Monday, June 29, 2026
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India Earthquake 2025: क्या बड़े भूकंप की जद में आ सकता है भारत? नए ज़ोनिंग मैप में चौंकाने वाला खुलासा

भारत सरकार ने 2025 के नए Earthquake Design Code जारी करते हुए देश की भूकंपीय स्थिति का अब तक का सबसे बड़ा पुनर्मूल्यांकन किया है। नए मानचित्र में पूरा हिमालय क्षेत्र पहली बार सीधे Zone VI में शामिल किया गया है, जिसे भारत का सबसे खतरनाक भूकंप ज़ोन माना जाता है। यह बदलाव बताता है कि आने वाले वर्षों में भवन निर्माण, शहर योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अधिक सतर्कता की जरूरत होगी।

भारत का 61% हिस्सा अब मध्यम से अत्यधिक भूकंप जोखिम में

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, India Earthquake Zoning Map 2025 दर्शाता है कि देश का 61% क्षेत्र मध्यम से बहुत अधिक जोखिम वाली श्रेणी में आ चुका है।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार मूल्यांकन में इतिहास के बजाय वर्तमान भूवैज्ञानिक गतिविधियों और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है।

हिमालय को सबसे खतरनाक Zone VI में क्यों रखा गया?

नए भूगर्भीय अध्ययनों से पता चलता है:

• हिमालय शांत दिखता है, लेकिन इसके भीतर बेहद उच्च दबाव सक्रिय है।

• पहले इस इलाके को दो हिस्सों में बांटा गया था, लेकिन ये वास्तविक जोखिम को नहीं दिखाता था।

• फॉल्ट लाइनों में अभी भी प्रचंड ऊर्जा जमा है, जो बड़े भूकंप की क्षमता रखती है।

इसी आधार पर पूरे हिमालय को अब सबसे अधिक जोखिम वाले ज़ोन VI में रखा गया है।

सीमा पर बसे शहरों के लिए बड़ा बदलाव

नया नियम कहता है कि:
अगर कोई शहर दो भूकंप ज़ोनों की सीमा पर स्थित है, तो उसे उच्च जोखिम वाले ज़ोन में माना जाएगा।
इससे कई शहर, जो पहले कम खतरे में थे, अब संवेदनशील श्रेणी में आ गए हैं।
यह पिछले प्रशासनिक नियमों से बिल्कुल अलग और अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।

कैसे बना नया Earthquake Map?

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस ज़ोनिंग को PSHA (Probabilistic Seismic Hazard Assessment) मॉडल पर आधारित किया है।
इस मॉडल में शामिल हैं:

पृथ्वी की परतों की मोटाई, टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव की तीव्रता, फॉल्ट लाइनों की सक्रियता, भूकंपीय तरंगों की गति, संभावित अधिकतम भूकंप ऊर्जा

नई रिपोर्ट वैज्ञानिक रूप से ज्यादा विश्वसनीय और आधुनिक मानी जा रही है।

नए निर्माण नियम होंगे और भी सख्त

2025 कोड के तहत:

नई इमारतें भूकंप-रोधी मानकों के अनुसार बनेंगी।

अस्पताल, स्कूल, पुल, पाइपलाइन और महत्वपूर्ण ढांचे बड़े भूकंप के बाद भी चालू रह सकें, इस पर फोकस होगा।

भारी उपकरणों को सुरक्षित फिटिंग और इमारतों की मजबूती बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे।

एक्सपोज़र विंडो – शहरों के लिए नया खतरा मूल्यांकन

अब भूकंप जोखिम का आकलन सिर्फ फॉल्ट लाइन से नहीं होगा, बल्कि:

आबादी, आर्थिक गतिविधि, भवन घनत्व, संसाधनों की संवेदनशीलता
को भी ध्यान में रखा जाएगा। इससे शहरों के लिए अधिक सटीक और वास्तविक खतरा मानचित्र तैयार होगा।

दक्षिण भारत में बदलाव कम क्यों?

प्रायद्वीपीय भारत भूगर्भीय रूप से स्थिर माना जाता है।
यहां बड़े भूकंप की संभावना कम होती है, इसलिए नई ज़ोनिंग में दक्षिण भारत में बहुत कम बदलाव किए गए हैं।

Thailand Floods & Landslides: थाईलैंड में तबाही! मौत का आंकड़ा 145 पार, 36 लाख लोग प्रभावित – सरकार पर गुस्सा फूटा

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण देशभर में मरने वालों की संख्या बढ़कर 145 हो गई है। सबसे अधिक 110 मौतें सोंगखला प्रांत में दर्ज की गई हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से 12.5 लाख घर और 36 लाख से ज्यादा लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

ये संकट ऐसे समय में आया है जब थाईलैंड पहले से ही आर्थिक मंदी, पर्यटन में गिरावट, और सीमा तनाव से जूझ रहा है। बढ़ते जनाक्रोश ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।

प्रधानमंत्री ने सोंगखला में घोषित की इमरजेंसी

सरकार ने स्वीकार किया है कि बाढ़ प्रबंधन में बड़ी खामियां हुई हैं। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने 25 नवंबर 2025 को सोंगखला में आपातकाल घोषित किया और बचाव कार्य तेज करने के लिए इमरजेंसी लॉ लागू किया है।

आपदा प्रबंधन मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कठिन सवालों का सामना करना पड़ा और उन्हें बीच में ही वॉकआउट करना पड़ा। इससे जनता और विपक्ष का गुस्सा और बढ़ गया है।

प्रवक्ता के अनुसार, गुरुवार शाम तक नदी का जलस्तर किनारों से नीचे आने की उम्मीद है। जलस्तर घटने पर बड़े पैमाने पर राहत व सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।

दक्षिणी थाईलैंड के 9 प्रांत सबसे अधिक प्रभावित

डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन के अनुसार:

• मॉनसून की भारी बारिश ने दक्षिणी थाईलैंड के 9 प्रांतों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया है।

• लगभग 2.20 मिलियन (22 लाख) लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

• कई क्षेत्रों में सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है, जिससे राहत कार्य बाधित हो रहे हैं।

