Sunday, June 28, 2026
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शहीद अग्निवीर मनीष यादव को नम आंखों से अंतिम विदाई

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)l

रेवती विकास खंड के छपरा सारीव ग्रामसभा के तुलसीछपरा निवासी शहीद अग्निवीर मनीष यादव का पार्थिव शरीर शनिवार की शाम अरुणाचल प्रदेश से आर्मी वाहन द्वारा गांव पहुंचा। गांव में सेना के वाहन के पहुँचते ही माहौल गमगीन हो गया और परिजनों के साथ मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। प्रत्येक चेहरे पर अपने लाल को खोने का दर्द साफ झलक रहा था।

जानकारी के अनुसार मनीष यादव अरुणाचल प्रदेश में आर्मी के टेक्निकल विभाग में तैनात थे। दो दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान टेक्निकल कार्य करते समय अचानक हुए शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई थी। अप्रैल 2024 में उन्होंने ईएमई बटालियन में भर्ती होकर देशसेवा का मार्ग चुना था। उनके साथ आए आर्मी दल के नायक राजेश यादव ने बताया कि यह हादसा कार्य करते समय हुआ और पलभर में सब कुछ बदल गया।

शहीद मनीष यादव तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे और अभी उनका विवाह भी नहीं हुआ था। उनके शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों ने बताया कि मनीष बेहद शांत, सरल और कर्तव्यनिष्ठ युवक थे, जिन पर पूरे परिवार को गर्व था।

बाद में दतहा चट्टी के समीप सरयू नदी के तट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता श्रीराम यादव ने नम आंखों से मुखाग्नि देकर अपने सुपुत्र को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और ‘अमर रहे’ के नारों के बीच अपने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जेएनसीयू में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर संगोष्ठी आयोजित

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में राजभवन के निर्देशानुसार तथा कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में शनिवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी अकादमी भवन में आयोजित इस संगोष्ठी का विषय “राष्ट्र निर्माण में डॉक्टर अंबेडकर की भूमिका” रखा गया। मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण नाथ यादव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संपूर्ण जीवन संघर्ष और समर्पण की अमिट गाथा है। उन्होंने अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्र उनके लिए सर्वोपरि रहा। उनके योगदान और त्याग के कारण ही आज दुनिया भर में भारत रत्न अंबेडकर को सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी को यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम समाज में समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे। यही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए और अंबेडकर के विचारों तथा सामाजिक न्याय की अवधारणा पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी का संयोजन राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. छबिलाल तथा विश्वविद्यालय इकाई एनएसएस प्रभारी डॉ. लाल विजय सिंह ने किया। संचालन डॉ. छबिलाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लाल विजय सिंह ने किया। इस अवसर पर निदेशक शैक्षणिक डॉ. पुष्पा मिश्रा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. रंजना मल्ल, डॉ. दिलीप मद्धेशिया, मिस रूबी विश्वास, शशि प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय ने बाबा साहब के विचारों और उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान को पुनः स्मरण किया।

तहसील बेल्थरारोड में सम्पूर्ण समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनी समस्याएं, 146 में से 05 शिकायतों का तत्काल निस्तारण

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तहसील बेल्थरारोड में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। समाधान दिवस में कुल 146 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 05 मामलों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। दूर-दराज से आए लोगों ने अवैध कब्जा, भूमि विवाद, बरासत, नाली निकास, शौचालय, जाति प्रमाण पत्र, वृद्धा पेंशन आदि समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। समाधान दिवस के दौरान फरियादी प्रीति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके खेत में बोई गई धान की फसल को पाटीदार द्वारा जबरन काट लिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना नगरा के एसओ को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीमों को सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गणना प्रपत्र (SIR) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 बीएलओ सम्मानित
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान गणना प्रपत्र (एसआईआर) में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले 15 उत्कृष्ट बीएलओ को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और साल भेंटकर उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बीएलओ द्वारा किया गया सराहनीय कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धता को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने सभी कर्मियों से अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी और तत्परता के साथ करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने भी बीएलओ के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम बेल्थरारोड शरद चौधरी, सीएमओ, तहसीलदार सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का जागरूकता कार्यक्रम 8 दिसंबर को

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा युवाओं को रोजगार एवं स्व–रोजगार के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 8 दिसंबर को तहसील रसड़ा क्षेत्र में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ग्राम डिहवा, निकट हनुमान मंदिर, पोस्ट नगरा, जनपद बलिया में पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगा।
खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी संस्कृति गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार नवयुवकों, नवयुवतियों तथा उद्यम स्थापित करने की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों को विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जो युवा स्वयं का उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें इस शिविर में भाग लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की योजनाओं, अनुदान, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता के बारे में सीधे विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रणाली, परियोजना चयन एवं उद्यम स्थापना से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। बोर्ड का प्रयास है कि अधिक से अधिक स्थानीय युवा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हों।
अधिकारी ने eligible युवाओं से इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम में समय से पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है।

