Monday, July 6, 2026
Home Blog Page 552

“वक्त की आंच में बदलती दुनिया–20 अक्टूबर के यादगार क्षण”

1568 – अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण किया
1568 में मुगल सम्राट अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण कर राजपूत शक्ति का सामना किया। यह घटना राजपूत और मुसलमान साम्राज्यों के बीच सत्ता-संतुलन को दर्शाती है, जहाँ राजपूतों की प्रतिरोधशीलता व मुगलों की विस्तारवादी रणनीति दोनों-का मुँह दिखा। इस आक्रमण ने चित्तौड़गढ़ की रणनीतिक महत्वता को स्थापित किया और मुग़ल शासन के विस्तार में एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
1740 – मारिया थेरेसा ऑस्ट्रिया-हंगरी-बोहेमिया की शासक बनीं
1740 में जब ऑस्ट्रो-हंगेरियन सम्राट चार्ल्स VI का निधन हुआ, तब उनकी बेटी मारिया थेरेसा ने ऑस्ट्रिया, हंगरी एवं बोहेमिया की सत्ता संभाली। इस तरह उन्होंने उस युग में महिला-शासक के रूप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उनके शासनकाल ने ऑस्ट्रो-हंगेरियन क्षेत्र में सुधार, युद्ध व राजनयिक चुनौतियों का सामना किया, तथा यूरोपीय राजतंत्रों में लैंगिक व विरासत-संबंधी विवादों को उजागर किया।
1774 – कोलकाता भारत की राजधानी बनी (तत्कालीन कलकत्ता)
1774 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) को भारत कार्यालय की राजधानी घोषित किया। यह बदलाव ब्रिटिश-भारत की प्रशासनिक रणनीति में महत्वपूर्ण मोड़ था। इस निर्णय ने ब्रिटिश शासन का केंद्रपूर्वी भारत में स्थानांतरण किया और कोलकाता को राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से नए दृश्य में ला खड़ा किया।

