Sunday, June 28, 2026
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तेज़ रफ़्तार का कहर: अज्ञात वाहन की टक्कर से दवा व्यवसायी की मौत, चालक फरार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पनियरा–परतावल मार्ग पर शनिवार देर रात तेज रफ्तार के कारण हुआ एक बड़ा सड़क हादसा क्षेत्र में सनसनी का विषय बन गया। बभनौली चौराहे के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दवा व्यवसायी 48 वर्षीय धर्मेंद्र मौर्य को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि आरोपी चालक वाहन समेत फरार हो गया।

मृतक धर्मेंद्र मौर्य, निवासी पनियरा नगर, अपने निजी कार्य से परतावल गए थे और देर रात बाइक से घर लौट रहे थे। लौटते समय बभनौली चौराहे से पहले तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि धर्मेंद्र सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनियरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित किया।

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हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। पनियरा पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम हेतु भेजते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय सूत्रों की मदद से अज्ञात वाहन व चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी चालक को जल्द ही चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

यह दुखद घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना कितनी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

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स्मृतियों का अमर दिन — जिन महान आत्माओं की विरासत आज भी धड़कती है”

  1. स्वयं प्रकाश (2019) — विचारों की आग से समाज को जगाने वाला साहित्यकार

स्वयं प्रकाश का जन्म उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फरनगर जनपद में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के उन सशक्त हस्ताक्षरों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों, जातिगत भेदभाव और शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाई। उनके उपन्यास और कहानियाँ यथार्थ के करीब थीं, जिनमें आम जीवन की पीड़ा और संघर्ष साफ झलकता है। प्रमुख कृतियों में नीलकंठ हुआ मरंग, भारतीय समाज की समस्याएँ जैसे विचारोत्तेजक लेखन शामिल हैं। उन्होंने दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हुए साहित्यिक आंदोलनों को दिशा दी। उनका योगदान केवल साहित्य तक सीमित नहीं रहा — वे सामाजिक चेतना के सशक्त वाहक बने। उत्तर प्रदेश से शुरू हुई उनकी वैचारिक यात्रा ने पूरे भारत के साहित्यप्रेमियों को प्रभावित किया। 7 दिसंबर 2019 को उनका निधन हुआ, किंतु उनके लिखे शब्द आज भी जलते दीपक की तरह समाज को राह दिखाते हैं।

  1. चो रामस्वामी (2016) — व्यंग्य की धार, जनमत की पहचान

चो रामस्वामी का जन्म मद्रास प्रेसीडेंसी (अब चेन्नई, तमिलनाडु) में हुआ था। वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे — अभिनेता, हास्य कलाकार, नाटककार, फ़िल्म निर्देशक, राजनीतिक व्यंग्यकार और अधिवक्ता। दक्षिण भारत में उनके व्यंग्य लेख और पत्रिका तुगलक अत्यंत लोकप्रिय रही। उनके राजनीतिक विश्लेषण में तीखापन और सटीकता थी, जो सत्ता से लेकर समाज तक हर स्तर पर सवाल खड़ा करती थी।
चो रामस्वामी ने तमिल रंगमंच को नया आयाम दिया और फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। उनके नाट्य कार्यों ने सामाजिक विसंगतियों पर तीखे कटाक्ष किए। तमिलनाडु की राजनीतिक चेतना को जाग्रत करने में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। 7 दिसंबर 2016 को चेन्नई में उनका देहांत हुआ, लेकिन उनका व्यंग्य आज भी जनमानस में जीवित है।

  1. बेगम आबिदा अहमद (2003) — समाजसेवा और सादगी की प्रेरणा

बेगम आबिदा अहमद का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में हुआ था। वे भारत के पाँचवें राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद की पत्नी थीं, लेकिन उनकी पहचान केवल “राष्ट्रपति की पत्नी” तक सीमित नहीं रही। वे एक सशक्त समाजसेविका, महिला अधिकारों की समर्थक और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहीं।
महिलाओं और अल्पसंख्यकों के हित में उन्होंने अनेक संगठनात्मक कार्य किए। वे राज्यसभा की सदस्य भी रही थीं और अपने सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती थीं। शिक्षा, बाल कल्याण और महिला उत्थान के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। 7 दिसंबर 2003 को उनके निधन के साथ एक शांत, परंतु दृढ़ आवाज़ हमेशा के लिए मौन हो गई — परन्तु उनके कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं।

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  1. दीप नारायण सिंह (1977) — बिहार की राजनीति का मजबूत स्तंभ

दीप नारायण सिंह का जन्म बिहार के रोहतास जनपद में हुआ था। वे बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री बने और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके शासन काल में विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया गया। वे दृढ़ निर्णयों और स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए जाने जाते थे।
उनकी राजनीतिक सोच जन-कल्याण पर केंद्रित थी। उन्होंने बिहार को पिछड़ेपन की छवि से बाहर लाने का प्रयास किया और बुनियादी ढांचे के विकास पर ज़ोर दिया। 1977 में 7 दिसंबर को उनका निधन हुआ, और बिहार की राजनीति ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया।

  1. हैदर अली (1782) — मैसूर का शेर, साम्राज्यवाद का प्रखर विरोधी

हैदर अली का जन्म वर्तमान कर्नाटक के कोलार क्षेत्र में माना जाता है। वे किसी शाही वंश में पैदा नहीं हुए, बल्कि अपनी रणनीतिक कुशलता, शौर्य और नेतृत्व क्षमता के बल पर मैसूर के शासक बने। उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कई निर्णायक युद्ध लड़े और दक्षिण भारत में अंग्रेज़ों के विस्तार को लंबे समय तक रोके रखा।
उनके शासनकाल में सेना का आधुनिकीकरण हुआ और आर्थिक ढाँचा मजबूत हुआ। वे आधुनिक युद्ध तकनीकों को अपनाने वाले पहले भारतीय शासकों में गिने जाते हैं। उनके पुत्र टीपू सुल्तान ने भी उनके मार्ग पर चलते हुए संघर्ष जारी रखा। 7 दिसंबर 1782 को उनका निधन हुआ, लेकिन भारतीय इतिहास में वे आज भी साहस और स्वाभिमान के प्रतीक बने हुए हैं।

