Wednesday, July 1, 2026
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सिकंदरपुर विकास को लेकर पूर्व ब्लाक प्रमुख उर्मिला सिंह की रक्षा मंत्री से मुलाकात

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से पूर्व ब्लाक प्रमुख उर्मिला सिंह ने शुक्रवार को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण समस्याओं और लंबित विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उर्मिला सिंह ने विशेष रूप से खरीद–दरौली पक्का पुल निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बाधित इस पुल के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल निर्माण के लिए आवश्यक बजट जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह उन्होंने रक्षा मंत्री से किया।इसके साथ ही उन्होंने सिकंदरपुर में बस स्टैंड निर्माण की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि बस स्टैंड न होने से यात्रियों को अव्यवस्था व असुविधा का सामना करना पड़ता है, इसलिए आधुनिक सुविधाओं वाला बस स्टैंड निर्माण अत्यावश्यक है। सिकंदरपुर–मालीपुर नहर मार्ग की जर्जर हालत पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और इसके पुनर्निर्माण से हजारों ग्रामीणों को सीधी राहत मिलेगी। पुर ग्रामसभा में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज पर बात करते हुए उर्मिला सिंह ने कहा कि धनाभाव के कारण कॉलेज का कार्य रुका हुआ है। यदि अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए तो यह कॉलेज शीघ्र पूरा होकर युवाओं के लिए खेल शिक्षा का बड़ा केंद्र साबित होगा। इस मुलाकात के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामापति शास्त्री भी मौजूद रहे। उन्होंने भी क्षेत्र के विकास कार्यों पर सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। बताया जाता है कि रक्षा मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

पराली प्रबंधन पर सरकारी प्रयास बेअसर, सलेमपुर क्षेत्र में नहीं दिख रहा सुधार

देवरिया/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार पराली प्रबंधन को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रही है तथा किसानों को प्रोत्साहन योजनाओं, जागरूकता अभियानों और दंडात्मक प्रावधानों के माध्यम से खेतों में पराली न जलाने की अपील कर रही है। बावजूद इसके, देवरिया जिले के सलेमपुर तहसील क्षेत्र में सरकारी प्रयासों का जमीनी असर बेहद सीमित दिखाई दे रहा है।

सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि पराली जलाना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के नियमों के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। नियमों के अनुसार पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। परंतु इन प्रावधानों के बावजूद क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

सलेमपुर उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह ने स्वयं गांव-गांव जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के लाभ बताए, वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी, साथ ही पराली जलाने के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, पर्यावरण दूषित होता है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ते हैं।

जागरूकता के साथ-साथ प्रशासन ने सख्ती भी दिखाई है। पराली जलाने की शिकायतों पर कई किसानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई और जुर्माना भी लगाया गया। इसके बावजूद कुछ किसान नियंत्रित करने योग्य विकल्प मौजूद होने के बाद भी पराली खेतों में आग के हवाले करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सरकार किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर जैसी मशीनों के उपयोग के लिए सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इसके बावजूद सीमित जागरूकता और परंपरागत तरीके अपनाने की प्रवृत्ति के कारण समस्या बनी हुई है।

क्षेत्र में बढ़ती पराली जलाने की घटनाएं न सिर्फ वायु गुणवत्ता के लिए नुकसानदायक हैं, बल्कि सरकार के पराली प्रबंधन अभियान पर भी सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन ने दोहराया है कि यदि किसान नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पराली प्रबंधन तभी सफल होगा जब सरकार के प्रयासों के साथ किसान भी जागरूक होकर आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाएंगे और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

मेगा हेल्थ चेकअप कैंप में 100 से अधिक लोग लाभान्वित

इंदिरापुरम/गाज़ियाबाद(राष्ट्र की परम्परा)
टूब्रेना हेल्थ द्वारा डॉ. अनिल तोमर एवं डॉ. लीना तोमर के नेतृत्व मे अहिंसा खंड-2, जज एन्क्लेव में मेगा फ्री हेल्थ चेकअप कैंप आयोजित किया गया, जिसमें 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त किया।
शिविर में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील यादव (सरवोदया हॉस्पिटल), स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा यादव, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल (कमल हॉस्पिटल) तथा फिजियोथेरेपिस्ट व डाइटीशियन डॉ. प्रियंका तोमर ने नि:शुल्क सेवाएँ प्रदान कीं।
कैंप में फ्री BMD (हड्डियों की जांच), फ्री PFT (फेफड़ों की जांच), ब्लड टेस्ट (मैक्स लैब द्वारा) और पोषण/फिजियो काउंसलिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
आयोजक संस्था TwoBrena Health ने बताया कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने हेतु ऐसे निःशुल्क कैंप आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में विशेष सहयोग रीना ढ़िंगरा (मो.: 8287715574) का रहा।

वीरांगना उदा देवी: अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ नारी शक्ति की प्रतीक

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1857 की क्रांति की अमर नायिका जिसे इतिहास ने कम लिखा

पुनीत मिश्र

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल राजाओं और सेनाओं के संघर्ष से नहीं बना, बल्कि उन असंख्य वीर-वीरांगनाओं की दृढ़ता और बलिदान से भी गढ़ा गया है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। ऐसी ही एक महान, लेकिन इतिहास में कम चर्चित क्रांतिकारी थीं वीरांगना उदा देवी पासी, जिनकी वीरता 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अद्भुत रूप से उजागर हुई।
वीरांगना उदा देवी अवध क्षेत्र की साहसी महिला थीं। उन्होंने अंग्रेजी शासन की ज्यादतियों के खिलाफ संगठित प्रतिरोध में सक्रिय भूमिका निभाई। वे बेगम हज़रत महल के नेतृत्व में कार्यरत क्रांतिकारी दल से जुड़ीं और अपने पति मक्खन पासी के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष में कूद पड़ीं।
1857 के संग्राम के दौरान उदा देवी ने महिलाओं का एक वीर दस्ता तैयार किया, जिसे “दालखोरिन दल” कहा गया। यह दल बिबिघर से लेकर लखनऊ के कई मोर्चों पर अंग्रेजी सेना को कड़ा मुकाबला देता रहा। उदा देवी की युद्ध कौशल और दूरदर्शिता का सर्वोच्च प्रदर्शन सिकंदर बाग़ के युद्ध में देखने को मिला। कहा जाता है कि उन्होंने पेड़ पर चढ़कर अंग्रेज सैनिकों पर सटीक निशाना साधा और अकेले ही कई सिपाहियों को मौत के घाट उतार दिया। अंग्रेज सेना इस अचानक हुए हमले से विस्मित रह गई थी।
इसी युद्ध के दौरान उदा देवी ने वीरगति प्राप्त की। युद्ध समाप्ति के बाद जब अंग्रेज अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कराया, तो उन्हें यह जानकर गहरा आश्चर्य हुआ कि उनके अनेक सैनिकों को मारने वाली योद्धा एक महिला थी। उनका यह अद्भुत साहस देखकर विरोधी सेनानायक भी सम्मान प्रकट करने के लिए विवश हो उठे।
उदा देवी का बलिदान स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ। उन्होंने यह प्रमाणित किया कि भारतीय नारी किसी भी विपरीत परिस्थिति में असीम साहस और क्षमता का परिचय देने में समर्थ है।
आज उदा देवी की स्मृति लखनऊ के सिकंदर बाग़ सहित अनेक आयोजनों और समाजिक स्मरणों के माध्यम से जीवित है, लेकिन राष्ट्रव्यापी स्तर पर उनकी वीरता का प्रचार-प्रसार अभी भी आवश्यक है। उनकी गाथा आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता किसी एक वर्ग या समुदाय की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा आकांक्षा है और इस संघर्ष में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रिम पंक्ति में रही है।
वीरांगना उदा देवी का जीवन साहस, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति की अमिट ज्योति है, जो इतिहास के पन्नों में भले धुंधली दिखाई दे, पर भारतीय जन-मन में सदैव उज्ज्वल बनी रहेगी।

तेज प्रताप यादव का फूटा गुस्सा: रोहिणी आचार्य के बयान से लालू परिवार में बढ़ा राजनीतिक भूचाल

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार राजनीति विवाद तेज प्रताप यादव रोहिणी आचार्य बयान—बिहार की राजनीति में 15 नवंबर का दिन एक और तूफ़ान लेकर आया, जब लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अचानक राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने का गंभीर ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए बड़ी नाराज़गी जताई। यह खबर आते ही पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई।

लेकिन मामला तब और गर्म हो गया जब लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक तीखा संदेश जारी किया। इंस्टाग्राम पर पार्टी के आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट किए गए इस बयान ने साफ कर दिया कि यह विवाद अब सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील रूप ले चुका है।

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तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया, लेकिन मेरी बहन के साथ हुआ अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे बिना नाम लिए अपने ही दल और परिवार से जुड़े कुछ लोगों को जयचंद बताते हुए कठोर शब्दों में कहा कि परिवार पर हमला करने वालों को बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

तेज प्रताप का क्रोध यहीं नहीं रुका। उन्होंने अपने पिता और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से सीधे अपील करते हुए लिखा—
“पिता जी, आप बस एक संकेत दीजिए। आपका एक इशारा और बिहार की जनता इन जयचंदों को मिट्टी में मिला देगी। यह लड़ाई किसी दल की नहीं, बल्कि परिवार की इज्जत, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान की रक्षा की लड़ाई है।”

इस बयान ने बिहार की राजनीति का तापमान एकदम बढ़ा दिया है। तेज प्रताप यादव का यह कहना कि मामला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक सम्मान से जुड़ा है, इस विवाद के बेहद गंभीर और भावनात्मक आयाम को उजागर करता है।

रोहिणी आचार्य, जो हमेशा से अपने तीखे और बेबाक ट्वीट्स के लिए जानी जाती हैं, ने जिस तरह अपने ही परिवार के भीतर दबाव की बात कही, उसने विपक्ष को भी नए सियासी तीर थमा दिए हैं। आरजेडी समर्थकों में इस घटनाक्रम को लेकर चिंता और नाराज़गी दोनों देखी जा रही है, जबकि विरोधी दल इसे “लालू परिवार में बढ़ती खाई” करार दे रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि लालू परिवार की एकता हमेशा आरजेडी की सबसे बड़ी ताकत रही है। यदि यह मतभेद गहराए, तो इसका सीधा असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर होगा।

फिलहाल, सभी की निगाहें लालू यादव पर टिकी हैं कि वे अपने बेटे-बेटी के इस तनाव पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। तेज प्रताप यादव के बयान के बाद साफ है कि यह मामला यहीं रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में बिहार राजनीति विवाद तेज प्रताप यादव रोहिणी आचार्य बयान सुर्खियों में बना रहेगा।

स्वतंत्र पत्रकारिता: लोकतंत्र की आत्माराष्ट्रीय प्रेस दिवस पर विशेष

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नवनीत मिश्र

राष्ट्रीय प्रेस दिवस केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की उस धड़कन का जीवंत प्रमाण है जो समाज को जागरूक, सतर्क और संवेदनशील बनाए रखती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे मजबूत प्रहरी है। पत्रकारिता ही वह आईना है जिसमें सत्ता अपनी छवि देख सकती है और समाज अपनी वास्तविकता पहचान सकता है। लोकतंत्र के चार स्तंभों में प्रेस को इसलिए विशिष्ट स्थान मिला है क्योंकि वह शासन और जनता के बीच पारदर्शिता का सेतु बनता है। पत्रकार केवल खबर नहीं लिखते, बल्कि विचारों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछते हैं, सामाजिक विसंगतियों को उजागर करते हैं और आम जन की समस्याओं को व्यवस्था के दरवाज़े तक पहुँचाते हैं। स्वतंत्र पत्रकारिता जब निर्भीक होती है, तो भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार कहीं छुप नहीं पाते। पत्रकार की सबसे बड़ी ताकत उसकी यह क्षमता है कि वह बड़ी जटिल बात को कुछ सरल और छोटे शब्दों में जनसामान्य तक पहुँचा देता है। यह केवल कौशल नहीं, बल्कि अनुभव, ईमानदारी और जिम्मेदारी का संगम है। पत्रकारिता एक पेशा भर नहीं, सत्य के प्रति दृढ़ निष्ठा का व्रत है। उनकी लेखनी इसी संकल्प से चलती है कि तथ्य बिना डर, बिना दबाव और बिना भेदभाव के जनता तक पहुँचे। 1966 में प्रेस परिषद की स्थापना के बाद यह दिवस मनाया जाने लगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मीडिया अपनी गरिमा, विश्वसनीयता और नैतिक दायित्व को हमेशा कायम रखे। यह दिन उन पत्रकारों को सलाम करने का अवसर है जो विपरीत परिस्थितियों, खतरों और सीमित संसाधनों के बीच भी सच की खोज में लगे रहते हैं। कई पत्रकार कठिन मैदानों, आपदाओं और संघर्ष क्षेत्रों में काम करते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर भी समाज को सही जानकारी उपलब्ध कराते हैं। सदैव कहा गया है कि पत्रकार का एकमात्र धर्म सत्य है। निर्भीक पत्रकार ही वह आवाज़ बनता है जो कमजोर और वंचित तबकों की बात सत्ता के गलियारों तक पहुँचा सके। इसलिए यह चेतावनी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि “जहां प्रश्न पूछना बंद हो जाए, वहां लोकतंत्र सांसें गिनने लगता है।” और प्रश्न पूछने का यह साहस पत्रकारिता ही प्रदान करती है। आज डिजिटल युग में पत्रकारिता अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है, फेक न्यूज़, ट्रोल की संस्कृति, सूचना का अतिशय प्रवाह, मीडिया ट्रायल और आर्थिक दबाव। ऐसी परिस्थितियों में सत्यनिष्ठ पत्रकारिता का महत्व और बढ़ जाता है। जरूरत है कि मीडिया अपनी मूल आत्मा—निष्पक्षता, सटीकता और संवेदनशीलता पर अडिग रहे, तभी समाज में विश्वास की मशाल जलती रह सकती है। अंततः यही संदेश सबसे महत्वपूर्ण है कि स्वतंत्र पत्रकारिता ही सच्चे लोकतंत्र की असली पहचान और उसकी सांसों में बसने वाली शक्ति है।

