Tuesday, June 30, 2026
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पुराणों में सूर्य देव के महत्वपूर्ण प्रसंग

आस्था, विज्ञान और शास्त्रों में सूर्य देव के चमत्कारों का रहस्य
भारत की सनातनी परंपरा में सूर्य देव मात्र एक देवता नहीं, बल्कि जीवनदाता माने जाते हैं। वेद, पुराण और आयुर्वेद में सूर्य को स्वास्थ्य, ऊर्जा, तेज, सामर्थ्य और ज्ञान का स्रोत कहा गया है। इस सीरीज़ के तीसरे भाग में हम सूर्य भगवान से जुड़े उन रहस्यों, मान्यताओं और वैज्ञानिक तथ्यों को समझेंगे, जो हमारे दैनिक जीवन और आध्यात्मिक साधना को गहराई से प्रभावित करते हैं।

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सूर्य देव : जगत के प्राकृतिक नियन्ता
शास्त्रों में कहा गया है—
“सूर्योऽत्मा जगतस्तस्थुषश्च”
अर्थात—सूर्य समस्त जगत का आत्मा है।

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प्राचीन ऋषियों ने सूर्य को तीन रूपों में समझाया है—

  1. आदित्य – जो पृथ्वी को प्रकाश देता है।
  2. सविता – जो सृष्टि की गति का स्रोत है।
  3. भास्कर – जो अंधकार दूर कर ज्ञान फैलाता है।
    यही कारण है कि प्रत्येक पूजा, यज्ञ, मन्त्र जाप और ज्योतिष गणना सूर्य की स्थिति के अनुसार ही मानी जाती है।
    सूर्य उपासना के वैज्ञानिक लाभ
    सूर्य पूजा को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान मानना गलत होगा। विज्ञान भी इसके सकारात्मक प्रभावों को स्वीकारता है:
  4. शरीर के लिए जीवनदायी ऊर्जा
    सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन-D बढ़ाती है, जिससे हड्डियाँ, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
  5. मानसिक शांति
    सूर्य नमस्कार और सूर्य ध्यान (Sun Meditation) से मन शांत होता है। यह तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करता है।
  6. रक्त संचार में सुधार
    सुबह की किरणें रक्त को शुद्ध करती हैं और डिटॉक्स प्रक्रिया को तेज करती हैं।
  7. बायोरिद्म का संतुलन
    सूर्योदय देखना हमारी नींद-जागरण प्रणाली को सही संतुलन देता है, जिसे आज विज्ञान Circadian Rhythm के नाम से जानता है।
    शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव की कृपा कैसे मिलती है?
  8. प्रातःकाल सूर्य आराधना
    सुबह 6 बजे से पहले सूर्य को जल अर्पित करने से घर में शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
    यदि किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो यह उपाय विशेष फल देता है।
  9. सूर्य मंत्र का जाप
    सबसे प्रभावी मंत्र—
    “ॐ घृणि: सूर्याय नमः”
    इसका 108 बार जाप मन की एकाग्रता और आत्मबल बढ़ाता है।
  10. रविवार का व्रत
    शास्त्रों में रविवार को सूर्य की उपासना का दिन बताया गया है।
    सफ़ेद या लाल वस्तुएँ दान करने से विशेष शुभ फल मिलता है।
  11. लाल वस्त्र और तिलक
    सूर्य को तेज का प्रतीक माना गया है। लाल/केसरिया रंग सूर्य ऊर्जा का संवाहक है।
    कुंकुम या चंदन का तिलक लगाने से मानसिक शक्ति बढ़ती है।
    पुराणों में सूर्य देव के महत्वपूर्ण प्रसंग
  12. संपूर्ण विश्व को रोशन करने का वरदान
    शिव पुराण में वर्णन है कि शिवजी ने सूर्य को यह वरदान दिया कि वे सृष्टि के सभी लोकों को प्रकाशित करेंगे।
  13. छाया और संज्ञा की कथा
    देवी संज्ञा सूर्य के तेज को सहन न कर पाने के कारण छाया रूप छोड़कर तप करने चली गई थीं। यह कथा बताती है कि सूर्य का तेज अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य है।
  14. शनिदेव और वैवस्वत मनु के पिता
    सूर्य देव अनेक महत्वपूर्ण देवों के पिता हैं, जिनमें शनिदेव और वैवस्वत मनु प्रमुख हैं। इसलिए ज्योतिष में सूर्य का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
    आधुनिक समय में सूर्य पूजा की बढ़ती लोकप्रियता
    आज दुनिया भर में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के बढ़ते प्रभाव के साथ सूर्य उपासना को एक वैज्ञानिक हेल्थ थेरेपी के रूप में स्वीकारा जा रहा है।
    Sun Gazing, Sun Bathing, Suryanamaskar, और Solar Healing जैसे शब्द अब वैश्विक स्तर पर प्रचलित हो चुके हैं।
    सूर्य भगवान सिर्फ एक धार्मिक मान्यता नहीं है—
    वे जीवन, प्रकाश, प्रेरणा, आत्मविश्वास और ऊर्जा के प्रतीक हैं।
    शास्त्रों और विज्ञान दोनों के अनुसार सूर्य का आदर, ध्यान और उपासना हमारे जीवन में स्वास्थ्य, सफलता और सकारात्मकता लाती है।

सूर्य को जानना, सूर्य की ऊर्जा को अपनाना और सूर्य से सीखना—यही इस एपिसोड 3 का सार है।

जिम्मेंदार सोएं, जनता रोएं — बनती जा रही है संकट की सुनामी

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनता की परेशानियां दिन– प्रतिदिन बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेंदार महकमे की सुस्ती हालात को और भी विकराल बना रही है। इलाके में बुनियादी सुविधाओं से लेकर दैनिक जरूरतों तक, हर मोर्चे पर समस्या मुंह बाए खड़ी है—लेकिन न तो अफसरों की बैठकों में इसकी गूंज सुनाई देती है, और न ही फील्ड में सक्रियता नजर आ रही है।जमीनी हालात इतने बदतर कि लोग खुलेआम सवाल पूछ रहे हैं—आखिर प्रशासन कब जागेगा?
बरसों से लंबित सड़क मरम्मत, खराब पड़े हैंडपंप, बिजली कटौती, बाजारों में अवैध वसूली और जनसुविधाओं की कमी ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है। शिकायतों का अंबार तो हर दफ्तर में जमा है, लेकिन समाधान की रफ्तार कछुए से भी धीमी लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे मुद्दे भी अफसरों की लापरवाही से बड़ी समस्या का रूप ले रहे हैं। हालात बिगड़ने पर कार्रवाई का ढोल पीटा जाता है, लेकिन नतीजा वहीं का वहीं—जनता दुःखी और तंत्र लापरवाह।स्थानीय लोग अब साफ कह रहे हैं—अगर प्रशासन समय रहते जागा नहीं, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ेंगे। चारों ओर यही सवाल तैर रहा है— जनता यूं ही परेशान होती रहेगी और जिम्मेदार यूं ही सोते रहेंगे?

