Sunday, June 28, 2026
Home Blog Page 413

न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में पराविधिक स्वयंसेवक बने सशक्त माध्यम

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा–निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के तत्वावधान में संवर्धन योजना के तहत पराविधिक स्वयंसेवकों/अधिकार मित्रों के क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज 07 दिसंबर 2025 को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव डीएलएसए/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, जिलाधिकारी देवरिया दिव्या मित्तल तथा अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय द्वारा फीता काटकर, मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

ये भी पढ़ें –मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

जनपद न्यायाधीश सिंह ने पराविधिक स्वयंसेवकों को सम्मानित करते हुए कहा कि “समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में पीएलवी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीएलवी आमजन, विशेषकर कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति शिक्षित करें, ताकि वे न्याय पाने में सक्षम बन सकें।”

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवकों को न केवल कानून संबंधी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, बल्कि उन्हें साधारण विवादों को मूल स्तर पर ही सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

सचिव डीएलएसए मनोज कुमार तिवारी ने नालसा साथी योजना, वरिष्ठ नागरिक योजना एवं मानव तस्करी तथा व्यावसायिक यौन शोषण से पीड़ितों हेतु संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कुशीनगर, मऊ, बलिया और महाराजगंज के सचिवों ने भी नालसा की विभिन्न योजनाओं से पीएलवी को अवगत कराया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर सुश्री श्रुति शर्मा ने शासन द्वारा चलाए जा रहे जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में डीएम, एएसपी, सभी संबंधित जनपदों के सचिव, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा बड़ी संख्या में पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित

मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा) शाहबाजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रसव सुविधा जल्द ही शुरू होने जा रही है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने रविवार को शाहबाजपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

ये भी पढ़ें –विज्ञान और सत्ता की ऐतिहासिक गाथाएं

सीएमओ ने कहा कि जन स्वास्थ्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव सुविधा को जल्द से जल्द चालू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान डॉ. गुप्ता ने नियमित टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण कार्यक्रमों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति की जानकारी भी हासिल की।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि केंद्र पर आने वाले सभी मरीजों से विनम्र व्यवहार करते हुए उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अभियानों को समन्वित प्रयासों से और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मेले में मरीजों से फीडबैक लेकर उन्होंने उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया।

ये भी पढ़ें –जालौन में थाना प्रभारी की आत्महत्या से पुलिस महकमे में शोक, गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम

इसके बाद सीएमओ ने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) पर आवश्यक उपकरण, दवाएँ और बच्चों के वजन की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निर्धारित सेवाएँ पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएमएचसी विश्वनाथ मल्ल और राय कमलेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

जालौन में थाना प्रभारी की आत्महत्या से पुलिस महकमे में शोक, गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जालौन जनपद में थाना प्रभारी अरुण राय द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रजनौली ( संत कबीर नगर) पहुंचा, पूरा गांव मातम में डूब गया। परिजनों का विलाप रुक नहीं रहा था और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर तरफ शोक की लहर व्याप्त थी।
बताया गया कि जालौन की यह घटना दो दिनों से चर्चा में रही। शव गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह शोकाकुल हो गया। रिश्तेदार और ग्रामीण गम से भरे हुए थे, और परिवारजन दहाड़ मार-मारकर रोते नजर आए। माहौल इतना भावुक था कि उपस्थित लोगों के लिए भी अपने आंसू रोक पाना मुश्किल हो गया।

ये भी पढ़ें – खुखुंदू थाने में तैनात सिपाही को साथियों ने दी भावुक विदाई, पूरे स्टाफ ने जताया सम्मान

