Friday, July 3, 2026
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वंदे मातरम् के 150 वर्ष: जनपद में होंगे भव्य कार्यक्रम

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)l हमारे राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद आगरा में कल से विविध कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) प्रशांत तिवारी ने बताया कि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार यह समारोह 07 नवम्बर 2025 से 07 नवम्बर 2026 तक पूरे वर्ष भर चार चरणों में मनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण 07 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस के साथ), तृतीय चरण 07 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ) तथा समापन चरण 01 से 07 नवम्बर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) ने बताया कि बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभागों द्वारा 07 नवम्बर 2025 को प्रातः 10:00 बजे जनपद के सभी विद्यालयों में सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” का गायन किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़े महत्व की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर आयोजित मुख्य समारोह का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, वहीं जनपद में भी भव्य आयोजन सुनिश्चित किए जाएंगे, जिनमें मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

उच्च शिक्षा संस्थानों में “वंदे मातरम्” के राष्ट्रीय एकता एवं स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर केंद्रित सेमिनार, संगोष्ठी, परिचर्चा एवं व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि गृह विभाग के सहयोग से जनपद के स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्थलों, स्मारकों तथा युद्ध शहीद स्मारकों पर “वंदे मातरम्” की धुन पीएसी, पुलिस एवं स्काउट गाइड बैंड द्वारा वादित की जाएगी।

बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में “वंदे मातरम्” थीम पर आधारित देशभक्ति फिल्मों का प्रदर्शन, रैली, प्रभात फेरी एवं मार्चपास्ट का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच रंगोली, निबंध लेखन, काव्य पाठ, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी, ताकि “वंदे मातरम्” का संदेश जन-जन तक पहुँचे।

अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) प्रशांत तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे उपरोक्तानुसार जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष के समारोह को भव्यता और सफलता के साथ संपन्न कराएं।

गंगा उत्सव–2025: आमी तट पर प्रतियोगिता, जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में संत कबीर दास की समाधि स्थल, मगहर में आमी नदी के तट पर गंगा उत्सव–2025 का आयोजन किया गया। उत्सव के अंतर्गत जन जागरूकता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विभिन्न छात्र प्रतियोगिताओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनीष, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि नूरूज्जमा अंसारी, चेयरमैन प्रतिनिधि, मगहर रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया, जिसके उपरांत ब्लूमिंग बड्स स्कूल, इंडस्ट्रियल एरिया के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
ब्लूमिंग बड्स स्कूल के प्रधानाचार्य दिनेश चन्द्र पाण्डेय ने गंगा उत्सव के अवसर पर नदियों की स्वच्छता को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने नहाने व कपड़े धोने में डिटर्जेन्ट के सीमित उपयोग, उद्योगों द्वारा दूषित जल के निस्तारण से पूर्व शोधन तथा जल संरक्षण हेतु जन सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक वृक्षारोपण और उसके रख-रखाव का संदेश भी दिया गया। इसी क्रम में छात्रा स्नेहा यादव द्वारा गंगा गीत प्रस्तुत किया गया।
रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं में ब्लूमिंग बड्स स्कूल तथा ग्रेसियस हाइब्रिड स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण सहभागिता की। रंगोली प्रतियोगिता में अकांक्षा गुप्ता टीम (ब्लूमिंग बड्स) ने प्रथम, अंशिका आर्या टीम (ग्रेसियस हाइब्रिड) ने द्वितीय तथा अंशिका यादव टीम (ब्लूमिंग बड्स) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभा सिंह (ग्रेसियस हाइब्रिड) प्रथम, अमृता सिंह (ग्रेसियस हाइब्रिड) द्वितीय तथा कार्तिक यादव (ब्लूमिंग बड्स) तृतीय स्थान पर रहे। भाषण प्रतियोगिता में वैभवी एवं काव्या सिंह (ग्रेसियस हाइब्रिड) को प्रथम, आदित्य राय (ब्लूमिंग बड्स) को द्वितीय तथा अंशुमान (ग्रेसियस हाइब्रिड) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। निबंध प्रतियोगिता में तेजस चौधरी (ग्रेसियस हाइब्रिड) प्रथम, तेजस्वनी (ग्रेसियस हाइब्रिड) द्वितीय तथा प्रांजली राय (ग्रेसियस हाइब्रिड) तृतीय स्थान पर रहीं।
गायत्री शक्तिपीठ, खलीलाबाद के हरिराम मिश्र द्वारा गंगा श्लोक प्रस्तुत करते हुए नदियों के महत्व, उनकी स्वच्छता एवं संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा उपस्थित जनसमूह को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई गई तथा प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में आमी नदी के घाट पर हरिराम मिश्र द्वारा गंगा आरती सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से वसुंधरा मिश्रा, सभासद अवधेश सिंह भोलू पासवान, चन्दन सैनी, हरिकेश नारायण यादव उप प्रभागीय वनाधिकारी, वैभव सिंह अधिशासी अधिकारी, इन्द्रभान सोनकर क्षेत्रीय वन अधिकारी, महेन्द्र यादव, रोली पाठक, प्रमोद कुमार सिंह, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंधक, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिव्यांग बच्चों को वितरित किए गए सहायक उपकरण

