Tuesday, June 30, 2026
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धनुष–कृति सेनन की फिल्म कितने करोड़ की ओपनिंग करेगी? जानें एडवांस बुकिंग और कमाई का अनुमान

मनोरंजन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धनुष और कृति सेनन स्टारर रोमांटिक ड्रामा ‘तेरे इश्क में’ आज 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। आनंद एल राय के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने रिलीज से पहले ही अच्छा बज बना लिया था। ट्रेलर को दर्शकों ने काफी पसंद किया, जिसका सीधा असर फिल्म की एडवांस टिकट सेल पर देखने को मिला है।

वर्तमान में बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा मुकाबला नहीं है क्योंकि ‘मस्ती 4’, ‘120 बहादुर’ और ‘दे दे प्यार दे’ जैसी फिल्मों की रफ्तार काफी धीमी हो चुकी है। ऐसे में ‘तेरे इश्क में’ को मजबूत ओपनिंग का फायदा मिल सकता है।

एडवांस बुकिंग: कितने टिकट बिके?

सैकनिल्क के अनुसार:

हिंदी (2D): 2,14,414 टिकटें

तमिल (2D): 26,544 टिकटें

कुल टिकट बिक्री: 2,40,958 टिकट

फिल्म ने एडवांस बुकिंग से ही:

5.65 करोड़ रुपये (बिना ब्लॉक सीट) कमाए

9.26 करोड़ रुपये (ब्लॉक सीटों सहित) हासिल किए

रात के शो और स्पॉट बुकिंग में वृद्धि की उम्मीद है, खासकर अगर वर्ड ऑफ माउथ पॉजिटिव रहा।


Day 1 Box Office Prediction: कितनी हो सकती है ओपनिंग?

एडवांस बुकिंग और फिल्म के मजबूत बज को देखते हुए ‘तेरे इश्क में’ 9 से 11 करोड़ रुपये की ओपनिंग कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह फिल्म धनुष की हिंदी करियर की सबसे बड़ी ओपनर साबित होगी।

धनुष की पिछली हिंदी रिलीज ‘रांझणा’ ने पहले दिन 5–6 करोड़ रुपये कमाए थे, और ‘तेरे इश्क में’ ने एडवांस बुकिंग में ही इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

क्यों बढ़ सकती है फिल्म की कमाई?

इंटेंस रोमांटिक जॉनर की फिल्में इस समय अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। ‘सैयारा’ और हाल ही में ‘एक दीवाने की दीवानियत’ का प्रदर्शन इसका उदाहरण है।
अगर ‘तेरे इश्क में’ को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो वीकेंड में इसकी कमाई में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है।

“शिव-पार्वती की महागाथा: तपस्या, मिलन और ब्रह्मांड के परम रहस्य”

भगवान शिव—जिन्हें आदि, अनंत, अविनाशी और जगत के परम नाथ के रूप में जाना जाता है—के प्रत्येक प्रसंग में पूरे ब्रह्मांड का रहस्य छिपा है। देवाधिदेव महादेव का जीवन केवल पौराणिक घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि मानव जीवन, साधना, भक्ति और आंतरिक जागृति का गहन विज्ञान है। इस एपिसोड-3 में हम उस अद्भुत यात्रा का वर्णन प्रस्तुत कर रहे हैं जिसमें देवी पार्वती का महासाधना, शिव-पार्वती का दिव्य पुनर्मिलन, और सृष्टि-संरचना के छिपे हुए रहस्य सम्मिलित हैं। यह लेख न केवल शास्त्रीय आधार पर है, बल्कि पाठकों के हृदय को भक्ति, भाव और ज्ञान से भर देने वाला भी है।

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🔱 पार्वती का तप: समर्पण की सर्वोच्च पराकाष्ठा
देवी सती के देहत्याग के बाद महादेव हिमालय की कंदराओं, पर्वतों और निर्जन वनों में गहन समाधि में लीन हो गए। संसार ठहर-सा गया था, देवलोक की शक्ति मानो आधी हो चुकी थी। इसी समय हिमवान की पुत्री, देवी पार्वती, ने दृढ़ निश्चय किया कि वे जन्म-जन्मांतर से प्रेम रूपी शिव को पति रूप में प्राप्त करके ही रहेंगी।
किंवदंती है कि उनके तप की शक्ति इतनी प्रचंड थी कि समय स्वयं स्थिर होने लगा। वे कठोर तपस्या के उस मार्ग पर चलीं जहाँ मनुष्य-देह तो क्या, देवता भी विचलित हो जाएँ। जल-त्याग, पत्तल-सेवन और अंततः केवल वायु पर आधारित तप—यह उस महाशक्ति का परिचय था जिसने शिव को भी समाधि से बाहर आने पर विवश किया।
देवी का तप हमें यह शिक्षा देता है कि— भक्ति तभी सफल होती है जब उसमें दृढ़ता, पवित्रता और संपूर्ण आत्मसमर्पण हो।
उनका प्रत्येक दिन, प्रत्येक अनुष्ठान, प्रत्येक प्राणवायु में केवल एक ही नाम था—
“शिव… शिव…”

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🔱 शिव का पुनर्जागरण: समाधि से उदय होते स्वयं महाकाल
शिव समाधि में थे—जहाँ न समय है, न जगत, न कोई इच्छा। परन्तु जब विश्व की रक्षा के लिए उनके अवतरण का समय आया, तब महादेव ने धीरे-धीरे पुनः विश्व के प्रति अपना ध्यान खोला।
ऋषियों और देवताओं ने शिव से निवेदन किया कि वे संसार के कल्याण हेतु पार्वती के तप को स्वीकार करें। यहीं से ब्रह्मांड में वह क्षण उत्पन्न हुआ जिसे शास्त्र “योगमाया का महामोहन काल” कहते हैं—जब शिव, जो किसी भी भौतिक आकर्षण से मुक्त हैं, पहली बार संसार की स्त्री-ऊर्जा, शक्ति और प्रेम को स्वीकारने वाले थे।
महादेव ने पार्वती की कठिन साधना की परीक्षा ली, किंतु पार्वती अडिग रहीं। जब शिव ने उनके तप की ऊष्मा को अनुभव किया, तब वे बोले—
“देवि, तुमने अपनी स्थिरता, पवित्रता और भक्ति से स्वयं महादेव को भी जीत लिया है। तुम्हारा तप अब संपूर्ण हुआ।”

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🔱 शिव-पार्वती का पुनर्मिलन: शक्ति और शिव का दिव्य संयोग
जब शिव ने पार्वती को स्वीकार किया, तब पूरा ब्रह्मांड आनंद से भर गया। ऋषि-मुनि, देवगण और स्वयं प्रकृति—सभी इस दिव्य मिलन के साक्षी बने। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि चेतना और ऊर्जा का संयोग, शक्ति और शिव का अखंड मिलन, पुरुष और प्रकृति का दिव्य संतुलन था।
शास्त्रों में कहा गया है—
“शिवं विना शक्तिः शवः।”
अर्थात् शिव बिना शक्ति के शव समान हैं।
दोनों के मिलन के साथ ही ब्रह्मांड की गति पुनः सक्रिय होती है। यह मिलन हमें सिखाता है कि बिना शक्ति के शिव अपूर्ण हैं और बिना शिव के शक्ति—अव्यक्त।