परिजनों की इच्छा के अनुसार स्वर्गीय अरुण राय का अंतिम संस्कार धनघटा थाना क्षेत्र स्थित बिडहर घाट पर किया गया।
धनघटा क्षेत्राधिकारी अभयनाथ मिश्रा के नेतृत्व में धनघटा पुलिस फोर्स पूरे समय मौजूद रही। पुलिस की उपस्थिति ने न सिर्फ व्यवस्था संभाली, बल्कि शोकग्रस्त परिवार को संबल भी प्रदान किया।
अंतिम यात्रा के दौरान सबसे मार्मिक दृश्य उस समय देखने को मिला जब इंस्पेक्टर धनघटा जयप्रकाश दुबे स्वयं नम आंखों के साथ अर्थी को कंधा देते दिखाई दिए। उनके चेहरे पर उभरी पीड़ा यह बता रही थी कि सहकर्मी के जाने का दर्द कितना गहरा है। उनके आंसू इस रिश्ते की आत्मीयता को बयान कर रहे थे।
वर्दी को अक्सर कठोरता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इंस्पेक्टर दुबे का यह भावुक रूप यह साबित कर गया कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी होता है। उनकी यह मानवीय संवेदना वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गई। लोग उनकी भावनात्मक भागीदारी और सहकर्मी के प्रति सम्मान की सराहना करते दिखे।

ये भी पढ़ें – विज्ञान और सत्ता की ऐतिहासिक गाथाएं

स्वर्गीय अरुण राय के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इंस्पेक्टर जयप्रकाश दुबे ने कहा कि हम सिर्फ सहकर्मी नहीं थे, बल्कि एक परिवार की तरह जुड़े थे। उनका जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। उनके इन शब्दों ने माहौल को और भी भावुक कर दिया।
अंतिम संस्कार में धनघटा पुलिस टीम ने जिस तरह परिवार को संभाला और अपने साथी अधिकारी को सम्मानजनक विदाई दी, वह सेवा, संवेदना और मानवता का उदाहरण बन गया। यह घटना लंबे समय तक मानवता से भरे पुलिस व्यवहार के रूप में याद की जाएगी। इस मौके पर इंस्पेक्टर क्राइम रामेश्वर यादव, चौकी प्रभारी बिडहर घाट लाल बिहारी निषाद सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

विज्ञान और सत्ता की ऐतिहासिक गाथाएं

“8 दिसंबर: वह तारीख जिसने युद्ध, विज्ञान, राजनीति और मानवता की पीड़ा को एक ही पटल पर उकेर दिया”

8 दिसंबर का इतिहास विश्व पटल पर कई ऐसी घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने न केवल देशों की राजनीति बदली, बल्कि विज्ञान, युद्ध, मानवाधिकार और सामाजिक चेतना पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा। यह दिन कभी सत्ता परिवर्तन का गवाह बना तो कभी प्राकृतिक और मानव-जनित त्रासदियों की स्मृति बन गया। आइए, 8 दिसंबर के इतिहास की प्रमुख घटनाओं पर विस्तार से नजर डालें:

ये भी पढ़ें –राष्ट्रीय शिल्प मेले में लोक कलाकारों की धूम, मऊ की रिद्धि पांडे ने लोकधुनों से बांधा समां

2007 – मूसा कला में गठबंधन सेना का हमला (अफगानिस्तान)
8 दिसंबर का इतिहास अफगानिस्तान के मूसा कला जिले में हुए एक बड़े सैन्य अभियान को भी दर्ज करता है। अमेरिका के नेतृत्व में नाटो और गठबंधन सेना ने तालिबानी आतंकियों पर जोरदार हमला किया। इस संघर्ष का उद्देश्य आतंकी संगठनों की शक्ति को कमजोर करना था, पर इससे स्थानीय नागरिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ा।

ये भी पढ़ें –मऊ से थूक जिहाद का आया नया मामला

2005 – रेड क्रॉस का नया प्रतीक ‘रेड क्रिस्टल’
8 दिसंबर के इतिहास में एक मानवीय उपलब्धि भी जुड़ी हुई है। रेड क्रॉस और रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने एक नया चिह्न – हीरे के आकार का ‘रेड क्रिस्टल’ – स्वीकार किया। यह प्रतीक उन देशों के लिए था जो धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से पहले के चिह्नों को नहीं अपनाते थे।

ये भी पढ़ें –साइबर टीम कोपागंज ने शिकायतकर्ता के खाते में गायब दस हजार धनराशि वापस कराया

2004 – पाकिस्तान का शाहीन-1 मिसाइल परीक्षण
8 दिसंबर का इतिहास दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन से भी जुड़ा है। पाकिस्तान ने 700 किलोमीटर तक मार करने वाली शाहीन-1 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को एक बार फिर तनावपूर्ण बना दिया और हथियारों की दौड़ पर वैश्विक चिंता बढ़ाई।

ये भी पढ़ें –अवनीश तिवारी ने बढ़ाया मऊ जनपद का मान

2003 – जिम्बाब्वे ने राष्ट्रमंडल छोड़ा
इस दिन जिम्बाब्वे ने राष्ट्रमंडल की सदस्यता से खुद को अलग करने की घोषणा की। 8 दिसंबर का इतिहास यह बताता है कि किस तरह राजनीतिक मतभेद और मानवाधिकार के मुद्दे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करते हैं।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में नई सरकारें
8 दिसंबर का इतिहास भारतीय राजनीति में भी खास है। इसी दिन वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की मुख्यमंत्री बनीं और उमा भारती ने मध्य प्रदेश की कमान संभाली। इन चेहरों ने अपने-अपने राज्यों की राजनीति की दिशा बदलने का काम किया।

ये भी पढ़ें –भाभी से दुष्कर्म का प्रयास कपड़े फाड़कर मारपीट का आरोप

2002 – गौमूत्र पर अमेरिकी पेटेंट विवाद
8 दिसंबर का इतिहास भारत की पारंपरिक जैव संपदा से भी जुड़ता है। नीम, हल्दी और जामुन के बाद गौमूत्र को लेकर पेटेंट विवाद सामने आया। इस घटना ने स्वदेशी ज्ञान और अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक अधिकारों को लेकर नए प्रश्न खड़े कर दिए।

2002 – नेपाल में नक्सली हमला
पूर्वी नेपाल में नक्सलियों द्वारा बम धमाके में एक बस उड़ाए जाने की दुखद घटना भी 8 दिसंबर के इतिहास का हिस्सा है। इसमें कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए, जिसने क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल बना दिया।

ये भी पढ़ें –62 वर्ष की रिटायरमेंट: राहत या रोजगार संकट?

2000 – रक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव
8 दिसंबर का इतिहास बताता है कि इसी दिन ब्रिटेन और रूस के बीच रक्षा समझौता हुआ, वहीं फ्रांस के वैज्ञानिकों ने अल्जाइमर रोग के इलाज में सहायक ‘गोलानटेमाइन’ की खोज की। यह विज्ञान और सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।

ये भी पढ़ें –इस्माइलपुर में मकान में अचानक लगी आग

2000 – युगांडा में इबोला का प्रकोप
इसी दिन खबर आई कि युगांडा में इबोला के मामले 400 के पार पहुंच गए हैं और 160 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। 8 दिसंबर का इतिहास महामारी के भयावह रूप को भी हमारे सामने लाता है।

1998 – ह्यूगो शावेज बने राष्ट्रपति
वेनेजुएला के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल ह्यूगो शावेज का राष्ट्रपति चुना जाना 8 दिसंबर का इतिहास बन गया। उनके शासन ने लैटिन अमेरिकी राजनीति में वामपंथी विचारधारा को एक नई पहचान दिलाई।

ये भी पढ़ें –हेड कॉन्स्टेबल सरोज की हत्या का आरोपी सिपाही सरेंडर

1998 – महिला आइस हॉकी की शुरुआत
ओलंपिक इतिहास में पहली बार महिला आइस हॉकी को शामिल किया गया। फिनलैंड ने स्वीडन को 6-0 से हराकर इतिहास रच दिया। 8 दिसंबर का इतिहास खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक बन गया।

1995 – पंचेन लामा विवाद
चीन द्वारा छह वर्षीय बालक झेनकेन नोरबू को पंचेन लामा घोषित करना 8 दिसंबर के इतिहास का एक संवेदनशील और विवादास्पद अध्याय है। इसने तिब्बत और चीन के बीच धार्मिक और राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया।

ये भी पढ़ें –तिलक समारोह से गहनों से भरा बैग चुराने का मामला सुलझा

1976 – अमेरिका का परमाणु परीक्षण
नेवादा रेगिस्तान में अमेरिका ने परमाणु परीक्षण किया। 8 दिसंबर का इतिहास वैश्विक शांति के लिए चिंता का विषय बना, क्योंकि ऐसे परीक्षणों से पर्यावरण और मानव जीवन दोनों पर खतरा बढ़ता है।

