Wednesday, July 1, 2026
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प्रेम, तप और त्याग की शास्त्र सम्मत दिव्य गाथा

🌄 सूर्य के अद्भुत तेज़ का प्रभाव: देवों में आदर, आसुरों में भय
सृष्टि में जब सूर्य पहली बार प्रकट हुए, तब उनके तेज ने संपूर्ण त्रिलोक को चकाचौंध कर दिया।
ऋग्वेद में सूर्यदेव के तेजस्वी स्वरूप का वर्णन है ।“सूर्यो विश्वस्य भानुना प्रभा विश्चरति”
अर्थात— सूर्य अपने प्रकाश से समस्त विश्व को प्रकाशित करते हैं।
देवताओं ने सूर्य को “त्रिलोक दीपक” की उपाधि दी, क्योंकि उनका प्रकाश देव-लोक, मर्त्य-लोक और पाताल–तीनों में नई ऊर्जा लेकर आया। इसी प्रकाश ने दिन-रात के चक्र, ऋतुओं के परिवर्तन और जीवन की निरंतरता को गति दी।

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आसुरों को सूर्य का तेज असहनीय लगा, क्योंकि सूर्य की किरणें उनके मायावी और अंधकारमय अस्तित्व को कमजोर करने लगीं। पुराणों में उल्लेख है कि सूर्य के उदय से अनेक दैत्यों की शक्तियाँ घटने लगीं।
🔱 सूर्य का विवाह—संस्कार, प्रेम और कठिन परीक्षा
सूर्य उत्पत्ति के बाद उनके तेज ने न केवल देवताओं को चकित किया बल्कि संसार में नए संबंधों की नींव भी रखी। सूर्यदेव का विवाह त्वष्टा ऋषि की कन्या संज्ञा से हुआ, जो अत्यंत तेजस्विनी और गुणवान थीं।
प्रेम और विवाह के इस अध्याय में एक अत्यंत भावुक मोड़ आया—

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संज्ञा सूर्य का तेज सहन नहीं कर सकीं
संज्ञा सूर्य से अत्यंत प्रेम करती थीं, परंतु सूर्य का दिव्य तेज अत्यधिक बढ़ गया था। वे निरंतर क्लांत रहने लगीं। संज्ञा ने कई बार सूर्य का तेज कम करने की प्रार्थना की, पर वह जन्मजात तेज था, जिसे सूर्य स्वयं नियंत्रित नहीं कर पा रहे थे।
थककर, संज्ञा ने एक कठिन निर्णय लिया—
उन्होंने छाया नामक अपनी ही छाया-प्रतिरूप को सूर्य की सेवा में छोड़ दिया और स्वयं तप करने के लिए पृथ्वी के उत्तरी क्षेत्र में चली गईं, जहाँ उन्होंने घोड़ी का रूप धारण कर तपस्या शुरू की।
यह निर्णय उनके लिए भी वेदना से भरा था, और सूर्य के लिए भी एक भावनात्मक परीक्षा।

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छाया का रहस्य—देवताओं, पितरों और ग्रहों का भविष्य बदलने वाला मोड़
छाया ने संज्ञा का स्थान ग्रहण कर लिया। सूर्य भी कुछ समय तक इस रहस्य को समझ नहीं सके। छाया ने सूर्य से तीन संतानों को जन्म दिया।

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शनि,तापती,सवर्ण (गूढ़ स्वरूप)।
छाया, जो स्वभाव से कठोर थी, ने सूर्य की पिछली संतान—यम और यमुना—से असमान व्यवहार करना शुरू किया। इससे यम अत्यंत दुखी हुए और सूर्य को संदेह हुआ कि संज्ञा का स्वर बदल कैसे गया?
सूर्य ने तप करके सत्य का ज्ञान प्राप्त किया कि यह संज्ञा नहीं, बल्कि छाया है।
यह रहस्य उजागर होने पर सूर्यदेव का हृदय व्याकुल हो उठा। अपने वास्तविक प्रेम—संज्ञा—की खोज में वे तीनों लोकों में निकल पड़े।

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🐎 घोड़ा रूपी संज्ञा की तपस्या—करुणा, त्याग और माता का प्रेम
संज्ञा पृथ्वी के उत्तर में “उत्तरा कुरु” नामक स्थान पर घोड़ी का रूप धारण कर तप कर रही थीं। सूर्य अपनी योग दृष्टि से कुछ क्षण संज्ञा का दर्शन कर पाए और तुरन्त वहां पहुंचे। सूर्य ने भी घोड़े का रूप धारण किया, ताकि संज्ञा को भय न लगे।

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उनकी मिलन कथा भावनात्मक है—
सूर्य ने कहा, “हे संज्ञा! तुम्हारी अनुपस्थिति से सृष्टि का प्रकाश म्लान हो गया है। लौट आओ।”
संज्ञा ने विनम्रता से स्वीकार किया कि वह सूर्य का तेज सहन न कर पाने के कारण चली गई थीं।
यह प्रेम, पीड़ा और भक्ति—तीनों का संगम था।

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🌞 सूर्य का तेज कम होना—सृष्टि के संतुलन की शुरुआत
संज्ञा की व्यथा सुनकर सूर्यदेव ने ब्रह्माजी से मार्गदर्शन मांगा। तब ब्रह्माजी ने सूर्य के तेज को नियंत्रित कर उनका स्वरूप मधुर, शीतल और जीवनोपयोगी बनाया।
इसी स्वरूप को बाद में सूर्य नारायण कहा गया।
यह पल सूर्य कथा का महान मोड़ था—
अब सूर्य न केवल तेजस्वी थे, बल्कि सौम्य, शांत और कल्याणकारी भी।

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🐴 अश्विनी कुमारों का जन्म—सृष्टि में आयुर्वेद और चिकित्सा ज्ञान का उदय
घोड़े के रूप में तप कर रही संज्ञा और सूर्य के संयोग से अश्विनी कुमारों का जन्म हुआ।
देवताओं के ये वैद्य अमरता, चिकित्सा और पुनर्जीवन की दिव्य विधाओं के जनक माने जाते हैं।

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उनके जन्म का अर्थ था—
सृष्टि को उपचार की कला मिलना और मानवता को जीवन का दूसरा अवसर प्राप्त होना।
🌞 एपिसोड 2 का सार—सूर्य की कथा केवल देवताओं की नहीं, हर जीवन की कहानी है
इस कथा के कई गहरे संदेश हैं—
तेज जब संतुलित न हो, तो दुख देता है। संतुलन ही धर्म है।
प्रेम त्याग भी मांगता है और स्वीकार्यता भी।
सूर्य का संतुलित प्रकाश ही जीवन है—अधिकता या न्यूनता दोनों विनाशकारी।सूर्य उत्पत्ति के बाद की यह कथा हमें सिखाती है कि ऊर्जा तभी कल्याणकारी होती है जब वह संयमित हो।

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टैरिफ की मार से दबा सोना-आभूषण क्षेत्र, निर्यात में 27% गिरावट; शादियों और विदेशी मांग से सुधार की उम्मीद

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर पर टैरिफ, वैश्विक आर्थिक सुस्ती और भू-राजनीतिक तनावों का सीधा असर दिखाई दे रहा है। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर 2025 में कुल सकल निर्यात 2168.05 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27% की भारी गिरावट दर्शाता है।

वहीं कुल सकल आयात भी घटकर 1276.8 मिलियन डॉलर रह गया, जो साल-दर-साल आधार पर 19.2% गिरावट को दर्शाता है।

क्यों घटा जेम्स-एंड-ज्वेलरी का आयात और निर्यात?

GJEPC की रिपोर्ट के अनुसार व्यापार में बड़ी गिरावट के प्रमुख कारण हैं:

  1. अमेरिकी टैरिफ और अमेरिका–यूरोप–चीन में धीमी आर्थिक वृद्धि
  2. ऊंची ब्याज दरों और सतर्क उपभोक्ता खर्च से कमजोर मांग
  3. आपूर्ति शृंखला में बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव
  4. सोने–चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
  5. प्रयोगशाला में उगने वाले हीरे (Lab-grown Diamonds) का बढ़ता प्रभाव
  6. मजबूत डॉलर और मुद्रा में उतार-चढ़ाव, जिससे भारत की मूल्य प्रतिस्पर्धा प्रभावित

ये सभी कारक मिलकर जेम्स एंड ज्वेलरी व्यापार पर दबाव बना रहे हैं।

शादी और त्योहारों के मौसम में मांगे बढ़ने की उम्मीद

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि पहले लगाए गए टैरिफ का प्रभाव अब मजबूत रूप से सामने आ रहा है—लागत बढ़ी, खरीदारी कम हुई और निर्माताओं पर इन्वेंट्री का दबाव बढ़ा है।

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पश्चिमी देशों में छुट्टियों और फेस्टिव डिमांड

के चलते आने वाले महीनों में कारोबार में सुधार देखने को मिलेगा। भारत का घरेलू बाजार त्योहारों और शादियों के दौरान पारंपरिक रूप से मजबूत बिक्री का साक्षी रहा है।

जेम्स एंड ज्वेलरी नीति 2025 को मंजूरी

GJEPC के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने जेम्स एंड ज्वेलरी नीति 2025 को औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिसका लक्ष्य राज्य को वैश्विक ज्वेलरी हब के रूप में स्थापित करना है।

कॉलिन शाह ने यह भी कहा कि अमेरिका–भारत व्यापार वार्ता अंतिम चरण में है, और उद्योग को उम्मीद है कि इससे टैरिफ संबंधी राहत मिलेगी तथा पूरे सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

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महंगाई के दबाव में बदली ट्रंप की नीति, कई खाद्य उत्पादों से टैरिफ हटाने का बड़ा फैसला

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महंगाई और उपभोक्ता असंतोष को देखते हुए बीफ, कॉफी, ट्रॉपिकल फलों समेत कई कृषि उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को खत्म कर दिया है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन की टैरिफ आधारित आर्थिक नीति से स्पष्ट रूप से पीछे हटने का संकेत है।

टैरिफ हटाना—ट्रंप की नीति से यू-टर्न

अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाकर घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति अपनाई थी। लेकिन रोजमर्रा के उपयोग वाली वस्तुओं से टैरिफ हटाना उनकी रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

हाल ही में हुए ऑफ-ईयर चुनावों में वर्जीनिया और न्यू जर्सी जैसे राज्यों में मतदाताओं ने महंगाई को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया था। इन चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद ट्रंप प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया।

ट्रंप की स्वीकारोक्ति—कीमतें बढ़ीं, पर “सीमित प्रभाव”

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि “हमने कॉफी सहित कुछ खाद्य पदार्थों पर शुल्क में थोड़ी कमी की है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या टैरिफ की वजह से उपभोक्ता कीमतें बढ़ीं, तो उन्होंने स्वीकार किया कि “कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है।”

ट्रंप प्रशासन अब भी दावा करता है कि टैरिफ से सरकारी राजस्व बढ़ा और कीमतों पर “बहुत बड़ा” प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन बढ़ती महंगाई ने आम अमेरिकी उपभोक्ता को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।

डेमोक्रेट्स बोले—टैरिफ हटाना ट्रंप की गलती का प्रमाण

वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि डॉन बेयर ने कहा कि ट्रंप आखिरकार यह स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी टैरिफ नीति ने अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ाईं।

बेयर के अनुसार, ताजा चुनावी नतीजे स्पष्ट संकेत हैं कि मतदाता महंगाई और टूटे वादों से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस अब टैरिफ हटाने को “सस्ताई लाने का कदम” बताकर अपनी नीतिगत असफलता छिपाने की कोशिश कर रहा है।

उत्तर और मध्य भारत में तेजी से बढ़ी ठंड, अगले दो दिन शीतलहर का अलर्ट; दक्षिण में भारी बारिश की चेतावनी

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उत्तर और मध्य भारत में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। गिरते तापमान, शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वहीं दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय होने से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम के ये बदलाव स्वास्थ्य, कृषि, यातायात और बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

उत्तरी और मध्य भारत में शीतलहर का प्रकोप

मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 16 और 17 नवंबर को उत्तर एवं मध्य भारत में शीतलहर सबसे अधिक तीव्र रहेगी।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ेगी।

उत्तराखंड में पाला बढ़ा रहा ठंड का असर

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाला गिरने से तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
लोगों में सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें बढ़ी हैं। तड़के कड़क ठंड, दोपहर में हल्की धूप और शाम ढलते ही बढ़ती ठिठुरन मौसम के तेजी बदलते मिजाज को दर्शाती है।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे

पहाड़ी राज्यों में ठंड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

ताबो: –5.3°C

कुकुमसेरी: –4.1°C

केलांग: –3.6°C

कल्पा: 0.4°C

इसके विपरीत, हिमाचल के ऊना में तापमान 28.2°C दर्ज किया गया, जिससे राज्य में दिन-रात के तापमान में भारी अंतर सामने आया।

कोहरा: अगले 5 दिन दृश्यता कम रहने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, पश्चिम मध्य प्रदेश सहित पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना है।
कई इलाकों में दृश्यता 500 मीटर तक सीमित हो सकती है।

यातायात विशेषज्ञों ने सलाह दी है:

वाहन की गति नियंत्रित रखें

हेडलाइट और फॉग लाइट का उपयोग करें

रेल और सड़क मार्ग पर अतिरिक्त सावधानी बरतें

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून पूरी तरह सक्रिय है। श्रीलंका के दक्षिणी क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती प्रभाव के कारण नमी बढ़ रही है।

IMD के अनुसार:

तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप-द्वीप समूह: भारी बारिश की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना

बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने की स्थितियां बन सकती हैं।

युवा उत्सव में प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन, प्रतिभागी सम्मानित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा एक दिवसीय युवा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन स्थित डीपीआरसी हाल में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने कहानी लेखन, लोक नृत्य, लोक गायन सहित अन्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपना कौशल दिखाने का प्रभावी मंच युवा कल्याण विभाग प्रदान करता है। उन्होंने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में अपनी कला में और निखार लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवा उत्सव कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित साइंस मेले में छात्रों द्वारा प्रस्तुत इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ल और उपायुक्त स्वत:रोजगार प्रभात द्विवेदी ने सभी प्रतिभागियों को विकसित भारत निर्माण में अपना मत देने के लिए प्रोत्साहित किया।
युवा उत्सव के साइंस मेले में प्रियांशु, अजय, आइरिस और अंबिका की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कविता लेखन में निखिल यादव, पेंटिंग में नासरीन खान, कहानी लेखन में सादिका और नाजिश अंसारी, भाषण प्रतियोगिता में शबनम खातून ने प्रथम स्थान हासिल किया। समूह प्रतियोगिता अंतर्गत सामूहिक लोकगीत में माया, संजू दुबे, आशुतोष, रानी प्रजापति, बिंदु मौर्य और वागीशा की टीम प्रथम रही, वहीं सामूहिक लोकनृत्य में रिया प्रजापति, सोनम भारती, करिश्मा यादव, प्रियांशी और शालिनी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के आयोजक जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी रामप्रताप सिंह ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा मंडल, राज्य एवं राष्ट्रीय युवा उत्सव तक पहुंचने के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी रितेश वर्मा, अराधना द्विवेदी, प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, मुकेश गुप्ता, राघवेंद्र पाल, गोरख प्रसाद, संतबली, रमाकांत, विकास चंद, गुलशन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सड़क पर अव्यवस्था फैलाने वाली अनुबंधित बसों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कई वाहन चालान

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। नगर में आए दिन लगने वाले जाम और यातायात अव्यवस्था को रोकने के लिए कोतवाली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को सोहनाग मोड़ से लेकर हरैया वार्ड नंबर पाँच कुम्हारटोली तक सड़क किनारे मनमाने तरीके से बसें खड़ी कर सवारी भरने वाले आधा दर्जन अनुबंधित बसों पर पुलिस ने चालान काटते हुए कड़ी कार्रवाई की।
कोतवाली पर तैनात एसएसआई धर्मेंद्र मिश्र को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अनुबंधित बस चालक निर्धारित स्थान को छोड़कर मुख्य सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे न केवल वाहनों की आवाजाही बाधित होती है, बल्कि स्थानीय लोगों और राहगीरों को जाम की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है।सूचना मिलते ही एसएसआई मिश्र ने टीम संग मौके पर पहुंचकर अव्यवस्थित तरीके से खड़ी बसों की जांच की और नियमों का उल्लंघन कर रही चार बसों का तत्काल चालान कर दिया। उन्होंने बताया कि अन्य बसों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़क पर अनावश्यक जाम लगाकर जनसामान्य को परेशान करने वालों पर किसी भी कीमत पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से राहगीरों में राहत की उम्मीद जगी है और यातायात व्यवस्था में सुधार की संभावना बढ़ी है।

विशेष प्रशिक्षण से निखरा स्काउट-गाइड का कौशल, बापू महाविद्यालय में त्रिदिवसीय शिविर सम्पन्न

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। बापू महाविद्यालय इंटर कॉलेज सलेमपुर में स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित त्रिदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन बुधवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। 13 से 15 नवम्बर 2025 तक आयोजित इस शिविर का संचालन स्काउट प्रशिक्षक नरसिंह कुमार सिंह के निर्देशन तथा पूरे विद्यालय परिवार के सहयोग से किया गया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि सह विद्यालय निरीक्षक श्री नीलेश पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि सहायक जिला आयुक्त स्काउट-गाइड श्री वी.के. शुक्ला शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री नागेंद्र द्विवेदी ने की।

शिविर के अंतिम दिवस में छात्र-छात्राओं द्वारा डेमो क्विज़ प्रतियोगिता, फूड प्लाज़ा, आपातकालीन स्थिति में टेंट एवं गैजेट निर्माण प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, जिनकी सभी अतिथियों ने सराहना की।

मुख्य अतिथि श्री नीलेश पांडेय ने स्काउट-गाइड को एक स्वैच्छिक, गैर-राजनीतिक एवं शैक्षिक आंदोलन बताते हुए कहा कि यह युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व कौशल, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि स्काउट प्रशिक्षण समाज में सेवाभाव और अनुशासन के बीज बोता है, जो छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

विशिष्ट अतिथि श्री वी.के. शुक्ला ने स्काउट-गाइड के तीन प्रमुख नियम—सीखने की आदत, चुनौतियों का सामना तथा आत्म-मूल्यांकन—को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि इन सिद्धांतों को अपनाकर युवा अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं।

कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ शिक्षक श्री नागेंद्र द्विवेदी ने स्काउट-गाइड के उद्देश्य, राष्ट्र सेवा एवं समाजिक जागरूकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं सहायक जिला आयुक्त (स्काउट-गाइड) कैप्टन संतोष चौरसिया ने स्काउट-गाइड के 9 नियमों की विस्तृत जानकारी दी और विद्यार्थियों को इन्हें जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण अवधि में स्काउट मास्टर दिग्विजय प्रजापति, गाइड कैप्टन शालिनी सिंह, साजिद अंसारी (बेसिक स्काउट मेंटर), अनिता पांडे (बेसिक गाइड कैप्टन) सहित अन्य प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, अनुशासन, प्राथमिक चिकित्सा और टीम वर्क का प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के अनेक शिक्षक—श्री वीरेंद्र कुमार, श्री हिमांशु सिन्हा, श्री रामध्यान प्रसाद, श्री संजय कुमार सिंह, श्री राकेश कुमार राय, श्री रवि प्रताप सिंह, श्री दिवाकर मिश्र, कु. नीलम चौधरी, ममता कुमारी, हिना कौसर, रोशन कुमार कुशवाहा, डॉ. विकास कुमार द्विवेदी, अनिल कुमार सिंह, शैलेश कुमार, रीना जायसवाल, आफरीन, सोनम पांडेय, सुधीर कुमार, सुरेंद्र कुमार, मुरारी चरण, प्रदीप कुमार सहित अन्य स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

वन शॉट पुस्तक श्रृंखला का भव्य लोकार्पण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय ज्ञान सुधा प्रकाशन द्वारा दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज, सिविल लाइंस में शनिवार को “वन शॉट” पुस्तक श्रृंखला का भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ शिक्षाविदों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में गरिमापूर्ण माहौल में हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. श्रीप्रकाश त्रिपाठी, पूर्व कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. सूर्यपाल सिंह, पूर्व प्राचार्य, महाविद्यालय भटवली बाजार ने की। इस अवसर पर प्रो. दिव्या रानी सिंह, अध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग, डी.डी.यू. विश्वविद्यालय, डॉ. उग्रसेन प्रताप सिंह, डॉ. ओमप्रकाश सिंह (प्राचार्य, दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज) और डॉ. अविनाश प्रताप सिंह (अध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राजनीति विज्ञान के लेखक डॉ. दीपक प्रताप सिंह की “वन शॉट” पुस्तक के साथ गृह विज्ञान, प्राचीन इतिहास और जूलॉजी विषयों की पुस्तकों का भी संयुक्त विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि ‘वन शॉट’ श्रृंखला विद्यार्थियों के हित में किया गया एक सार्थक और उपयोगी प्रयास है, जो आगामी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अध्यक्ष डॉ. सूर्यपाल सिंह ने बताया कि ‘वन शॉट’ का मूल उद्देश्य है—एक ही प्रयास में पूरी तैयारी। विस्तृत पाठ्यक्रम और सीमित समय को ध्यान में रखते हुए पुस्तकों में यूनिटवार संक्षिप्त सारांश, बहुविकल्पीय प्रश्न और 200 अभ्यास प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं, जो विद्यार्थियों के लिए अत्यंत सहायक होंगे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश पाठक ने किया। इस अवसर पर प्रकाशक भूपेन्द्र सिंह, लेखकगण डॉ. दीपशिखा नागवंशी, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. सुधा शुक्ल, डॉ. अनीता, डॉ. कमलेश, डॉ. वीर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, की टीम ने मुर्गी का अण्डा विक्रय प्रतिष्ठान का किया निरीक्षण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि जन शिकायत तथा जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में आज खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, मऊ की टीम द्वारा स्थान हकीकतपुरा (नेशनल स्कूल के पास), स्थित वसीम पुत्र शशकील, निवासी तमड़िया, पो० राजपुर, थाना-डिलारी, जनपद-मुरादाबाद, उ०प्र० के मुर्गी का अण्डा विक्रय प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में कुल 74 कैरट मुर्गी का अण्डा (कुल 2160 अण्डे), एक टीन में लगभग 14 लीटर चायपत्ती का घोल तथा 04 पैकेट चायपत्ती, ब्राण्ड ताजा भण्डारित पाया गया। श्री वसीम से पूछने पर उसके द्वारा बताया गया कि चायपत्ती का घोल तैयार कर उसमें मुर्गी का अण्डा को डालकर उसके उपरी परत का रंग गाढ़ाकर देशी मुर्गी का अण्डा के रूप में विक्रय किया जाता है।

निरीक्षण के दौरान अण्डो की संदिग्धता को देखते हुये मुर्गी का अण्डा का नमूना, चायपत्ती के घोल का नमूना तथा चायपत्ती, ब्राण्ड ताजा का नमूना संग्रहित कर खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला को जांच हेतु प्रेषित कर दिया गया है। मौके पर प्रतिष्ठान में शेष बचे कुल 72 कैरट मुर्गी का अण्डा, मुल्य रू0 15,120 को सीज करते हुये मकान मालिक मुमताज अहमद पुत्र मकबूल अहमद, निवासी-डोमनपुरा, थाना-दक्षिणटोला, की सुरक्षित अभिरक्षा में सौंप दिया गया।

प्रयोगशाला से जाच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त मिलावट सिद्ध पाये जाने पर सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ता के विरुद्ध, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी। जांच दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र सिंह यादव एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी, उपस्थित रहे।

“पोषण भी, पढ़ाई भी” योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न, 200 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को मिला प्रशिक्षण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। शालापूर्व शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों में कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से “पोषण भी, पढ़ाई भी” योजना अंतर्गत बाल विकास परियोजना रतनपुरा की 200 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 10 से 15 नवंबर 2025 तक विकास खंड सभागार में आयोजित किया गया।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी बेबी परवीन ने कहा कि यह प्रशिक्षण आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को खेल-आधारित शिक्षा, पोषण प्रबंधन और कुपोषण दूर करने के तरीकों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और उचित पोषण सुनिश्चित करना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य को भी साकार करता है।

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उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें और बच्चों व माताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाएं। समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य सेविका नीलिमा, चांदमती, लालमुनी, विजय लक्ष्मी, लिपिक पृथ्वीराज चौहान सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उपस्थित रहीं।

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तहसील घोसी में संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने की जनसुनवाई

कुल 50 शिकायतों में से 05,का तत्काल हुआ निस्तारण, 03 शिकायतों के निस्तारण हेतु मौके पर भेजी गई टीम

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील घोसी में हुआ। जनसुनवाई के दौरान कुल 50 शिकायते प्राप्त हुई जिनमें से 05 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया एवं 03 शिकायतों के निस्तारण हेतु मौके पर टीम भेजी गई।

आज प्राप्त कुल शिकायतों में से राजस्व विभाग की 28, पुलिस विभाग की 11 एवं शेष अन्य विभागों से संबंधित थी। जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण ढंग से निस्तारण करने को कहा। विशेष कर राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण हेतु उन्होंने राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त संयुक्त टीम को मौके पर भेज कर शिकायत को निस्तारित करने की निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर शिकायत का समय बद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए जिससे आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और पीड़ितों को न्याय दिलाने में लापरवाही ना करें। इस दौरान पुलिस अधीक्षक इलामरन , उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

समाधान दिवस मे 135 फरियादी पहुंचे 20 मामलों का मौके पर निस्तारण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील सभागार में शनिवार को तहसील समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 135 फरियादियों ने अपने-अपने समस्याओं को लेकर उपस्थित होकर शिकायतें दर्ज कराई, जिनमें से 20 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए सौंपा गया।

तहसील समाधान दिवस में मुख्य रूप से डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, नायब तहसीलदार नीरू सिंह, नायब सीओ चकबंदी रुस्तमपुर सुनील सिंह समेत जिले के अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मौजा जंगल नन्दलाल सिंह के एक प्रार्थी ने बताया कि आराजी संख्या 451 की भूमि का अवैध पट्टा 23 अप्रैल 1999 को किया गया था, जो वर्ष 2009 में जिलाधिकारी के आदेश से निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद पट्टा धारक आज तक जमीन से कब्जा नहीं हटाए हैं।


मौजा जं०औराही के प्रभु ने शिकायत की कि गाटा संख्या 777, जो चकमार्ग के रूप में है, उस पर गांव के ही खातेदार द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इससे खेत तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने चकमार्ग की पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की।
मौजा मानबेला के हरिश्चन्द्र और छोटेलाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन (आराजी संख्या 441) पर गांव के व्यक्ति द्वारा जबरन गेट लगाकर कब्जा किया गया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने राजस्व व पुलिस बल की मौजूदगी में पैमाइश का अनुरोध किया।

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ग्रामसभा समदार बुजुर्ग के रोधेश्याम ने बताया कि उन्होंने पोखरी सं. 204 के दस वर्षीय पट्टे की नीलामी में ₹1,76,000 की सर्वोच्च बोली लगाई और ₹44,000 की पहली किस्त जमा की। लेकिन छह महीने बाद भी पट्टा स्वीकृति पत्र नहीं दिया गया, जबकि वे तालाब की सफाई कर मत्स्य पालन शुरू कर चुके हैं। एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व एवं भूमि विवादों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के साथ करें।

चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें।विवादित भूमि पर पैमाइश का कार्य पुलिस बल के साथ कराया जाए, ताकि किसी प्रकार का तनाव या विवाद न उत्पन्न हो।


पट्टा संबंधी मामलों में लंबित फाइलों को तत्काल निस्तारित करते हुए आवंटन पत्र जारी किया जाए, जिससे आवेदक के हित सुरक्षित रहें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि तहसील समाधान दिवस पर आने वाले प्रत्येक फरियादी को समाधान के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा किसी भी समस्या के समाधान में शिथिलता न बरती जाए।

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बिजली विभाग की लापरवाही से दुकान क्षतिग्रस्त

व्यापारी ने मांगी कार्रवाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शिवपुर शाहबाज गंज स्थित मिलन चौराहा के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा टलते-टलते बच गया। नीलकंड ज्वेलरी हाउस के बगल में बिजली का पोल गिरने से दुकान का टीन शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया है।


घटना के मुताबिक, राजेश यादव और युवराज यादव के मकान के बगल में लगे ट्रांसफार्मर के पास खराब अवस्था में खड़ा बिजली का पोल लंबे समय से झुका हुआ था वहीं बगल में ट्रांसफार्मर भी लगा है इसकी जानकारी विभाग को कई बार दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को जब बिजली विभाग ने पोल हटाने का कार्य शुरू किया, तो उसे सावधानी से हटाने की बजाय असावधानी से खींचा गया, जिसके कारण वह नीलकंड ज्वेलरी हाउस के सामने गिर पड़ा।


दुकान के मालिक ज्योति कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यदि बिजली विभाग के कर्मचारी और संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति सावधानी बरतते तो यह नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा, “पोल आधा टूटा हुआ था, जिसे सुरक्षित तरीके से हटाने की जरूरत थी। लेकिन राजेश यादव और युवराज यादव ने बिजली विभाग के कर्मचारी को उकसाया कि उधर धक्का दो जिसका नतीजा रहा कि पोल सीधा मेरी दुकान पर गिर गया। टीन शेड पूरी तरह टूट गया और दुकान का काफी नुकसान हुआ है।”
श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि अब सवाल ये उठता है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? उन्होंने बिजली विभाग और लापरवाही बरतने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा जनता की समस्याओं और सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही से पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिन पर कार्यवाही नहीं हुई। इस घटना के बाद व्यापारी और आसपास के निवासी नाराज हैं। सभी का कहना है कि जिस भी विभाग या व्यक्ति के कारण यह नुकसान हुआ है, उसे इसकी भरपाई करनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।


घटना की जानकारी के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए और विभागीय ढिलाई पर रोष व्यक्त किया। घटना से स्पष्ट होता है कि यदि समय रहते विभाग सचेत होता तो यह नुकसान टाला जा सकता था। अब प्रभावित व्यापारी न्याय की गुहार लगा रहा है और उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर ध्यान देंगे।

किरावली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस सम्पन्न: 81 शिकायतें दर्ज, 09 का मौके पर निस्तारण

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील किरावली में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे, जिनकी सुनवाई करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद संबंधी शिकायतों को राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर समस्या को विस्तार से समझा जाए तथा समाधान के बाद स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी शिकायत पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में कुल 81 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 09 शिकायतों का तत्काल निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। प्राप्त शिकायतों में चकरोड निर्माण, नाली निर्माण, अवैध अतिक्रमण और राजस्व विवाद से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। विभागवार शिकायतों में—

राजस्व विभाग: 48, राजस्व एवं पुलिस संयुक्त: 21, विकास विभाग: 08, विद्युत विभाग: 02, अन्य श्रेणी: 02

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य प्रगति को पोर्टल व गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से निस्तारित करने और शिकायत क्लोज करते समय निस्तारण आख्या का अनिवार्य अध्ययन करने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम किरावली नीलम, तहसीलदार दीपांकर, नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवरिया में विश्व मधुमेह दिवस पर जागरूकता कैंप: 415 नए मधुमेह मरीज मिले

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व मधुमेह दिवस पर देवरिया जिले के सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और मुफ्त शुगर व बीपी जांच कराई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मधुमेह के जोखिम, लक्षण, उपचार और रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि अनियमित जीवनशैली, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मधुमेह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 350 मरीज जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर मधुमेह के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने नियमित व्यायाम और सुबह की सैर को मधुमेह नियंत्रण और बचाव के लिए बेहद जरूरी बताया।

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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष की थीम “मधु के साथ जीना है—स्वस्थ और सक्रिय जीवन” के अनुरूप जिले भर में जागरूकता कार्यक्रम और जांच शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 415 नए मधुमेह मरीजों की पुष्टि हुई, जिन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से मार्गदर्शन दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल ने लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार कर मधुमेह से बचाव करने का मजबूत संदेश दिया।

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