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव के निर्देशानुसार जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) ज्ञानेन्द्र सिंह के नेतृत्व में बीआरसी, गौरी बाजार, देवरिया में दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लिमिटेड (एलिम्को), कानपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में कुल 113 बच्चों का परीक्षण किया गया, जिनमें से चयनित बच्चों को विभिन्न प्रकार के 133 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें ट्राईसाइकिल – 10, व्हीलचेयर – 20, बैसाखी – 14, रोलेटर – 4, एम.आर. किट – 18, ब्रेल किट – 4, स्मार्ट केन – 4, वॉकिंग स्टिक – 3, सीपी चेयर – 10, हियरिंग एड – 28 तथा कैलीपर – 18 शामिल हैं। उपकरण वितरण हेतु एलिम्को के प्रतिनिधि फैजल, आनन्द सिंह, अभिषेक, नरेन्द्र कुमार एवं गजेन्द्र कुमार द्वारा टोकन जारी किए गए।

जिला समन्वयक ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 4057 दिव्यांग बच्चे चिन्हित हैं, जिनमें से 4056 बच्चे परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु जिले में 50 स्पेशल एजुकेटर एवं 01 फिजियोथेरेपिस्ट कार्यरत हैं, जो नियमित रूप से शैक्षिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस उपकरण वितरण शिविर का उद्देश्य उन बच्चों को सहायता प्रदान करना है, जिन्हें विद्यालय आने-जाने, देखने या सुनने में कठिनाई होती है। एलिम्को, कानपुर के सहयोग से यह उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि बच्चे इनका उपयोग करते हुए नियमित रूप से विद्यालय आएं और शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

इसी क्रम में आगामी शिविर 07 नवम्बर 2025 को बीआरसी रामपुर कारखाना तथा 08 नवम्बर 2025 को प्राथमिक विद्यालय पुरैना, सलेमपुर, देवरिया में आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी (प्रभारी) राज किशोर सिंह, बीआरसी गौरी बाजार/रुद्रपुर, संजय सिंह, दिनेश यादव, शशिकांत सिंह, स्पेशल एजुकेटर मनोज श्रीवास्तव, रीना सिंह, अभय कुमार शर्मा, रविभूषण वर्मा, राजेश कुमार, सत्य प्रकाश सिंह, अरविन्द कुमार, विनय कुमार एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित कई शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

10 नवम्बर को होगा जनपद स्तरीय युवा उत्सव

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी ने जानकारी दी है कि युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग, देवरिया के तत्वावधान में जनपद स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 10 नवम्बर 2025 को संत विनोबा पी.जी. कॉलेज, देवरिया के सभागार में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय युवा उत्सव हेतु निर्धारित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें लोकनृत्य (समूह) (अधिकतम 10 प्रतिभागी), लोकगीत (समूह) (अधिकतम 10 प्रतिभागी), कहानी लेखन, चित्रकला (थीम – Nasha Mukt Yuva / Youth for Healthy Lifestyle, विवरण 20 से 30 शब्दों में), शब्दपाडित्य (थीम – Emergency Period and Violation of Constitution in India and Safeguarding Democracy and Democratic Values) तथा इनोवेशन साइंस मेला प्रदर्शनी शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिताओं में सभी विकास खंडों सहित जनपद के विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय, अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों से जुड़े प्रतिभागी तथा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के कलाकार भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों की आयु 01 सितम्बर 2025 को 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

प्रतिभागियों के लिए my Bharat Portal पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के दौरान प्रतिभागी का नाम हाईस्कूल प्रमाणपत्र अथवा बैंक विवरण के अनुरूप मान्य होगा।

युवा उत्सव के तहत युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने हेतु थीम आधारित साइंस मेला प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी 09 नवम्बर 2025 तक my Bharat Portal पर पंजीकरण करने के बाद संबंधित विकास खंड के क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी या जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी, विकास भवन देवरिया से संपर्क कर सकते हैं।

पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अपील

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l कोषागार देवरिया से पेंशन प्राप्त कर रहे सभी पेंशनरों से वरिष्ठ कोषाधिकारी ने अपील की है कि वे वर्ष 2025 हेतु अपना जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करें। इसके लिए पेंशनरों को एक पासपोर्ट साइज फोटो, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ किसी भी कार्यदिवस में कोषागार कार्यालय, देवरिया में उपस्थित होना होगा।

वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि पेंशनर अपने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) को वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in के माध्यम से स्वयं या किसी सहज जनसुविधा केंद्र के जरिए भी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो पेंशनर ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा करेंगे, उन्हें कोषागार कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि कोषागार देवरिया का ट्रेजरी कोड 3500 है। पेंशनरों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर यह सुनिश्चित करें कि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

जी एम एकेडमी के संस्थापक की धूमधाम से मनाई गई जयंती

जी एम एकेडमी के बच्चे वास्तव में हैं बहुत होनहार — आंञ्जनेय दास

अद्भुत रहा जी एम एकेडमी के छात्र छात्राओं का कार्यक्रम — श्वेता जायसवाल

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के अग्रणी विद्यालय जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यालय के संस्थापक स्व. गौरीशंकर द्विवेदी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस क्रम में नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, साथ में अद्भुत विज्ञान प्रदर्शनी ने सभी दर्शकों को छात्र-छात्राओं के क्रियाकलापों की प्रशंसा करने को बाध्य कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम बरहज पीठाधीश्वर आंञ्जनेय दास जी महाराज, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल, चेयरमैन डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र, निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

विद्यालय चेयरमैन डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र एवं प्रधानाचार्य राजेश मिश्रा द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत समारोह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में गणेश वंदना, स्वागत गीत, राजस्थानी नृत्य, जया के एकल नृत्य पर जोरदार तालियां बजीं तो आपरेशन सिंदूर एवं रामायण मंचन ने सबको भावविभोर कर दिया।