भारत के अमर शहीदों की स्मृति में लिखा इतिहास”

“वीरों की अमर गाथा: 16 नवंबर को इतिहास के मंच से विदा हुए अमिट नाम”

16 नवंबर इतिहास के उन महान आत्माओं को याद करने का दिन है जिन्होंने राष्ट्र, समाज और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया। यह तिथि भारत की बहादुरी, बलिदान और संघर्ष की प्रेरक कहानियों को जीवंत करती है। SEO-फ्रेंडली शैली में प्रस्तुत यह लेख उन महापुरुषों और वीरांगनाओं को समर्पित है जिनकी विरासत आज भी आने वाली पीढ़ियों को साहस और कर्तव्य का संदेश देती है।
करतार सिंह सराभा (1915) – स्वतंत्रता का उज्ज्वल दीपक
करतार सिंह सराभा मात्र 19 वर्ष की आयु में वह नाम बन गए, जिसे देखकर अंग्रेजी हुकूमत भी भयभीत हो उठती थी। गदर आंदोलन के प्रमुख सेनानी सराभा ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका साहस, उनकी प्रतिबद्धता और मातृभूमि के प्रति उनका अमिट प्रेम आज भी देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला जगाता है। वह कहते थे—“देश की मिट्टी में मेरी आखिरी सांस मिले, यही मेरा सौभाग्य है।”
उनका बलिदान इस बात का प्रतीक है कि उम्र नहीं, इरादा क्रांति को जन्म देता है।

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ऊदा देवी (1857) – पासी समाज की अमर वीरांगना
1857 के महान स्वतंत्रता संग्राम में ऊदा देवी का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। पासी जाति से आने वाली यह वीरांगना अवध की ‘बेगम हजरत महल सेना’ से जुड़ी थीं। उन्होंने ब्रिटिश सैनिकों से अकेले युद्ध करते हुए कई दुश्मनों को ढेर कर दिया। पेड़ पर चढ़कर छिपकर किए गए उनके ऐतिहासिक युद्धकौशल ने उन्हें अमर बना दिया।
ऊदा देवी केवल एक महिला योद्धा नहीं थीं, बल्कि वह स्वाभिमान, साहस और अपने अधिकारों की रक्षा का प्रतीक थीं। उनका योगदान इतिहास के पन्नों पर सदैव जीवित रहेगा।

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16 नवंबर को हुए ये दोनों निधन भारत के इतिहास के उन पन्नों की याद दिलाते हैं जो बलिदान, साहस और स्वतंत्रता के उज्ज्वल अध्यायों से भरे पड़े हैं। करतार सिंह सराभा और ऊदा देवी ने न केवल ब्रिटिश शासन को चुनौती दी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश दिया कि आजादी का मूल्य अनमोल है और इसके लिए लड़ने का साहस हर भारतीय में होना चाहिए।

मंदिर में दर्शन के पांच मिनट बाद चोरी हो गए 16,000 रुपये के जूते, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दर्ज कराई FIR

बेंगलुरु (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बेंगलुरु के बनशंकरी स्टेज स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर से जूता चोरी का अनोखा मामला सामने आया है। यहां दर्शन करने पहुंचे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के ब्रांडेड जूते महज़ पांच मिनट में चोरी हो गए। जूतों की कीमत लगभग 16,000 रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद पीड़ित इंजीनियर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

कैसे हुई चोरी?

शिकायतकर्ता इंजीनियर के अनुसार, वह शाम करीब 7:20 बजे मंदिर पहुंचे और नियम के अनुसार जूते बाहर उतारकर पूजा करने गए। मात्र पांच मिनट में दर्शन पूरा कर जब वह बाहर निकले, तो उनके जूते गायब थे।

“मंदिर में जूते चोरी होना आम बात” — पुजारी

पीड़ित ने बताया कि मंदिर के पुजारी और कई भक्तों ने उन्हें जानकारी दी कि यहां जूते चोरी होना आम बात है। पुजारी के अपने भी जूते दो बार चोरी हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने पुलिस में शिकायत नहीं की थी।

सीसीटीवी में कैद हुआ चोर

इंजीनियर ने घटना को अनदेखा करने से इनकार करते हुए FIR दर्ज कराई।
सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति नंगे पांव भक्त बनकर आता और जूते उठाकर ले जाता हुआ दिखाई दिया है।

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पहले पकड़े गए चोरों का खुलासा

पुलिस के अनुसार, पहले पकड़े गए कुछ जूता चोरों ने बताया था कि वे चोरी किए हुए ब्रांडेड जूते 20–50 रुपये में बेचकर शराब खरीदते थे।

इंजीनियर ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा:

“अगर छोटी चोरी को नजरअंदाज किया जाएगा, तो वही लोग बड़ी चोरी भी करेंगे। इसलिए ऐसे लोगों को सबक सिखाना जरूरी है।”

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चोर की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है। साथ ही आसपास के इलाकों में पूछताछ भी की जा रही है।

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करियर, धन, शिक्षा और राजनीति पर ग्रहों का प्रभाव

16 नवंबर 2025 का दैनिक राशिफल – Pandit Satya Prakash Pandey द्वारा

🔭 ग्रहों की स्थिति
गुरु – कर्क,केतु – सिंह,चंद्रमा – कन्या,सूर्य–शुक्र – तुला,बुध–मंगल – वृश्चिक,राहु – कुंभ,शनि – मीन
मेष (Aries) –अ, च, ल, ई
आज का दिन: स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता। बुजुर्गों का आशीर्वाद लाभ देगा।
कार्य/व्यवसाय: मध्यम गति, पर कार्य सफल होंगे।
शिक्षा: पढ़ाई में फोकस बनाए रखें।
कला/संगीत: नए अवसर मिलेंगे।
राजनीति: सम्मान व जनसंपर्क बढ़ सकता है।
प्रशासन: निर्णय लेते समय सावधानी रखें।
आर्थिक स्थिति: धनप्राप्ति मध्यम, बचत पर ध्यान दें।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजन: भगवान गणेश की आराधना शुभ।

