Monday, June 29, 2026
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मतदाता पुननिरीक्षण अभियान तेज

भाजपाइयों ने किया बूथ अध्यक्ष का सम्मान और लिया अस्वस्थ पदाधिकारी का हालचाल

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। मतदाता गहन पुननिरीक्षण के तहत तामेश्वरनाथ मंडल में अभियान को गति देते हुए जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र ने शक्तिकेंद्र उमरी के बूथ संख्या 331, 332, 333 सहित अन्य बूथों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित बीएलओ से मतदाताओं के फार्म जमा होने की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान बूथ अध्यक्ष परमेश के सक्रिय व सतत संगठनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।


इसी क्रम में बूथ संख्या 332 के बूथ अध्यक्ष बागेशधर दुबे के अस्वस्थ होने की सूचना पर जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र, गौरव निषाद, मंडल संयोजक वीरेन्द्र शुक्ल और मंडल महामंत्री सुरेश विश्वकर्मा उनके आवास पहुंचे। टीम ने उनके स्वास्थ्य की कुशलक्षेम पूछी और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि संगठन हर परिस्थिति में अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा है।

मंडल रेल प्रबंधक द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा हेतु विंडो ट्रेलिंग संरक्षा निरिक्षण

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
अपने एक दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मंडल रेल प्रबंधक,वाराणसी आशीष जैन ने शुक्रवार 28 नवम्बर,2025 को संरक्षा ,यात्रियों की सुरक्षा एवं परिचलनिक सुधार एवं वाराणसी-देवरिया सदर रेल खण्ड पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा हेतु विन्डो ट्रेलिंग संरक्षा निरीक्षण तथा भटनी व देवरिया सदर स्टेशनों का स्टेशन निरीक्षण किया ।
इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक ने देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के साथ देवरिया सदर स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत रु 36.52 करोड़ की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देवरिया सदर के निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन आंतरिक भाग में यात्री सुविधाओं और फसाड की कार्य प्रगति, सर्कुलेटिंग एरिया की सड़क,नाली और अप्रोच रोड के निर्माण की प्रगति,फुट ओवर ब्रिज के सभी चारो फाउंडेशन निर्माण कार्य,इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के अंतर्गत संरचनात्मक कार्य,प्लेटफॉर्म की फ्लोरिंग एवं शेड की सीलिंग निर्माण कार्य,आगमन-प्रस्थान द्वार के सुंदरीकरण,पार्किंग,यात्री प्रतीक्षालय के नवीनीकरण,टिकट काउंटर,यात्री शेड एवं प्लेटफार्म की फाल सीलिंग,अप्रोच मार्ग, साफ-सफाई तथा रख-रखाव आदि का निरीक्षण किया तथा अमृत भारत स्टेशन के प्रस्तावित स्वरूप में स्टेशन भवन,कोनकोर्स, एफ ओ बी,पुस्तकालय एवं प्रतीक्षालयों में फिनिशिंग का कार्य स्थानीय कला और संस्कृति के अनुरूप किये जाने और सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण करने का सम्बंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया। इसके पश्चात सांसद ने मंडल रेल प्रबंधक के साथ देवरिया के व्यस्ततम समपार संख्या 129 spl का गहन निरीक्षण किया और इस समपार फाटक पर प्रायः होने वाली जाम की समस्या को अतिशीघ्र दूर करने हेतु प्रस्तावित लिमिटेड हाईट सबवे(LHS) के शीघ्र निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया ।
निरीक्षण के उपरांत देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने मण्डल रेल प्रबंधक आशीष जैन के साथ अमृत भारत स्टेशन विकास योजना के अंतर्गत देवरिया सदर स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों से सम्बंधित समीक्षा बैठक ली और स्थानीय यात्रियों की भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत के पुनर्विकास कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की । उन्होंने स्टेशन के विकास की कार्ययोजना का ब्लू प्रिंट देखा और स्टेशन सीमा में पड़ने वाले समपार फाटकों के व्यवस्थापन के सम्बंध में जानकारी ली । सांसद ने मंडल रेल प्रबंधक को स्टेशन पर प्रस्तावित पुनर्विकास संबंधित सभी कार्यों को स्थानीय कला और संस्कृति के दृष्टिगत पुनः नियोजित कर कार्य कराने का निर्देश दिया।
इस अवसर देवरिया सदर स्टेशन पर एक औपचारिक वार्ता में सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि मै रेलवे को धन्यवाद देना चाहता हूँ की लगभग विगत माह में जब मैंने महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक से बात की कि हमलोग इस स्टेशन को देवरिया मय करें देवारण्य मय करें और दिव्य देवरिया की ब्राण्डिंग से जोड़ें तो उन्होंने सहर्ष इस अनुरोध को स्वीकार किया उसके बाद मैंने भी अपनी व्यक्तिगत डिज़ाइन दी जिसे पुनर्विकास योजना में शामिल किया गया । आज जो समीक्षा बैठक हुई है उसके बाद मुझे लगता है की शीघ्र ही पूरा स्टेशन तैयार हो जायेगा कुछ बड़े कार्य तीन-चार महीने बाद तक पूर्ण हो जायेंगे जिससे यहाँ से आने जाने वाले लगभग पांच लाख लोगों को बहुत अधिक सुविधा मिलेगी और मुझे पूरा विश्वास है की आने वाले समय में देवरिया एक दार्शनिक स्थल बनेगा और यह प्रमाणित करेगा की प्रधानमंत्री का जो जन भागीदारी का सन्देश है वह जमीन पर उतरा है ।
उक्त निरीक्षण में मंडल रेल प्रबंधक के साथ मुख्य इंजीनियर निर्माण राजीव कुमार, मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति) नागेन्द्र कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह,वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर(सामान्य) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर(Enhm) अभिषेक राय, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर यशबीर सिंह, मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर(गोरखपुर) अमित मणि त्रिपाठी, सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक डी.के.सिंह सहित वरिष्ठ पर्यवेक्षक तथा रेलवे कर्मचारी उपस्थित थे।
इसके पूर्व अपने निरीक्षण के क्रम में मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने भटनी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भटनी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 1,2 व 3 का निरीक्षण कर प्लेटफॉर्म पर स्थित विभिन्न कार्यलयों,यात्री प्रतीक्षालयों, पैदल उपरिगामी पुल एवं स्टॉलों का निरीक्षण किया और रख-रखाव एवं साफ-सफाई के विषय में संबंधित को निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने सर्कुलेटिंग एरिया में चल रहे विकास कार्यो का भी निरीक्षण किया तथा सर्कुलेटिंग एरिया में स्थित माइक्रोवेव कार्यालय एवं विद्युत पावर कार्यालय का भी निरीक्षण किया और साफ-सफाई के सम्बंध में निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने अनुपयोगी (Dump) सामग्रियों को शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया। मंडल रेल प्रबंधक ने वाराणसी सिटी-देवरिया सदर विन्डो ट्रेलिंग निरीक्षण के अंतर्गत इस रेल खण्ड पर परिचलनिक सुधार, संरक्षा, अस्थाई सतर्कता आदेशों का अनुपालन, रेल पथ,रेल बैलास्ट,ट्रैक स्क्रीनिंग,ओवर हेड ट्रैक्शन, एलाइनमेंट,सिगनल की दृश्यता एवं ट्रैक फिटिंग्स की संरक्षा परखी ।