ये भी पढ़ें –
1822 – द लॉन्डन संडे टाइम्स का पहला अंक प्रकाशित
1822 को लंदन में ‘द संडे टाइम्स’ का पहला अंक राष्ट्र-मीडिया के इतिहास में एक मील का पत्थर था। यह उस समय का प्रमुख रविवारवाला अखबार बना, जिसने समाचार-प्रकाशन के माध्यम, जनता-सहभागिता एवं प्रेस-स्वाधीनता के आयामों को प्रभावित किया। इस प्रकार इसकी शुरुआत ने ब्रिटिश पत्रकारिता के स्वरूप को नए रूप में आकार दिया।
1880 – एम्सटर्डम मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना
1880 में नीदरलैंड के एम्सटर्डम में इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई — यह शिक्षा-क्षेत्र में सामाजिक एवं शैक्षणिक नवाचार का प्रतीक बना। मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा ने गुणवत्ता-शिक्षा, शोध-स्वतंत्रता व सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दिया। इसके माध्यम से आधुनिक यूरोपीय विश्वविद्यालय-परिसर का विकास सुनिश्चित हुआ।
1904–चिली और बोलिविया ने शांति व मित्रता की संधि पर हस्ताक्षर किया
20 अक्टूबर 1904 को चिली और बोलिविया ने “शांति और मित्रता संधि” पर हस्ताक्षर करके पूर्व-शत्रुता का अंत किया। इस समझौते ने बोलिविया को तटरेखा खोने के बाद भी चिली के साथ स्थायी द्विपक्षीय संबंध स्थापित करने का मार्ग खोला। यह क्षेत्रीय राजनीति एवं सीमाओं के बहस में एक निर्णायक मोड़ था।
1905 – रूस में 11-दिन तक चले ऐतिहासिक हड़ताल की शुरुआत
1905 में रूस में एक बड़े श्रमिक आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसमें लगभग 11 दिन तक लगातार हड़ताल चली। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि उसने रूस के सामाजिक-आर्थिक परिवेश में बदलाव की आवाज उठाई और बाद में 1905 की क्रांति की दिशा में प्रेरणा बनी। इस आंदोलन ने श्रमिक वर्ग की सांठ-गांठ और सत्ता-प्रतिक्रियाशील हलचल को उजागर किया।
1946 – वियतनाम ने 20 अक्टूबर को महिला दिवस घोषित किया
20 अक्टूबर 1946 को वियतनामी लोकतांत्रिक गणराज्य ने इस दिन को “महिला दिवस” के रूप में निर्धारित किया। यह निर्णय उस समय के सामाजिक परिवर्तन एवं महिला सशक्तिकरण के अभियान का प्रतीक था। महिलाओं की भूमिका को सार्वजनिक स्वीकृति मिली और सामाजिक-राजनीतिक धरातल पर उनकी भागीदारी को महत्व दिया गया।
1947 – संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान ने पहली बार राजनयिक संबंध स्थापित किए
1947 में पाकिस्तान की स्थापना के बाद उसी वर्ष 20 अक्टूबर को अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ प्रथम बार राजनयिक संबंध स्थापित किए। यह एक वैश्विक राजनीतिक घटना थी क्योंकि यह अमेरिका की दक्षिण एशिया में सक्रिय नीति और पाकिस्तान की नए राष्ट्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय रूप से स्वीकार्यता को दर्शाती है।
1962 – चीन ने भारत पर हमला किया व अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत के अंदर तक प्रवेश की कोशिश की
20 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन सीमा तनाव ने निर्णायक स्वरूप लिया जब चीनी सेना ने भारत के अरुणाचल प्रदेश मार्ग से आक्रमण किया। यह घटना 1962 के भारत-चीन युद्ध का प्रमुख मोड़ बना और इसने दोनों देशों के बीच सीमा, सुरक्षा व रणनीति-विषयक संदर्भों को एकदम स्पष्ट रूप से सामने लाया।
1963 – दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला और आठ अन्य के खिलाफ मामला शुरू
1963 में दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला सहित आठ अन्य प्रतिरोधक नेता के खिलाफ मुकदमा शुरू हुआ। यह “रिवानिया मुकदमा” के नाम से जाना गया। इसने रंग-भेद-विरोधी आंदोलन में वैश्विक ध्यान खींचा और दक्षिण अफ्रीका में न्याय व मानवाधिकार-संघर्ष को नए आयाम दिए।
1970 – सैयद बर्रे ने सोमालिया को समाजवादी राज्य घोषित किया
20 अक्टूबर 1970 को सोमालिया के नेता सैयद बर्रे ने देश को आधिकारिक तौर पर “समाजवादी राज्य” घोषित किया। इस निर्णय ने सोवियत-प्रभावित अफ्रीकी राजनीति, आर्थिक-नीति के अवसर व चुनौतियों के साथ नए द्वरोपरीय संबंधों को जन्म दिया और अफ्रीका में राजनीतिक-आर्थिक मॉडल चर्चा में आए।
1991 – भारत के उत्तरकाशी में 6.8 तीव्रता का भूकंप, 1000+ मौतें
20 अक्टूबर 1991 को उत्तरकाशी (उत्तरी भारत) में 6.8 मग्निट्यूड का भूकंप आया, जिसमें एक हजार से अधिक लोगों की जान गई। यह प्राकृतिक आपदा उस समय की कमजोर ढांचागत स्थिति और आपदा-प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है। इसने भारत में भूकंप-सुरक्षा जागरूकता व आपदा-प्रत्युत्तर तंत्र की आवश्यकता को बढ़ावा दिया।

