बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l विकासखंड पथरदेवा क्षेत्र के बंजरिया बाजार में गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर बुधवार को विशाल दंगल एवं बंजरिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन क्षेत्र के युवाओं एवं खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्षेत्रीय एवं बाहरी जनपदों से 17 जोड़ी पहलवानों ने अपनी कुश्ती कला का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सुजीत प्रताप सिंह तथा विशिष्ट अतिथि मंडल अध्यक्ष हरीश शाही रहे। दोनों अतिथियों ने पारंपरिक रीति से फीता काटकर एवं पहलवानों से हाथ मिलवाकर दंगल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि सुजीत प्रताप सिंह ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती माटी का खेल है।कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हमारे समाज की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक हैं।इस प्रकार के प्रतियोगिता से युवाओं को खेलों में भाग लेकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना चाहिए।
दंगल में देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, सीवान, छपरा बिहार जैसे जिलों के 17 जोड़ी नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया।जिसमें 9 जोड़ी पहलवान विजेता बने,वही 8 जोड़ी पहलवानों का मुकाबला बराबरी पर रहा ।जिसमे बच्चन पहलवान पडरौना एवं नारायण पहलवान गोरखपुर का बेमिसाल रहा।वही लालू पहलवान बिहार एवं लव प्रताप गोरखपुर ने रोमांचक मुकाबलों में अपनी ताकत, तकनीक और धैर्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।जबकि अन्य पहलवानों में भी रोमांचक परिणाम देखने को मिले।कार्यक्रम के अंत में विजेता पहलवानों को नगद धन राशि पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक की भूमिका में भोला सिंह व अजीमुल्लाह खान जबकि संचालन राघव पांडेय एडवोकेट एवं पूर्व ग्राम प्रधान ने किया।इस मौके पर ग्राम प्रधान अब्दुल सलाम,हारून पहलवान,दिलीप गुप्ता,रत्नाकर उर्फ नन्हे तिवारी,हरेंद्र सिंह,विवेक राय,रामाशीष प्रसाद, भीम यादव ,सरोज मिश्रा ,राहुल राय ,जय सिंह ,रमाशंकर कुशवाहा ,जितेंद्र सिंह ,प्रमोद सिंह, मंटू सिंह ,योगेंद्र सिंह ,अनिल मद्धेशिया, देव चौहान ,नासिर प्रधान ,लाल बाबू ,जुगल किशोर नदीम ,अब्दुल रब ,नासिर प्रधान,नसीम खान,अनिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
गोवर्धन पूजा पर बंजरिया महोत्सव में विशाल दंगल आयोजित
नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन पर गैंगस्टर
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तिवारीपुर थाना पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण और संगठित ठगी गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।
गिरफ्त में आए आरोपियों में अजीत सिंह पुत्र रामानंद (निवासी न्यू राष्ट्रीय सोसायटी सेक्टर-18, द्वारका, नई दिल्ली; वर्तमान पता–रोशन गार्डन, दक्षिण पश्चिम दिल्ली), दीपक दुआ पुत्र श्याम दुआ (निवासी पी-196, गंगोत्री नगर, ढाढी नगर, प्रयागराज) और पवन कुमार पुत्र रामसेवक यादव (निवासी ई-ग्राउंड फ्लोर, इंदरपुरी, नई दिल्ली; वर्तमान पता–ग्राम कस्मा मडार, थाना खजौली, मधुबनी, बिहार) शामिल हैं। आरोप है कि ये तीनों बेरोजगार युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूलते थे। पीड़ितों की शिकायतों पर पहले ही थाना तिवारीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
थाना तिवारीपुर में इस मामले में मु.अ.सं. 237/25 धारा 2(ख)(I)(XI) व 3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत केस दर्ज हुआ है। पूर्व में भी मु.अ.सं. 231/2023 के अंतर्गत धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, 504, 506 भा.दं.सं. के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह संगठित तरीके से ठगी के अपराधों को अंजाम देता था और कई जनपदों में सक्रिय था। आरोपितों के खिलाफ गोरखपुर, प्रयागराज, अमरोहा और महाराजगंज जनपदों में एक से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी, षड्यंत्र और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर की अनुमति से गैंग चार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कहा है कि ऐसे ठगी गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी या अन्य लाभ के नाम पर धन की मांग की जाए तो सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं का धूमधाम से हुआ विसर्जन
बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)दीपावली पर्व के बाद बुधवार को क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन किया गया। वही जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा निकालकर मां लक्ष्मी और गणपति बप्पा की जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया।
ग्रामसभा बंजरिया, नोनिया पट्टी,श्याम पट्टी, मोतीपुर,मलसी खास जैद पट्टी,पथरदेवा बाजार, घुड़ीपुर ,रामपुर महुआबारी,मस्जिदिया, विशुनपुरा बाजार और बघौचघाट क्षेत्र में सुबह से ही लोग विसर्जन की तैयारी में जुटे रहे। घरों, दुकानों और मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं को सजाकर डीजे के धुन और भक्ति गीतों के साथ विसर्जन स्थल तक पहुंचे।वही महिलाएं पारंपरिक विदाई गीत के साथ ही पूजन अर्चन कर मां की विदाई की। बच्चों और युवाओं काफी उत्साह दिख रहा था,सभी भक्त भजन पर नाचते झूमते हुए जयकारों के साथ खनुआ नदी घाट के विभिन्न घाटों पर मां लक्ष्मी एवं गणेश की मूर्तियों को विसर्जित किया।श्रद्धालुओं ने मान्यता के अनुसार जल में मूर्ति विसर्जन से पूर्व आरती उतारी और परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की उन्नति की कामना की। पुलिस प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की थी।
वही विभिन्न गांवों के आयोजक भीम यादव, प्रवीण सिंह,रविंदर कुशवाहा,पप्पू सिंह,रवि सिंह,जय कुमार राव आदि श्रद्धालुओं ने कहा की यह पर्व सुख-समृद्धि और एकता का प्रतीक भी है। भक्तों ने जय माता दी के जयकारों के बीच “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का नारा लगाते हुए विदाई दी।
इस प्रकार पूरे क्षेत्र में लक्ष्मी-गणेश विसर्जन का कार्यक्रम भक्तिभाव और उल्लास से के साथ सम्पन्न हुआ।
डीएम ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर किया गोसदन में पूजन, गोंवंशो को खिलाया गुड़-चना-केला
महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा ने घुघली ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसौनी बुजुर्ग स्थित गोसदन में पहुंचकर गोवर्धन पूजन किया। पूजन के पश्चात उन्होंने गोंवंशों को केला, गुड़ और गेहूं खिलाकर सद्भाव और संरक्षण का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने इस दौरान गोशाला का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने भूसा, चोकर व पशु आहार की गुणवत्ता की जांच की और संतोष व्यक्त किया कि सभी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं पाई गई। गोसदन में वर्तमान में 63 गोवंश संरक्षित हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईयर टैगिंग व टीकाकरण की जानकारी भी ली। इस पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी गोंवंशों का टीकाकरण एवं ईयर टैगिंग पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि गोवंश हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं, उनका संरक्षण हम सभी का कर्तव्य है। प्रशासन गोंवंशों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ओमप्रकाश जायसवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.होसिला प्रसाद,पशु चिकित्साधिकारी डा.सुमित्रा सिंह, सचिव दीप्ति जायसवाल, रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बंधु मद्धेशिया, प्रधान संघ के मंडल अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता भारत शुक्ला, गणपति मिश्रा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अविनाश उर्फ बंटी पटेल, संजीव यादव, सुशील पटेल, विपिन यादव, उदयभान कन्नौजिया, राम आधार यादव, सत्यवान, सुनील गुप्ता, दूधनाथ मद्धेशिया, हरिश्चंद्र यादव, जयप्रकाश प्रसाद, शिवकुमार प्रजापति, अनुपम पटेल, रामवृक्ष गिरी, कैलाश कन्नौजिया, संजय यादव, सुदर्शन गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहें।
जीप और बाइक की जोरदार टककर मे बाइक सवार घायल
