संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति का जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र 314-धनघटा के अंतर्गत नाथनगर, हैंसर और पौली विकासखंडों में एसआईआर से जुड़ी फीडिंग तथा अन्य कार्यों का स्थलीय जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और संबंधित खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बीएलओ की गतिविधियों की निकट से निगरानी करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक प्रपत्र भरवाकर समयबद्ध ढंग से जमा कराएं।
जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि एसआईआर कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का किया सघन निरीक्षण
विद्यार्थियों ने किया औद्योगिक प्रक्रियाओं का अध्ययन, मिला व्यावहारिक ज्ञान
बिछुआ/मध्य प्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तहत स्थानीय महाविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को औद्योगिक भ्रमण पर ले जाया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक प्रक्रियाओं, कार्य संस्कृति और उत्पादन तकनीकों से अवगत कराना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने छिंदवाड़ा के खजरी रोड स्थित इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स में नरेश पाइप फैक्ट्री तथा साबुन एवं डिटर्जेंट निर्माण इकाई का अवलोकन किया। साथ ही सीआईआई और एटीडीसी केंद्रों में भी उन्हें व्यावहारिक जानकारियाँ उपलब्ध कराई गईं।
यहाँ विद्यार्थियों ने पाइप निर्माण की विभिन्न चरणों, मशीनरी संचालन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया को समझा। साबुन व डिटर्जेंट इकाई में उन्होंने रॉ मैटेरियल के चयन से लेकर अंतिम उत्पाद तैयार होने तक की पूरी श्रृंखला का अध्ययन किया।

लगभग 60 विद्यार्थी इस भ्रमण में शामिल हुए। भ्रमण ने विद्यार्थियों को उत्पादन प्रबंधन, औद्योगिक संरचना और कार्यप्रणाली की गहरी समझ प्रदान की। भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों पर आधारित रिपोर्ट भी तैयार की।
यह भ्रमण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ। भ्रमण दल का नेतृत्व कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया।
दौरे में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. मनीषा आमटे, डॉ. शिवानी सोनी, डॉ. ज्योति राजोरिया, अजीत गौतम, सूर्यकांत शुक्ला, मनीष कुमार ठाकुर, डॉ. नोखेलाल साहू, डॉ. नसरीन अंजुम खान और डॉ. शाहिदा बेगम मंसूरी भी साथ रहे।
औद्योगिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को उद्योगों के वास्तविक स्वरूप और करियर संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पदयात्रा कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण, अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायज़ा
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष में 24 नवंबर 2025 को आयोजित होने वाली पदयात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को जूनियर हाई स्कूल परिसर का भाजपाईयों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस पदयात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल की बैठक व्यवस्था, पदयात्रा मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन और स्वागत इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पदाधिकारियों को समयबद्ध रूप से सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, पदयात्रा के विधानसभा संयोजक गौरव निषाद, सदर विधायक प्रतिनिधि उमेश तिवारी और क्षेत्रीय सह-संयोजक (शिक्षण प्रकोष्ठ) अत्रेश श्रीवास्तव ने तैयारियों का जायज़ा लिया और पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी के मध्य समन्वय पर विशेष जोर दिया।
नशामुक्त भारत अभियान के तहत तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान विषयक विशेष जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज को तम्बाकू एवं नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा परिसर को पूर्णतः तम्बाकू मुक्त बनाने के संकल्प को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं मनोविज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनुभूति दूबे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में तम्बाकू और नशे के मानसिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ निर्णय लेने की योग्यता, आत्मविश्वास और सामाजिक संबंधों को भी कमजोर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से तम्बाकू निषेध का संकल्प लेने और विश्वविद्यालय परिसर को तम्बाकू मुक्त बनाने में योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनीष सिंह ने सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने तम्बाकू और अन्य नशे से दूर रहने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान, तम्बाकू मुक्त परिसर की आवश्यकता और राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं की समाजनिर्माण में भूमिका पर विस्तृत विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीप्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और छात्रों को नशा मुक्त अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विनीत सिंह, राजेन्द्र मौर्य, विभिन्न विभागों के शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने स्वस्थ और तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक वातावरण के निर्माण का संकल्प दोहराया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मीडिया की चुनौतियों