ये भी पढ़ें – भगवान राम के अयोध्या आगमन पर मनाते हैं दीपावली का पर्व – आचार्य अजय शुक्ल
1995 – संयुक्त राष्ट्र महासभा का विशेष स्वर्ण जयंती अधिवेशन आरंभ
20 अक्टूबर 1995 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 50 वां वर्ष पूरा होते ही एक विशेष स्वर्ण जयंती अधिवेशन आरंभ किया। इस अवसर ने विश्व समुदाय को 50 वर्षों के शांति-संघठन के अनुभवों, चुनौतियों व भविष्य-योजनाओं पर विचार करने का अवसर दिया। यह वैश्विक संवाद व बहुपक्षवाद के महत्व को दर्शाता है।
1998 – मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल गयूम पांचवीं बार पुनः निर्वाचित
20 अक्टूबर 1998 को मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल गयूम ने पाँचवीं बार राष्ट्रपति पद पर जीत हासिल की। यह लगातार निर्वाचित होने वालों के मामले में अपने-क्षेत्र में उल्लेखनीय था और मालदीव की राजनीतिक स्थिरता, नेतृत्व-शैली व लोकतांत्रिक रूपांतरण की दिशा में संकेत देता है।
2003 – मदर टेरेसा को पोप जॉन पाल II का आशीर्वाद मिला; बोलिविया के राष्ट्रपति सांचेज़ का इस्तीफा स्वीकार, कार्लोस मेसा ने मंत्रिमंडल की घोषणा; सोयुज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा
20 अक्टूबर 2003 की यह तारीख कई मोर्चों पर महत्वपूर्ण थी — मदर टेरेसा को रोमन कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च सत्ता से आशीर्वाद मिला, बोलिविया में राष्ट्रपति सांचेज़ के इस्तीफे के बाद कार्लोस मेसा ने नए मंत्रिमंडल का गठन किया, तथा सोयुज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ने वाला एक प्रमुख मिशन सम्पन्न हुआ। यह दिन धार्मिक, राजनीतिक व वैज्ञानिक क्षेत्रों में बदलाव-संकेतों से समृद्ध था।
2004 – बांग्लादेश में तीन पूर्व सेनाधिकारियों को मौत की सज़ा; ब्रिटेन का साहित्य सम्मान एलन होलिङ्हर्स्ट को
20 अक्टूबर 2004 को बांग्लादेश में तीन पूर्व सेनाधिकारियों को सजा-ए-मौत सुनाई गई, यह मानवाधिकार व न्याय-प्रक्रिया के मामले में एक महत्वपूर्ण घटना थी। उसी दिन ब्रिटेन में साहित्यिक उत्कृष्टता को सम्मानित करते हुए एलन होलिङ्हर्स्ट को प्रतिष्ठित साहित्य पुरस्कार दिया गया। यह दिन राजनीतिक-न्यायिक व साहित्य-प्रेरित भागीदारी का प्रतीक बना।

ये भी पढ़ें – बिहार चुनाव से पहले साढ़े तीन करोड़ का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार — दो कंटेनर जब्त
2007 – ईरान में विदेश उपमंत्री सईद जलाली नए परमाणु वार्ताकार बने; अमेरिका ने म्यांमार सैन्य शासकों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा
20 अक्टूबर 2007 को ईरान के अली लारीजानी के त्यागपत्र के बाद सईद जलाली को नए प्रमुख परमाणु वार्ताकार के रूप में नियुक्त किया गया। उसी दिन अमेरिका ने म्यांमार के सैन्य शासन के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। यह दिन मध्य-पूर्व व एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु-राजनीति व मानवाधिकार-कूटनीति के संदर्भ में निर्णायक था।
2008 – भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रेपो दर में एक प्रतिशत की कटौती की
20 अक्टूबर 2008 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो दर (बैंकों को ऋण देने की दर) में एक प्रतिशत की कटौती की — यह वैश्विक आर्थिक संकट की पृष्ठभूमि में monetary policy में सक्रियता का संकेत था। इस कदम ने भारत में बैंकिंग-वित्तीय क्षेत्र को राहत दी और अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ाने का प्रयास दिखाया।
2011 – मुअम्मर गद्दाफी गृहयुद्ध में मारा गया
2011 में लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी को गृहयुद्ध के दौरान मारा गया। यह घटना लीबिया में तानाशाही के अंत व अरब वसंत के प्रभाव के रूप में वैश्विक राजनीति में दर्ज हुई। गद्दाफी का वध उस क्षेत्र में सत्ता-परिवर्तन और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के लिए प्रतीक बन गया।

ये भी पढ़ें – सड़क हादसा: बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, अनियंत्रित पार्किंग बनी वजह
20 अक्टूबर का दिन हमें इतिहास के विविध रंग दिखाता है — युद्ध-संधियाँ, राजनीति-उत्थान, सामाजिक-संघर्ष, आर्थिक-नीति और मीडिया-उपक्रम सब इसमें शामिल हैं। हर घटना ने अपने-अपने काल में प्रभाव छोड़ा है और आज भी हमारे सोच-विचार, राष्ट्र-निर्माण और मानवाधिकार के दृष्टिकोण को प्रभावित करती है।
इतिहास सिर्फ अतीत का पन्ना नहीं है — वह हमें भविष्य की दिशा समझने में मदद करता है।

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर

पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा लाइनमैन, भागने की कोशिश पर पैर में लगी गोली

संतकबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी लाइनमैन बदरे आलम को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपी को पुलिस ने गोली मारकर पकड़ा। उसके पैर में गोली लगने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, बदरे आलम पर आरोप है कि उसने 12वीं की छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया और फरार हो गया था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।
रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आयुष्मान आरोग्य केंद्र, रौरापार के आसपास देखा गया है। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। कोतवाली खलीलाबाद लाते समय आरोपी ने उस्का खुर्द नहर पुलिया के पास पेशाब करने का बहाना बनाया और भागने लगा। पुलिस ने आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन उसने गोली चलाने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी।
घायल आरोपी को तत्काल संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। घटना की जानकारी पाकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे।
शुक्रवार की सुबह सत्रह वर्षीय छात्रा अपने घर से तितौवा स्थित कोचिंग के लिए निकली थी। उसकी सहेली ने उसे कोचिंग से कुछ दूरी पर बने कमरे में बुलाया। वहां पहले से मौजूद बदरे आलम उर्फ बादल खान ने छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाया। छात्रा के बेहोश होते ही उसने दुष्कर्म किया।
शाम को जब पीड़िता को होश आया तो पेट दर्द की शिकायत की। आरोपी और उसकी सहेली ने उसे ई-रिक्शा से अस्पताल भेजा और झूठ बोला कि उसका एक्सीडेंट हुआ है। अस्पताल में हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
जब छात्रा के परिजन अस्पताल पहुंचे तो आरोपी वहां से फरार हो गया। शनिवार सुबह छात्रा को होश आया तो उसने अपने साथ हुई घटना परिजनों को बताई। परिजनों ने खलीलाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इस पर इंस्पेक्टर पंकज कुमार पाण्डेय ने पीड़िता का बयान दर्ज किया। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी अजय सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली।
पुलिस ने मुख्य आरोपी बदरे आलम और छात्रा की सहेली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।

मधुसूदन बने बी.एस.एस. परशुराम सेना के जिला सचिव जबकि अमित कुमार बने जिला उपाध्यक्ष

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)
रविवार को बी.एस.एस.परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं श्रीनाथ पाण्डेय एवं प्रदेश अध्यक्ष पं. अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में, संगठन विस्तार के क्रम में मऊ जनपद से मधुसूदन तिवारी पुत्र स्व. कमलेश तिवारी, ग्राम लाडनपुर, कोपागंज को जिला सचिव पद पर नियुक्त किया गया।
जबकि अमित कुमार पाण्डेय, पुत्र अजय कुमार पाण्डेय, ग्राम डुमरांव, तहसील सदर को जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष पं. अजीत कुमार पाण्डेय ने नियुक्ति पत्र जारी करते हुए कहा कि दोनों पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि वे ब्राह्मण समाज की एकजुटता एवं संगठन की मजबूती के लिए पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बी.एस.एस. परशुराम सेना का उद्देश्य एक चरित्रवान, संस्कारित एवं संघीय विचारधारा से प्रेरित समाज का निर्माण करना है।
नियुक्ति के बाद दोनों पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे ब्राह्मण समाज के उत्थान, बहन-बेटियों के सम्मान और समाज की एकता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पं. अजीत कुमार पाण्डेय ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

बिहार चुनाव से पहले साढ़े तीन करोड़ का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार — दो कंटेनर जब्त

सोनभद्र (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार चुनाव से पहले सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साढ़े तीन करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया है, जिसे चुनाव के दौरान नशे के रूप में खपाने की तैयारी थी। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो कंटेनर वाहनों को जब्त किया गया है।

एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने रविवार को खुलासा करते हुए बताया कि रॉबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार देर शाम पुलिस लाइन तिराहे के पास दो कंटेनरों को रोका। तलाशी लेने पर नमकीन और चिप्स के पैकेटों के बीच छिपाकर रखा गया कोडीनयुक्त कफ सिरप मिला।

यह भी पढ़ें – सिकंदरपुर में महिला की अचानक मौत, मोहल्ले में छाया मातम

तलाशी में कुल 1,19,675 शीशियां बरामद हुईं, जिन्हें 4787 कार्टूनों में भरा गया था। औषधि निरीक्षक राजेश मौर्य द्वारा जांच में पुष्टि हुई कि सिरप में कोडीन मिश्रित प्रतिबंधित तत्व पाया गया। पुलिस ने सिरप, कंटेनर और वाहनों को जब्त कर लिया।

