किया, खोज की, स्वयं को परिभाषित किया। ये तमाम घटनाएँ — चाहे वे स्वतंत्रता आंदोलन हों, वैज्ञानिक सफलता हो, खेल जगत की उपलब्धि, या राजनीतिक परिवर्तन — 10 अक्टूबर को एक ऐसे संदर्भ में खड़ा करती हैं, जहाँ हर साल यह तिथि नए मायनों से जीवंत हो उठती है। इस प्रकार, 10 अक्तूबर हमारे लिए न केवल अतीत की झलक है, बल्कि प्रेरणा भी है कि कैसे एक दिन में परिवर्तन संभव है।

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शुक्रवार को जानें कौन-सा अंक देगा भाग्य का साथ, किसे रखना होगा संयम!

आज का अंक ज्योतिष फल (Numerology Prediction Today)

10/10/2025 को जोड़ने पर (1+0+1+0+2+0+2+5 = 11 → 1+1 = 2) आता है। आज का मूलांक 2 (चंद्रमा) का प्रभाव दर्शाता है — जो भावनाओं, रचनात्मकता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। आइए जानें पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा तैयार किया गया आज का अंकशास्त्रीय भविष्यफल — 1 से 9 तक सभी मूलांक के लिए।
🔅 मूलांक 1 (Mulank 1): नेतृत्व में संयम रखें
आज का दिन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, लेकिन अहंकार के कारण संबंधों में तनाव संभव है।
नेतृत्व क्षमता का लाभ मिलेगा, बशर्ते आप टीमवर्क को महत्व दें।
सुझाव: सहयोग से सफलता तय। दूसरों की राय सुनें।
Lucky Tip: लाल वस्त्र धारण करें।
🌙 मूलांक 2 (Mulank 2): भावनाओं का होगा वर्चस्व
आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। प्रेम, परिवार और रचनात्मकता में उन्नति मिलेगी।
चंद्र प्रभाव से अंतर्ज्ञान मजबूत रहेगा।
सुझाव: जरूरत से ज्यादा भावुकता न दिखाएं।
Lucky Tip: चांदी का आभूषण पहनें।
🔱 मूलांक 3 (Mulank 3): शिक्षा और वक्तृत्व में चमक
आज गुरु का आशीर्वाद आपके साथ रहेगा। आपकी बातों से लोग प्रभावित होंगे।
धार्मिक और शिक्षण कार्यों में सफलता के योग हैं।
सुझाव: दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें।
Lucky Tip: पीले फूल अर्पित करें।
⚙️ मूलांक 4 (Mulank 4): योजनाओं में रुकावटें, धैर्य रखें
दिन चुनौतियों से भरा रह सकता है। योजनाएं बनेंगी पर अटकेंगी भी।
तकनीकी और विश्लेषणात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
सुझाव: जल्दबाजी से बचें, धैर्य रखें।
Lucky Tip: नीले रंग का उपयोग करें।
💬 मूलांक 5 (Mulank 5): संवाद और समझदारी का दिन
बातचीत में प्रभाव रहेगा, लेकिन भावनाओं में बहने से नुकसान संभव है।
व्यापारिक और रचनात्मक कार्यों में लाभ मिलेगा।
सुझाव: निर्णय सोच-समझकर लें।
Lucky Tip: हरे रंग के कपड़े पहनें।
💖 मूलांक 6 (Mulank 6): प्रेम और सौंदर्य का संगम
शुक्र और चंद्रमा का मेल रिश्तों में मिठास लाएगा।
रोमांटिक संबंध और कला के क्षेत्र में लाभ होगा।
सुझाव: प्रियजन को समय दें, भावनाएं व्यक्त करें।
Lucky Tip: गुलाब अर्पित करें।
🕉 मूलांक 7 (Mulank 7): आत्मचिंतन का दिन
आज का दिन मनन और ध्यान का है। अंदर की भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
आध्यात्मिकता में रुचि बढ़ेगी।
सुझाव: आत्मग्लानि से दूर रहें।
Lucky Tip: सफेद वस्त्र पहनें।
⚖️ मूलांक 8 (Mulank 8): कर्म और परिणाम का समय
शनि की ऊर्जा मेहनत करवाएगी लेकिन देर से फल देगी।
काम में देरी संभव है पर परिणाम अनुकूल रहेंगे।
सुझाव: धैर्य और ईमानदारी रखें।
Lucky Tip: नीले या काले रंग का प्रयोग करें।
🔥 मूलांक 9 (Mulank 9): ऊर्जा और जोश से भरा दिन
मार्स की ऊर्जा आपको कर्मशील बनाएगी।
गुस्से और जल्दबाजी से बचें। समाज सेवा में मन लगेगा।
सुझाव: क्रोध को नियंत्रित करें, कार्य पर फोकस करें।
Lucky Tip: लाल चंदन लगाएं।
🌟 आज का अंक ज्योतिष सारांश (Numerology Summary Today)