शांतिकुंज — जहां हिमालय की तपशक्ति से जन्मी युग-गंगोत्तरी बहती है

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।गंगा की जलतरंगों से शीतलित, हिमालय की अचल छाया से आच्छादित—शांतिकुंज आज जिस रूप में दुनिया के सामने है, वह किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि प्राचीन ऋषि-संस्कृति की पुनर्जागरण यात्रा का जीवंत ध्रुवकेंद्र है। यह केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि युगों की तपशक्ति, वैदिक चेतना और आध्यात्मिक प्रयोगों की धरोहर से निर्मित एक ऐसा तीर्थ है जिसने आधुनिक भारत के नैतिक पुनर्जागरण में अनोखा योगदान दिया है।
प्राचीन काल से बहती है इस भूमि में ऋषि-ऊर्जा इतिहास बताता है कि जहां आज शांतिकुंज स्थित है, वहां कभी पावन गंगा अपनी दिव्य जलधारा बहाती थी। इसी पवित्र तट स्थल पर ब्रह्मर्षि विश्वामित्र ने गायत्री महामंत्र की अनेक दिव्य साधनाएं कीं। गायत्री महामंत्र के द्रष्टा द्वारा इस भूमि को चुना जाना दर्शाता है कि यह भूखंड सदियों से विशिष्ट ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और ऋषि-प्रेरणा का केंद्र रहा है। युगऋषि परमपूज्य गुरुदेव के हिमालय गमन के दौरान वहां के ऋषियों ने—और स्वयं ब्रह्मर्षि विश्वामित्र ने—स्पष्ट संकेत दिया कि इस पवित्र भूमि को पुनः गायत्री तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित किया जाए। यह केवल एक दिव्य आदेश नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति के नवजागरण का रेखाचित्र था।
तीन सहयोगियों से शुरू हुआ महायज्ञ
वर्ष था 1971 ज्येष्ठ मास का वह ऐतिहासिक क्षण जब वंदनीया माता अखंड दीप और माता गायत्री की सिद्ध शक्ति के साथ इस भूमि पर पहुंचीं। उनके साथ मात्र तीन सहयोगी थे—पर उनके संकल्प, साहस और विश्वास के आगे संख्या का कोई महत्व नहीं था।
इन चार लोगों ने मिलकर वह बीज रोपा जिसने आगे चलकर करोड़ों लोगों के जीवन को प्रकाश, विवेक और नैतिकता की नई ज्योति से भर दिया। गुरुदेव की हिमालय से वापसी—शांतिकुंज के उज्ज्वल युग का उदय आरंभिक काल में जब माताजी शांतिकुंज के निर्माण में जुटी थीं, उस समय युगऋषि पूज्य गुरुदेव देवात्मा हिमालय की ध्रुव साधना में लीन थे। हिमालय की साधना पूरी कर जब वे लौटे, तब शांतिकुंज की ऊर्जा में एक अद्भुत परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा।गुरुदेव के आगमन के साथ ही यह स्थल एक छोटे-से आश्रम से उठकर विश्व-स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर हुआ। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था—भारत को जगाना है, विश्व को दिशा देनी है और मनुष्य को उसके भीतर सोई दिव्यता का बोध कराना है।
इक्कीसवीं सदी की गंगोत्तरी आज शांतिकुंज केवल साधना की भूमि नहीं, बल्कि युग-निर्माण के विराट संकल्प का केंद्र बिंदु है। यहीं से निकली विचारधारा—नैतिक पुनर्जागरण,सामाजिक सुधार,युवा जागरण, नारी-शक्ति सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण,और सांस्कृतिक पुनर्स्थापन—जैसी अनेक धाराओं में विश्वभर में प्रवाहित हो रही है। इसीलिए इसे उचित ही कहा जाता है
इक्कीसवीं सदी के उज्ज्वल भविष्य की गंगोत्तरी। संस्कृति का वह दीप जो निरंतर प्रज्वलित है शांतिकुंज हमें याद दिलाता है कि दिव्यता और दिशा देने वाला प्रकाश कहीं बाहर नहीं, मनुष्य के भीतर ही स्थित है—उसे केवल जागरण की आवश्यकता है। यहां की हर ईंट, हर प्रार्थना, हर उपासना और हर संस्कार इसी संदेश को धारण करता है कि मनुष्य जब अपने भीतर के प्रकाश से परिचित होता है, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।
इसलिए शांतिकुंज का महत्व केवल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं बल्कि सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और वैश्विक सद्भाव की स्थापना तक व्यापक है।
समापन : यह केवल आश्रम नहीं—एक सतत यात्रा है।शांतिकुंज की यह यात्रा आज भी जारी है। यह यात्रा है—मानवता को ऊंचा उठाने की,समाज को संस्कारित करने की,
और विश्व को नए नैतिक मानदंड देने की।
गंगा-तट की यह भूमि आज भी उसी ऊर्जस्विता के साथ खड़ी है, जहां कभी ब्रह्मर्षि विश्वामित्र ने अपने तप की ज्वाला प्रज्वलित की थी और जहां युग ऋषि एवं माताजी ने उसे आधुनिक युग की दिशा बनाकर संपूर्ण मानवजाति को नयी रोशनी दी। शांतिकुंज इस सत्य का प्रमाण है कि जहां दिव्य संकल्प जागता है, वहां इतिहास बदलता है।