7 दिसंबर: इतिहास का वह दिन जो मौन होकर भी बोलता है

7 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन व्यक्तित्वों की स्मृति है जिन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और सैन्य क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी। इन महान आत्माओं के विचार, संघर्ष और योगदान आज भी हमारी चेतना में जीवित हैं।

जानिए आज आपका मूलांक क्या कहता है

🌞 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28) – आत्मविश्वास और नेतृत्व का दिन

आज आपका कॉन्फिडेंस चरम पर रहेगा। रुके हुए काम फिर से गति पकड़ेंगे।

कार्य / व्यवसाय –
नौकरी करने वालों के लिए दिन अनुकूल है। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को पुराने क्लाइंट से लाभ मिलेगा।

शिक्षा –
स्टूडेंट्स का फोकस अच्छा रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सही दिशा में बढ़ेगी।

कला / संगीत –
नई रचना या संगीत प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं, सफलता मिलेगी।

राजनीति / प्रशासन –
नेतृत्व क्षमता उभरेगी। सरकारी अधिकारियों को मान-सम्मान मिलेगा।

आर्थिक स्थिति –
अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। निवेश के लिए दिन शुभ है।

शुभ रंग – लाल
शुभ अंक – 1
पूजा करें – भगवान सूर्य की
मंत्र – “ॐ घृणि सूर्याय नमः”

🌙 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29) – भावनाओं पर नियंत्रण जरूरी

आज आप भावनात्मक रूप से संवेदनशील रहेंगे। फैसले सोच-समझकर लें।

कार्य / व्यवसाय –
पार्टनरशिप में काम करने वालों को फायदा होगा। ऑफिस में किसी सहकर्मी की मदद मिलेगी।

शिक्षा –
कला, साहित्य और मनोविज्ञान के छात्रों के लिए अच्छा दिन है।

कला / संगीत –
रचनात्मकता बढ़ेगी। नया गीत/कविता लिख सकते हैं।

राजनीति / प्रशासन –
बयान देने से पहले विचार करें, वरना विवाद हो सकता है।

आर्थिक स्थिति –
पैसा आएगा लेकिन खर्च भी बढ़ेगा। बजट पर ध्यान दें।

शुभ रंग – सफेद
शुभ अंक – 2
पूजा करें – देवी पार्वती की
मंत्र – “ॐ नमः शिवाय”

🔥 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) – डिसिप्लिन और सफलता का योग

आज आप बेहद अनुशासित और योजनाबद्ध रहेंगे।

कार्य / व्यवसाय –
मैनेजमेंट, टीचिंग और बिजनेस में सफलता मिलेगी। बॉस आपसे प्रभावित रहेंगे।

शिक्षा –
विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन दिन है। कठिन विषय भी आसान लगेंगे।

कला / संगीत –
धार्मिक गीत, मंत्र या भक्ति संगीत में रुचि बढ़ेगी।

राजनीति / प्रशासन –
उच्च अधिकारियों से संपर्क बनेगा, प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

आर्थिक स्थिति –
शेयर और योजनाओं से लाभ संभव है।

शुभ रंग – पीला
शुभ अंक – 3
पूजा करें – भगवान विष्णु की
मंत्र – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”

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मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) – बदलाव और सावधानी का दिन

आज अचानक परिवर्तन आपके मन को विचलित कर सकता है।

कार्य / व्यवसाय –
नई प्लानिंग करें लेकिन जल्दबाजी में निर्णय न लें।

शिक्षा –
एकाग्रता कम हो सकती है। मेडिटेशन लाभ देगा।

कला / संगीत –
थोड़ा मानसिक दबाव रहेगा, लेकिन रचनात्मकता बनी रहेगी।

राजनीति / प्रशासन –
विरोधी सक्रिय रहेंगे। धैर्य रखें।

आर्थिक स्थिति –
पैसे के लेन-देन में सावधानी बरतें।

शुभ रंग – नीला
शुभ अंक – 4
पूजा करें – भगवान गणेश की
मंत्र – “ॐ गं गणपतये नमः”

💨 मूलांक 5 (5, 14, 23) – संचार और यात्रा का योग

आज आपकी कम्युनिकेशन स्किल का कमाल दिखेगा।

कार्य / व्यवसाय –
मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स वालों के लिए शानदार दिन है।

शिक्षा –
टेक्निकल और आईटी स्टूडेंट्स को खुशखबरी मिल सकती है।

कला / संगीत –
डांस, एंकरिंग, थिएटर में सफलता मिलेगी।

राजनीति / प्रशासन –
जनता से जुड़ाव बढ़ेगा, लोकप्रियता बढ़ेगी।

आर्थिक स्थिति –
छोटा निवेश बड़ा लाभ दे सकता है।

शुभ रंग – हरा
शुभ अंक – 5
पूजा करें – भगवान विष्णु की
मंत्र – “ॐ नमो नारायणाय”

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❤️ मूलांक 6 (6, 15, 24) – प्रेम और धन लाभ

आज आप सभी को आकर्षित करेंगे।

कार्य / व्यवसाय –
फैशन, ब्यूटी, कपड़ा, होटल और डिजाइनिंग में सफलता।

शिक्षा –
आर्ट स्टूडेंट्स के लिए उत्कृष्ट दिन।

कला / संगीत –
नई प्रेरणा और रोमांस से रचना होगी।

राजनीति / प्रशासन –
महिला नेताओं के लिए विशेष लाभ के योग।

आर्थिक स्थिति –
धन लाभ और सुख-सुविधाओं में वृद्धि।

शुभ रंग – गुलाबी
शुभ अंक – 6
पूजा करें – माता लक्ष्मी की
मंत्र – “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”

🌌 मूलांक 7 (7, 16, 25) – आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता

आज आपका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर रहेगा।

कार्य / व्यवसाय –
रिसर्च, मेडिकल और आध्यात्मिक क्षेत्र में लाभ।

शिक्षा –
गंभीर विषयों में रुचि बढ़ेगी।

कला / संगीत –
शांत संगीत और सूफी गीतों से जुड़ाव रहेगा।

राजनीति / प्रशासन –
गोपनीय मामलों में सतर्क रहना होगा।

आर्थिक स्थिति –
लाभ धीमा लेकिन स्थिर रहेगा।

शुभ रंग – बैंगनी
शुभ अंक – 7
पूजा करें – भगवान शिव की
मंत्र – “ॐ नमः शिवाय”

🪨 मूलांक 8 (8, 17, 26) – मेहनत का फल मिलेगा

आज आपकी मेहनत सफलता में बदलने वाली है।

कार्य / व्यवसाय –
सरकारी काम, जमीन-जायदाद और उद्योग में लाभ।

शिक्षा –
संघर्ष का परिणाम मिलेगा।

कला / संगीत –
परिश्रम से बड़ा मंच मिल सकता है।

राजनीति / प्रशासन –
उच्च पद वालों का सहयोग मिलेगा।

आर्थिक स्थिति –
लोन, कोर्ट-कचहरी से जुड़ा मामला सुलझ सकता है।

शुभ रंग – काला
शुभ अंक – 8
पूजा करें – भगवान शनि की
मंत्र – “ॐ शं शनैश्चराय नमः”

🔴 मूलांक 9 (9, 18, 27) – ऊर्जा और साहस का विस्फोट

आज आप जोश और ताकत से भरपूर रहेंगे।

कार्य / व्यवसाय –
नया काम या स्टार्टअप शुरू करने का सही दिन है।

शिक्षा –
स्पोर्ट्स और डिफेंस की तैयारी करने वालों को लाभ मिलेगा।

कला / संगीत –
जोश से भरे गीतों व अभिनय में सफलता।

राजनीति / प्रशासन –
नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे।

आर्थिक स्थिति –
रुक हुआ पैसा वापस मिल सकता है।

शुभ रंग – नारंगी
शुभ अंक – 9
पूजा करें – हनुमान जी की
मंत्र – “ॐ नमो भगवते हनुमते नमः”


7 दिसंबर का दिन कई मूलांकों के लिए उन्नति, प्रेम, धन और नए अवसरों से भरपूर रहेगा, जबकि कुछ के लिए यह सावधानी और आत्मचिंतन का संकेत दे रहा है। सही दिशा में किये गए प्रयास अवश्य शुभ फल देंगे।

वे जन्म, जिन्होंने इतिहास की धड़कन बदल दी

7 दिसंबर केवल साल का एक दिन नहीं है, बल्कि यह उन असाधारण व्यक्तित्वों की जन्मतिथि है, जिन्होंने अपने विचारों, साहस और सेवा से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। राजनीति, समाजशास्त्र, देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाले इन महान लोगों का जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है।

🌟 अर्जुन राम मेघवाल (जन्म: 7 दिसंबर 1954)

जन्म स्थान: बाईलास, जिला बीकानेर, राजस्थान
अर्जुन राम मेघवाल एक प्रमुख भारतीय राजनेता हैं, जो सामाजिक न्याय और जनकल्याण की राजनीति के लिए जाने जाते हैं। साधारण परिवार में जन्मे मेघवाल ने आईएएस अधिकारी बनने के बाद राजनीति की ओर रुख किया। उन्होंने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला। अनुसूचित जाति उत्थान, ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत अभियान और प्रशासनिक सुधारों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से कई बार सांसद चुने गए और जनता के बीच एक सरल, कर्मठ और संघर्षशील नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।

🌍 मारियो सोरेस (जन्म: 7 दिसंबर 1924)

जन्म स्थान: लिस्बन, पुर्तगाल
मारियो सोरेस पुर्तगाल के लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उन्होंने सत्तावादी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और अपने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया। वे पहले प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति बने। सोरेस ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानवाधिकार और नागरिक अधिकारों के लिए निरंतर लड़ाई लड़ी। उन्हें आधुनिक पुर्तगाल का वास्तुकार भी माना जाता है। उनका जीवन संघर्ष, साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण है।

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📚 राधाकमल मुखर्जी (जन्म: 7 दिसंबर 1889)

जन्म स्थान: गोपालगंज, बिहार
राधाकमल मुखर्जी आधुनिक भारत के महान समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री और सांस्कृतिक विचारक थे। उन्होंने भारतीय समाज की संरचना, संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किए। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी उन्होंने शैक्षणिक विकास में योगदान दिया। उनके लेखन में भारतीय दर्शन, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने न केवल शिक्षा बल्कि सामाजिक चिंतन की दिशा को भी नई ऊंचाई दी।

⚔️ गोविन्द सिंह राठौड़ (जन्म: 7 दिसंबर 1887)

जन्म स्थान: राजस्थान का एक राजपूताना क्षेत्र
गोविन्द सिंह राठौड़ भारत के वीर सैनिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने साहस और निष्ठा से देश की रक्षा में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। औपनिवेशिक काल में भी उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। उनका नाम भारतीय वीरता और आत्मबलिदान की परंपरा का प्रतीक है।

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🕊️ जतीन्द्रनाथ मुखर्जी (जन्म: 7 दिसंबर 1879)

जन्म स्थान: हावड़ा, पश्चिम बंगाल
जतीन्द्रनाथ मुखर्जी, जिन्हें ‘बाघा जतीन’ के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी नायक थे। वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र आंदोलन के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने युवाओं को संगठित कर देश के लिए बलिदान देने का साहस पैदा किया। अंग्रेज अधिकारियों से मुठभेड़ के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की, लेकिन उनका बलिदान स्वतंत्रता आंदोलन की चिनगारी को और अधिक प्रज्ज्वलित कर गया। उनका जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति की अमर गाथा है।

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड: कई राज्यों में शीतलहर का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर भारत में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड अपना तेज असर दिखाने लगी है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी के चलते मैदानों में शीतलहर की स्थिति बन गई है। IMD (भारतीय मौसम विभाग) ने दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के लिए अगले दो दिनों तक ठंड बढ़ने और कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-NCR में ठंड के साथ जहरीली हवा