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार को बेलडाड़ देवरिया मार्ग ग्राम बारा दीक्षित के निकट सरकारी ट्यूबवेल के पास जीप और बाइक मे आमने सामने की टककर होगयी जिसमे बाइक सवार घायल हो गया । घायल युवक को स्थानीय लोगों इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज पहुंचाया जहां पर डाक्टरों ने प्राथमिक इलाज कर महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को भलुअनी थाना क्षेत्र के बभनी दुबे गांव निवासी राकेश दुबे पुत्र ओमप्रकाश दुबे अपने बाइक से कपरवार से आ रहे थे, ज्योही वह बारा दीक्षित सरकारी ट्यूबवेल के पास ही पहुंचे कि देवरिया के तरफ से आ रही अनियंत्रितजीप और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में बाइक सवार घायल हो गये ।
स्थानीय लोगों की मदद से उपचार के लिए उन्हें सीएचसी पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
भूतपूर्व सूबेदार मेजर सदानंद यादव का निधन, आमी तट हुआ अंतिम संस्कार
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद ब्लॉक के ग्राम असर्फाबाद निवासी भूतपूर्व सूबेदार मेजर सदानंद यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
स्व. यादव का अंतिम संस्कार मगहर स्थित आमी नदी के तट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। भूतपूर्व सैनिक जनार्दन यादव के नेतृत्व में सैनिक प्रकोष्ठ के साथियों सहित क्षेत्र के अनेक लोग उपस्थित रहे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि देने वालों में रामधनी यादव, नरसिंह यादव, शैलेंद्र यादव, केशव प्रसाद, विद्यासागर, हरिराम यादव, परमेश्वर यादव, प्रधान रामहरख यादव, भाजपा शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के संयोजक अत्रेश श्रीवास्तव, गौरव निषाद, राकेश निषाद, कृष्ण कुमार, दिवाकर यादव, विनोद यादव, राधेश्याम यादव, जितेन्द्र निषाद सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।
सभी ने उनके परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा कि स्व. मेजर सदानंद यादव अपने सेवाभाव, अनुशासन और सामाजिक योगदान के लिए सदैव याद किए जाएंगे।
छठ पर्व पर उमड़ेगी आस्था की भीड़: पटना स्टेशन पर चाक-चौबंद सुरक्षा, डीएम ने खुद संभाली कमान
भीड़ नियंत्रण से लेकर मेडिकल टीम तक एक्टिव, यात्रियों के लिए बनेंगे स्पेशल होल्डिंग एरिया
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर राजधानी पटना रेलवे स्टेशन समेत आसपास के सभी प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों में लाखों श्रद्धालु बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पटना पहुँचेंगे। इस भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और रेलवे विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और समुचित व्यवस्था के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन और दानापुर रेलवे स्टेशन पर तीन शिफ्टों में 30 मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। डीएम ने सभी अधिकारियों को रेलवे के अधिकारियों के साथ निरंतर कोऑर्डिनेशन में रहकर काम करने का आदेश दिया है।
प्रवेश और निकास पर सख्त निगरानी
प्रशासन ने यात्रियों की एंट्री और एग्जिट को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है, ताकि स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़भाड़ न हो। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम को हर वक्त एक्टिव रखा जाए। इसके लिए लाइफ सेविंग दवाओं, एम्बुलेंस और आवश्यक मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश
मंगलवार रात को हाजीपुर से आए प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक और दानापुर मंडल के डीआरएम ने स्वयं पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल और दानापुर स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने छठ पूजा के दौरान संभावित भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।डीआरएम दानापुर ने स्टेशन स्टाफ और रेल सुरक्षा बल (RPF) को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है, ताकि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो।
यात्रियों के लिए बनाए जाएंगे होल्डिंग एरिया