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वृषभ (Taurus) – ब, व, उ
आज का दिन: भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
कार्य/व्यवसाय: स्थिर धनलाभ। महत्वपूर्ण निर्णय रोकें।
शिक्षा: लेखन–अध्ययन में सफलता।
कला/संगीत: रचनात्मकता बढ़ेगी।
राजनीति: विरोधी सक्रिय हो सकते हैं।
प्रशासन: दायित्व बढ़ेंगे, सम्मान मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: सामान्य लेकिन स्थिर।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 6
पूजन: दुर्गा माता का स्मरण लाभदायक।
मिथुन (Gemini) –क, छ, घ
आज का दिन: भौतिक सुख बढ़ेंगे, पर घरेलू तनाव संभव।
कार्य/व्यवसाय: शानदार लाभ।
शिक्षा: प्रतियोगिता में सफलता।
कला/संगीत: नई पहचान बनेगी।
राजनीति: भाषण–प्रचार में लाभ।
प्रशासन: पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: बहुत अच्छी।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 3
पूजन: विष्णु भगवान का ध्यान शुभ।
कर्क (Cancer) –ह, ही, हु, हो
आज का दिन: पराक्रम चमकेगा, योजनाएँ सफल होंगी।
कार्य/व्यवसाय: बड़े लाभ के संकेत।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में प्रगति।
कला/संगीत: मंच पर सफलता।
राजनीति: नेतृत्व में चमक।
प्रशासन: अधिकारियों से सहयोग।
आर्थिक स्थिति: मजबूत।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजन: शिवजी को लाल पुष्प चढ़ाएँ।
सिंह (Leo) – म, ट, त
आज का दिन: निवेश से बचें, धन हानि का योग।
कार्य/व्यवसाय: सामान्य।
शिक्षा: एकाग्रता कम हो सकती है।
कला/संगीत: धीमी प्रगति।
राजनीति: विरोधियों से सावधान।
प्रशासन: स्थिर लेकिन दबाव रहेगा।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ेगा।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 8
पूजन: विष्णु भगवान की पूजा।
कन्या (Virgo) – प, ठ, ण
आज का दिन: सकारात्मक ऊर्जा, मनोकामनाएँ पूरी।
कार्य/व्यवसाय: बड़ी बढ़त।
शिक्षा: उत्कृष्ट परिणाम।
कला/संगीत: प्रसिद्धि का योग।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा।
प्रशासन: हर कार्य में सफलता।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: गहरा नीला
शुभ अंक: 4
पूजन: शनिदेव को प्रणाम करें।
तुला (Libra) र, श, त
आज का दिन: मन खिन्न रह सकता है।
कार्य/व्यवसाय: सामान्य लेकिन स्थिर।
शिक्षा: ध्यान की आवश्यकता।
कला/संगीत: उन्नति धीमी।
राजनीति: विरोधी सक्रिय होंगे।
प्रशासन: तनाव के बीच भी सफलता।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 2
पूजन: लक्ष्मी जी की आराधना शुभ।
वृश्चिक (Scorpio) न, य
आज का दिन: यात्रा शुभ, सफलता का दिन।
कार्य/व्यवसाय: लाभदायक अवसर।
शिक्षा: उच्च लक्ष्यों की ओर प्रगति।
कला/संगीत: बाहरी यात्रा से पहचान।
राजनीति: सकारात्मक समाचार।
प्रशासन: प्रमोशन संकेत।
आर्थिक स्थिति: बढ़िया।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 9
पूजन: विष्णु भगवान का ध्यान।
धनु (Sagittarius) –भ, ध, फ
आज का दिन: कोर्ट केस में जीत, सम्मान मिलेगा।
कार्य/व्यवसाय: लाभ और उन्नति।
शिक्षा: पढ़ाई में स्थिरता।
कला/संगीत: दूर से अवसर मिलेगा।
राजनीति: उच्च पद की ओर बढ़त।
प्रशासन: वरिष्ठों का सहयोग।
आर्थिक स्थिति: बहुत अच्छी।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 7
पूजन: सूर्य देव का अर्घ्य।
मकर (Capricorn) –ख, ज
आज का दिन: भाग्य साथ देगा।
कार्य/व्यवसाय: तेजी से लाभ।
शिक्षा: श्रेष्ठ परिणाम।
कला/संगीत: नया अवसर।
राजनीति: लोकप्रियता बढ़ेगी।
प्रशासन: तरक्की के योग।
आर्थिक स्थिति: मजबूत।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 4
पूजन: गणेश जी की आराधना।
कुंभ (Aquarius)- स, द
आज का दिन: सावधानी रखें, चोट का योग।
कार्य/व्यवसाय: सफल लेकिन सतर्क रहें।
शिक्षा: ध्यान में कमी।
कला/संगीत: धीमी गति।
राजनीति: विवाद से बचें।
प्रशासन: निर्णय सोचसमझकर लें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजन: हनुमान जी का स्मरण।
मीन (Pisces) – द, च, झ, थ
आज का दिन: जीवनसाथी का सहयोग, उन्नति।
कार्य/व्यवसाय: शानदार सफलता।
शिक्षा: पढ़ाई में गति तेज़।
कला/संगीत: चमक बढ़ेगी।
राजनीति: महत्वपूर्ण समर्थन मिलेगा।
प्रशासन: प्रशंसा और उन्नति।
आर्थिक स्थिति: बहुत अच्छी।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 1
पूजन: विष्णु–लक्ष्मी आराधना।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह राशिफल पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा तैयार किया गया है।
राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिषीय भविष्यवाणी को प्रमाणित नहीं करता।
अपनी सटीक जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएँ।

इतिहास में अमिट छाप छोड़ने वाले प्रेरणा-पुरुष

16 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व

इतिहास में कुछ दिन ऐसे होते हैं जो अपने भीतर असाधारण प्रतिभाओं का खजाना छुपाए होते हैं। 16 नवंबर भी ऐसा ही दिन है, जब जन्मे कई महान व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में अमिट पहचान बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गए। साहित्य, कला, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, संगीत और राष्ट्रनिर्माण के अनगिनत आयामों को रोशन करने वाले इन नामों ने न केवल अपने समय को प्रभावित किया, बल्कि मानव सभ्यता को भी नई दिशा दी।

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आइए, ऐसे ही प्रेरक 16 नवंबर जन्मे महान लोगों पर विस्तार से दृष्टि डालते हैं—
अलफ्रेड नॉयस (1880)
ब्रिटिश साहित्यिक जगत की शान अलफ्रेड नॉयस कवि और नाटककार के रूप में विश्व प्रसिद्ध हैं। उनकी रचनाएँ मानवीय संवेदनाओं, सुंदर कल्पनाओं और गहन भावनाओं से परिपूर्ण थीं। “द हाईवे मैन” जैसी कालजयी कविता ने उन्हें साहित्य प्रेमियों के दिलों में अमर बना दिया।
श्रीराम लागू (1927)
भारतीय रंगमंच और सिनेमा के चमकते सितारे डॉ. श्रीराम लागू अभिनय, संवाद अदायगी और चरित्र की गहराई के कारण सदैव याद किए जाते हैं। मराठी और हिंदी नाटकों में उनकी उपस्थिति दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ती है। सामाजिक मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच ने भी उन्हें विशिष्ट पहचान दी।

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आर्ट सैनसम (1920)
अमेरिकी कार्टून जगत में अमूल्य योगदान देने वाले आर्ट सैनसम अपनी रचनात्मकता, हास्य और कलात्मक शैली के लिए प्रसिद्ध थे। उनके द्वारा बनाए गए कॉमिक्स आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं और समाजिक व्यंग्य के सर्वोत्तम उदाहरण माने जाते हैं।
आर. रामचंद्र राव (1931)
भारतीय क्रिकेट जगत में अपनी निष्पक्षता और शांत स्वभाव से पहचान बनाने वाले अंपायर आर. रामचंद्र राव खेल के नियमों और मानकों के कड़े पालन के लिए जाने जाते थे। उनकी उपस्थिति मैदान पर भरोसे और संतुलन का प्रतीक रही है।

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पुलेला गोपीचंद (1973)
भारत को बैडमिंटन जगत में नई पहचान दिलाने वाले पुलेला गोपीचंद एक महान खिलाड़ी और प्रशंसित कोच हैं। ऑल इंग्लैंड चैंपियन बनने से लेकर साइना नेहवाल और पी.वी. सिंधु जैसे चैंपियंस तैयार करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है।
के. ए. दिनशा (1943)
चिकित्सा जगत की अग्रणी महिला के. ए. दिनशा ने हेल्थ सेक्टर में अपनी दूरदर्शिता और सेवा-भाव से समाज में नई रोशनी जगाई। स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में उनके प्रयास हमेशा प्रेरक रहेंगे।
मिहिर सेन (1930)
भारत के प्रसिद्ध लंबी दूरी के तैराक मिहिर सेन विश्व में भारत का नाम ऊँचा करने वाले खेल-पुरुष थे। वे पाँच प्रमुख समुद्रों को तैरकर पार करने वाले पहले एशियाई और विश्व के कुछ चुनिंदा लोगों में शामिल हैं। उनका साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति आज भी मिसाल है।
बोमिरेड्डी नरसिम्हा रेड्डी (1908)
दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित निर्देशक बी. नरसिम्हा रेड्डी अपनी विशिष्ट फिल्म निर्माण शैली, तकनीकी समझ और कलात्मक दृष्टि के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने तेलुगु सिनेमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शंभू महाराज (1907)
कत्थक नृत्य की दुनिया में शंभू महाराज का नाम सम्मान, समर्पण और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। लखनऊ घराने के इस महान गुरु ने नृत्य को नई पहचान दी। उनकी ताल, भाव और मनोहारी मुद्राएँ आज भी विद्यार्थियों और कलाकारों को आकर्षित करती हैं।
चौधरी रहमत अली (1897)
पाकिस्तान की मांग से जुड़े प्रमुख समर्थक चौधरी रहमत अली ने उपमहाद्वीप की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। “पाकिस्तान” शब्द का औपचारिक रूप से प्रयोग कर उन्होंने इतिहास की दिशा बदलने वाले विचार को आकार दिया।
अकबर इलाहाबादी (1846)
हिन्दुस्तानी ज़बान और तहज़ीब के प्रतीक अकबर इलाहाबादी अपनी व्यंग्यात्मक शायरी, लफ्फाजी और सामाजिक टिप्पणियों के लिए मशहूर थे। उनकी शायरी भारतीय समाज की वास्तविकताओं को सटीकता और नज़ाकत के साथ उकेरती है।
16 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व विविध क्षेत्रों के उन सितारों की श्रृंखला हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से समाज, संस्कृति, राष्ट्र और मानवता को समृद्ध किया। इनकी उपलब्धियाँ न सिर्फ इतिहास के पन्नों को चमकाती हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती हैं।

मूलांक 3 और 9 वालों का बढ़ेगा आत्मविश्वास और धन

🌟 आज का अंक राशिफल 16 नवंबर 2025

पंडित सुधीर तिवारी

अंक राशिफल के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का दिन उसकी जन्मतिथि से प्राप्त मूलांक पर आधारित होता है। यही मूलांक उसके स्वभाव, भाग्य, अवसर और चुनौतियों को निर्धारित करता है। आज का अंक राशिफल 16 नवंबर 2025 आपके आने वाले 24 घंटों की प्रमुख घटनाओं, शुभ संकेतों, शुभ अंकों और लकी रंगों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है।
🔢 मूलांक 1 – आत्मनियंत्रण से मिलेगा परिणाम
आज का दिन थोड़ा सामान्य रहेगा। कुछ पुराने अधूरे काम अटक सकते हैं।
आर्थिक स्थिति को लेकर मन में हल्की बेचैनी बनी रह सकती है। सेहत के मामले में सावधानी रखें—पुरानी समस्या उभर सकती है।
शुभ अंक—19
शुभ रंग—बैंगनी

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🔢 मूलांक 2 – सफलता के नये दरवाज़े खुलेंगे
आज भाग्य आपका साथ देगा। नयी योजनाएं आपको बड़ा लाभ देंगी।
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक होगी। प्रॉपर्टी और वाहन से जुड़े प्रयत्न सफल रहेंगे।
शुभ अंक—12
शुभ रंग—सफेद
🔢 मूलांक 3 – धन लाभ और उन्नति का दिन
आज का अंक राशिफल मूलांक 3 के लिए बेहद शुभ है।
नौकरी में नयी जिम्मेदारी मिलेगी, जो आगे पदोन्नति का मार्ग खोलेगी।
व्यापार में अचानक पैसा आने के योग हैं। छात्रों और खिलाड़ियों के लिए भी दिन उपलब्धियों वाला रहेगा।
शुभ अंक—6
शुभ रंग—क्रीम

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🔢 मूलांक 4 – पुराने साथी से मुलाकात
आज किसी पुराने मित्र से मिलकर मन प्रसन्न होगा।
संचित धन में वृद्धि होगी लेकिन विरोधी सक्रिय रहेंगे, इसलिए व्यावसायिक निर्णय सोच-समझकर लें।
कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी।
शुभ अंक—21
शुभ रंग—नारंगी
🔢 मूलांक 5 – इच्छाओं की पूर्ति का समय
आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा।
कार्यस्थल पर संतुलन बनाए रखना लाभदायक रहेगा।
किसी इच्छा की पूर्ति के योग बन रहे हैं, लेकिन किसी पर अत्यधिक भरोसा न करें।
शुभ अंक—7
शुभ रंग—केसरिया