संकट और बढ़ा रहा है जनता का आक्रोश

लोगों का आरोप है कि सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए समय पर कदम नहीं उठाए। देश में राजनीतिक माहौल पहले ही अस्थिर है, और इस प्राकृतिक आपदा ने सरकार की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।

6 साल पुराना वही विवाद, जिसने इमरान खान को पहुँचाया जेल और आसिम मुनीर को पाकिस्तान की सबसे बड़ी कुर्सी पर

पाकिस्तान की राजनीति और फौजी ढांचे में आज जो कुछ भी दिख रहा है, उसकी जड़ें साल 2019 में छिपी हैं। उस समय इमरान खान प्रधानमंत्री थे और लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के डायरेक्टर जनरल थे। मात्र 8 महीनों में ही इमरान ने मुनीर को हटाकर नई राजनीतिक जंग की शुरुआत कर दी थी। आज, 6 साल बाद, हालात पूरी तरह उलट चुके हैं—इमरान जेल में हैं और आसिम मुनीर पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी।

2019: आखिर क्यों नाराज़ हुए थे इमरान खान?

जानकारी के मुताबिक, आईएसआई चीफ रहते हुए आसिम मुनीर ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी और उनके करीबियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में दिलचस्पी दिखाई।
इमरान को यह कदम पसंद नहीं आया और कहा जाता है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने मुनीर को समय से पहले हटा दिया।

हालांकि इमरान खान ने 2023 में इन आरोपों को झूठा बताया था और कहा था कि मुनीर ने कभी कोई सबूत नहीं दिखाया, न ही उन्होंने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।

2025: पाकिस्तान का नया पावर स्ट्रक्चर और आसिम मुनीर की नई भूमिका

अब 2025 में, कहानी पूरी तरह पलट चुकी है। पाकिस्तान के संविधान में संशोधन कर आसिम मुनीर को देश का पहला CDF – चीफ ऑफ डिफेंस बनाया गया है।
इस पद के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना — तीनों पर अब मुनीर का नियंत्रण है। उनका कार्यकाल 2030 तक तय है, यानी आने वाले वर्षों में पाकिस्तान की शक्ति संरचना पूरी तरह उनके हाथ में रहने वाली है।

दूसरी ओर, इमरान खान 2023 से ही जेल में बंद हैं और उन पर कई मामलों में सजा हो चुकी है।

2022: इमरान खान को पद से हटाने में सेना की बड़ी भूमिका

अप्रैल 2022 में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ और वह पाकिस्तान के इतिहास में पहला प्रधानमंत्री बने जिसे इस तरीके से हटाया गया। माना जाता है कि सेना उनकी नीतियों और स्वतंत्र रवैये से खुश नहीं थी, जिसके चलते सत्ता परिवर्तन हुआ।

जेल में बंद इमरान खान – परिवार ने उठाए गंभीर सवाल

इमरान खान इस समय रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
परिवार ने आरोप लगाया है कि एक महीने से अधिक समय से उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा।
उनके जिंदा होने को लेकर फैल रही अफवाहों पर जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि इमरान खान स्वस्थ हैं।

मुनीर पर इमरान के आरोप – “अगर मुझे कुछ हुआ तो जिम्मेदार वही”

पिछले वर्ष मई में इमरान ने एक लेख लिखकर आरोप लगाया था कि जनरल आसिम मुनीर उन्हें और उनकी पार्टी PTI को पाक राजनीति से खत्म करना चाहते हैं।
उन्होंने खुलकर कहा:
“अगर मुझे या मेरी पत्नी को कुछ हुआ तो जनरल आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे।”

पश्तून समुदाय और सेना के बीच लंबा तनाव

इमरान खान पश्तून समुदाय से आते हैं। यह समूह पहले से ही सेना पर मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा के आरोप लगाता रहा है।
2020 में पश्तून तहफ़ुज़ आंदोलन (PTM) भी इन्हीं मुद्दों पर शुरू हुआ था।

बुशरा बीबी—इमरान की आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी बनीं विवादों का हिस्सा

इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी को उनके समर्थक आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानते हैं।
अब वे भी अवैध विवाह और भ्रष्टाचार मामलों में 7 साल की सजा काट रही हैं।
इमरान के बेटे के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री को कथित तौर पर “डैथ सेल” जैसी परिस्थितियों में रखा गया है।

2019 में शुरू हुआ विवाद आज पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता संरचना को पूरी तरह बदल चुका है।
इमरान खान और आसिम मुनीर की यह तनातनी पाकिस्तान के इतिहास की सबसे निर्णायक लड़ाइयों में से एक बन चुकी है—एक जेल में है और दूसरा देश की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति का केंद्र।

Tere Ishk Mein Day 1 Box Office: धनुष–कृति सेनन की फिल्म ने पहले ही दिन मचाया धमाल, 32 फिल्मों को पीछे छोड़ 16.50 करोड़ की ओपनिंग

मनोरंजन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धनुष और कृति सेनन स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर आग लगा दी है। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को जबरदस्त हाइप मिल रहा था, जिसका सीधा असर एडवांस बुकिंग में देखने को मिला। शुक्रवार को जैसे ही फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची, दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और फिल्म ने दमदार ओपनिंग दर्ज की।

ओपनिंग डे पर ‘तेरे इश्क में’ का धमाका

आनंद एल राय के निर्देशन में बनी यह इंटेंस रोमांटिक ड्रामा फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। धनुष का जुनूनी प्रेमी वाला किरदार और कृति सेनन की बेहतरीन परफॉर्मेंस दर्शकों की वाहवाही लूट रही है।

सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, ‘तेरे इश्क में’ ने पहले दिन लगभग 16.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।
यह आंकड़ा धनुष की हिंदी फिल्मों में अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग बन गया है।

32 फिल्मों के ओपनिंग कलेक्शन को पछाड़ा

फिल्म ने न सिर्फ जबरदस्त ओपनिंग की बल्कि रिलीज के पहले दिन ही कुल 32 फिल्मों के ओपनिंग कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया।

इनमें शामिल हैं:

• आमिर खान की सितारे जमीन पर (10.70 करोड़)

• एक दीवाने की दीवानियत (10.1 करोड़)

• अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी 3 (12.5 करोड़)

• दे दे प्यार दे 2 (9.45 करोड़)

• तुलसी कुमारी (10.11 करोड़)

• बागी 4 (13.2 करोड़)

• जाट (9.62 करोड़)

इसके अलावा फिल्म ने 120 बहादुर, मस्ती 4, हक, द ताज स्टोरी, होमबाउंड, द बंगाल फाइल्स, परम सुंदरी समेत कई फिल्मों को भी ओपनिंग में पछाड़ दिया है।

फिल्म की शानदार शुरुआत से ट्रेड एक्सपर्ट्स उत्साहित

ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि फिल्म वीकेंड में और भी बड़ी कमाई कर सकती है। सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और मजबूत स्टार पॉवर इसे बॉक्स ऑफिस पर लंबी दौड़ का खिलाड़ी बना सकते हैं।

“शनि की साढ़ेसाती: संघर्ष से सफलता तक का आध्यात्मिक मार्ग”

शनि देव—न्याय के देवता, कर्म के नियंत्रक और जीवन के उतार–चढ़ाव के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक। ज्योतिष शास्त्र में शनि का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। विशेष रूप से साढ़ेसाती—जो मानव जीवन के सात वर्ष और छह महीने को गहराई से प्रभावित करती है—हमेशा से जिज्ञासा, भय, रहस्य और आध्यात्मिक चेतना का विषय रही है।
Shani Dev Sade Sati केवल एक ग्रह–चक्र नहीं, बल्कि कर्म की परीक्षा, आत्मविश्लेषण और जीवन रूपांतरण की वह दिव्य प्रक्रिया है, जिसके बाद मनुष्य पहले से अधिक परिपक्व, मजबूत और सफल बनकर निकलता है।

शनि की साढ़ेसाती का वास्तविक रहस्य


साढ़ेसाती तब प्रारंभ होती है जब शनि जन्म राशि से एक राशि पहले, जन्म राशि में तथा जन्म राशि से एक राशि बाद में गोचर करता है। प्रत्येक राशि में शनि लगभग ढाई वर्ष तक रहता है, इसलिए इसका कुल समय साढ़े सात वर्ष होता है।

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कई लोग इसे पीड़ा का काल मानते हैं, जबकि शास्त्रों के अनुसार यह काल स्वयं को नया रूप देने का दिव्य समय है। शनि देव दंड नहीं, बल्कि कर्म का संतुलित फल प्रदान करते हैं। जो अपने कर्म साफ, आचरण पवित्र और मनोभाव निर्मल रखते हैं, उन्हें साढ़ेसाती में उन्नति और सफलता मिलती है।

शास्त्रोक्त दृष्टि से साढ़ेसाती का रहस्य

पुराणों के अनुसार, शनि देव सनातन न्याय–व्यवस्था के संरक्षक हैं। उनका धर्म केवल दंड देना नहीं, बल्कि जीवात्मा को जीवन–सत्य का ज्ञान कराना है।
शास्त्र बताते हैं कि—

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साढ़ेसाती मनुष्य के अहंकार को तोड़ती है। पुराने कर्मों का हिसाब चुकता होता है। जीवन में बड़े परिवर्तन इन्हीं वर्षों में होते हैं।धैर्य, सहनशक्ति और आध्यात्मिक शक्ति अत्यधिक बढ़ती है।
अर्थात यह समय कठिनाइयों का नहीं, बल्कि शुद्धिकरण और पुनर्जन्म का होता है।
कैसे बदलता है शनि का प्रभाव?
1️⃣ प्रथम चरण — मानसिक परीक्षा
जब शनि जन्म राशि से एक राशि पहले आता है, तो व्यक्ति के विचार, दृष्टिकोण और धैर्य की परीक्षा होती है।
दुविधाएँ, भ्रम और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं, लेकिन इसी समय अंतर्ज्ञान शक्ति तेज होती है।
यह चरण मन को मजबूत बनाता है।

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2️⃣ द्वितीय चरण — कर्म परीक्षा
साढ़ेसाती का मध्य चरण सबसे प्रभावी माना जाता है।
शनि सीधे कर्म क्षेत्र को छूता है।
यह समय व्यक्ति को मेहनत, संघर्ष और वास्तविक कर्म के मार्ग पर खड़ा करता है।
जो कर्मठ, ईमानदार और नियमप्रिय होते हैं, उनका जीवन इस समय चकित करने वाली उन्नति प्राप्त करता है।

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3️⃣ तृतीय चरण — फल और पुनर्जन्म
अंतिम ढाई वर्ष में शनि जीवन को स्थिर करता है।
जो भी सीख, अनुभव, संघर्ष पिछले वर्षों में मिले, उनका फल मिलता है।
व्यक्ति नए अवसर पाता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन सुनियोजित होता है।

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क्यों होता है जीवन परिवर्तित?
शनि की साढ़ेसाती मनुष्य के जीवन–तंत्र को जड़ से झकझोर देती है।
यह दौर बताता है कि—
कौन आपके साथ सच्चा है?
कौन आपका मार्ग रोक रहा है?
कौन सा कर्म आपका वास्तविक मार्ग है?
कौन से निर्णय जीवन बदल सकते हैं?
शनि आपको आपके अपने वास्तविक स्वरूप का परिचय कराते हैं।

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साढ़ेसाती मनुष्य को तीन शक्तियाँ देती है—संकल्प शक्ति,धैर्य शक्ति,आत्मिक शक्ति
इन्हीं तीनों के कारण जीवन में बड़ा परिवर्तन दिखाई देता है।
यही कारण है कि शनि को “उन्नति का ग्रह” भी कहा गया है।
शास्त्रीय उपाय: शनि की कृपा कैसे प्राप्त करें?
शास्त्रों में वर्णित कुछ सरल उपाय—
पीपल, काले तिल, उड़द दाल का दान
शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप
बुजुर्ग, श्रमिक और गरीबों की सेवा
ईमानदारी और सत्य का पालन
शनि अमावस्या, शनिवार को दीपदान
ये उपाय मन को शांत, कर्म को पवित्र और जीवन को संतुलित बनाते हैं।