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🔱 महासृष्टि का रहस्य: ब्रह्मांड का सनातन विज्ञान
शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के बाद संसार की गति, प्रकृति, काल, पंचतत्व और सृष्टि के चक्र पुनः स्थापित हुए।
शास्त्र कहते हैं—
शिव—संहार के देव,
पार्वती—सृजन की ऊर्जा,
और दोनों मिलकर—संतुलन का ब्रह्म सिद्धांत।
यही त्रितत्व संपूर्ण जगत को संचालित करता है।
कल्याणकारी शिव का यह चरित्र हमें तीन महत्त्वपूर्ण संदेश देता है

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  1. साधना में धैर्य व निष्ठा का फल अवश्य मिलता है।
    • प्रेम वह शक्ति है जो तप और त्याग से भी अधिक प्रभावकारी है।
      देवी पार्वती के तप और शिव के पुनर्मिलन से यह भी ज्ञात होता है कि— भक्ति रूपी मार्ग कठिन अवश्य है, परन्तु इसका फल दिव्य होता है।
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    • 🔱 हृदय को स्पर्श करने वाला संदेश
      महादेव और पार्वती की कथा केवल देव-चरित्र नहीं, बल्कि मानव जीवन का सत्य है।
      हमारे जीवन में भी तब तक संतुलन नहीं आता जब तक—
      हम साधना, धैर्य, प्रेम और समर्पण को नहीं अपनाते।
      यदि मन भटकता है—शिव स्मरण करें।
      यदि जीवन में कठिनाई है—पार्वती का तप याद करें।
      और यदि दिशा खो जाए—ध्यान करें कि शक्ति और शिव का संतुलन ही जीवन का सबसे बड़ा सत्य है।
  2. ब्रह्मांड में ऊर्जा और चेतना का संतुलन ही जीवन का आधार है।

व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमला: नेशनल गार्ड की मौत, एक गंभीर… ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर हुए आतंकी हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। बुधवार (26 नवंबर, 2025) को हुई इस गोलीबारी में एक नेशनल गार्ड सैनिक सारा बैकस्ट्रॉम की मौत हो गई, जबकि दूसरा सैनिक गंभीर रूप से घायल है। दोनों पर नजदीक से गोलियां चलाई गई थीं।

ट्रंप ने बताया “आतंकी हमला”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला “बुराई, नफरत और आतंक की सोच से किया गया अपराध” है। सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने बताया कि सारा बैकस्ट्रॉम की मौत की जानकारी उन्हें कुछ समय पहले मिली।

हमलावर अफगान नागरिक, ट्रंप ने बाइडेन सरकार पर साधा निशाना

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, संदिग्ध हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो 2021 में शरणार्थी कार्यक्रम के तहत अमेरिका आया था।
ट्रंप ने कहा कि इसके लिए पिछली बाइडेन प्रशासन की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने घोषणा की कि अफगानिस्तान से आए लोगों की दोबारा जांच की जाएगी और “जो अमेरिका से प्यार नहीं करते” उन्हें देश से बाहर करने पर विचार किया जाएगा।

अफगान इमिग्रेशन पर अनिश्चितकालीन रोक

हमले के बाद USCIS ने अपनी नीति में तत्काल बदलाव करते हुए अफगान नागरिकों के सभी इमिग्रेशन अनुरोधों को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है। एजेंसी के अनुसार, सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा तक यह रोक जारी रहेगी।

वॉशिंगटन में सुरक्षा कड़ी, 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात

घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 500 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है। वर्तमान में वॉशिंगटन में लगभग 2,400 नेशनल गार्ड तैनात हैं।
गोलीबारी व्हाइट हाउस से 500 मीटर से भी कम दूरी पर हुई, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा सख्त कर दी गई है और जांच जारी है।

इतिहास में अमर हुए वे महान व्यक्तित्व जिनके योगदान आज भी प्रेरणा देते हैं

28 नवंबर : इतिहास में अमर हुए वे महान व्यक्तित्व जिनके योगदान आज भी प्रेरणा देते हैं

भारत के इतिहास में 28 नवंबर का दिन कई महान विभूतियों को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। समाज सुधार, साहित्य, सिनेमा, संगीत और सामाजिक चेतना के विविध क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले इन व्यक्तित्वों की जीवन-यात्रा आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्ष, विचार और कृतित्व भारतीय समाज को नई दिशा देते हैं। आइए जानते हैं उन महान नामों के बारे में, जिन्होंने अपने जीवन से इतिहास में अमर स्थान बनाया।

  1. महात्मा ज्योतिबा फुले (निधन: 28 नवंबर 1890)
    महाराष्ट्र के सतारा जिले के कटगुण गाँव में जन्मे ज्योतिबा फुले समाज सुधार, शिक्षा विस्तार और महिला अधिकारों की आवाज बने। साधारण कृषक परिवार में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने प्रचलित जातिगत भेदभाव को खुलकर चुनौती दी। पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर उन्होंने भारत का पहला बालिका विद्यालय पुणे में स्थापित किया। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर शोषित वर्गों के लिए सम्मान और समानता की लड़ाई लड़ी। भारत के सामाजिक पुनर्जागरण में उनका योगदान अमिट है और 28 नवंबर का दिन उनके क्रांतिकारी विचारों को स्मरण करता है।
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  3. देवनारायण द्विवेदी (निधन: 1989)
    उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में जन्मे देवनारायण द्विवेदी हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित उपन्यासकारों में गिने जाते हैं। साहित्यिक चेतना से भरपूर उनका लेखन ग्रामीण समाज, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ का गहरा चित्रण करता है। विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने साहित्य को जीवन का माध्यम बनाया। उनकी कथाशैली में सहजता, संवेदनशीलता और यथार्थ का गहरा संवाद मिलता है। हिंदी उपन्यास विधा को समृद्ध करने में उनका योगदान अत्यंत मूल्यवान माना जाता है।
  4. बी. एन. सरकार (निधन: 1980)
    पूर्वी बंगाल में जन्मे बिरेंद्रनाथ सरकार भारतीय फिल्म उद्योग के प्रेरक स्तंभ थे। उच्च शिक्षा प्राप्त बी.एन. सरकार ने कोलकाता में न्यू थियेटर्स की स्थापना करके भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। उनकी कंपनी ने हिंदी और बंगाली फिल्मों के स्वर्णिम युग को आकार दिया और के.एल. सहगल जैसे दिग्गज कलाकारों को मंच दिया। तकनीकी नवाचार, संगीत प्रधान फिल्मों और कहानी-प्रधान सिनेमा को बढ़ावा देने में उनका योगदान निर्णायक रहा। भारतीय फ़िल्म इतिहास में उनका नाम सदा सम्मानपूर्वक लिया जाता है।
  5. सी. डे (निधन: 1962)
    बंगाल के एक साधारण परिवार में जन्मे सी. डे दृष्टिहीन होते हुए भी संगीत जगत के चमकते नक्षत्र बने। पारंपरिक संगीत शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी अनूठी आवाज, भावपूर्ण प्रस्तुति और समृद्ध बंगाली संगीत संस्कृति के माध्यम से पहचान बनाई। उनकी रचनाओं में समर्पण, भक्ति तथा लोकसंगीत की झलक मिलती है। दृष्टिबाधा के बावजूद उन्होंने अपनी कला से लाखों मनों में आशा और आत्मविश्वास जगाया। भारतीय संगीत में उनका योगदान प्रेरणा और संघर्ष की जीवंत मिसाल है।
  6. भालजी पेंढारकर (निधन: 1994)
    महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में जन्मे भालजी पेंढारकर मराठी फिल्म उद्योग के स्तंभ माने जाते हैं। कोल्हापुर की सांस्कृतिक विरासत के बीच पले-बढ़े पेंढारकर ने ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों पर दर्जनों फिल्में बनाईं। उन्होंने निर्देशन और निर्माण दोनों क्षेत्रों में उच्च स्तर स्थापित किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित उनकी फिल्मों ने मराठी समाज में नई चेतना जगाई। भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को मजबूत पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।
  7. शंकर शेष (निधन: 1981)
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे शंकर शेष हिंदी रंगमंच और सिनेमा लेखन के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने नाटक लेखन को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। उनके प्रसिद्ध नाटक एक और द्रोणाचार्य, आधे अधूरे और रक्तपात सामाजिक विडंबनाओं और मानवीय संघर्षों को सशक्त तरीके से प्रस्तुत करते हैं। सिनेमा कथालेखन में भी उन्होंने अपनी मौलिकता का परिचय दिया। हिंदी नाट्य साहित्य में उनका नाम सृजनशीलता का प्रतीक माना जाता है।