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🔢 मूलांक 6 – सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी
आज घर और कार्यस्थल दोनों जगह आपका प्रभाव बढ़ेगा।
जीवनसाथी के सहयोग से कोई नया काम शुरू हो सकता है।
आपके व्यक्तित्व और संवाद शैली की प्रशंसा होगी।
शुभ अंक—20
शुभ रंग—नीला
🔢 मूलांक 7 – धैर्य से मिलेगा लाभ
आज अचानक धन लाभ की संभावना बन सकती है।
घर और काम की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी जिससे तनाव महसूस हो सकता है।
विद्यार्थियों के लिए समय लाभकारी रहेगा।
शुभ अंक—10
शुभ रंग—लाल
🔢 मूलांक 8 – संपत्ति में लाभ और सम्मान
आज धन और संपत्ति में बढ़ोतरी के प्रबल योग हैं।
कार्यालय में आपकी मेहनत का प्रभाव साफ दिखेगा।
पैतृक संपत्ति के विवाद सुलझेंगे। कोर्ट से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी।
शुभ अंक—10
शुभ रंग—आसमानी
🔢 मूलांक 9 – बढ़ेगा आत्मविश्वास और निवेश का मौका
आज का अंक राशिफल मूलांक 9 वालों के लिए बहुत शुभ है।
नये निवेश की योजना बनेगी। किसी परीक्षा या प्रतियोगिता का परिणाम अनुकूल आने की संभावना है।
रिश्तों में थोड़ी खटास आ सकती है लेकिन बातचीत से मामला सुलझ जाएगा।
शुभ अंक—19
शुभ रंग—बैंगनी
⚠️ डिस्क्लेमर (आपके निर्देश अनुसार):
राष्ट्र की परम्परा इस अंक ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करती।
अपनी सटीक जन्मकुंडली और व्यक्तिगत भविष्यवाणी हेतु किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें।

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मानव संघर्ष, स्वतंत्रता और परिवर्तन के अद्भुत अध्याय

16 नवंबर का इतिहास

इतिहास के पन्नों में 16 नवंबर एक ऐसा दिन है जिसने विश्व राजनीति, विज्ञान, संघर्ष, स्वतंत्रता, मानवाधिकार और प्राकृतिक त्रासदियों के अनगिनत अध्यायों को गहराई से प्रभावित किया है। यह तारीख केवल कुछ घटनाओं का संकलन नहीं है, बल्कि मनुष्य की इच्छाशक्ति, साहस और परिवर्तन की निरंतर यात्रा का साक्षी भी है।
आज हम 16 नवंबर को दर्ज उन महत्त्वपूर्ण घटनाओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हैं जिन्होंने दुनिया के स्वरूप, लोकतंत्र की दिशा और मानव जीवन की धड़कनों को सदियों तक प्रभावित किया।
1810 – निगवेल हिदाल्गो ने मैक्सिको की आजादी की लड़ाई शुरू की
निगवेल हिदाल्गो ने 1810 में स्पेनिश शासन के खिलाफ क्रांति की चिंगारी जलाई। इस विद्रोह ने मैक्सिको की संस्कृति, समाज और राजनीति में स्वतंत्रता की एक नई चेतना जगाई जो आगे चलकर देश की आजादी का आधार बनी। यह आंदोलन लैटिन अमेरिका में स्वतंत्रता संघर्ष का प्रेरणास्रोत बना।
1821 – मैक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली
16 नवंबर 1821 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैक्सिको की स्वतंत्रता को मान्यता मिली। यह वह क्षण था जब सदियों की गुलामी, संघर्ष और बलिदानों को आधिकारिक रूप से सफलता मिली। यह मान्यता मैक्सिको के स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में नए युग की शुरुआत बनी।
1908 – जनरल मोटर्स की स्थापना
1908 में जनरल मोटर्स निगम की स्थापना ने दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में क्रांति ला दी। GM न केवल दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनियों में से एक बनी, बल्कि इसने परिवहन, उद्योग और रोजगार के वैश्विक ढाँचों पर गहरा प्रभाव डाला।
1947 – टोक्यो के सईतामा में कैथलीन चक्रवात से 1,930 मौतें
जापान के सईतामा क्षेत्र में आए विनाशकारी चक्रवात ‘कैथलीन’ ने 1,930 लोगों की जान ले ली। यह त्रासदी प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता और मानवीय संवेदना की गहराई को दर्शाती है। इस घटना ने जापान में आपदा प्रबंधन की नई नीतियों का मार्ग प्रशस्त किया।
1975 – केप वर्डे, मोजाम्बिक और अन्य देशों का UN में शामिल होना
1975 में केप वर्डे, मोजाम्बिक और साओ टोमे एंड प्रिंसिप संयुक्त राष्ट्र के सदस्य बने। इसके साथ ही वैश्विक राजनीतिक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का दायरा बढ़ा। इसी वर्ष पापुआ न्यू गिनी ने भी ऑस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता प्राप्त कर अपनी राष्ट्रीय पहचान को नया आयाम दिया।
1995 – वासुदेव पाण्डे त्रिनिदाद एवं टोबैगो के प्रधानमंत्री बने
भारतीय मूल के वासुदेव पाण्डे के त्रिनिदाद एंड टोबैगो के प्रधानमंत्री बनने से भारतीय प्रवासी समाज को वैश्विक राजनीति में नई पहचान मिली। यह उपलब्धि प्रवासी भारतीयों की विश्वस्तरीय सफलता और उनकी भूमिका का एक बड़ा प्रमाण रही।
1997 – चीन के लोकतंत्र समर्थक जिंग शेंग की रिहाई
लोकतंत्र समर्थक नेता जिंग शेंग को 18 वर्षों की कैद के बाद 16 नवंबर 1997 को रिहा किया गया। यह घटना चीन में लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवाधिकार आंदोलनों के लिए एक महत्वपूर्ण मनोबल बढ़ाने वाली रही और विश्वभर में चर्चा का विषय बनी।