सबको हराने” की जगह “सबको जीतने” की कोशिश करे, बहुतसारी मुश्किले आसान हो जाएगी

सुनीता कुमारी
बिहार

जीवन में हम अक्सर प्रतिस्पर्धा को केवल दूसरों को हराने के रूप में देखते हैं। हमें लगता है कि सफलता तभी है जब हम सामने वाले को पीछे छोड़ दें। परंतु यह सोच हमें भीतर से छोटा भी करती है और कई अनावश्यक तनाव भी पैदा करती है। इसी संदर्भ में यह विचार अत्यंत प्रेरक है कि “सबको हराने की जगह सबको जीतने की कोशिश करें, बहुत-सी मुश्किलें आसान हो जाएँगी।”
इसका अर्थ है कि हमारा उद्देश्य दूसरों को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि अपने व्यवहार, सहयोग और सद्भावना से लोगों का दिल जीतना होना चाहिए। जब हम दूसरों को हराने के बजाय उनके साथ मिलकर आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं, तो रिश्तों में मधुरता आती है। एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने से गलतफहमियाँ कम होती हैं और समस्याएँ स्वयं सरल हो जाती हैं।
प्रतिस्पर्धा बुरी नहीं है, परन्तु यदि वह अहंकार, ईर्ष्या और कटुता का रूप ले ले, तो जीवन कठिन हो जाता है। इसके विपरीत, यदि हम सहयोग, सहानुभूति और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, तो न केवल हम स्वयं बेहतर बनते हैं बल्कि आसपास का वातावरण भी सौहार्दपूर्ण बनता है।
कार्यस्थल, विद्यालय या परिवार—हर जगह यह सिद्धांत लागू होता है। जो व्यक्ति सबका विश्वास जीत लेता है, उसके लिए लोगों का सहयोग पाना आसान हो जाता है और कठिन कार्य भी सहजता से पूरे हो जाते हैं।
इस प्रकार साफ है कि जीवन की असली जीत दूसरों को हराने में नहीं, बल्कि लोगों के दिल जीतने में है। यही सोच हमारी मुश्किलों को कम करती है और सफलता के द्वार खोलती है।
विश्लेषणात्मक आलेख
“सबको हराने” की जगह “सबको जीतने” की कोशिश करें—बहुत-सी मुश्किलें आसान हो जाएँगी
मानव समाज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है—प्रतिस्पर्धा और सहयोग के मध्य संतुलन बनाना। अक्सर हम सफल होने के लिए दूसरों को हराने, पीछे छोड़ने या छोटा साबित करने की दौड़ में लग जाते हैं। लेकिन वास्तविक प्रगति और दीर्घकालिक सफलता का रास्ता उस मानसिकता से आता है, जिसमें हम सबको हराने के बजाय सबको जीतने का प्रयास करें। यह सोच न सिर्फ मानवीय संबंधों को सहज बनाती है, बल्कि व्यक्तिगत, सामाजिक और पेशेवर—तीनों स्तरों पर जीवन को सरल भी कर देती है।
मानव इतिहास बताता है कि जहाँ प्रतिस्पर्धा ने नवाचार को गति दी, वहीं सहयोग ने सभ्यताओं को टिकाया। जब हमारा लक्ष्य दूसरों को हराना होता है, तब हमारा ध्यान समाधान से हटकर तुलना और ईर्ष्या पर केंद्रित हो जाता है।
इसके विपरीत, जब हम दूसरों का विश्वास जीतने, रिश्ते जोड़ने और टीम के रूप में आगे बढ़ने की सोच रखते हैं, वहां से हमारी भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संचार कौशल और सहनशीलता बढ़ती है।
“हराने” की मानसिकता क्यों मुश्किलें बढ़ाती है?तनाव बढ़ाता है लगातार तुलना और प्रतियोगिता मानसिक दबाव को बढ़ाती है।“मैं ही जीतूंगा” की सोच लोगों को असुरक्षित और दूर कर देती है।
निर्णय क्षमता पर असर: प्रतिस्पर्धा के कारण हम भावनात्मक निर्णय लेने लगते हैं, तार्किक सोच पीछे रह जाती है।
हराने की मानसिकता समूह में अविश्वास पैदा करती है, जिससे प्रोजेक्ट और सहयोग प्रभावित होते हैं।
जब हम सबको जीतने की सोच रखते हैं, यानी ऐसा वातावरण बनाने की कोशिश करते हैं जिसमें सभी सुरक्षित, सम्मानित और सक्षम महसूस करें, तब:
लोग उन पर अधिक भरोसा करते हैं जो उनके हितों को समझते हैं या सम्मान देते हैं।
टीम का माहौल सकारात्मक होता है, जिससे उत्पादन क्षमता और रचनात्मकता बढ़ जाती है।
जब लोग खुद को प्रतियोगी नहीं बल्कि साथी मानते हैं, तो विवाद स्वाभाविक रूप से कम हो जाते हैं।
सच्चा नेतृत्व वही है जो लोगों के बीच जीत-हार कम और सहयोग-विकास अधिक देखता है।

तुलना कम, आत्मविश्लेषण अधिक
दूसरों को हराने की प्रेरणा अंतहीन है। लेकिन स्वयं को बेहतर बनाने की प्रेरणा स्थायी है।

सुनने की क्षमता का विकास करना चाहिए
दूसरों को जीतने का सबसे आसान तरीका है—उन्हें सुना और समझा जाए।

समस्याओं को “हम बनाम समस्या” के रूप में देखना चाहिए इससे समाधान केंद्रित सोच पैदा होती है।

दूसरों की उपलब्धियों को स्वीकार करना सीखना चाहिए
किसी की सफलता आपकी हार नहीं है। यह दृष्टिकोण मन के बोझ कम करता है।

सहानुभूति रखना चाहिए
दूसरों की स्थिति में खुद को रखने से निर्णय अधिक संतुलित और मानवीय बनते हैं।

निष्कर्ष
“सबको हराने” की सोच हमें संघर्ष, तनाव और प्रतिस्पर्धा के उस चक्र में डाल देती है जहाँ मुश्किलें बढ़ती ही जाती हैं।
वहीं “सबको जीतने”—अर्थातं सहयोग, संवाद, सम्मान और समावेशन—की मानसिकता अपनाते ही जीवन सरल, हल्का और सार्थक हो जाता है।
हर संघर्ष जीत से नहीं, कई संघर्ष समझ और सहयोग से खत्म होते हैं।
अगर हम यह समझ लें कि हमारी जीत दूसरों की हार पर निर्भर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और सामूहिक प्रयास पर आधारित है, तो सचमुच हमारी अधिकांश मुश्किलें आसान हो जाएँगी।

Class 12 English Board Exam 2025: सबसे उपयोगी प्रैक्टिस पेपर और महत्वपूर्ण परीक्षा टिप्स जारी

Students Help Desk | Board Exam Special Edition

2025 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियाँ जोरों पर हैं, और ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए भरोसेमंद प्रैक्टिस सामग्री बेहद जरूरी हो जाती है। पिछले 5 वर्षों के ट्रेंड, बार-बार पूछे गए प्रश्न, और नए पैटर्न को ध्यान में रखते हुए कक्षा 12 इंग्लिश का यह प्रैक्टिस प्रश्न पत्र तैयार किया गया है।
यह पेपर Reading, Writing और Literature—तीनों सेक्शनों का संतुलित मिश्रण है और विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने में मददगार साबित होगा।
📰 Complete Practice Question Paper — English Class 12 (2025)
SECTION A — Reading Skills

  1. Unseen Passage (12 Marks)
    डिजिटल शिक्षा के समय में अवसर और चुनौतियों पर आधारित एक अंश दिया गया है।
    प्रश्न छात्रों की समझ, तर्क और शब्दार्थ क्षमता को जाँचते हैं।
  2. Unseen Poem (8 Marks)
    “Dreams” और “Success” पर आधारित छोटी कविता।
    इसमें poetic devices, central idea और figurative meaning पर प्रश्न शामिल हैं।
    SECTION B — Writing Skills (20 Marks)
  3. Notice / Poster (5 Marks)
  • Anti-Drug Rally
    OR
  • Say No to Plastic जागरूकता पोस्टर
  1. Formal Letter (5 Marks)
    एडिटर को पत्र — बढ़ते शोर प्रदूषण पर सुझाव।
  2. Article / Report (10 Marks)
    विषय:
  • Social Media in Education
  • Science Exhibition 2025
  • Road Safety & Youth Responsibility
    SECTION C — Literature (40 Marks)
  1. Extract Based Questions (10 Marks)
    Expected from:
  • The Last Lesson
  • Deep Water
  • Lost Spring
  • A Thing of Beauty
  • My Mother at Sixty-Six
  1. Short Answers (10 Marks)
    Trending Topics:
  • Douglas का डर कैसे दूर हुआ
  • Indigo में गांधीजी का नेतृत्व
  • Keeping Quiet का संदेश
  • Lost Spring की विडंबना
  1. Long Answer (6 Marks)
  • The Last Lesson – भाषा और पहचान
    OR
  • Going Places – कल्पना बनाम यथार्थ
    9 & 10. Vistas – Short & Long Answer
    Most asked:
  • The Tiger King – व्यंग्य
  • Journey to the End of the Earth – पर्यावरण चेतना
  • The Third Level – Escapism
  • Evans Tries an O-Level – अपराध और बुद्धिमत्ता
    📌 Class 12 English Exam 2025 – Important Tips for Students
    👉 पैटर्न समझें: Reading + Writing + Literature = 80 Marks का संतुलित पेपर।
    👉 Extracts पर फोकस करें: पिछले वर्षों में Extract-Based Questions का वेटेज सबसे अधिक रहा है।
    👉 Writing Skills का अभ्यास करें: Notice, Letter और Articles में फॉर्मैट के साफ अंक मिलते हैं।
    👉 NCERT lines याद रखें: Literature में direct text-based questions पूछे जाते हैं।
    👉 Words Limit का ध्यान: अधिक शब्द लिखना समय भी लेता है और कटौती भी कराता है।
    👉 Poetic Devices दोहराएँ: Metaphor, Simile, Personification सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं।
    👉 Mock Tests करें: समय प्रबंधन को मजबूत बनाता है।
    🏆 यह प्रैक्टिस प्रश्न पत्र Class 12 English बोर्ड परीक्षा 2025 के लिए एकदम अपडेटेड, ट्रेंड-आधारित और छात्रों की समझ के अनुसार तैयार किया गया है। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