दिल्ली-NCR में तापमान तेजी से गिर रहा है, वहीं वायु गुणवत्ता भी लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 335 दर्ज किया गया, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है।
पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है, जिससे सुबह-शाम तापमान गिरते ही भीषण ठंड महसूस की जा रही है।

यूपी में बढ़ा पाला, कानपुर सबसे ठंडा

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में पारा 6 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ।

कानपुर 5°C, इटावा 5.6°C IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है। स्कूलों, परिवहन और सुबह के समय आवागमन पर ठंड और कोहरे का असर दिखाई देगा।

हिमाचल: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में 8–9 दिसंबर को बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में -5.6°C और ताबो में -4.4°C पारा दर्ज किया गया।
मंडी और बिलासपुर में सुबह के समय घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी है।

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तीन दिन तक बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर में शोपियां न्यूनतम तापमान -6.4°C के साथ सबसे ठंडा रहा।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले तीन दिनों तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी व बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में पानी जमने से पाला बढ़ गया है।

उत्तराखंड में 7 दिसंबर से मौसम बदलेगा

उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में 7 दिसंबर से बर्फबारी के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव बढ़ने से ठंड और तेज होने की संभावना है।

राजस्थान में 18 शहरों में पारा 10°C से नीचे

राजस्थान में 18 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ।

फतेहपुर (सीकर): 2.3°C, सीकर: 3°C, नागौर: 3.3°C, चूरू: 4.5°C, अलवर: 5°C

राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय तेज ठंड और कोहरा बना रहेगा।

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प्राचीन संस्कार बनाम आधुनिक विचार—समय के दो हिस्सों में पिसता समाज

✍️ डॉ. सतीश पाण्डेय
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज का समाज तेज परिवर्तनों के दौर से गुजर रहा है, जहाँ पारंपरिक भारतीय संस्कार और आधुनिक जीवनशैली के बीच संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। एक ओर सदियों पुरानी मान्यताएँ और जीवन-मूल्य हैं, तो दूसरी ओर आधुनिकता, स्वतंत्रता और तेज रफ्तार वाला जीवन। इन दो धाराओं के बीच आम परिवार, युवा और बुजुर्ग स्वयं को उलझा हुआ महसूस कर रहे हैं।

परंपराओं की पकड़ ढीली, आधुनिकता का बढ़ता विस्तार

घर-परिवार से लेकर सामाजिक संरचना तक बदलाव की लहर स्पष्ट दिख रही है। पहले जहाँ बुजुर्गों का मार्गदर्शन जीवन का आधार माना जाता था, आज निर्णय लेने में युवा पीढ़ी की स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी जा रही है।
संयुक्त परिवार की परंपरा लगभग टूट चुकी है और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, करियर और निजी आजादी सर्वोपरि बन गई है। वहीं बुजुर्ग सामाजिक मर्यादा और संस्कारों की रक्षा को अधिक महत्व देते हैं। यह विचार-भिन्नता परिवारों में तनाव का कारण बन रही है।

रिश्तों में घटती गर्माहट और संवाद की कमी

आधुनिक जीवनशैली की चकाचौंध में संवाद, मान-सम्मान और सहअस्तित्व जैसे मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। तकनीक ने जीवन को आसान तो बनाया है, लेकिन रिश्तों में दूरियाँ बढ़ा दी हैं।
मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने बातचीत, मेल-मुलाकात और परिवार के साथ समय बिताने की परंपरा को कमजोर कर दिया है।

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सांस्कृतिक टकराव से बढ़ रही नैतिक चुनौतियाँ

समाज में मूल्य-भ्रम, नैतिक कमजोरी और जिम्मेदारियों से दूरी जैसी चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। परंपरा जहाँ अनुशासन और मर्यादा सिखाती है, वहीं आधुनिकता स्वतंत्रता और सोच की उड़ान देती है।
इन दोनों के बीच संतुलन न बन पाने से सामाजिक आचरण और व्यक्तिगत व्यवहार में गिरावट देखी जा रही है।

संतुलन ही है समाधान — विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि परंपरा और आधुनिकता दोनों आवश्यक हैं। समस्या टकराव की नहीं, बल्कि संतुलन की कमी है।
यदि युवा प्राचीन मूल्यों की जड़ें समझें और बुजुर्ग आधुनिक सोच को स्वीकार करें, तो समाज में सामंजस्य और स्थिरता दोनों संभव हैं।
संस्कार, विज्ञान और आधुनिक विचार—संतुलित रूप से अपनाए जाएँ तो यही आगे का मार्ग है।

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आज का ज्योतिष, ग्रह स्थिति और राशियों का प्रभाव

ग्रहों और नक्षत्रों की चाल हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार हर राशि का एक स्वामी ग्रह होता है, जो उसके स्वभाव, सोच और निर्णयों को प्रभावित करता है। 7 दिसंबर 2025 का दिन कुछ राशियों के लिए अवसरों से भरा होगा, वहीं कुछ को सतर्कता और संतुलन से काम लेना होगा।

🔴 1. मेष राशि (Aries) – ♈

अक्षर: अ, ल, च, ओ
आज ऊर्जा और आत्मविश्वास चरम पर रहेगा।

कार्य / व्यवसाय: रुके हुए काम पूरे होंगे, नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं

शिक्षा: विद्यार्थियों का फोकस बढ़ेगा

कला / संगीत: रचनात्मकता में वृद्धि

राजनीति / प्रशासन: आपकी बात को महत्व मिलेगा

आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ेगा लेकिन लाभ भी होगा

शुभ रंग: लाल

शुभ अंक: 9

पूजा करें: भगवान हनुमान

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🟢 2. वृषभ राशि (Taurus) – ♉

अक्षर: ब, स, व, ऊ
परिवार और धन के मामले में सोच-समझकर निर्णय लें।

कार्य / व्यवसाय: स्थिरता बनी रहेगी

शिक्षा: मन थोड़ा भटकेगा, लेकिन परिणाम ठीक

कला / संगीत: मधुरता और गहराई बढ़ेगी

राजनीति: पुराने संपर्क काम आएंगे

आर्थिक स्थिति: फालतू खर्च से बचें

शुभ रंग: हरा

शुभ अंक: 6

पूजा करें: देवी लक्ष्मी

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🟡 3. मिथुन राशि (Gemini) – ♊

अक्षर: क, छ, घ, त
आज भागदौड़ रहेगी, लेकिन लाभदायक।

कार्य / व्यवसाय: यात्रा और मीटिंग से फायदा

शिक्षा: प्रतियोगी तैयारी में प्रगति

कला / संगीत: अच्छा मंच मिल सकता है

राजनीति: नए लोगों से संपर्क लाभ देगा

आर्थिक स्थिति: नए स्रोत बन सकते हैं

शुभ रंग: पीला

शुभ अंक: 5

पूजा करें: भगवान गणेश

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🔵 4. कर्क राशि (Cancer) – ♋

अक्षर: ड, ह, ण, द
भावुकता बढ़ सकती है, संयम से काम लें।

कार्य / व्यवसाय: गति धीमी लेकिन काम होगा

शिक्षा: ध्यान जरूरी

कला / संगीत: भावनात्मक रचनाएँ होंगी

राजनीति: सोच-समझकर बोलें

आर्थिक स्थिति: सामान्य

शुभ रंग: सफेद

शुभ अंक: 2

पूजा करें: भगवान शिव

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🟠 5. सिंह राशि (Leo) – ♌

अक्षर: म, ट, रे, ओ
आत्मबल और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।

कार्य / व्यवसाय: प्रमोशन या सम्मान संभव

शिक्षा: अच्छे अंक की संभावना

कला / संगीत: मंच पर प्रशंसा

राजनीति / प्रशासन: प्रभाव में वृद्धि

आर्थिक स्थिति: मजबूत

शुभ रंग: सुनहरा

शुभ अंक: 1

पूजा करें: सूर्य देव

🟣 6. कन्या राशि (Virgo) – ♍

अक्षर: प, ठ, ट, ण
योजना बनाकर आगे बढ़ें।

कार्य / व्यवसाय: नई जिम्मेदारी मिलेगी

शिक्षा: पढ़ाई में सफलता

कला / संगीत: सूक्ष्मता से प्रशंसा

राजनीति: विश्लेषण से लाभ

आर्थिक स्थिति: बेहतर

शुभ रंग: आसमानी

शुभ अंक: 4

पूजा करें: भगवान विष्णु

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7. तुला राशि (Libra) – ♎

अक्षर: र, त, न
संतुलन और धैर्य आज आपकी शक्ति है।

कार्य / व्यवसाय: साझेदारी लाभ देगी

शिक्षा: समूह अध्ययन से फायदा

कला / संगीत: कला संबंधी अवसर

राजनीति: समझौते बनेंगे

आर्थिक स्थिति: संतुलित

शुभ रंग: गुलाबी

शुभ अंक: 7

पूजा करें: माता दुर्गा

🔴 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) – ♏

अक्षर: न, य, ब
गुप्त शत्रु से सावधान रहें।

कार्य / व्यवसाय: गोपनीय योजना सफल

शिक्षा: रिसर्च फील्ड में सफलता

कला / संगीत: गूढ़ भाव

राजनीति: चालाकी से सफलता

आर्थिक स्थिति: ठीक-ठाक

शुभ रंग: मरून

शुभ अंक: 8

पूजा करें: भगवान शिव

🟢 9. धनु राशि (Sagittarius) – ♐

अक्षर: भ, ध, प, फ
भाग्य का साथ मिलेगा।

कार्य / व्यवसाय: बड़ा अवसर मिल सकता है

शिक्षा: विदेश या प्रतियोगिता का योग

कला / संगीत: नई पहचान

राजनीति: जनता का समर्थन

आर्थिक स्थिति: प्रगति

शुभ रंग: बैंगनी

शुभ अंक: 3

पूजा करें: श्री कृष्ण

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🔘 10. मकर राशि (Capricorn) – ♑

अक्षर: ख, ज, ग
अनुशासन आज आपकी ताकत है।

कार्य / व्यवसाय: बड़ी जिम्मेदारी

शिक्षा: कठिन विषय आसान लगेंगे

कला / संगीत: धीमी लेकिन मजबूत प्रगति

राजनीति / प्रशासन: वरिष्ठ पद का योग

आर्थिक स्थिति: स्थिर

शुभ रंग: स्लेटी

शुभ अंक: 10

पूजा करें: शनिदेव

🌊 11. कुम्भ राशि (Aquarius) – ♒

अक्षर: ग, स, श
नई सोच आज नई दिशा देगी।

कार्य / व्यवसाय: इनोवेशन से लाभ

शिक्षा: टेक/आईटी में सफलता

कला / संगीत: अलग पहचान

राजनीति: युवाओं का साथ

आर्थिक स्थिति: उन्नति

शुभ रंग: नीला

शुभ अंक: 11

पूजा करें: भगवान शिव

🐚 12. मीन राशि (Pisces) – ♓

अक्षर: द, ज, च
आध्यात्मिकता और शांति का दिन।

कार्य / व्यवसाय: रचनात्मक क्षेत्र में लाभ

शिक्षा: कला विषय में सफलता

कला / संगीत: अद्भुत सृजन

राजनीति: जनसेवा का अवसर

आर्थिक स्थिति: संतोषजनक

शुभ रंग: समुद्री

शुभ अंक: 12

पूजा करें: श्री विष्णु

नोट: यह राशिफल ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य ग्रह-स्थितियों पर आधारित है। राष्ट्र की कोई परंपरा ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करती, इसलिए अपनी जन्मकुंडली किसी विशेषज्ञ से ज़रूर दिखाएँ।

पैसे और पद का खेल… इंसानी रिश्तों में तेजी से बढ़ रहा पतन

✍️ कैलाश सिंह
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। समाज में इंसानी रिश्तों की गर्माहट लगातार कमजोर होती जा रही है। आज मानवीय भावनाओं की जगह पैसे, पद और प्रतिष्ठा ने ले ली है, जिसके कारण रिश्ते अब दिल की सच्चाई से नहीं, बल्कि स्वार्थ की तराजू पर तौले जाने लगे हैं।
एक समय था जब परिवार प्रेम, सहारा और सम्मान का प्रतीक माना जाता था, लेकिन आधुनिकता, दिखावे और आर्थिक प्रतिस्पर्धा ने इन रिश्तों की जड़ों को हिला दिया है।

समाज में ऐसे हालात बनते जा रहे हैं जहाँ बुजुर्ग माता-पिता तक अकेलेपन का बोझ झेल रहे हैं। जिन बच्चों के भविष्य के लिए मां-बाप ने जीवनभर संघर्ष किया, वही बच्चे उनके अंतिम समय में जिम्मेदारी से दूर भागने लगे हैं। रिश्तों का यह दोहरा रूप लोगों को भीतर तक तोड़ देता है।

पैसे और पद की चमक जब तक होती है, तब तक लोग आसपास रहते हैं—सलाह, साथ और अपनापन दिखाते हैं। लेकिन जैसे ही बीमारी, उम्र या आर्थिक कठिनाई दस्तक देती है, लोग दूरी बना लेते हैं।
यह स्थिति केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की गिरती संवेदनाओं का आईना है।

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आज कई घरों में अपनापन खत्म होता जा रहा है। दिखावा, बनावट और स्वार्थपूर्ण व्यवहार ने रिश्तों की नींव को कमजोर कर दिया है।
लोग भूल रहे हैं कि धन व पद स्थायी नहीं, लेकिन दुआएँ, अच्छे कर्म और इंसानियत हमेशा याद रहती है।

समाज को समझना होगा कि यदि मानवीयता खत्म हो गई, तो रिश्तों की भूमि पूरी तरह बंजर हो जाएगी।
समय की मांग है कि स्वार्थ का खेल रुके, घरों में अपनापन लौटे और रिश्तों की गर्माहट फिर से जगाई जाए, क्योंकि यही किसी सभ्य समाज की असली पहचान है।

उत्तरी गोवा के नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट से भीषण आग, 23 कर्मचारियों की मौत; पीएम मोदी ने जताया दुख

गोवा (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तरी गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित एक नाइट क्लब में देर रात हुए सिलेंडर विस्फोट ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। विस्फोट के बाद क्लब में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 23 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह जानकारी गोवा पुलिस प्रमुख अलोक कुमार ने दी।
डीजीपी के अनुसार, क्लब से अब तक 23 शव बरामद किए जा चुके हैं और सभी मृतक वहां काम करने वाले कर्मचारी थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर जताया गहरा दुख

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक है और शोक संतप्त परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएँ हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बात की है और राज्य सरकार को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

घटनास्थल पर पहुंचे सीएम प्रमोद सावंत

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो घटनास्थल पर पहुँचे। लोबो ने कहा कि अब तक किसी भी पर्यटक के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने रातभर राहत एवं बचाव कार्य चलाया और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रखा।

सीएम सावंत बोले—“नियमों की अनदेखी की वजह से हुआ हादसा”

मुख्यमंत्री सावंत ने इस घटना को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि क्लब प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अवैध रूप से और नियमों की अनदेखी करते हुए यह संस्थान चलाया, उनकी लापरवाही के कारण 23 लोगों की जान चली गई।
सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में कई खामियाँ उजागर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाइट क्लब ने फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया था। पुलिस के अनुसार यह क्लब राजधानी पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है और पिछले वर्ष ही शुरू किया गया था।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और आगे की जांच जारी है।

डेढ़ माह से बंद आधार केंद्र, जैतीपुर ब्लॉक के ग्रामीणों को भारी दिक्कतें

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर विकासखंड मुख्यालय पर स्थित आधार केंद्र पिछले डेढ़ माह से बंद है। इससे आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार कराने आने वाले ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन 25 से 50 लोग अपने बच्चों के साथ आधार संबंधी कार्यों के लिए ब्लॉक मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन केंद्र बंद मिलने पर उन्हें निराश लौटना पड़ता है।

वर्तमान समय में केवाईसी, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग कार्यों और स्कूल एडमिशन जैसे आवश्यक कार्यों में आधार अनिवार्य है। ऐसे में आधार कार्ड में त्रुटि होने पर बच्चों के दाखिले भी रुक रहे हैं। अभिभावक सुधार कराने के लिए ब्लॉक पहुंचते हैं, लेकिन केंद्र पर लगातार ताला लगा देखकर वापस लौटना पड़ता है।

ब्लॉक मुख्यालय पर तैनात कर्मचारियों को भी केंद्र के बंद होने के कारण या उसके दोबारा खुलने की संभावित तारीख की जानकारी नहीं है। मौके पर मौजूद एक पंचायत सहायक ने बताया कि आधार केंद्र ऑपरेटर ने “साइट न चलने” का कारण बताते हुए 5 दिन में केंद्र खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है और स्थिति जस की तस है।

वहीं ग्रामीणों में चर्चा है कि ब्लॉक मुख्यालय के नाम पर यह केंद्र किसी अन्य स्थान से संचालित किया जा रहा है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी मनीष दत्त से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने मांग की है कि आधार केंद्र को जल्द से जल्द पुनः शुरू कराया जाए, ताकि जरूरी कार्य प्रभावित न हों।

करकौर गांव में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, कीचड़ में उलटी कबाड़ ठेली; कबाड़ी बाल-बाल बचा

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर विकासखंड के करकौर गांव में लंबे समय से सफाई न होने के कारण मुख्य गली की हालत बदतर हो गई है। शनिवार शाम करीब 4 बजे गली में भरे कीचड़ के कारण एक कबाड़ ठेली फिसलकर पलट गई। ठेली पर बैठा कबाड़ी बाल-बाल बच गया।

आसपास मौजूद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर ठेली को सीधा किया। ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मी की लगातार लापरवाही के कारण गांव में गंदगी और कीचड़ की समस्या बढ़ती जा रही है। मुख्य गली में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, जिसके चलते लोग खुद सफाई करने को मजबूर हैं।

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ग्रामीण महावीर सिंह गुर्जर और बलवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने सफाईकर्मी से कई बार फोन पर बात की। सफाईकर्मी ने तीन दिन में आने का आश्वासन दिया था, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी वह गांव में नहीं पहुँचा। इस मामले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत रामौतार शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। गांव के लोगों ने प्रशासन से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि हादसों का खतरा कम हो सके।

झारखंड की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम रांची से भोपाल रवाना, उमंग नेशनल ट्रॉफी में दिखेगा दम

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया एवं उमंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित डिसेबल्ड क्रिकेट वूमेन्स उमंग नेशनल ट्रॉफी चैंपियनशिप 2025 में भाग लेने के लिए झारखंड की महिला टीम शुक्रवार को रांची रेलवे स्टेशन से भोपाल के लिए रवाना हुई। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 8 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 तक भोपाल में आयोजित की जा रही है।

झारखंड महिला टीम में शामिल खिलाड़ी—
संजुक्ता एक्का (कप्तान), महिमा उरांव, निक्की कुमारी, पुष्पा मिंज, पूनम कुमारी, जय श्री कुमारी, सुनीता कुमारी, सरिता भूट कुमारी, प्रतिमा तिर्की, अनीता तिर्की, असुंता टोप्पो, तारामणि लकड़ा, शकुंतला लकड़ा, प्रेमलता सेन गुप्ता और सुष्मिता एक्का — प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। टीम को उत्साह और मनोबल बढ़ाने के लिए रांची स्टेशन पर कई

प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं, जिनमें—
दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कंचन,
पैरा ओलंपिक एसोसिएशन ऑफ झारखंड की सचिव सरिता सिंहा,
समाजसेवी जग्गू सिंह जगदीश, दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ झारखंड के अध्यक्ष राहुल मेहता, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सनोज महतो, मुकेश कुमार, चंदन लोहरा, विजय कुमार और अन्य सम्मानित व्यक्ति शामिल थे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए टीम की जीत की अग्रिम बधाई दी। झारखंड की यह टीम भोपाल में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार है।

सामाजिक सुधार और अंतरिक्ष अनुसंधान की गवाही देता 7 दिसंबर

7 दिसंबर: शौर्य, विज्ञान और सामाजिक परिवर्तन की अमर गाथा — एक तारीख जो इतिहास के सीने में धड़कती है

7 दिसंबर सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह वह दिन है जिसमें बलिदान, साहस, वैज्ञानिक उपलब्धि और सामाजिक क्रांति की कहानियाँ एक साथ गूंजती हैं। भारत और विश्व के इतिहास में इस दिन ऐसी अनेक घटनाएँ घटीं, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों की सोच, दिशा और परिस्थितियों को बदल कर रख दिया। आइए “7 दिसंबर का इतिहास” को विस्तार से जानते हैं और उन घटनाओं पर प्रकाश डालते हैं, जिन्होंने मानवीय सभ्यता को नया आकार दिया।

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1856: भारत में पहली बार विधवा विवाह – एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत

19वीं सदी का भारत सामाजिक कुरीतियों से जूझ रहा था, जहाँ विधवाओं को जीवनभर दुःख भोगने के लिए मजबूर कर दिया जाता था। लेकिन 7 दिसंबर 1856 को ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयत्नों से पहली बार एक विधवा का पुनर्विवाह संपन्न हुआ। यह घटना केवल एक विवाह नहीं थी, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच के खिलाफ एक ऐतिहासिक विद्रोह थी। इस कदम ने महिलाओं को नया सम्मान, अधिकार और जीवन की एक नई राह दी। यह दिन सामाजिक सुधार आंदोलन का मजबूत प्रतीक बन गया और आगे चलकर महिला अधिकारों की लड़ाई की नींव बना।

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1941: पर्ल हार्बर पर हमला – दुनिया के युद्ध इतिहास की निर्णायक घड़ी

7 दिसंबर 1941 का दिन विश्व इतिहास का एक ऐसा मोड़ है जिसने द्वितीय विश्व युद्ध की दिशा ही बदल दी। जापान ने अचानक अमेरिका के हवाई द्वीप स्थित पर्ल हार्बर नेवल बेस पर हमला कर दिया। इस हमले में हजारों सैनिक मारे गए और कई युद्धपोत नष्ट हो गए। इसके बाद अमेरिका औपचारिक रूप से द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया। यह घटना केवल एक सैन्य हमला नहीं थी, बल्कि पूरी वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन को हिला देने वाली घटना थी। इसके प्रभाव से पूरी दुनिया युद्ध के भयंकर तूफान में डूब गई थी।

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1949: भारत में सशस्त्र सेना झंडा दिवस – शहीदों के सम्मान का पर्व

7 दिसंबर को भारत में “सशस्त्र सेना झंडा दिवस” की शुरुआत वर्ष 1949 में की गई। इस दिन देश के बहादुर सैनिकों, शहीदों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए नागरिक स्वेच्छा से योगदान करते हैं। झंडे और बैज बेचकर एकत्र किया गया धन शहीदों के परिजनों, दिव्यांग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास में लगाया जाता है। यह दिन भारतवासियों के दिलों में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और गहराई देता है। यह याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी और शांति के पीछे हजारों वीरों का बलिदान छुपा है।

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1972: अपोलो 17 का प्रक्षेपण – चंद्रमा की आखिरी मानव यात्रा

7 दिसंबर 1972 को नासा ने अपोलो 17 मिशन को चंद्रमा के लिए लॉन्च किया, जो अब तक का अंतिम मानवयुक्त चंद्र मिशन था। इसी मिशन के दौरान प्रसिद्ध “ब्लू मार्बल” फोटो ली गई, जिसमें पृथ्वी को अंतरिक्ष से पूरी सुंदरता के साथ देखा गया। यह तस्वीर पूरे विश्व के लिए पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा संदेश बनी। अपोलो 17 ने विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की नई ऊँचाइयों को छुआ तथा मानव जिज्ञासा और क्षमता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

