Monday, July 6, 2026
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न्यूयॉर्क मेयर चुनाव से पहले गरमाई भारतीय राजनीति की गूंज

दिवाली पर ज़ोहरान ममदानी का विवादित बयान: बहुलतावाद की बात करते हुए फिर निशाने पर आए प्रधानमंत्री मोदी

न्यूयॉर्क (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) की सियासत में इन दिनों भारतीय मूल के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी सुर्खियों में हैं। दिवाली जैसे पवित्र पर्व के मौके पर जहां अधिकांश नेता हिंदू-अमेरिकी समुदाय को शुभकामनाएं देने में व्यस्त थे, वहीं ममदानी ने अपने संबोधन में एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर नई बहस छेड़ दी। उन्होंने कहा कि वे ऐसे भारत में पले-बढ़े हैं जहां बहुलवाद और सभी धर्मों का सम्मान जीवन का आधार था, जबकि वर्तमान नेतृत्व देश को “सीमित सोच वाले भारत” की ओर ले जा रहा है।
क्वींस क्षेत्र के कई मंदिरों में दिवाली दर्शन के दौरान ममदानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत की असली पहचान “विविधता और समावेश” में है। उन्होंने दोहराया कि उनकी आलोचना किसी धर्म या समुदाय की नहीं, बल्कि उस राजनीतिक दृष्टिकोण की है जो भारत को विभाजित करने की कोशिश करता है।

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उन्होंने हिंदू-अमेरिकी मतदाताओं से अपील की कि वे उनके विचारों से असहमति के बावजूद संवाद और सम्मान का रास्ता अपनाएं। “मैं न्यूयॉर्क का मेयर बनने की दौड़ में हूँ, जहाँ हर व्यक्ति की सुरक्षा और सम्मान मेरी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा।
हालांकि, ममदानी के इन बयानों ने फिर से विवाद को जन्म दिया है। पहले भी 2002 के गुजरात दंगों को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उनके बयानों को तथ्यहीन बताया था। न्यूयॉर्क के कई हिंदू संगठनों ने भी इसे “हिंदू-विरोधी रुख” करार दिया।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मेयर चुनाव से ठीक पहले दिया गया यह बयान ममदानी के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकता है — एक ओर उन्हें प्रगतिशील मतदाताओं का समर्थन मिल सकता है, वहीं भारतीय-अमेरिकी समुदाय में नाराज़गी भी गहरा सकती है।

यूपी में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर! 31 अक्तूबर तक 10 रोजगार मेले, देखें जिलेवार पूरी लिस्ट

उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के विभिन्न जिलों में अक्टूबर 2025 के अंत तक 10 रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। इन मेलों में इटावा, भदोही, मेरठ, एटा, बांदा, ललितपुर, खेरी और कौशांबी के युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे। मेलों में भाग लेने वाली निजी कंपनियां योग्य उम्मीदवारों का चयन मौके पर ही इंटरव्यू के जरिए करेंगी।

महत्वपूर्ण जानकारी:

रजिस्ट्रेशन: http://rojgaarsangam.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण

फीस: कोई शुल्क नहीं

पद: सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर, अकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कस्टमर सपोर्ट एसोसिएट और अन्य

जिलेवार रोजगार मेलों की सूची:

तिथिवैकेंसीजगहपता
24-25 अक्टूबर100इटावाजसवंतनगर इटावा
24 अक्टूबर300भदोही जिला रोजगार कार्यालय, ज्ञानपुर
25 अक्टूबर350मेरठ क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय, रोहटा ब्लॉक
27 अक्टूबर593एटाकल्याणी, पीजी कॉलेज मारहरा
28 अक्टूबर20बांदारामेश्वर प्रसाद प्रा. आईटीआई पचनेही
29 अक्टूबर674ललितपुरपहलवान गुरूदीन प्रशिक्षण महाविद्यालय, पनारी
29-30 अक्टूबर50खेरीपलिया खेरी
30 अक्टूबर500कौशांबीब्लॉक परिसर मुरातगंज
31 अक्टूबर250खेरीआईटीआई राजापुर, लखीमपुर खेरी
31 अक्टूबर350मेरठक्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, मेरठ

योग्यता और आयु सीमा:

योग्यता: 10वीं पास, ITI, 12वीं, ग्रेजुएट (फ्रेशर या अनुभवी)

आयु सीमा: 18-35 वर्ष (कुछ पदों पर 40 या 65 वर्ष तक)

सैलरी: पद और कंपनी के अनुसार

आवश्यक दस्तावेज:

10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, मूल निवास प्रमाण पत्र, वैध ईमेल आईडी