शुक्रवार का यह दिन चंद्रमा के प्रभाव में रहेगा। भावनाएं प्रबल होंगी — प्रेम, परिवार और कला के लिए यह दिन उत्तम है। किसी भी कार्य को संयम और संवेदनशीलता के साथ करें।

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🌕 10 अक्टूबर 2025 का पंचांग: करवा चौथ विशेष दिन, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और चंद्रमा की चाल

पंडित ध्रुव मिश्र के अनुसार,

🪔 आज का हिंदू पंचांग – शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

आज का दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी आरंभ होगी। आज कृत्तिका नक्षत्र रहेगा जो शाम 5:31 बजे तक रहेगा, उसके उपरांत रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा।

आज का योग: सिद्धि योग 05:41 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग।
करण: बव 09:14 AM तक, बालव 07:39 PM तक, तत्पश्चात कौलव प्रारंभ।

चंद्रमा आज वृषभ राशि में भ्रमण करेगा, जिससे स्थिरता और सौंदर्य-सुख का प्रभाव बढ़ेगा।

🕰️ शुभ-अशुभ समय एवं मुहूर्त
सूर्योदय: सुबह 6:25 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:02 बजे
चंद्रोदय: रात 8:33 बजे
चंद्रास्त: सुबह 10:49 बजे
राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:13 बजे तक – इस समय में शुभ कार्यों से परहेज़ करें।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 बजे से 12:32 बजे तक (शुभ समय)।
🌸 आज का पंचांग सारांश
विवरण जानकारी
वार शुक्रवार
माह कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि चतुर्थी शाम 07:38 बजे तक
नक्षत्र कृत्तिका 05:31 PM तक, बाद में रोहिणी
योग सिद्धि, बाद में व्यातीपात
राशि वृषभ
संवत्सर विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
अयन दक्षिणायन
ऋतु शरद ऋतु
🔮 दिन का प्रभाव
यह दिन सौंदर्य, स्थिरता और परिवारिक बंधन के लिए शुभ है। करवा चौथ जैसे व्रत-उपवास के लिए यह दिन अत्यंत मंगलकारी माना गया है। सिद्धि योग के प्रभाव से व्रती महिलाओं को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

🧘‍♀️ पंडित ध्रुव मिश्र का आज का परामर्श
“कृत्तिका नक्षत्र में की गई पूजा साधना, गणेश आराधना और व्रत का पालन सौभाग्य में वृद्धि करता है।
राहुकाल में यात्रा या आर्थिक निर्णय टालें, संध्या समय शिव–चंद्र आराधना करें।”

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जानें मेष से मीन तक आज का शुभ संकेत

Rashifal Today (10 October 2025, Friday):

करवा चौथ के पावन अवसर पर कृत्तिका नक्षत्र और सिद्धि योग का दुर्लभ संगम बन रहा है। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे। यह योग सौभाग्य, प्रेम और आर्थिक उन्नति का संकेत दे रहा है। पंडित जय प्रकाश पाण्डेय द्वारा निर्मित यह विशेष पंचांग बताएगा कि आज का दिन आपके जीवन, व्यवसाय, दांपत्य और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डालेगा।