1967 – आईएनएस कालवरी नौसेना में शामिल
भारत की पहली पनडुब्बी INS कालवरी को इसी दिन नौसेना में शामिल किया गया। 8 दिसंबर का इतिहास भारतीय रक्षा शक्ति को मजबूती देने वाले इस महत्वपूर्ण कदम को याद करता है।

ये भी पढ़ें –ग्राम सभा मंगराईच में रविवार को भी जारी रहा SIR कार्य, BLO और पंचायत टीम ने किया घर-घर सत्यापन

1956 – मेलबर्न ओलंपिक का समापन
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुए 16वें ओलंपिक खेलों का समापन 8 दिसंबर को हुआ। यह खेल इतिहास में कई नए रिकॉर्ड और अविस्मरणीय क्षण छोड़ गए।

1941 – जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा
पर्ल हार्बर पर हमले के बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। 8 दिसंबर का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध को और भयावह मोड़ पर ले गया।

ये भी पढ़ें –अपराधियों के खिलाफ अभियान में कोपागंज पुलिस को बड़ी सफलता

1923 – जर्मनी–अमेरिका मैत्री संधि
दोनों देशों के बीच मैत्री संधि पर हस्ताक्षर हुए, जिसने युद्ध के बाद के संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश की। यह 8 दिसंबर के इतिहास में कूटनीति का अहम अध्याय है।

1881 – वियना में थिएटर हादसा
ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना के एक थिएटर में भयानक आग लगने से 800 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई। 8 दिसंबर का इतिहास मानवीय लापरवाही और त्रासदी का दारुण चित्र प्रस्तुत करता है।

ये भी पढ़ें –“एक नई आशा” संस्था द्वारा जिला कारागार सेवा कार्यक्रम का आयोजन

1863 – सेंटियागो का चर्च हादसा
चिली की राजधानी सेंटियागो के एक गिरजाघर में आग लगने से लगभग ढाई हजार लोगों की मौत हो गई। यह 8 दिसंबर के इतिहास की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में से एक है।

खुखुंदू थाने में तैनात सिपाही को साथियों ने दी भावुक विदाई, पूरे स्टाफ ने जताया सम्मान

खुखुन्दू/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
खुखुंदू थाने में तैनात रहे सिपाही का दूसरे थाने में स्थानांतरण होने पर रविवार को थाने के समस्त पुलिस स्टाफ ने भावुक पल के बीच उन्हें सम्मानपूर्ण विदाई दी। पुलिस की व्यस्त दिनचर्या और ड्यूटी के बीच साथ काम करने वाले सहयोगियों ने सिपाही के प्रति अपने लगाव और सम्मान का परिचय देते हुए उनको शुभकामनाओं के साथ विदाई दी।

विदाई समारोह के दौरान थानाध्यक्ष निरीक्षक दिनेश मिश्रा, कांस्टेबल गिरजेश यादव, कांस्टेबल विनोद यादव, उप निरीक्षक जयप्रकाश यादव, कांस्टेबल चंदन गहलावत सहित थाने में तैनात सभी पुलिस कर्मियों ने सिपाही के साथ बिताए पलों को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सभी पुलिसकर्मियों ने बताया कि स्थानांतरित सिपाही ने अपनी सेवा अवधि में अनुशासन, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ काम किया। थाने पर उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। वातावरण एक समय के लिए भावुक हो उठा जब सहकर्मियों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर उनकी नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं दीं।

स्थानांतरित सिपाही ने भी सभी अधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खुखुंदू थाने में मिला प्यार, सम्मान और सहयोग जीवनभर याद रहेगा।

विदाई कार्यक्रम सरल, सौहार्दपूर्ण और भावनाओं से भरा रहा। पुलिस स्टाफ ने आशा जताई कि वे अपने नए कार्यस्थल पर भी इसी लगन और समर्पण से कार्य करते रहेंगे।

“एक नई आशा” संस्था द्वारा जिला कारागार सेवा कार्यक्रम का आयोजन

कार्यक्रम में महिला बैरक में ऊनी कंबल एवं हाइजीनिक किट वितरण

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
समाज सेवा के प्रति समर्पित संस्था “एक नई आशा” का आयोजन रविवार को जिला कारागार हुआ, जिसके तहत महिला बैरक में ऊनी कंबल, ऊनी स्कार्फ, ऊनी मोज़े एवं हाइजीनिक किट का वितरण किया गया। संस्था द्वारा प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी ठंड के मौसम में यह सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शोभा मुथा अशोक जैन (धर्मपत्नी—एडिशनल डीजी ज़ोन, गोरखपुर) ने अपने उद्बोधन में कहा कि “समाज की सेवा सिर्फ़ दान नहीं, बल्कि मन की सच्ची भावनाओं से किया गया एक पुनीत कार्य है। महिला बैरक में इस प्रकार की उपयोगी सामग्री देना अत्यंत सराहनीय कदम है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अनीता अग्रवाल (वरिष्ठ समाजसेविका) ने कहा कि “एक नई आशा संस्था वर्षों से लगातार सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। जेल की महिला बंदियों को सर्दी से राहत देने का यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है।”
विशिष्ट अतिथि जिला कारागार के जेलर अरुण कुमार कुशवाहा ने कहा कि “ऐसे कार्यक्रम बंदियों में सकारात्मकता लाते हैं और समाज से जुड़े रहने की भावना को मज़बूत करते हैं। संस्था का यह योगदान प्रशंसनीय है।”
कार्यक्रम में संस्थापक आशीष छापड़िया एवं सीमा छापड़िया ने एक नई आशा संस्था की स्थापना, उद्देश्यों एवं विभिन्न सेवा कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन संस्था के कार्यक्रम निदेशक कनक हरि अग्रवाल ने किया।
अनुराग अग्रवाल ने भी सेवा कार्य को सफल बनाने हेतु सहयोग प्रदान किया।
धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव रोहित रामरायका द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में एक नई आशा संस्था से पूर्व अध्यक्ष उषा मस्करा, सदस्य राधा सिंघानिया, नवनीत सिंघानिया, नमामि अग्रवाल, पवन चौधरी, सुशील अग्रवाल एवं रेखा अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कारागार प्रशासन की ओर से डिप्टी जेलर अमिता श्रीवास्तव एवं कृष्णा कुमारी ने कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और महिला बैरक की सभी बंदियों को ऊनी सामग्री एवं हाइजीन किट वितरित की गईं।

अपराधियों के खिलाफ अभियान में कोपागंज पुलिस को बड़ी सफलता

आधा दर्जन वांछित वारंटी गिरफ्तार

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा )पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देश पर चलाए जा रहे वांछित एवं वारंटी अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत कोपागंज पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार तथा क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र कुमार सिंह द्वारा स्वय की जा रही हैं।

प्रभारी निरीक्षक कोपागंज रविन्द्रनाथ राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक नितेश कुमार, उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह तथा हे0का0 धनंजय पाण्डेय की टीम ने मुकदमा संख्या 6377/20, अपराध संख्या 2141ए/10, धारा 147/323/504/506/427 भादवि, थाना कोपागंज से संबंधित छह वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में जितेन्द्र पुत्र लक्ष्मण राजभर, निवासी खजुरहट कसारा ,रामबदन पुत्र लग्गन, निवासी खजुरहट कसारा
लिरखू पुत्र शिवबरन, निवासी खजुरहट कसारा, शांति पत्नी बिहारी, निवासी खजुरहट कसारा ,मंजू पत्नी गुड्डू, निवासी खजुरहट कसारा
चन्द्रावती पत्नी हीरा, निवासी खजुरहट कसारा

वहीं दूसरी ओर, उपनिरीक्षक मनीष कुमार, उपनिरीक्षक रामअवधेश गुप्ता एवं हे0का0 दिलीप यादव की टीम ने मुकदमा संख्या 609/2002 से संबंधित अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा।
पुलिस अधीक्षक ने कोपागंज पुलिस टीम की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

ग्राम सभा मंगराईच में रविवार को भी जारी रहा SIR कार्य, BLO और पंचायत टीम ने किया घर-घर सत्यापन

देवरिया/सलेमपुर। ग्राम सभा मंगराईच में रविवार के अवकाश के बावजूद सरकारी कार्यों में तेजी दिखी। यहां BLO राजेश दीक्षित और पंचायत सहायिका संगीता भारद्वाज ने पूरे दायित्व के साथ SIR (समग्र सूचना पंजीकरण) का कार्य जारी रखा। दोनों कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से घर-घर जाकर सूचनाओं का सत्यापन किया।