आज की तिथि व नक्षत्र शुभ मुहूर्त

23 November 2025 Panchang | 23 नवंबर 2025 का पंचांग

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तृतीया
विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त
शक संवत: 1947 विश्वावसु
वार: रविवार
ऋतु: हेमंत
चंद्रमा: धनु राशि
सूर्य: वृश्चिक राशि

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📌 आज की तिथि व नक्षत्र तिथि
शुक्ल पक्ष तृतीया – 07:25 PM तक
उसके बाद चतुर्थी – 24 नवंबर, 09:22 PM तक

नक्षत्र
मूल – 07:27 PM तक
उसके बाद पूर्वाषाढ़ा

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📌 करण
गर – 07:25 PM तक
वणिज – 07:25 PM से आगे
📌 योग
धृति – 12:08 PM तक
शूल – 12:08 PM से आगे
📌 सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चन्द्रास्त
सूर्योदय: 6:50 AM
सूर्यास्त: 5:36 PM
चंद्रोदय: 9:21 AM
चन्द्रास्त: 7:58 PM

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📌 शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 AM – 12:34 PM
अमृत काल: 12:24 PM – 02:11 PM
सर्वार्थसिद्धि योग: 06:50 AM – 07:27 PM
आनन्दादि योग: सिद्धि योग 07:27 PM तक

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📌 अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: 04:15 PM – 05:36 PM
यमगण्ड: 12:13 PM – 01:34 PM
कुलिक: 02:54 PM – 04:15 PM
दुर्मुहूर्त: 04:10 PM – 04:53 PM
वर्ज्यम्: 05:39 PM – 07:26 PM

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📌 दिन का चौघड़िया
समय चौघड़िया फल
06:50–08:10 AM उद्बेग अशुभ
08:10–09:31 AM चर शुभ
09:31–10:52 AM लाभ उत्तम
10:52–12:13 PM अमृत सर्वोत्तम
12:13–01:34 PM काल अशुभ
01:34–02:54 PM शुभ अच्छा
02:54–04:15 PM रोग कष्ट
04:15–05:36 PM उद्बेग अशुभ

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📌 रात का चौघड़िया
समय चौघड़िया फल
05:36–07:15 PM शुभ अच्छा
07:15–08:55 PM अमृत श्रेष्ठ
08:55–10:34 PM चर शुभ
10:34–12:13 AM रोग अशुभ
12:13–01:52 AM काल अशुभ
01:52–03:32 AM लाभ शुभ
03:32–05:11 AM उद्बेग अशुभ
05:11–06:50 AM शुभ अच्छा
📌 चंद्रबल
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ और मीन राशियों के लिए आज चंद्रबल शुभ है।
📌 ताराबल
07:27 PM तक:
भरणी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
उपरांत 24/11/25, 06:50 AM तक:
अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा
📌 दिशा शूल (आज किस दिशा में यात्रा शुभ/अशुभ)
दिशा शूल: पश्चिम
पश्चिम दिशा में यात्रा न करें।
यदि आवश्यक हो तो दही-चीनी खाकर घर से निकलें, दोष समाप्त माना जाता है।
📌 आज की यात्रा कैसी रहेगी?
उत्तर व पूर्व दिशा का यात्रा फल शुभ।
व्यापार, अध्ययन, खरीदारी और सौदेबाजी के लिए दोपहर पूर्व समय सर्वोत्तम।
📌 घर से निकलते समय क्या खाएं?
गुड़ और पानी – शुभ फल
दही-चीनी – सफलता
हल्दी का तिलक – यात्रा मंगलमय
📌 कौन-सा मंत्र जपें ताकि बिगड़े काम संवर जाएं?
“ॐ गं गणपतये नमः” – सभी अड़चनें दूर
“ॐ हनुमते नमः” – यात्रा व कार्य में सफलता
“ॐ नमः शिवाय” – मानसिक शांति व स्थिरता
शुभ मुहूर्त: अभिजीत, अमृत काल, सर्वार्थसिद्धि योग
प्रमुख योग: धृति, शूल
नक्षत्र: मूल → पूर्वाषाढ़ा
चंद्रमा: धनु राशि
दिशा शूल: पश्चिम
शुभ राशियाँ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन

UP बना देश का पहला राज्य: लगातार छठे साल नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत; निगमों पर चोरी रोकने का दबाव

लखनऊ/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने शनिवार को नई बिजली दरें घोषित कर दी हैं, जिसमें लगातार छठे वर्ष भी दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस निर्णय के साथ, उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां इतने लंबे समय तक बिजली की दरें स्थिर रखी गई हैं।

​बिजली चोरी पर अब होगी सख्ती

​हालांकि, आयोग ने अब बिजली चोरी (वितरण हानियां) पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। आयोग ने वितरण हानियों को वर्ष 2024-25 के 13.78\% से घटाकर वर्ष 2029-30 तक 10.74\% करने का सख्त निर्देश दिया है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों पर असर: इस निर्देश का सीधा असर ग्रामीण इलाकों पर पड़ेगा, जहां अभी भी बिना मीटर या बिना कनेक्शन बिजली का उपयोग किया जाता है। अब संबंधित बिजली निगम घाटे का बहाना नहीं बना पाएंगे और उन्हें इन क्षेत्रों में बिजली चोरी पर पूरी तरह पाबंदी लगानी होगी।
​उपभोक्ताओं की ऐतिहासिक जीत

​यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

  • पावर कॉर्पोरेशन का प्रस्ताव खारिज: पावर कॉर्पोरेशन ने इस वर्ष बिजली दरों में 45% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, जिसे नियामक आयोग ने खारिज कर दिया।
  • सरप्लस का तर्क: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के सामने यह तर्क रखा था कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर पहले से ही ₹ 33,122 करोड़ रुपये का सरप्लस चला आ रहा था। इस वर्ष ₹ 18,592 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सरप्लस जुड़ने के बाद कुल सरप्लस ₹ 51,000 करोड़ रुपये से ऊपर जा चुका है, इसलिए दरें बढ़ाने के बजाय कम की जानी चाहिए।

​उपभोक्ता परिषद ने इस न्यायपूर्ण फैसले के लिए नियामक आयोग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है, कहा कि सीएम ने महंगाई से बचाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है।

​नोएडा पावर कंपनी (NPCL) में भी राहत

​नोएडा पावर कंपनी (NPCL) के उपभोक्ताओं को भी राहत मिली है। उपभोक्ता परिषद के पक्ष को स्वीकार करते हुए आयोग ने नोएडा पावर कंपनी की बिजली दरें भी यथावत रखने का निर्णय दिया है। साथ ही, उपभोक्ताओं को दी जा रही 10% छूट आगे भी जारी रहेगी।

इतिहास के पन्नों में दर्ज 23 नवंबर की अविस्मरणीय घटनाएँ

“23 नवंबर—इतिहास की उन सरगमों का दिन, जिन्होंने मानवता की दिशा बदली और दुनिया को नई सोच दी”