शास्त्र: ज्ञान, तर्क और परंपरा का शाश्वत आधार

नवनीत मिश्र

भारतीय सभ्यता-संस्कृति की पहचान उसकी मौलिक ज्ञान-अन्वेषण परंपरा में निहित रही है और इस परंपरा की आधारशिला हैं ” शास्त्र “। शास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि प्रमाणित ज्ञान, अनुभवजन्य सत्य और जीवन-सिद्ध मार्गदर्शन का वह सुविस्तृत भंडार हैं, जिन्होंने सहस्राब्दियों से भारतीय समाज, दर्शन, विज्ञान, न्याय और संस्कृति को दिशा दी है।
शास्त्र शब्द ‘शास्’ धातु से बना है जिसका भावार्थ है, मार्गदर्शन, शिक्षा और अनुशासन। इस दृष्टि से शास्त्र वह जीवन-व्यवस्था है जो मनुष्य को धर्म, नीति, कर्म, समाज और प्रकृति के संतुलन का सटीक मार्ग बताती है। भारतीय परंपरा में शास्त्र तर्क, अनुभव और आध्यात्म की संयुक्त धारा पर टिका वह ज्ञान-तंत्र है, जिसने कभी अंधानुकरण नहीं, बल्कि मनन और विवेक को प्राथमिकता दी।
भारतीय ज्ञान-संरचना में शास्त्रों की विविधता अद्भुत है। वेद और वेदांग जहाँ मूल ज्ञान की ज्योति हैं, वहीं स्मृति और धर्मशास्त्र समाज-व्यवस्था और न्याय-प्रणाली के आधार प्रस्तुत करते हैं। सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत जैसे दर्शन तर्क और आध्यात्म की पराकाष्ठा हैं। चरक-सुश्रुत संहिता का आयुर्वेद, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, नाट्यशास्त्र, वास्तुशास्त्र और संगीत-शास्त्र जीवन के वैज्ञानिक, आर्थिक, कलात्मक एवं सांस्कृतिक पक्षों को विस्तार देते हैं।
विशेष तथ्य यह है कि भारतीय शास्त्र केवल धार्मिक या आराधनात्मक ग्रंथ नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में आधुनिक विज्ञान के मूल विचारों के पूर्ववर्ती सिद्धांत प्रस्तुत करते हैं। पाणिनि का अष्टाध्यायी आधुनिक कंप्यूटर भाषाओं के व्याकरणिक ढाँचे के समान है, जबकि आयुर्वेद का समग्र दृष्टिकोण आज की होलिस्टिक मेडिसिन का आधार बन रहा है। सांख्य दर्शन की तत्त्व-सिद्धि आधुनिक विज्ञान की कई अवधारणाओं से अद्भुत समानता रखती है।
सामाजिक जीवन के संदर्भ में शास्त्र मनुष्य को न्याय, नीति, संतुलन और समरसता की ओर प्रेरित करते हैं। धर्म का अर्थ यहाँ किसी संकीर्ण आस्था से नहीं, बल्कि वह नियम है जो व्यक्ति और समाज दोनों का संरक्षण करे और सामूहिक उत्थान सुनिश्चित करे।
आज जब समाज मूल्य-संकट, मानसिक तनाव, पर्यावरणीय चुनौतियों और सामाजिक अव्यवस्था जैसी अनेक स्थितियों से गुजर रहा है, तब शास्त्रों की शिक्षाएँ और भी प्रासंगिक हो उठती हैं। वे जीवन में विवेकपूर्ण निर्णय, नैतिक आचरण और संतुलित दृष्टि का आग्रह करती हैं।
भारतीय शास्त्र हमारी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत आधार हैं। वे केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य का मार्ग भी निर्देशित करते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम शास्त्रों को केवल परंपरा के बोझ के रूप में न देखें, बल्कि उन्हें अनुसंधान, विमर्श और समकालीन संदर्भों में समझते हुए आगे बढ़ाएँ। यही समय की माँग है कि हम शास्त्रों की मूल भावना को समझते हुए उन्हें आधुनिक संदर्भों में पुनः प्रासंगिक बनाकर ज्ञान-समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर हों।

काम, कारोबार, शिक्षा और प्रेम—सबकुछ बताएगा आज का राशिफल

मेष – ARIES (♈ | अ, ल, ई)
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस में एक साथ कई काम करने होंगे। फोकस बनाकर चलें।
शिक्षा: विद्यार्थियों को ध्यान में कमी रह सकती है।
कला/संगीत: क्रिएटिव लोग अच्छे परिणाम पाएंगे।
राजनीति: विरोधियों की गतिविधियों पर नज़र रखें।
प्रशासनिक क्षेत्र: वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल आवश्यक।
आर्थिक स्थिति: खर्च अचानक बढ़ सकता है। बचत पर फ़ोकस करें।
स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान हो सकती है।
परिवार/प्रेम: जीवनसाथी से मतभेद संभव।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
देव पूजन: हनुमान जी की उपासना शुभफल देगी।

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वृषभ – TAURUS (♉ | ब, व, उ)
कार्य/व्यवसाय: पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन जरूरी।
शिक्षा: पढ़ाई में मन लगेगा।
कला/संगीत: नए अवसर मिलेंगे।
राजनीति: किसी वरिष्ठ का सहयोग मिल सकता है।
प्रशासनिक क्षेत्र: शांतिपूर्ण कार्यप्रवाह रहेगा।
आर्थिक स्थिति: निवेश सोच-समझकर करें। फाइनेंशियल मैनेजमेंट जरूरी।
स्वास्थ्य: सामान्य।
परिवार/प्रेम: घर में शांति, शुभ कार्य संभावित।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
देव पूजन: माता लक्ष्मी की साधना उत्तम।

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मिथुन – GEMINI (♊ | क, छ, घ, ह)
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस में आपकी तारीफ होगी।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए दिन स्थिर।
कला/संगीत: आपकी प्रतिभा सराही जाएगी।
राजनीति: छवि मजबूत होगी।
प्रशासनिक क्षेत्र: कार्यक्षमता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: बैंकिंग से जुड़े कार्य में सतर्क रहें।
स्वास्थ्य: स्थिर स्वास्थ्य।
परिवार/प्रेम: रिश्ते मजबूत होंगे।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
देव पूजन: भगवान विष्णु की उपासना लाभकारी।

कर्क – CANCER (♋ | ड, ह, म)
कार्य/व्यवसाय: पद एवं सम्मान मिलने की संभावना।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में सुधार।
कला/संगीत: आपको पहचान मिलने के योग।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: उच्च पदस्थ अधिकारियों से सराहना।
आर्थिक स्थिति: आवेग में निर्णय न लें।
स्वास्थ्य: दांत व ओरल हेल्थ का ध्यान रखें।
परिवार/प्रेम: पारिवारिक सम्मान बढ़ेगा।
शुभ रंग: सफ़ेद
शुभ अंक: 2
देव पूजन: शिवजी के अभिषेक से लाभ।

सिंह – LEO (♌ | म, ट, टा)
कार्य/व्यवसाय: बड़े फैसले सफल होंगे।
शिक्षा: छोटे अवरोध परंतु प्रगति निश्चित।
कला/संगीत: नई प्रेरणा मिलेगी।
राजनीति: समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
प्रशासनिक क्षेत्र: महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: भूमि/संपत्ति से लाभ।
स्वास्थ्य: ऊर्जा उच्च स्तर पर।
परिवार/प्रेम: माहौल सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
देव पूजन: सूर्य देव का अर्घ्य लाभकारी।

कन्या – VIRGO (♍ | प, ठ, ट)
कार्य/व्यवसाय: शांतिपूर्वक निर्णय लें।
शिक्षा: पढ़ाई में स्थिरता।
कला/संगीत: प्रतिभा में निखार।
राजनीति: स्थितियाँ संतुलित रहेंगी।
प्रशासनिक क्षेत्र: कार्यस्थल पर स्थिरता।
आर्थिक स्थिति: निवेश धीरे-धीरे लाभकारी।
स्वास्थ्य: हल्की थकान।
परिवार/प्रेम: संबंधों में उतार-चढ़ाव पर भी स्थिरता।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 3
देव पूजन: गणेश जी की आराधना श्रेष्ठ।

तुला – LIBRA (♎ | र, त, ता)
कार्य/व्यवसाय: हर कदम आपको लाभ देगा।
शिक्षा: परीक्षा में सफलता के पूरे योग।
कला/संगीत: नई उपलब्धियाँ।
राजनीति: नई जिम्मेदारी संभव।
प्रशासनिक क्षेत्र: नए प्रोजेक्ट में सफलता।
आर्थिक स्थिति: रिसर्च कर निवेश करें।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम करें।
परिवार/प्रेम: रिश्तों में मिठास।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7
देव पूजन: माता दुर्गा की साधना श्रेष्ठ।

वृश्चिक – SCORPIO (♏ | न, य)
कार्य/व्यवसाय: पार्टनरशिप लाभकारी।
शिक्षा: ध्यान स्थिर रहेगा।
कला/संगीत: कार्य में निरंतरता।
राजनीति: छवि बनी रहेगी।
प्रशासनिक क्षेत्र: औसत परंतु स्थिर।
आर्थिक स्थिति: न लाभ, न हानि।
स्वास्थ्य: सामान्य।
परिवार/प्रेम: संबंध सामान्य।
शुभ रंग: मरून
शुभ अंक: 4
देव पूजन: भैरव बाबा की उपासना शुभ।

धनु – SAGITTARIUS (♐ | भ, ध, फ)
कार्य/व्यवसाय: विस्तार कार्य टालें।
शिक्षा: थोड़ा संयम आवश्यक।
कला/संगीत: मन विचलित।
राजनीति: निर्णय सोच-समझकर।
प्रशासनिक क्षेत्र: पुराने मामले सामने आ सकते हैं।
आर्थिक स्थिति: बचत जरूरी।
स्वास्थ्य: छोटी समस्या।
परिवार/प्रेम: संवाद आवश्यक।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 5
देव पूजन: विष्णु सहस्रनाम लाभकारी।

मकर – CAPRICORN (♑ | ख, ज)
कार्य/व्यवसाय: नए अवसर मिल सकते हैं।
शिक्षा: स्थिर प्रदर्शन।
कला/संगीत: साधना में परिश्रम बढ़ेगा।
राजनीति: परिस्थितियाँ सुधरेंगी।
प्रशासनिक क्षेत्र: महत्वपूर्ण निर्देश संभालने होंगे।
आर्थिक स्थिति: किसी को उधार न दें।
स्वास्थ्य: ओरल हेल्थ में दिक्कत।
परिवार/प्रेम: संतान संबंधी चिंता कम होगी।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
देव पूजन: शनि देव की उपासना शुभ।

कुंभ – AQUARIUS (♒ | ग, स, श)
कार्य/व्यवसाय: मन की बेचैनी रहेगी।
शिक्षा: ध्यान भटक सकता है।
कला/संगीत: नई दिशा की तलाश।
राजनीति: सावधान रहें।
प्रशासनिक क्षेत्र: धैर्य बनाकर रखें।
आर्थिक स्थिति: प्रॉपर्टी निवेश लाभकारी।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव।
परिवार/प्रेम: क्वॉलिटी टाइम मिलेगा।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7
देव पूजन: कृष्ण जी की उपासना शुभ।

मीन – PISCES (♓ | द, च, झ, थ)
कार्य/व्यवसाय: पार्टनरशिप में सावधानी।
शिक्षा: ध्यान में बाधाएँ।
कला/संगीत: मन अस्थिर।
राजनीति: शब्दों पर नियंत्रण आवश्यक।
प्रशासनिक क्षेत्र: निर्णय में देरी।
आर्थिक स्थिति: डिप्लोमेटिक रहना फायदेमंद।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव – विवाद से बचें।
परिवार/प्रेम: रिश्तों में संयम।
शubh रंग: हल्का गुलाबी
शubh अंक: 3
देव पूजन: विष्णु जी की उपासना शुभफल देगी।

🔻 अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना
यह राशिफल मात्र सामान्य ज्योतिषीय गणना पर आधारित है। राष्ट्र की परम्परा किसी भी भविष्यवाणी को प्रमाण नहीं मानती।
अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएँ।

भारत की प्रगति, प्रतिभा और प्रेरणा के उज्ज्वल स्रोत

28 नवंबर के जन्म

भगवत झा आज़ाद (जन्म 1922)
बिहार के भागलपुर जिले के एक साधारण गांव में जन्मे भगवत झा आज़ाद बचपन से ही मेधावी थे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे बिहार के मुख्यमंत्री बने और प्रशासनिक पारदर्शिता, किसान–हितैषी नीतियों तथा सामाजिक upliftment के लिए याद किए जाते हैं। उनका नेतृत्व बिहार की राजनीतिक धारा में स्थायी योगदान के रूप में आज भी प्रेरक है।

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प्रमोद करण सेठी (जन्म 1927)
मध्यप्रदेश के एक शिक्षित परिवार में जन्मे डॉ. प्रमोद करण सेठी ने मेडिकल शिक्षा पूर्ण करने के बाद भारतीय चिकित्सा जगत में अनोखी पहचान बनाई। वे ‘जयपुर फुट’ के सह–आविष्कारक थे, जिसने लाखों दिव्यांगों के जीवन को नई दिशा दी। नवाचार, संवेदना और चिकित्सा–मानवता के अद्भुत संगम के कारण वे विश्वभर में सम्मानित हुए।

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अमर गोस्वामी (जन्म 1945)
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद में जन्मे अमर गोस्वामी ने शिक्षा काल से ही साहित्य के प्रति रुचि पनपाई। आगे चलकर वे हिंदी कहानी, उपन्यास और व्यंग्य लेखन के प्रमुख हस्ताक्षर बने। उनकी रचनाएँ सामाजिक यथार्थ, मानवीय मनोविज्ञान और ग्रामीण जीवन की मार्मिक अनुभूति कराती हैं। हिंदी साहित्य में उनके योगदान ने नई पीढ़ी के लेखकों के लिए मार्ग प्रशस्त किया।

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आपके शुभ-अंक का आज क्या है संकेत?

पंडित सुधीर तिवारी का विशेष – 28 नवंबर अंक राशिफल 2025

मूलांक 1 से 9 का आज का भविष्यफल

28 नवंबर अंक राशिफल 2025:
अंक ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति का शुभ-अंक वही होता है जो उसकी जन्मतिथि के अंकों को जोड़कर प्राप्त होता है। यह अंक व्यक्ति के स्वभाव, करियर, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और दिनभर की ऊर्जा के बारे में संकेत देता है।
आइए पढ़ते हैं पंडित सुधीर तिवारी द्वारा बताए गए मूलांक 1 से 9 वालों का 28 नवंबर का विस्तृत दैनिक भविष्यफल —

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मूलांक 1 – (जन्म तिथि 1, 10, 19, 28)
स्वास्थ्य में सावधानी बरतते ही लाभ मिलेगा। किसी नई योजना से धन आने की संभावना है। संपत्ति से जुड़े मामले आसान होंगे। मानसिक तनाव कम होगा।
मूलांक 2 – (जन्म तिथि 2, 11, 20, 29)
किसी रिश्तेदार की सेहत में सुधार राहत देगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होती दिखाई दे रही है। पार्टनर के साथ छोटा सा ट्रिप मन को तरोताज़ा करेगा।

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मूलांक 3 – (जन्म तिथि 3, 12, 21, 30)
विवादित संपत्ति चिंता दे सकती है, कानूनी झंझट से दूर रहें। योग–ध्यान की ओर रुचि बढ़ेगी। पैसों की रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होंगी।

मूलांक 4 – (जन्म तिथि 4, 13, 22, 31)
घर का वातावरण शांत रखें। यात्रा अभी टालें। शिक्षा या करियर की मुश्किलें हल होंगी। पुराने दोस्तों से मुलाकात खुशी देगी।

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मूलांक 5 – (जन्म तिथि 5, 14, 23)
किसी विवाद पर आपका निर्णय सही सिद्ध होगा। नए स्नातकों को विशेषज्ञ सलाह लेनी चाहिए। कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा।

मूलांक 6 – (जन्म तिथि 6, 15, 24)
संपत्ति खरीदने–बेचने का शुभ योग। परिवार के साथ समय बिताएं। आर्थिक रूप से कोई बड़ा लाभ संभव। अचानक मिला कोई प्रस्ताव फायदा देगा।

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मूलांक 7 – (जन्म तिथि 7, 16, 25)
शहर से बाहर यात्रा के योग। विरासत या संपत्ति से लाभ संभव। प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। मन में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी।

मूलांक 8 – (जन्म तिथि 8, 17, 26)
स्वास्थ्य पर ध्यान दें। आय बढ़ने के योग बन रहे हैं। काम में नए विचार आपकी पहचान बनाएंगे। छुट्टियों की तैयारी शुरू हो सकती है।

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मूलांक 9 – (जन्म तिथि 9, 18, 27)
बीमारी से राहत के संकेत। बैंक बैलेंस बढ़ेगा। बड़ों की सलाह से लाभ मिलेगा। परिवार आपकी प्रशंसा करेगा।
डिस्क्लेमर:
अंक ज्योतिष भारतीय परंपरा द्वारा प्रमाणित विज्ञान नहीं है। यह केवल संभावनाओं और अनुभव पर आधारित है। अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं।

समय की धारा में 28 नवंबर के अमर क्षण

28 नवंबर का इतिहास: समय की धड़कनों में दर्ज वे क्षण जिन्हें दुनिया कभी नहीं भूलती

भारत और विश्व के इतिहास में 28 नवंबर का इतिहास ऐसे मोड़ लिए खड़ा है, जिन्होंने राजनीति, समाज, विज्ञान, युद्ध, खोज और मानव अधिकारों के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित किया। सदियों से इस दिन घटी घटनाएं आज भी हमें परिवर्तन, संघर्ष, नवाचार और मानवता की ताकत का एहसास कराती हैं। यहाँ 28 नवंबर को हुई सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ विस्तार से प्रस्तुत हैं।

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1520 – मैगलन का प्रशांत महासागर पार करने का अद्भुत अभियान
28 नवंबर का इतिहास विश्व अन्वेषण की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक का साक्षी है। इसी दिन फर्डिनान्द मैगलन ने प्रशांत महासागर को पार करने की कठिन यात्रा शुरू की। यह अभियान न सिर्फ समुद्री नेविगेशन की दिशा बदलता है, बल्कि धरती के भूगोल और मानवीय साहस के नए आयाम भी खोलता है। इस यात्रा ने भविष्य के समुद्री अभियानों के लिए मार्ग प्रशस्त किया।

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1660 – लंदन में द रॉयल सोसायटी की स्थापना
28 नवंबर का इतिहास विज्ञान जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी तारीख को लंदन में द रॉयल सोसायटी का गठन हुआ, जिसे आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान की जननी कहा जाता है। इस संस्था ने वैज्ञानिक प्रयोग, खोज और नवाचार को नया आयाम दिया। न्यूटन से लेकर हॉकिंग जैसे महान वैज्ञानिकों ने इसके माध्यम से दुनिया को नए सिद्धांत दिए।

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1676 – पुड्डचेरी पर फ्रांसीसियों का नियंत्रण
इस दिन फ्रांसीसी शासन ने बंगाल की खाड़ी के तट पर बसे पुड्डचेरी पर अधिकार कर लिया। 28 नवंबर का इतिहास उपनिवेशवाद की बदलती परिस्थितियों का साक्षी बनता है। यह क्षेत्र बाद में फ्रांसीसी भारत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र बना और भारतीय राजनीतिक भूगोल में लंबे समय तक अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रहा।

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1814 – द टाइम्स का पहली बार स्वचालित प्रेस से मुद्रण
आज के डिजिटल युग की नींव कहीं न कहीं इस घटना में छिपी है। 28 नवंबर को द टाइम्स ऑफ लंदन को पहली बार स्वचालित प्रिंट मशीन से छापा गया। इस तकनीकी बदलाव ने समाचार जगत में क्रांति ला दी, जिसने तेज़ और सटीक सूचना प्रसारण को संभव बनाया और प्रेस की दुनिया को आधुनिक स्वरूप दिया।

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1821पनामा ने स्पेन से स्वतंत्रता की घोषणा की
इस दिन पनामा ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध अपनी आज़ादी का बिगुल बजाया। 28 नवंबर का इतिहास लैटिन अमेरिका के स्वतंत्रता आंदोलनों में एक निर्णायक मोड़ माना जाता है। इस घोषणा ने पूरे क्षेत्र में स्वतंत्रता की लहर को और भी गति प्रदान की।

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1893न्यूजीलैंड में महिलाओं ने पहली बार मतदान किया
विश्व इतिहास में यह दिन लैंगिक समानता का एक स्वर्णिम अध्याय है। 28 नवंबर को न्यूजीलैंड में राष्ट्रीय चुनाव में महिलाओं को पहली बार मतदान का अधिकार मिला। इस घटना ने दुनिया भर में महिला अधिकारों की लड़ाई को नई ताकत दी और लोकतंत्र की परिभाषा को विस्तृत किया।

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1912अल्बानिया की स्वतंत्रता की घोषणा
28 नवंबर का इतिहास बाल्कन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन इस्माइल कादरी ने तुर्की शासन से अल्बानिया की स्वतंत्रता की घोषणा की। यह कदम यूरोप की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव साबित हुआ और अल्बानिया के लिए नई शुरुआत का आधार बना।

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1956चीनी प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई का भारत आगमन
इस यात्रा ने भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास किया। 28 नवंबर का इतिहास दो एशियाई महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक संवाद, व्यापारिक समझ और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ा हुआ है। इस मुलाकात ने एशिया में शांति प्रयासों के नए चरण की शुरुआत की।

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1966डोमिनिकन रिपब्लिक में संविधान लागू
28 नवंबर को डोमिनिकन रिपब्लिक ने नया संविधान अपनाया, जिसने राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया। यह घटना कैरेबियाई देशों में शासन प्रणाली के बदलाव और जनसरोकारों को प्राथमिकता देने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

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1990जान मेजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने
इस दिन ब्रिटेन की राजनीति में नया नेतृत्व उभरा। 28 नवंबर का इतिहास यूरोपीय राजनीति के उन पलों का वर्णन करता है जब जान मेजर ने प्रधानमंत्री पद संभालकर देश की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अहम भूमिका निभाई।

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1996कैप्टन इन्द्राणी सिंह ने रचा इतिहास
भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए यह दिन गर्व का प्रतीक है। कैप्टन इन्द्राणी सिंह एयरबस A-300 को कमांड करने वाली पहली महिला बनीं। यह उपलब्धि न केवल भारतीय महिलाओं के साहस का प्रतीक है, बल्कि विश्व विमानन में भी नई मिसाल स्थापित करती है।

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1997प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल का इस्तीफा
28 नवंबर का इतिहास भारतीय राजनीति में एक मोड़ का द्योतक है। इसी दिन प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल ने अपने पद से त्यागपत्र दिया, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता और गठबंधन सरकारों की चुनौतियों पर नए सिरे से चर्चा शुरू हुई।

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1999एशिया कप हॉकी में दक्षिण कोरिया चैंपियन
इस दिन दक्षिण कोरिया ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप हॉकी जीता। भारत ने भी मलेशिया को हराकर कांस्य पदक हासिल किया। 28 नवंबर का इतिहास एशियाई हॉकी प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा, रणनीति और खेल भावना की याद दिलाता है।

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2001नेपाल ने भारत से सैन्य मदद मांगी
नेपाल में माओवादी हिंसा से निपटने हेतु इसी दिन भारत से दो हेलीकॉप्टर की मांग की गई। यह घटना 28 नवंबर के इतिहास में दक्षिण एशिया की सुरक्षा नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।

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2002 – कनाडा ने आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया
कनाडा ने हरकत-उल-मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाया। 28 नवंबर का इतिहास वैश्विक आतंकवाद विरोधी उपायों में इस घटना को एक प्रमुख कदम के रूप में दर्ज करता है।

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2006 – नेपाल सरकार और माओवादियों में हथियार प्रबंधन समझौता
यह समझौता नेपाल में शांति प्रक्रिया की बड़ी जीत माना जाता है। 28 नवंबर का इतिहास लोकतंत्र, संघर्ष समाधान और राष्ट्रीय एकता की दिशा में हुए इस बदलाव का साक्षी है।

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2007 – चीन के युद्धपोत पहली बार जापान भेजे गए
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब चीन ने जापान को अपने युद्धपोत भेजे। यह घटना 28 नवंबर के इतिहास में एशियाई कूटनीति के नए अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसने दोनों देशों के संबंधों में नरमी का संकेत दिया।

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2012 – दमिश्क में कार बम धमाके
28 नवंबर का इतिहास मध्यपूर्व की अस्थिरता की दर्दनाक घटना को भी याद करता है। दमिश्क में दो कार बम धमाकों में 54 लोग मारे गए और 120 घायल हुए। इस घटना ने सीरिया संकट की भयावहता को दुनिया के सामने उजागर किया।

आज का हिन्दू पंचांग, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, चौघड़िया, योग और यात्रा दिशा

पंचांग 28 नवम्बर 2025 | आज का हिन्दू पंचांग, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, चौघड़िया, योग और यात्रा दिशा

पंचांग 28 नवम्बर 2025 मार्गशीर्ष मास के महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योगों, शुभ-अशुभ मुहूर्तों, नक्षत्र-योग, सूर्योदय-सूर्यास्त के समय, चौघड़िया, चंद्रबल, यात्रा दिशा और दिन के शुभ कार्यों के लिए आवश्यक सभी विवरणों के साथ प्रस्तुत है। आज शुक्रवार के दिन दुर्गाष्टमी व्रत भी मनाया जाएगा।
विस्तृत पंचांग – 28/11/2025
तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी – 12:30 AM से 12:15 AM तक
उपरांत — शुक्ल पक्ष नवमी – 12:15 AM से 11:15 PM तक
नक्षत्र शतभिषा – 02:32 AM से 02:49 AM तक
पूर्वभाद्रपदा – 02:49 AM से 02:22 AM (29 नव.) तक
योग व्याघात योग – 12:09 PM (27 नव.) से 11:05 AM तक
हर्षण योग – 11:05 AM से 09:26 AM (29 नव.)
करण विष्टि – 12:30 AM से 12:28 PM तक
बव – 12:28 PM से 12:15 AM तक
बालव – 12:15 AM (29 नव.) से 11:51 AM तक वार शुक्रवार
सूर्य और चंद्रमा
सूर्योदय – 6:53 AM
सूर्यास्त – 5:36 PM
चन्द्रोदय – 12:48 PM
चन्द्रास्त – 12:40 AM (29 नव.)
सूर्य राशि
सूर्य वृश्चिक राशि में
चंद्र राशि
चन्द्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेगा
शक, विक्रम और मास विवरण
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
पूर्णिमांत मास – मार्गशीर्ष
अमांत मास – मार्गशीर्ष
द्रिक ऋतु – हेमंत
28 नवंबर 2025 के शुभ-अशुभ मुहूर्त
अशुभ काल
राहु काल – 10:54 AM से 12:14 PM
यमगण्ड – 2:55 PM से 4:15 PM
कुलिक काल – 8:13 AM से 9:34 AM
दुर्मुहूर्त –09:02 AM – 09:44 AM
12:36 PM – 01:19 PM
वर्ज्य – 09:49 AM से 11:26 AM
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – 11:53 AM से 12:36 PM
अमृत काल – 07:31 PM से 09:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:18 AM से 06:06 AM
आज के योग – अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि, आनंदादि योग
आनन्दादि योग – सौम्य (02:49 AM तक)
उसके बाद — ध्वांक्ष
चन्द्रबल (29/11/2025, 06:54 AM तक)
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु और कुंभ राशि वालों का चन्द्रबल उत्तम रहेगा।
दिशाशूल एवं यात्रा शुभ-अशुभ दिशा
आज शुक्रवार – पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित
अगर पश्चिम की ओर यात्रा करनी हो तो पहले दही खाकर या शुक्र मंत्र का जप कर यात्रा शुभ करें।
यात्रा के लिए मंत्र (शुक्रवार विशेष)
“ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।”
इस मंत्र का 11 बार जप करने से यात्रा में बाधाएँ दूर होती हैं।
क्या खाकर घर से निकलें (आज के लिए शुभ)
दही-चीनी
मिश्री
सफेद मिष्ठान
तुलसीपत्र के साथ पानी
ये पदार्थ शुक्र ग्रह को अनुकूल बनाते हैं और दिन शुभ बनाते हैं।
दिन का चौघड़िया – 28 नवंबर 2025
चर – 06:53 AM – 08:13 AM
लाभ – 08:13 AM – 09:34 AM
अमृत – 09:34 AM – 10:54 AM
काल – 10:54 AM – 12:14 PM
शुभ – 12:14 PM – 13:35 PM
रोग – 13:35 PM – 14:55 PM
उद्वेग – 14:55 PM – 16:15 PM
चर – 16:15 PM – 17:35 PM
त्यौहार और व्रत
दुर्गाष्टमी व्रत (शुक्ल पक्ष अष्टमी)
आज का सारांश — 28 नवंबर 2025 का पंचांग
आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-अर्चना, गृहकार्य, वाहन खरीद, कला-संस्कृति कार्यों के लिए अनुकूल है। हर्षण योग और कुंभ चंद्रमा मानसिक स्थिरता और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाते हैं। राहु काल व दुर्मुहूर्त से बचकर कार्य करने से सफलता के अवसर बढ़ते हैं।

जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी ऑफिस स्थित गणना पत्र डिजिटाइजेशन सेंटर का किया निरीक्षण

शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर फीडिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश – 04 दिसंबर अंतिम तिथि

आगरा, (राष्ट्र की परम्परा)विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आज नगर निगम स्थित स्मार्ट सिटी ऑफिस में बनाए गए गणना पत्र डिजिटाइजेशन सेंटर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेंटर पर मौजूद बीएलओ, सुपरवाइजर और ऑपरेटरों को कार्य तेजी से संपादित करने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्र की तीनों विधानसभाओं—87-आगरा कैंट, 88-आगरा साउथ और 89-आगरा नॉर्थ—में गणना पत्र वितरण, संकलन और डिजिटाइजेशन की धीमी प्रगति को देखते हुए यह विशेष केंद्र स्थापित किया गया है, जहां 40 से अधिक ऑपरेटर लगातार फीडिंग का कार्य कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने विधानसभावार गणना पत्रों के संकलन एवं डिजिटाइजेशन की जानकारी ली और शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर कार्य की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिन बीएलओ को डिजिटाइजेशन में कठिनाई आ रही थी, उन्हें चिह्नित कर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और उनके फॉर्म इस केंद्र पर डिजिटाइज किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र भरने में प्रत्येक विवरण सही और स्पष्ट रूप से भरा जाए, फीडिंग में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता व शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।

मतदाताओं से अपील
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे गणना पत्र की प्रविष्टियों को ध्यानपूर्वक भरें, हस्ताक्षर करें और बीएलओ को शीघ्र उपलब्ध कराएं। यदि फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या हो तो हेल्प डेस्क से सहायता लें।

उन्होंने कहा कि अंतिम दिनांक 04 दिसंबर 2025 का इंतजार न करें। यदि मतदाता घर पर नहीं मिलता है तो परिवार का कोई भी सदस्य परिवार के सभी मतदाताओं के फॉर्म भरकर बीएलओ को दे सकता है। जिन हस्ताक्षरित फॉर्म बीएलओ को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम 09 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में सम्मिलित कर लिए जाएंगे।

मतदाता चाहे तो अपना गणना प्रपत्र voters.eci.gov.in पोर्टल से भी भर और डाउनलोड कर सकते हैं।

निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान, एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह, अपर नगर आयुक्त शिशिर सिंह, एसीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के आगमन की आहट से प्रशासन में हड़कंप— कागजी व्यवस्था की पोल खोलती हड़बड़ी की सफाई!