कार्य के दौरान ग्रामीण उमेश तिवारी, छोटू छतरी, मारकण्डेय तिवारी, राज तिवारी और मनीष तिवारी ने सक्रिय सहयोग देते हुए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार को भी टीम का कार्य करने के प्रति यह समर्पण सराहनीय है, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

BLO राजेश दीक्षित ने बताया कि पात्र व्यक्तियों की जानकारी अपडेट करने के लिए SIR कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। पंचायत सहायिका संगीता भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीणों का सहयोग मिलने से कार्य सुचारु रूप से पूरा हो रहा है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी तत्परता से भविष्य में भी सरकारी लाभ समय से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा।

तिलक समारोह से गहनों से भरा बैग चुराने का मामला सुलझा

गोरखनाथ पुलिस ने 7 लाख के आभूषण बरामद किए, मुख्य आरोपी फरार

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)कोतवाली क्षेत्र के प्रगति मैरिज हॉल में 21 नवंबर को हुए तिलक समारोह के दौरान चोरी हुए गहनों के बैग को गोरखनाथ पुलिस ने बरामद कर लिया है। हालांकि घटना को अंजाम देने वाला शातिर चोर मौके से फरार हो गया। चोरी गए गहनों की कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।गोरखनाथ थाना पुलिस के उपनिरीक्षक अनूप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। 6 दिसंबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मध्य प्रदेश निवासी आरोपी बाबी सासी धर्मशाला बाजार स्थित शराब भट्टी के पास रेलवे लाइन किनारे खड़ा है और किसी साथी का इंतजार कर रहा है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगा। पकड़े जाने के डर से उसने हाथ में लिए झोले को फेंक दिया और ट्रैक पर आ चुकी ट्रेन का फायदा उठाकर अंधेरे में फरार हो गया। पुलिस ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।पुलिस द्वारा बरामद झोले को खोलकर देखा गया तो उसमें तिलक समारोह से चोरी हुआ पूरा सामान मौजूद था। बरामद आभूषणों में शामिल हैं—पीली धातु: 1 हार (35 ग्राम), 2 कंगन (19 ग्राम), 2 झुमके (8 ग्राम), 1 अंगूठी (1.6 ग्राम)सफेद धातु: प्लेट (156 ग्राम), नारियल (28 ग्राम), 5 पान पत्ता (22 ग्राम), मछली (22 ग्राम), 5 सिक्के (43 ग्राम), 5 सुपारी (13 ग्राम), 2 हाथ पलासी (53 ग्राम), कर्धनी पेटी (300 ग्राम)।बरामदगी के बाद मामले में धारा 317(2) BNS की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बाबी सासी एक सक्रिय गिरोह का सदस्य है, जो विभिन्न राज्यों में शादी-विवाह समारोह में शामिल होकर आभूषण व नकदी चोरी करता है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश जारी है।घटना से संबंधित FIR मु0अ0सं0 502/2025 धारा 303(2) BNS पहले ही दर्ज की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