दानापुर मंडल की ओर से यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया तैयार किए जा रहे हैं, जहाँ यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ठहराया जाएगा।
दानापुर में दो होल्डिंग एरिया
पटना जंक्शन में तीन होल्डिंग एरिया (दो महावीर मंदिर साइड और एक करबिगहिया साइड)राजेंद्र नगर टर्मिनल में एक होल्डिंग एरिया बनाया जा रहा है।यात्रियों को एक लाइन में खड़ा कर ट्रेन में चढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
उत्तर बिहार और पूर्वांचल से उमड़ेगी भीड़
छठ पर्व का उत्साह केवल पटना तक सीमित नहीं है। बिहार के सीवान, छपरा, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी जैसे जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, बलिया और मऊ जैसे शहरों से भी भारी संख्या में लोग अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इन इलाकों में छठ पर्व सबसे वृहद और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है, जहाँ गंगा या तालाब किनारे अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।छठ के दौरान ट्रेन, बस और निजी वाहनों में यात्रियों की अत्यधिक भीड़ होती है। ऐसे में प्रशासनिक और रेलवे स्तर पर विशेष निगरानी इस बार और भी सख्त रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
प्रशासन ने की अपील
डीएम ने सभी श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की है कि वे प्रशासन और रेलवे के दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।छठ पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार और पूर्वांचल की संस्कृति, अनुशासन और आस्था का प्रतीक है। इसी कारण प्रशासन चाहता है कि यह पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।
खतरे की सड़क! मोहरीपुर–सिहोरवा मार्ग पर कांटेदार झाड़ बने मौत का जाल
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जनता भड़की
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर जनपद में मोहरीपुर–सिहोरवा मुख्य मार्ग अब हादसों का मार्ग बन चुका है। चमराहे से लेकर रामपुर पुल तक सड़क किनारे फैले कांटेदार झाड़ हर दिन राहगीरों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, झाड़ियों की वजह से सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और दोपहिया वाहनों के लिए निकलना बेहद खतरनाक हो गया है। माता मंदिर से चमराहे तक का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां झाड़ अब सड़क तक फैल चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वाहनों की कांटेदार झाड़ियों से टकराने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। जनता का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के चलते किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
स्थानीय निवासी राजेश, अशोक और प्रमोद ने कहा — “यह मार्ग रोज़ाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही का रास्ता है। झाड़ के कारण महिलाओं और बच्चों को लेकर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। सरकार और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) से तुरंत निरीक्षण और सफाई अभियान शुरू करने की मांग की है। जनता ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
टैक्स चोरी में लिप्त क्लीनिकों का काला सच
गोरखपुर में मरीजों से मनमानी फीस वसूली!
रसीद नहीं देने वाले डॉक्टरों पर उठे सवाल
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।एक ओर डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर गोरखपुर और आसपास के जिलों में कई निजी डॉक्टर इस पेशे की गरिमा को दागदार कर रहे हैं। मरीजों से 500 से 1500 रुपये तक की परामर्श फीस वसूली जा रही है, लेकिन रसीद देने से इनकार कर दिया जाता है। इससे न सिर्फ मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है, बल्कि इनकम टैक्स चोरी भी की जा रही है।
जांच में खुलासा हुआ है कि कई निजी क्लीनिक बिना रजिस्ट्रेशन और बिना वैध रसीद बुक के संचालित हो रहे हैं। मरीजों से नकद वसूली के बाद डॉक्टर या उनके स्टाफ का जवाब होता है — “रसीद नहीं दी जाती।” सवाल यह है कि जब आय का हिसाब नहीं रखा जा रहा, तो सरकार को टैक्स कौन देगा?