विज्ञान प्रदर्शनी के क्रम में सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी प्रतिभानुसार अलग-अलग मॉडल प्रस्तुत किए, जिसमें पाचन प्रणाली, श्वसन प्रणाली, उत्सर्जन तंत्र, चंद्रयान-3, ज्वालामुखी कार्य, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम, डीप इरिगेशन, सोलर पैनल, ग्रीन सिटी, मैथ्स कार्नर, सर्वधर्म समभाव, जी एम सिटी बैंकिंग और जी एम सिटी मेडिकल की सभी दर्शकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का अभाव था। अपने क्षेत्र के विकास एवं बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ग्रामीण अंचल में जी एम एकेडमी की बरहज शाखा का संचालन शुरू किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी कम संसाधन में उच्च शिक्षा प्रदान की जा सके। आगे डॉ. मिश्र ने कहा कि जब हमारे ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा तो निश्चित ही जनपद के साथ प्रदेश और राष्ट्र मजबूत होगा। राष्ट्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित होना आवश्यक है।

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मंगलमणि त्रिपाठी ने बच्चों के रामायण प्रस्तुति पर अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति का महत्व बताते हुए कहा कि जो भी विज्ञान है, वह संस्कृति की देन है। उन्होंने दक्षिण दिशा में पैर न करके सोने का वैज्ञानिक कारण बताया।

नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने कहा कि इस विद्यालय के बच्चों का प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय रहा। यहां के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का भविष्य निश्चित रूप से बहुत ही सुनहरा होगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आश्रम के पीठाधीश्वर आंञ्जनेय दास जी महाराज ने कहा कि जी एम एकेडमी के छात्र-छात्राएं बहुत ही होनहार हैं, इतने कम दिनों में शिक्षा के स्तर में उत्तरोत्तर विकास, मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, अद्भुत विज्ञान प्रदर्शनी आदि इसके सबसे बड़े प्रमाण हैं।

इसी क्रम में विद्यालय के सलेमपुर शाखा के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी एवं गोरखपुर शाखा की प्रधानाचार्या राजश्री मिश्रा ने बच्चों के कार्यक्रम की खूब सराहना की। कार्यक्रम को निशिकांत दीक्षित सहित अनेकों अतिथियों ने संबोधित किया।

इस अवसर पर सीओ बरहज राजेश चतुर्वेदी, डॉ. ओम प्रकाश शुक्ल, डॉ. अजय कुमार मिश्र, सावित्री राय, रामजी यादव, केशव सिंह, जयप्रकाश सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख, काशिपति शुक्ला, नथुनी प्रसाद, पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, रतन वर्मा, सच्चिदानंद शुक्ला, पुरुषोत्तम मिश्र, बृजेश मिश्र, रामाश्रय यादव, रामसिंगारे पांडेय आदि के साथ विद्यालय परिवार के समस्त अध्यापक, बच्चे एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

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विद्यालय की निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने सभी छात्र-छात्राओं, अध्यापक-अध्यापिकाओं, अभिभावकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अनन्या, सिमरन सिंह, शुभांजलि पाल ने किया।

इस मौके पर नगर निगम द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में माया को प्रथम, आशी सिंह को द्वितीय एवं बंदिता मिश्रा तृतीय को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में एक दिन पूर्व आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने विद्यालय के बच्चों का बहुत उत्साहवर्धन किया।

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मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत बालिकाओं को किया गया जागरूक, कोतवाली पुलिस की पहल

सुरक्षा, सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति फेज 5.0 के अंतर्गत आज थाना कोतवाली पुलिस द्वारा स्थानीय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पड़री बुजुर्ग में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम की म.उ.नि. ज्योति राय, आरक्षी प्रदीप प्रजापति एवं महिला आरक्षी रेनू मिश्रा ने बालिकाओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं सशक्तिकरण के विषय में विस्तार से जानकारी दी। टीम द्वारा छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 181, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, सखी-वन स्टॉप सेंटर, पॉक्सो एक्ट तथा मिशन शक्ति से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। इसके साथ ही बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु छात्राओं से संवाद किया गया तथा पंपलेट भी वितरित किए गए।
टीम द्वारा छात्राओं को आपात स्थिति में प्रयोग किए जाने वाले महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 181, 112, 1930, 1098, 102, 108, 101 की जानकारी दी और उन्हें सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।

समस्याओं का शासन स्तर पर पहल कर कराएंगे समाधान : सभापति प्रेमसागर पटेल

फूल-मालाओं से हुआ भव्य स्वागत, बोले– जिम्मेदारी को निभाएंगे निष्ठा और समर्पण से

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। पंचायती राज समिति उत्तर प्रदेश के सभापति बनाए जाने के बाद गुरुवार को सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल का घुघली ब्लॉक परिसर में भव्य स्वागत किया गया।पंचायती राज समिति के अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम प्रधानों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने सभापति पटेल का फूल-मालाओं व बुके भेंट कर जोरदार अभिनंदन किया।
सभापति पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने जो भरोसा जताया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज समिति से जुड़े सभी कार्यों का समाधान शासन स्तर पर पहल कर प्राथमिकता के साथ कराया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत व्यवस्था को और अधिक सशक्त व पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान पर खंड विकास अधिकारी राजकुमार, ग्राम प्रधान संगठन गोरखपुर मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र, पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि श्रवण कुमार सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि आशीष कुमार गौतम, एपीओ मनरेगा अजीत कुमार पांडेय, एडीओ पंचायत देवेंद्र कुमार पटेल, ग्राम प्रधान शैलेश पटेल, काशी चौधरी एवं सुरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व कर्मचारी मौजूद रहें।

नगर पंचायत चौक में खर्च की गई राशि पर उठे सवाल, आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।नगर पंचायत चौक क्षेत्र में पिछले दो वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों तथा नगर पंचायत को प्राप्त बजट के व्यय पर सवाल उठते हुए स्थानीय युवक नीरज कुमार मिश्रा, निवासी ग्राम नदुआ, थाना कोतवाली, तहसील सदर, जनपद महराजगंज द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत विस्तृत जानकारी की मांग की गई है। यह आवेदन जन सूचना अधिकारी / अपर जिलाधिकारी महराजगंज को संबोधित किया गया है।
आवेदक ने बताया कि नगर पंचायत चौक के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता है, किंतु धरातल पर कई स्थानों पर कार्य अधूरा या संदिग्ध स्थिति में दिखाई देता है जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विभिन्न मदों पर बिन्दुवार प्रमाण सहित सूचना मांगी है, ताकि सार्वजनिक धन के उपयोग की पारदर्शिता सामने आ सके। दो वर्षों में प्राप्त सरकारी बजट से किए गए सभी कार्यों का विवरणजो किस- किस स्थान पर कार्य कराया गया। प्रत्येक कार्य पर कुल कितनी धनराशि खर्च हुई। कार्य किस विभाग / ठेकेदार / एजेंसी द्वारा कराया गया। ,संबंधित व्यय का सत्यापित अभिलेख एवं छाया प्रति। दुसरे बिन्दु में नगर पंचायत बनने के बाद अब तक खरीदे गए संसाधनों का पूरा रिकॉर्ड जिसमें किन फर्मों से सामान खरीदा गया। सामान का नाम, मात्रा, बिल, कोटेशन एवं भुगतान से संबंधित अभिलेख। तिसरी बिन्दु में नगर पंचायत में कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति और स्थितिके बारे में जो संविदा, दैनिक वेतन भोगी एवं नियमित कर्मचारियों की कुल संख्या।
उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया एवं आदेशों की छाया प्रतियां।
चौथे बिन्दु में विज्ञापन व प्रचार-प्रसार पर हुए खर्चों का विवरणजो प्रिंट मीडिया, होर्डिंग, बैनर, दीवार लेखन, स्वागत कार्यक्रम आदि पर अब तक खर्च की गई राशि। संबंधित एजेंसी / कलाकार / संस्था का नाम, पता एवं भुगतान विवरण आदि मांगा गया है, वही आवेद ने कहा की नगर पंचायत चौक में विकास के नाम पर बड़ी राशि खर्च होती है,लेकिन स्थानीय जनता को न तो काम की गुणवत्ता की जानकारी मिलती है, न ही खर्च का पारदर्शी रिकॉर्ड। जनहित में सत्य सामने आना आवश्यक है। यदि सब कुछ सही है तो प्रशासन को जानकारी देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सूचना के अधिकार कानून की यही विशेषता है कि जनता अपने धन के उपयोग की जानकारी सीधे शासन से मांग सकती है। इस आवेदन को क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत तथा जिला प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगी गई सूचनाएँ उपलब्ध कराता है या नहीं। आवेदक का कहना है कि अगर नगर पंचायत चौक सूचना नहीं देता है तो उसके खिलाफ न्यायालय में याचिका दाखिल होगा।

क्या “रेवड़ी संस्कृति” अब अमेरिकी लोकतंत्र में भी असर दिखा रही है?

न्यूयॉर्क के मेयर भारतीय मूल के ट्रंप विरोधी ममदानी चुने गए-यह भारत के लिए गर्व है या चुनौती ?या फिर भारतीय राजनीतिक फंडा ‘रेवड़ियां बांटो और राज करो’ का अमेरिकी संस्करण?”

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर न्यूयॉर्क शहर, जो अमेरिका की आत्मा और लोकतंत्र की जीवंत प्रयोगशाला कहा जाता है,आज 180 से अधिक देशों केप्रवासियों का घर है।भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी,और अफ्रीकी समुदाय यहाँ एक नई सामाजिक पहचान बना चुके हैं।वहाँ ट्रंप विरोधी भारतीय मूल के जोहरानममदानी का मेयर चुना जाना केवल एक स्थानीय राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रवासी प्रभाव, राजनीतिक संस्कृति और विचारधारा के वैश्विक प्रसार का संकेत है।यह जीत अमेरिका में दक्षिण एशियाई समुदाय की नई राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाती है।लेकिन इस विजय के साथ एक सवाल गूंज रहा है,क्या ममदानी की जीत भारत के लिए गर्व का विषय है या एक ऐसी चुनौती?यहीं पर प्रश्न उठता है,क्या ममदानी की विचारधारा भारत के हितों के साथ हमेशा मेल खाएगी ।

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ममदानी“डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट”हैं,जो कई बार अमेरिकी विदेश नीति पर खुलकर आलोचना करते रहे हैं।उन्होंने फ़िलिस्तीन, कश्मीर, और अल्पसंख्यक अधिकारों पर कई बार भारत की नीतियों की आलोचना की है।यदि वे भविष्य में अपने मेयर पद से ऐसे रुख़ अपनाते हैं जो भारत की नीतियों से असहमत हों, तो यह भारतीय कूटनीति के लिए असहज स्थिति बन सकती है।भारत के लिए यह जरूरी होगा कि वह “भारतीय मूल” और “भारतीय हित” के बीच अंतर को संतुलित रूप से समझे।क्योंकि हर भारतीय मूल का नेता आवश्यक नहीं कि भारत के हितों का प्रतिनिधि हो,वे अपने देश की नीतियों के अनुसार काम करते हैं। दूसरी ओर हमें यह सोचने को मजबूर करती है कि क्या भारतीय राजनीति का “रेवड़ी मॉडल” अब अमेरिका जैसे लोकतंत्र में भी सफल प्रयोग बन गया है?

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बीते दो दशकों में अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं का उदय लगातार बढ़ा है।कमला हैरिस उपराष्ट्रपति बनीं, नीरज अंटनी, अजय बंगा और नील कत्याल जैसे नाम अमेरिकी प्रशासन और न्यायिक ढांचे में प्रमुख हुए। लेकिन न्यूयॉर्क जैसे शहर में मेयर पद तक पहुँचना एक अलग ही ऐतिहासिक मुकाम है। ममदानी नें अपने अभियान में “समानता, सामाजिक सुरक्षा,और सबके लिए आवास” जैसे वादों को केंद्रीय मुद्दा बनाया। उन्होंने खुले तौर पर अरब-अफ्रीकी-अमेरिकी और प्रवासी समुदायों के हितों की वकालत की। उनके भाषणों और नीतिगत प्रस्तावों में भारत जैसी सामाजिक समानता की मांग झलकती थी। यही कारण है कि कई अमेरिकी विश्लेषक उन्हें “भारतीय जन कल्याण मॉडल का अमेरिकी अवतार”कह रहे हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह संभावना दर्शा रहा हूं क़िममदानी की जीत के पीछे की सामाजिक, राजनीतिक पृष्ठभूमि की नजर से देखा जा रहा है,न्यूयॉर्क एक ऐसा शहर है जहाँ जातीय, सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता एक साथ धड़कती है। वहाँ गरीबी और महंगाई से जूझता वर्ग “न्यायपूर्ण समाज” की तलाश में रहता है। ममदानी ने इन्हीं वर्गों को लक्ष्य बनाया उन्होंने कहा कि “सरकार का दायित्व केवल कानून- व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिक कल्याण है।”यह विचार भारतीय लोकतंत्र के उस विमर्श से जुड़ा है जहाँ सामाजिक कल्याण योजनाएँ (रेवड़ियां) गरीबों को राहत देने के साथ राजनीतिक लोकप्रियता का आधार बनती हैं। ममदानी ने इसी रणनीति को अमेरिकी शहरी परिदृश्य में रूपांतरित किया,जैसे फ्री ट्रांसपोर्ट , हाउसिंग सब्सिडी, और हेल्थ कार्ड जैसी योजनाएँ। आलोचकों के अनुसार, यही “रेवड़ी राजनीति” का वैश्विक ट्रांसप्लांट है।

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 साथियों बात अगर हम “रेवड़ी संस्कृति” का अमेरिकी प्रयोग, एक भारतीय राजनीतिक निर्यात को समझने की करें तो,भारतीय राजनीति में “रेवड़ी संस्कृति” शब्द भारतीय पीएम ने लोकप्रिय किया था, जब उन्होंने मुफ्त सुविधाओं को “राजनीतिक प्रलोभन” कहा। यह शब्द आज राजनीतिक विमर्श का प्रतीक बन चुका है। लेकिन जोहरान ममदानी की राजनीतिक सफलता ने इस मॉडल को एक नया अंतरराष्ट्रीय संदर्भ दे दिया है।उनकी चुनावी रणनीति में फ्री ट्रांजिट पास, न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि, और हाउसिंग क्रेडिट जैसी घोषणाएँ थीं। अमेरिकी मीडिया ने इसे “सोशलिस्ट पॉपुलिज़्म” कहा, जबकि भारतीय सोशल मीडिया ने इसे “भारतीय स्टाइल रेवड़ी पॉलिटिक्स” की जीत बताया।यह सवाल अब वैश्विक विमर्श का हिस्सा बन गया है,क्या कल्याण योजनाएँ जनता की वास्तविक जरूरत हैं या लोकतंत्र में जन-समर्थन जुटाने का हथियार? 

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साथियों बात अगर हम भारत के लिए गर्व चुनौती या राजनीतिक प्रतिबिंब का खतरा? भारत के दृष्टिकोण से देखा जाए तो ममदानी की जीत प्रवासी भारतीयों के प्रभावशाली उदय का प्रतीक है। भारतीय मूल का व्यक्ति अमेरिका के सबसे बड़े शहर का मेयर बने,यह न केवल भारतीय लोकतंत्र की बौद्धिक शक्ति का प्रमाण है, बल्कि प्रवासी समुदाय की एकता और नेतृत्व क्षमता का भी।परंतु इसके भीतर छिपा खतरा यह है कि ममदानी “डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट” हैं,जो कई बार अमेरिकी विदेश नीति पर खुलकर आलोचना करते रहे हैं।उन्होंने फ़िलिस्तीन, कश्मीर, और अल्पसंख्यक अधिकारों पर कई बार भारत की नीतियों की आलोचना की है,भारत का “राजनीतिक फंडा” यानी कल्याण योजनाओं के माध्यम से वोट बैंक बनाना, यदि अमेरिकी प्रणाली में भी स्वीकार्यता पा रहा है, तो यह लोकतंत्र के वैश्विक स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत है।जहाँ भारत में “रेवड़ी” शब्द को आलोचना के रूप में देखा जाता है,वहीं ममदानी ने इसे “सामाजिक न्याय” के रूप में पैकेज कर दिया। यह वैचारिक पुनर्परिभाषा भारत के लिए गौरव का भी विषय है कि उसके मॉडल को वैश्विक मंच पर जगह मिली, और चिंता का भी कि क्या लोकतंत्र अब “फ्री गिफ्ट पॉलिटिक्स” की दिशा में जा रहा है? 

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साथियों बात कर हम ममदानी और ट्रंप विचारधारात्मक टकराव की प्रस्तावना को समझने की करें तो,ट्रंप के दौर में अमेरिकी राजनीति ध्रुवीकरण और राष्ट्रवाद की ओर बढ़ी थी। वहीं ममदानी जैसे नेता उस प्रवृत्ति के विरुद्ध खड़े हैं जो सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक अधिकार और प्रवासियों की आवाज़ को मुख्यधारा में लाते हैं।ममदानी की नीतियाँ ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के ठीक उलट हैं। वह “कम्युनिटी फर्स्ट” की बात करते हैं। यह विचारधारा का संघर्ष केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति के उस नए दौर को दर्शाता है जहाँ दक्षिण एशियाई सोच और पश्चिमी पूंजीवाद आमने-सामने खड़े हैं।भारत के संदर्भ में, यह स्थिति वैसी ही है जैसे नरेंद्र मोदी की आर्थिक राष्ट्रवाद की नीति के विपरीत, भारतीय राज्यों में समाजवादी मॉडल अपनाने वाले दलों की लोकप्रियता।इस प्रकार, न्यूयॉर्क का चुनाव परिणाम एक वैश्विक वैचारिक मिरर बन गया है। 

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साथियों बात अगर हम डेमोक्रेटिक पार्टीमें नई विचारधारा की बयार को समझने की करें तो, ममदानी का उदय डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर भी एक नई दिशा की ओर संकेत है। एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज और बर्नी सैंडर्स जैसे नेताओं की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने “शहरी समाजवाद”का नया रूप प्रस्तुत किया।उनकी नीतियों में भारतीय मूल के समाजवादी चिंतन का असर स्पष्ट दिखता है,जहाँ सरकारी कल्याण और जनसहभागिता को समान महत्व दिया जाता है। वे कहते हैं, “गरीबी किसी व्यक्ति की असफलता नहीं, बल्कि नीति की असफलता है।”यह कथन भारतीय संविधान की “समाजवादी” मूल भावना से मेल खाता है। इसलिए कहा जा सकता है कि ममदानी ने भारतीय समाजवाद को अमेरिकी राजनीतिक संदर्भ में पुनर्जीवित किया है। 

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साथियों बात अगर हम भारतीय मीडिया और जनता कीप्रतिक्रिया को समझने की करें तो,भारत में ममदानी की जीत को लेकर दो प्रकार की प्रतिक्रियाएँ आईं। एक ओर उन्हें भारत की “सॉफ्ट पावर” और “बौद्धिक नेतृत्व” का प्रतीक बताया गया, तो दूसरी ओर आलोचकों ने कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति की “रेवड़ी संस्कृति” को अमेरिका में निर्यात कर दिया।भारतीय सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चाओं में कहा गया कि “अब न्यूयॉर्क भी दिल्ली हो गया।” वहीं कुछ उदारवादी चिंतकों ने इसे “समानता के वैश्वीकरण” का प्रतीक बताया।यह विभाजन स्वयं भारत की वैचारिक विभाजन रेखाओं को प्रतिबिंबित करता है,जहाँ समाजवादी कल्याण और आर्थिक व्यवहारिकता के बीच संतुलन अब भी एक अत्यंत जटिल सवाल है। 

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साथियों बात अगर हम वैश्विक राजनीति में भारतीय विचारधारा का प्रसार को समझने की करें तो,यदि इस जीत को व्यापक संदर्भ में देखा जाए, तो यह भारतीय राजनीतिक विचारों के वैश्विक प्रसार का संकेत है। भारत ने पिछले दशक में “वेलफेयर पॉलिटिक्स” को लोकतांत्रिक रूप से वैध बना दिया है।अमेरिका जैसे पूंजीवादी देश में जब यही मॉडल स्वीकार किया जाता है, तो यह दर्शाता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और समाज दोनों एक संक्रमण काल में हैं,जहाँ बाजार आधारित शासन से हटकर मानवीय कल्याण आधारित शासन की ओर झुकाव बढ़ रहा है।ममदानी की जीत इस बात की भी पुष्टि करती है कि “भारतीय लोकतंत्र केवल सीमाओं के भीतर नहीं, बल्कि एक वैचारिक निर्यात बन चुका है।” 

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साथियों बात अगर हम भारत- अमेरिका संबंधों पर संभावित प्रभाव को समझनेकी करें तो, ममदानी केविचार कई बार अमेरिकी विदेश नीति के परंपरागत ढांचे से टकरा सकते हैं। उन्होंने चुनाव अभियान के दौरान गाज़ा, फिलिस्तीन और शरणार्थी अधिकारों पर प्रखर रुख अपनाया था। यह भारत की मध्य-पूर्व नीति से मेल खाता है लेकिन अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान से नहीं।यदि वे न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्र में प्रभावशाली नीतियाँ लागू करते हैं, तो यह अमेरिका की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकताओं को भी प्रभावित करेगा।भारत के लिए यह स्थिति अवसर और चुनौती दोनों है,अवसर इसलिए कि एक भारतीय मूल का नेता विश्व मंच पर भारत की बौद्धिक विरासत का विस्तार कर रहा है, और चुनौती इसलिए कि वह अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान में एक ऐसी वैचारिक धारा का प्रतिनिधित्व करता है जो भारत की वर्तमान राजनीतिक विचारधारा से भिन्न है। 

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साथियों बातें कर हम रेवड़ी या रिवोल्यूशन दो दृष्टिकोणों का संघर्ष को समझने की करें तो,ममदानी के वादों को लेकर जो विवाद है, वह केवल “फ्री गिवअवे” की नहीं, बल्कि “लोकतांत्रिक पुनर्संतुलन” की बहस है। उनके समर्थक कहते हैं कि यह “रेवड़ी” नहीं, बल्कि “समान अवसर” का विस्तार है।उदाहरण के लिए, मुफ्त ट्रांसपोर्ट स्कीम को वे “समान गतिशीलता का अधिकार” कहते हैं; जबकि विरोधी इसे “करदाताओं पर बोझ” बताते हैं।भारत में भी यही विमर्श चलता है,क्या सरकारी योजनाएँ गरीबों को सशक्त बनाती हैं या उन्हें निर्भर बनाती हैं? इस प्रश्न का कोईसार्वभौमिक उत्तर नहीं, लेकिन ममदानी की जीत ने इसे वैश्विक विमर्श बना दिया है।

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अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करेंतो हम पाएंगे क़ि ममदानी की जीत : गौरव, चुनौती और प्रयोग तीनों का संगम है, ममदानी की जीत केवल एक चुनावी घटना नहीं,बल्कि भारतीय विचारधारा, समाजवादी चेतना और राजनीतिक व्यावहारिकता के वैश्विक प्रभाव का दस्तावेज़ है।भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि उसकी संतानों ने लोकतंत्र के सबसे विकसित मंच पर भी अपनी छाप छोड़ी है।परंतु यह चेतावनी भी है कि यदि लोकतंत्र केवल मुफ्त योजनाओं पर आधारित होता चला गया, तो वह आर्थिक स्थिरता के बजाय भावनात्मक निर्भरता में बदल सकता है।ममदानी“डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट” हैं,जो कई बार अमेरिकी विदेश नीति पर खुलकर आलोचना करते रहे हैं।उन्होंने फ़िलिस्तीन, कश्मीर, और अल्पसंख्यक अधिकारों पर कई बार भारत की नीतियों की आलोचना की है इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा क़ि ममदानी की जीत  भारत के लिए न केवल गर्व है, बल्कि चुनौती भी हैँ।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

पुलिस ने प्रोफेसर के घर हुई लाखों की चोरी का किया खुलासा

दो शातिर चोर गिरफ्तार, 30 लाख के सोने-चांदी के आभूषण और दो लाख नगदी बरामद

गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
कैंट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डीएवी डिग्री कॉलेज की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सरोज श्रीवास्तव के घर में हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों — मोनू गौड़ उर्फ बाबा नायक और हसन खान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, डिजिटल कैमरा और ₹1,98,472 नगद बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी ने गुरुवार को पुलिस लाइन वाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान घटना का खुलासा किया। यह मामला मु0अ0सं0 609/2025 धारा 331(4), 305(ए), 317(2), 112 बीएनएस थाना कैंट, जनपद गोरखपुर से संबंधित है।
रिटायर प्रोफेसर डॉ. सरोज श्रीवास्तव, जो डीएवी डिग्री कॉलेज में प्राचार्या रह चुकी हैं, अपने बेटे के पास बेंगलुरु गई थीं। इस दौरान उनके मकान में अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर ली।
सूचना पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और महज 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा कर दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे बंद पड़े घरों की रेकी करते थे। घटना के दिन उन्होंने मकान के पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गैस कटर मशीन से आलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अन्य सामान चोरी कर लिया। चोरी के बाद वे अपने ठिकाने पर जाकर माल को छिपा दिए थे।
मोनू गौड़ उर्फ बाबा नायक, पुत्र सुनील गौड़, निवासी भभवली चौराहा थाना मदनपुर, देवरिया (वर्तमान पता: भरवलिया बुजुर्ग, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर)।
इसके खिलाफ हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
हसन खान, पुत्र स्व. शाजिद खान, निवासी चौरा भाना, थाना चौरीचौरा, जनपद गोरखपुर।
पूर्व में बकरी चोरी के मामले में जेल जा चुका है और उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की गई है।
कैंट पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के पास से सोने के आभूषण: 10 मंगलसूत्र, झुमके, बाली, कड़े, सिक्के व अन्य गहने,चांदी के बर्तन, मूर्तियाँ, कटोरी, तश्तरी, सिक्के,
एक Cosina डिजिटल कैमरा, एक Sony वीडियो कैमरा,
1,98,472 नगद,चोरी के दस्तावेज (पैन कार्ड, आधार कार्ड, लेडीज पर्स आदि) बरामद किए तीस लाख के जेवरात बरामद किए।
गिरफ्तारी में इंस्पेक्टर कैंट संजय सिंह, चौकी प्रभारी पैडलेगंज आशीष दुबे और उनकी पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा।
प्रेस वार्ता के दौरान सीओ कैंट योगेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे।
कैंट पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि गोरखपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त और आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जाम की समस्या के बाद प्रशासन सख्त, थोक सब्जी व्यापारियों को मिली अस्थायी राहत — एसडीएम ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
शहर में लगातार बढ़ती जाम की समस्या और रविवार को हुई एंबुलेंस फंसने की घटना के बाद प्रशासन सख्त रुख अपनाया है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए सलेमपुर के थोक सब्जी व्यापारियों को अस्थायी राहत भी प्रदान की गई है।

गुरुवार को सब्जी मंडी समिति के अध्यक्ष विजय गुप्ता के नेतृत्व में थोक और फुटकर व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्थायी मंडी के निर्माण तक वर्तमान स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति मांगी। ज्ञापन पर विचार करते हुए एसडीएम ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए।

बताया गया कि बीते रविवार को गांधी चौक से लेकर सरकारी अस्पताल तक भीषण जाम लगा था, जिसमें एक एंबुलेंस फंस गई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने नगर पंचायत के माध्यम से सब्जी व्यापारियों को उस स्थान पर दुकान लगाने से रोक दिया था। इसके विरोध में व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल और सब्जी मंडी बंद करने का निर्णय लिया था।

बैठक के दौरान सीओ मनोज कुमार, नायब तहसीलदार, ईओ महेंद्र कुमार पांडेय, एसएसआई धर्मेंद्र कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। थोक व्यापारियों में संपूर्णानंद गुप्ता, त्रिवेणी गुप्ता, विनोद ठठेरा, शंभुदयाल गुप्ता आदि शामिल रहे।

व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने नगर पंचायत ईओ को निर्देश दिए कि –

सुबह 7 बजे तक ही सब्जियों को लाने वाले वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

थोक दुकानें सड़क किनारे लग सकती हैं, परंतु इससे यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

फुटकर दुकानें केवल मंडी परिसर के अंदर ही लगाई जाएंगी।

एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यापारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया, तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

इस निर्णय से थोक सब्जी व्यापारियों को फिलहाल अस्थायी राहत मिली है, वहीं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में विंध्याचल गुप्ता, जयप्रकाश, शहीद, अजीत, मकदूम, शेर मुहम्मद, जुम्मदिन, शमशेर, नागा, इसरफील, धर्मेंद्र, संजय, गजाधर, कन्हैया, फिरोज, गणेश, कमलेश, घूरा और दिनेश सहित कई व्यापारी शामिल रहे।

क्या सच में सूरज के अंदर समा सकती हैं 1 मिलियन धरती? जानिए सूर्य का असली आकार और रहस्य

Sun vs Earth size: क्या आपने कभी सोचा है कि सूरज (Sun) कितना बड़ा है कि उसके अंदर लगभग 1 मिलियन पृथ्वी (Earth) समा सकती हैं? वैज्ञानिक रूप से यह बात सच है। सूर्य का आकार और उसका आयतन हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा विशाल है।

सूरज का व्यास पृथ्वी से 109 गुना बड़ा है। अगर एक के बाद एक पृथ्वी को पंक्ति में रखा जाए, तो सूरज के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने में 109 पृथ्वी लगेंगी। व्यास के साथ-साथ जब हम आयतन (Volume) की बात करते हैं, तो यह और भी चौंकाने वाला होता है।

सूर्य का आयतन पृथ्वी से लगभग 10 लाख (1 मिलियन) गुना ज्यादा है। इसका मतलब है कि अगर सूरज खोखला होता, तो उसके अंदर लगभग 10 लाख पृथ्वियां समा सकती थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि आयतन व्यास के घन के समानुपाती होता है।

हालांकि, सूर्य ठोस नहीं है। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन (Hydrogen) और हीलियम (Helium) गैस से बना है। इसके बावजूद इसका द्रव्यमान (Mass) पृथ्वी से 333,000 गुना ज्यादा है। सूरज अकेले सौरमंडल (Solar System) के कुल द्रव्यमान का 99.8% हिस्सा रखता है।

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दिलचस्प बात यह है कि ब्रह्मांड की दृष्टि से सूर्य को एक मध्यम आकार का तारा (Medium-sized star) माना जाता है। कुछ तारे, जैसे रेड सुपरजायंट बीटलग्यूस (Betelgeuse), सूरज से 700 गुना बड़े हैं।

सूरज का विशाल आकार ही उसे अरबों सालों तक ऊर्जा (Energy) उत्पन्न करने की क्षमता देता है। इसके केंद्र में होने वाली न्यूक्लियर फ्यूजन (Nuclear Fusion) प्रक्रिया के कारण ही हमें रोशनी और गर्मी मिलती है — जो पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाती है।

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चकदही–तामेश्वरनाथ धाम पदयात्रा की तैयारियों की भाजपा ने की समीक्षा

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 15 नवंबर 2025 को आयोजित होने वाली चकदही से तामेश्वरनाथ धाम तक पदयात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जनभागीदारी को व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री राजेश पाल चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन समर्पण, त्याग और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संदेश देता है। यह पदयात्रा युवा और समाज को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
अध्यक्षता कर रहे जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मिश्र ने कहा कि पदयात्रा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और प्रेरक बने, इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन करना होगा।
संचालन कर रहे जिला महामंत्री अनिरुद्ध निषाद ने कहा कि पदयात्रा केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरदार पटेल को भावपूर्ण नमन है। सभी विभागों और कार्यकर्ताओं का समन्वय इसकी सफलता का आधार होगा।
बैठक में सभी वक्ताओं ने सरदार पटेल की राष्ट्र एकता एवं संगठन क्षमता को स्मरण करते हुए पदयात्रा को सफल और प्रेरक बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला संयोजक हैप्पी रॉय, जिला मंत्री अनिल पांडेय, विधानसभा संयोजक गौरव निषाद, उमेश तिवारी, अत्रेश श्रीवास्तव, रामनयन शर्मा, भगवान दास, कन्हैया यादव, वीरेंद्र शुक्ल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी मानहानि केस की सुनवाई स्थगित, अब 17 नवंबर को होगी अगली तारीख — अमित शाह पर टिप्पणी का मामला

सुल्तानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थगित कर दी गई। राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण अदालत में कंडोलेंस (शोकसभा) आयोजित की गई, जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब अगली तारीख 17 नवंबर 2025 निर्धारित की है।

यह मामला वर्ष 2018 का है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह पर कथित अभद्र टिप्पणी की थी। इस पर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने रायबरेली कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी के रूप में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

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मामले की सुनवाई के दौरान दिसंबर 2023 में राहुल गांधी के पेश न होने पर कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसके बाद फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, और उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी गई।

26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश बताया। तब से वादी पक्ष साक्ष्य पेश कर रहा है। अब तक एक गवाह से जिरह पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे गवाह की जिरह जारी है। अक्सर हड़ताल और गवाहों की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

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