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1998 – कनाडा ने नागरिकता कानून को सख्त बनाया
1998 में कनाडा ने अपने नागरिकता कानून में सख्ती लाई। इस बदलाव का उद्देश्य अवैध प्रवासन रोकना और नागरिकता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना था। इस सुधार ने कनाडा की सामाजिक संरचना और आव्रजन नीति को नई दिशा दी।
2000 – रूस ने अंतरिक्ष केंद्र ‘मीर’ को डुबाने का फैसला किया
रूस ने 2000 में अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष स्टेशन ‘मीर’ को समुद्र में डुबाने का निर्णय लिया। यह मानव अंतरिक्ष इतिहास का एक बड़ा अध्याय था जिसने रूस की नई अंतरिक्ष नीतियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को नई दिशा दी।
2001 – अफ़गानिस्तान हेतु संयुक्त राष्ट्र के 21 सदस्यीय दल में भारत शामिल
9/11 के बाद बदलते वैश्विक परिदृश्य में UN ने अफगानिस्तान स्थिति को संभालने के लिए 21 सदस्यीय दल का गठन किया, जिसमें भारत की भागीदारी महत्वपूर्ण रही। भारत ने मानवाधिकार, पुनर्निर्माण और सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2002 – परवेज़ मुशर्रफ़ का दूसरा कार्यकाल
16 नवंबर 2002 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली। यह अवधि पाकिस्तान की राजनीति, सैन्य हस्तक्षेप और लोकतंत्र के बीच जटिल संघर्ष की प्रतीक रही।
2006 – पाकिस्तान का गौरी-V मिसाइल परीक्षण
पाकिस्तान ने 2006 में मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘गौरी-V’ का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण ने दक्षिण एशिया की सामरिक परिस्थितियों को प्रभावित किया और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर गंभीर प्रश्न खड़े किए।
2007 – चक्रवात ‘सीडर’ ने तबाही मचाई
बंगाल की खाड़ी में बने भीषण चक्रवात ‘सीडर’ ने बांग्लादेश में भारी तबाही मचाई। हजारों लोग प्रभावित हुए और सैकड़ों मौतें हुईं। यह घटना जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की वैश्विक चुनौतियों को उजागर करती है।
2007 – वन टू गो एयरलाइंस दुर्घटना में 89 लोगों की मौत
थाईलैंड में वन टू गो एयरलाइंस के विमान हादसे में 89 लोगों की मौत हुई। यह दुर्घटना तकनीकी सुरक्षा, पायलट प्रशिक्षण और विमानन मानकों की गंभीरता को दुनिया के सामने लाती है।
2008 – SBI द्वारा हेवरा के 58 लाख का कर्ज़ माफ
2008 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हेवरा का 58 लाख रुपये का कर्ज़ माफ किया। यह सामाजिक-आर्थिक राहत के रूप में महत्वपूर्ण कदम था जिसने गरीब, किसानों और छोटे व्यापारियों को राहत की संभावनाओं का संदेश दिया।
2008 – चंद्रयान का लूनर लेजर रेजिंग उपकरण सफल
भारत के प्रथम चंद्र मिशन चंद्रयान में लगे लूनर लेजर रेजिंग उपकरण ने 2008 में सफलतापूर्वक काम शुरू किया। यह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान की प्रगति और चंद्र अन्वेषण में भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक बना।
2013 – वाशिंगटन नेवी शिपयार्ड में हमला: 12 मौतें
वाशिंगटन में नौसेना के एक शिविर पर हुए हमले में 12 लोगों की दुखद मौत हुई। यह घटना अमेरिका में सुरक्षा, हथियार नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य पर व्यापक बहस का विषय बनी।
2013 – सचिन तेंदुलकर को ‘भारत रत्न’ की घोषणा
क्रिकेट के ‘भगवान’ सचिन तेंदुलकर ने जैसे ही संन्यास की घोषणा की, उसी दिन भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की घोषणा कर दी। 40 वर्ष की आयु में यह सम्मान पाने वाले वे सबसे कम उम्र के व्यक्ति और पहले खिलाड़ी बने।
2014 – ISIS ने कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा
2014 में इस्लामिक स्टेट ने सीरियाई कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ युद्ध शुरू किया। यह संघर्ष मध्य पूर्व की अस्थिरता, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की जटिल तस्वीर को दुनिया के सामने लाता है।

16 नवंबर इतिहास में मानवीय क्षमताओं, संघर्षों, सफलताओं और त्रासदियों का अद्भुत संगम है। यह तिथि हमें याद दिलाती है कि दुनिया निरंतर बदलती रहती है और हर घटना भविष्य की दिशा तय करती है।

“16 नवंबर के महत्वपूर्ण योग: कौन-से कार्य आज देंगे सफलता का वरदान?”

🌅 16 नवंबर 2025 का पंचांग: नवदिवस की शुभ आभा, दिशा-फल, यात्रा योग और दिनभर के शुभ-अशुभ क्षण
आज का दिन: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी – आस्था और अनुशासन का समन्वय

16 नवंबर 2025, रविवार का यह पावन दिन मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी को समर्पित है। समयचक्र के अनुसार यह तिथि 04:47 AM तक प्रभावी रहेगी और उसके बाद त्रयोदशी आरंभ होगी।
आज सूर्य तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, जिसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है—यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मचिंतन का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
🌞 सूर्योदय–सूर्यास्त तथा चंद्र ग्रहणीय विवरण
ग्रह समय
सूर्योदय 6:45 AM
सूर्यास्त 5:37 PM
चन्द्रोदय 3:12 AM
चन्द्रास्त 3:13 PM
चंद्र राशि कन्या
अयन दक्षिणायन
द्रिक ऋतु हेमंत

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🕉 तिथि, नक्षत्र, योग और करण📌 तिथियाँ
कृष्ण पक्ष द्वादशी: 16 Nov, 02:37 AM – 17 Nov, 04:47 AM
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: 17 Nov, 04:47 AM – 18 Nov, 07:12 AM
📌 नक्षत्र
हस्त: 15 Nov 11:34 PM – 17 Nov 02:11 AM
चित्रा: 17 Nov 02:11 AM – 18 Nov 05:01 AM
📌 करण
कौलव: 02:37 AM – 03:40 PM
तैतिल: 03:40 PM – 17 Nov 04:48 AM
गर: 17 Nov 04:48 AM – 05:59 PM
📌 योग
विष्कुम्भ: 06:46 AM तक
प्रीति: उसके बाद 17 Nov 07:22 AM तक

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🌟 आज के विशेष शुभ योग योग समय प्रभाव
अमृतसिद्धि योग 06:45 AM – 02:10 AM (17 Nov) श्रेष्ठ कार्य, खरीदारी, संकल्प हेतु उत्तम
सर्वार्थसिद्धि योग 06:45 AM – 02:10 AM (17 Nov) सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला
द्विपुष्कर योग 17 Nov 02:11 AM – 04:48 AM किए गए कार्य द्विगुण फल देते हैं

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🚫 आज के अशुभ समय (Unfavorable Timings) काल समय
राहुकाल 4:16 PM – 5:37 PM
यमगण्ड 12:11 PM – 1:33 PM
कुलिक 2:54 PM – 4:16 PM
दुर्मुहूर्त 04:10 PM – 04:54 PM
वर्ज्यम् 08:53 AM – 10:39 AM
💫 आज का शुभ समय (Auspicious Timings) मुहूर्त समय
अभिजीत मुहूर्त 11:49 AM – 12:33 PM
अमृत काल 07:31 PM – 09:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त 05:09 AM – 05:57 AM

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🧭 आज किस दिशा में यात्रा शुभ?
16 नवंबर 2025 के अनुसार दिन का दिशा-फल:✔️ यात्रा के लिए शुभ दिशा
उत्तर एवं पूर्व दिशा इन दिशाओं में यात्रा करने से सफलता, लाभ और शुभ समाचार प्राप्त होते हैं।
जिन दिशाओं में यात्रा न करें
दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा इन दिशाओं में आज की यात्रा बाधा, विलंब और अनावश्यक खर्च बढ़ा सकती है।

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🍀 यात्रा से पहले क्या खाकर निकलें?
हिंदू परंपरा के अनुसार आज यात्रा आरंभ करने से पहले निम्न में से कुछ ग्रहण करना विशेष रूप से शुभ माना गया है—
✔️ दही-चीनी
✔️ गुड़ या शक्कर
✔️ इलायची या मिश्री
✔️ केला या तुलसी पत्र
यह मन को शांत करता है और यात्रा में आने वाली बाधाएँ दूर करता है।
🌼 आज क्या करने से बिगड़े काम भी बनेंगे
✓ घर से निकलते समय माता लक्ष्मी का नाम लें
✓ द्वादशी तिथि में शंखध्वनि या गायत्री मंत्र शुभ फल देता है
✓ सूर्य को जल अर्पित कर यात्रा शुरू करें
✓ कन्या राशि में चंद्रमा होने के कारण—
लेन-देन, कारोबार निर्णय, शिक्षा-संबंधी प्रयास अत्यंत सफल माने जाते हैं
🌙 चंद्रबल (Chandrabalam)
आज जिन राशियों को चंद्रबल प्राप्त है:
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन
ताराबल (Tarabalam)
02:11 AM तक:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा
02:11 AM से आगे:
भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
🕰️ चौघड़िया (दिन व रात)दिन के चौघड़िया ,चौघड़िया समय
उद्बेग 06:45 – 08:06
चर 08:06 – 09:28
लाभ 09:28 – 10:50
अमृत 10:50 – 12:11
काल 12:11 – 13:33
शुभ 13:33 – 14:54
रोग 14:54 – 16:16
उद्बेग 16:16 – 17:37
रात के चौघड़िया,चौघड़िया समय
शुभ 17:37 – 19:16
अमृत 19:16 – 20:54
चर 20:54 – 22:33
रोग 22:33 – 00:11
काल 00:11 – 01:50
लाभ 01:50 – 03:29
उद्बेग 03:29 – 05:07
शुभ 05:07 – 06:46
🌞 सूर्य का गोचर: वृश्चिक राशि में प्रवेश
16 नवंबर को दोपहर 01:36 PM पर सूर्य तुला से वृश्चिक में प्रवेश करेगा।
यह समय—
मानसिक शक्ति
निर्णय क्षमता
आध्यात्मिक चेतना
को बढ़ाने वाला माना जाता है।
🔥 16 नवंबर 2025 का यह दिन धार्मिक ऊर्जा, शुभ योगों और शांत मन के साथ नए कार्य प्रारंभ करने के लिए अत्यंत शुभ है।
यदि यात्रा आवश्यक हो तो सही दिशा चुनें, शुभ मुहूर्त का पालन करें, और छोटे-से शुभ कर्म से दिन को मंगलमय बनाएं।

चारबाग के होटल पर ATS का छापा, डॉ. शाहीन के करीबी ठहरे थे; परवेज–मुजफ्फर कनेक्शन पर जांच तेज

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को एटीएस ने लखनऊ के चारबाग स्थित एक होटल पर छापा मारा, जहां आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तार डॉ. शाहीन के करीबी कुछ दिन पहले ठहरे थे।

एटीएस टीम ने होटल कर्मचारियों से पूछताछ की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच इस बात की भी हो रही है कि संदिग्धों ने होटल में सही पहचान पत्र जमा किए थे या नहीं।

होटल में ठहरने का इंतजाम शाहीन ने किया था

सूत्रों का कहना है कि होटल में रुकने की व्यवस्था स्वयं डॉ. शाहीन ने कराई थी। जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि ये लोग कहां से आए थे और कितने दिनों तक होटल में ठहरे रहे।

जांच में यह भी सामने आया है कि शाहीन ने अपने आधिकारिक दस्तावेजों में पिता के खंदारी बाजार स्थित घर का पता न दिखाकर भाई परवेज के घर का पता इस्तेमाल किया। एटीएस यह समझने की कोशिश कर रही है कि ऐसा क्यों किया गया।

परवेज के कई संदिग्ध कनेक्शन उजागर

दो महीने पहले लखनऊ आने पर शाहीन ने अपने भाई परवेज से मुलाकात की थी और बाद में उसे लेकर कानपुर गई थी। हालांकि उसने बच्चों से मुलाकात नहीं की। एटीएस इस कानपुर दौरे के मकसद का पता लगा रही है।

जांच में पता चला है कि परवेज ने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में शुरुआती वर्षों में लगातार नाइट ड्यूटी की। एटीएस को संदेह है कि वह दिन में किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल था। उसके घर से बरामद मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क को डिकोड करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

परवेज ने जुलाई 2021 में रिजिडेंट डॉक्टर के पद पर ज्वाइन किया था और एक साल तक ज्यादातर रात में काम किया, जिसकी भी जांच की जा रही है।

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मालदीव कनेक्शन पर एटीएस की नजर

जांच में सामने आया है कि परवेज तीन वर्ष तक मालदीव में रहा। एजेंसियों को संदेह है कि इसी दौरान वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया। परवेज के विदेश प्रवास, संपर्कों और वहां की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

दुबई से ऑपरेट हो रहा था पूरा मॉड्यूल

जांच में बड़ा खुलासा यह है कि मॉड्यूल को दुबई में रहने वाला मनोचिकित्सक डॉ. मुजफ्फर राथर संचालित कर रहा था।

• वह सहारनपुर से गिरफ्तार डॉ. आदिल का बड़ा भाई है

• पिछले पांच वर्षों से दुबई में रह रहा है

• एटीएस के अनुसार वह यूपी में सक्रिय स्लीपर सेल का मुखिया है

जम्मू कश्मीर पुलिस ने मुजफ्फर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है।

एटीएस अब शाहीन, परवेज और मुजफ्फर के बीच पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ रही है।

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ड्रिलिंग के दौरान धंसी पत्थर खदान, एक मजदूर की मौत; 15 श्रमिकों के दबे होने की आशंका, NDRF–SDRF का रेस्क्यू जारी

सोनभद्र (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। बिल्ली–मारकुंडी खनन क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान अचानक पत्थर खदान धंसने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि करीब 15 श्रमिकों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी हैं और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि एक शव बरामद कर लिया गया है।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खदान में लगभग 18 मजदूर और नौ कंप्रेशर मशीनें ब्लास्टिंग के लिए होल बनाने का काम कर रही थीं। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक खदान की एक दीवार धंस गई और करीब 150 फीट तक मलबा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के समय मुख्यमंत्री का कार्यक्रम कुछ किलोमीटर दूर ही संपन्न हुआ था। उनके लौटने के लगभग आधे घंटे बाद यह भारी दुर्घटना हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय प्रशासन और राहत दल जुटे बचाव में

घटना की सूचना मिलते ही डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
अल्ट्राटेक, ओबरा परियोजना और आसपास के राहत दलों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। खदान की गहराई और अस्थिर मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार मुश्किलें आ रही हैं।

राज्य मंत्री संज़ीव सिंह गोंड ने भी मौके का निरीक्षण किया और कहा कि घटना बेहद दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य बंद होने के आदेश के बावजूद काम क्यों कराया जा रहा था, इसकी जांच होगी।

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स्थानीय लोगों में आक्रोश, कई मजदूर पनारी गांव के निवासी

मलबे में दबे अधिकांश मजदूर पनारी गांव के बताए जा रहे हैं। गांव के प्रधान पति लक्ष्मण यादव ने दो मजदूरों की मौत का दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई और परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल पहुंचे।

जांच के आदेश, जिम्मेदारी तय की जाएगी

डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।

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