डी एम व एसपी ने खिचड़ी मेले की तैयारियों का लिया जायजा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा )
जिलाधिकारी दीपक मीणा व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने आगामी प्रसिद्ध धार्मिक पर्व “खिचड़ी मेला” के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु शनिवार को गोरखनाथ क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विशेष तौर पर विभिन्न पार्किंग स्थलों, मुख्य मार्गों तथा गोरखनाथ निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रहे तथा भीड़ प्रबंधन के लिए यातायात पुलिस समय से पहले रूट डायवर्जन प्लान तैयार करे। उन्होंने निर्माणाधीन पुल के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने, बैरिकेडिंग लगाने और सफाई-व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा कि मेले के दौरान सुरक्षा मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पैदल गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, सीसीटीवी निगरानी को सक्रिय रखने व भीड़ नियंत्रित करने वाली टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात सुगमता के लिए सभी पार्किंग एरिया पर पुलिसकर्मियों की अलग ड्यूटी लगाने और आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) को तैयार रहने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात राजकुमार पाण्डेय, उपजिलाधिकारी नगर अंजनी कुमार सिंह, नगरपालिका व पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मेले के मार्गों, प्रवेश-निर्गम द्वारों, बैरिकेडिंग पॉइंट्स व पार्किंग एरिया का विस्तार से मुआयना किया।
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस वर्ष खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुगम वातावरण प्रदान करने हेतु सभी तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएँगी।

जेएनसीयू की विषय सेमेस्टर परीक्षा में पाँच नकलची पकड़े गए

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में 19 नवंबर से संचालित विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के दौरान नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर सहित सम्बद्ध कॉलेजों के 82,916 परीक्षार्थियों के लिए 7 नोडल केंद्र एवं 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता तथा परीक्षा नियंत्रक/कुलसचिव एस.एल. पाल परीक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
यूजी-पीजी की प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएँ तीन पालियों—प्रातः 8 से 10 बजे, 11.30 से 1.30 बजे तथा 2.40 से 4.30 बजे—में आयोजित की जा रही हैं। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी रखने के लिए विश्वविद्यालय ने दो उड़ाका दल का गठन किया है। पहली टीम, जिसमें डॉ. संदीप पांडे के नेतृत्व में डॉ. किशन कुमार एवं डॉ. तृप्ति तिवारी शामिल हैं, ने किसान मजदूर पीजी कॉलेज, कंसो पटना से एक परीक्षार्थी तथा सतीश चंद्र कॉलेज से एक परीक्षार्थी को मोबाइल के साथ पकड़ा। दूसरी टीम के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार तथा सदस्य डॉ. कौशल कुमार पांडे और डॉ. माला कुमारी ने बजरंग पीजी कॉलेज से एक तथा विवि परिसर से दो परीक्षार्थियों को अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़ लिया। दोनों टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं तथा परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ले रही हैं। पकड़े गए सभी पांच नकलचियों पर विश्वविद्यालय कठोर कार्रवाई करने जा रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में तृतीय पाली में आयोजित पीजीडीजेएमसी, पीजीडीसीए, बीएफए और बीएससी कृषि की परीक्षाएँ केंद्राध्यक्ष डॉ. पुष्पा मिश्रा और सहायक केंद्राध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार मद्धेसिया के निर्देशन में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुईं।

मुख्यधारा की मीडिया और सोशल मीडिया विषयक संवाद में छात्रों ने रखे विचार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग द्वारा आयोजित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत इस सप्ताह “मुख्यधारा की मीडिया और सोशल मीडिया का अन्तरसम्बन्ध” विषय पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दोनों माध्यमों की बदलती भूमिका, विश्वसनीयता, चुनौतियों और उनके परस्पर प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकारिता पाठ्यक्रम के शिक्षक डॉ. रजनीश कुमार चतुर्वेदी के उद्घाटन वक्तव्य से हुई। उन्होंने पारंपरिक मीडिया और सोशल मीडिया के स्वरूप, उनकी विश्वसनीयता, नियंत्रण व्यवस्था तथा डिजिटल दौर में सूचना प्रसार की चुनौतियों पर विचार साझा किए।
उद्घाटन के बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। मयंकनाथ त्रिपाठी ने मुख्यधारा मीडिया की नियंत्रित संरचना और सोशल मीडिया की तेज व मुक्त प्रकृति का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि पारंपरिक मीडिया में फेक न्यूज़ की संभावना कम रहती है, जबकि सोशल मीडिया पर इसकी गति अधिक होती है, हालांकि त्वरित सूचना उसकी प्रमुख विशेषता है।
मानसी मिश्रा ने कहा कि आज दोनों माध्यम फेक न्यूज़ की समस्या से जूझ रहे हैं और सोशल मीडिया छोटी-छोटी सूचनाओं को भी प्रमुखता से सामने लाता है।
आतिश कुमार ने विश्वसनीयता को मुख्य चुनौती बताते हुए कहा कि मुख्यधारा मीडिया अपनी क्रेडिबिलिटी बनाए रखने में अपेक्षाकृत सफल रही है, जबकि सोशल मीडिया में स्थिरता और जिम्मेदारी की कमी दिखाई देती है।
पूर्णिमा त्रिपाठी ने कहा कि कई परिस्थितियों में सच्ची खबरें पहले सोशल मीडिया पर सामने आती हैं, जिससे दोनों माध्यम एक-दूसरे के सहयोगी की तरह कार्य करते हैं।
सोनी राय ने एजेंसी-आधारित मुख्यधारा मीडिया और स्वतंत्र सोशल मीडिया की प्रकृति के अंतर को रेखांकित किया।
नेहा यादव का कहना था कि मुख्यधारा मीडिया अब सोशल मीडिया को एक महत्वपूर्ण सूचना-स्रोत के रूप में स्वीकार करने लगी है।
योगेश्वर दुबे ने कहा कि सोशल मीडिया स्थानीय और छोटे मुद्दों को उजागर कर मुख्यधारा को उनकी ओर ध्यान देने के लिए प्रेरित करता है।
इसके बाद हुए प्रश्नोत्तर सत्र में मीडिया की विश्वसनीयता, तथ्य-जाँच, डिजिटल साक्षरता और मीडिया उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर प्रश्न उठे। पत्रकारिता पाठ्यक्रम के समन्वयक प्रो. राजेश मल्ल और डॉ. अन्वेषण सिंह ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्रोत-जाँच और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अन्वेषण सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों में मीडिया साक्षरता, आलोचनात्मक सोच और सामाजिक जागरूकता को सशक्त करते हैं। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. नरगिस बानो और अभय शुक्ल भी उपस्थित रहे।

वैज्ञानिक खेती से किसानों की आमदनी बढ़ेगी- सुरेश कुमार खन्ना

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गन्ना शोध संस्थान, शाहजहांपुर में शनिवार को पाँच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार सरकार की ओर से आए 40 सदस्यीय कृषक दल को गन्ना खेती की उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों, आधुनिक कृषि प्रसार विधियों और नवीन कृषि प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
वैज्ञानिकों द्वारा आगामी पाँच दिनों तक किसानों को व्यावहारिक व तकनीकी दोनों स्तरों पर गन्ना उत्पादन से जुड़ा विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि आज के समय में खेती केवल परंपरागत तरीकों से नहीं बल्कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारी को पूरी निष्ठा से अपनाएं, ताकि उनकी उपज तो बढ़े ही, साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो।
उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक सोच से जुड़कर किसान न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर सकते हैं। कार्यक्रम में गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा विभागीय अधिकारियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

अहिंसा एवं योग भारतीय ज्ञान परंपरा के मूलभूत स्रोत हैं: प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों के अनुभवों एवं उपनिषदों से नि:सृत हुई है। वर्तमान वैज्ञानिक खोजें इस विश्वास को पुष्ट करती हैं। जैसे 2022 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जिस इंटेगलमेंट एवं सुपरपोजिशन की क्वांटम थ्योरी को दिया गया, उससे संबंधित सूत्रों को उपनिषदों में खोजा जा सकता है। जो ब्रह्माण्ड की एकता को दर्शाते हैं। ‘अहं ब्रह्मास्मि और तत्वमसि’ का सिद्धांत इसी ओर संकेत करता है।
भारतीय ज्ञान परंपरा एक रेखीय नहीं है, बल्कि वैदिक, बौद्धों, जैनों, आजीवकों और चार्वाकों के परस्पर शास्त्रार्थों से निर्मित हुई है। असहमत होने की छूट तथा परंपरा में संशोधन कर सकने की स्वाधीन जिज्ञासा इस ज्ञान परंपरा के विकास की मूल प्रेरक शक्ति रही है। यही कारण है कि 19 वीं -20 वीं सदी में विवेकानंद, अरबिंद, दयानंद सरस्वती एवं गांधी जी जैसे नवजागरण के प्रवर्तकों ने भी तत्कालीन समस्याओं को सुलझाने के लिये भारतीय ज्ञान परंपराओं का आश्रय लिया।
अहिंसा एवं योग भारतीय ज्ञान परंपरा से निकले जीवन के दो मूलभूत स्रोत हैं। इसे दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी स्वीकार कर लिया है।
स्वाधीनता, समानता एवं भातृत्व की आधुनिक अवधारणा फ्रांस की क्रान्ति से नहीं उपजी बल्कि यह हजारों वर्षों के परंपरागत भारतीय मूल्य हैं। महान विचारकों के चिंतन का स्रोत उपनिषद् है।
उक्त बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा।
भारतीय ज्ञान परंपरा विषय का प्रवर्तन एवं स्वागत करते हुए हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. कमलेश कुमार गुप्त ने कालिदास के ग्रंथों से उदाहरण देकर भारतीय ज्ञान परंपरा के स्रोतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमेशा शुभ विचारों का स्वागत करती है, हमारे विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य इसकी पुष्टि करता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवन से जोड़कर देखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने किया और कार्यक्रम का कुशल संचालन पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के संयोजक प्रो. बिमलेश कुमार मिश्रा ने किया। मदनमोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग केंद्र, गोरखपुर के निदेशक प्रो. चंद्रशेखर ने प्रतिभागियों को सम्बोधित किया।इसी क्रम में हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने अपने गुरू एवं मुख्य अतिथि साहित्य अकादेमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी तथा 20 राज्यों से जुड़े हुये प्रतिभागियों और हिन्दी विभाग के अध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शाखा प्रबंधक सड़क दुर्घटना में घायल

मऊ( राष्ट्र की परम्परा )भारतीय स्टेट बैंक की रतनपुरा शाखा के प्रबंधक विश्वजीत कुमार सिंह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। उन्हें जनपद स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
बताया जाता है कि भारतीय स्टेट बैंक की रतनपुरा शाखा के प्रबंधक विश्वजीत कुमार सिंह स्कूटी चला करके रतनपुरा शाखा पर आ रहे थे की मझौली स्थित राधा कृष्ण मंदिर के समीप रोड ब्रेकर पर उनकी स्कूटी अनियंत्रित हो गई। जिसकी वजह से वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए, और उनके पांव फैक्चर हो गया। घटना की सूचना मिलने पर रतनपुरा शाखा के लिपिक पुष्पराज सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे, और उन्हें एक निजी वाहन से जनपद स्थित लक्ष्मी देवी मेमोरियल हड्डी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता के देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल बैंक में कामकाज देखने के लिए मऊ की ऋण शाखा से एक अफसर को रतनपुरा शाखा पर भेजा गया है। ताकि यहां का कामकाज बाधित ना हो।

घोसी तहसील में समाधान दिवस संपन्न, 67 में से 4 मामलों का मौके पर निस्तारण

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )घोसी तहसील में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश मिश्र ने की। समाधान दिवस पर कुल 67 मामले आए। जिनमें से 4 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग की 46, विकास विभाग की 8, पुलिस विभाग की 12 और विद्युत विभाग की 1 शिकायत दर्ज हुई।इस मौके पर सीआरओ दिनेश मिश्र के कहा कि, “हमारी प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक शिकायतों का निस्तारण स्थल पर ही और समयबद्ध तरीके से हो। आज जिन चार मामलों का समाधान किया गया है, वे टीमवर्क का परिणाम हैं। शेष प्रकरणों पर भी विभागवार कार्यवाही तेज की जा रही है।”वहीं एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने कहा कि “जनसुनवाई जनता से सीधे संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम है। हमने प्रयास किया है कि किसी भी शिकायतकर्ता को निराश होकर न लौटना पड़े। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर प्रकरण की गंभीरता से जांच कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।”इस दौरान दौरान नायब तहसीलदार अमरनाथ यादव, कानूनगो मतीन खान, पारस नाथ, आत्मा राम, तथा लेखपाल अरविन्द पाण्डेय, सौरभ राय, विवेक सिंह, अमित सिंह, शेषनाथ चौहान और आशीष वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

यात्रा से पहले देख लें ट्रेनों का शेड्यूल, कुछ ट्रेनें निरस्त तो कुछ परिवर्तित मार्ग से चलेंगी

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )रेलवे प्रशासन द्वारा आधारभूत संरचना के विकास के क्रम में वाराणसी मण्डल के मऊ-पिपरीडीह-दुल्लहपुर एवं मऊ-खुरहट के मध्य 06 से 16 दिसम्बर,2025 तक पैच डबलिंग कार्य के परिप्रेक्ष्य में प्री-नान इण्टरलॉक एवं नान इण्टरलॉक कार्य तथा 17 एवं 18 दिसम्बर,2025 को रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण हेतु ब्लॉक दिये जाने के कारण गाड़ियों का मार्ग परिवर्तन, शार्ट टर्मिनेशन/शार्ट ओरिजिनेशन तथा पुनिर्निर्धारण एवं नियंत्रण निम्नवत किया जायेगा। इस कार्य के पूरा हो जाने से लाइन क्षमता में वृद्धि होने से गाड़ियों के समय पालन में सुधार होगा तथा जनांकांक्षाओं के अनुरूप अधिक गाड़ियां चलाई जा सकेंगी।

मार्ग परिवर्तन-

  • दरभंगा से 08 एवं 15 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 09466 दरभंगा-अहमदाबाद विशेष गाड़ी निर्धारित मार्ग फेफना-इन्दारा-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग फेफना-गाजीपुर सिटी-औड़िहार- जौनपुर-शाहगंज के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज एवं अयोध्या कैण्ट स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • सीतामढ़ी से 06 से 18 दिसम्बर,2025 तक चलने वाली 14005 सीतामढ़ी-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग छपरा-सीवान-मऊ-औडिहार के स्थान पर परिवर्तित मार्ग छपरा-गाजीपुर सिटी-औड़िहार-वाराणसी के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव एकमा, चैनवा, दुरौंधा, सीवान, जीरादेई, भाटपार रानी, भटनी, सलेमपुर, लाररोड, बेलथरा रोड, मऊ, जखनियां स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • दरभंगा से 06, 08, 10, 13 एवं 25 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 19166 दरभंगा-अहमदाबाद एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग फेफना-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग फेफना-गाजीपुर सिटी-औड़िहार-जौनपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज, आजमगढ़, मऊ एवं बलिया स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • थावे से 06, 07, 09, 10, 11, 12, 13, 14, 16 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 19046 थावे-सूरत एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग फेफना-मऊ-शाहगंज-जौनपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग फेफना-गाजीपुर सिटी-औड़िहार-जौनपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव रसड़ा, मऊ, मुहम्मदाबाद स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • अजमेर से 08, 09, 11 एवं 15 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15716 अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग अयोध्या कैण्ट-शाहगंज-मऊ-फेफना-छपरा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग शाहगंज-जौनपुर-औड़िहार-फेफना-छपरा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज, आजमगढ़, मऊ, बलिया स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • जयनगर से 07, 09, 12, 14 एवं 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 04651 जयनगर-अमृतसर विशेष गाड़ी निर्धारित मार्ग छपरा-मऊ-शाहगंज-लखनऊ के स्थान पर परिवर्तित मार्ग छपरा-गोरखपुर-लखनऊ के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बकुलहा, सहतवार, बलिया, फेफना स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • अमृतसर से 06, 08, 10, 13, 15 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 14650 अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग लखनऊ-शाहगंज-मऊ-फेफना-छपरा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग लखनऊ-गोण्डा-गोरखपुर-सीवान-छपरा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव अयोध्या कैण्ट, अकबरपुर, शाहगंज, खोरासन रोड, आजमगढ़, मुहम्मदाबाद, मऊ, इन्दरा, रसड़ा, बलिया, सुरेमनपुर स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • गोरखपुर से 06, 10, 13 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15050 गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग इन्दारा-मऊ के स्थान पर पावर रिवर्सल इन्दारा स्टेशन पर किया जायेगा, जिसके फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव मऊ स्टेशन पर नहीं दिया जायेगा।
  • लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 15, 16 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15017 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग प्रयागराज जं0-वाराणसी-मऊ-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जं0-जंघई-सुलतानपुर-अयोध्या धाम-मनकापुर-गोरखपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव सराय कंसराय, सुरियावां, मोढ, भदोही, परसीपुर, कपसेठी, सेवापुरी, वाराणसी, वाराणसी सिटी, औड़िहार, सादात, जखनिया, दुल्लहपुर, मऊ, इन्दारा, बेलथरा रोड, लार रोड, सलेमपुर, भटनी, देवरिया सदर, चौरीचौरा स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 11059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग जौनपुर-शाहगंज-मऊ-भटनी-छपरा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग जौनपुर-औड़िहार-गाजीपुर सिटी-बलिया के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज, खोरासन रोड, सरांयमीर, आजमगढ़, मुहम्मदाबाद, मऊ, बेलथरा रोड, सलेमपुर, भटनी, मैरवा, सीवान स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • छपरा से 16 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15083 छपरा-फर्रूखाबाद एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग फेफना-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग बलिया-गाजीपुर सिटी-औड़िहार-जौनपुर-शाहगंज के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव चिकलहर, रसड़ा, रतनपुरा, इन्दारा, मऊ, मुहम्मदाबाद, सठियांव, आजमगढ़, सरायमीर, खोरासन रोड स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • सूरत से 07, 11, 12, 14, 15 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 19045 सूरत-थावे एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग जौनपुर-शाहगंज-मऊ-फेफना के स्थान पर परिवर्तित मार्ग जौनपुर-औड़िहार-गाजीपुर सिटी-छपरा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज, आजमगढ़, मुहम्मदाबाद, मऊ, रसड़ा स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • गोण्डा से 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 11056 गोण्डा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोण्डा-गोरखपुर-भटनी-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोण्डा-मनकापुर-अयोध्या कैण्ट-शाहगंज के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बस्ती, गोरखपुर, देवरिया सदर, बेलथरा रोड, मऊ, मुहम्मदाबाद, आजमगढ़, सरायमीर, खोरासन रोड स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • किशनगंज से 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15715 किशनगंज-अजमेर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग छपरा-इन्दारा-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग छपरा-गाजीपुर सिटी-जौनपुर-शाहगंज के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव बलिया, मऊ आजमगढ़ स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • जयनगर से 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 14649 जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग छपरा-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग छपरा-गाजीपुर सिटी-जौनपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव रसड़ा, इन्दरा, मऊ, मुहम्मदाबाद, आजमगढ़, खोरासन रोड स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • अमृतसर से 12 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 04652 अमृतसर-जयनगर विशेष गाड़ी निर्धारित मार्ग लखनऊ-शाहगंज-मऊ-छपरा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग लखनऊ-गोण्डा-गोरखपुर-सीवान -छपरा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव शाहगंज, फेफना, बलिया, सहतवार, बकुलहा स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • गोरखपुर से 13 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15018 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग भटनी-वाराणसी-प्रयागराज जं0 के स्थान पर परिवर्तित मार्ग मनकापुर-अयोध्या कैण्ट-सुलतानपुर-जंघई-प्रयागराज जं0 के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव चौरीचौरा, देवरिया सदर, भटनी, सलेमपुर, लार रोड, बेलथरा रोड, इन्दारा, मऊ, दुल्लहपुर, जखनिया, सादात, औड़िहार, वाराणसी सिटी, वाराणसी, चौखण्डी, सेवापुरी, कपसेठी, परसीपुर, भदोही, मोढ, सुड़ियावां, सराय कंसराय स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • छपरा से 13 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 11060 छपरा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग छपरा-भटनी-मऊ-शाहगंज के स्थान पर परिवर्तित मार्ग बलिया-गाजीपुर सिटी-औड़िहार-जौनपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव सीवान, मैरवा, भटनी, सलेमपुर, बेलथरा रोड, मऊ, मुहम्मदाबाद, आजमगढ़, सरायमीर, खोरासन रोड, शाहगंज स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • आनन्द विहार टर्मिनस से 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 14006 आनन्द विहार टर्मिनस-सीतामढ़ी एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग औड़िहार-भटनी-छपरा के स्थान पर परिवर्तित मार्ग औड़िहार-गाजीपुर सिटी-बलिया-छपरा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव जखनिया, मऊ, बेलथरा रोड, लार रोड, सलेमपुर, भटनी, भाटपार रानी, जीरादेई, सीवान, दुरौंधा, चैनवा, एकमा स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 12, 15 एवं 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोण्डा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग प्रयागराज जं0-शाहगंज-मऊ-भटनी-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जं0-जंघई-सुलतानपुर-अयोध्या कैण्ट-मनकापुर-गोण्डा के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव खोरासन रोड, सरायमीर, आजमगढ़, मुहम्मदाबाद, मऊ, बेलथरा रोड, देवरिया सदर, गोरखपुर, बस्ती स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • दुर्ग से 17 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 18201 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग वाराणसी-औड़िहार-भटनी-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग वाराणसी-अयोध्या कैण्ट-मनकापुर-गोरखपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव मऊ, बेलथरा रोड, सलेमपुर, भटनी, देवरिया सदर स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
  • शालीमार से 16 दिसम्बर,2025 को चलने वाली 15021 शालीमार-गोरखपुर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग जौनपुर-भटनी-गोरखपुर के स्थान पर परिवर्तित मार्ग जौनपुर-शाहगंज-अयोध्या कैण्ट-मनकापुर-गोरखपुर के रास्ते चलाई जायेगी। मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव मऊ-बेलथरा रोड, सलेमपुर, भटनी, देवरिया सदर स्टेशनों पर नही दिया जायेगा।
    निरस्तीकरण-
  • मऊ एवं दोहरीघाट से 06 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 65134/65133 मऊ-दोहरीघाट-मऊ मेमू गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • वाराणसी सिटी एवं आजमगढ़ से 06 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 65110/65109 वाराणसी सिटी-आजमगढ़-वाराणसी सिटी मेमू गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • वाराणसी सिटी से 06 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर कैंट एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर कैंट से 06 से 19 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15129 गोरखपुर कैंट-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
  • बनारस से 13 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 55138 बनारस-भटनी सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी तथा भटनी से 13 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 55137 भटनी-वाराणसी सिटी सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी
  • वाराणसी सिटी एवं भटनी से 13 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 65108/65107 वाराणसी सिटी-भटनी-वाराणसी सिटी सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • बलिया एवं शाहगंज से 13 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 55133/55134 बलिया-शाहगंज-बलिया सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • बलिया एवं शाहगंज से 14 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 55135/55136 बलिया-शाहगंज-बलिया सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • छपरा एवं वाराणसी सिटी से 16 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15111/15112 छपरा-वाराणसी-छपरा सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर एवं बनारस से 16 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15103/15104 गोरखपुर-बनारस-गोरखपुर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
  • वडोदरा से 15 एवं मऊ से 16 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 09195/09196 वडोदरा-मऊ-वडोदरा विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी।
  • प्रयागराज रामबाग एवं मुजफ्फरपुर से 17 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 14112/14111 प्रयागराज रामबाग-मुजफ्फरपुर-प्रयागराज रामबाग एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।

शार्ट टर्मिनेशन/शार्ट ओरिजिनेशन-

  • लोकमान्य तिलक टमिनस से 06 से 17 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-आजमगढ़ एक्सप्रेस गोरखपुर में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-आजमगढ़ के बीच निरस्त रहेगी।
  • आजमगढ़ से 07 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 20104 आजमगढ़-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस गोरखपुर से चलाई जायेगी। यह गाड़ी आजमगढ़-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • प्रयागराज रामबाग से 06 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 65132 प्रयागराज रामबाग-मऊ सवारी गाड़ी बनारस में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी बनारस-मऊ के बीच निरस्त रहेगी।
  • मऊ से 06 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 65131 मऊ-प्रयागराज रामबाग सवारी गाड़ी बनारस से चलाई जायेगी। यह गाड़ी मऊ-बनारस के बीच निरस्त रहेगी।
  • लखनऊ जं. से 12 से 17 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15008 लखनऊ जं.-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस गोरखपुर में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-वाराणसी सिटी के बीच निरस्त रहेगी।
  • वाराणसी सिटी से 13 से 18 दिसम्बर, 2025 तक चलने वाली 15007 वाराणसी सिटी-लखनऊ जं. एक्सप्रेस गोरखपुर से चलाई जायेगी। यह गाड़ी वाराणसी सिटी-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • बांद्रा टर्मिनस से 15 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 19091 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस वाराणसी में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी वाराणसी-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर से 16 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 19092 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस वाराणसी जं. से चलाई जायेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-वाराणसी के बीच निरस्त रहेगी।
  • दादर से 14 एवं 16 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 01027 दादर-गोरखपुर विशेष गाड़ी औंड़िहार में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी औंड़िहार-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर से 16 एवं 18 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 01028 गोरखपुर-दादर विशेष गाड़ी औंड़िहार से चलाई जायेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-औंड़िहार के बीच निरस्त रहेगी।
  • लोकमान्य तिलक टमिनस से 15 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस वाराणसी में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी वाराणसी-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर से 16 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 12166 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस वाराणसी से चलाई जायेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-वाराणसी के बीच निरस्त रहेगी।
  • अहमदाबाद से 16 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस वाराणसी में यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी वाराणसी-गोरखपुर के बीच निरस्त रहेगी।
  • गोरखपुर से 17 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 19490 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस वाराणसी से चलाई जायेगी। यह गाड़ी गोरखपुर-वाराणसी के बीच निरस्त रहेगी।
    पुनर्निर्धारण-
  • गोरखपुर से 08 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 15022 गोरखपुर-शालिमार एक्सप्रेस गोरखपुर से 100 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलाई जायेगी।
  • अहमदाबाद से 07, 09, 10 एवं 11 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस मार्ग में 50 मिनट एवं 17 दिसम्बर, 2025 को अहमदाबाद 240 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलाई जायेगी।
  • लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 07 एवं 09 दिसम्बर, 2025 को चलने वाली 15017 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस मार्ग में 30 मिनट नियंत्रित कर चलाई जायेगी।