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आध्यात्मिक प्रभाव — भीतर जागे नई ऊर्जा
साढ़ेसाती के अंत में व्यक्ति एक नई ऊर्जा, नई समझ और नई दिशा के साथ उभरता है।
यदि इसे शाप नहीं, बल्कि शनि की छत्रछाया मान लें, तो जीवन में हर संकट अवसर बन जाता है।
शनि न केवल कर्मफल देते हैं, बल्कि आपको श्रेष्ठ मनुष्य बनाते हैं—
यही साढ़ेसाती का सबसे बड़ा रहस्य है।

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सेवा, शौर्य और साहित्य की अमर गाथाएँ

29 नवंबर के नक्षत्रों में जन्मे रत्न

29 नवंबर भारत के इतिहास में ऐसे महान व्यक्तित्वों का जन्मदिन है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर देश की चेतना को आलोकित किया। वर्ष 1935 में जम्मू-कश्मीर के शंकरगढ़ तहसील (अब पाकिस्तान में) के सांबा जिले में जन्मे कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया भारतीय सेना के साहसी योद्धा थे। उन्होंने कांगो मिशन में अदम्य साहस का परिचय देते हुए परमवीर चक्र अर्जित किया। उनके जीवन में अनुशासन, पराक्रम और राष्ट्रनिष्ठा सर्वोपरि थी।

1913 में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के बलरामपुर नगर में जन्मे अली सरदार जाफ़री उर्दू साहित्य के शिखर पुरुष माने जाते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने प्रगतिशील लेखन को नई दिशा दी। उनकी काव्य धारा देश, मानवता और सामाजिक चेतना का अमूल्य प्रतीक बनी, जिसके लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला।

1869 में गुजरात के भावनगर जिले के भावनगर शहर में जन्मे ठक्कर बाप्पा भारत के सामाजिक उत्थान के प्रखर योद्धा थे। उन्होंने आदिवासी एवं वंचित समाज की सेवा को अपना ध्येय बनाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी मानवीय संवेदनाएँ आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

समय की धड़कनों में दर्ज बदलते विश्व की अनसुनी गाथाएँ

29 नवंबर का इतिहास मानव सभ्यता के उत्थान, संघर्ष, नवाचार और राष्ट्रों के निर्माण की कई निर्णायक घटनाओं का साक्षी रहा है। यह दिन विश्व राजनीति, विज्ञान, खेल, शिक्षा, स्वतंत्रता आंदोलनों और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मोड़ों को दर्शाता है। 1516 के शांति समझौते से लेकर 1889 में एफसी बार्सिलोना की स्थापना, 1947 में फिलिस्तीन विभाजन से लेकर 1989 में राजीव गांधी के इस्तीफे तक—इस तारीख ने समय के प्रवाह को कई बार बदलते हुए देखा है।

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🔵 इतिहास की मुख्य घटनाएँ (29 नवंबर)

1516: फ्रांस–स्विट्ज़रलैंड के बीच फ्रेईबर्ग शांति संधि पर हस्ताक्षर, जिसने यूरोपीय कूटनीति में नई दिशा दी।

1759: दिल्ली के मुगल बादशाह आलमगीर द्वितीय की हत्या, जिससे इतिहास में सत्ता संघर्ष तेज हुआ।

1775: सर जेम्स जे द्वारा अदृश्य स्याही का आविष्कार—खुफिया दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव।

1830: पोलैंड में रूसी शासन के खिलाफ नवंबर विद्रोह की शुरुआत।

1870: ब्रिटेन में अनिवार्य शिक्षा कानून लागू—आधुनिक शिक्षा प्रणाली की बुनियाद।

1889: स्पेन के विश्वप्रसिद्ध फुटबॉल क्लब FC Barcelona की स्थापना।

1889: बेंगलुरु के लालबाग गार्डन में ऐतिहासिक ग्लास हाउस की आधारशिला रखी गई।

1912: अल्बानिया की ऑटोमन साम्राज्य से स्वतंत्रता—आज यह उनका राष्ट्रीय दिवस है।

1916: अमेरिका द्वारा डोमिनिकन रिपब्लिक में मार्शल लॉ लागू।

1944: अल्बानिया का नाज़ी कब्ज़े से मुक्त होना।

1947: संयुक्त राष्ट्र महासभा का फिलिस्तीन को अरब और यहूदी—दो राज्यों में विभाजन का प्रस्ताव।

1947: निज़ाम हैदराबाद का स्वतंत्र रहने का प्रयास—भारतीय एकता के लिए चुनौती।

1949: पूर्वी जर्मनी की यूरेनियम खदान में विस्फोट, 3,700 की मौत।

1961: पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन का भारत आगमन।

1970: हरियाणा — देश का पहला पूर्ण ग्रामीण विद्युतीकरण हासिल करने वाला राज्य।

1972: अटारी ने वीडियो गेम इतिहास बदलने वाला खेल ‘पोंग’ लॉन्च किया।

1987: कोरियन फ्लाइट 858 विस्फोट — 115 लोगों की मौत।

1989: राजीव गांधी ने लोकसभा चुनावों में हार के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया।

1998: भारतीय सेना ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी संभाली।

1999: महाराष्ट्र के नारायण गांव में दुनिया का सबसे बड़ा मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप शुरू।

2001: अफगान गुट अंतरिम परिषद पर सहमत।

2004: आसियान देशों और चीन के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता।

2005: शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

2006: पाकिस्तान ने मध्यम दूरी की मिसाइल हथ्फ़-4 (शाहीन-I) का सफल परीक्षण किया।

2007: अशरफ़ परवेज़ कियानी पाकिस्तानी सेना प्रमुख बने।

2008: मुंबई पर 26/11 हमले का ऑपरेशन समाप्त; मैरीकॉम ने 5वीं एआईबीए विश्व खिताब जीता।

2012: संयुक्त राष्ट्र ने फिलिस्तीन को गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया।

🔵 इतिहास का सारांश
29 नवंबर का इतिहास विश्व के राजनैतिक, सामाजिक और वैज्ञानिक विकास की कई निर्णायक घटनाओं से भरा है। शांति संधि, स्वतंत्रता घोषणाएँ, तकनीकी आविष्कार, अंतरिक्ष यात्राएँ, खेल क्रांतियाँ और भारत की राजनीतिक घटनाएँ—यह दिन मानव सभ्यता के बदलते स्वरूप का जीवंत प्रमाण है।

जानें आपके मूलांक का आज कैसा रहेगा दिन

29 नवंबर 2025 अंक राशिफल

पंडित सुधीर तिवारी द्वारा विशेष अंक ज्योतिष विश्लेषण

Numerology Horoscope 29 November 2025:
अंक ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति का एक मूलांक होता है, जो उसके स्वभाव, सोच, अवसर और दिनभर की परिस्थितियों पर सीधा प्रभाव डालता है। मूलांक निकालने के लिए अपनी जन्मतिथि को इकाई अंक तक जोड़ें—वही आपका मूलांक माना जाएगा।
आइए जानते हैं, 29 नवंबर 2025 आपके लिए क्या संकेत लेकर आया है…

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मूलांक 1 — आत्मविश्वास बढ़ेगा, पर वाणी पर नियंत्रण रखें

आज आपका प्रभाव बढ़ेगा लेकिन बोलते समय मधुर भाषा का प्रयोग करें। मां की सेहत को लेकर सतर्क रहें। खर्च बढ़ सकते हैं। कामों में आलस्य से बचें, वरना अवसर हाथ से निकल सकता है। नौकरी में बदलाव का योग बन रहा है।

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मूलांक 2 — धैर्य रखें, कार्य पूरे होंगे

मन में उतार-चढ़ाव रहेगा पर स्थिति आपके पक्ष में आएगी। दैनिक कार्यों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में तरक्की के मार्ग खुलेंगे। शांत रहकर निर्णय लें, लाभ मिलेगा।

मूलांक 3 — अफसरों का सहयोग, पर घर-परिवार संभालें

सरकारी या उच्च अधिकारी वर्ग से समर्थन मिलेगा। वाहन सुख बढ़ सकता है। जीवनसाथी से अनबन से बचें। मन अशांत रह सकता है, इसलिए संयम रखें। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में सुधार संभव है।

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मूलांक 4 — मन अशांत पर आर्थिक प्लानिंग लाभकारी

भविष्य की आर्थिक योजना बनाना आज फायदेमंद रहेगा। जीवनसाथी की तबीयत पर ध्यान दें। नया घर या संपत्ति खरीदने का अवसर मिल सकता है। सोच-समझकर फैसला लें, जल्दबाजी से बचें।

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मूलांक 5 — सेहत संभालें, दौड़धूप अधिक रहेगी

हल्का संक्रमण परेशान कर सकता है। आत्मविश्वास कम होगा। नौकरी में यात्रा का योग है। बुद्धिमानी से किए गए कार्यों में सम्मान मिलेगा। परिवार से पूरा सहयोग मिलेगा।

मूलांक 6 — आर्थिक निर्णय सोचकर लें, विदेश योग प्रबल

आज निवेश करने से पहले रिसर्च जरूर करें। नौकरी में विदेश यात्रा या अवसर मिलने की संभावना है। परिवार और दोस्तों का साथ मजबूत रहेगा। शांत मन से निर्णय लेने पर सफलता मिलेगी।

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मूलांक 7 — रिश्तों में मजबूती, यात्रा शुभ

घर-परिवार और रिश्तेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ होंगे। कारोबारी यात्रा लाभ देगी। मां की सेहत का विशेष ध्यान रखें। अनावश्यक खर्चों से बचें, अचानक खर्च बढ़ सकते हैं।

मूलांक 8 — परिवार से सहयोग, पर मन बेचैन

घर का माहौल अच्छा रहेगा। संतान की ओर से खुशी मिलेगी। पर मन थोड़ा बेचैन रहेगा, जिससे निर्णय लेने में देरी संभव है। सेहत में थकान और सिरदर्द परेशान कर सकता है। नए जोखिमों से दूर रहें।

मूलांक 9 — सम्मान मिलेगा, पर खर्च बढ़ेंगे

परिवार और समाज में आपकी प्रशंसा होगी। आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव रहेगा। मां की सेहत पर ध्यान जरूरी है। घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। शिक्षा सम्बंधित मामलों में रुकावट आएगी।

डिस्क्लेमर:

इस अंक ज्योतिष को “राष्ट्र की परम्परा” प्रमाणित नहीं करता। यह सामान्य ज्योतिषीय अध्ययन पर आधारित है। सटीक परिणाम के लिए अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं।

Panchang 29 November 2025: शुभ-अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, राहुकाल, चंद्रबल व यात्रा दिशा

मार्गशीर्ष माह, शुक्ल पक्ष नवमी — शनिवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त) | शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चंद्र मास: अमांत व पूर्णिमांत — मार्गशीर्ष
ऋतु: हेमंत
सूर्य राशि: वृश्चिक
चंद्र राशि: कुंभ (रात 08:33 PM तक), उपरांत मीन

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आज की तिथि

शुक्ल पक्ष नवमी — 12:15 AM से 11:15 PM
दशमी तिथि — 11:15 PM से 30 नवंबर 09:29 PM तक

आज का नक्षत्र

पूर्वभाद्रपदा — 02:49 AM से 02:22 AM (30 नवंबर)
उत्तरभाद्रपदा — 02:22 AM (30 नवंबर) से 01:10 AM (1 दिसंबर)

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आज के योग

हर्षण योग — 09:26 AM तक
वज्र योग — 09:26 AM से 07:12 AM (30 नवंबर)

आज के करण

बालव — 12:15 AM से 11:51 AM
कौलव — 11:51 AM से 11:15 PM
तैतिल — 11:15 PM से 10:28 AM (30 नवंबर)

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सूर्य-चंद्र समय

सूर्योदय: 6:54 AM
सूर्यास्त: 5:36 PM
चन्द्रोदय: 1:22 PM
चन्द्रास्त: 1:38 AM (30 नवंबर)

अशुभ काल

राहुकाल: 09:34 AM – 10:54 AM
यमगण्ड: 01:35 PM – 02:55 PM
कुलिक: 06:54 AM – 08:14 AM
दुर्मुहूर्त: 08:19 AM – 09:02 AM
वर्ज्यम्: 09:06 AM – 10:40 AM

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शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त: 11:53 AM – 12:36 PM
अमृत काल: 06:30 PM – 08:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:18 AM – 06:06 AM

आनन्दादि योग

कालदण्ड — 02:22 AM तक
ध्रूम — शेष दिन

29 नवंबर 2025 — दिन व रात का चौघड़िया

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दिन का चौघड़िया

06:54–08:14 AM — शुभ

08:14–09:34 AM — रोग

09:34–10:54 AM — उद्बेग

10:54–12:15 PM — चर

12:15–01:35 PM — लाभ

01:35–02:55 PM — अमृत

02:55–04:15 PM — काल

04:15–05:36 PM — शुभ

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चंद्रबल — 29 नवंबर 2025

रात 08:33 PM तक:
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ

रात 08:33 PM के बाद (30 नवंबर 06:54 AM तक):
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन

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आज किस दिशा की यात्रा शुभ है?

शुभ यात्रा दिशा:
➡ उत्तर, पूर्व

अशुभ दिशा (यात्रा त्याज्य):
❌ दक्षिण-पश्चिम

घर से निकलते समय क्या खाएँ?

यात्रा मंगलमय रखने के लिए—
✔ दही-चीनी
या
✔ गुड़

आज का मंत्र (बाधाएँ दूर करने हेतु)

“ॐ गं गणपतये नमः”
या कार्य-सिद्धि हेतु—
“ॐ ह्रीं नमः”

त्योहार/व्रत (29 नवंबर 2025)

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष के पारंपरिक व्रत

नवमी पूजन

विशिष्ट क्षेत्रीय पर्व

लोहिया वाहिनी ने चलाया मतदाता सूची सुधार अभियान , दिव्यांश श्रीवास्तव ने बढ़ाई सक्रियता

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी लोहिया वाहिनी के देवरिया जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने मतदाता सूची सुधार अभियान को तेज करते हुए कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूक किया। उन्होंने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में स्पष्ट कहा कि सटीक और अद्यतन वोटर लिस्ट किसी भी चुनावी तैयारी की नींव होती है, इसलिए संगठन का हर कार्यकर्ता बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाए।

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बैठक के दौरान दिव्यांश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने बीएलओ के साथ विस्तार से चर्चा की। बीएलओ ने मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी साझा की और बताया कि गलत विवरण या अपूर्ण फॉर्म के कारण एसआईआर फॉर्म निरस्त हो जाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की कि वे लोगों को सही जानकारी भरने में सहयोग करें ताकि किसी भी मतदाता का फॉर्म वापस न हो।

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जिलाध्यक्ष ने कहा कि 2003 या उससे पहले पंजीकृत पुराने मतदाताओं को भी अपनी जानकारी अपडेट करानी जरूरी है, जिससे चुनाव आयोग के रिकॉर्ड सटीक बने रहें। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बीएलओ के साथ तालमेल बनाकर समयबद्ध तरीके से फॉर्म जमा कराएं और अभियान को जन-जन तक पहुँचाएं।

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उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से मतदाता सूची सुधार कार्य को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है, क्योंकि मजबूत वोटर लिस्ट ही संगठन की चुनावी मजबूती का आधार बनेगी।

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बैठक में विनोद यादव, सोहराव आलम, दिनेश पाल, वीणा पांडेय, निर्भय विश्वकर्मा, राजकुमार विश्वकर्मा, पिंटू प्रजापति, रविंद्र शर्मा, राजेंद्र गोड़, धीरज पाल, जावेद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आज किस राशि का दिन चमकेगा? जानें सभी 12 राशियों का पूरा भविष्यफलक

29 नवम्बर का प्रेम, करियर, धन और स्वास्थ्य का पूरा विश्लेषण

मेष Aries ♈ अ, ल, ई
वृषभ Taurus ♉ ब, व, उ
मिथुन Gemini ♊ क, छ, घ
कर्क Cancer ♋ ड, ह
सिंह Leo ♌ म, ट
कन्या Virgo ♍ प, ठ, ण
तुला Libra ♎ र, त
वृश्चिक Scorpio ♏ न, य
धनु Sagittarius ♐ भ, ध, फ
मकर Capricorn ♑ ख, ग, ज
कुंभ Aquarius ♒ स, श
मीन Pisces ♓ द, च, झ

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✨ मेष राशि (Aries) – ♈
आज का दिन- पार्टनर की बातों को ध्यान से सुनें। भावनाओं में संयम रखें।
कार्य/व्यवसाय- ऑफिस में एक-एक काम पूरा करें, जल्दबाज़ी टालें।
शिक्षा- स्टूडेंट्स ध्यान से पढ़ेंगे तो परिणाम उत्तम मिलेंगे।
कला-संगीत- नया प्रयोग सफलता देगा।
राजनीति/प्रशासन- वरिष्ठों की सराहना मिलेगी, कार्य पूर्ण होंगे।
आर्थिक स्थिति- खर्चों पर नियंत्रण जरूरी।
स्वास्थ्य- थकावट से बचें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 3
देव पूजन: हनुमान जी की पूजा लाभकारी

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✨ वृषभ राशि (Taurus) – ♉
आज का दिन तनाव बढ़ सकता है, धैर्य रखें।
कार्य/व्यवसाय- धोखा देने वाली डील से बचें।
शिक्षा- अभ्यास नियमित रखें।
कला-संगीत – नई क्रिएटिविटी उभरकर आएगी।
राजनीति/प्रशासन – निर्णयों में सावधानी बरतें।
आर्थिक स्थिति – खर्चों की लिस्ट बनाएं, बचत बढ़ेगी।
स्वास्थ्य – मानसिक तनाव कम करें
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
देव पूजन: माँ लक्ष्मी की आराधना फलदाई

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✨ मिथुन राशि (Gemini) – ♊
आज का दिन- पार्टनर से बातचीत सौम्य रखें।
कार्य/व्यवसाय- अपने काम पर फोकस करें, सफलता मिलेगी।
शिक्षा- अध्ययन में रुचि बढ़ेगी।
कला-संगीत- अच्छे अवसर सामने आएंगे।
राजनीति/प्रशासन- महत्वपूर्ण योजनाओं में लाभ।
आर्थिक स्थिति- संतुलित आय-व्यय।
स्वास्थ्य- रूटीन फॉलो करें
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 5
देव पूजन: विष्णु जी की पूजा शुभ

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✨ कर्क राशि (Cancer) – ♋
आज का दिन- पार्टनर संग मधुर समय।
कार्य/व्यवसाय- काम की प्रशंसा मिलेगी।
शिक्षा- कॉन्सेप्ट क्लियर होंगे।
कला-संगीत- नई उपलब्धि संभव।
राजनीति/प्रशासन- कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति- फिजूलखर्ची पर रोक।
स्वास्थ्य- आज विशेष ध्यान रखें।
शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
देव पूजन: शिव जी का जलाभिषेक

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✨ सिंह राशि (Leo) – ♌
आज का दिन- रिश्तों में खटास दूर होगी।
कार्य/व्यवसाय- नया टास्क आपके कौशल को चमकाएगा।
शिक्षा- नई ऊर्जा के साथ पढ़ाई।
कला-संगीत- मंच या प्रस्तुति में सफलता।
राजनीति/प्रशासन- प्रभाव मजबूत होगा।
आर्थिक स्थिति- दिन अनुकूल।
स्वास्थ्य- मामूली सावधानी रखें।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
देव पूजन: सूर्य देव का अर्घ्य

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✨ कन्या राशि (Virgo) – ♍
आज का दिन- पार्टनर को समय दें, रिश्ते मधुर।
कार्य/व्यवसाय- समय पर काम पूरा करें।
शिक्षा- कड़ी मेहनत से सफलता निश्चित।
कला-संगीत- नई प्रेरणा का दिन।
राजनीति/प्रशासन- निर्णय क्षमता तेज होगी।
आर्थिक स्थिति- सोच-समझकर निर्णय लेना श्रेष्ठ।
स्वास्थ्य- आज फिट रहेंगे।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 4
देव पूजन: माँ दुर्गा

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✨ तुला राशि (Libra) – ♎
आज का दिन- प्यार अभिव्यक्त करें।
कार्य/व्यवसाय- नई चुनौतियाँ सफलता दिलाएंगी।
शिक्षा- कॉपरेटिव स्टडी से लाभ।
कला-संगीत- फेम और पहचान की संभावना।
राजनीति/प्रशासन- महत्वाकांक्षी योजनाएँ पूरी होंगी।
आर्थिक स्थिति- स्थिरता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य- थोड़ा ध्यान दें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 7
देव पूजन: माँ सरस्वती

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✨ वृश्चिक राशि (Scorpio) – ♏
आज का दिन- आज रोमांटिक पल मिलेंगे।
कार्य/व्यवसाय- दिन अच्छा, पर सतर्क रहें।
शिक्षा- ध्यान से पढ़ें, परिणाम श्रेष्ठ।
कला-संगीत- महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे।
राजनीति/प्रशासन- रणनीति सफल होगी।
आर्थिक स्थिति- थोड़ी गड़बड़ी संभव।
स्वास्थ्य- ठीक रहेगा।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 9
देव पूजन: कालभैरव पूजा

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✨ धनु राशि (Sagittarius) – ♐
आज का दिन- रिश्तों में सुधार होगा।
कार्य/व्यवसाय- चुनौतियों से नहीं घबराएंगे।
शिक्षा- कड़ी मेहनत से सफलता।
कला-संगीत- डेडिकेटेड काम से प्रगति।
राजनीति/प्रशासन- आपके निर्णय आपको आगे बढ़ाएंगे।
आर्थिक स्थिति- लाभदायक दिन।
स्वास्थ्य- एक-दो दिक्कतें आ सकती हैं।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 8
देव पूजन: बृहस्पति देव

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✨ मकर राशि (Capricorn) – ♑
आज का दिन- पार्टनर को खुश रखें।
कार्य/व्यवसाय- नई जिम्मेदारियाँ मिलेंगी।
शिक्षा- प्रगति का समय।
कला-संगीत- प्रमोशन या नई उपलब्धि।
राजनीति/प्रशासन- अधिकार बढ़ेंगे।
आर्थिक स्थिति- इन्वेस्टमेंट लाभकारी।
स्वास्थ्य- रूटीन सही रखें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 4
देव पूजन: शनि देव

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✨ कुंभ राशि (Aquarius) – ♒
आज का दिन- लव लाइफ सरल और सुखद।
कार्य/व्यवसाय- नई चुनौतियों में विजय।
शिक्षा- कॉन्सेप्ट मजबूत होंगे।
कला-संगीत- रचनात्मकता बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन- महत्वपूर्ण संपर्क बनेंगे।
आर्थिक स्थिति- स्थिरता।
स्वास्थ्य- सही रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 2
देव पूजन: गंगा जल अर्पण

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✨ मीन राशि (Pisces) – ♓
आज का दिन- ईगो को साइड में रखें।
कार्य/व्यवसाय- नई जिम्मेदारियाँ परिणाम देंगी।
शिक्षा- अनुकूल दिन।
कला-संगीत- नई योजना सफल।
राजनीति/प्रशासन- प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति- अनुकूल।
स्वास्थ्य- ठीक रहेगा।
शुभ रंग: जामुनी
शुभ अंक: 1
देव पूजन: विष्णु सहस्रनाम

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महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
यह राशिफल ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित सामान्य भविष्यफल है। राष्ट्र की परंपरा व्यक्तिगत कुंडली को ही प्रमाणित मानती है। अतः अपनी सटीक जन्मकुंडली का विश्लेषण अवश्य किसी योग्य विशेषज्ञ से कराएँ।