🐏 मेष राशि (Aries)
आज का दिन: आत्मविश्वास से भरे रहेंगे, परंतु दूसरों से तुलना न करें। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा।
व्यवसाय: नए अवसर मिलेंगे, पर क्रोध नियंत्रित रखें।
विद्यार्थी: ध्यान केंद्रित करें, सफलता मिलेगी।
कला/संगीत: रचनात्मकता से पहचान बढ़ेगी।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा, पर विरोधियों से सतर्क रहें।
दांपत्य जीवन: मनमुटाव दूर होंगे।
आर्थिक स्थिति: निवेश के लिए शुभ समय।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
सुझाव: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
पूजा: हनुमानजी की आराधना करें।
🐂 वृषभ राशि (Taurus)
आज का दिन: परिवार और करियर दोनों में सफलता के संकेत।
व्यवसाय: नए स्रोतों से धन प्राप्त होगा।
विद्यार्थी: नए ज्ञान के प्रति उत्साहित रहेंगे।
कला/संगीत: नए विचारों को अपनाएं।
राजनीति: प्रतिष्ठा में वृद्धि।
दांपत्य जीवन: प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: आय के साधन बढ़ेंगे।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
सुझाव: आलस्य त्यागें, फिटनेस पर ध्यान दें।
पूजा: मां लक्ष्मी की उपासना करें।
👬 मिथुन राशि (Gemini)
आज का दिन: संवाद-कौशल से कार्य बनेंगे।
व्यवसाय: नए प्रोजेक्ट पर सफलता।
विद्यार्थी: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: नई दिशा मिलेगी।
राजनीति: जनसंपर्क मजबूत होंगे।
दांपत्य जीवन: समझदारी से रिश्ते सुदृढ़ होंगे।
आर्थिक स्थिति: मध्यम लाभ।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
सुझाव: नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
पूजा: गणेश जी की पूजा करें।
🦀 कर्क राशि (Cancer)
आज का दिन: पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा।
व्यवसाय: नए संपर्क से लाभ।
विद्यार्थी: विदेश अध्ययन की योजना बनेगी।
कला/संगीत: भावनात्मक रचनाएँ सफल होंगी।
राजनीति: नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करेंगे।
दांपत्य जीवन: मधुरता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रण में रखें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
सुझाव: संयम रखें।
पूजा: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
🦁 सिंह राशि (Leo)
आज का दिन: आत्मबल से कठिन कार्य पूरे होंगे।
व्यवसाय: प्रमोशन की संभावना।
विद्यार्थी: परिणाम अनुकूल रहेंगे।
कला/संगीत: मंचीय सफलता।
राजनीति: लोकप्रियता बढ़ेगी।
दांपत्य जीवन: जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 1
सुझाव: गुस्से पर नियंत्रण रखें।
पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
🌾 कन्या राशि (Virgo)
आज का दिन: पुराने मित्रों से मुलाकात सुखद।
व्यवसाय: विस्तार की योजना सफल।
विद्यार्थी: मेहनत का फल मिलेगा।
कला/संगीत: सृजनात्मक कार्यों में प्रशंसा।
राजनीति: भाग्य सहयोगी।
दांपत्य जीवन: समझदारी बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ संभव।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 3
सुझाव: त्वचा की देखभाल करें।
पूजा: विष्णु जी की उपासना करें।
⚖️ तुला राशि (Libra)
आज का दिन: सौंदर्य और संतुलन से सफलता।
व्यवसाय: निर्णय सोच-समझकर लें।
विद्यार्थी: पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी।
कला/संगीत: रचनात्मकता से पहचान।
राजनीति: सामाजिक छवि मजबूत।
दांपत्य जीवन: प्रेम में विश्वास बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 6
सुझाव: संयम से कार्य करें।
पूजा: शनिदेव की आराधना करें।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज का दिन: नए अवसर मिलेंगे, पर जल्दबाज़ी न करें।
व्यवसाय: निवेश लाभदायक रहेगा।
विद्यार्थी: करियर की दिशा स्पष्ट।
कला/संगीत: आत्मविश्वास से कार्य करें।
राजनीति: पिता से सहयोग मिलेगा।
दांपत्य जीवन: संवाद बनाए रखें।
आर्थिक स्थिति: स्थिर लाभ।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
सुझाव: गुस्सा न करें।
पूजा: हनुमान जी की पूजा करें।
🏹 धनु राशि (Sagittarius)
आज का दिन: लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
व्यवसाय: यात्रा से लाभ।
विद्यार्थी: प्रतियोगी परीक्षा में सफलता।
कला/संगीत: उत्साह रहेगा।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा।
दांपत्य जीवन: परस्पर सहयोग से प्रेम गहरा होगा।
आर्थिक स्थिति: बचत करें।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
सुझाव: योगाभ्यास करें।
पूजा: गुरु बृहस्पति की आराधना करें।
🐐 मकर राशि (Capricorn)
आज का दिन: सम्मान और यश की प्राप्ति।
व्यवसाय: धन लाभ के योग।
विद्यार्थी: परीक्षा में सफलता।
कला/संगीत: प्रतिभा की पहचान।
राजनीति: प्रतिष्ठा में वृद्धि।
दांपत्य जीवन: सामंजस्यपूर्ण रहेगा।
आर्थिक स्थिति: लाभकारी सौदे।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
सुझाव: वाहन सावधानी से चलाएं।
पूजा: गणेश जी की पूजा करें।
🏺 कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन: कार्यस्थल पर सम्मान।
व्यवसाय: भूमि विवाद सुलझेगा।
विद्यार्थी: विज्ञान में सफलता।
कला/संगीत: लोकप्रियता बढ़ेगी।
राजनीति: नेतृत्व मजबूत।
दांपत्य जीवन: सामंजस्य रहेगा।
आर्थिक स्थिति: लाभ होगा।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7
सुझाव: सतर्क रहें।
पूजा: शनि मंदिर में दर्शन करें।
🐟 मीन राशि (Pisces)
आज का दिन: योजनाएं पूरी होंगी।
व्यवसाय: बैंक लोन या नया अनुबंध संभव।
विद्यार्थी: एकाग्रता आवश्यक।
कला/संगीत: सृजनशीलता में निखार।
राजनीति: जनसमर्थन मिलेगा।
दांपत्य जीवन: प्रेम बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
सुझाव: अग्नि सुरक्षा पर ध्यान दें।
पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
🔯 आज का शुभ योग
नक्षत्र: कृत्तिका
योग: सिद्धि
चंद्र राशि: वृषभ
वार: शुक्रवार
व्रत/त्योहार: करवा चौथ

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