Friday, July 3, 2026
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थाने के बगल में 17 लाख 40 हजार की लागत से बना शौचालय महीनों से बंद जनता में रोष

कोपागंज/मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत कोपागंज क्षेत्र में थाने के ठीक बगल में करीब 17 लाख 40 हजार रुपये की लागत से निर्मित सुलभ शौचालय महीनों से बंद पड़ा हुआ है। शौचालय पर लगातार ताला लटका होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यह शौचालय पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सबनम हेलाल के कार्यकाल में बनवाया गया था, जिसका उद्घाटन 14 अक्टूबर 2021 को पूर्व विधायक विजय राजभर के द्वारा किया गया था। ग्रामीणों और कस्बे में आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सुविधा अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती थी, लेकिन लंबे समय से बंद रहने के कारण लोग परेशान हैं।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूर-दराज से आने वाले लोग शौचालय की तलाश में भटकते हैं, मगर ताला लगे होने के कारण उन्हें भारी असुविधा होती है। लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द शौचालय को खोलने और नियमित रूप से साफ-सफाई कराए जाने की मांग तेज कर दी है।


इस मामले पर BSS परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पांडे ने कहा कि “जनता के पैसे से बना शौचालय जनता की सुविधा के लिए है, न कि बंद रखकर शोपीस बनाने के लिए। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत इस शौचालय को चालू कराए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।”
वहीं, स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही शौचालय को आम जनता के लिए नहीं खोला गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब “जनहित के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

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डीएम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय कोपागंज व प्राथमिक विद्यालय खुंखुदवा का किया आकस्मिक निरीक्षण

स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज एवं उर्वरक बिक्री केंद्र कोपागंज का भी निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कोपागंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करने के साथ ही इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय खुंखुदवा का भी आकस्मिक निरीक्षण किया ।इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा साधन सहकारी समिति लिमिटेड कोपागंज के उर्वरक बिक्री केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय खुंखुदवा के निरीक्षण के दौरान नामांकन के सापेक्ष उपस्थित औसत से भी कम पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करने करते हुए उन्होंने संबंधित प्रधानाध्यापक को अभिभावकों से संपर्क कर उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा विद्यालय परिसर स्थित बालकों का शौचालय भी ठीक नहीं पाया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में बच्चों से विषय वार जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से बच्चों के लिए किया जा रहे शिक्षणेत्तर कार्यों की भी जानकारी ली तथा बेहतर उपस्थित रखने हेतु शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ ही साथ विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों एवं ग्राम प्रधान तथा अभिभावक से समन्वय स्थापित कर छात्र उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।

कोपागंज स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बालिकाओं के शयनकक्ष का निरीक्षण किया। इसके अलावा विभिन्न कक्षाओं में जाकर बालिकाओं से संवाद भी किया। कक्षा 6 निरीक्षण के दौरान उन्होंने विज्ञान सहित अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछे तथा छात्राओं द्वारा आत्मरक्षा से संबंधित एक्टिविटी की भी जानकारी ली। कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से गुड टच एवं बैड टच के बारे में भी जानकारी ली। कंप्यूटर से संबंधित जानकारी को भी जिलाधिकारी ने बालिकाओं से साझा किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित वार्डन ने निर्माणाधीन डाइनिंग हॉल के बाहर खाली जमीन पर इंटरलॉकिंग कराने, सोलर पैनल लगाने के साथ-साथ अन्य आवश्यकताओं की भी मांग की। जिलाधिकारी ने वार्डन को जो भी कमियां हैं उनकी एक सूची तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही यथासंभव कमियों को दूर करने का आश्वासन भी दिया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा साधन सहकारी समिति लिमिटेड के उर्वरक बिक्री केंद्र का निरीक्षण किया गया।यह केंद्र कोपागंज स्थित है। वहां पर उन्होंने उपलब्ध उर्वरक से स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया जो ठीक पाई गई। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में जनपद में उर्वरक की कमी नहीं है।नियमानुसार उर्वरक वितरण की कार्रवाई की जा रही है।

