देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में अपहरण के बड़े गैंग की साजिश उस समय नाकाम हो गई जब शुक्रवार देर रात गोरखपुर एसटीएफ और देवरिया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर महदहा–डुमवलिया मार्ग पर बदमाशों को घेर लिया। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ गोविंद यादव गोली लगने से घायल हो गया, जबकि मंजीत यादव और नितेश यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिज़ायर कार से आए अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

बड़े व्यापारी के अपहरण की थी योजना

गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उनका संगठित गिरोह सलेमपुर क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यापारी राजकमल तिवारी और अरविंद तिवारी उर्फ चुन्नू तिवारी में से किसी एक का अपहरण कर 5 करोड़ की फिरौती क्रिप्टोकरेंसी में वसूलने की योजना बना चुका था। गिरोह दो दिन से सलेमपुर और पड़री तिवारी क्षेत्र में सक्रिय था और व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी गैंग को सूरज गौड़ नाम का शख्स दे रहा था, जो पहले भी गिरोह के साथ जेल में रह चुका है।

नेपाल में छिपाने की थी योजना

गिरोह के सदस्यों ने बताया कि फिरौती वसूलने के बाद पीड़ित को नेपाल ले जाकर छिपाने की योजना थी, जहाँ सूरज गौड़ के संपर्क सक्रिय हैं। गैंग में हिमांशु यादव को “बॉस” माना जाता है, जो कई जिलों में हत्या, लूट और अपहरण जैसे मामलों में शामिल रहा है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

रात लगभग 12:30 बजे एसटीएफ और पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर महदहा–डुमवलिया मार्ग पर घेराबंदी की। जांच के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट डिज़ायर कार तेजी से आई। पुलिस का परिचय देने और रुकने का इशारा करने पर कार सवारों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नियंत्रित बल प्रयोग किया।

भागने के प्रयास में बुलेट सवार बदमाश गिर पड़े। पीछे बैठा हमलावर पुलिस पर लगातार दो पिस्टल से फायरिंग करता रहा। चेतावनी के बावजूद न रुकने पर पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में हिमांशु यादव घायल होकर गिर पड़ा। उसके पास से 32 बोर की दो पिस्टल, मैगजीन व कारतूस बरामद हुए।

मंजीत यादव और नितेश यादव के पास से दो देशी तमंचे, चार कारतूस और नकदी बरामद हुई। भाग रहे अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।

बरामदगी

02 पिस्टल .32 बोर

02 मैगजीन

03 जिंदा कारतूस .32 बोर

02 खोखा कारतूस

02 देसी तमंचा .315 बोर

04 जिंदा कारतूस .315 बोर

बिना नंबर की बुलेट जब्त (धारा 207 एमवी एक्ट)

एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम

इस पूरी कार्रवाई में एसटीएफ गोरखपुर की विशेष टीम शामिल रही, जिनमें प्रमुख रूप से—

निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह (प्रभारी एसटीएफ टीम)

डीएसपी एसटीएफ यूपी धर्मेश कुमार शाही

उपनिरीक्षक यशवंत सिंह

टीम सदस्य:
आशुतोष तिवारी, महेंद्र प्रताप सिंह, उमेश सिंह, चंद्रभूषण सिंह,
आदित्य पांडेय, गौरव सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, नसरुद्दीन,
शिवानंद उपाध्याय, मोहम्मद इमरान ,साथ ही देवरिया पुलिस, सलेमपुर कोतवाली पुलिस सर्विलांस सेल भी अभियान में शामिल रहे।

राजकमल तिवारी ने जताया धन्यवाद

इस घटना में टारगेट रहे व्यापारी राजकमल तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत में एसटीएफ और पुलिस टीम को दिल से धन्यवाद और प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कहा—

“यदि पुलिस समय पर कार्रवाई न करती तो आज बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पूरी एसटीएफ और पुलिस टीम का आभार, जिन्होंने हमारी जान बचाई।”