यूपी के युवाओं के लिए यह रोजगार मेल अवसरों की सुनहरी घड़ी साबित हो सकती है। उम्मीदवार सभी दस्तावेज तैयार करके निर्धारित तिथि पर पहुंचे।

IND vs AUS 2nd ODI: ऑस्ट्रेलिया ने बनाई रोहित-विराट को आउट करने की खास रणनीति, एडिलेड में भिड़ंत आज

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एडिलेड (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही वनडे सीरीज में अब नजरें एडिलेड पर टिक गई हैं। दूसरे वनडे मुकाबले में कंगारू टीम की पूरी योजना भारतीय दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली को जल्दी पवेलियन भेजने की है। दोनों दिग्गज बल्लेबाज साढ़े सात महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे हैं और पहले वनडे में फ्लॉप रहे थे। अब एडिलेड में उनके लिए यह मैच बेहद अहम होगा।

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का मानना है कि एडिलेड की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल है, लेकिन वे दोनों भारतीय बल्लेबाजों की पुरानी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। मैथ्यू शॉर्ट ने कहा कि “हम विराट कोहली की ऑफ स्टंप के बाहर स्विंग होती गेंदों पर कमजोरी को निशाना बनाएंगे, जैसा कि पर्थ में मिचेल स्टार्क ने किया था।”

विराट के लिए घर जैसा है एडिलेड ओवल
विराट कोहली का एडिलेड ओवल पर रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने यहां तीनों प्रारूपों में औसत 65 से अधिक के साथ 5 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं, जिनमें से दो वनडे में आए हैं। एडिलेड में विराट ने 18, 15, 107 और 104 रन की पारियां खेली हैं। बल्लेबाजों को रास आने वाली इस पिच पर कोहली आत्मविश्वास के साथ उतरेंगे।

रोहित शर्मा की तलाश पहले अर्धशतक की
रोहित शर्मा का एडिलेड ओवल पर प्रदर्शन अब तक सामान्य रहा है। उन्होंने इस मैदान पर वनडे में अब तक 1, 24, 33, 15, 15 और 43 रन की पारियां खेली हैं। वह इस बार अपने पहले अर्धशतक की तलाश में होंगे।

स्टार्क और हेजलवुड फिर बनाएंगे दबाव
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड दोनों भारतीय ओपनरों की कमजोरियों को भलीभांति जानते हैं। पर्थ में जहां हेजलवुड ने रोहित को बाउंसर पर फंसाया, वहीं स्टार्क ने विराट को ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर शून्य पर आउट किया था। अब एडिलेड में भी यही रणनीति दोहराई जा सकती है।


एडिलेड में होने वाला दूसरा वनडे रोहित और विराट के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। अगर दोनों बल्लेबाज फॉर्म में लौटते हैं तो भारत सीरीज में वापसी कर सकता है, वरना ऑस्ट्रेलिया एडिलेड में ही सीरीज अपने नाम कर लेगा।

दिवाली पर 62,000 टन बारूद जलाया गया! रूस-यूक्रेन जंग की तीन दिन की बमबारी के बराबर आतिशबाजी, प्रदूषण ने तोड़े सभी रिकॉर्ड


विश्व (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत में इस बार दिवाली पर पटाखों का धमाका सिर्फ आसमान में ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय आंकड़ों में भी गूंजा। पर्यावरण एजेंसी एनर्जी एंड क्लाइमेट इंटेलिजेंस यूनिट (ECIU) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुमानों के मुताबिक, दीपावली 2025 की रात देशभर में करीब 62,000 टन बारूदी सामग्री जलाई गई। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में 13% अधिक है।

आश्चर्यजनक रूप से, यह मात्रा रूस-यूक्रेन युद्ध की तीन दिन की बमबारी (72 घंटे) के बराबर बताई जा रही है। यानी सिर्फ एक रात की दिवाली में भारत ने जितना बारूद जलाया, वह युद्ध के एक दिन की पूरी बारूदी खपत से लगभग तीन गुना (295%) अधिक रहा।

यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने भारत के सांस्कृतिक उत्सव की तुलना एक वैश्विक युद्ध के बारूदी पैमाने से की है। ईसीआईयू, TERI, CSIR और NEERI के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई और जयपुर जैसे 12 प्रमुख शहरों में आतिशबाजी की मात्रा 61,500 से 63,000 टन के बीच रही।

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रासायनिक और पर्यावरणीय विश्लेषण
ईसीआईयू की रिपोर्ट के अनुसार, आतिशबाजी और युद्ध के विस्फोटों में रासायनिक रूप से काफी समानता है। दोनों से उच्च तापमान, धात्विक मिश्रण और जहरीली गैसों का उत्सर्जन होता है।

पटाखों का तापमान: 1,400°C

युद्धक बमों का तापमान: 2,800°C
दीपावली की रात लगभग 4.2 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में छोड़ी गई, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध से औसतन 1.9 लाख टन CO₂ प्रतिदिन उत्सर्जित होती है।

48 घंटे तक दमघोंटू हवा
नीरी के अनुसार, दिवाली के बाद हवा में मौजूद धुआं और सूक्ष्म कण (PM 2.5, PM 10, SO₂, NOx) 36 से 48 घंटे तक वातावरण में बने रहते हैं। दिल्ली, कानपुर और जयपुर जैसे शहरों में यह प्रभाव तीन दिन तक कायम रहा। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को सामान्य स्तर पर लौटने में कम से कम दो दिन लगते हैं।
दीपावली भले ही रोशनी का त्योहार है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस बार का उत्सव प्रदूषण और बारूद के रिकॉर्ड तोड़ गया। यह रिपोर्ट सांस्कृतिक आनंद और पर्यावरणीय विनाश के बीच की पतली रेखा को समझने की चेतावनी देती है।

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PNB को तीसरी तिमाही में 1,500 करोड़ की ट्रेजरी आय की उम्मीद

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टाटा मोटर्स ने त्योहारी सीजन में एक लाख से अधिक कारों की आपूर्ति की

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में करीब ₹1,500 करोड़ की ट्रेजरी आय की उम्मीद है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अशोक चंद्रा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में बैंक ने कुल ₹1,800 करोड़ की ट्रेजरी आय दर्ज की थी। बैंक को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में भी यह रफ्तार बनी रहेगी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सुधार देखने को मिलेगा।

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वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहिकल्स लिमिटेड ने नवरात्रि से दिवाली तक केवल 30 दिनों में एक लाख से अधिक यात्री वाहनों की आपूर्ति कर नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के एमडी एवं सीईओ शैलेश चंद्रा ने बताया कि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 33% अधिक है। त्योहारों के दौरान एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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पुलिस को बड़ी सफलता: ₹50,000 का इनामी बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, अवैध असलहा बरामद

बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध व अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत बलिया पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एसओजी टीम, थाना उभांव और थाना भीमपुरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ₹50,000 के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से अवैध असलहा, कारतूस और लूट की वस्तुएं बरामद की गई हैं।

एसपी ओमवीर सिंह ने पुलिस टीम की इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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कैसे पलटी श्रद्धालुओं से भरी बस? पीलीभीत हादसे में युवती की मौत, 20 घायल — जानिए पूरी कहानी!

पीलीभीत (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तराखंड के नानकमत्ता और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस बुधवार तड़के पीलीभीत जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र में बरेली-हरिद्वार हाईवे पर पलट गई। हादसा सुबह करीब 3:20 बजे गांव निसरा और सरदार नगर के बीच हुआ। इस हादसे में बरेली निवासी 18 वर्षीय दुर्गा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, बस में करीब 60 श्रद्धालु सवार थे। अचानक बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे खाई में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार गूंज उठी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस और बचाव दल ने पहुंचकर घायलों को बस से बाहर निकाला।

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घायलों में बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र के नन्हे पुत्र सोहनलाल, रमेश, अर्जुन, मनोज, प्रीति, वरुण, गीता, अनीता, विशाल, दिनेश, जमुना, ऋतिक समेत कई श्रद्धालु शामिल हैं। सभी घायलों को पहले जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल सात श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
सीओ सदर आईपीएस नताशा गोयल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाद में अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।

हादसे के बाद बरेली-हरिद्वार हाईवे पर एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य कराया।

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स्वतंत्रता की दौड़ में खो गए संस्कार: जब चार मीठे बोल ने मां-बाप के अरमानों को जला डाला

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✍️ राजकुमार मणि त्रिपाठी

आज हम उस मोड़ पर आ खड़े हुए हैं, जहां “स्वतंत्रता” का अर्थ आज़ादी नहीं, बल्कि “बेखौफ स्वार्थ” बन गया है। कभी यही स्वतंत्रता हमें उड़ने की प्रेरणा देती थी — कुछ बनने, कुछ करने, अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने की ताकत देती थी। लेकिन आज, वही स्वतंत्रता एक ऐसी दौड़ बन गई है, जिसमें दिशा खो गई है, संस्कार धुंधले हो गए हैं और मानवीय भावनाएँ कहीं पीछे छूट गई हैं।
कभी हम स्कूल जाते समय अपने बस्ते में सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि पूरे परिवार के अरमान लेकर चलते थे। मां की उम्मीदें, पिता की मेहनत, भाई-बहन की खुशियाँ — सब उस छोटे से बस्ते में समा जाते थे। हमारी हर सफलता में उनका आशीर्वाद झलकता था। लेकिन आज, समय की तेज़ रफ्तार और दिखावे की दुनिया ने रिश्तों की गहराई को सतही बना दिया है।
आज का युवा अपने मन की “आजादी” के नाम पर माता-पिता के अनुभव और संस्कारों को पुराना समझ बैठा है। चार मीठे बोल, कुछ झूठे वादे, और सोशल मीडिया की चमक-दमक ने उसे उस राह पर ला खड़ा किया है, जहाँ सच्चे रिश्तों की जगह अस्थायी भावनाओं ने ले ली है। प्यार के नाम पर लोग अपने भविष्य, परिवार और आत्म-सम्मान तक को दांव पर लगा देते हैं।
कई बार देखा जाता है कि प्रेम या झूठी आज़ादी के नशे में युवा अपने मां-बाप के अरमानों को कुचलकर आगे बढ़ जाते हैं। जब होश आता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है — ज़िंदगी राख बन चुकी होती है, और मन में बस पछतावा रह जाता है।
❤️ मां-बाप के अरमानों को कैसे संवारें: सुझाव

  1. संवाद बनाए रखें:
    मां-बाप से बात करें, अपनी सोच और निर्णयों को साझा करें। उनकी सलाह में अनुभव का सार होता है।
  2. संस्कारों को ताकत बनाएं:
    स्वतंत्रता का अर्थ अनुशासनहीनता नहीं है। अपने संस्कारों को अपने सपनों की नींव बनाइए, बेड़ियाँ नहीं।
  3. भावनाओं को समझें, सिर्फ महसूस न करें:
    प्यार की मिठास तभी स्थायी होती है जब उसमें जिम्मेदारी और ईमानदारी हो। भावनाओं के बहाव में गलत कदम न उठाएँ।
  4. परिवार को प्राथमिकता दें:
    जो लोग आज आपके साथ खड़े हैं — वही असली अपने हैं। प्रेम जीवन का हिस्सा हो सकता है, पर परिवार जीवन का आधार है।
  5. स्वतंत्रता का सही अर्थ समझें:
    सच्ची स्वतंत्रता वही है जो आपको औरों के सपनों का सम्मान करना सिखाए, न कि उन्हें तोड़कर खुद के लिए रास्ता बनाए।
    🌸 आज हमें यह सोचना होगा कि “स्वतंत्रता” की परिभाषा आखिर कब और कैसे इतनी स्वार्थी हो गई? क्या वाकई आज हम स्वतंत्र हैं, या केवल अपनी भावनाओं और इच्छाओं के गुलाम बन चुके हैं?
    मां-बाप का सपना हमारी ज़िम्मेदारी है, उनका विश्वास हमारी ताकत है। अगर हम इस विश्वास को सहेज पाए, तो यही सच्ची स्वतंत्रता होगी — जिसमें प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी तीनों साथ चलते हैं।

पूर्व विधायक सोमरू राम सरोज का निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

जौनपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की राजनीति में सादगी, जनसेवा और ईमानदारी के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सोमरू राम सरोज (85) का मंगलवार शाम लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मिल रही जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक पिछले चार महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। 28 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र संजय सरोज ने बताया कि “पिताजी चार माह से बीमार थे, डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद आज शाम उन्होंने हमें सदा के लिए छोड़ दिया।”
देर रात तक उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पतौरा पहुंचाया जाएगा। बुधवार सुबह 10 बजे सिंहौली घाट, गोमती नदी तट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पूर्व विधायक स्व. सोमरू राम सरोज ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत ग्राम और ब्लॉक स्तर से की थी। वर्ष 1983 में वे मुफ्तीगंज ब्लॉक प्रमुख बने। इसके बाद 1991 और 2002 में केराकत विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में विधायक चुने गए।
उनके निधन की खबर सुनते ही जिलेभर के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी स्तब्ध रह गए। सभी ने कहा कि सोमरू राम सरोज के रूप में जिले ने एक सच्चे, सरल और जनसमर्पित नेता को खो दिया है, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

🌟 22 अक्टूबर 2025 का अंकज्योतिष: जानिए मूलांक 1 से 9 वालों का आज का भाग्यफल


अंकशास्त्र केवल एक गणितीय रहस्य नहीं, बल्कि हमारे जीवन की गहराइयों को उजागर करने वाला एक वैदिक विज्ञान है। यह आपके जन्मतारीख के अंकों के माध्यम से आपके स्वभाव, भाग्य और दिन के परिणामों को दर्शाता है। आइए जानते हैं — 22 अक्टूबर का दिन आपके लिए क्या संदेश लाया है?


🔢 मूलांक कैसे निकालें?
यदि आपका जन्म किसी महीने की 24 तारीख को हुआ है तो 2+4 = 6, यानी आपका मूलांक 6 हुआ।
अगर आपकी जन्मतिथि 5, 8 या 9 है, तो वही आपका मूलांक रहेगा।
मूलांक हमेशा 1 से 9 के बीच होते हैं और इनसे ही आपके जीवन की दिशा का अनुमान लगाया जाता है।


🌞 आज का अंकज्योतिष: 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार)


🌟 मूलांक 1 (सूर्य अंक)
आपका दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिकाएँ मिल सकती हैं।
लाभ: पदोन्नति या सराहना के संकेत।
सुझाव: आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, अहंकार से बचें।
💫 मूलांक 2 (चंद्र अंक)
रिश्तों में मिठास और सहयोग बना रहेगा। परिवार में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
लाभ: भावनात्मक स्थिरता और मित्रों से सहयोग।
सावधानी: विवादों से दूर रहें, खर्चों पर नियंत्रण रखें।
🎨 मूलांक 3 (गुरु अंक)
रचनात्मकता और नए विचारों का दिन। सामाजिक पहचान बढ़ेगी।
लाभ: आर्थिक लाभ और मान-सम्मान।
सावधानी: मानसिक थकान से बचें, अधिक जिम्मेदारियाँ न लें।
⚙️ मूलांक 4 (राहु अंक)
मेहनत रंग लाएगी। काम में स्थिरता बनी रहेगी।
लाभ: कार्यक्षेत्र में सफलता।
सावधानी: निवेश सोच-समझकर करें।
🌍 मूलांक 5 (बुध अंक)
आज नए अवसर और यात्राओं के संकेत हैं।
लाभ: करियर में बदलाव के योग।
सावधानी: जल्दबाजी में निर्णय न लें, खानपान पर ध्यान दें।
❤️ मूलांक 6 (शुक्र अंक)
घर-परिवार के कार्यों में व्यस्त रहेंगे।
लाभ: प्रेम और पारिवारिक सुख।
सावधानी: अत्यधिक जिम्मेदारियों से खुद को थकाएँ नहीं।
🕉️ मूलांक 7 (केतु अंक)
आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभ है। ध्यान-योग से लाभ होगा।
लाभ: मन की शांति और कार्य में सफलता।
सावधानी: आर्थिक मामलों में संयम रखें, नींद पूरी लें।
💼 मूलांक 8 (शनि अंक)
आपके प्रयासों का श्रेष्ठ परिणाम मिलेगा।
लाभ: धन लाभ और कार्यसिद्धि।
सावधानी: तनाव से बचें और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें।
🔥 मूलांक 9 (मंगल अंक)
आज दूसरों की मदद करने से आपको संतोष और प्रतिष्ठा मिलेगी।
लाभ: सामाजिक क्षेत्र में सफलता।
सावधानी: गुस्से और जल्दबाजी से बचें।


🪔 आज का सारांश
👉 22 अक्टूबर 2025 का दिन आध्यात्मिक संतुलन और कर्मप्रधानता का संदेश दे रहा है।
जो व्यक्ति सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखेंगे, उनके लिए आज का दिन सफलता और संतोष लेकर आएगा।

🌞✨ छठ पूजा 2025: सूर्यदेव की उपासना का दिव्य पर्व, जीवन में प्रकाश और ऊर्जा का संगम


प्रस्तुति: पंडित जय प्रकाश पाण्डेय


छठ पूजा भारतीय संस्कृति का वह पवित्र पर्व है जो तप, श्रद्धा और सूर्यदेव की आराधना का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। यह पर्व प्रकृति, जल, वायु और सूर्य जैसे पंचतत्वों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है। छठ महापर्व इस वर्ष 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैज्ञानिक और ज्योतिषीय रूप से भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।


🌅 छठ पूजा का महत्व: सूर्यदेव की आराधना और ऊर्जा का प्रतीक
छठ पूजा एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें उगते और डूबते सूर्य दोनों की पूजा की जाती है। यह परंपरा दर्शाती है कि जीवन में उत्थान और पतन दोनों ही समान रूप से पूजनीय हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, डूबते सूर्य को अर्घ्य देना उस शक्ति का सम्मान है जिसने पूरे दिन जीवन को ऊर्जा दी, वहीं उगते सूर्य को अर्घ्य देना नए आरंभ, प्रकाश और सकारात्मकता का प्रतीक है।
सूर्यदेव को पुरुषार्थ और जीवनशक्ति का प्रतीक माना गया है। इनकी उपासना से व्यक्ति को संतान प्राप्ति, दीर्घायु, स्वास्थ्य और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। छठ पूजा के माध्यम से मां छठी से संतान की रक्षा और जीवन में स्थिरता की कामना की जाती है।


🌼 छठ पर्व की विशेषताएं और नियम
छठ पूजा को सबसे कठिन व्रत इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें अत्यंत शुद्धता और नियमों का पालन आवश्यक होता है।
मुख्य नियम इस प्रकार हैं:
काले रंग का उपयोग वर्जित है, क्योंकि यह राहु-शनि का प्रतीक माना गया है।
तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन) वर्जित होता है।
व्रत रखने वाले नमक, तेल और मांसाहार का सेवन नहीं करते।
छठ व्रती ढलते सूर्य के बाद पूजा नहीं करते, और सूर्योदय से पहले अंधेरे में पूजा भी नहीं होती।
छठ पर्व में पीले या केसरिया वस्त्र धारण करने का विशेष महत्व है, जो सूर्यदेव की आभा का प्रतीक है।
इस पर्व में उपयोग होने वाला ठेकुआ अत्यंत पवित्र प्रसाद है। इसे गुड़ से बनाया जाता है, क्योंकि गुड़ सूर्यदेव का प्रिय तत्व माना गया है। इसके साथ गन्ना, नारियल, केला, सेब, अमरूद, अदरक और सूप में रखे अन्य फल भी मां छठी को अर्पित किए जाते हैं।


☀️ ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य उपासना का महत्व
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रह पिता, आत्मबल, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो, तो उसके जीवन में आत्मविश्वास की कमी, प्रतिष्ठा में हानि और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिलती हैं।
छठ पूजा में सूर्यदेव की उपासना से ऐसे दोष शांत होते हैं। विशेषकर जिन लोगों की कुंडली में सूर्य पीड़ित या अस्त स्थिति में हों, उनके लिए यह पर्व अत्यंत शुभकारी सिद्ध होता है।
इसके अलावा, संतान दोष या संतान सुख में बाधा होने पर भी छठी मैया की उपासना लाभदायक मानी जाती है।


🌻 छठ पूजा का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश
छठ महापर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह शुद्धता, अनुशासन और आत्मसंयम का प्रतीक है। इस पर्व में महिलाएं और पुरुष दोनों समान रूप से व्रत करते हैं। यह पर्व समाज में समानता और सामूहिकता का संदेश देता है।
घाटों पर एक साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का दृश्य भारतीय संस्कृति की सबसे सुंदर छवि है — जहाँ आस्था और प्रकृति एकाकार होते हैं।
छठ पूजा हमें यह भी सिखाती है कि हर अंधकार के बाद प्रकाश आता है, हर संघर्ष के बाद सफलता मिलती है, और हर विनम्रता के बाद आशीर्वाद।


🌞 छठ पूजा भारतीय संस्कृति का वह अनमोल अध्याय है जो सूर्यदेव के प्रकाश से जीवन में ऊर्जा और आत्मबल का संचार करता है। यह पर्व केवल व्रत नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सकारात्मक प्रेरणा है — कठिन तप, संयम और विश्वास का उत्सव।
“जब मन, तन और आत्मा एक होकर सूर्य की ओर झुकते हैं, तब छठ का प्रकाश जीवन में अमर ज्योति बन जाता है।”

🌟 22 अक्टूबर 2025 राशिफल: गोवर्धन पूजा पर किसे मिलेगा सौभाग्य का आशीर्वाद? जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

  • पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा

🪔 आज का पंचांग व ज्योतिषीय स्थिति
22 अक्टूबर 2025, बुधवार — कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि। आज गोवर्धन पूजा का पावन पर्व मनाया जा रहा है।
चंद्रमा अपनी सम राशि तुला में विराजमान हैं, जिससे जीवन में संतुलन, साझेदारी और सौंदर्य की ऊर्जा बढ़ेगी।
यह दिन व्यवसाय, कला, राजनीति और प्रशासनिक क्षेत्र के लिए विशेष प्रभावकारी रहेगा।


मेष राशि (Aries) — (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

कार्य क्षेत्र: नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के लिए शुभ समय है। सहकर्मी आपके प्रयासों की सराहना करेंगे।
शिक्षा: छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग।
कला/संगीत: रचनात्मक कार्यों में निखार आएगा।
राजनीति/प्रशासन: वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग, निवेश लाभदायक रहेगा।
शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 3
देव पूजन: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।


♉ वृषभ राशि (Taurus) — (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
कार्य क्षेत्र: कार्य में अनुशासन बनाकर रखें, विरोधियों से सावधान रहें।
शिक्षा: पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा।
कला: संगीत और डिज़ाइन क्षेत्र में उन्नति।
राजनीति: विरोधी सक्रिय, संयम से काम लें।
आर्थिक स्थिति: स्थिर रहेगी, खर्च नियंत्रित करें।
शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 6
देव पूजन: गाय को हरा चारा खिलाएं।


♊ मिथुन राशि (Gemini) — (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
कार्य क्षेत्र: नई योजनाओं पर कार्य करें, सफलता सुनिश्चित है।
शिक्षा: छात्र एकाग्रता से लाभ पाएंगे।
कला: कलाकारों को प्रसिद्धि मिलेगी।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: अचानक लाभ के योग।
शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5
देव पूजन: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।


♋ कर्क राशि (Cancer) — (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कार्य क्षेत्र: प्रॉपर्टी या गृह निर्माण के कार्य में सफलता।
शिक्षा: अध्ययन में रुचि बढ़ेगी।
कला: फिल्म, मीडिया व फोटोग्राफी से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी दिन।
राजनीति: समर्थन बढ़ेगा, परिवार सहयोगी रहेगा।
आर्थिक स्थिति: घरेलू सुख-सुविधा में वृद्धि।
शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 2
देव पूजन: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।


♌ सिंह राशि (Leo) — (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
कार्य क्षेत्र: उत्साह के साथ लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में सफलता।
कला: मीडिया व लेखन क्षेत्र में यश मिलेगा।
राजनीति: भाषण व संचार कौशल से पहचान बनेगी।
आर्थिक स्थिति: यात्रा से लाभ।
शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 1
देव पूजन: सूर्य देव को अर्घ्य दें।


♍ कन्या राशि (Virgo) — (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्य क्षेत्र: धन आगमन के योग, लेकिन खर्च नियंत्रित रखें।
शिक्षा: बुद्धि से कार्य करेंगे तो लाभ होगा।
कला: क्रिएटिविटी में सुधार।
राजनीति: बोलचाल में संयम रखें।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 7
देव पूजन: गौशाला में दान करें।


♎ तुला राशि (Libra) — (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
कार्य क्षेत्र: आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय।
कला: सौंदर्य और फैशन क्षेत्र में उन्नति।
राजनीति: प्रतिष्ठा में वृद्धि।
आर्थिक स्थिति: लाभ के अवसर।
शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 9
देव पूजन: छोटी कन्याओं को मिठाई खिलाएं।


♏ वृश्चिक राशि (Scorpio) — (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
कार्य क्षेत्र: गुप्त रूप से योजनाएँ सफल होंगी।
शिक्षा: शोध या रहस्यमय विषयों में रुचि।
कला: गंभीर विषयों पर काम में सफलता।
राजनीति: रणनीति से विजय।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ेंगे, निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 8
देव पूजन: हनुमान चालीसा का पाठ करें।


♐ धनु राशि (Sagittarius) — (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
कार्य क्षेत्र: आय में वृद्धि, नए कॉन्टैक्ट लाभ देंगे।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में सफलता।
कला: फिल्म, थिएटर या सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रसिद्धि।
राजनीति: सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 4
देव पूजन: केले के वृक्ष की पूजा करें।


♑ मकर राशि (Capricorn) — (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
कार्य क्षेत्र: पदोन्नति व सफलता के संकेत।
शिक्षा: लक्ष्य प्राप्ति में गुरु का सहयोग।
कला: जिम्मेदारी के साथ प्रोजेक्ट पूरे होंगे।
राजनीति: नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: स्थायी लाभ।
शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 8
देव पूजन: शनि मंत्र का जाप करें।


♒ कुंभ राशि (Aquarius) — (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्य क्षेत्र: भाग्य साथ देगा, रुके कार्य पूर्ण होंगे।
शिक्षा: विदेश अध्ययन में सफलता।
कला: प्रेरणादायक दिन, नई दिशा मिलेगी।
राजनीति: यात्रा व प्रचार कार्य से लाभ।
आर्थिक स्थिति: शुभ समाचार मिलेंगे।
शुभ रंग: जामुनी शुभ अंक: 5
देव पूजन: पक्षियों को दाना डालें।


♓ मीन राशि (Pisces) — (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्य क्षेत्र: अचानक प्रगति, पर गुप्त बातों को साझा न करें।
शिक्षा: मन एकाग्र रखने की जरूरत।
कला: कल्पनाशील कार्यों में सफलता।
राजनीति: संयम से काम लें।
आर्थिक स्थिति: पैतृक संपत्ति से लाभ।
शुभ रंग: गोल्डन शुभ अंक: 2
देव पूजन: माथे पर केसर का तिलक लगाएं।


🌼 शुभ मुहूर्त व राहुकाल
शुभ मुहूर्त: प्रातःकाल सूर्य पूजन सर्वोत्तम।
राहुकाल: दोपहर 12:05 से 01:29 तक (इस समय शुभ कार्य न करें)।

वन माफियाओं के हौसले बुलंद जंगल से गिराट पेड़ों की कटाई जारी जिम्मेदार बेखबर

जगपुर बीट में अवैध कटान जोरों पर सैकड़ों गिराट पेड़ों पर चला आरों का कहर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाले पकड़ी वन रेंज के जगपुर बीट में इन दिनों अवैध कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के अंदर स्थित दर्जनों स्थानों पर गिराट प्रजाति के पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित वनकर्मियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है ।
सूत्रों के अनुसार जगपुर बीट के विभिन्न हिस्सों में गिराट पेड़ों को माफियाओं द्वारा काटा जा चुका है। यही नहीं, कटान के बाद लकड़ियों को देर रात माफिया अपने संसाधनों के जरिए बाहर भेजने की भी सूचना मिल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर कभी-कभार तो पहुंचती है, परंतु कार्रवाई का परिणाम शून्य दिखाई देता है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने की बात तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की लापरवाही या मिली-भगत के बिना संभव नहीं है। यदि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सचेत रहते तो इतनी बड़ी संख्या में गिराट पेड़ों की कटान संभव ही नहीं होती।वहीं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जगपुर बीट में जारी इस अवैध कटान माफिया नेटवर्क पर शीघ्र रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों तथा माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस संदर्भ में जब प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सर्वे से बात की गई तो उन्होंने कहा मामले की जानकारी नहीं मिली है। जगपुर बीट में कटान की सूचना पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में कटान रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

महराजगंज महोत्सव को लेकर प्रशासन सतर्क, उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी सदर ने किया यातायात व्यवस्था का निरीक्षण

भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आगामी महराजगंज महोत्सव के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपजिलाधिकारी सदर एवं क्षेत्राधिकारी सदर ने यातायात पुलिस के साथ नगर क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पार्किंग स्थलों, डायवर्जन पॉइंट्स और मुख्य मार्गों का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर ने कहा कि महोत्सव के दौरान नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों का आगमन अपेक्षित है। ऐसे में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित और नियंत्रित रखना आवश्यक है, ताकि कहीं भी वाहनों का अनावश्यक जमावड़ा या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यातायात पुलिस को निर्देशित किया कि सभी पार्किंग स्थलों पर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं और पार्किंग कर्मियों को तैनात किया जाए।
क्षेत्राधिकारी सदर ने डायवर्जन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों की पहचान व चिन्हांकन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महोत्सव स्थल के आस-पास साइनेज बोर्ड, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक वार्डन और होमगार्ड्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिक किसी असुविधा का सामना न करें।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य न केवल महोत्सव को भव्य और व्यवस्थित बनाना है, बल्कि जनसुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देना है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की पूर्व तैयारी से महोत्सव में आने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

धान की फसल में लगी आग 20 कुंतल धान जलकर हुई राख

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)जैतीपुर थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के ग्राम जरगवां में रविवार की देर रात खेत पर इकट्ठी धान की फसल में आग लग गई,जिससे करीब 20 कुंतल धान जलकर राख हो गया ।खेत मालिक नें रंजिशन फसल में आग लगाने का आरोप लगाकर थाने में प्रार्थना पत्र दिया है।गढ़िया रंगीन के रिंकू ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसनें गांव जरगवां स्थित खेत में धान की फसल काटकर इकट्ठी की थी, रविवार की शाम खाना खानें घर आया तो पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही निरभान व गौतम ने पेट्रोल डालकर फसल में आग लगा दी।जिससे 20 कुंतल धान जलकर राख हो गया । उसने बताया कि मौके पर जब बटाईदार नें आग लगाने का कारण पूछा तो गाली गलौज कर झगड़े पर अमादा हो गए।तमंचा दिखाते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।