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन की मात्र आहट से ही जिले के अफसरों व कर्मचारियों के कान खड़े हो गए हैं। आलम यह है कि जहां महीनों तक अनदेखी में पड़ी साफ-सफाई को किसी ने पूछा तक नहीं, वहीं अब रात-दिन सड़क के किनारे जमा कचरे को हटाने की मुहिम तेज हो गई है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक प्रशासन अचानक सक्रिय दिखाई दे रहा है।
शिकारपुर चौराहे से लेकर प्रमुख मार्गों पर सफाई कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की गहमागहमी इस बात का सबूत दे रही है कि मैदानी स्तर पर पूर्व में चल रहे सफाई अभियानों की हकीकत कितनी खोखली थी। सड़क के किनारे उगी झाड़-झंखाड़, जमा गंदगी और लंबे समय से पड़े कचरे को हटाते हुए प्रशासन अब उस छवि को चमकाने में जुटा है, जिसे आम दिनों में ध्यान देने की आवश्यकता समझा ही नहीं गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम दिनों में सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है, लेकिन वीवीआईपी मूवमेंट होते ही प्रशासन की कलई खुल जाती है। अफसरों की टीम सुबह-शाम निरीक्षण में जुट जाती है, कहीं कचरा नजर न आ जाए, कहीं गड्ढे से पानी न भरता मिले, कहीं रास्ता टूटा पाया गया तो आनन-फानन में पैच वर्क शुरू कर दिया जाता है। यही नहीं, सरकार की छवि बेहतर दिखाने के लिए महकमे के कर्मचारी इलाके- इलाके में तुरंत सुधार का नाटक कर रहे हैं। कूड़े के ढेर हटाने, नालियों की सफाई और सड़क किनारों में पुताई का काम तेजी से कराया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि आम दिनों में शिकायतों के बावजूद महीनों तक न तो सफाई होती है, न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी भीसवां एक वीडियो में सफाई के नाम पर साफ झूठ बोलते नजर आ रहें हैं कि अभी दो महीने पहले शिकारपुर की सफाई करवाए थे।जनता का कहना है कि वास्तविक विकास और साफ-सुथरी व्यवस्था दिखावा करने से नहीं, बल्कि स्थायी और नियमित काम से बनती है। मुख्यमंत्री का दौरा प्रशासन को जगाने का काम तो जरूर करता है, पर सवाल यह है कि क्या यह जागरूकता उनके लौटते ही फिर नींद में बदल जाएगी?
मुख्यमंत्री के आगमन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जिले में अचानक की सुधार संस्कृति आज भी जारी है। व्यवस्था को चमकाने के लिए की जा रही यह हड़बड़ी दिखावे से आगे निकले, तभी जनता को वास्तविक राहत मिल पाएगी।

डीएम का अभिनव प्रयोग: फोन पर सुनीं मतदाताओं की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में एसआईआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा शुरू की गई फोन- जनसुनवाई पहल जनहित में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्वयं फोन पर मतदाताओं की समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।
एक घंटे की अवधि में पाँचों विधानसभाओं से कुल 37 मतदाताओं ने फोन के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। प्रमुख समस्याओं में मतदाता सूची में नाम न होना, गलत प्रविष्टियां, गणना प्रपत्र उपलब्ध न होना, तथा ऑनलाइन एसआईआर फॉर्म भरने से जुड़ी तकनीकी परेशानियां शामिल रहीं।
पनियरा विधानसभा क्षेत्र के हरपुर महंत निवासी विवेक ने गणना प्रपत्र न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित ईआरओ को तुरंत प्रपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। फरेंदा के राम अचल ने मतदाता सूची में गलत नाम दर्ज होने का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्र में हमेशा अपनी सही जानकारी ही दर्ज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को दोहराना उचित नहीं है। कई मतदाताओं ने ऑनलाइन एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया के संबंध में भी मार्गदर्शन मांगा। जिलाधिकारी ने उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया समझाई और संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मतदाताओं की शंकाओं को दूर कर उन्हें सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि 2003 की मतदाता सूची सभी बीएलओ और सहयोगी कर्मियों के पास उपलब्ध है, जिसे मतदाता उनसे प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी सूची डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रतिदिन मोबाइल नंबर 8423675896 पर सुबह 11 से 12 बजे तक सीधे मतदाताओं की समस्याएं सुनेंगे। बीएलओ के मनोबल को बढ़ाने हेतु जारी की गई पुरस्कार योजना से कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदाताओं ने जिलाधिकारी की इस जनहितकारी पहल की सराहना की है।

बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार व गुरुवार को हाफ डे की व्यवस्था पुनर्बहाल करने की मांग तेज

परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार ने अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को भेजा विस्तृत ज्ञापन

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
राज्य के सरकारी विद्यालयों में हिंदी/उर्दू माध्यम के लिए पहले से लागू हाफ डे व्यवस्था को पुनः बहाल करने को लेकर शिक्षकों ने फिर से आवाज बुलंद की है।
इस दिशा में निर्णायक पहल करते हुए परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि विद्यालयों में शनिवार/गुरुवार को हाफ डे की पुरानी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से पुनः लागू की जाए।
संघ की ओर से ज्ञापन प्रेषित करते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि विद्यालयी वातावरण, मौसमीय परिस्थितियाँ, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा शिक्षकों के दैनिक कार्यभार को देखते हुए हाफ डे की व्यवस्था पहले अत्यंत उपयोगी एवं प्रभावी साबित हुई थी।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिक्षक वर्ग यह मांग कर रहा है कि बच्चों की सुविधा और उनके स्वास्थ्य के हित में सप्ताह के एक दिन हाफ डे समय-सारणी लागू हो, ताकि शिक्षण-गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़े।
मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों पर शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ गैर-शैक्षणिक कार्यों का भी काफी दबाव है, ऐसे में हाफ डे का प्रावधान उन्हें सप्ताह में एक दिन अतिरिक्त राहत प्रदान करेगा।
उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि हाफ डे से विद्यालयों में अनुशासन, उपस्थिति और शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विशेषकर गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों के लिए सुबह की पाली में हाफ डे अत्यंत उपयोगी और स्वास्थ्य के अनुकूल होता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य के कई जिलों में शिक्षक संगठन इस विषय को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं तथा शिक्षकों और छात्रों दोनों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
संघ ने शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि वे इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें और जल्द से जल्द उपयुक्त निर्णय लें, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता और संचालन की प्रणाली दोनों में सुधार हो सके।
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने कहा कि यदि विभाग इस मांग पर सकारात्मक पहल करता है, तो राज्य के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हाफ डे व्यवस्था लागू होने से शिक्षण-कार्य की गति को नया आयाम मिलेगा और विद्यालयों में शिक्षा का वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा।

जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष बने विधायक अनिल त्रिपाठी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष के चयन हेतु विकास भवन सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदस्य विधान परिषद ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, सदस्य विधान परिषद देवेन्द्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि अम्बरीश राय, सदस्य विधान परिषद संतोष सिंह के प्रतिनिधि सुधाकर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि शासन ने जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति का अध्यक्ष वरिष्ठ जनप्रतिनिधि (सदस्य विधान सभा/सदस्य विधान परिषद) को बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में समिति के संयोजक जिला विकास अधिकारी ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों के समक्ष समिति से संबंधित शासनादेशों का वाचन किया।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्य विधान सभा व सदस्य विधान परिषद द्वारा सर्वसम्मति से अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक मेहदावल, संत कबीर नगर को जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।