शहर में कई नामी डॉक्टर 1000 से 1500 रुपये तक परामर्श शुल्क ले रहे हैं, जबकि छोटे क्लीनिकों में भी 500 रुपये से कम फीस नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और आयकर विभाग की इस पर कोई निगरानी नहीं दिखती।
एक स्थानीय मरीज ने बताया – “मैं अपनी पत्नी को दिखाने गया था। डॉक्टर ने 800 रुपये मांगे, लेकिन जब रसीद मांगी तो कहा — ‘रसीद नहीं दी जाती’। ऐसे में शिकायत भी नहीं कर सकते।”
आम जनता का कहना है कि जब छोटे व्यापारी और दुकानदार जीएसटी और टैक्स देते हैं, तो डॉक्टरों को छूट क्यों? नकद वसूली और रसीद न देना सीधे-सीधे आयकर कानून का उल्लंघन है।
लोगों की मांग है कि सरकार ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ संयुक्त जांच टीम बनाए और निजी क्लीनिकों का ऑडिट कराए। टैक्स चोरी में लिप्त पाए जाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
अब सवाल उठता है — क्या “सफेद कोट” की आड़ में टैक्स चोरी और मनमानी फीस की खुली छूट है? समाज को सेवा देने वाला यह पेशा अब व्यापार में तो नहीं बदल गया?
रेलवे बस स्टैंड पर रोजाना जाम की समस्या से परेशान जनता
अधिकारियों के निर्देशों की उड़ रही धज्जिया
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में से एक रेलवे बस स्टैंड इन दिनों अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका है। प्रतिदिन यहां घंटों जाम लगा रहता है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ आम राहगीर भी परेशान हैं। बस संचालकों ने अधिकारियों के बार-बार दिए गए निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए रोड को ही बस स्टैंड बना लिया है। परिणामस्वरूप ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सुबह से लेकर देर रात तक बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे आने-जाने वाले वाहनों को निकलने में भारी दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल बसों, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को उठानी पड़ती है। बसों के बीच से राहगीरों का गुजरना भी खतरों से खाली नहीं है।
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स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार निर्देश जारी किए गए कि बसों को निर्धारित स्टैंड के अंदर ही खड़ा किया जाए, लेकिन बस संचालक नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हैं। अधिकारी केवल कागजों में कार्यवाही दिखाते हैं, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस है।
यात्री सुरेश गुप्ता ने कहा, “बसें पूरी सड़क पर खड़ी रहती हैं। ट्रैफिक पुलिस केवल देखकर चली जाती है। जाम में फंसकर रोजाना समय बर्बाद होता है।” वहीं एक व्यापारी ने बताया, “हमारे दुकानों के सामने बसें लग जाती हैं, धुआं और शोर से ग्राहकों का आना भी कम हो गया है।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक रोड पर बसें खड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी। विभागीय अधिकारियों को सख्त कदम उठाते हुए रोड पर खड़ी बसों का चालान करना चाहिए और दोबारा उल्लंघन करने वालों के परमिट रद्द करने चाहिए।
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जनता की मांग: “रेलवे बस स्टैंड की अव्यवस्था को जल्द दूर किया जाए। रोड जनता के चलने के लिए है, बसों का पार्किंग स्थल नहीं।”
गोरखपुर का यह जाम अब केवल ट्रैफिक समस्या नहीं रहा, बल्कि जनता के धैर्य की परीक्षा बन गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और नियमों को लागू कर जनता को राहत दिलाता है।
घरेलू कलह: मां ने दो वर्षीय बेटे संग लगाई फांसी, परिवार हुआ उजड़
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जनपद के लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। घरेलू कलह के चलते 27 वर्षीय चंद्रकला देवी ने अपने दो वर्षीय बेटे कार्तिक के साथ साड़ी के फंदे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
परिवारिक सदस्यों के अनुसार, चंद्रकला देवी अपने बेटे के साथ फ़ोन पर पति से बात कर रही थीं। जब दोनों लंबे समय तक कमरे से बाहर नहीं निकले, तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।