गिरफ्तार तस्कर — हेमंत पाल, अरविंद वार्ड और ब्रजमोहन शिवहरे, तीनों मध्य प्रदेश के निवासी हैं। वाहन के कागजात न दिखाने पर दोनों कंटेनरों को सीज कर ई-चालान किया गया।

एएसपी ने बताया कि तस्कर इस कफ सिरप को गाजियाबाद से झारखंड के रास्ते बिहार ले जा रहे थे, ताकि चुनावी माहौल में इसे नशे के रूप में बेचा जा सके। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं तथा उन्हें किसका संरक्षण मिला हुआ था।

यह भी पढ़ें – सड़क हादसा: बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, अनियंत्रित पार्किंग बनी वजह

पकड़ा गया सिरप लैबोरेट फार्मास्यूटिकल इंडिया लिमिटेड, हिमाचल प्रदेश की कंपनी द्वारा निर्मित बताया गया है। सिरप के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

इस कार्रवाई में शामिल अधिकारी:
राॅबर्ट्सगंज प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह, एसओजी प्रभारी राजेश चौबे, लोढ़ी चौकी इंचार्ज उमाशंकर यादव, चुर्क चौकी प्रभारी विनोद यादव, आबकारी निरीक्षक विनोद साव, रविनंदन और अमित कुमार।

सिकंदरपुर में महिला की अचानक मौत, मोहल्ले में छाया मातम

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)। आदर्श नगर पंचायत क्षेत्र में रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से एक महिला की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र की रहने वाली 55वर्षिय केवला देवी पत्नी लक्ष्मण प्रसाद को रविवार दोपहर अचानक ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस से अन्यत्र ले जाते समय ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई और स्वास्थ्य केंद्र के पास ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जांच में उनका ब्लड प्रेशर अत्यधिक उच्च पाया गया, जिसके कारण उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ। मृतका भाजपा नेता मिठाई लाल की बहन बताई जा रही हैं। उनके असामयिक निधन की खबर फैलते ही परिवार और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि केवला देवी मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। उनके निधन से पूरे मोहल्ले में गहरा सन्नाटा पसर गया है। शाम तक बड़ी संख्या में लोगों ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

हुसैनपुर गांव में आरओ प्लांट का शुभारंभ, ग्रामीणों में दिखा उत्साह

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नवानगर ब्लॉक क्षेत्र के हुसैनपुर गांव में रविवार को शुद्ध पेयजल की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में स्थापित आरओ प्लांट का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख केशव प्रसाद चौधरी ने किया। इस मौके पर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

ब्लॉक प्रमुख चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस आरओ प्लांट के शुरू होने से न केवल ठाकुरबाड़ी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बल्कि पूरे गांव को स्वच्छ जल की सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी व भाजपा नेता अखिलेश सिंह गुड्डू ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख का यह प्रयास जनसेवा की मिसाल है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आएगी और ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

इस मौके पर जय प्रताप सिंह गुड्डू, दीपक सिंह बघेल, अर्जुन राजभर, संजय सिंह, निप्पू सिंह, सुनील सिंह, रमेश कनौजिया, मृत्युंजय तिवारी, दिलीप सिंह, शाहिद सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आरओ प्लांट का औपचारिक शुभारंभ किया गया और स्वच्छ जल के महत्व पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

सड़क हादसा: बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, अनियंत्रित पार्किंग बनी वजह

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, भाटी गांव निवासी 35 वर्षीय जयश्री राजभर सिकंदरपुर बाजार से खरीदारी कर अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नगरा मोड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक मारुति कार से टकरा गई।

यह भी पढ़ें – दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबीं आठ बच्चियां, तीन की मौत, एक लापता

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जयश्री राजभर के सिर में गहरी चोटें आईं और उनका पैर टूट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया।

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे अनियंत्रित वाहन पार्किंग को हादसे की बड़ी वजह बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें – “अखिलेश यादव का सवाल: दीपोत्सव की जगमगाहट या सरकारी दिखावा?—क्रिसमस से तुलना कर बोले, ‘सीखो रोशनी का असली अर्थ”

दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबीं आठ बच्चियां, तीन की मौत, एक लापता

छोटी दीपावली की सुबह खुशियों के बीच छाया मातम—रमजनपुर गांव में फैला शोक, मल्लाहों ने तीन को बचाया

गाजीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।दीपावली की सुबह जब पूरा देश उत्सव की तैयारी में था, तभी गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के रमजनपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। गंगा नदी में नहाने गईं आठ बच्चियां अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं। स्थानीय मल्लाहों के प्रयास से तीन बच्चियों को बचा लिया गया, जबकि तीन की मौत हो गई और एक बच्ची अभी भी लापता है।

ये भी पढ़ें –“अखिलेश यादव का सवाल: दीपोत्सव की जगमगाहट या सरकारी दिखावा?—क्रिसमस से तुलना कर बोले, ‘सीखो रोशनी का असली अर्थ”

कैसे हुआ हादसा

घटना सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है। दीपावली के अवसर पर गांव की कुछ बच्चियां गंगा किनारे स्नान करने और बालू निकालने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में अन्य बच्चियां भी तेज बहाव में बहने लगीं।

ये भी पढ़ें –उत्सर्ग एक्सप्रेस की चपेट में आई युवती — सुबह की सन्नाटे को चीर गई दर्दनाक चीख

मल्लाहों ने दिखाया साहस

घाट पर मौजूद मल्लाहों ने चीखें सुनकर तुरंत नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय मल्लाह बलिराम चौधरी ने बताया, “हमने पूरी कोशिश की, तीन बच्चियों को किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन तीन बच्चियों को लहरें बहा ले गईं।”

पुलिस और गोताखोरों का रेस्क्यू अभियान

सूचना मिलते ही थाना करंडा पुलिस टीम और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों के प्रयास के बाद दो बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक बच्ची की तलाश देर रात तक जारी रही।
पहचान और शोक मृत बच्चियों की पहचान —
पूनम यादव (19 वर्ष),रोली (16 वर्ष),खुशी (12 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घाट पर मातम का माहौल है और दीपावली की रौशनी के बीच गांव में अंधेरा पसर गया।

थाना प्रभारी का बयान

थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया, “पुलिस और गोताखोर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। हादसे की पूरी जांच की जा रही है। प्रशासन पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगा।”

आइये! कुछ दीप जलाएं

जगमग ज्योति
जलें दीपोत्सव में,
कुछ दिये जलाइये
उनके निमित्त भी,
हो गये शहीद जो
भारत की सीमा पर,
उनके नाम भी आइये
कुछ दिये जलाइये।

ये भी पढ़ें –दीपों की रोशनी में निहित है मानवता, सौहार्द और नई शुरुआत का संदेश

पर्व परम पावन है,
उनके घर सूने हैं,
उनका स्मरण आइये,
मिलकर कीजिये,
न्योछावर प्राण किये
जिसने वतन के लिये,
उनके घरों में आइये,
कुछ दिये जलाइये।

ये भी पढ़ें –दीपावली 2025 : शुभ दीपोत्सव पर क्या बनाएँ भोजन, जिससे घर में बरसे लक्ष्मी कृपा

आदित्य दीपावली
की रात न रहे अँधेरा,
सबके घर हो जाये,
मंगलमय शुभ सवेरा,
ग़रीब, अमीर, दिव्यांग
सबके लिये दीपावली,
का त्योहार है, आइये,
वहाँ भी कुछ दिये जलाइये।

  • डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

“अखिलेश यादव का सवाल: दीपोत्सव की जगमगाहट या सरकारी दिखावा?—क्रिसमस से तुलना कर बोले, ‘सीखो रोशनी का असली अर्थ”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को एक सभा में दिवाली समारोहों पर सरकारी खर्च को लेकर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “दुनिया के शहरों में क्रिसमस महीनों तक जगमगाता है, लेकिन भारत में दिवाली पर दीये जलाने को लेकर भी इतना सोच-विचार और खर्च का हिसाब क्यों लगाना पड़ता है?”

अखिलेश यादव ने सरकार के खर्च करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “हम भगवान राम के नाम पर यह सुझाव देना चाहते हैं कि दुनिया के देशों से सीखें कि त्यौहार केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि रोशनी और खुशहाली के प्रतीक होते हैं।”

उन्होंने कहा, “सरकार को जनता का पैसा दिखावे पर नहीं, विकास पर खर्च करना चाहिए। अगर हमें जगमगाहट चाहिए, तो वो दिलों में होनी चाहिए, केवल दीयों में नहीं।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में दिवाली पर 26 लाख से अधिक दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी चल रही है। प्रशासन के अनुसार, 26,11,101 दीये राम की पैड़ी और 56 घाटों को आलोकित करेंगे, जिससे अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भव्यता का प्रदर्शन होगा।
अधिकारियों ने बताया कि दीयों की गिनती विशेष पैटर्न और तकनीकी व्यवस्था के आधार पर की जा रही है ताकि कोई दीया अनगिनत न रहे।