लेखपाल सुधीर कुमार की मौत पर लेखपालों का धरना प्रदर्शन

छः सूत्रीय मांगो पर सौपा ज्ञापन

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l शुक्रवार को बरहज तहसील के परिसर मे लेखपाल संघ अध्यक्ष के नेतृत्व लेखपालों ने जनपद फतेहपुर में कार्यरत लेखपाल सुधीर कुमार की मृत्यु को लेकर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित छः सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौपा।
बताते चले कि फतेहपुर मे कार्यरत 2024 बैच के लेखपाल सुधीर कुमार द्वारा एसआईआर कार्य में तहसील प्रशासन द्वारा धमकी व निलंबन दिए जाने के कारण तनाव में आकर आत्महत्या करने को लेकर पुरे प्रदेश के लेखपाल आक्रोश मे है। वही उनके परिजनों द्वारा दिए गए एफआईआर को बदल कर पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज करने के मामले में तहसील बरहज के लेखपाल संघ द्वारा शुक्रवार को छः सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौपा । धरना में मुख्यरूप से तहसील अध्यक्ष सुकेश तिवारी,गोविंद कश्यप,योगेन्द्र भारती,आशुतोष कुमार,राजू यादव,रमेश पटेल, समीम अंसारी, लेखपाल प्रमोद, सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे ।

राजकीय बाल गृह का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए कड़े निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशानुसार आज राजकीय बाल गृह देवरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में अनुश्रवण समिति आश्रय गृह (बालक) के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि यादव, सदस्य एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी, तथा सदस्य एवं सिविल जज (जू०डी०) कुमारी मृणालिनी श्रीवास्तव शामिल रहीं।

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष रवि यादव ने बच्चों को पौष्टिक भोजन, समयानुसार खान-पान की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अभिलेखों व प्रपत्रों में पाई गई अव्यवस्थाओं को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल गृह में रह रहे बच्चों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने बच्चों के लिए स्वच्छ वस्त्र, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।

सिविल जज (जू०डी०) कुमारी मृणालिनी श्रीवास्तव ने परिसर, भंडार कक्ष एवं अध्ययन कक्ष का निरीक्षण किया तथा सफाई व्यवस्था बेहतर करने और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित संसाधनों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान राजकीय बाल गृह देवरिया के प्रभारी अधीक्षक उपस्थित रहे। समिति ने निर्देश दिया कि बाल गृह से संबंधित सभी व्यवस्थाओं में त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सके।

“फ़ूड–प्लानेट–हेल्थ” विषयक ऑनलाइन कार्यशाला सम्पन्न

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। वेगन आउटरीच एवं दिग्विजय नाथ पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) की चारो इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘फ़ूड–प्लानेट–हेल्थ’’ विषयक एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भोजन संबंधी आदतों, पर्यावरणीय प्रभावों और स्वास्थ्य के आपसी संबंध को समझाना तथा सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश सिंह के कर–कमलों से हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापवृद्धि जैसी चुनौतियों से निपटने हेतु युवा पीढ़ी को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। भोजन–आधारित पर्यावरणीय प्रभाव आज वैश्विक विमर्श का प्रमुख विषय है और एन.एस.एस. की यह पहल सराहनीय है।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के सहायक आचार्य एवं एन.एस.एस. के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने विगन आउटरीच के उद्देश्यों तथा पौध–आधारित जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्था स्वास्थ्य, पर्यावरण और पशु–कल्याण तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन हेतु कार्यरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है और ऐसी कार्यशालाएँ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विगन आउटरीच के अभिषेक जी रहे। उन्होंने “फ़ूड–प्लानेट–हेल्थ” विषय पर विस्तृत वैज्ञानिक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक पशु–आधारित खाद्य प्रणाली पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव डालती है, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, वनों की कटाई तथा जल–उपभोग में अत्यधिक वृद्धि होती है। उनके अनुसार, पौध–आधारित भोजन अपनाने से कार्बन फ़ुटप्रिंट में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
स्वास्थ्य संबंधी चर्चा में उन्होंने बताया कि पौध–आधारित भोजन हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा तथा कई दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम को कम करता है। प्राकृतिक फाइबर, विटामिन और एंटी–ऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन शारीरिक स्वास्थ्य के साथ–साथ मानसिक संतुलन एवं ऊर्जा स्तर को भी बढ़ाता है।
अभिषेक जी ने पशु–कल्याण के नैतिक पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि भोजन का चुनाव केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय करुणा का भी प्रश्न है। उन्होंने एन.एस.एस. स्वयंसेवकों को प्रेरित किया कि वे समाज में जागरूकता फैलाने और पर्यावरण–हितैषी आदतों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
कार्यशाला में महाविद्यालय की एन.एस.एस. की चारों इकाइयों के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर मुख्य वक्ता ने सरल एवं वैज्ञानिक शैली में दिया। संवाद सत्र ने छात्रों में विषय के प्रति गहरी समझ और रुचि पैदा की।
अंत में कार्यक्रम अधिकारी श्री पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एन.एस.एस. छात्रों में सामाजिक चेतना, पर्यावरणीय समझ तथा नैतिक जिम्मेदारी विकसित करती है। कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ–साथ उन्हें स्वस्थ एवं पर्यावरण–हितैषी जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करने वाली रही।

रविन्द्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया अस्मिता एथलेटिक्स बालिका लीग सम्पन्न

डीएम दिव्या मित्तल ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l रविन्द्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुधवार को खेलो इंडिया अस्मिता एथलेटिक्स बालिका लीग का आयोजन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने विशेष रूप से प्रतिभाग कर बालिकाओं के प्रदर्शन का निरीक्षण किया और उनका मनोबल बढ़ाया।

बालिकाओं में खेलों के प्रति रुचि पैदा करने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा महिला सशक्तीकरण को गति देने के उद्देश्य से आयोजित इस लीग में स्प्रिंट, लंबी कूद, ऊँची कूद सहित कई एथलेटिक स्पर्धाएँ हुईं। विभिन्न विद्यालयों व संस्थानों से आई बालिकाओं ने शानदार कौशल, अनुशासन और खेलभावना का प्रदर्शन कर आयोजन को जीवंत बना दिया।

डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि खेल शारीरिक विकास के साथ-साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता व आत्मनिर्भरता को बढ़ाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराता रहेगा।

स्टेडियम में मौजूद प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों और अभिभावकों ने बालिकाओं के जज़्बे और प्रदर्शन की सराहना की। खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे आयोजनों की और बालिकाओं ने भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया।