Thursday, July 2, 2026
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न्यायिक अधिकारियों के आवास निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं – डीएम मऊ

“जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र का सख्त निरीक्षण — गुणवत्तापूर्ण निर्माण और गौसेवा पर दिया विशेष जोर”

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने मंगलवार को जनपद न्यायालय मऊ में न्यायिक अधिकारियों के लिए बन रहे श्रेणी-5 के 14 आवासों के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। यह परियोजना ₹1711.76 लाख की लागत से निर्माणाधीन है, जिसका कार्य 3 जनवरी 2025 को प्रारंभ हुआ था और इसे 2 जनवरी 2027 तक पूरा किया जाना है। अब तक ₹700 लाख की धनराशि व्यय हो चुकी है।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के प्रयोग व कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण स्थल पर कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली और उन्हें सुरक्षित वातावरण में कार्य करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड परदहा के ग्राम सभा रणवीरपुर स्थित गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहाँ लगभग 200 गौवंश मौजूद पाए गए। निरीक्षण में गौशाला का पीछे का गेट टूटा हुआ व ज़मीन उबड़-खाबड़ मिली। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पर्याप्त भूसा व हरे चारे की व्यवस्था करने का आदेश दिया। उन्होंने सर्दी के मौसम को देखते हुए पशुओं के लिए गरमाहट व सुरक्षित आश्रय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।

जिलाधिकारी का यह निरीक्षण न केवल प्रशासनिक सजगता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शासन आम जन और गौवंश दोनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

एसपी के निर्देश पर कोपागंज पुलिस की कार्रवाई — संदिग्ध वाहनों और होटलों की हुई सघन जांच

दिल्ली ब्लास्ट के बाद मऊ पुलिस अलर्ट — कोपागंज में रातभर चला सघन चेकिंग अभियान, हर संदिग्ध पर रखी गई पैनी नज़र

एसपी इलामारन के निर्देश पर कोपागंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई — होटल, रेस्टोरेंट, शराब भट्टियाँ और संदिग्ध वाहन रहे रडार पर

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी बढ़ने के बीच, मऊ जिले के पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देश पर सोमवार की रात कोपागंज पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया।

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थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय अपनी टीम और पुलिस बल के साथ रातभर क्षेत्र में गश्त करते रहे। इस दौरान थाना क्षेत्र के सभी होटलों, रेस्टोरेंटों, ढाबों, शराब भट्टियों सहित प्रमुख मार्गों पर चल रहे संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली गई। अचानक हुए इस अभियान से क्षेत्र में देर रात तक हलचल और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
पुलिस टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के कई ठिकानों पर दबिश दी और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक या संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी गई। थानाध्यक्ष राय ने कहा कि “सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, हर संदिग्ध गतिविधि पर हमारी पैनी निगाह है।”

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प्रदेश की राजधानी में हुए धमाके के बाद यह कदम जनपद स्तर पर सुरक्षा को मजबूत करने और संभावित घटनाओं की रोकथाम हेतु उठाया गया है। पुलिस की तत्परता और सजगता ने नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा किया है।

सपनों को पंख दो” — की लाइट फाउंडेशन ने किशोरियों में जगाई आत्मविश्वास की लौ

🌸 किशोरियों को मिला सशक्तिकरण का मंत्र — की लाइट फाउंडेशन का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। “सपनों को पंख दो, क्योंकि उड़ान तुम्हारी है” — इसी सोच को साकार करते हुए की लाइट फाउंडेशन के तत्वाधान में बृजमनगंज ब्लॉक के 8 ग्राम पंचायतों की किशोरियों के लिए दो दिवसीय सशक्तिकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 32 किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

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🌺 उद्देश्य और प्रशिक्षण का सार

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था — लैंगिक भेदभाव, लैंगिक आधारित हिंसा और उसके सामाजिक प्रभावों पर किशोरियों को जागरूक बनाना। प्रशिक्षकों ने बताया कि समाज में व्याप्त यह असमानता न केवल शिक्षा और अवसरों को प्रभावित करती है, बल्कि लड़कियों के आत्मविश्वास और सपनों पर भी गहरा असर डालती है।
कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को प्रेरित किया गया कि वे सपनों को पूरा करने की दिशा में निडर होकर आगे बढ़ें। प्रशिक्षक ओमप्रकाश ने हाल ही में सम्पन्न महिला विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि “आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं — बस जरूरत है निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और समर्पण की।”

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🌼 उपस्थित अतिथि एवं सहयोगी

इस प्रशिक्षण में ओमप्रकाश ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक, अकाउंटेंट धनंजय पाठक, सामुदायिक कार्यकर्ता संध्या एवं संजना भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने किशोरियों को जागरूकता और आत्मबल बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

🌻 संस्था की पहल — बदलाव की दिशा में कदम

की लाइट फाउंडेशन का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और किशोरियों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। संस्था का उद्देश्य है कि प्रत्येक किशोरी अपने अधिकारों को पहचाने, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा बने।

जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति , खाद्य सुरक्षा , व अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने के दिए निर्देश

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र द्वारा मंगलवार को प्रातः 10 बजे कलेक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति कार्यालय, खाद्य सुरक्षा कार्यालय एवं अल्पसंख्यक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। जिला पूर्ति कार्यकाल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई जिसमें तौकिक अहमद खान पू.लि., आशीष सिंह पू.लि., सीताराम सिंह वाहन चालक एवं नारायण यादव चपरासी अनुपस्थित पाए गए।

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इसके अलावा जिला पूर्ति अधिकारी भी अनुपस्थित मिले। खाद्य सुरक्षा कार्यालय के निरीक्षण में आशुतोष कुमार चौबे डीआई, अजीत कुमार त्रिपाठी एफएसओ एवं विजय प्रकाश एफएसओ अनुपस्थित मिले। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुपस्थित पाए गए तथा अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी द्वारा समस्त अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने के सख्त निर्देश दिए अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की चेतावनी भी दी।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी में कार्यायलयों की साफ सफाई रखने के निर्देश दिए एवं सभी अधिकारियों एवं कर्मचारी को कार्यालय में समय से उपस्थित होने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी शिकायतें लेकर आपके कार्यालय में आता है, संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उसे व्यक्ति की शिकायतों को सुने एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उसका निस्तारण करें।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह उपस्थित रहे।

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की सेहत पर दी अपडेट, झूठी खबरें फैलाने वालों पर जताई नाराजगी

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की सेहत को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर लगातार अफवाहें फैल रही हैं। इन खबरों के बाद देओल परिवार ने जनता से अपील की है कि झूठी खबरों पर भरोसा न करें। अब धर्मेंद्र की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने खुद आगे आकर अभिनेता की हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

हेमा मालिनी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,

“जो हो रहा है वो अक्षम्य है! जिम्मेदार चैनल ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी खबर कैसे फैला सकते हैं जिस पर इलाज का असर हो रहा है और वह ठीक हो रहे हैं? यह बेहद अपमानजनक और गैरजिम्मेदाराना है। कृपया परिवार और उनकी निजता का पूरा सम्मान करें।”

हेमा मालिनी के इस बयान के बाद फैन्स ने राहत की सांस ली है। उन्होंने धर्मेंद्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और मीडिया से जिम्मेदारी के साथ खबरें प्रसारित करने की अपील की है।

अमित शाह ने की सुरक्षा बैठक, कहा – दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

🔴 लाल किले के पास गूंजा धमाका: दिल्ली दहली, देश में हाई अलर्ट — अमित शाह की उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा खामी पर मंथन

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देश की राजधानी सोमवार शाम एक बार फिर दहल उठी जब ऐतिहासिक लाल किले के पास खड़ी एक हुंदै आई20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ। इस भीषण धमाके में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ जल उठीं और पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और जांच एजेंसियां हरकत में आ गईं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, जबकि दिल्ली को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।

🚨 आतंक की साजिश के संकेत

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि विस्फोटक कार को चलाने वाला व्यक्ति जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला और पेशा से डॉक्टर उमर मोहम्मद था। सूत्रों के मुताबिक, उमर का फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से गहरा संबंध था, जहां से हाल ही में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस कार बम में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

सीसीटीवी फुटेज में “मास्क पहने एक व्यक्ति” को उस कार को चलाते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि विस्फोट से पहले यह कार करीब तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ी थी। अब पुलिस सीसीटीवी की मदद से हर सेकंड का सुराग तलाश रही है।
🧩 दिल्ली से फरीदाबाद तक जुड़ी डोर
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को शक है कि यह विस्फोट फरीदाबाद में बरामद किए गए “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” से जुड़ा है। वहाँ तीन डॉक्टरों सहित आठ संदिग्ध गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर उमर मोहम्मद ने अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद गिरफ्तारी के डर से यह हमला अंजाम दिया हो सकता है।
🏛️ अमित शाह की उच्च स्तरीय बैठक
गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के तुरंत बाद एलएनजेपी अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि “दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।” मंगलवार सुबह शाह गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं, जिसमें गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी निदेशक तपन डेका, एनआईए प्रमुख सदानंद वसंत दाते और दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा शामिल हैं।
🛑 राजधानी में सख्त सुरक्षा
दिल्ली में सभी हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सघन जांच चल रही है। सीमाओं पर हर वाहन की तलाशी ली जा रही है। लाल किला मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। यातायात पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह केवल एक धमाका नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चेतावनी की घंटी है। देश को जागरूक रहना होगा।”

देवरिया के शिवा की सलामती की दुआ में जुटा कस्बा

दिल्ली ब्लास्ट में देवरिया का बेटा शिवा घायल — कपड़ों की खरीदारी करने गया था, अब एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा इलाज

भाजपा नेत्री का लड़का है घायल शिव

देवरिया। राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए भीषण बम ब्लास्ट में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का युवक शिवा जायसवाल (28 वर्ष) भी घायल हो गया। घटना के समय शिवा कपड़ों की मार्केटिंग के लिए दिल्ली गया था। घायल शिवा को तत्काल एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों के मुताबिक अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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शिवा भलुअनी थाना क्षेत्र के भलुअनी कस्बा निवासी है और भलुअनी चौराहे पर रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाता है। जानकारी के अनुसार, वह 9 नवंबर को कपड़ों की खरीदारी के लिए दिल्ली गया था। मार्केटिंग का काम निपटाने के बाद जब वह अपनी बहन के घर जाने के रास्ते में था, तभी ब्लास्ट की चपेट में आ गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

शिवा की बहन रंजना जायसवाल ने बताया, “हमें यह खबर टीवी के माध्यम से मिली। सुनते ही घर में सब बेहाल हो गए। मां तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। अब शिवा की हालत सामान्य है।”
वहीं शिवा की दुकान पर काम करने वाली सान्या कुमारी ने कहा, “शिवा भैया कपड़ों की खरीदारी के लिए दिल्ली गए थे। हमें टीवी और उनकी बहन के ज़रिए पता चला कि वे घायल हो गए हैं। आज भी उन्हें मार्केटिंग पर जाना था।”

शिवा चार बहनों का इकलौता भाई है, जिससे पूरे कस्बे में चिंता का माहौल है। भलुअनी के लोग उसकी जल्द स्वस्थ होने की दुआएं कर रहे हैं और परिवार से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

वो दीप जो बुझकर भी दे गए उजाला

11 नवंबर को इतिहास में अमर हुए महान व्यक्तित्व

भारत का इतिहास उन विभूतियों की यादों से सजा है जिन्होंने अपने कर्म, विचार और योगदान से देश की आत्मा को आलोकित किया। 11 नवंबर का दिन ऐसे ही कुछ महान व्यक्तित्वों की स्मृति लेकर आता है जिन्होंने साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम, कला और संस्कृति के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए जानें उन विभूतियों को जिन्होंने इस दिन हमें सदा-सदा के लिए विदा कहा, पर उनके कार्य आज भी युगों तक प्रेरणा देते हैं।
कन्हैयालाल सेठिया (1919 – 2008): राजस्थान का कवि, जिसने रेगिस्तान को शब्द दिए
राजस्थान के चूरू जिले में जन्मे कन्हैयालाल सेठिया हिन्दी और राजस्थानी दोनों भाषाओं के प्रसिद्ध कवि, स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी थे। बचपन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति और लोकसंवेदना की गहरी जड़ें थीं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनकी रचनाएँ जैसे ‘धरती धोरां री’ आज भी राजस्थान की आत्मा को स्वर देती हैं। राजस्थानी साहित्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय रहा। उन्हें पद्मश्री और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 11 नवंबर 2008 को उनका निधन हुआ, पर उनकी कविताएँ आज भी मरुस्थल की हवाओं में गूंजती हैं।

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कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा (1904 – 1994): कन्नड़ साहित्य का दीपस्तंभ
कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले के कुप्पाली गाँव में जन्मे कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा (के. वी. पुट्टप्पा) जिन्हें लोग प्रेम से कुवेंपू कहते हैं, कन्नड़ भाषा के महान कवि, लेखक और विचारक थे। मैसूर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अध्यापन और साहित्य सृजन दोनों को साधना बना लिया। उनका महाकाव्य “श्रीरामायण दर्शनम” कन्नड़ साहित्य की अमर कृति मानी जाती है। “विश्वमनव” की अवधारणा प्रस्तुत कर उन्होंने मानवता को नई दृष्टि दी। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। 11 नवंबर 1994 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा, पर कन्नड़ संस्कृति में उनका नाम आज भी अमर है।
देवकी बोस (1898 – 1971): भारतीय सिनेमा के साउंड आर्टिस्ट और निर्देशक
बंगाल के श्रीरामपुर (हुगली, पश्चिम बंगाल) में जन्मे देवकी बोस भारतीय सिनेमा के उन अग्रदूतों में से थे जिन्होंने तकनीकी और कलात्मक दोनों दृष्टियों से फिल्म निर्माण को नया आयाम दिया। वे पहले निर्देशकों में से थे जिन्होंने फिल्मों में ध्वनि और संगीत के तालमेल को गहराई से जोड़ा। उनकी फिल्म “सीता” 1934 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा पाई। वे बंगाल की सांस्कृतिक चेतना के वाहक थे और अपने समय के सबसे प्रयोगशील निर्देशकों में गिने जाते थे। 11 नवंबर 1971 को उन्होंने अंतिम सांस ली, पर उनका सिनेमा आज भी भारतीय फिल्म इतिहास का स्वर्ण अध्याय है।

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उमाकांत मालवीय (1919 – 1982): गीतों में संवेदना, कविताओं में जनमन
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जन्मे उमाकांत मालवीय हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि और गीतकार थे। उन्होंने अपनी कविताओं में समाज की व्यथा, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों को स्वर दिया। शिक्षा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से प्राप्त की। उनकी रचनाओं में सादगी और गहराई का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। वे न केवल एक कवि थे बल्कि जनजागरण के संवाहक भी थे। 11 नवंबर 1982 को उनका निधन हुआ, पर उनके गीत आज भी मंचों और कवि सम्मेलनों में जीवित हैं।
राम सिंह पठानिया (1824 – 1849): स्वतंत्रता की ज्वाला में जलता हुआ दीपक
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर (कांगड़ा) जिले के रहने वाले वीर योद्धा राम सिंह पठानिया भारत के शुरुआती स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ 1848 में शौर्यपूर्ण विद्रोह का नेतृत्व किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी बहादुरी ने अंग्रेजों की नींव हिला दी। दुर्भाग्यवश उन्हें 1849 में गिरफ्तार कर फांसी दे दी गई। वे भले ही मात्र 25 वर्ष की उम्र में वीरगति को प्राप्त हुए, पर उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहा। राम सिंह पठानिया का नाम हिमाचल के हर गांव में साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है।

इन पांचों महान आत्माओं ने भले ही 11 नवंबर को इस संसार से विदा ली, पर उनके कार्य, विचार और प्रेरणाएँ आज भी भारतीय चेतना को आलोकित करती हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सच्चे कर्मवीर मरते नहीं — वे विचारों में अमर रहते हैं।

राजधानी में धमाका: सुरक्षा तंत्र पर बड़ा सवाल, आखिर कब जागेगा सिस्टम?

“जब दिल की धड़कन रह जाती है थम — बड़ा सवाल: सुरक्षा कहां भंग?”

देश की राजधानी एक बार फिर दहशत में है। बम धमाकों की गूंज केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल में सुनाई दे रही है। महानगरों की भीड़भाड़ वाली गलियों से लेकर बाजारों और मंदिरों तक, अब सुरक्षा का भरोसा डगमगाने लगा है। हर बार की तरह इस बार भी वही सवाल उठ रहा है — आखिर हमारी सुरक्षा एजेंसियां कब तक चेतावनियों को अनदेखा करती रहेंगी?

धमाके के बाद सन्नाटा केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहता। यह पूरे देश के दिल को झकझोर देता है। देवरिया जैसे सुदूर जनपदों तक मातम की लहर दौड़ जाती है — किसी माँ की गोद उजड़ती है, किसी बहन की कलाई सूनी हो जाती है। ऐसे हादसे हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हमने सुरक्षा को सिर्फ औपचारिकता बना दिया है?

🔍 खुफिया तंत्र में खामियां या राजनीतिक उदासीनता?

हर बड़ा धमाका केवल एक चूक नहीं, बल्कि कई स्तरों पर हुई विफलताओं का परिणाम होता है।

खुफिया सूचनाओं का सही विश्लेषण न होना

स्थानीय पुलिस और केंद्र के बीच समन्वय की कमी

सीमाओं की निगरानी में तकनीकी खामियाँ

नीतिगत इच्छाशक्ति की कमी

इन्हीं कमजोरियों का फायदा आतंकवादी संगठन उठा लेते हैं। नकली पहचान, सोशल मीडिया नेटवर्क, काले धन और स्थानीय मदद के सहारे वे अपने मंसूबे पूरे कर जाते हैं। सवाल यह है कि जब हर बार यही पैटर्न दोहराया जाता है, तो क्या सिस्टम भी उसी पुराने ढर्रे पर चलता रहेगा?

🛡️ समाधान कठिन नहीं, संकल्प चाहिए

अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समन्वय मजबूत हो, तो समाधान असंभव नहीं।
कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाए जा सकते हैं:

इंटेलिजेंस नेटवर्क को साझा और समन्वित बनाना

स्थानीय पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक और ट्रेनिंग उपलब्ध कराना

भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाईटेक सर्विलांस सिस्टम और बायोमेट्रिक चेतावनी तंत्र लगाना

सामुदायिक जागरूकता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देना

सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं आती, बल्कि विश्वास, तकनीक, और पारदर्शी शासन से बनती है।

अब आश्वासन नहीं, जवाबदेही चाहिए

हर धमाके के बाद “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा” जैसे बयान अब खोखले लगने लगे हैं। जनता को अब जवाब चाहिए — किसकी लापरवाही ने मासूम जिंदगियाँ लीं, किसने सुरक्षा चेतावनियों को दरकिनार किया?
यह समय है कि सरकार और एजेंसियां मिलकर ठोस सुधार लागू करें, ताकि फिर किसी माँ की गोद सूनी न हो और किसी राजधानी की धड़कन थमे नहीं।

“इतिहास के पन्नों में 11 नवंबर: ज्ञान और कर्म के सपूत”

11 नवंबर के गौरवशाली नक्षत्र: वे महान व्यक्तित्व जिन्होंने भारत के इतिहास को अमर बना दिया


भारत का इतिहास ऐसे महान व्यक्तित्वों से भरा पड़ा है जिन्होंने अपने ज्ञान, कर्म, सेवा और समर्पण से राष्ट्र के उत्थान में अमिट छाप छोड़ी। 11 नवंबर का दिन इन विभूतियों के जन्मदिन के रूप में विशेष महत्व रखता है। शिक्षा, न्याय, राजनीति, विज्ञान, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में जन्मे इन महान पुरुषों और महिलाओं ने भारत की दिशा और दशा दोनों को संवारा। आइए जानते हैं 11 नवंबर को जन्मे उन व्यक्तित्वों के बारे में जिन्होंने अपने क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया—

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🏛️ 1. डी. वाई. चन्द्रचूड़ (जन्म: 11 नवंबर 1959, मुंबई, महाराष्ट्र)
भारत के वर्तमान 50वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) धनंजय यशवंत चन्द्रचूड़ न्यायपालिका के आधुनिक युग के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसलों में न्याय की नई परिभाषा दी — जैसे निजता का अधिकार, LGBTQ समुदाय के अधिकार, और महिलाओं की समानता पर उनके निर्णय भारतीय संविधान की आत्मा को पुनर्जीवित करते हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाई. वी. चन्द्रचूड़ के पुत्र हैं। शिक्षा उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और हार्वर्ड लॉ स्कूल से प्राप्त की। उनका न्यायिक दृष्टिकोण मानवाधिकारों के प्रति गहरा समर्पण दर्शाता है।

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👑 2. जिग्मे सिंग्ये वांग्चुक (जन्म: 11 नवंबर 1955, थिम्फू, भूटान)
भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांग्चुक को “ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस” (सकल राष्ट्रीय खुशहाली) की अवधारणा देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने विकास के पारंपरिक आर्थिक पैमाने के स्थान पर नागरिकों की खुशी और संतुलित जीवन को प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में भूटान ने लोकतांत्रिक प्रणाली की नींव रखी। पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सुधार में उनके योगदान ने भूटान को एक शांतिपूर्ण, खुशहाल राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
🏞️ 3. नेफियू रियो (जन्म: 11 नवंबर 1950, तुफ़ेनचू, नागालैंड)
नेफियू रियो, नागालैंड के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री भी हैं। वे नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) के संस्थापक अध्यक्ष हैं। नागालैंड में शांति, विकास और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में उन्होंने कई जनहितकारी योजनाएं शुरू कीं। उनका नेतृत्व पूर्वोत्तर भारत में स्थायी राजनीतिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।
⚛️ 4. अनिल काकोदकर (जन्म: 11 नवंबर 1943, बारसी, महाराष्ट्र)
डॉ. अनिल काकोदकर, भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के पूर्व निदेशक रहे हैं। वे भारत के स्वदेशी परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के प्रमुख वास्तुकारों में से एक हैं। उनके प्रयासों से भारत ने परमाणु स्वावलंबन की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की। विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में युवाओं को प्रेरित करने के लिए वे निरंतर सक्रिय हैं।
📚 5. कैलाश वाजपेयी (जन्म: 11 नवंबर 1936, झांसी, उत्तर प्रदेश)
हिन्दी साहित्य के मर्मज्ञ कवि, आलोचक और चिंतक कैलाश वाजपेयी आधुनिक काव्य के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। उनके कविता-संग्रह “संभव की जय” और “देश का काल” ने समकालीन कविता को नई दिशा दी। उनके लेखन में गहरी दार्शनिकता और सामाजिक सरोकार झलकते हैं। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित वाजपेयी जी ने हिंदी कविता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
🎬 6. माला सिन्हा (जन्म: 11 नवंबर 1936, कोलकाता, पश्चिम बंगाल)
माला सिन्हा, 1950-60 के दशक की बॉलीवुड की सबसे सशक्त अभिनेत्रियों में से एक थीं। अनपढ़, दिल तेरा दीवाना, हिमालय की गोद में जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वे हिंदी सिनेमा में महिला-केंद्रित भूमिकाओं की अग्रणी मानी जाती हैं। अपनी सहजता और भावनात्मक गहराई से उन्होंने महिला पात्रों को नई पहचाओ

7. अमिताभ चौधरी (जन्म: 11 नवंबर 1927, बिहार)
भारत के ईमानदार और निडर पत्रकार अमिताभ चौधरी ने मीडिया जगत में सत्य, नैतिकता और निर्भीकता की मिसाल कायम की। उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर कलम चलाकर जनजागरण किया। उनके लेखन का उद्देश्य सदैव समाज के वंचित वर्गों की आवाज बनना था। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
💰 8. आई. जी. पटेल (जन्म: 11 नवंबर 1924, गुजरात)
इंद्रजीत गोवर्धनदास पटेल, भारतीय रिज़र्व बैंक के 14वें गवर्नर रहे। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए अनेक नीतिगत सुधार किए। वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक भी रहे — यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय थे। वित्तीय अनुशासन और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान ने भारत की आर्थिक सोच को गहराई दी।
🏛️ 9. सुंदर लाल पटवा (जन्म: 11 नवंबर 1924, मध्य प्रदेश)
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुंदर लाल पटवा दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने ग्रामीण विकास, सिंचाई और कृषि सुधारों में उल्लेखनीय कार्य किया। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश “बिमारू राज्य” की छवि से निकलकर विकासशील प्रदेश की ओर अग्रसर हुआ। उन्हें “विकास पुरुष” कहा जाता है।
📖 10. मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (जन्म: 11 नवंबर 1888, मक्का, सऊदी अरब)
भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता, विचारक और विद्वान थे। उन्होंने आधुनिक भारत की शिक्षा प्रणाली की नींव रखी। उनके प्रयासों से IIT, UGC, और AICTE जैसी संस्थाओं की स्थापना हुई। उनकी जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई जाती है। वे धर्मनिरपेक्षता और एकता के प्रबल समर्थक थे।
🇮🇳 11. जे. बी. कृपलानी (जन्म: 11 नवंबर 1888, सिंध, पाकिस्तान)
जेवतराम भगवानदास कृपलानी स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। उन्होंने महात्मा गांधी के साथ सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। आज़ादी के बाद भी वे समाजवादी विचारधारा के मुखर प्रवक्ता बने रहे। ईमानदारी और सादगी उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।
👩‍🏫 12. अनसूया साराभाई (जन्म: 11 नवंबर 1885, अहमदाबाद, गुजरात)
भारत की पहली महिला ट्रेड यूनियन लीडर अनसूया साराभाई ने मजदूरों के अधिकारों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने “मजदूर महाजन संघ” की स्थापना की और महात्मा गांधी के साथ मिलकर श्रमिक आंदोलन को मजबूत किया। वे “मजदूर माता” के नाम से जानी जाती हैं।
✒️ 13. अल्ताफ़ हुसैन हाली (जन्म: 11 नवंबर 1837, पानीपत, हरियाणा)
हाली उर्दू साहित्य के प्रसिद्ध कवि और आलोचक थे। उनकी रचना “मुसद्दस-ए-हाली” उर्दू कविता का एक मील का पत्थर मानी जाती है। उन्होंने सामाजिक सुधार और शिक्षा के महत्व पर गहन लेखन किया। वे सर सैयद अहमद खाँ के विचारों से प्रेरित थे और अलीगढ़ आंदोलन के सक्रिय समर्थक रहे।

11 नवंबर भारत के इतिहास का वह पृष्ठ है जो ज्ञान, साहस, सेवा और सृजन की ज्योति से आलोकित है। इन विभूतियों ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सच्चा राष्ट्र प्रेम कर्म, समर्पण और आदर्शों से प्रकट होता है।


तेज हुई बागापार से बेलभरिया तक पक्की सड़क निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने डीएम से सड़क निर्माण की रखी मांग,बरसात में होती है भारी परेशानी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के ग्राम पंचायत बागापार से बेलभरिया तक पक्की सड़क निर्माण की मांग अब तेज हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बागापार से बरईठवा होते हुए बेलभरिया का टोला विजयपुर तक यदि पक्की सड़क का निर्माण हो जाए, तो दर्जनों ग्राम सभाओं के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस सड़क मार्ग से बेलभरिया, नाथनगर, महेशपुर कम्हरिया कला, बड़हरा राजा, धर्मपुर, धरमौली, चौक बाजार सहित आस- पास के कई प्रमुख ग्राम पंचायतों के लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। वर्तमान में लोगों को बेलभरिया जाने के लिए बरवा राजा होते हुए चैनपुर या बागापार से परासखाड़ होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे लगभग पांच किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती है और समय भी अधिक लगता है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि बागापार- बरईठवा होते हुए बेलभरिया (टोला विजयपुर तक सड़क का निर्माण कराया जाता है, तो यह न केवल दूरी घटाएगा बल्कि बरसात के मौसम में आवागमन की मुश्किलों से भी लोगों को राहत मिलेगी।
इस संबंध में एडवोकेट मानवेन्द्र शुक्ला ने कहा कि यह सड़क मार्ग ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। बरसात में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में बदल जाता है। सड़क निर्माण होने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं, ग्राम प्रधान बेलभरिया सुदर्शन यादव ने बताया कि उन्होंने इस सड़क निर्माण की मांग कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा मैं इस मुद्दे को फिर से सांसद और विधायक के समक्ष उठाऊंगा। यह सड़क हमारे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बन सकती है।
ग्रामीणों में परशुराम सहानी, सुग्रीव, समाजसेवी उमेश चन्द्र मिश्र, उपेन्द्र, सोनू, राजेश, विपिन, राजू सहित अन्य लोगों ने भी सामूहिक रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बागापार से बेलभरिया तक पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।

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🌟11 नवंबर का अंक राशिफल: जानिए पंडित सुधीर तिवारी से कैसे रहेगा आपका दिन, मूलांक 1 से 9 तक!


अंक राशिफल (Numerology Prediction)
दिनांक 11 नवंबर 2025, मंगलवार। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह दिन विशेष ऊर्जाओं से भरा रहेगा। अपनी जन्मतिथि से निकले मूलांक (1 से 9) के आधार पर जानिए — कैसा बीतेगा आपका दिन। प्रस्तुत है पंडित सुधीर तिवारी द्वारा तैयार किया गया विस्तृत अंक राशिफल, सरल शब्दों में — जो आपके दिन को दिशा देगा।

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🌞 मूलांक 1
आज कुछ बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन आप मजबूत इच्छाशक्ति से सब पार कर लेंगे। जिम्मेदारियों को संभालने और अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा समय है। आत्मविश्वास आपका सबसे बड़ा हथियार रहेगा।

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🌙 मूलांक 2
विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे-मोटे अड़चनें आएंगी, पर आप अपनी समझदारी से हालात पर नियंत्रण पा लेंगे।

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🔱 मूलांक 3
आज खुद पर भरोसा रखें। कोई बड़ा फैसला या नया कदम उठाने का सही वक्त है। अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करें। अवसरों का स्वागत करें, सफलता आपके कदम चूमेगी।

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⚖️ मूलांक 4
अपने इंट्यूशन यानी अंतर्ज्ञान की आवाज़ पर भरोसा करें। निर्णय लेने में जल्दबाज़ी न करें। यदि सहायता की आवश्यकता हो, तो संकोच न करें। आपके पास हर समस्या का समाधान है।

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💞 मूलांक 5
आज का दिन रोमांटिक और ऊर्जावान रहेगा। कुछ नया करने का मन बनेगा। परिवर्तन को अपनाएं और नए अनुभवों का स्वागत करें। अप्रत्याशित खुशखबरी संभव है।

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💫 मूलांक 6
कंफर्ट जोन से बाहर निकलें — नई दिशा मिलेगी। जल्दबाजी से बचें, धैर्य रखें। किसी रिश्ते या काम में संतुलन जरूरी है। आपकी शांति ही आपकी सफलता की कुंजी है।

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🕉 मूलांक 7
आपका दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। चुनौतियों का सामना बुद्धिमानी से करें। अपनी संवाद शैली और आकर्षण से लोगों को प्रभावित करेंगे। प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
🔥 मूलांक 8
आज दिन रोमांच और उपलब्धियों से भरा रहेगा। नई चुनौतियों का स्वागत करें और नए लोगों से जुड़ें। करियर और रिश्तों में प्रगति के संकेत हैं। आत्मविश्वास से सब मुमकिन है।

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🌺 मूलांक 9
आपके प्रयास रंग लाएंगे। काम में सफलता और सम्मान मिलेगा। तनाव कम लें और सकारात्मक सोच रखें। आज का दिन सपनों को साकार करने की ओर कदम बढ़ाने का है।

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⚠️ डिस्क्लेमर:
इस अंक ज्योतिषीय आलेख को राष्ट्र की परम्परा प्रमाणित नहीं करता। यह केवल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। अपनी सटीक जानकारी हेतु अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र का आज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और आज या कल ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धर्मेंद्र के निधन की खबर से पूरे बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है।

धर्मेंद्र ने अपने छह दशकों के शानदार फिल्मी करियर में “शोले”, “चुपके चुपके”, “अनुपमा”, “धरम वीर”, “सीता औरगीता”, और “यादों की बारात” जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया। वे भारतीय सिनेमा के सबसे करिश्माई और लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक थे।

अपने दमदार व्यक्तित्व और दिलकश अदाकारी के कारण उन्हें हिंदी फिल्मों का ‘ही-मैन ऑफ बॉलीवुड’ कहा जाता था। धर्मेंद्र न केवल एक शानदार अभिनेता थे बल्कि उन्होंने निर्माता और राजनेता के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

फिल्म इंडस्ट्री के सितारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल के घर पर शोक व्यक्त करने के लिए बॉलीवुड सितारों का पहुंचना जारी है।

धर्मेंद्र के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम युग के अभिनेता को खो दिया है, जिन्होंने अपनी सादगी और अभिनय से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।

बलिया में पुलिस मुठभेड़ में शातिर बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; तमंचा और चोरी की बाइक बरामद

बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बांसडीह कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात हुई मुठभेड़ में एक शातिर बदमाश राहुल राजभर को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर सदर अस्पताल बलिया में भर्ती कराया गया।

जानकारी के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह अपनी टीम के साथ भेड़िया पुल पर रात में गश्त व चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पहिया की ओर से आ रहे एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पीछा करने पर उसकी बाइक फिसल गई और वह गिर पड़ा।

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पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसे घायल कर पकड़ा। आरोपी की पहचान राहुल राजभर (25 वर्ष), पुत्र स्व. चंद्रमा राजभर, निवासी कुर्थिया थाना सुखपुरा, जनपद बलिया के रूप में हुई। उसके पास से एक नाजायज तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक चोरी की हीरो एक्स प्लस मोटरसाइकिल बरामद की गई।

आश्चर्यजनक रूप से, चोरी की बाइक पर क्रेटा कार का नंबर प्लेट लगाया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहुल राजभर घर में घुसकर चोरी और वाहन चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है और बलिया, गाजीपुर व बिहार में सक्रिय गिरोह से जुड़ा हुआ है।

एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि आरोपी पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसकी आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

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हाई ब्लड प्रेशर से परेशान? जानिए रोजाना कितना नमक खाना है सुरक्षित, वरना बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) या हार्ट डिजीज से बचना चाहते हैं, तो अपने खाने में नमक की मात्रा कम करना बेहद जरूरी है। दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोडियम का अधिक सेवन न सिर्फ ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, बल्कि दिल की बीमारियों (Heart Diseases) का खतरा भी कई गुना बढ़ा देता है।

क्यों बढ़ा नमक बनता है खतरा

नमक यानी सोडियम क्लोराइड (Sodium Chloride) शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित करता है। जब आप ज्यादा नमक खाते हैं, तो शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो जाता है, जिससे ब्लड वॉल्यूम बढ़ता है और ब्लड प्रेशर भी ऊपर चला जाता है। समय के साथ यह स्थिति धमनियों की दीवारों को कमजोर कर देती है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

दिनभर में कितना नमक खाना है सुरक्षित

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार:

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को दिनभर में 1500 मिलीग्राम से कम सोडियम (लगभग ¾ चम्मच नमक) लेना चाहिए।

स्वस्थ व्यक्ति के लिए 2300 मिलीग्राम तक सोडियम (करीब 1 चम्मच नमक) सुरक्षित माना गया है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि सोडियम की मात्रा 1000 मिलीग्राम घटाने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 3–5 mmHg तक कम हो सकता है।

कहां छिपा होता है नमक

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि नमक सिर्फ ऊपर से डालने से आता है, जबकि असल में सबसे ज्यादा नुकसान प्रोसेस्ड फूड्स (Processed Foods) से होता है। इसमें शामिल हैं:

फास्ट फूड, बेकरी आइटम, सॉसेज, नूडल्स, सूप, चिप्स, चीज़, सॉस और ब्रेड।
FDA के अनुसार, हमारे दैनिक सोडियम सेवन का अधिकांश हिस्सा इन्हीं पैकेट वाले खाद्य पदार्थों से आता है, न कि टेबल सॉल्ट से।

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बहुत कम नमक भी हो सकता है नुकसानदेह

हालांकि नमक घटाना जरूरी है, लेकिन बहुत कम (1500 मिलीग्राम से नीचे) सोडियम सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह स्थिति उन लोगों के लिए खतरनाक है जिन्हें किडनी या हार्ट से जुड़ी दिक्कतें हैं। सोडियम शरीर में नर्व और मसल्स फंक्शनिंग के लिए आवश्यक है, इसलिए इसे पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: यह जानकारी वैज्ञानिक अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सा सलाह का विकल्प न मानें। अपने आहार में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से परामर्श लें।