निराश्रित पशुओं को ठंड से बचाव हेतु काउकोट की व्यवस्था

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के सभी निराश्रित गोआश्रयों के पशुओं को ठंड से बचाव हेतु मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अरविन्द कुमार वैश्य ने निर्देश दिया है कि, पशु शेड को तिरपाल से ढका जाए, सभी पशुओं के लिए अनिवार्य रूप से काउकोट एवं अलाव की भी व्यवस्था कर लिया जाए। इसी आदेश के क्रम में पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी ने विकास खंड बैतालपुर अन्तर्गत स्थापित अस्थाई निराश्रित गौआश्रय स्थल बलटिकरा के व्यवस्था का निरीक्षण किया एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भोलू राय एवं ग्राम सचिव नन्हें सिंह से इस संबंध में संपर्क किया एवं सभी के प्रयास से तत्काल पशु शेड को तिरपाल से ढका गया एवं सभी पशुओं को ठंड से बचाव हेतु काउकोट की भी व्यवस्था कर दिया गया। अलाव के लिए भी लकड़ी आदि की व्यवस्था कर लिया गया है। पशुओं के खान पान की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। साईलेज, भूसा, दाना एवं पराली की भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है।

बिजली के शार्ट सर्किट से कमरे में आग

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर क्षेत्र के गांव करकौर में गुरुवार की रात बिजली के शार्ट सर्किट से कमरे में आग लग गई। जिससे कमरे में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। किसी तरह आग पर काबू पाया गया। अरविंद कुमार ने बताया छत पर कमरा बना हैं, जिसमें घरेलू सामान सहित चारपाई अनाज आदि रखा था। रात करीब 9 बजे बिजली के शार्ट सर्किट से कमरे में आग लग गई, बच्चों ने कमरे से धुआं निकलते देखा तो जानकारी दी। किसी तरह आग पर काबू पाया गया।तब तक कमरे में रखा घरेलू सामान सहित चारपाई अनाज आदि जल कर राख हो गया। बताया कि घटना की सूचना अभी पुलिस को नहीं दी गई है।

लेखपाल सुधीर की मौत पर भड़का गुस्सा, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में लेखपालों का धरना

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) फतेहपुर में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शादी से ठीक पहले अवकाश न मिलने, एसआईआर कार्य के अत्यधिक दबाव तथा अफसरों की कथित फटकार के कारण मानसिक तनाव में आए सुधीर द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के बाद पूरे प्रदेश के लेखपालों में रोष व्याप्त है। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना का नाम एफआईआर में शामिल न किए जाने और कथित रूप से तहरीर बदलवाकर केस कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जनपद मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के लेखपालों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में धरना दिया। धरने में लेखपालों ने कहा कि यह घटना आत्महत्या नहीं, बल्कि अधिकारियों की असंवेदनशीलता से कारित हत्या है। उन्होंने सुधीर की माता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता बरतने जैसे प्रमुख मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की मांग की। धरने पर बैठे लेखपालों ने 6 सूत्री संबंधित प्रमुख मांग है।
धरने में खंड मंत्री आज़मगढ़ जय प्रकाश यादव, जिलाध्यक्ष मऊ राहुल बाबा, तहसील अध्यक्ष अनिल यादव, मंत्री सर्वेश कुमार, निर्भय प्रताप सिंह, सत्यपाल सिंह ,अंगद यादव, राजेंद्र राम, रामबदन राम ,रवि भारद्वाज, शिवलाल यादव, संतोष ,धर्मेंद्र गुप्ता, आशुतोष भारती ,ज्ञानचंद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। लेखपालों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पुनरीक्षण कार्यक्रम(SIR) के दौरान 30 नवंबर तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले बूथ लेवल अधिकारी होंगे सम्मानित:डीएम

मऊ( राष्ट्र की परम्परा )जिला अधिकारी प्रवीण मिश्र ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 30 नवंबर तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वालों वाले बूथ लेवल अधिकारियों को सम्मानित करने की का निर्णय लिया है। इसके पूर्व भी उन्होंने 29 नवंबर तक समस्त विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच बूथ लेवल अधिकारियों को सम्मानित करने की घोषणा की थी।इन सभी बूथ लेवल अधिकारियों को अगले कार्य दिवस में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्रथम चरण 4 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।इस बीच गणना प्रपत्र वितरण, कलेक्शन एवं बी एल ओ एप के माध्यम से फीडिंग का कार्य पूर्ण किया जाना है। उन्होंने जनपद के समस्त मतदाताओं से अपील भी किया कि अगर अभी भी गणना प्रपत्र बूथ लेवल अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराये है तो तत्काल उपलब्ध करा दें,जिससे 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल में आपका नाम दर्शित हो सके। साथ ही समय से बीएलओ एप के माध्यम से बूथ लेवल अधिकारी डिजिटाइजेशन कार्य को संपन्न कर सके।

SIR कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बीएलओ सम्मानित

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

एस0आई0आर0 कार्यक्रम के दौरान संबंधित गणना प्रपत्रों के संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य समयबद्ध रूप से शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर भाग संख्या 147, प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद (पश्चिम) के बीएलओ एवं सहायक अध्यापक रमेशचन्द्र वर्मा को सम्मानित किया गया। यह सम्मान आज दिनांक 28 नवंबर 2025 को सिकंदरपुर तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी/ईआरओ सिकंदरपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बीएलओ वर्मा के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए एसआईआर कार्यक्रम के अंतर्गत गणना फार्म के कलेक्शन और डिजिटाइजेशन का कार्य तय समय सीमा में सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कर्मठ और निष्ठावान कर्मचारियों से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर संबंधित एईआरओ अधिकारीगण तथा सत्यप्रकाश पटेल (सुपरवाइजर) भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अन्य बीएलओ एवं कर्मचारियों को भी प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया, ताकि भविष्य में निर्वाचन एवं प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न किया जा सके। प्रशासन द्वारा दिए गए इस सम्मान से शिक्षकों एवं बीएलओ में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

निर्वाचन कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर तीन बीएलओ हुए सम्मानित

323 विधानसभा के तीन बीएलओ को 100% फीडिंग पर डीएम ने किया सम्मानित

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर में एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) के अंतर्गत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 323 विधानसभा के तीन बीएलओ को शुक्रवार को जिला अधिकारी सभागार में आयोजित समारोह में जिलनिर्वाचन अधिकारी /जिलाधिकारी दीपक मीणा द्वारा सम्मानित किया गया। डीएम ने सभी को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में बीएलओ की भूमिका सबसे अहम होती है। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तीन बीएलओ 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र फीडिंग कर यह साबित कर दिया है कि सामूहिक प्रयास और समयबद्ध कार्य प्रणाली से बड़े लक्ष्य आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बूथवार सत्यापन, गृह-संपर्क और फीडिंग का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया की नींव है, जिसमें त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं रहती। ऐसे में इस टीम का कार्य प्रशासन और जिले के लिए गर्व की बात है।
डीएम दीपक मीणा ने तीनों बीएलओ की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से न केवल विधानसभा क्षेत्र ने अपना लक्ष्य समय से पूर्व प्राप्त किया, बल्कि जिले के अन्य इलाकों के लिए यह एक प्रेरणा का स्रोत भी बना है। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर लगातार मेहनत, जनसंपर्क और डाटा फीडिंग के प्रति जिम्मेदारी ही सफलता का आधार है।
सम्मानित बीएलओ ने कहा कि उन्हें दिया गया सम्मान भविष्य के कार्यों के लिए प्रेरणा प्रदान करेगा और वे निर्वाचन कार्यों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के साथ आगे भी जारी रखेंगे।
कार्यक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी /एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह रजिस्ट्रार कानूनगो हरि प्रकाश श्रीवास्तव सुपरवाइजर और संबंधित उपस्थित रहे।

डीएम ने दूसरे दिन भी फोन पर सुनी मतदाताओं की समस्याएं

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में मतदाताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई अभिनव पहल के क्रम में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा शुक्रवार को दूसरे दिन भी सुबह 11 बजे से 12 बजे तक फोन पर सीधे मतदाताओं से जुड़ते रहे। एक घंटे की इस जनसुनवाई में जिले की पांचों विधानसभाओं से कुल 26 मतदाताओं ने कॉल कर अपनी शिकायतें और शंकाएं दर्ज कराईं।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक कॉलर की बात ध्यान पूर्वक सुनी, और उनसे जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान करने हेतु संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कॉल करने वालों को एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाते हुए उन्हें निश्चिंत किया कि हर योग्य मतदाता का नाम सही रूप में मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा।
फरेंदा विधानसभा क्षेत्र के सोनबरसा निवासी राहुल ने 2003 की मतदाता सूची और पिछली सूची में नाम न होने की समस्या बताई। जिलाधिकारी ने उन्हें घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-06 भरने का निर्देश दिया। वहीं पनियरा क्षेत्र के रामसमुझ ने ऑनलाइन नाम गलत दर्ज होने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने एसआईआर के अंतर्गत सुधार की प्रक्रिया समझाई। फरेंदा के ही विजय ने वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद गणना प्रपत्र न मिलने की शिकायत की, जिस पर ईआरओ को तुरंत प्रपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
अन्य विधानसभाओं से भी कई मतदाताओं ने ऑनलाइन फॉर्म भरने, नाम संशोधन और सूची में शामिल किए जाने से संबंधित प्रश्न पूछे उन्होंने सभी को प्रक्रिया समझाते हुए आवेदन प्रपत्र सही तरीके से भरने के सुझाव दिए।
उन्होंने यह भी बताया कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत को संबंधित ईआरओ को भेजकर 24 घंटे के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य मतदाताओं में फैली भ्रांतियों को दूर करना, समस्याओं की पहचान करना और एसआईआर प्रक्रिया को सुगम बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2003 की मतदाता सूची सभी बीएलओ के पास उपलब्ध है, तथा मतदाता इसे बीएलओ, सहयोगी कर्मियों या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से भी प्राप्त कर सकते है।

डीएम का सख्त निरीक्षण: बीएलओ को फटकार, आईडी न पहनने पर कार्रवाई के आदेश

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को विकासखंड हनुमानगंज स्थित ग्राम बसंतपुर और पिपरौली के मतदान बूथों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ संख्या 15, 13 (बसंतपुर) तथा 12 (पिपरौली) पर मतदाता गणना प्रपत्र (फॉर्म) के संग्रहण की स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर तैनात बीएलओ मीरा देवी एवं माया यादव से अब तक एकत्र किए गए फॉर्मों की जानकारी ली। बीएलओ मीरा देवी ने बताया कि बूथ संख्या 15 पर कुल 936 मतदाताओं में से 450 फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं। वहीं बीएलओ माया यादव ने बताया कि उनके बूथ पर 1000 मतदाताओं में से 440 फॉर्म अब तक प्राप्त हुए हैं। निरीक्षण के दौरान आईडी कार्ड नहीं पहनने पर जिलाधिकारी ने बीएलओ मीरा देवी को कड़ी फटकार लगाई और एसडीएम सदर को निर्देश दिए कि संबंधित बीएलओ के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बीएलओ अनिवार्य रूप से सरकारी आईडी कार्ड एवं सरकारी झोला धारण कर ही ड्यूटी पर रहें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मतदाता गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने स्वयं बीएलओ के मोबाइल में स्कैनिंग प्रक्रिया प्रदर्शित कर प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में परेशानी हो, उनकी सहायता करना बीएलओ की जिम्मेदारी होगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शादी टूटने से आहत युवक ने की खुदकुशी, हत्या की आशंका पर भी जांच शुरू

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सिंदुरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत विश्वनाथपुर उर्फ पड़निया में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान शेषमणि पुत्र सुदामा निवासी पड़निया के रूप में हुई है। सुबह नित्यक्रिया के लिए निकले ग्रामीणों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल महराजगंज भेज दिया।
ग्रामीणों के अनुसार मृतक शेषमणि गुरुवार की रात लगभग 11 बजे किसी फोन कॉल पर घर से निकला था। बताया जाता है कि वह बीते दिन रामपुर महुअवां में आयोजित मुंडन संस्कार में भोजन करने भी गया था। हालांकि सुबह उसका शव पेड़ से लटका मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
ग्रामीणों में चर्चा है कि युवक की शादी पास के ही मोहनापुर गांव, लालगंज टोला की एक युवती से तय हुई थी। वह युवती से विवाह के लिए उत्सुक था, लेकिन किसी कारणवश यह रिश्ते टूट गया था। परिजनों और ग्रामीणों का मानना है कि विवाह टूटने के कारण युवक मानसिक रूप से आहत था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया हो।
इस संबंध में थानाध्यक्ष सिंदुरिया राजकुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। उन्होंने कहा कि परिजनों से तहरीर मिलने पर मुकदमा पंजीकृत कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पूरे गांव में शोक व्याप्त है और लोग मामले की सच्चाई सामने आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

टूटते रिश्ते और बिखरता परिवार: बदलते समय में क्यों कमजोर हो रहे पारिवारिक संबंध?

बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आधुनिक समय में मनुष्य जितनी तेजी से प्रगति कर रहा है, उतनी ही तेजी से उसके रिश्ते कमजोर होते दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवारों में बंटते जा रहे हैं। माता-पिता बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और जीवन निर्माण के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं, लेकिन बदले में वही भावनात्मक निकटता और सम्मान अक्सर देखने को नहीं मिलता।

एक समय था जब परिवार सिर्फ साथ रहने की जगह नहीं, बल्कि संस्कार, अपनापन और सुरक्षा का केंद्र होता था। कहा जाता है—
“पिता जैसा कोई सलाहकार नहीं, मां का आंचल सबसे बड़ी दुनिया है, भाई सर्वोत्तम साथी और बहन सच्ची शुभचिंतक होती है।”
यह पंक्तियाँ उस दौर की याद दिलाती हैं, जब रिश्ते निभाए जाते थे, निभाने का दिखावा नहीं किया जाता था।

लेकिन आज के भौतिकवादी दौर में पारिवारिक संरचना तेजी से बदल रही है। लोग अपने-अपने जीवन में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि परिवार की गर्माहट और रिश्तों की मिठास पीछे छूटती जा रही है। चाचा, मामा, मौसी जैसे रक्त संबंध भी अब बच्चों के जीवन से धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं। मोहल्ले तक के बच्चे एक-दूसरे से अनजान हो चुके हैं।

पहले कहा जाता था—“घर छोटा हो, लेकिन परिवार बड़ा।” संयुक्त परिवार में बच्चों को सुरक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक धरोहर मिलती थी। परंतु आज निजता (Privacy) ने व्यक्ति को अपनों से दूर कर दिया है। यही कारण है कि सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ता जा रहा है।

आज समय की मांग है कि लोग अपने दिल-दिमाग के दरवाजे खोलें, परिवार के महत्व को समझें और रिश्तों को फिर से जीवंत बनाएं। यदि हम परिवार, पड़ोस और गांव को फिर से एक सूत्र में पिरो सकें, तो रिश्तों की खोई मिठास अवश्य लौट सकती है।

सीमा त्रिपाठी
शिक्षिका एवं साहित्यकार

दुबई में प्रवासी श्रमिक की संदिग्ध मौत! 15 साल से काम कर रहे सुग्रीव चौधरी की मौत पर उठे सवाल, परिवार ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। घुघली थाना क्षेत्र के अहिरौली टोला गौरा दुबे निवासी सुग्रीव चौधरी (47) की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से गांव में शोक और गहरी चिंता का माहौल है। करीब 15 वर्षों से दुबई में कार्यरत सुग्रीव अपने परिवार का सहारा थे, परंतु उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों के अनुसार सुग्रीव लगभग 13 महीने पहले दुबई गए थे। उनके बेटे गोरख चौधरी ने बताया कि दिवाली से एक दिन पहले पिता से अंतिम बार बात हुई थी। बातचीत के बाद अचानक उनका मोबाइल बंद हो गया और संपर्क टूट गया।

इस बीच दुबई से मिली जानकारी में दावा किया गया कि सुग्रीव जिस कंपनी में काम करते थे, उससे वह तीन महीने पहले ही अलग हो चुके थे। जबकि दिवाली से पहले हुई बातचीत में सुग्रीव ने खुद बताया था कि वे अब भी उसी कंपनी में कार्यरत हैं। यह विरोधाभास परिवार के संदेह को और गहरा कर रहा है।

गांव में जैसे ही सुग्रीव की मौत की खबर फैली, पूरा माहौल शोकाकुल हो गया। परिवार ने मौत को पूरी तरह संदिग्ध बताते हुए कहा कि जब तक रहस्य स्पष्ट नहीं होता, वे शांत नहीं बैठेंगे। परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही सुग्रीव का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की अपील भी की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुग्रीव की मौत ने एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों की कामकाजी स्थितियों, सुरक्षा और कंपनी जवाबदेही पर बड़ा सवाल उठा दिया है।

संदिग्ध मौत से लेखपालों में आक्रोश, सिकंदरपुर तहसील पर जोरदार धरना-प्रदर्शन

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से प्रदेशभर के लेखपालों में भारी आक्रोश है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के महामंत्री विनोद कुमार कश्यप के आह्वान पर शुक्रवार को सिकंदरपुर तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह उर्फ हुकुम सिंह ने किया।

प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि अब उनकी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेखपालों का कहना था कि सुधीर कुमार की मौत सेवा शर्तों की अनदेखी, अत्यधिक कार्य दबाव और सुरक्षा व्यवस्था की कमी का परिणाम है। धरने में लेखपालों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं।

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इनमें घटना की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच, लेखपालों पर लादे जा रहे गैर-राजस्व कार्यों को बंद करना, अतिरिक्त कार्यों के लिए स्पष्ट मानक तय करना, सुरक्षा व संसाधन उपलब्ध कराना, खाली पदों पर शीघ्र भर्ती और लंबित पदोन्नति व सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान शामिल रहा। साथ ही मृतक लेखपाल के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई।

प्रदर्शन में रंजीत कुमार वर्मा, जनार्दन वर्मा, संजीत यादव, रवि प्रकाश सिंह, प्रमोद गुप्ता, ईश्वर दयाल यादव सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चले धरने के बाद लेखपालों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ, लेकिन लेखपालों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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धरना पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों से मिले पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, आश्वासन के बाद समाप्त हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन

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राँची (राष्ट्र की परम्परा)। चंदनकियारी प्रखंड परिसर में नौ सूत्री मांगों को लेकर मुखिया संघ के आह्वान पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर शुक्रवार को बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने धरना स्थल पहुंचकर पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।

मुलाकात के दौरान उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद मुखिया संघ ने अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की।

अमर कुमार बाउरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के 15वें वित्त आयोग का फंड नहीं मिलने से त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान रुक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के हित में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।

इसी दौरान उन्होंने फोन पर जिलाधिकारी से यह भी पूछा कि धरना अवधि में प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मिलने क्यों नहीं पहुंचा। उपायुक्त ने बताया कि वे “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में व्यस्त थे, और अब जल्द ही मुखिया संघ के प्रतिनिधियों से मिलने का समय निर्धारित कर दिया गया है।

मुखिया संघ की प्रमुख मांगें:

• दो वित्तीय वर्षों का 15वें वित्त आयोग का बकाया फंड जारी किया जाए

• राज्य वित्त आयोग का फंड आवंटन

• आवास योजना में मुखिया का हस्ताक्षर अनिवार्य किया जाए

• मुखिया को 30 लाख का बीमा कवर

• केरल की तर्ज पर मानदेय लागू करना

• “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम का खर्च मुखिया को दिया जाए

• पंचायतों को DMFT फंड का अधिकार मिले

इन मुद्दों को लेकर प्रतिनिधि कई दिनों से धरने पर बैठे थे, जिसे अब आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।