23 नवंबर का दिन महज कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि विश्व इतिहास, राजनीति, संस्कृति, संघर्ष, साहस और बदलाव का संगम है। यह दिन उन घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने न केवल तत्कालीन राजनीति और समाज को प्रभावित किया, बल्कि आने वाले समय की राह भी तय की। यह तिथि हमें यह समझाती है कि दुनिया में घटने वाली हर घटना किसी न किसी रूप में भविष्य की नींव तैयार करती है।
इस लेख में हम 23 नवंबर के महत्वपूर्ण दिवस पर उन वैश्विक घटनाओं का व्यापक विश्लेषण करते हैं, जो मानव सभ्यता को दिशा देने में मील का पत्थर साबित हुईं।

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🔶 23 नवंबर का ऐतिहासिक महत्व : विश्व राजनीति, संघर्ष और परिवर्तन की गाथा

  1. धार्मिक इतिहास में बड़ी वापसी (1165)
    रोम का इतिहास इस बात का गवाह है कि सत्ता और आस्था हमेशा संघर्ष और संतुलन के बीच चलती रही हैं। 23 नवंबर 1165 का दिन इसी संघर्ष का निर्णायक मोड़ था, जब पोप एलेक्जेंडर तृतीय निर्वासन से वापस रोम लौटे। यह घटना सिर्फ धार्मिक नेतृत्व की वापसी नहीं थी, बल्कि कैथोलिक चर्च की शक्ति-संरचना को स्थिर करने वाली ऐतिहासिक घड़ी भी थी।
  2. सत्ता परिवर्तन और लोकतंत्र का विस्तार (1744 – 1890)
    1744 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉन कार्टरैट का इस्तीफा और 1890 में इटली में हुए आम चुनाव—दोनों घटनाएँ लोकतांत्रिक संस्थाओं के विकास को दर्शाती हैं। राजनीतिक जवाबदेही और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण किसी भी आधुनिक लोकतंत्र की नींव होते हैं, और यह तारीख उन मूल्यों का प्रतीक है।
  3. लोमानी कांगो का युद्ध : उपनिवेशवाद की कड़वी सच्चाई (1892)
    बेल्जियम और अरबों के बीच लोमानी कांगो की लड़ाई 23 नवंबर 1892 को उपनिवेशवाद के क्रूर अध्यायों में एक और पन्ना जोड़ती है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि भू-भाग और संसाधनों पर अधिकार पाने की लालसा ने कितनी मानव पीड़ा को जन्म दिया।
  4. ओलंपिक समापन (1904)
    अमेरिका के सेंट लुईस में तीसरे ओलंपिक खेलों का समापन केवल खेलों का अंत नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सद्भाव, प्रतियोगिता और मानव क्षमताओं की अनोखी मिसालों का उत्सव था।
  5. युद्ध और आपदाएँ : मानव त्रासदियों का दहला देने वाला पक्ष
    1946: वियतनाम के हैफ्योंग में फ्रांसीसी नौसेना जहाज में लगी भीषण आग ने छह हजार लोगों की जान ले ली। यह घटना उपनिवेशवादी हिंसा और सैन्य टकराव की भयावहता का स्मरण कराती है।
    1996: इथियोपिया का अपहृत विमान ईंधन समाप्त होने पर हिंद महासागर में गिरा, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई — यह आतंक, कूटनीति और सुरक्षा की असफलताओं का दुखद परिणाम था।
    2009: फिलीपींस में 32 मीडियाकर्मियों की हत्या ने प्रेस स्वतंत्रता पर हुए सबसे भयावह हमलों में अपना नाम दर्ज करवाया।
  6. भारत से जुड़े प्रमुख क्षण
    1983 – भारत में पहली बार कॉमनवेल्थ शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह भारत की कूटनीतिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व क्षमता की बड़ी उद्घोषणा थी।
    1984 – लंदन के ऑक्सफोर्ड सर्कस स्टेशन पर आग लगने से हजारों लोग फँस गए, जिसने शहरी सुरक्षा प्रबंधन को लेकर वैश्विक चर्चा छेड़ी।
    2002 – नई दिल्ली में जी-20 बैठक की शुरुआत भारत की उभरती अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है।
    2008 – जम्मू-कश्मीर चुनाव के दूसरे चरण में 65% मतदान ने लोकतंत्र में जनता की भागीदारी का शक्तिशाली संदेश दिया।
  7. साहित्य और समाज की उपलब्धियाँ
    1997 में निराद सी. चौधरी ने अपने जीवन के 100 वर्ष पूरे किए। वे भारतीय साहित्य, इतिहास और संस्कृति की वैश्विक पहचान बनाने वाले असाधारण चिंतक रहे।
    🔶 क्यों महत्वपूर्ण है 23 नवंबर?
    यह दिन बताता है कि इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि अनुभवों का भंडार है—सत्ता की उठापटक, संघर्ष की पीड़ा, मानवता की जीत, प्रगति के कदम और दुनिया को जोड़ने वाली घटनाओं की जीवित यादें।
    23 नवंबर हमें बार-बार याद दिलाता है कि दुनिया निरंतर बदल रही है और इन परिवर्तनों को समझना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

यूपी में आतंकी शरणगाहों की तलाश तेज: 250 से अधिक कश्मीरी डॉक्टर-छात्र रडार पर, आधा दर्जन शिक्षण संस्थान भी जांच के घेरे में

​लखनऊ/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल द्वारा दिल्ली में बम विस्फोट की घटना को अंजाम दिए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और उन्होंने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसियों का मुख्य फोकस राज्य में आतंकियों के लोकल हाइडआउट्स (शरणगाहों) की पहचान करना है।

​250+ कश्मीरी मूल के डॉक्टर और छात्र जांच के दायरे में

​सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर इस समय 250 से अधिक कश्मीरी मूल के डॉक्टर और छात्र हैं, जिनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

  • फरीदाबाद कनेक्शन: सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद आतंकियों का कनेक्शन यूपी के कई जिलों से सामने आया है।
  • प्रोफाइलिंग: कश्मीर निवासी ऐसे डॉक्टर जो प्रदेश के सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत हैं, या मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनका ब्योरा जुटाया जा रहा है। निजी अस्पतालों में कार्यरत कश्मीरी डॉक्टर भी जांच के दायरे में हैं।
  • दस्तावेज सत्यापन: एटीएस ने इन सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के बाद उनके आपराधिक इतिहास को खंगालने के लिए दस्तावेज जम्मू-कश्मीर पुलिस को सत्यापन के लिए भेजे हैं। बीते सप्ताह तक रडार पर मौजूद लोगों की संख्या 200 थी, जो अब बढ़कर 250 से अधिक हो चुकी है।
​शैक्षिक संस्थान भी रडार पर

​फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी पर कानूनी शिकंजा कसने के बाद, यूपी में मेडिकल की शिक्षा देने वाले आधा दर्जन से अधिक अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

  • एजेंसियों की पैनी नजर: एटीएस, एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) और स्थानीय पुलिस इन संस्थानों में होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
  • वित्तीय जांच: इन संस्थानों के वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) को भी जांच के दायरे में लाया गया है और पड़ताल जारी है।
  • स्थान: इनमें से अधिकतर संस्थान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि राजधानी लखनऊ का भी एक संस्थान जांच के दायरे में शामिल है।