अखिलेश यादव के इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। जहां उनके समर्थकों ने इसे “जनता के पैसे की आवाज” कहा, वहीं विरोधी दलों ने इसे “आस्था पर राजनीति” करार दिया।

भगवान राम के अयोध्या आगमन पर मनाते हैं दीपावली का पर्व – आचार्य अजय शुक्ल

20 अक्टूबर को मनाई जाएगी दीपावली, शाम 7:08 से 8:18 बजे तक रहेगा लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख पर्व दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है।

जयराम ब्रह्मस्थान मंगराइच के आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष 20 अक्टूबर को दीपावली पर्व मनाया जाएगा।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 8 मिनट से रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यह मुहूर्त प्रदोष काल (शाम 5:46 से रात 8:18 तक) और वृषभ लग्न (शाम 7:08 से रात 9:03 तक) के संयोग में बन रहा है, जो पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

आचार्य शुक्ल ने बताया कि दीपावली पर गृहस्थ लोग प्रदोष काल में भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा अर्चना करते हैं। व्यापारी वर्ग इस दिन नया खाता-बही आरंभ करते हैं।
यह रात्रि सिद्धि प्राप्ति की रात्रि मानी जाती है, इसलिए इस रात जागरण करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि धन प्राप्ति के साथ बुद्धि का संतुलन बना रहे, इसलिए लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा अनिवार्य है।

AIMIM ने घोषित किए 25 उम्मीदवार, कांग्रेस की दूसरी सूची भी आई—महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ी सरगर्मी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)एआईएमआईएम ने बिहार की राजनीति में बढ़ाया गर्मजोशी का तापमान, कांग्रेस की नई सूची के साथ महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मचा सियासी घमासान।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य का सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपने 25 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। वहीं, कांग्रेस ने भी अपनी दूसरी सूची जारी कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। आगामी 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि नतीजों की घोषणा 14 नवंबर को होगी।
बदलते समीकरणों के बीच राजद-कांग्रेस गठबंधन अब भी सीट बंटवारे के पेच में फंसा है, जिससे विपक्षी एकता की परीक्षा और कठिन हो गई है।

https://x.com/aimim_national/status/1979765269301195005?t=WoQmMGVLuyAnnHbWSXd62g&s=19

बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों से पहले एआईएमआईएम ने अपने 25 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर घोषणा करते हुए कहा —
“बिहार के सबसे वंचित और उपेक्षित वर्गों की आवाज बनने की हमारी कोशिश जारी रहेगी।”

ये भी पढ़ें – उत्सर्ग एक्सप्रेस की चपेट में आई युवती — सुबह की सन्नाटे को चीर गई दर्दनाक चीख
पार्टी की यह सूची बिहार इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व के परामर्श से तैयार की है। घोषित नामों में प्रमुख उम्मीदवार हैं —
सीवान से: मोहम्मद कैफ,गोपालगंज से: अनस सलाम,किशनगंज से: एडवोकेट शम्स आगाज,मधुबनी से: राशिद खलील अंसारी,अररिया से: मोहम्मद मंजूर आलमइन नामों के साथ ओवैसी की पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि वह बिहार के सियासी समीकरण में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने के लिए तैयार है।
कांग्रेस की दूसरी सूची भी जारी
शनिवार को कांग्रेस ने भी अपनी दूसरी सूची जारी कर दी। इसमें नरकटियागंज, किशनगंज, कस्बा, पूर्णिया और गया टाउन सीटों के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

ये भी पढ़ें – स्वदेशी मेले के समापन पर गूंजे लोकस्वर – गोपाल राय और नंदन-चंदन बंधु की सुरमयी शाम ने बांधा समां
नरकटियागंज: शाश्वत केदार पांडे,किशनगंज: कमरुल होदाकस्बा: इरफान आलम,पूर्णिया: जितेंद्र यादव,गया टाउन: मोहन श्रीवास्तव
इससे पहले 17 अक्टूबर को कांग्रेस 48 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुकी थी।
गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेतृत्व वाला महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) अब भी सीट बंटवारे के मसले पर सहमति नहीं बना पाया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई सीटों पर “दोस्ताना मुकाबले” की स्थिति बन गई है।
वहीं, एनडीए इस बार संगठित मोर्चे के रूप में तेजस्वी यादव के इंडिया ब्लॉक को टक्कर देने की तैयारी में है।
इस चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी मैदान में उतरकर नए समीकरण गढ़ने की कोशिश में है।

स्वदेशी मेले के समापन पर गूंजे लोकस्वर – गोपाल राय और नंदन-चंदन बंधु की सुरमयी शाम ने बांधा समां

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्साह, उमंग और संस्कृति के रंगों से सजा 10 दिवसीय स्वदेशी मेला रविवार को एक यादगार शाम के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी लोकगायकी के प्रसिद्ध सितारे गोपाल राय और नंदन-चंदन बंधु ने अपनी मधुर आवाज़ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही मंच पर दीपावली, धनतेरस और छठ महापर्व से जुड़े गीतों की गूंज उठी, पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
इंटरनेशनल ट्रेड शो के तहत आयोजित इस स्वदेशी मेले में स्थानीय कला, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की झलक पूरे आयोजन में देखने को मिली। समापन अवसर पर नंदन-चंदन बंधु ने पारंपरिक लोकगीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया, वहीं गोपाल राय ने अपनी आवाज़ से आत्मनिर्भर भारत की भावना को गीतों में पिरो दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिलाध्यक्ष राम आश्रय मौर्य द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि “स्वदेशी मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोककला के पुनर्जागरण का प्रतीक है।”

समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाले उद्यमियों, शिल्पकारों और कलाकारों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही जिन्होंने पूरे जोश और गर्व के साथ भारतीय लोकसंस्कृति के इस उत्सव का आनंद लिया।

उत्सर्ग एक्सप्रेस की चपेट में आई युवती — सुबह की सन्नाटे को चीर गई दर्दनाक चीख

मऊ (राष्ट्र की परम्परा )। रविवार की सुबह मऊ जिले में एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। फर्रुखाबाद से छपरा जा रही 15084 डाउन उत्सर्ग एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब प्लेटफार्म नंबर दो के पास खंभा संख्या 35/3 और 35/4 के बीच युवती किसी कारणवश ट्रैक पर पहुंच गई।

ये भी पढ़ें –परिवार में मातम, गांव में पसरा सन्नाटा – आत्महत्या की वजह जानने में जुटी पुलिस

सुबह लगभग 6:15 बजे रेलवे गैंगमैन सनोज कुमार ने ट्रैक पर एक शव को देखकर स्टेशन अधीक्षक को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची जीआरपी बलिया की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय बलिया भेज दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका जनपद मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के नसीराबाद खुर्द ग्राम पंचायत की रहने वाली थी। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है।

रेलवे पुलिस घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है — यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवती ने खुदकुशी की या हादसा अनजाने में हुआ।

ये भी पढ़ें –23 सैनिकों और 10 नागरिकों की मौत के बाद अफगान-पाक सीमा पर थमा युद्ध, क़तर की भूमिका अहम

ये भी पढ़ें –लव ट्राएंगल का खौफनाक अंत: गर्भवती महिला और दो प्रेमियों के बीच चली चाकूबाजी, दिल्ली में डबल मर्डर से सनसनी

ये भी पढ़ें –श्रीसन फार्मा का बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना लैब टेस्टिंग के बाजार में पहुंचा जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप, SIT जांच में खुलासा

परिवार में मातम, गांव में पसरा सन्नाटा – आत्महत्या की वजह जानने में जुटी पुलिस

देवरिया में सनसनी: बाथरूम में लाइसेंसी बंदूक से युवक ने खुद को गोली मारी, मौके पर मौत

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार की रात पड़री बनमाली गांव में 40 वर्षीय रविशंकर सिंह ने अपने ही लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि यह हादसा रात लगभग आठ बजे का है, जब घर में मौजूद परिजनों ने अचानक गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर लोग बाथरूम की ओर दौड़े, लेकिन तब तक रविशंकर की मौत हो चुकी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सीओ मनोज कुमार और थाना प्रभारी दिनेश कुमार मिश्र मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।

सीओ मनोज कुमार ने बताया कि मृतक के पास से लाइसेंसी बंदूक बरामद की गई है और उसे कब्जे में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविशंकर सिंह गांव में एक शांत और मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे, जिससे उनकी आत्महत्या ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।