डीडीयूजीयू के पत्रकारिता विभाग में परिचर्चा संपन्न
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग में “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मीडिया की स्थिति: भविष्य और चुनौतियां” विषय पर एक विस्तृत परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में बीएजेएमसी और एमएजेएमसी के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. राजेश मल्ल के संबोधन से हुई। उन्होंने भारतीय मीडिया की बदलती वैश्विक छवि, फेक न्यूज़ के बढ़ते खतरे, तथ्य-जांच की आवश्यकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनियंत्रित सामग्री के कारण पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की नींव सत्य, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर आधारित है, जिसे बनाए रखना हर पत्रकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
परिचर्चा में पत्रकारों की सुरक्षा पर भी गंभीर विमर्श हुआ। विद्यार्थियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। प्रो. मल्ल ने कहा कि पत्रकारिता तभी प्रभावी हो सकती है जब पत्रकार भयमुक्त वातावरण में कार्य कर सकें।
सत्र में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देश, डिजिटल मीडिया नीति, मीडिया पारदर्शिता, संपादकीय जवाबदेही और प्रेस स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने डिजिटल मीडिया के लिए मजबूत नियामक ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
परिचर्चा में नंदिनी मिश्रा, कुमार सुधांशु सिंह, मृगांका यादव, मान्सी मिश्रा, पूर्णिमा त्रिपाठी, आतिश कुमार, नेहा यादव, मान्सी दुबे, दीपांश त्रिपाठी, मयंक नाथ त्रिपाठी, प्रिंस सिंह, साक्षी सिंह और योगेश्वर दुबे की सहभागिता उल्लेखनीय रही।
नंदिनी मिश्रा ने मीडिया की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में गिरावट पर चिंता जताई। कुमार सुधांशु सिंह ने डिजिटल मीडिया को पत्रकारिता का भविष्य बताया। मान्सी मिश्रा ने निष्पक्षता को आवश्यक बताते हुए कहा कि विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वस्तुनिष्ठता अनिवार्य है। दीपांश त्रिपाठी ने फेक न्यूज़ को पत्रकारिता की सबसे बड़ी चुनौती बताया।
कार्यक्रम का प्रश्नोत्तर सत्र अत्यंत रोचक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया परिदृश्य, वैश्विक चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर सवाल रखे।
विभाग की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी ऐसे संवादात्मक व शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को समसामयिक मीडिया विमर्श तथा शोधपरक पत्रकारिता की दिशा में प्रेरित किया जाता रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम दीपक मीणा ने बूथों का किया निरीक्षण
एसआईआर गणना प्रपत्रों की स्थिति जानी संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
मतदाता सूची के शुद्धिकरण और एसआईआर (SIR) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम दीपक मीणा ने शहर और ग्रामीण दोनों विधानसभा क्षेत्रों के कई बूथों पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने बूथों पर मौजूद बीएलओ, सुपरवाइजर, एईआरओ तथा वहां आए मतदाताओं से संवाद कर एसआईआर गणना प्रपत्रों के वितरण व संग्रह की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
डीएम दीपक मीणा ने सबसे पहले विधानसभा ग्रामीण के बूथ संख्या 141 पर पहुंचकर यह जांच की कि अब तक कितने एसआईआर गणना प्रपत्र मतदाताओं को दिए गए, कितने भरे हुए वापस प्राप्त हुए और शेष कितने प्रपत्र अभी लंबित हैं। उन्होंने गणना प्रपत्र भरने आए मतदाताओं से बातचीत कर उनसे संबंधित समस्याओं और फॉर्म भरने में आने वाली दिक्कतों को भी सुना। मतदाताओं ने दस्तावेज़ संबंधी दिक्कत, घर-घर अनुपस्थिति में फॉर्म न मिल पाने, तथा कुछ परिवारों में नामों के दोहराव जैसी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
इसके बाद डीएम ने शहर विधानसभा के बूथ संख्या 328, 329 और 327 का निरीक्षण किया। यहाँ भी उन्होंने फॉर्म वितरण, संग्रहण, सत्यापन और बीएलओ द्वारा किए जा रहे सहयोग की वास्तविक स्थिति को परखा। उन्होंने बीएलओ से पूछा कि फॉर्म भरवाने में कितनी चुनौतियाँ आ रही हैं, किन परिवारों तक दोबारा जाना पड़ रहा है, और किन प्रविष्टियों में विशेष सुधार की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने यह स्पष्ट निर्देश दिए कि
हर पात्र मतदाता तक एसआईआर गणना प्रपत्र पहुंचना चाहिए बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मतदाता जानकारी के अभाव में छूट न जाए जो फॉर्म भरे जा चुके हैं, उनकी फीडिंग समय पर और सटीकता के साथ की जाए जहां मतदाताओं को कठिनाई हो रही है, वहां बीएलओ और सुपरवाइजर समुचित सहयोग प्रदान करें।एईआरओ फील्ड की हर गतिविधि की नियमित समीक्षा करें और किसी भी समस्या को तत्काल निस्तारित करें। फॉर्म भरने के दौरान यदि किसी दस्तावेज़ की कमी हो, तो मतदाताओं को विकल्प व सही प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ शहर एवं ग्रामीण विधानसभा के एईआरओ भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने बूथ क्षेत्र की अद्यतन स्थिति से डीएम को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिकांश बीएलओ लगातार घर-घर जाकर मतदाता विवरण एकत्र कर रहे हैं और भरे हुए एसआईआर फॉर्म निर्धारित समय सीमा के भीतर तहसील में जमा कर रहे हैं।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूलभूत प्रक्रिया है। इसलिए इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी फील्ड कर्मी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बूथों पर फॉर्म भरने की रफ्तार धीमी है, वहाँ बीएलओ अतिरिक्त प्रयास कर लक्ष्य को समय पर पूरा करें।
डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची पूर्णतः सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित हो। उन्होंने समस्त निर्वाचन कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदाताओं की किसी भी समस्या को तुरंत हल करें और मतदाता केंद्रित व्यवस्था बनाकर अभियान को सफल बनाएं।
फुटपाथों पर फिर शुरू हुई सब्जी बिक्री, जाम का खतरा बढ़ा
प्रशासन की कार्रवाई कई बार, पर हालात जस के तस
स्थायी मंडी न होने से व्यापारी खुद को बेबस बता रहे
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। नगर में एक बार फिर सड़क किनारे सब्जी बेचने वालों की मौजूदगी बढ़ने लगी है, जबकि पुलिस और प्रशासन अब तक आधा दर्जन से अधिक बार कार्रवाई कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थाई सब्जी मंडी न होने के कारण व्यापारी सड़कों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जिसका सीधे असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है।
शनिवार की सुबह गांधी चौक से लेकर स्टेशन रोड तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भीड़ ऐसे बढ़ी कि राहगीरों को निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। करीब बीस दिन पहले वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा था, जिसमें जाम के चलते एक युवक अपनी बीमार बहन को गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचने को विवश दिख रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए लगातार कई चरणों में अभियान चलाया, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले।
व्यवसायियों का कहना है कि कोविड काल में सीमित समय में खरीदारी की व्यवस्था लागू होने के बाद से सड़क पर दुकानें लगाने की आदत बन गई। तब से लेकर अब तक यह व्यवस्था औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हो पाई।
कोतवाली प्रभारी महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी दी गई है और फुटपाथ खाली रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डीएम की सख्ती से हड़कंप, धीमी प्रगति पर बीएलओ व अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जनवरी को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की समीक्षा हेतु शनिवार को गंगा बहुद्देशीय सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा क्षेत्र 361 बलिया नगर एवं 360 फेफना के बीएलओ द्वारा बूथवार गणना प्रपत्र वितरण व प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान दोनों विधानसभाओं में कार्य की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित बीएलओ, सुपरवाइजर एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एआरओ) को सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने तय समय सीमा के भीतर कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बीएलओ फील्ड में सक्रिय रहकर स्वयं गणना प्रपत्र भरवाएं और मतदाताओं से संपर्क सुनिश्चित करें। साथ ही किसी भी तकनीकी समस्या को तत्काल लिखित रूप में सुपरवाइजर को देने का निर्देश दिया गया, ताकि समय रहते उसका समाधान हो सके। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी बीएलओ के पास संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे।
विधानसभा फेफना के बूथ संख्या 266 पर तैनात बीएलओ विंदू वाला द्वारा 66 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जाने पर जिलाधिकारी ने उनकी प्रशंसा की और उन्हें प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश दिए। वहीं 25 प्रतिशत से कम प्रगति करने वाले बीएलओ को कड़ी चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से भी परहेज नहीं किया जाएगा।डीएम ने एआरओ व सुपरवाइजरों को यह भी निर्देश दिया कि गणना प्रपत्रों का शीघ्रता से संग्रह सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रगति दर में तेजी लाई जा सके और जनपद बलिया की उपलब्धि बेहतर हो। बैठक में एसडीएम सदर तिमराज सिंह सहित सभी एआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
