सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l चकखान गांव में बुधवार को बकरी के बच्चे को लेकर हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में कोहराम मच गया। 50 वर्षीय बेबी देवी पत्नी नेतान के घर में दूसरे पक्ष की बकरी का बच्चा घुस गया और वहां रखा भोजन जूठा कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान विपक्षी पक्ष ने बेबी देवी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं ग्रामीणों की मदद से घायल बेबी देवी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर लाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के पीछे तीन बेटियां और चार बेटे हैं, जो रो-रोकर बेहाल हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक नरेश मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है, लेकिन दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से मिलेगा स्वरोजगार का सुनहरा अवसर
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष की आयु के पात्र महिला एवं पुरुष लाभार्थियों को अपने ही गाँव में ग्रामोद्योग स्थापित करने हेतु स्थानीय बैंकों के माध्यम से ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। विशेष बात यह है कि स्वीकृत ऋण पर 5 वर्षों तक ब्याज की धनराशि विभाग द्वारा अनुदान स्वरूप दी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी योजना की वेबसाइट https://cmegp.data-center.co.in पर आवश्यक अभिलेखों—निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परियोजना रिपोर्ट, फोटो, अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र सहित—ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।ऑनलाइन आवेदन की प्रति जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। विभाग द्वारा स्कोरिंग के आधार पर सत्यापन के बाद आवेदन संबंधित बैंक शाखाओं को ऋण स्वीकृति हेतु भेजे जाएंगे। यह योजना ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति ने जिला अधिकारी को सौपा ज्ञापन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर महादेव झारखंडी प्लांट एवं आवास बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में एक प्रतिनिधि मंडल रामगढ़ ताल के किनारे 50 मीटर के दायरे में, सीमांकन कर पिलर लगाकर संरक्षित करने संबंधी आदेश के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मांग किया कि जो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के द्वारा सड़क निर्माण किया जा रहा है, उसमें ग्राम रामगढ़ ताल एवं महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक राजस्व ग्राम के काश्तकारों को सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए तथा 15 मीटर के बाद 50 मी 90 मी मे जिलाधिकारी के द्वारा जो पेपर में प्रकाशित कराया गया था इसको बैरिकेडिंग किया जाएगा इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए । समिति के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि
हम, मोहद्दीपुर, पड़हा महादेव, झारखंडी (टुकड़ा संख्या-1) एवं ताल रामगढ़ रेवेन्यू विलेज के निवासी, इस क्षेत्र के मकान स्वामी एवं काश्तकार हैं।
हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से यह ज्ञात हुआ है कि आपके आदेशानुसार रामगढ़ ताल के किनारे 50 मीटर के दायरे में सीमांकन कर पिलर लगाने का कार्य गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) को सौंपा गया है, जिसके लिए बजट स्वीकृति एवं कार्यदायी संस्था का चयन भी किया जा रहा है।
हम यह निवेदन करना चाहते हैं कि उक्त भूमि हमारी निजी संपत्ति है, और बिना विधिवत अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान के किसी भी प्रकार का सीमांकन अथवा पिलर निर्माण पूर्णतः अनुचित एवं अवैध होगा। पुर्व पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि
राज्यपाल द्वारा दिसंबर 2020 में जारी अधिसूचना में उल्लिखित वेटलैंड सीमा के अंतर्गत हमारी भूमि नहीं आती है। सन् 2009 में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा ताल के किनारे बांध एवं बोल्डर पिचिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जब ताल की सीमा उस समय निर्धारित हो गई थी, तो उसके बाहर स्थित भूमि को वेटलैंड प्रभावित क्षेत्र बताना तथ्यात्मक रूप से असंगत है।
इसके अतिरिक्त, चाहे भूमि वेटलैंड क्षेत्र, ग्रीनलैंड या पार्क के रूप में वर्गीकृत की गई हो, उसकी स्वामित्व अधिकारिता हमारे नाम दर्ज है। अतः गोरखपुर विकास प्राधिकरण को बिना अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण किए पिलर लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।यह भी उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में प्रभावित लोगों में अनेक विधवाएं, सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक, तथा शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के परिवार शामिल हैं, जो अपनी इस भूमि पर भावनात्मक एवं आर्थिक रूप से निर्भर हैं। ऐसे लोगों के लिए यह भूमि न केवल जीवनयापन का साधन है, बल्कि उनकी आजीविका, सुरक्षा और आत्मसम्मान से जुड़ी हुई है। अतः बिना उचित मुआवजे के उनकी भूमि पर कोई कार्रवाई करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत होगा।
विगत वर्षों में विकास के नाम पर गोरखपुर शहर में अनेक नागरिकों की भूमि एवं मकान प्रभावित हुए हैं, परंतु अभी तक अधिकांश को उचित मुआवजा नहीं मिला है। जैसे
विरासत गलियारा” परियोजना,
मोहद्दीपुर मार्ग निर्माण,
आर.के.बी.के. से सहारा मार्ग तक की सड़क परियोजना,
इन सभी में काश्तकारों की भूमि का उपयोग हुआ, किंतु मुआवजा अब तक प्रदान नहीं किया गया।
वहीं दूसरी ओर, 2020 की अधिसूचना के बाद भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा स्वयं ताल क्षेत्र में निर्माण कार्य कराए गए, जैसे मोहद्दीपुर की दिशा में ताल के भीतर सड़क निर्माण,झारखंडी टुकड़ा संख्या-1 एवं ताल रामगढ़ में सड़क निर्माण,निजी बिल्डरों (पाम पैराडाइज, लोहिया एन्क्लेव, K.K. कंस्ट्रक्शन) द्वारा आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजनाएं,
तथा नवलपुरवा क्षेत्र में ताल के अंदर जेट्टी निर्माण।
ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जब सरकारी व निजी निर्माण कार्य ताल क्षेत्र में निरंतर चल रहे हैं, तो केवल आम नागरिकों की भूमि को ही वेटलैंड संरक्षण के नाम पर क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
अतः हम समस्त भूमि स्वामी एवं निवासी यह स्पष्ट घोषणा करते हैं कि जब तक हमारी भूमि का विधिवत अधिग्रहण कर मुआवजा प्रदान नहीं किया जाता,
हम किसी भी प्रकार की पैमाइश, सीमांकन अथवा पिलर निर्माण कार्यवाही का कड़ा विरोध करेंगे और जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से बृजपाल सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अंजलि चंद, विशाल चंद, दुर्गेश दुबे, मैनेजर सिंह, विक्रम सिंह, विनोद यादव, राजेंद्र पाठक , विजय यादव, अरविंद राय ,राधेश्याम सिंह,समेत कई लोग मौजूद थे।
मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक
मऊ ( राष्ट्र की परम्परा)। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ श्वेता त्रिपाठी के निर्देशानुसार मिशन शक्ति फेज 5.0 के विशेष जागरूकता अभियान के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग मऊ से हब फॉर इम्पॉवरमेंट ऑफ वुमेन की टीम द्वारा विकास खंड परदहा के अन्तर्गत पिपरीडीह ग्रामसभा मे जागरूकता चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें घरेलु हिंसा एवं दहेज उन्मूलन विषय पर चर्चा करते हुये महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं यथा निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्प लाइन,मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई,साथ ही सभी हेल्प लाइन नंबर जैसे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076, महिला पावर हेल्पलाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की हब फार इम्पावरमेंट आफ वूमेन टीम से डिस्ट्रिक मिशन कोआर्डिनेटर श्रीमती अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती राखी राय, श्रीमती तृप्ति राय, शाहबाज अली, पंचायत सहायिका, आशा बहन तथा ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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निपुण भारत मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए सख्त निर्देश
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, शिक्षा विभाग को तेज गति से कार्य पूर्ण करने के निर्देश
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने मिशन के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में किए जा रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग शौचालय निर्माण में अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने विकासखंड वार जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने डीबीटी, शिक्षक उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, किचन गार्डन, बाउंड्री वाल, विद्युत कनेक्शन तथा मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की।
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उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विकासखंडों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां के खंड शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह बनाया जाए और कार्य में तेजी लाने के ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालयों में कायाकल्प और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऋद्धि पांडेय, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी तथा संबन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
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सिवानकला में बुजुर्ग दादी दर-दर भटक रही अपने पौत्र को पाने के लिए, पुलिस से लगाई गुहार
बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बलिया जनपद के सिवानकला गांव में एक बुजुर्ग महिला अपने पांच वर्षीय पौत्र की तलाश में दर-दर भटक रही हैं। शाहजहांपुर जिले के खेड़ाबजेड़ा गांव निवासी सुरजावती देवी, पत्नी स्व. रामचंद्र ने सिकंदरपुर थाने में तहरीर देकर अपने पौत्र की वापसी और सुरक्षा की मांग की है।
सुरजावती देवी ने बताया कि उनके पुत्र वीरेंद्र कुमार की शादी सात वर्ष पूर्व सिवानकला निवासी शिवजी राजभर की पुत्री गुड़िया से हुई थी। वर्ष 2023 में वीरेंद्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद गुड़िया ने बिना सूचना के दूसरा विवाह कर लिया। वीरेंद्र और गुड़िया का एक पुत्र राज है, जिसकी उम्र करीब पांच वर्ष है।
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सुरजावती का कहना है कि वह कई बार शाहजहांपुर से सिवानकला आकर अपने पौत्र को लेने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन हर बार गुड़िया के परिजन उन्हें अपमानित कर भगा देते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। बुधवार को भी जब वह बच्चे को लेने पहुंचीं, तो परिजनों ने बच्चे को छिपा दिया और उन्हें घर से निकाल दिया।
अब यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग महिला की पीड़ा को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में जल्द न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए।
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देवकली देवलास मेले में तीसरे दिन उमड़ी भारी भीड़, विक्रमादित्य की प्राचीन चौखट की हुई पूजा
मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के देवकली देवलास में छठ पर्व से प्रारंभ हुए साप्ताहिक मेले में तीसरे दिन श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेले में दूर-दूर से आए लोगों ने तरह-तरह के सजे हुए दुकानों से जमकर खरीदारी की।
महिलाओं की सबसे अधिक भीड़ मीना बाजार, लेडिस चूड़ी, खिलौने और जर्नल स्टोर की दुकानों पर देखी गई, वहीं बच्चों के लिए लगा मौत का कुआं और बड़ी चकरी विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। मेले में लोगों ने स्थानीय व्यंजन खजुरा का खूब आनंद लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
मेले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जगह-जगह महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। क्षेत्राधिकारी शीतला प्रसाद पांडेय व कोतवाल कमलकांत वर्मा स्वयं पुलिस बल के साथ मेले में भ्रमण करते रहे और मनबढ़ तत्वों को सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा कि “मेले में किसी प्रकार की शरारत या उत्पात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
विक्रमादित्य की प्राचीन चौखट की पूजा
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने देवकली देवलास में विक्रमादित्य द्वारा स्थापित प्राचीन चौखट की पूजा-अर्चना बड़े ही श्रद्धाभाव से की। यह चौखट हनुमान मंदिर के सामने स्थित है और राजा विक्रमादित्य द्वारा निर्मित सूर्य मंदिर के पास स्थित सिद्धपीठ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
जनश्रुति के अनुसार, सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय ने यहां एक सैन्यगढ़ी का निर्माण कराया था, और यह चौखट उसी काल की ऐतिहासिक धरोहर है। इस कारण देवलास क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है।
आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु मेले में शामिल होकर परंपरागत देवलास मेले का आनंद लेते नजर आए।
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🛰️ बारिश में भी नहीं थमा उत्साह! तीसरे दिन 13 लॉन्च के साथ गूंजा आसमान — इन–स्पेस कंपटीशन में छात्रों की उड़ान ने जीता सबका दिल
🌧️ “मौसम ने रोका नहीं, उड़ानों ने लिखा नया इतिहास” — कुशीनगर की धरती पर चमकी युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा, आज आएंगे इन–स्पेस चेयरमैन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।बादलों से घिरे आसमान और रिमझिम बारिश के बीच बुधवार का दिन देवरिया–कुशीनगर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक रहा। इन–स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंपटीशन 2024–25 के तीसरे दिन छात्रों ने 13 सफल लॉन्च कर दिखाए — जिनमें 8 मॉडल रॉकेट और 5 कैनसैट उपग्रह शामिल रहे। मौसम की बाधाओं के बावजूद छात्रों के हौसले और तकनीकी कौशल ने हर किसी को अचंभित कर दिया।
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इन–स्पेस के डायरेक्टर डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि “मॉडल रॉकेट करीब एक किलोमीटर तक उड़ान भरते हैं और लगभग एक किलो भार वहन करते हैं। इनकी पूरी डिजाइन और तकनीकी तैयारी प्रतिभागी छात्रों ने स्वयं की है।” उन्होंने बताया कि तीसरे दिन के साथ अबतक कुल 27 लॉन्च पूरे हो चुके हैं — जिनमें से 24 पूरी तरह सफल रहे, जबकि केवल तीन तकनीकी कारणों से असफल हुए।
🚀 लॉन्चिंग का रोमांच और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास
सुबह 8:19 बजे पहले रॉकेट की उड़ान के साथ दिन की शुरुआत हुई और इसके बाद 8:32, 8:34, 8:35, 12:05, 12:07, 12:10, 12:13 बजे तक लगातार रॉकेट आसमान में गूंजते रहे। दोपहर बाद 12:16, 2:25, 2:29, 2:30 और 2:32 बजे कैनसैट उपग्रह लॉन्च किए गए, जो पैराशूट के सहारे सुरक्षित नीचे उतरे।
बारिश की वजह से कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन विद्यार्थियों की टीमवर्क और तकनीकी दक्षता देखने लायक रही।
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👩🚀 आज आएंगे इन–स्पेस चेयरमैन और अंतरिक्ष यात्री
डॉ. विनोद ने बताया कि बृहस्पतिवार (29 अक्टूबर) को प्रतियोगिता का तीसरा दिन सबसे खास था जब इन–स्पेस के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचें।
वे छात्रों से संवाद करेंगे और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान व करियर के नए अवसरों पर प्रेरणादायक बातें बताएंगे। इसी दिन रोजगार मेला (Job Fair) भी आयोजित होगा, जिसमें उद्योग जगत और छात्रों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।
🌦️ बारिश के बावजूद ‘मिशन जारी’
शाम 4:30 बजे के बाद बारिश तेज़ हुई, जिससे कुछ लॉन्च स्थगित करने पड़े। बावजूद इसके छात्रों ने हार नहीं मानी। गुरुवार को पांच मॉडल रॉकेट्री और पांच कैनसैट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। डॉ. विनोद ने कहा —“मौसम चाहे जैसा भी हो, हमारे युवा वैज्ञानिकों की ऊर्जा और प्रतिबद्धता हर चुनौती पर भारी है।”
🌍 देवरिया–कुशीनगर क्षेत्र बन रहा नवाचार का केंद्र
इन–स्पेस प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि पूर्वांचल की धरती अब नवाचार की प्रयोगशाला बन रही है।
स्थानीय स्कूलों — द प्रेसिडेंट स्कूल, एसबीडी स्कूल और पन्ना देवी इंटर कॉलेज — के बच्चों ने भी प्रतियोगिता स्थल का भ्रमण किया और मॉडल रॉकेट व कैनसैट तकनीक को करीब से समझा। शिक्षकों का कहना था कि यह अनुभव छात्रों के लिए “भविष्य की दिशा तय करने वाला क्षण” साबित होगा।
इस आयोजन के जरिए यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत के युवाओं के पास न केवल सपने हैं, बल्कि उन्हें साकार करने की तकनीक भी है।
देवरिया लोकसभा क्षेत्र अब विज्ञान, नवाचार और अंतरिक्ष अनुसंधान का नया केंद्र बन रहा है — जो भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ की उड़ान देने में मील का पत्थर साबित होगा।
जिला स्वास्थ्य समिति की सप्तम बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा,
2025-26 की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की सप्तम बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें टीबी नोटिफिकेशन, एनक्यूएएस, आरसीएच पोर्टल, नियमित टीकाकरण, यूपी हेल्थ डैशबोर्ड, संस्थागत प्रसव, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान कार्ड, एसएनसीयू, एनआरसी, वेक्टर वार्निंग, एनसीडी और आभा आईडी की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे किए जाएं और जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की जनपदीय कार्ययोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
धड़ल्ले से हो रही फर्जी पनीर तस्करी प्रशासन मौन
शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर गढ़िया रंगीन क्षेत्र में इन दिनों फर्जी पनीर की तस्करी धड़ल्ले से जारी है। दातागंज से गढ़िया रंगीन तक मॉल और दुकानों की सप्लाई के नाम पर मोटरसाइकिलों से खुलेआम नकली पनीर लाया जा रहा है, यह पनीर बड़े नीले ड्रमों और प्लास्टिक पैकेटों में भरकर गांवों से होकर सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों मे अनुभव शाक्य एवं जय सिंह ने बताया कि यह कारोबार कई महीनों से चल रहा है, लेकिन खाद्य विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नकली पनीर के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर खाद्य घोटाले में बदल सकता है।
धड़ल्ले से हो रही फर्जी पनीर तस्करी प्रशासन मौन
शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर गढ़िया रंगीन क्षेत्र में इन दिनों फर्जी पनीर की तस्करी धड़ल्ले से जारी है। दातागंज से गढ़िया रंगीन तक मॉल और दुकानों की सप्लाई के नाम पर मोटरसाइकिलों से खुलेआम नकली पनीर लाया जा रहा है, यह पनीर बड़े नीले ड्रमों और प्लास्टिक पैकेटों में भरकर गांवों से होकर सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों मे अनुभव शाक्य एवं जय सिंह ने बताया कि यह कारोबार कई महीनों से चल रहा है, लेकिन खाद्य विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नकली पनीर के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर खाद्य घोटाले में बदल सकता है।
भगवान विष्णु की उपासना से मिलेगा सौभाग्य और समृद्धि
🌞 30 अक्टूबर 2025 का दैनिक राशिफल (Thursday Horoscope 30 October 2025)
✨ पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा ✨
🔯 मेष (Aries ♈ — A, L, E)
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस में नई जिम्मेदारियाँ संभालने का अवसर मिलेगा। पदोन्नति के योग।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत।
कला/संगीत: नई रचनात्मक दिशा मिलेगी।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा, छवि निखरेगी।
प्रशासन: वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: निवेश लाभदायक रहेगा।
शुभ रंग: लाल 🔴
शुभ अंक: 3
पूजा: श्री विष्णु जी को पीले पुष्प अर्पित करें।
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🔯 वृषभ (Taurus ♉ — B, V, U)
कार्य/व्यवसाय: विदेशी व्यापार या नई साझेदारी लाभदायक रहेगी।
शिक्षा: उच्च अध्ययन हेतु अच्छा समय।
कला/संगीत: विदेशी मंचों पर प्रदर्शन के अवसर।
राजनीति: कार्यकुशलता से विरोधी परास्त होंगे।
प्रशासन: विभागीय प्रशंसा मिलेगी।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन के संकेत।
शुभ रंग: सफेद ⚪
शुभ अंक: 6
पूजा: माता लक्ष्मी की आराधना करें।
🔯 मिथुन (Gemini ♊ — K, C, G)
कार्य/व्यवसाय: नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य आरंभ करें। सफलता निश्चित।
शिक्षा: रिसर्च व उच्च शिक्षा में प्रगति।
कला/संगीत: नई सोच और सृजनशीलता निखरेगी।
राजनीति: भाषण कौशल से लोकप्रियता बढ़ेगी।
प्रशासन: निर्णय क्षमता मजबूत।
आर्थिक स्थिति: नए आय स्रोत मिलेंगे।
शुभ रंग: आसमानी 💠
शुभ अंक: 5
पूजा: गणेश जी की आराधना करें।
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🔯 कर्क (Cancer ♋ — D, H)
कार्य/व्यवसाय: टीमवर्क से सफलता मिलेगी।
शिक्षा: ग्रुप स्टडी लाभकारी।
कला/संगीत: समूह प्रस्तुति में सराहना।
राजनीति: संगठन में सम्मान बढ़ेगा।
प्रशासन: सहयोगियों का समर्थन मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: बचत में वृद्धि।
शुभ रंग: सफेद ⚪
शुभ अंक: 2
पूजा: चंद्र देव की पूजा शुभफल देगी।
🔯 सिंह (Leo ♌ — M, T)
कार्य/व्यवसाय: स्टार्टअप या नई योजना में लाभ।
शिक्षा: नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।
कला/संगीत: मंच पर सम्मान।
राजनीति: जनप्रियता शिखर पर।
प्रशासन: अधिकार क्षेत्र में वृद्धि।
आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ।
शुभ रंग: सुनहरा 🟡
शुभ अंक: 1
पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
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🔯 कन्या (Virgo ♍ — P, TH)
कार्य/व्यवसाय: सहयोगियों से सराहना, प्रमोशन के योग।
शिक्षा: परिश्रम का फल मिलेगा।
कला/संगीत: प्रदर्शन में सफलता।
राजनीति: वरिष्ठों का विश्वास प्राप्त होगा।
प्रशासन: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: योजनाबद्ध खर्च जरूरी।
शुभ रंग: हरा 💚
शुभ अंक: 4
पूजा: विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें।
🔯 तुला (Libra ♎ — R, T)
कार्य/व्यवसाय: प्रमोशन या बोनस के संकेत।
शिक्षा: परीक्षा परिणाम अनुकूल।
कला/संगीत: प्रेरणादायक दिन।
राजनीति: नेतृत्व क्षमता का सम्मान।
प्रशासन: कार्य कुशलता से सब प्रभावित होंगे।
आर्थिक स्थिति: आमदनी में वृद्धि।
शुभ रंग: नीला 🔵
शुभ अंक: 7
पूजा: मां सरस्वती की आराधना शुभफल देगी।
🔯 वृश्चिक (Scorpio ♏ — N, Y)
कार्य/व्यवसाय: कम्युनिकेशन स्किल्स से पहचान।
शिक्षा: लेखन और मीडिया में सफलता।
कला/संगीत: नई प्रेरणा मिलेगी।
राजनीति: मीडिया कवरेज से लोकप्रियता।
प्रशासन: महत्वपूर्ण निर्णय में भूमिका।
आर्थिक स्थिति: लाभ के अवसर।
शुभ रंग: मरून ❤️
शुभ अंक: 9
पूजा: हनुमान जी की आराधना करें।
🔯 धनु (Sagittarius ♐ — BH, DH, F)
कार्य/व्यवसाय: नए प्रोजेक्ट का आरंभ शुभ।
शिक्षा: विदेश अध्ययन के योग।
कला/संगीत: प्रदर्शन से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
राजनीति: जनता का समर्थन मिलेगा।
प्रशासन: पदोन्नति संभव।
आर्थिक स्थिति: लाभ के द्वार खुलेंगे।
शुभ रंग: पीला 💛
शुभ अंक: 8
पूजा: बृहस्पति देव की पूजा करें।
🔯 मकर (Capricorn ♑ — KH, J)
कार्य/व्यवसाय: साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: प्रतियोगिता में सफलता।
कला/संगीत: सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रसिद्धि।
राजनीति: नए संपर्क लाभ देंगे।
प्रशासन: जिम्मेदारी बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: बीमा या निवेश पर ध्यान दें।
शुभ रंग: ग्रे ⚫
शुभ अंक: 10
पूजा: शिव जी का अभिषेक करें।
🔯 कुंभ (Aquarius ♒ — G, S, SH)
कार्य/व्यवसाय: निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें।
शिक्षा: रिसर्च में सफलता।
कला/संगीत: नवाचार का अवसर।
राजनीति: नये विचारों से पहचान।
प्रशासन: नीति निर्माण में भूमिका।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: नीला 🔷
शुभ अंक: 11
पूजा: शनि देव की आराधना करें।
🔯 मीन (Pisces ♓ — D, CH, Z)
कार्य/व्यवसाय: नई रचनात्मक योजनाओं पर फोकस करें।
शिक्षा: कला व डिजाइन में प्रगति।
कला/संगीत: प्रतिभा से पहचान मिलेगी।
राजनीति: भावनात्मक अपील से समर्थन।
प्रशासन: प्रशंसा के पात्र बनेंगे।
आर्थिक स्थिति: मेहनत का उचित फल मिलेगा।
शुभ रंग: बैंगनी 💜
शुभ अंक: 12
पूजा: श्री कृष्ण जी की आराधना करें।
⚠️ डिस्क्लेमर:
यह राशिफल पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा वैदिक गणनाओं पर आधारित है।
“राष्ट्र की परम्परा” इस ज्योतिषीय जानकारी को प्रमाणित नहीं करता।
अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
✨ इतिहास के आईने में वह दिन जिसने बदल दिए वक्त के कई मोड़ ✨
इतिहास के पन्नों में 30 अक्टूबर का दिन कई ऐसी घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने विश्व और भारत दोनों की दिशा और दशा को प्रभावित किया। कभी यह दिन राजसत्ता के परिवर्तन का प्रतीक बना, तो कभी शांति, विज्ञान और मानवीय संवेदनाओं की नई शुरुआत का दिन साबित हुआ। आइए जानते हैं इस दिन घटित उन ऐतिहासिक घटनाओं को विस्तार से, जिन्होंने विश्व इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
🕰️ 1611 – जब 17 वर्ष का बालक बना स्वीडन का राजा
30 अक्टूबर 1611 को मात्र 17 वर्ष की आयु में गुस्ताफ द्वितीय एडोल्फ स्वीडन के सिंहासन पर विराजमान हुआ। यह वही शासक था जिसने स्वीडन को यूरोप की प्रमुख शक्तियों में शामिल किया। उसकी दूरदृष्टि, सैन्य कुशलता और प्रशासनिक सुधारों ने देश को नई पहचान दी। उसने तीस वर्षीय युद्ध में भी निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे स्वीडन का साम्राज्य यूरोपीय राजनीति में मजबूत हुआ।
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⚔️ 1922 – जब मुसोलिनी ने इटली में सरकार बनाई
30 अक्टूबर 1922 को बेनिटो मुसोलिनी ने इटली में अपनी फासीवादी सरकार की स्थापना की। यह वह क्षण था जब लोकतंत्र की जगह तानाशाही विचारधारा ने कदम रखा। मुसोलिनी का “मार्च टू रोम” अभियान न केवल इटली की राजनीति बल्कि पूरे यूरोप के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने वाला साबित हुआ। इसने आने वाले वर्षों में द्वितीय विश्व युद्ध की नींव भी रखी।
🤝 1930 – तुर्की और यूनान की मित्रता संधि
प्रथम विश्व युद्ध के बाद लम्बे समय तक एक-दूसरे के विरोध में रहने वाले तुर्की और यूनान ने 30 अक्टूबर 1930 को मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते ने बाल्कन क्षेत्र में शांति का मार्ग प्रशस्त किया और दोनों देशों के बीच व्यापार, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को पुनर्जीवित किया।
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🇮🇳 1945 – भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व शांति की दिशा में उठाए गए कदमों में भारत की भूमिका भी अहम रही। 30 अक्टूबर 1945 को भारत ने संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) की सदस्यता ग्रहण की। स्वतंत्रता से पूर्व ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भागीदारी से यह साबित किया कि वह विश्व समुदाय का जिम्मेदार सदस्य बनने के लिए तैयार है।
🏨 1956 – भारत का पहला पांच सितारा होटल ‘अशोक’ खुला
आज जब भारत पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है, तो इसकी शुरुआत 30 अक्टूबर 1956 से मानी जाती है, जब दिल्ली में ‘होटल अशोक’ का उद्घाटन हुआ। यह भारत का पहला पाँच सितारा होटल था, जिसने भारतीय आतिथ्य की भव्यता को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। इसने पर्यटन, सम्मेलन और विदेशी मेहमानों के स्वागत में नई संस्कृति की शुरुआत की।
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🧬 1960 – ब्रिटेन में पहली बार सफल किडनी ट्रांसप्लांट
30 अक्टूबर 1960 को ब्रिटेन के चिकित्सा इतिहास में एक नई क्रांति हुई। उस दिन पहली बार डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट किया। यह घटना चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई, जिसने लाखों मरीजों को जीवनदान देने का रास्ता खोला। यह आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की नींव रखने वाला क्षण था।
✍️ 1963 – मोरक्को और अल्जीरिया ने युद्धविराम समझौता किया
उत्तरी अफ्रीका के दो पड़ोसी देश मोरक्को और अल्जीरिया के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रहे संघर्ष का अंत 30 अक्टूबर 1963 को हुआ, जब दोनों देशों ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि अफ्रीकी एकता की भावना को भी सशक्त बनाने वाला कदम था।
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👑 1975 – स्पेन में किंग जुआन कारलोस ने सत्ता संभाली
30 अक्टूबर 1975 को स्पेन में एक नया अध्याय शुरू हुआ जब किंग जुआन कारलोस प्रथम ने सत्ता संभाली। उन्होंने तानाशाही के बाद देश को लोकतंत्र की राह पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके शासनकाल में स्पेन ने आधुनिकता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाया।
🌎 1980 – होंडुरस और एल सल्वाडोर का सीमा विवाद समाप्त
मध्य अमेरिका के दो देशों होंडुरस और एल सल्वाडोर के बीच वर्षों से चला आ रहा सीमा विवाद 30 अक्टूबर 1980 को सुलझा लिया गया। यह शांति समझौता क्षेत्र में स्थायित्व और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था, जिसने लम्बे समय से चले आ रहे तनाव को समाप्त किया।
🗳️ 1994 – मैसिडोनिया में वामपंथी गठबंधन की जीत
30 अक्टूबर 1994 को बाल्कन देश मैसिडोनिया के संसदीय चुनावों में वामपंथी गठबंधन की जीत हुई। इसने देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती दी और बाल्कन क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता की नई उम्मीद जगाई।
🕵️ 2001 – पाकिस्तान ने लादेन से जुड़े वैज्ञानिकों को अमेरिका को सौंपा
11 सितंबर के हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की मुहिम में 30 अक्टूबर 2001 को बड़ा कदम उठाया गया। पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन के संपर्क में रहने वाले तीन परमाणु वैज्ञानिकों को अमेरिका को सौंप दिया। यह घटना आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग का उदाहरण बनी।
🌏 2003 – प्रिंस चार्ल्स का भारत दौरा और वैश्विक कूटनीति
30 अक्टूबर 2003 को ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ने भारत दौरे की शुरुआत की। उसी दिन अमेरिकी विदेश मंत्री कोलिन पावेल ने पाकिस्तान को भारत के साथ शांति वार्ता शुरू करने का सुझाव दिया। इस दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने लोकतंत्र बहाली की प्रतिबद्धता जताई। यह दिन भारत-पाक संबंधों और दक्षिण एशियाई राजनीति के लिए अत्यंत अहम माना गया।
🥇 2004 – यूक्रेन ने ओलंपियाड स्वर्ण अपने नाम किया
30 अक्टूबर 2004 को यूक्रेन ने फ्रांस को 3-1 से हराकर 39.5 अंकों के साथ ओलंपियाड का स्वर्ण पदक जीता। यह विजय केवल खेल जगत में नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव और आत्मबल का प्रतीक बन गई।
💣 2008 – असम में श्रेणिबद्ध बम धमाकों से दहला भारत
भारत के इतिहास का यह दिन एक भयावह स्मृति के रूप में दर्ज है। 30 अक्टूबर 2008 को गुवाहाटी सहित असम के 14 स्थानों पर सिलसिलेवार धमाके हुए, जिनमें 81 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों घायल हुए। यह घटना आतंकवाद की क्रूरता का उदाहरण थी, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया।
🔥 2013 – तेलंगाना के महबूबनगर में बस में आग, 44 की मौत
30 अक्टूबर 2013 को तेलंगाना के महबूबनगर जिले में एक बस में भीषण आग लगने से 44 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा देश को रुला देने वाला था, जिसने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की गंभीरता पर सवाल खड़े किए।
✨ 30 अक्टूबर का दिन इतिहास में विविध घटनाओं का साक्षी रहा है — कहीं यह दिन शक्ति परिवर्तन का प्रतीक बना, कहीं मानवीय पीड़ा और करुणा का। विज्ञान, राजनीति, शांति और संघर्ष — हर क्षेत्र में इस दिन ने इतिहास के नए अध्याय लिखे। यह दिन हमें याद दिलाता है कि समय चाहे कितना भी बदल जाए, इतिहास की ये घटनाएँ हमारे वर्तमान और भविष्य को दिशा देती रहेंगी।