​यूपी में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों को पनाह देने और उनके स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।

देश को मिलेंगे 53वें CJI: जस्टिस बीआर गवई आज होंगे रिटायर, कल सूर्यकांत लेंगे मुख्य न्यायाधीश की शपथ

​नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत की न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई आज (रविवार, 23 नवंबर) सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो रहे हैं। उनका अंतिम कार्यदिवस शुक्रवार को भावुक माहौल में संपन्न हुआ, जहां उन्होंने स्वयं को ‘न्याय का विद्यार्थी’ बताते हुए 40 साल के अपने न्यायिक सफर को संतोषजनक बताया।

​जस्टिस गवई की भावुक विदाई

​अपने विदाई समारोह में जस्टिस गवई ने कहा कि वह इस संतोष के साथ विदा ले रहे हैं कि उन्होंने देश के लिए जो कुछ भी कर सकते थे, वह किया। उन्होंने एक वकील से लेकर हाईकोर्ट जज, सुप्रीम कोर्ट जज और अंततः सीजेआई बनने तक की अपनी यात्रा को बेहद संतोषजनक बताया।

​53वें CJI के रूप में जस्टिस सूर्यकांत लेंगे शपथ

​निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट के बाद, जस्टिस सूर्यकांत सोमवार, 24 नवंबर को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और ब्राजील सहित कई देशों के मुख्य न्यायाधीशों की उपस्थिति भारतीय न्यायपालिका के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगी।

​नए CJI सूर्यकांत की प्राथमिकताएं

​पत्रकारों से बात करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा फोकस देश भर की अदालतों में लंबित मुकदमों को तेजी से निपटाने पर होगा।

न्यायिक सुधार और दृष्टिकोण:

  • लंबित मामलों का निपटारा: वे उन मामलों की पहचान करेंगे जो वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं।
  • हाईकोर्ट की भूमिका: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को समझना चाहिए कि हाईकोर्ट भी संवैधानिक अदालतें हैं, इसलिए सीधे सुप्रीम कोर्ट आने से पहले हाईकोर्ट में अपील की जानी चाहिए।
  • आधुनिकीकरण: जस्टिस कांत ने न्यायपालिका को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया। उनकी प्राथमिकताओं में पुरानी लंबित फाइलों का निपटान, डिजिटल न्याय व्यवस्था को बढ़ावा देना और बेंच की दक्षता बढ़ाना शामिल है।

​जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल भारतीय न्यायपालिका में सुधार और आधुनिकीकरण के लिए एक नई दिशा प्रदान कर सकता है।

G20 में PM मोदी का जलवा: लूला डी सिल्वा से गले मिले, मेलोनी से हंसी-मजाक; भारत के लिए क्यों खास यह समिट?

जोहान्सबर्ग/दक्षिण अफ्रीका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वैश्विक मंच पर छाए रहे। उन्होंने कई विश्व नेताओं के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की, जिसमें ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा के साथ भावनात्मक आलिंगन और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ खुलकर हंसी-मजाक करना शामिल है।

​नेताओं से गर्मजोशी भरी मुलाकातें

​जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का स्वागत दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने हाथ जोड़कर किया।

  • इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को हाथ जोड़कर नमस्ते कहा। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक का माहौल देखने को मिला, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों नेताओं ने भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया।
  • ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा: पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा से गर्मजोशी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया, जहां सिल्वा पीएम मोदी की पीठ थपथपाते नजर आए।
  • यूएई के राष्ट्रपति: यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी पीएम मोदी ने गले लगकर मुलाकात की।

​पीएम मोदी ने जी-20 समिट के सत्र को संबोधित भी किया।

​भारत-इटली संबंधों पर गहन चर्चा

​पीएम मोदी और इटली की पीएम मेलोनी की मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। दोनों नेताओं ने सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन संकट, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक व्यापार के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

​यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं ने मुलाकात की है; इससे पहले जून 2025 में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित 51वें जी7 समिट के दौरान भी वे मिले थे।

मेलोनी की ऑटोबायोग्राफी पर PM मोदी की राय

​पीएम मोदी ने सितंबर में मेलोनी को एक असाधारण राजनेता बताया था और उनकी ऑटोबायोग्राफी ‘आई एम जॉर्जिया’ को ‘मन की बात’ या दिल से निकले विचार’ कहा था। इस किताब की प्रस्तावना में पीएम मोदी ने साझा सांस्कृतिक विरासत, समुदाय की शक्ति और नारीत्व के उत्सव पर आधारित भारत-इटली के मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला था।

​अनुपस्थित रहे प्रमुख नेता

​इस जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अनुपस्थित रहे। इन प्रमुख वैश्विक शक्तियों की गैरमौजूदगी में भारत और पीएम मोदी सम्मेलन के मुख्य चेहरों में से एक बने रहे।

​भारत के लिए क्यों अहम है यह G20 समिट?

​यह जी-20 सम्मेलन भारत के लिए बेहद खास है क्योंकि:

  1. अफ्रीका को सदस्यता: साल 2023 में भारत की अध्यक्षता में ही अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था।
  2. पहला आयोजन: यह पहली बार है, जब अफ्रीका महाद्वीप में जी-20 समिट का आयोजन हो रहा है।
  3. नेतृत्व की भूमिका: अमेरिका, रूस और चीन की अनुपस्थिति में भारत वैश्विक मंच पर अपनी प्रमुख और प्रभावशाली भूमिका को और मजबूत कर रहा है।

अंकों की शक्ति: आपका आज कैसा बीतेगा?

✨ पंडित सुधीर तिवारी का आज का अंक राशिफल: 23 नवंबर 2025


23 नवंबर 2025, रविवार का दिन—ऊर्जा, अवसर और बदलाव का कारक माना जाता है।
अंक ज्योतिष में जन्मतिथि से प्राप्त मूलांक आपके दिन की दिशा तय करता है।
आज जानें मूलांक 1 से 9 वालों के लिए आज का विस्तृत, स्पष्ट और सरल अंक राशिफल—

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🔢 मूलांक 1 (जन्मतिथि जोड़ 1) – मौके और सफलता का दिन
आज का दिन आपके लिए खास उपलब्धि लेकर आएगा। कोई बड़ा अवसर सामने दिखेगा।
संदेह या नकारात्मक विचारों को मन में जगह न दें।
काम और निर्णय—दोनों में आपकी समझ आज लाभ दिलाएगी।

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🔢 मूलांक 2 – प्रेम और उत्साह से भरा दिन
आज आपका मूड शानदार रहेगा।
किसी खास व्यक्ति के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है।
बीते समय में की गई मेहनत आज आपको गर्व महसूस कराएगी।
भविष्य की योजनाएं गति पकड़ेंगी।

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🔢 मूलांक 3 – परिवर्तन और प्रगति का संकेत
आज दिन तेज बदलाव लेकर आएगा।
कुछ लोग कार्य से जुड़ी यात्रा कर सकते हैं।
रिश्तों में गर्माहट बढ़ेगी और परिवार का साथ मिलेगा।
खुशमिजाज बने रहें—दिन सकारात्मक रहेगा।
🔢 मूलांक 4 – व्यस्तता के साथ सफलता
आज कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी।
किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का मौका मिल सकता है।
समय के साथ सब कुछ आपके पक्ष में चलता हुआ दिखेगा।
धैर्य आपको और आगे बढ़ाएगा।

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🔢 मूलांक 5 – मेहनत का फल दिखने वाला दिन आज प्रोडक्टिव दिन रहेगा।
संपत्ति, प्रमोशन या किसी पेंडिंग काम में अच्छी खबर मिल सकती है।
विद्यार्थियों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
नई दिशा आपका इंतजार कर रही है।

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🔢 मूलांक 6 – शानदार उपलब्धियों वाला दिन आज भाग्य पूरी तरह साथ देगा।
किसी प्रियजन से सरप्राइज मिल सकता है।
पैसों का प्रबंधन समझदारी से करें।
व्यापार और कामकाज मजबूत स्थिति में रहेगा।

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🔢 मूलांक 7 – आत्मविश्वास बढ़ाने वाला दिन आज अपनी उपलब्धियों को पहचानें।
आपकी क्षमता आपको बेहतर परिणाम दिलाएगी।
पार्टनर के साथ समय अच्छा रहेगा, पर ज़रूरी काम न भूलें।
ध्यान केंद्रित रखें।

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🔢 मूलांक 8 – संतुलन बनाए रखने का दिन मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें।
कोई डील फायदा दिला सकती है।
बैंक बैलेंस बढ़ाने के नए रास्ते नजर आएंगे।
रिश्तों में धैर्य रखने की जरूरत है।

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🔢 मूलांक 9 – उतार-चढ़ाव के बीच आगे बढ़ने का संकेत दिन थोड़ा हलचल भरा रह सकता है, लेकिन तनाव न लें।
नई शुरुआत का समय है।
आज आप समझ पाएंगे कि किन नकारात्मक चीजों से आप मुक्त हो चुके हैं।
अपने ऊपर अनावश्यक दबाव न डालें।

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डिस्क्लेमर:
इस अंक ज्योतिष में दी गई जानकारी राष्ट्र की परम्परा प्रमाणित नहीं करती।
अपनी जन्म कुंडली और भविष्य संबंधी निर्णयों के लिए किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

ग्रह-नक्षत्रों की चाल से बन रहा आज का शुभ योग

दैनिक राशिफल 23 नवंबर 2025

प्रस्तुतकर्ता : पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय


मेष (Aries) –अ, च, लॉ
स्वभाव : उत्साही | शुभ रंग : नीला | शुभ अंक : 7 | पूजन : हनुमान जी
कार्य/व्यवसाय : आज भाग्य आपका पूरा साथ देगा। किसी बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए उत्तम दिन है। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।
शिक्षा : विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में मनचाहा परिणाम मिलने की संभावना।
कला–संगीत : नई उपलब्धि या मंच प्राप्त हो सकता है।
राजनीति : प्रभाव बढ़ेगा, जनसंपर्क मजबूत होंगे।
प्रशासन : लंबित फाइलें तेजी से निपटेंगी।
आर्थिक स्थिति : इनकम बढ़ेगी, अटके पैसे मिलने के योग।
परिवार/स्वास्थ्य : परिवार का सहयोग रहेगा, मानसिक ऊर्जा प्रबल।

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वृषभ (Taurus) – ब, व, उ
स्वभाव : धैर्यवान | शुभ रंग : हरा | शुभ अंक : 4 | पूजन : देवी लक्ष्मी
कार्य/व्यवसाय : जोखिम वाले काम टालें। निवेश में सावधानी रखें।
शिक्षा : पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहेगी, परंतु ध्यान बंट सकता है।
कला–संगीत : किसी नए प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मिल सकता है।
राजनीति : विरोधी सक्रिय रहेंगे, परंतु आप स्थिति संभाल लेंगे।
प्रशासन : वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति : अचानक धन लाभ संभव लेकिन उधार देने से बचें।
परिवार/स्वास्थ्य : छोटों की गलती माफ करने से शांति रहेगी।

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मिथुन (Gemini) – क, छ, घ
स्वभाव : जिज्ञासु | शुभ रंग : लाल | शुभ अंक : 3 | पूजन : गणेश जी
कार्य/व्यवसाय : प्रतियोगिता बढ़ेगी। पार्टनरशिप में सावधानी।
शिक्षा : गुरुजनों का मार्गदर्शन लाभकारी।
कला–संगीत : आपकी प्रतिभा को सराहना मिलेगी।
राजनीति : पद-प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।
प्रशासन : नए दायित्वों की प्राप्ति।
आर्थिक स्थिति : खर्च बढ़ सकता है।
परिवार/स्वास्थ्य : जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

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कर्क (Cancer) – हि, हु, हे
स्वभाव : भावुक | शुभ रंग : ग्रे | शुभ अंक : 2 | पूजन : शिव–पार्वती
कार्य/व्यवसाय : खर्च अधिक रहेंगे। फिजूलखर्ची रोकें।
शिक्षा : मन कुछ भटक सकता है—लगन बनाए रखें।
कला–संगीत : मूड स्विंग के कारण रचनात्मकता प्रभावित हो सकती है।
राजनीति : लोगों से जुड़ाव बढ़ेगा।
प्रशासन : आज कोई महत्वपूर्ण फाइल अटक सकती है।
आर्थिक स्थिति : अचानक खर्च—सावधान रहें।
परिवार/स्वास्थ्य : घर में मेहमान आने की संभावना।

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सिंह (Leo) – म, ट, टा
स्वभाव : आत्मविश्वासी | शुभ रंग : आसमानी | शुभ अंक : 1 | पूजन : सूर्यदेव
कार्य/व्यवसाय : लक्ष्य प्राप्ति का शानदार दिन।
शिक्षा : छात्रों का मन पढ़ाई में पूरी तरह लगेगा।
कला–संगीत : बड़ी उपलब्धि का योग।
राजनीति : बड़े नेताओं का साथ मिल सकता है।
प्रशासन : प्रमोशन या सराहना मिलने के संकेत।
आर्थिक स्थिति : उधार दिया पैसा लौट सकता है।
परिवार/स्वास्थ्य : ऊर्जा व उत्साह में बढ़ोतरी।

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कन्या (Virgo) –प, ठ, ण
स्वभाव : मेहनती | शुभ रंग : गुलाबी | शुभ अंक : 5 | पूजन : विष्णु जी
कार्य/व्यवसाय : परेशानियां सिर उठा सकती हैं—धैर्य रखें।
शिक्षा : उच्च शिक्षा का मार्ग खुलेगा।
कला–संगीत : रचनात्मकता बढ़ेगी।
राजनीति : किसी बात पर विवाद से बचें।
प्रशासन : छोटे कर्मचारियों की गलती नजरअंदाज करें।
आर्थिक स्थिति : मध्यम—खर्च बढ़ सकता है।
परिवार/स्वास्थ्य : मौसम का असर—सावधान रहें।

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तुला (Libra) – रा, री, रु
स्वभाव : संतुलित | शुभ रंग : सफेद | शुभ अंक : 6 | पूजन : माता दुर्गा
कार्य/व्यवसाय : नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा।
शिक्षा : पढ़ाई में कुछ रुकावट—लेकिन आगे सुधार।
कला–संगीत : नई दिशा मिलेगी।
राजनीति : बड़ों का आशीर्वाद महत्वपूर्ण।
प्रशासन : स्वास्थ्य समस्या के कारण काम धीमा हो सकता है।
आर्थिक स्थिति : मध्यम—खर्च नियंत्रित करें।
परिवार/स्वास्थ्य : कुछ टेस्ट कराने की सलाह।

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वृश्चिक (Scorpio) – न, य, टो
स्वभाव : रहस्यमय | शुभ रंग : लाल | शुभ अंक : 9 | पूजन : मंगल देव
कार्य/व्यवसाय : नई नौकरी या अवसर मिलने के योग।
शिक्षा : पढ़ाई में मनोबल बढ़ेगा।
कला–संगीत : रचनात्मक कार्य से पहचान मिलेगी।
राजनीति : बड़े नेताओं से संपर्क लाभदायक।
प्रशासन : पैतृक संपत्ति संबंधी कार्य बन सकते हैं।
आर्थिक स्थिति : संपत्ति लाभ के योग।
परिवार/स्वास्थ्य : वाहन चलाते समय सावधान।

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धनु (Sagittarius) –ये, यो, भा
स्वभाव : दयालु | शुभ रंग : पीला | शुभ अंक : 3 | पूजन : बृहस्पति देव
कार्य/व्यवसाय : नई नौकरी या प्रमोशन संभव।
शिक्षा : उच्च शिक्षा में बेहतरीन अवसर।
कला–संगीत : नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है।
राजनीति : बड़े पद का प्रस्ताव मिल सकता है।
प्रशासन : वरिष्ठ अधिकारी प्रसन्न।
आर्थिक स्थिति : प्रॉपर्टी डील से लाभ।
परिवार/स्वास्थ्य : भावनाओं पर नियंत्रण रखें।

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मकर (Capricorn) –भो, ज, ख
स्वभाव : अनुशासित | शुभ रंग : गुलाबी | शुभ अंक : 8 | पूजन : शनि देव
कार्य/व्यवसाय : धीमी गति के बावजूद कार्य पूर्ण होंगे।
शिक्षा : परिणाम बेहतर आएंगे।
कला–संगीत : आपके कार्य की सराहना।
राजनीति : विरोधियों पर विजय।
प्रशासन : कोर्ट-कचहरी से जुड़े कार्य चुनौतीपूर्ण।
आर्थिक स्थिति : आय स्थिर—अनावश्यक खर्च न करें।
परिवार/स्वास्थ्य : वाणी से लोग प्रभावित होंगे।

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कुंभ (Aquarius) – स, श
स्वभाव : मानवतावादी | शुभ रंग : लाल | शुभ अंक : 22 | पूजन : शिव जी
कार्य/व्यवसाय : करियर में उछाल, नए अवसर।
शिक्षा : प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी—फिर भी सफलता संभव।
कला–संगीत : आत्मविश्वास बढ़ेगा।
राजनीति : महत्वपूर्ण चर्चाओं में शामिल होंगे।
प्रशासन : वरिष्ठों की नजर में आपका काम बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति : छोटे-छोटे लाभ।
परिवार/स्वास्थ्य : सेहत में सावधानी जरूरी।

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मीन (Pisces) – दि, दु, चा
स्वभाव : संवेदनशील | शुभ रंग : गोल्डन | शुभ अंक : 5 | पूजन : विष्णु–लक्ष्मी
कार्य/व्यवसाय : बिजनेस बढ़ेगा, बड़ी उपलब्धि का योग।
शिक्षा : छात्रों के लिए सफलता भरा दिन।
कला–संगीत : आप चमकेंगे, नए मौके मिलेंगे।
राजनीति : लोगों का भरपूर समर्थन।
प्रशासन : शासन से जुड़े कार्य सफल।
आर्थिक स्थिति : प्रॉपर्टी से लाभ।
परिवार/स्वास्थ्य : घर में खुशियां बढ़ेंगी।

थाना समाधान दिवस में पुलिस की बड़ी पहल

38 फरियाद, 6 का मौके पर निस्तारण, जमीन विवादों के त्वरित समाधान के सख्त निर्देश

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को जनपद के सभी थानों में आयोजित थाना समाधान दिवस में कानून व्यवस्था और जनसुनवाई की पारदर्शिता एक बार फिर केंद्र में रही।जिलेभर में कुल 38 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 06 मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर पुलिस प्रशासन ने संवेदनशीलता व तत्परता का संदेश दिया।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज स्वयं थाना बरगदवा पहुंचे और फरियादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े सभी विवादों में पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर सत्यापन करे ताकि फरियादी को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी जमीन सम्बन्धित प्रार्थना पत्र को चाहे वह थाना स्तर, आईजीआरएस, या किसी अन्य माध्यम से प्राप्त हुआ हो, उसे अनिवार्य रूप से थाना समाधान दिवस रजिस्टर में दर्ज किया जाए। समाधान दिवस पर दोनों पक्षों को बुलाकर राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम के माध्यम से मौके पर निस्तारण कराया जाए।
प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण हो, ताकि किसी भी पक्ष को प्रशासनिक भ्रम या भटकाव न झेलना पड़े।
जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी अपने- अपने सर्किल के थानों पर उपस्थित रहे, जबकि थाना प्रभारियों ने अपने स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया संचालित की।
थाना समाधान दिवस का यह संयुक्त प्रयास न केवल शासन की मंशा को मजबूत करता है, बल्कि जमीन विवाद जैसे जटिल मामलों में त्वरित न्याय की एक प्रभावी मिसाल भी प्रस्तुत करता है।

दिल्ली कैपिटल्स के नेट फास्ट बॉलर बना शिवम, जिले में खुशी की लहर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।जिले के खलीलाबाद ब्लॉक के कूईकोल गांव के युवा क्रिकेटर शिवम यादव ने अपनी प्रतिभा से एक बार फिर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। आगामी वर्ष 2026 में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के लिए उनका चयन दिल्ली कैपिटल्स के नेट फास्ट बॉलर के रूप में हुआ है। यह खबर मिलते ही पूरे गांव में उत्साह फैल गया। जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र यादव उनके घर पहुंचे और माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।
गांव के रामललित यादव के पुत्र शिवम, मात्र 23 वर्ष की उम्र में अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। 2017 में गांव के मैदान से क्रिकेट की शुरुआत की और आगे बढ़ने की चाह में संत कबीर नगर स्टेडियम में अभ्यास करना शुरू किया। बेहतर प्रशिक्षण के लिए चार साल पहले उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स अकादमी में दाखिला लिया, जहां कोच राजेश नागर से उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। साल 2025 में भी वे टीम के साथ नेट फास्ट बॉलर के तौर पर जुड़े थे, हालांकि तब उन्हें सैलरी नहीं मिलती थी।
जनवरी 2025 में मुंबई में हुए पहले ट्रायल के बाद उन्हें आगामी आईपीएल सीज़न के लिए प्राथमिकता दी गई। उनकी गेंदबाजी की गति 145 से 147 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँचती है, जिसने चयनकर्ताओं को खासा प्रभावित किया। शिवम का कहना है कि वे उम्मीद करते हैं कि इस बार उन्हें टीम में खेलने का मौका भी मिलेगा और इसके लिए वे लगातार मेहनत कर रहे हैं। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों के आशीर्वाद को दिया है।
खेल के प्रति समर्पण सिर्फ शिवम तक सीमित नहीं है। उनकी बहन विद्या यादव, जो कक्षा 12 में पढ़ती हैं, भी जिला और मंडल स्तर पर क्रिकेट खेल चुकी हैं और यूपी अंडर-19 महिला कैंप में हिस्सा ले चुकी हैं।
शिवम के चयन की खबर फैलते ही क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और पूर्व क्रिकेटर उनके घर पहुंचे और बधाई दी और शिवम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता से जिले के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी।