Monday, June 29, 2026
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भटनी में कृषि निवेश मेला आयोजित, किसानों को नई तकनीक व योजनाओं की मिली जानकारी

भटनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों को नवीन तकनीक व सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से विकास खंड भटनी प्रांगण में एक दिवसीय कृषि निवेश मेला/गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि सूचना तंत्र एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम 2025 के तहत आयोजित हुआ।

मेले में कृषि निवेश, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा कृषि संबंधी सूचनाओं को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामेश्वर पांडेय ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है तथा उत्तर प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि कार्यों पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि यह मेला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आयोजित किया गया है।

सहायक विकास अधिकारी कृषि आशीष कुमार गुप्ता ने किसानों को कृषि ऋण, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बीज एवं भूमि शोधन केंद्र की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

गोष्ठी को सुरेश चंद्र वर्मा, फूलचंद्र निषाद और शिवशरण मिश्रा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार मिश्र ने किया।

इस अवसर पर वकील यादव, संतोष कुमार सैनी, भास्कर चौहान, अभिषेक चौहान, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनी जनसमस्याएं, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने क्षेत्रवासियों की जनशिकायतों की सुनवाई की। समाधान दिवस में कुल 45 प्रकरण जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत हुए, जिनमें से 07 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग अधिकारी स्वयं करें, और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के साथ आख्या और स्पॉट मेमो अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान मिल सके।
समाधान दिवस को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न विभागों की विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। परिसर में हेल्प डेस्क, आयुष्मान डेस्क, आयुष स्वास्थ्य शिविर और यूडीआईडी शिविर का आयोजन किया गया। इसमें आए फरियादियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा मौके पर ही आयुष्मान कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए। साथ ही यूडीआईडी हेतु पंजीकरण की सुविधा भी दी गई। हेल्प डेस्क के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया गया, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिली।
संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना, सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार, तहसीलदा पंकज शाही, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव, ईओ नगर पालिका आलोक कुमार, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में फरियादियों ने भी जिलाधिकारी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

सलेमपुर में सूचना नहीं देने और उल्टा आरोपी बनाने का आरोप, सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दाखिल

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। तहसील सलेमपुर के निजामाबाद गांव निवासी आमिर खान ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई सूचना न देने और उल्टा उन्हें आरोपी बनाने का आरोप लगाया है।

प्रार्थी आमिर खान ने उपजिलाधिकारी सलेमपुर को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि वह पिछले एक वर्ष तीन महीनों से ग्राम सचिव त्रिलोकीनाथ शाह से तीन बिंदुओं पर जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन सचिव लगातार टालमटोल करते हुए जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं।

आमिर खान के अनुसार, दिनांक 29 अगस्त 2025 को उन्होंने जिलाधिकारी को पोस्ट के जरिए सूचना दी थी। इसके बाद 10 सितंबर 2025 को निदेशक पंचायती राज को भी पत्र भेजकर मामले की शिकायत की। इसी क्रम में 28 सितंबर 2025 को उन्होंने आईजीआरएस के माध्यम से भी मामले को अवगत कराया। परंतु उनका आरोप है कि सचिव त्रिलोकीनाथ शाह और ग्राम प्रधान शोभा यादव ने मिलीभगत कर आईजीआरएस रिपोर्ट में उन्हें ही आरोपी घोषित कर दिया, जिसकी खबर अखबार में भी प्रकाशित हुई।

प्रार्थी का कहना है कि सहायक विकास अधिकारी की ओर से उन्हें लिखित रूप से यह सूचना मिली थी कि किसी भी कार्यदिवस में सचिव से मिलकर वह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सचिव और प्रधान जानकारी देने से साफ इनकार कर देते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग कर भगा देते हैं।

आमिर खान ने आशंका जताई है कि जिन बिंदुओं पर उन्होंने सूचना मांगी है, उनमें बड़े घोटाले की संभावना है, इसी कारण जानकारी छिपाई जा रही है।

उन्होंने उ केपजिलाधिकारी से मामले को संज्ञान में लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

राजकमल तिवारी के अपहरण की साजिश नाकाम, एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़—बदमाश घायल, तीन गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में अपहरण के बड़े गैंग की साजिश उस समय नाकाम हो गई जब शुक्रवार देर रात गोरखपुर एसटीएफ और देवरिया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर महदहा–डुमवलिया मार्ग पर बदमाशों को घेर लिया। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ गोविंद यादव गोली लगने से घायल हो गया, जबकि मंजीत यादव और नितेश यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिज़ायर कार से आए अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

बड़े व्यापारी के अपहरण की थी योजना

गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उनका संगठित गिरोह सलेमपुर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यापारी राजकमल तिवारी और अरविंद तिवारी उर्फ चुन्नू तिवारी में से किसी एक का अपहरण कर 5 करोड़ की फिरौती क्रिप्टोकरेंसी में वसूलने की योजना बना चुका था। गिरोह दो दिन से सलेमपुर और पड़री तिवारी क्षेत्र में सक्रिय था और व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी गैंग को सूरज गौड़ नाम का शख्स दे रहा था, जो पहले भी गिरोह के साथ जेल में रह चुका है।

नेपाल में छिपाने की थी योजना

गिरोह के सदस्यों ने बताया कि फिरौती वसूलने के बाद पीड़ित को नेपाल ले जाकर छिपाने की योजना थी, जहाँ सूरज गौड़ के संपर्क सक्रिय हैं। गैंग में हिमांशु यादव को “बॉस” माना जाता है, जो कई जिलों में हत्या, लूट और अपहरण जैसे मामलों में शामिल रहा है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

रात लगभग 12:30 बजे एसटीएफ और पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर महदहा–डुमवलिया मार्ग पर घेराबंदी की। जांच के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट डिज़ायर कार तेजी से आई। पुलिस का परिचय देने और रुकने का इशारा करने पर कार सवारों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नियंत्रित बल प्रयोग किया।

भागने के प्रयास में बुलेट सवार बदमाश गिर पड़े। पीछे बैठा हमलावर पुलिस पर लगातार दो पिस्टल से फायरिंग करता रहा। चेतावनी के बावजूद न रुकने पर पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में हिमांशु यादव घायल होकर गिर पड़ा। उसके पास से 32 बोर की दो पिस्टल, मैगजीन व कारतूस बरामद हुए।

मंजीत यादव और नितेश यादव के पास से दो देशी तमंचे, चार कारतूस और नकदी बरामद हुई। भाग रहे अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।

बरामदगी

02 पिस्टल .32 बोर

02 मैगजीन

03 जिंदा कारतूस .32 बोर

02 खोखा कारतूस

02 देसी तमंचा .315 बोर

04 जिंदा कारतूस .315 बोर

बिना नंबर की बुलेट जब्त (धारा 207 एमवी एक्ट)

एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम

इस पूरी कार्रवाई में एसटीएफ गोरखपुर की विशेष टीम शामिल रही, जिनमें प्रमुख रूप से—

निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह (प्रभारी एसटीएफ टीम)

डीएसपी एसटीएफ यूपी धर्मेश कुमार शाही

उपनिरीक्षक यशवंत सिंह

टीम सदस्य:
आशुतोष तिवारी, महेंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, चंद्रभूषण सिंह,
आदित्य पांडेय, गौरव सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, नसरुद्दीन,
शिवानंद उपाध्याय, मोहम्मद इमरान ,साथ ही देवरिया पुलिस, सलेमपुर कोतवाली पुलिस सर्विलांस सेल भी अभियान में शामिल रहे।

राजकमल तिवारी ने जताया धन्यवाद

इस घटना में टारगेट रहे व्यापारी राजकमल तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत में एसटीएफ और पुलिस टीम को दिल से धन्यवाद और प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कहा—

“यदि पुलिस समय पर कार्रवाई न करती तो आज बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पूरी एसटीएफ और पुलिस टीम का आभार, जिन्होंने हमारी जान बचाई।”

वेरिफिकेशन में लापरवाही: 72 हजार शिक्षकों के दस्तावेज फंसे, शिक्षा विभाग चिंतित

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण–पत्रों की जांच (Bihar Teacher Certificate Verification Pending) वर्षों से जारी है, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और विभागीय लापरवाही के कारण अब तक हजारों सर्टिफिकेट लंबित पड़े हुए हैं। हालात यह हैं कि कई जिलों में आज भी ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता की आधिकारिक पुष्टि पूरी नहीं हो सकी है। जिस गति से वेरिफिकेशन का काम चल रहा है, उसे देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले दस वर्षों में भी यह प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल लग रहा है।

शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 72,287 शिक्षकों के प्रमाण–पत्र विभिन्न बोर्डों और विश्वविद्यालयों में फंसे हुए हैं। सबसे अधिक लंबित 46,681 दस्तावेज बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के पास हैं। वहीं संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, मिथिला विश्वविद्यालय और पटना विश्वविद्यालय में भी हजारों प्रमाण–पत्र सत्यापन के इंतजार में हैं।

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प्राथमिक शिक्षा सचिव दिनेश कुमार ने सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे लंबित सर्टिफिकेट का सत्यापन संबंधित बोर्डों व विश्वविद्यालयों से शीघ्र कराएं। यह प्रक्रिया 2014 में हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर 2006 से 2015 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए लागू की गई थी।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष जनवरी तक कुल 3,52,927 शिक्षकों और लाइब्रेरियन की नियुक्ति से जुड़ा वेरिफिकेशन कार्य अधूरा था। सचिवों के पास नियुक्ति के दस्तावेज सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थी, लेकिन कई मामलों में समय पर कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके। हालांकि विभाग ने कार्रवाई के संकेत दिए थे, लेकिन वह अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है।

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शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए यह आवश्यक है कि प्रमाण–पत्रों की जांच शीघ्र पूरी की जाए, अन्यथा इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।

पत्रकार और पुलिस की तत्परता से तीन दिन से बीमार पड़े अज्ञात व्यक्ति की बची जान

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जैतीपुर गढ़िया रंगीन कस्बे में बीते तीन दिनों से एक अज्ञात व्यक्ति पुरानी चौकी के पास स्थित यात्री स्टैंड में बीमार अवस्था में पड़ा हुआ था। आसपास के लोगों द्वारा जानकारी मिलने पर स्थानीय राष्ट्र की परम्परा के पत्रकार अनमोल यादव मौके पर पहुंचे और तत्काल थाना प्रभारी हरिकेश सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तुरंत दो कांस्टेबल मौके पर भेजे। जांच में व्यक्ति की हालत गंभीर पाई गई और उसे तत्काल उपचार की आवश्यकता बताई गई। इसके बाद पत्रकार अनमोल यादव ने 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से पुलिस स्टाफ के सहयोग से उस अज्ञात व्यक्ति को जिला अस्पताल भिजवाया। समय रहते मिले उपचार से उसकी जान बचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।

विद्यालय से घर जा रहे छात्र को बस ने रौदा हुई मौत

मचा कोहराम, परिजनो का रो रो कर बुरा हाल

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार की सुबह नगर पालिका गेट के सामने नगर की मुख्य सड़क पर मुख्य चौक की तरफ से आ रही बस तथा विद्यालय से आ रहा बाइक सवार छात्र को बस ने साइड से टक्कर मार दी जिससे बाईक सवार छात्र बस के पहिए के चपेट आ गया, जिसकी हालत गम्भीर हो गई। आनन फानन मे स्थानीय लोग ने तुरंत ई रिक्सा से बरहज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डाक्टर ने जांच कर मृत्यु घोषित कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत जयनगर निवासी रतन सोनकर 20,पुत्र गुड्डू सोनकर की नगर पालिका गेट के सामने नगर के मुख्य सड़क पर शनिवार की सुबह 9:45 पर, चौराहे की ओर से आ रही बस और सामने से आ रहे बाइक सवार छात्र रतन सोनकर को बस ने टक्कर मार दी जिससे बाईक सवार रतन बस के पहिए के चपेट आ गया, गंभीर हालत को देखते हुए, स्थानीय लोगो ने ई रिक्शा द्वारा उसे सीएचसी पहुंचाया, जहाँ डाक्टर ने प्राथमिक जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सुचना मिलते ही नगर मे कोहराम मच गया, स्वास्थ्य केंद्र पर पहुँचे परिजनो का रो रो कर बुरा हाल हो गया वही खबर मिलते ही केंद्र पर पास पड़ोस के लोगो की भारी भीड़ इकठ्ठा हो गया। वही सुचना पाकर थाना अध्यक्ष दिनेश मौर्या अपने सुरक्षा बलो के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँच कर शव को कब्जे मे लेकर पंचायत नामा बनाकर, पोस्टमार्टम के लिए देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया भेज दिया।
रतन सोनकर 3भाइयों एवं एक बहन मे सबसे छोटा था वह पढ़ाई करता था।पिता मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है। वही माँ का रो रो कर बुरा हाल हो गया है।

इंडिगो की बाधा के बाद रेलवे का बड़ा कदम, लाखों यात्रियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लगातार कई दिनों तक इंडिगो की उड़ानों में बाधा आने के बाद देशभर के लाखों यात्रियों के सामने यात्रा का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। ऐसे समय में भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनें यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। शनिवार को रेलवे ने प्रमुख गलियारों पर कई स्पेशल ट्रेनें शुरू करने के साथ ही लंबी दूरी की लोकप्रिय ट्रेनों में अतिरिक्त एसी कोच जोड़कर सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिल रहा है, जो अब हवाई यात्रा के विकल्प के तौर पर रेल मार्ग का सहारा ले रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मध्य, पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी रेलवे जोनों ने विशेष सेवाएं शुरू कर दी हैं। पुणे-बेंगलुरु, पुणे-दिल्ली, मुंबई-नई दिल्ली, मुंबई-गोवा, लखनऊ-मुंबई, नागपुर-मुंबई और गोरखपुर-मुंबई जैसे व्यस्त रूट्स पर भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। वहीं पूर्वी रेलवे ने हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन की घोषणा की है, जो 6 दिसंबर को रवाना होकर 8 दिसंबर को वापसी करेगी।

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पश्चिमी तट पर बढ़ती छुट्टियों और वीकेंड ट्रैफिक को देखते हुए 7 दिसंबर को एक आरक्षित मुंबई-मडगाँव स्पेशल ट्रेन भी चलेगी, जिसकी वापसी यात्रा अगले दिन निर्धारित है। रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों की मांग का रियल-टाइम आकलन करते हुए और भी भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनें शुरू की जाएंगी।

सिर्फ नई ट्रेनें ही नहीं, बल्कि मौजूदा सेवाओं में अतिरिक्त कोच जोड़कर भी बड़ी क्षमता बढ़ाई गई है। बेंगलुरु-अगरतला हमसफर एक्सप्रेस, मंगलुरु-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस, बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस और मुंबई-मंगलुरु सेक्टर की ट्रेनों में अतिरिक्त एसी कोच जोड़े गए हैं। कुल 37 ट्रेनों में 116 नए कोच लगाए गए हैं, जिससे 114 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जा रहे हैं और करीब 4.9 लाख यात्रियों को फायदा मिल रहा है।

उत्तर रेलवे ने भी जम्मू और डिब्रूगढ़ राजधानी ट्रेनों में 3एसी कोच और चंडीगढ़ व अमृतसर शताब्दी में अतिरिक्त चेयर कार जोड़कर सेवाएं सशक्त की हैं। इस समय रेलवे नेटवर्क रोजाना करीब 35,000 अतिरिक्त यात्रियों को संभाल रहा है और आने वाले दिनों में लगभग 26 लाख यात्रियों को सेवा देने की तैयारी में है। साफ है कि भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनें इस मुश्किल दौर में देश की यात्रा व्यवस्था को मजबूत सहारा दे रही हैं।

आधुनिक भारत के निर्माता नेहरू को बदनाम करने की साजिश? कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत को लेकर हो रहे कथित “अपमान और विकृति” के प्रयासों पर तीखा हमला बोला है। राजधानी दिल्ली स्थित जवाहर भवन में नेहरू सेंटर इंडिया के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को बदनाम करने का मामला नहीं है, बल्कि देश की वैचारिक, सामाजिक और संवैधानिक नींव पर सीधा प्रहार है।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ताधारी प्रतिष्ठान का मुख्य उद्देश्य नेहरू की ऐतिहासिक भूमिका को कमतर दिखाना और उनके योगदान को गलत संदर्भों में प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान निर्माण में जवाहरलाल नेहरू की भूमिका निर्णायक रही है, जिसे नकारने या विकृत करने की कोशिश दरअसल इतिहास को फिर से लिखने की एक सुनियोजित साजिश है।

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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्तित्व के विचारों और कार्यों का निष्पक्ष विश्लेषण लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जानबूझकर तथ्यों में हेरफेर करना, बयान तोड़-मरोड़ कर पेश करना और एकतरफा दृष्टिकोण के जरिए अपमानित करना अस्वीकार्य है। सोनिया गांधी के अनुसार, यह प्रवृत्ति उन ताकतों से प्रेरित है, जिनका न तो स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान रहा और न ही संविधान निर्माण में।

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। वैज्ञानिक सोच, औद्योगिक विकास, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आईआईटी, इसरो, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और पंचवर्षीय योजनाएं उसी सोच की देन हैं, जिसने भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने की दिशा दी।

सोनिया गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को तथ्यों और प्रमाणों के साथ समझें, न कि राजनीतिक प्रोपेगेंडा के आधार पर। उन्होंने कहा कि आज जब देश में वैचारिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है, तब नेहरू के लोकतांत्रिक, समावेशी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को फिर से समझने की जरूरत पहले से कहीं अधिक है।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे आने वाले समय में एक बड़े वैचारिक विमर्श की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

पटना–दरभंगा से आनंद विहार के लिए स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देशभर में हवाई उड़ानों के संचालन में अस्थिरता और लगातार रद्द हो रही फ्लाइट्स के बीच रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना और दरभंगा से आनंद विहार टर्मिनल के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को सस्ता, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मिलेगा।

पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि इन विशेष ट्रेनों का संचालन सीमित दिनों के लिए किया जाएगा ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रा सुगम बनाई जा सके।

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स्पेशल ट्रेनों की समय-सारणी

02309 पटना–आनंद विहार स्पेशल ट्रेन
यह ट्रेन 6 और 8 दिसंबर को रात 8:30 बजे पटना से प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 3:00 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी।

02310 आनंद विहार–पटना स्पेशल ट्रेन
7 और 9 दिसंबर को शाम 7:00 बजे आनंद विहार से खुलकर अगले दिन दोपहर 2:00 बजे पटना पहुंचेगी।

इसके साथ ही एक अतिरिक्त सेवा भी शुरू की जा रही है:

02395 पटना–आनंद विहार स्पेशल
7 दिसंबर को रात 8:30 बजे पटना से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 3:00 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

02396 आनंद विहार–पटना स्पेशल
8 दिसंबर को शाम 7:00 बजे दिल्ली से चलकर अगले दिन दोपहर 2:00 बजे पटना पहुंचेगी।

समस्तीपुर डिवीजन अलर्ट मोड पर

समस्तीपुर रेल मंडल की सीनियर डीसीएम अनन्या स्मृति के अनुसार, डिवीजन यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जा सकते हैं और स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इंडिगो संकट के बीच रेलवे बना सहारा

गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में लगातार तकनीकी और ऑपरेशनल समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे चौथे दिन भी हजारों उड़ानें रद्द रहीं। इसका सीधा असर बिहार से दिल्ली तक के रूट पर देखने को मिला, जहां अचानक विमान किराया इतनी तेजी से बढ़ गया कि वह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए को भी पार कर गया।

ऐसे समय में पटना से आनंद विहार स्पेशल ट्रेन और दरभंगा रूट की ट्रेनें आम लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। रेलवे का यह कदम यात्रियों की जेब और समय दोनों की बचत करेगा।

लोकसभा में उठी वैवाहिक बलात्कार कानून की मांग: अधिकार बनाम परंपरा के बीच छिड़ी नई बहस

दुरुपयोग की आशंका और कानूनी जटिलताएं

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोकसभा में कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा वैवाहिक बलात्कार कानून को लेकर पेश किए गए निजी विधेयक ने देशभर में एक नई और तीखी बहस को जन्म दे दिया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य विवाह के भीतर भी महिला की सहमति और शारीरिक स्वायत्तता को कानूनी मान्यता दिलाना है। थरूर का कहना है कि अगर किसी महिला की सहमति के बिना उसके साथ संबंध बनाए जाते हैं, तो वह अपराध की श्रेणी में होना चाहिए, भले ही वह विवाह के दायरे में क्यों न हो।

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हालांकि यह प्रस्ताव सुनने में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा जैसा लगता है, लेकिन इसके दूरगामी सामाजिक और कानूनी प्रभावों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत में विवाह को केवल एक कानूनी अनुबंध नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक संस्था माना जाता है। ऐसे में वैवाहिक बलात्कार कानून को लागू करना सीधे तौर पर इस परंपरागत ढांचे को चुनौती देने जैसा माना जा रहा है।

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केंद्र सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क दे चुकी है कि अगर भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद को हटाया गया, तो विवाह संस्था पर गहरा असर पड़ेगा। सरकार की चिंता यह भी है कि इस प्रकार के कानून का दुरुपयोग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सहमति या असहमति जैसे अत्यंत निजी पहलुओं की जांच पुलिस और अदालत कैसे करेंगी, यह एक बड़ी व्यावहारिक समस्या बन सकती है।

समर्थकों का कहना है कि इस कानून से महिलाओं को वैवाहिक हिंसा से सुरक्षा मिलेगी, जबकि विरोधी पक्ष मानता है कि इससे दांपत्य जीवन में अविश्वास, डर और कानूनी दखल बढ़ेगा। हर छोटे घरेलू विवाद के कानूनी रूप लेने से न केवल परिवारों में तनाव बढ़ेगा, बल्कि न्यायिक प्रणाली पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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एक और गंभीर पहलू यह है कि भारत में पहले से ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और क्रूरता के खिलाफ कड़े कानून मौजूद हैं। ऐसे में नया वैवाहिक बलात्कार कानून जोड़ने से न्याय प्रक्रिया और अधिक जटिल होने की आशंका जताई जा रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि पति-पत्नी के रिश्ते में संवाद, परामर्श और सामाजिक जागरूकता ज्यादा कारगर समाधान हो सकता है, बजाय इसके कि हर विवाद को अपराध की श्रेणी में डाल दिया जाए।

महिला सशक्तिकरण निस्संदेह आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या इसका रास्ता केवल कठोर कानूनों से होकर ही निकलता है, या फिर शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सोच में बदलाव ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।

फिलहाल, वैवाहिक बलात्कार कानून का मसला सिर्फ संसद या अदालत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के हर वर्ग में चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना यह है कि देश इस संवेदनशील मुद्दे पर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

भारत–दक्षिण अफ्रीका निर्णायक वनडे आज, रोहित–कोहली पर भारी उम्मीदें; युवाओं के लिए बड़ा मौका

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विशाखापत्तनम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज तीसरा और निर्णायक वनडे खेला जाएगा। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है, ऐसे में टीम इंडिया जीत के साथ सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। टेस्ट सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम पर दबाव और अधिक बढ़ गया है। मुकाबला दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा और टॉस 1 बजे होगा।

RO-KO जोड़ी पर टीम इंडिया की नजर

कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली इस मैच में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। दोनों खिलाड़ियों ने हाल के मैचों में लगातार दमदार प्रदर्शन किया है। कोहली ने पिछली तीन पारियों में दो शतक और एक अर्धशतक, जबकि रोहित शर्मा ने एक शतक व दो अर्धशतक जमाए हैं। निर्णायक मुकाबलों में इन दोनों का अनुभव भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

जायसवाल और युवा खिलाड़ियों पर दबाव

ऋतुराज गायकवाड़ पिछली पारी में शतक लगाकर फॉर्म में लौटे हैं, लेकिन यशस्वी जायसवाल अभी भी लय में नहीं हैं। लेफ्ट-आर्म तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी कमजोरी बार-बार सामने आ रही है। मार्को यानसेन और नांद्रे बर्गर के सामने भी वह संघर्ष करते नजर आए। यदि इस मैच में भी प्रदर्शन प्रभावी नहीं हुआ, तो टीम गायकवाड़ को ओपनिंग भेजने पर विचार कर सकती है।

पिच और रिकॉर्ड भारत के पक्ष में

विशाखापत्तनम का मैदान बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। भारत ने यहां खेले गए 10 में से 7 मैच जीते हैं। ओस मैच में अहम भूमिका निभा सकती है, और टॉस जीतना बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि भारत पिछले 20 वनडे मैचों से टॉस नहीं जीत पाया है।

टीम संयोजन में बदलाव की संभावना

भारत अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है। वॉशिंगटन सुंदर की जगह तिलक वर्मा को मौका मिल सकता है, जो बल्लेबाजी के साथ स्पिन और फील्डिंग में भी योगदान देते हैं। ऋषभ पंत भी विकल्प हैं, लेकिन टीम बैलेंस को देखते हुए तिलक का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

गेंदबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी

अर्शदीप सिंह ने नए गेंद से लगातार अच्छी गेंदबाजी की है। प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा से भी टीम को महत्वपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद है। यदि कृष्णा फॉर्म में नहीं लौटते, तो टीम ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को मौका दे सकती है।

दक्षिण अफ्रीका भी पूरी तैयारी में

दक्षिण अफ्रीका का लक्ष्य भी वनडे सीरीज जीतकर भारत दौरे का अंत मजबूत करना है। हालांकि टीम नांद्रे बर्गर और टोनी डी जॉर्जी की फिटनेस को लेकर चिंतित है, क्योंकि दोनों पिछले मैच में चोटिल हो गए थे।

संभावित प्लेइंग-11

भारत

रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर/नीतीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा/प्रसिद्ध कृष्णा

दक्षिण अफ्रीका

तेम्बा बावुमा (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, एडेन मार्करम, मैथ्यू ब्रीट्जके, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, ओटनील बार्टमैन, रेयान रिकेलटन

अवैध खनन और जमीन माफिया पर प्रहार, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू

बिहार में कानून-व्यवस्था पर सख्ती: सम्राट चौधरी का 3 महीने का अल्टीमेटम, अवैध खनन और फर्जी जमीन सौदों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई के निर्देश

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में कानून व्यवस्था सुधार को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पटेल भवन में पहली बार बतौर गृह मंत्री समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने राज्य के पुलिस और प्रशासनिक महकमे को तीन महीने के भीतर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में डीजीपी, विभिन्न विभागों के डीजी, एडीजीपी, आईजी, डीआईजी, जिला पुलिस अधीक्षकों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी हाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सम्राट चौधरी ने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालू, पत्थर और खनिज संसाधनों की तस्करी पर रोक लगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही फर्जी जमीन सौदों में शामिल लोगों की पहचान के लिए एक विशेष तंत्र बनाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार अपराधियों और माफियाओं के लिए नहीं है। जमीन माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो भी कानून तोड़ेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा – या तो सुधरना होगा या बिहार छोड़ना होगा।

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इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर महीने उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनें और समाधान करें, ताकि निवेश का माहौल बेहतर हो सके। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गठित अभया ब्रिगेड को और अधिक सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।

सम्राट चौधरी की यह सख्त पहल बिहार में कानून व्यवस्था सुधार की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिससे राज्य की छवि और सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हिमाचल में महिला मतदाता लिंग अनुपात बढ़ा: विशेष अभियान से मिले सकारात्मक नतीजे

शिमला (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। हिमाचल प्रदेश में महिला मतदाताओं का लिंग अनुपात लगातार बेहतर हो रहा है। निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जागरूकता और पंजीकरण अभियान के बाद यह अनुपात 981 से बढ़कर 983 पहुँच गया है। औसत से कम महिला मतदाता अनुपात वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से फोकस किया गया, जिसके बाद कई विधानसभा क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।

प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने बताया कि किसी भी देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने में महिलाओं की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 10 जिलों के ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया, जहाँ महिला मतदाता लिंग अनुपात औसत से कम दर्ज किया गया था।

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पिछले छह महीनों में कई विधानसभा क्षेत्रों में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार—

भरमौर: 930 से बढ़कर 948, इंदौरा: 939 से बढ़कर 952, फतेहपुर: 972 से 976, बंजार: 967 से 968, करसोग: 972 से 977, सिराज: 935 से 939, द्रंग: 970 से 972, चिंतपूर्णी: 959 से 961, श्री नयना देवी: 962 से 966, नालागढ़: 956 से 959, दून: 922 से 925, कसौली: 949 से 951, शिलाई: 820 से 833, शिमला: 934 से 936, रामपुर: 946 से 950, रोहड़ू: 955 से 967 इन सुधारों से साफ है कि विशेष अभियान का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और महिला मतदाताओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि हो रही है।

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महराजगंज पुलिस की बड़ी सफलता: ई-रिक्शा में चैन काटने वाली शातिर महिला चोर गिरफ्तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बृजमनगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने शुक्रवार को तेज़ी और तत्परता दिखाते हुए एक शातिर महिला चेन चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना उस समय हुई जब विजयलक्ष्मी मिश्रा, निवासी बेलौही थाना कोल्हुई, सीएचसी बृजमनगंज से घर लौट रही थीं। ई-रिक्शा में पहले से बैठी एक महिला ने अचानक उनके गले से सोने की चेन काट ली।

कस्बा बृजमनगंज पहुँचते ही वादिनी को चोरी की आशंका हुई और उन्होंने शोर मचाया। इसी दौरान कोल्हुई तिराहा पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध महिला का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। तलाशी में चोरी हुई सोने की चेन बरामद कर ली गई।

पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा अपराध संख्या 372/25, धारा 303(2), 317(2) BNS के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राधिका पत्नी सुनील, निवासी सिधवापर टोला लक्ष्मीपुर थाना बड़हलगंज, जनपद गोरखपुर, उम्र लगभग 35 वर्ष के रूप में हुई है।

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जांच में सामने आया है कि राधिका पूर्व में भी कई चैन चोरी की वारदातों में जेल जा चुकी है। थाना गौरीबाजार, जनपद देवरिया में उसका आपराधिक इतिहास दर्ज है। पुलिस अन्य जिलों और थानों से उसके अपराधों की जानकारी भी जुटा रही है।

इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में राहत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और सतर्कता की सराहना की है।

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