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अधीक्षक छुट्टी पर पाए गए। इस दौरान प्रभारी स्वास्थ्य अधीक्षक वेद प्रकाश गुप्ता मौजूद थे।जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका की जांच की। इस दौरान होम्योपैथिक अस्पताल के डॉक्टर राजू अनुपस्थित पाए गए तथा संविदा कर्मी नीलम चौहान एवं अनीता भी अनुपस्थित मिली। जिलाधिकारी ने तत्काल अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित मरीजो से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। अधिकतर मरीजो ने डॉक्टर वेद प्रकाश गुप्ता की तारीफ की तथा स्वास्थ्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरो को लेकर अच्छी राय व्यक्त की। जिलाधिकारी ने मरीजों द्वारा डॉक्टर वेद प्रकाश गुप्ता की तारीफ पर उन्हें शाबाशी भी दी। निरीक्षण दौरान जिलाधिकारी ने नर्स ड्यूटी रूम तथा दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित फार्मासिस्ट ने बताया कि आवश्यकता अनुसार मरीजो को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉक्टरों को मरीज हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने के निर्देश दिए।

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अभियान के तहत 18 मंदिरों और मस्जिदों से हटाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्र

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत शुक्रवार को थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मंदिरों और मस्जिदों से अवैध रूप से लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) हटाए गए। इस अभियान का नेतृत्व कोतवाल सिकंदरपुर मूलचंद चौरसिया ने किया। उनके साथ क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक, चौकी प्रभारी मालदा नीरज यादव तथा चौकी प्रभारी सिकंदरपुर अश्वनी कुमार मिश्रा सहित पुलिस टीम सक्रिय रही। टीम ने अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाकर कुल 18 मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारवाए।

अभियान के दौरान संबंधित धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट और शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई तथा उन्हें आगे से बिना अनुमति लाउडस्पीकर का प्रयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रशासन के आदेशानुसार ध्वनि प्रदूषण को रोकने और आम जनता की शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

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कोतवाल मूलचंद चौरसिया ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी भी धार्मिक स्थल या व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और कानून व्यवस्था में सहयोग दें। अभियान के दौरान पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति से पूरे क्षेत्र में जागरूकता और अनुशासन का संदेश गया।

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🌺 खुखुन्दू में काशीदास बाबा की पूजा में उमड़ा आस्था का सागर, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में झूमे भक्त 🌺

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खुखुन्दू में शनिवार को काशीदास बाबा पूजा समारोह बड़े ही भव्य और श्रद्धा-भाव से संपन्न हुआ। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और दोपहर तक पूरा क्षेत्र “जय बाबा काशीदास” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय गणमान्य जनों ने भाग लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई और सुख-समृद्धि की कामना की।

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पूजा-अर्चना के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रसिद्ध गायक ओम नारायण यादव, लोकगायिका रजनीगंधा, एवं लोकनायक विजय लाल यादव जैसे लोकप्रिय कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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सांस्कृतिक मंच पर भक्तिमय गीतों के साथ भोजपुरी लोकधुनों की गूंज सुनाई दी। “बाबा काशीदास के दरबार में” गीत पर श्रद्धालु झूम उठे। आयोजन समिति ने बताया कि यह वार्षिक आयोजन समाज में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त करने का प्रतीक है।

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भव्य रोशनी, सजीव झांकियों, और भक्तों की उमंग ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे “देवरिया की आध्यात्मिक पहचान” बताया। प्रशासन एवं पुलिस की व्यवस्था के कारण आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

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काशीदास बाबा की महिमा और आस्था से ओतप्रोत यह आयोजन आने वाले वर्षों तक भक्ति और लोकसंस्कृति की नई मिसाल बनेगा।

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जब सत्ता के हाथ में हो सारा पावर, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव? — बिहार चुनाव इसका उदाहरण

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✍️ चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात

बिहार में चल रहे विधानसभा चुनाव इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि जब कोई दल सत्ता में होता है, तो उसके पास संसाधनों और शक्ति का इतना केंद्रीकरण हो जाता है कि चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। चुनाव प्रचार को देखकर साफ झलकता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास प्रचार-प्रसार की पूरी पकड़ है, जबकि विपक्ष अपने सीमित साधनों के कारण कमजोर दिखाई देता है।

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में जनता को सर्वोच्च माना गया है। संविधान ने उसे यह अधिकार दिया है कि वह अपने प्रतिनिधि चुन सके और शासन की दिशा तय कर सके। लेकिन हकीकत इससे अलग है। सत्ता में बैठा दल न केवल प्रशासनिक मशीनरी बल्कि मीडिया, वित्तीय संसाधनों और सरकारी योजनाओं का भी उपयोग अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए करता है।

सत्ता और संसाधनों का केंद्रीकरण लोकतंत्र को कमजोर करता है


सत्ताधारी दल सरकारी विज्ञापनों, विकास योजनाओं और प्रचार अभियानों के जरिए जनता के मनोविज्ञान पर नियंत्रण स्थापित कर लेता है। आम नागरिक, जो रोजमर्रा की परेशानियों में उलझा होता है, वही प्रचार देखकर यह मान बैठता है कि सरकार ही उसके कल्याण की असली वाहक है।

चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी संसाधनों का उपयोग करता है। दूसरी ओर विपक्ष के पास वह साधन नहीं होते जो सत्ता के पास होते हैं। परिणामस्वरूप जनता के पास वास्तविक विकल्प नहीं बचता और लोकतंत्र की आत्मा कमजोर पड़ जाती है।

चुनाव प्रभावित करने वाले मुख्य कारक:

  1. प्रशासनिक प्रभाव: सत्ता में रहने वाला दल पुलिस, प्रशासन और सरकारी तंत्र पर नियंत्रण रखता है।
  2. वित्तीय ताकत: सरकारी योजनाओं और विज्ञापनों के माध्यम से सत्ता पक्ष अपनी छवि मजबूत करता है।
  3. मीडिया पर पकड़: मीडिया में सत्ता की उपस्थिति ज्यादा रहती है, जिससे विपक्ष की आवाज़ दब जाती है।
  4. जनता की धारणा: कई मतदाता यह मान लेते हैं कि “सत्ता में वही लौटेंगे”, जिससे विरोध में मतदान का उत्साह कम होता है।

समाधान क्या है?
अगर मतदाता सजग हों और नारे, विज्ञापन या वादों से ऊपर उठकर नीति, नीयत और प्रदर्शन के आधार पर वोट करें, तो लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति पुनः जनता के हाथ में आ सकती है।

चुनाव आयोग को और अधिक स्वतंत्र बनाया जाना चाहिए, सरकारी प्रचार पर आचार संहिता सख्ती से लागू होनी चाहिए, और मीडिया को बिना दबाव के अपनी भूमिका निभाने दी जानी चाहिए।

सत्ताधारी दल के पास भले ही शक्ति और संसाधनों का नियंत्रण हो, पर लोकतंत्र की असली ताकत जनता के पास है। यदि जनता अपने विवेक और जागरूकता के साथ मतदान करे, तो न केवल चुनाव निष्पक्ष होंगे बल्कि लोकतंत्र की जड़ें और भी गहरी होंगी। यही सच्चे लोकतंत्र का सार है।

अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, अतिक्रमण हटाने और कोर्ट परिसर की समस्याओं पर जताया रोष

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। रसड़ा में अधिवक्ता बार एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को मुंसिफ न्यायालय गेट के पास सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि न्यायालय गेट के सामने फल विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण और कोर्ट परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं से वकीलों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए प्रदर्शन से लगभग पंद्रह मिनट तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सूचना पर पहुंचे उत्तरी पुलिस चौकी प्रभारी राजकेशर सिंह ने अधिवक्ताओं को अतिक्रमण हटवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। तत्पश्चात पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल गेट से लेकर थाना रोड होते हुए प्राइवेट बस स्टॉप तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया।

इसके बाद सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ता बार एसोसिएशन रसड़ा की आमसभा अध्यक्ष राजेश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में चार सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कोर्ट गेट के पास फल और चाय की दुकानों, सिलाई, सैलून, बुक बाइंडिंग, घड़ी मरम्मत और कपड़ा प्रेस करने वाली दुकानों को हटाने की मांग शामिल थी।

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अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर से सीज वाहनों को हटाने, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, चहारदीवारी निर्माण और मुख्य द्वार के पुनर्निर्माण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

आमसभा में पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि उच्च न्यायालय इलाहाबाद, जनपद न्यायाधीश, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है।
बैठक में इंद्रदेव प्रसाद यादव, रामशब्द यादव, द्वारिका सिंह, भगवती प्रसाद सिंह, भुवनेन्द्र सिंह, सुशील सिंह, अजय सिंह, नवरत्न यादव, सबिता सिंह, दीपक रावत और अरविंद सिंह उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन महामंत्री अमित मणि त्रिपाठी ने किया।

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गुजरात में गूंजा जौनपुर का नाम

समाजरत्न सम्मान से सम्मानित हुए शीतला उपाध्याय,

गुजरात (राष्ट्र की परम्परा)। गुजरात के अहमदाबाद शहर में आयोजित जौनपुर महोत्सव में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लोगों ने एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से अपनी परंपरा, लोकगीत और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सामाजिक, राजनीतिक, कला एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले कई व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।गांव रामपुर तियरा, बदलापुर तहसील के निवासी एवं अहमदाबाद के प्रसिद्ध वस्त्र उद्योगपति शीतला उपाध्याय को उनके समाजसेवी योगदान के लिए “समाजरत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विशेष रूप से जौनपुर की राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रवासी जौनपुरवासियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “जहां भी जौनपुरवासी हैं, वहां हमारी संस्कृति की खुशबू फैल जाती है।”
महोत्सव में जौनपुर जिले के कई प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मान पत्र प्रदान कर गौरवान्वित किया गया। लोकगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा माहौल जौनपुरी रंग में रंग गया। उल्लेखनीय है कि इस तरह के आयोजन प्रवासी समुदाय को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर छात्रों की रैली को जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर से भव्य रैली का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, स्काउट-गाइड टीम, तथा ए.एस.एम. कॉन्वेंट स्कूल, सुखपुरा के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों द्वारा प्रस्तुत बैंड धुनों से हुई, जिसने वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कलेक्ट्रेट परिसर में समाप्त हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम” हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। युवा पीढ़ी को इसके इतिहास और महत्व को समझना चाहिए और इसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए। रैली के दौरान शहर देशभक्ति के गीतों और नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में फ्री राशन वितरण की तारीख घोषित

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार ने नवंबर माह के लिए नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कर दी है। राज्य में यह वितरण शनिवार से प्रारंभ होकर आगामी 25 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान सभी पात्र राशन कार्डधारकों को सरकार द्वारा तय मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने इस बार वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा तकनीक-सक्षम बनाने पर विशेष जोर दिया है। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से सभी उचित दर दुकानों के विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी लाभार्थी को राशन प्राप्त करने में अनावश्यक समस्या न हो और वितरण नियमों के अनुरूप समय पर किया जाए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी दुकानों में पर्याप्त स्टॉक पहले से उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि लाभार्थियों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
विभाग ने यह भी अनिवार्य किया है कि राशन वितरण ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के माध्यम से ही किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सके। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी कार्डों के उपयोग, गलत वितरण या स्टॉक में हेराफेरी की संभावना भी काफी हद तक समाप्त होगी।
राज्य सरकार के अनुसार, फ्री राशन योजना का उद्देश्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना और उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदेश भर में करोड़ों लाभार्थी इस योजना से प्रतिमाह लाभान्वित होते हैं। नवंबर माह के वितरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सभी जिलों में तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वितरण केंद्रों पर भीड़-प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग से सहायता उपलब्ध कराई जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो।
सरकार का कहना है कि समयबद्ध और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के उनका हक मिल सके।

बरहज में रहस्यमयी मौत: स्वस्थ युवती की अचानक मौत से क्षेत्र में मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
देवरिया जिले के बरहज नगर के आजाद नगर दक्षिणी टोला में शनिवार की सुबह एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवती घर पर अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद परिजनों और पड़ोसियों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में केवल युवती की मां मौजूद थीं। युवती की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने शोर मचाया तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने तत्काल उसके पिता को सूचना दी, जो बड़हलगंज स्थित अपनी दुकान पर थे। वे घर लौटे तो बेटी की हालत नाजुक थी।

युवती को बरहज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग इस घटना से पूरी तरह टूट गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती पूरी तरह स्वस्थ थी और बीती रात तक सामान्य थी। उसकी अचानक मौत से मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

थाना प्रभारी दिनेश मौर्य ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मृत्यु का कारण स्पष्ट करने के लिए तीन चिकित्सकों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती के गले पर हल्के निशान पाए गए हैं, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मौत का कारण जहर, फांसी या कोई अन्य कारण है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजन अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं, जबकि मां गहरे सदमे में हैं।

विवाहिता की संदिग्ध मौत, कमरे में फंदे से लटकता मिला शव — मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
तरकुलवा थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव में शनिवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता पाया गया। मृतका की पहचान प्रमिला देवी (27) पत्नी मुकेश कुमार सिंह निवासी रतनपुरा के रूप में हुई है। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों के अनुसार सुबह प्रमिला ने परिवार के सभी सदस्यों को नाश्ता कराया था। इसके बाद पति सहित सभी लोग खेतों की ओर चले गए। कुछ देर बाद प्रमिला ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। जब परिजन खेत से लौटे तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर खिड़की से झांककर देखा गया तो प्रमिला दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी। यह दृश्य देखकर परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे।

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घटना की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना पर क्षेत्राधिकारी संजय कुमार रेड्डी व थाना प्रभारी मृत्युंजय राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके कोटवा मिश्र (थाना बगौचघाट) से परिजन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रमिला को अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के पिता सरल सिंह ने कहा कि “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।”

थाना प्रभारी मृत्युंजय राय ने बताया कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।

घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जुट गए। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है।

खेसारी-तेजस्वी की रैली में गए युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, शव मिलने के बाद थानेदार लाइन हाजिर, जांच शुरू

वैशाली/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव और तेजस्वी यादव की चुनावी रैली में शामिल होने गए एक युवक की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृत युवक का शव पहाड़पुर दियारा इलाके में एक पुलिया के नीचे जमीन में दबा हुआ मिला। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है, वहीं जुड़ावनपुर थानेदार पुरुषोत्तम कुमार यादव को लापरवाही और अभद्र व्यवहार के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।

मृतक की पहचान अमोड ठाकुर (20 वर्ष), निवासी पहाड़पुर गांव, पिता शिवजी ठाकुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर की शाम अमोड खेसारी लाल यादव की जनसभा में शामिल होने गया था, जो राजद उम्मीदवार तेजस्वी यादव के समर्थन में आयोजित की गई थी। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया।

परिजनों के अनुसार, अमोड का मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। उन्होंने जुड़ावनपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन थानेदार ने न केवल लापरवाही दिखाई बल्कि परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

छह दिन बाद यानी 8 नवंबर को, पहाड़पुर दियारा में एक पुलिया के नीचे से अमोड का शव बरामद हुआ। जब स्थानीय लोगों ने बदबू महसूस की, तो देखा कि कुत्ते शव को नोच रहे थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

जानकारी के मुताबिक, अमोड असम की एक मार्बल फैक्ट्री में काम करता था और छठ पूजा मनाने के लिए गांव आया हुआ था। वह चार भाइयों में तीसरा था और छह महीने पहले ही शादी हुई थी। जिस दिन वह गायब हुआ, उसी दिन वह ससुराल से लौटा था और खेसारी-तेजस्वी की रैली देखने निकला था।

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पुलिस अधीक्षक (SP) ललित मोहन शर्मा ने बताया कि गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने में लापरवाही करने और पीड़ित परिवार के साथ दुर्व्यवहार के कारण थानेदार को लाइन हाजिर किया गया है। उन्होंने कहा कि एफएसएल टीम ने मौके से सैंपल एकत्र किए हैं और मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

SP शर्मा ने कहा,

“मामले की जांच के लिए सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”

शव मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। प्राथमिक जांच में लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।

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11 नवंबर को होगी पेंशनर्स कल्याण संस्था की मासिक बैठक, उठेंगे पेंशनर्स के हक़ की आवाज़

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था, देवरिया की मासिक बैठक आगामी 11 नवंबर 2025 (मंगलवार) को दोपहर 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित संस्था कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में पेंशनर्स की जनपदीय और प्रदेश स्तरीय समस्याओं पर गंभीर चर्चा की जाएगी। साथ ही, संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता बढ़ाने तथा पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

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संस्था के अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी, मंत्री लालसा यादव, कोषाध्यक्ष शिवदत्त पाठक, संयुक्त मंत्री दिग्विजय नाथ सिंह एवं प्रचार मंत्री अशोक कुमार कुशवाहा ने सभी पेंशनरों से समय से उपस्थित होकर बैठक को सफल बनाने की अपील की है।

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बैठक का उद्देश्य पेंशनरों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाना और संगठन के प्रति एकजुटता को सशक्त करना है। पेंशनर्स की आवाज़ – उनके सम्मान, अधिकार और हक़ की दिशा में एक सार्थक कदम।

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ऋषभ पंत फिर हुए चोटिल! साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में कमबैक पर लटक गई तलवार, टीम इंडिया की बढ़ी चिंता

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Sports: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक बार फिर चोट का शिकार हो गए हैं। लंबे समय के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी की उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन अब उनका कमबैक संकट में नजर आ रहा है।

दरअसल, पंत साउथ अफ्रीका ए (South Africa A) के खिलाफ चल रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच के दौरान तीसरे दिन चोटिल हो गए। मैच के दौरान फील्डिंग करते वक्त उन्हें असहज महसूस हुआ और वे तुरंत मैदान छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद मेडिकल टीम ने उनकी जांच की, हालांकि अब तक आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है।

बता दें कि टीम इंडिया को 14 नवंबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलनी है। पंत इस सीरीज में अपनी वापसी करने वाले थे, लेकिन ताजा चोट के बाद उनके खेलने पर संशय गहराता जा रहा है।

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ऋषभ पंत ने पिछले साल दिसंबर 2022 में कार एक्सीडेंट के बाद से क्रिकेट से लंबा ब्रेक लिया था। उन्होंने IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए वापसी की थी और शानदार प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता था। लेकिन अब एक बार फिर चोटिल होने से उनके करियर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया मैनेजमेंट अब पंत की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाएगा और जरूरत पड़ने पर के.एल. राहुल या ईशान किशन को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

फिलहाल फैंस सोशल मीडिया पर ऋषभ पंत के जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।

खेसारी लाल यादव के ‘पत्नी को बहन’ वाले बयान पर फूटी रानी चटर्जी की भड़ास, बोलीं – “हे भगवान! क्या सुनना पड़ रहा है”

Rani Chatterjee Slams Khesari Lal: भोजपुरी सिनेमा की क्वीन रानी चटर्जी एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने खेसारी लाल यादव पर निशाना साधा है। दरअसल, हाल ही में खेसारी लाल यादव का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं—

“मैं अपनी पत्नी से घर में बहुत प्यार करता हूं, लेकिन जब बाहर जाता हूं तो एक भाई की तरह जाता हूं कि इस बहन की सुरक्षा करनी है।”

खेसारी का यह बयान सुनने के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने इसे ‘कन्फ्यूजन का बयान’ बताया, वहीं भोजपुरी एक्ट्रेस रानी चटर्जी ने इसे “विक्टिम कार्ड प्ले” करने जैसा बताया है।

रानी चटर्जी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर खेसारी के इस वायरल वीडियो को रीपोस्ट करते हुए लिखा—

“मतलब पति बनकर आप सुरक्षा नहीं कर सकते? क्या बकवास है! हे भगवान, ये सब क्या सुनना पड़ रहा है। खेसारी जी, कोई अच्छा सलाहकार रख लीजिए, जो आपको सिखा सके कि इंटरव्यू में क्या बोलना चाहिए।”

उन्होंने आगे लिखा—

“ये हमेशा विक्टिम कार्ड प्ले करते हैं।”

इससे पहले पवन सिंह ने भी खेसारी पर तंज कसते हुए कहा था—

“खेसारी लाल यादव की कोई गारंटी नहीं है, कब बीवी को बहन बना लें और कब बहन को बीवी।”

बता दें कि रानी चटर्जी और खेसारी लाल यादव कभी अच्छे को-स्टार हुआ करते थे, लेकिन अब दोनों के रिश्ते बिगड़ चुके हैं। रानी ने पहले भी खेसारी और आकांक्षा पुरी के जिम वीडियो को लेकर उन्हें ट्रोल किया था।

वहीं रानी चटर्जी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘यूपी वाली बिहार वाली’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। उन्होंने हाल ही में फिल्म सेट से पूजा-पाठ की एक झलक भी सोशल मीडिया पर साझा की थी।