सशक्त भारत 2047: मिशन शक्ति के मंच से महिलाओं की भूमिका पर चर्चा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधि विभाग में एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और मानसिक उन्नति को विकसित भारत 2047 की महत्वपूर्ण शर्त बताया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पूर्व न्यायाधीश अनीता अग्रवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति का मूल तत्व स्त्री है, जो भारतीय सभ्यता की ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का पिछड़ापन केवल सामाजिक चुनौती नहीं, बल्कि विकास में गंभीर बाधा है। आर्थिक आत्मनिर्भरता, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, सकारात्मकता और शिक्षा, इन सभी क्षेत्रों में महिलाओं का स्वयं आगे बढ़ना सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि संविधान समान अधिकार सुनिश्चित करता है और विधि व्यवस्था समाज में सुधार के लिए है, प्रतिशोध के लिए नहीं।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में मानसिक तनाव से मुक्ति भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं अपनी भावनाओं को दबाकर जीवन जीती हैं, जिसके कारण अवसाद और हृदय रोग के मामलों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं बीमारी के बावजूद अस्पताल तक नहीं पहुंच पातीं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधों में लचीलापन और संवेदनशीलता को पुरुष-स्त्री सहअस्तित्व का आधार बताया।
मिशन शक्ति फेज-5 की नोडल अधिकारी प्रोफेसर विनीता पाठक ने कहा कि 2047 के सशक्त भारत का निर्माण महिलाओं की उन्नति के बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। राष्ट्र को बेहतर नागरिक देने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्त्री और पुरुष प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि समाज निर्माण की दो पूरक कड़ियां हैं।
विधि विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में लाना राष्ट्रहित में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पीढ़ियों का सृजन करती हैं और उनकी उन्नति ही राष्ट्र की वास्तविक प्रगति है। वैवाहिक संबंधों में सामंजस्य और परस्पर सहयोग सामाजिक संतुलन की कुंजी है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष शुक्ला ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर अहमद नसीम ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

जनमानस की सुविधा हेतु बरहज ब्लाक पर बनाया जा रहा आधार कार्ड

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। यूनिक अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत बरहज ब्लाक कार्यालय पर आधार कार्ड सुधार एवं नए आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को किया गया जागरूक।
बरहज ब्लाक परिसर मे ग्रामीण एवं नगर के लोगों के आधार कार्ड सुधार एवं 0से 18वर्ष तक के लोगो नए आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे लाभार्थी आधार कार्ड से वंचित न रहे।
इस संबंध मे प्रभारी खंड विकास अधिकारी बरहज देवेश आनंद सिंह ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडे के निर्देश पर सभी विकासखंड में आधार कार्ड केंद्र बनाए गए हैं जहां पर 0से 18 वर्ष के लोगो का नया आधार कार्ड एवं आधार कार्ड संशोधन संबंधित कार्य अतुल साहनी द्वारा जा रहा हैं, जिससे लोगों को आधार कार्ड बनवाने में किसी प्रकार की दिक्क़त न हो।

विभागीय कार्यों की प्रगति पर फोकस, देवरिया में समिति ने की व्यापक समीक्षा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)विधान परिषद संसदीय अध्ययन समिति देवरिया समीक्षा बैठक में गुरुवार को जनपद स्तरीय विभागों के कार्यों, योजनाओं की प्रगति तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों के निस्तारण की व्यापक समीक्षा की गई। विकास भवन स्थित गांधी सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति किरण पाल कश्यप ने की।

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सभापति का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। इसके बाद सभी विभागाध्यक्षों के साथ विभाग-वार प्रस्तुतिकरण एवं प्रगति विवरणों की समीक्षा की गई। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, सिंचाई, विद्युत, कृषि, पशुपालन, बेसिक शिक्षा, पूर्ति एवं चकबंदी समेत प्रमुख विभागों द्वारा वर्ष 2022 से 2025 के बीच प्राप्त जनप्रतिनिधियों के पत्रों तथा इनके निस्तारण की स्थिति पर गहन चर्चा हुई।

सभापति किरण पाल कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी अद्यतन जानकारी संबंधित माननीय सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठक में प्रत्येक विभाग पत्रों की कुल संख्या, निस्तारित मामलों की प्रगति और सूचना साझा किए जाने की स्थिति—सभी का विस्तृत विवरण लेकर उपस्थित हों।

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने समिति को विश्वास दिलाया कि सभी विभाग दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे तथा पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में समिति सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक संजिव सुमन, मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, अनु सचिव एवं समिति अधिकारी विनोद कुमार यादव, समीक्षा अधिकारी सौरभ दीक्षित, प्रतिवेदन अधिकारी राम प्रकाश पाल, अपर निजी सचिव अमितेश पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

यह बैठक जिले में शासन की योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।