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सीओ मनोज कुमार ने बताया कि घटना की जांच जारी है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट किया जाएगा।
इस घटना ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव के मुद्दों को फिर से उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार में तनाव और मानसिक अस्थिरता के कारण कई बार इस तरह की दुखद घटनाएँ घटित होती हैं।
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PM किसान सम्मान निधि योजना 21वीं किस्त: कब आएगी अगली किस्त? जानिए पूरा अपडेट
देश के लाखों किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत वित्तीय लाभ ले रहे हैं। केंद्र सरकार हर साल इस योजना के अंतर्गत किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में देती है। हर किस्त के तहत 2,000 रुपये किसानों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं।
अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की कुल 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। हाल ही में 21वीं किस्त के पैसे पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित 27 लाख किसानों के खाते में भेजे गए हैं। बाकी किसानों को इस किस्त का बेसब्री से इंतजार है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने के अंत तक 21वीं किस्त जारी होने की संभावना कम है। माना जा रहा है कि अगले नवंबर महीने में यह किस्त जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
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किसानों को सलाह दी जा रही है कि जिन्होंने योजना में ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन नहीं कराया है, वे इसे जल्द पूरा कर लें। इसके बिना अगले किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, जिन्होंने गलत जानकारी दर्ज की थी उन्हें भी इसे सही करना जरूरी है। ध्यान दें कि आपका आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2019 में शुरू हुई थी और आज यह पूरे देश में काफी लोकप्रिय योजना बन चुकी है।
सड़क निर्माण में लापरवाही से किसानों की फसल डूबी
जल निकासी न होने से बरसाती पानी ने मचाया तांडव
बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बेल्थरा रोड से सिकंदरपुर तक बनने वाली सड़क निर्माण परियोजना किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। निर्माण में बरती गई लापरवाही और जल निकासी की कमी के कारण क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान पटरियों को गहराई तक खोदा गया, लेकिन बीच-बीच में पुलिया नहीं बनाई गई, जिससे बरसात का पानी खेतों में भर गया। पहले से मौजूद प्राकृतिक जल निकासी मार्गों को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया, जिसके कारण किसानों के खेतों में पानी ठहर गया।
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स्थानीय किसानों का कहना है कि धान की पौध पीली पड़ रही है और सड़ने लगी है, जिससे एक सीजन की पूरी कमाई डूब गई है। किसानों ने कई बार ठेकेदार और संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ किसानों ने पाइप और मोटर से पानी निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रयास असफल रहे।
किसानों की मांग है कि सड़क के दोनों ओर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और जहां आवश्यक हो, पुलिया बनवाई जाए। इसके साथ ही जलभराव से फसल नष्ट होने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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राजनीति में संगठन की आत्मा और राष्ट्रनिष्ठा की दृढ़ आवाज़ हैं अमित शाह
विशेष संपादकीय
राष्ट्र के प्रहरी : गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर विशेष
आज भारत के गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह जी का जन्मदिन है। यह दिन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस विचार, दृष्टि और राष्ट्रनिष्ठ संकल्प का उत्सव है जिसने भारतीय राजनीति को नई परिभाषा दी है। अमित शाह जी ने सिद्ध किया है कि संगठन जब आदर्शों और अनुशासन पर आधारित हो, तो वह न केवल सत्ता तक पहुँचता है बल्कि समाज में स्थायी परिवर्तन का माध्यम भी बनता है।
संघ की भूमि से राष्ट्र सेवा की दिशा तक
अमित शाह का जीवन एक प्रेरक गाथा है। विद्यार्थी जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर उन्होंने राष्ट्रसेवा का संस्कार आत्मसात किया। संगठन की जड़ों में उतरकर उन्होंने यह सीखा कि भारत का उत्थान तभी संभव है जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को सर्वोच्च माने। गुजरात में भाजपा के संगठन को मज़बूत करने से लेकर देश के हर कोने तक पार्टी के विस्तार में उनका योगदान अद्वितीय रहा है।
वे राजनीति को केवल पद या प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं मानते, बल्कि विचार और मूल्य की साधना मानते हैं। यही कारण है कि अमित शाह का नेतृत्व, जहाँ भी पहुँचा, वहाँ अनुशासन, कार्यकुशलता और एकता का भाव स्वतः स्थापित हुआ।
रणनीतिक सोच और अडिग निर्णयों का परिचायक
राजनीति के क्षेत्र में अमित शाह एक ऐसे रणनीतिकार हैं जिनकी योजना दूरगामी होती है। चाहे चुनावी प्रबंधन हो या नीति निर्माण, वे हमेशा दीर्घकालिक परिणामों पर ध्यान देते हैं। उनके निर्णयों में कठोरता और संवेदनशीलता दोनों का अद्भुत संतुलन है।
अनुच्छेद 370 का ऐतिहासिक निष्कासन, जम्मू-कश्मीर के एकीकरण की दिशा में लिया गया सबसे बड़ा और साहसिक निर्णय था। जिसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को जाता है। यह निर्णय केवल एक संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता का सशक्त संदेश था।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे कदमों ने उनकी राष्ट्रवादी दृष्टि को स्पष्ट किया। जहाँ मानवता और देशहित दोनों का ध्यान रखा गया। आतंरिक सुरक्षा के मोर्चे पर उनके नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद, आतंकवाद और तस्करी जैसी चुनौतियों पर निर्णायक प्रहार देखा है।
“संगठन ही शक्ति है” अमित शाह का सूत्र
अमित शाह का मानना है कि संगठन ही राजनीति की आत्मा है। उन्होंने भाजपा को बूथ स्तर तक सशक्त किया, कार्यकर्ताओं में एक परिवार जैसा भाव जगाया और हर स्तर पर जिम्मेदारी का भाव विकसित किया।
उनकी संगठनात्मक शैली में संवाद, अनुशासन और परिणाम तीनों के संतुलन की झलक मिलती है। यही कारण है कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित है।
वे हर कार्यकर्ता में यह विश्वास जगाते हैं कि राष्ट्र निर्माण केवल शीर्ष नेतृत्व का कार्य नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है। यही सोच उन्हें जनता के दिलों में विशेष स्थान देती है।
गृह मंत्री के रूप में लौह-इच्छाशक्ति का प्रदर्शन
गृह मंत्री के रूप में अमित शाह जी ने देश की आंतरिक सुरक्षा नीति को नई दिशा दी है। पुलिस सुधार, सीमा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी तंत्र की मज़बूती और डिजिटल निगरानी व्यवस्था में उन्होंने उल्लेखनीय सुधार किए।
उनकी कार्यशैली दृढ़ता और सूझबूझ का सुंदर संगम है — जहाँ कठोर निर्णयों के साथ मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन भी दिखाई देता है।
उनके नेतृत्व में भारत ने सुरक्षा के साथ-साथ स्थायित्व की भावना को भी मज़बूती से महसूस किया है। उनके लिए राष्ट्र की सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है।
व्यक्तित्व : कर्मयोग, सादगी और अनुशासन का मेल
अमित शाह का व्यक्तित्व सादगी, अनुशासन और निरंतर कर्मशीलता से परिपूर्ण है। वे अपने प्रत्येक कार्य में दक्षता और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हैं। राजनीतिक व्यस्तता के बीच भी वे अध्ययनशील रहते हैं और नीति निर्माण में हर पहलू का गहन विश्लेषण करते हैं।
उनकी वाणी में दृढ़ विश्वास है, परंतु व्यवहार में सहजता। यही संतुलन उन्हें ‘लौहपुरुष’ की परंपरा का सच्चा वाहक बनाता है।
राष्ट्र की सुरक्षा और विकास के सेनानी
आज जब राष्ट्र उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएँ दे रहा है, तब यह कहना उचित होगा कि अमित शाह जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रहरी हैं।
उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है कि राजनीति में यदि उद्देश्य सेवा हो, और संकल्प राष्ट्रहित का, तो सफलता स्वयं रास्ता बना लेती है।
🕊️ “राष्ट्र की परम्परा” परिवार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
ईश्वर उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर राष्ट्रसेवा की शक्ति प्रदान करे।
🇮🇳 जय हिन्द, जय भारत! 🇮🇳