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1995: भारत का संचार उपग्रह INSAT-2C – तकनीकी सशक्तिकरण की ओर कदम

7 दिसंबर 1995 को भारत ने अपना संचार उपग्रह INSAT-2C सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इस उपग्रह ने टेलीकम्युनिकेशन, टीवी प्रसारण और मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की मजबूत प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना। इस मिशन ने यह साबित किया कि भारत न केवल रक्षा के क्षेत्र में बल्कि विज्ञान और तकनीक में भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

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7 दिसंबर का इतिहास त्याग, साहस, वैज्ञानिक प्रतिभा और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक तारीख में भी अनगिनत कहानियाँ छुपी हो सकती हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती हैं। चाहे वह शहीदों का सम्मान हो, समाज में बदलाव की शुरुआत हो या फिर अंतरिक्ष की अनंत यात्रा – 7 दिसंबर मानव इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है।

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पंचाग के अनुसार सूर्य की पहली किरण के साथ अपने भीतर के अंधेरे को मिटाइए

श्री पंचांग — 7 दिसंबर 2025, रविवार
(धार्मिक, आध्यात्मिक व दैनिक जीवन के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका)

आज का दिन आस्था, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। सूर्यदेव की कृपा से यह रविवार आत्मबल बढ़ाने, संकल्प लेने और अधूरे कार्य पूरे करने का श्रेष्ठ अवसर प्रदान करता है। नीचे दिया गया पंचांग दैनिक जीवन, यात्रा, पूजा-पाठ और शुभारंभ के लिए अत्यंत उपयोगी है।

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दिनांक व वार
7 दिसंबर 2025 — रविवार

सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: 07:01 प्रातः
सूर्यास्त: 05:24 सायं

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चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा: मिथुन राशि में 10:38 पी एम तक

तिथि
कृष्ण पक्ष — तृतीया तिथि शाम 06:24 बजे तक

नक्षत्र
पुनर्वसु — 04:11 सुबह, 08 दिसंबर तक

योग
शुक्ल योग — 08:07 शाम तक

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करण
गर / वणिज (तिथि के अनुसार पारंपरिक माना गया)

शक संवत
1947 — विश्वावसु

विक्रम संवत
2082 — कालयुक्त

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चंद्र मास
मार्गशीर्ष (अगहन) मास

सूर्य राशि
धनु राशि (दिसंबर माह में सूर्य का सामान्य गोचर)

चंद्र राशि
मिथुन (10:38 रात तक)

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अशुभ काल
राहुकाल: 04:06 अपराह्न से 05:24 अपराह्न
इस समय शुभ कार्य, यात्रा आरंभ, पूजा, नवीन कार्य आरंभ न करें।

शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:20 प्रातः से 06:10 प्रातः
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 दोपहर से 12:33 दोपहर
(ध्यान, पूजा, जप व नये संकल्प के लिए उत्तम)

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सर्वार्थसिद्धि योग
नक्षत्र पुण्य संयोग के कारण दिन के प्रथम भाग में सर्वार्थसिद्धि योग का भाव बनता है, अतः आत्मिक कार्य, जप-तप व शिक्षा-संबंधी कार्य लाभकारी रहेंगे।

यात्रा वर्जित दिशा
आज पश्चिम दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है।

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यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या करें
गुड़ या सौंफ खाकर यात्रा आरंभ करें, साथ में जल रखें।

किस दिशा की यात्रा शुभ रहेगी
पूर्व व उत्तर दिशा की यात्रा लाभकारी, सफलता व शुभ समाचार देने वाली मानी जाएगी।

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आज का विशेष भाव
आज का दिन मन की चंचलता को साधने और बुद्धि के विस्तार का है। मिथुन चंद्रमा संवाद, लेखन, अध्ययन और विचारों को प्रखर करता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, पर निर्णय सोच-समझकर ले।

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नोट:
इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परंपरा अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं है। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।यह पंचांग न केवल समय बताता है, बल्कि आत्मा की दिशा भी दिखाता है। आज का दिन आपके लिए मंगलमय हो।

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तहसील बार एसोसियेशन देवरिया विवाद: अधिकारियों की कार्यशैली से असंतोष बढ़ा, अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य रोकने का निर्णय लिया

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील बार एसोसियेशन देवरिया विवाद आज फिर चर्चाओं में रहा जब 06 दिसंबर 2025 को एसोसिएशन की आवश्यक बैठक अध्यक्ष सामन्त कुमार मिश्र, एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और बताया कि ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट/एसडीएम देवरिया तथा तहसीलदार देवरिया को समय देने के बावजूद उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार देखने को नहीं मिला।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से तहसीलदार देवरिया द्वारा। GRS के अलावा किसी भी न्यायिक कार्य पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नायब तहसीलदार द्वारा न्यायिक कार्य में रुचि न लेने और व्यवहारिक दृष्टिकोण में कमी के कारण तहसील परिसर में असंतोष का माहौल व्याप्त है।

बार एसोसियेशन ने इस संबंध में जिलाधिकारी देवरिया, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) और सीआरओ को कई पत्र दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग भी बार-बार उठाई गई, जिसे शासन-प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया। इसके चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया है।

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अधिवक्ताओं ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण बार और ब्रांच के बीच तनाव बढ़ता गया। दबाव डालने पर अधिकारियों ने धारा 31/32 की 150 पत्रावलियाँ पुनः तहसील में भेज दीं, जिससे विवाद और गंभीर हो गया। इसके विरोध में अधिवक्ता कुछ दिन पूर्व शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने को विवश हुए थे, जिसे जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से समाप्त किया गया।

डीएम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके आदेशों का अनुपालन अभी भी नहीं किया जा रहा। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बार एसोसियेशन ने पुनः लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

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बैठक में अजय कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार शाही, राजाराम, युगुल किशोर तिवारी, राघव पाण्डेय, राजीव त्रिपाठी, रामईश्वर सिंह, जसमुद्दीन, अजय कुमार, विष्णु कुमार, सच्चिदानन्द सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।