हेड कॉन्स्टेबल सरोज की हत्या का आरोपी सिपाही सरेंडर

अवैध संबंध, इंश्योरेंस रकम और साजिश में जहर देने का आरोप

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सीआईडी में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल सरोज यादव की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। पत्नी की हत्या के आरोपी यूपी पुलिस के सिपाही अष्टभुज कुमार यादव ने वारदात के लगभग तीन महीने बाद शनिवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और शाहपुर पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
27 फरवरी 2025 की रात हुई मौत को शुरू में सामान्य बताया गया था। पोस्टमार्टम में कारण स्पष्ट न मिलने पर विसरा जांच कराई गई। अगस्त में आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में एल्युमीनियम फॉस्फाइड जहर मिलने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर शाहपुर पुलिस ने सितंबर माह में सरोज के पिता हरीलाल यादव की तहरीर पर अष्टभुज, उसकी मां और पिता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
हरीलाल यादव, जो सरकारी विभाग से रिटायर हैं, ने गंभीर आरोप लगाया कि दामाद अष्टभुज का खलीलाबाद पोस्टिंग के दौरान एक महिला कांस्टेबल से अवैध संबंध था। बेटी द्वारा विरोध करने पर वह उसे मारता-पीटता था। पिता के अनुसार संबंध जारी रखने, आर्थिक लाभ पाने और इंश्योरेंस रकम हड़पने के लिए साजिशन जहर देकर हत्या की गई।
पीड़ित परिवार ने बताया कि शादी के बाद सरोज के नाम 50 लाख का टर्म लाइफ इंश्योरेंस, 41 लाख का संयुक्त लोन और एक अन्य बैंक से 20 लाख का कर्ज लिया गया था। आरोप है कि सरोज की मौत के बाद अष्टभुज ने इंश्योरेंस क्लेम के लिए भी प्रयास किए। सरोज और अष्टभुज की शादी 11 दिसंबर 2013 को हुई थी। दोनों के दो बच्चे—अनमोल (9) और अक्षरा (6) हैं।
परिजनों का दावा है कि 27 फरवरी की रात दामाद ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर सरोज को जहर दिया और 28 फरवरी की रात 1:36 बजे फोन कर कहा गया कि सरोज की तबीयत खराब है। परिवार के अनुसार उन्हें गुमराह किया गया। विसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि के बाद मामले में हत्या की धारा बढ़ाई गई।
शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय ने बताया कि आरोपी अष्टभुज ने अदालत में सरेंडर किया है। पुलिस अब उसकी रिमांड लेकर पूछताछ की तैयारी में जुट गई है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस आगे की कार्रवाई में तेज़ी दिखा रही है।

इस्माइलपुर में मकान में अचानक लगी आग

स्थानीय लोगों ने बुझाई लपटें पुलिस मौके पर; कोई हताहत नहीं

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
कोतवाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर मोहल्ले में रविवार को एक मकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मकान से धुआँ उठता देख आसपास के लोग मौके पर दौड़े और बाल्टियों व पाइप से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची। घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय मकान के एक हिस्से से अचानक धुआं दिखाई दिया, कुछ ही देर में आग तेज हो गई। पड़ोसियों ने आवाज लगाकर आसपास के लोगों को बुलाया और मिलकर आग बुझाने में जुट गए। मौके की स्थिति देखते हुए पुलिस ने भी क्षेत्र को सुरक्षित कराया और भीड़ को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि घर के कुछ सामान जलकर क्षतिग्रस्त हुए हैं, हालांकि बड़ी घटना होने से बचाव हो गया।
प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील वस्तु के कारण लगी होगी। कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र का निरीक्षण कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है। पुलिस का कहना है कि आग पर समय रहते काबू पा लेने के कारण बड़ा नुकसान टल गया। मौके की परिस्थितियों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

भाभी से दुष्कर्म का प्रयास कपड़े फाड़कर मारपीट का आरोप

गोरखनाथ थाना क्षेत्र में देवर के खिलाफ FIR दर्ज पुलिस जांच में जुटी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखनाथ थाना क्षेत्र में एक 30 वर्षीय महिला ने अपने देवर पर घर में अकेला पाकर दुष्कर्म का प्रयास करने, कपड़े फाड़ने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़िता की तहरीर पर आरोपी देवर के खिलाफ गोरखनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता ने बताया कि उसके पति नौकरी के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। इस दौरान उसका देवर कई बार गलत नीयत से करीब आने की कोशिश करता रहा, लेकिन परिवार की प्रतिष्ठा की वजह से वह चुप रही। महिला के अनुसार 5 दिसंबर की दोपहर वह घर पर अकेली थी। तभी देवर अचानक घर पहुंचा और यह सुनिश्चित करने के बाद कि घर में कोई नहीं है, उसने अनुचित हरकतें शुरू कर दीं।
महिला ने आरोप लगाया कि देवर ने जबरन उसे पकड़ लिया और गलत संबंध बनाने का दबाव बनाया। विरोध और चीख-पुकार के बावजूद आरोपी नहीं रुका। महिला के अनुसार वह भागकर बचने की कोशिश कर रही थी, लेकिन देवर ने उसे पकड़कर जबरन कमरे की ओर खींचा। इसी दौरान उसने कपड़े फाड़ दिए और उससे मारपीट की। महिला के अनुसार आरोपी ने धमकाया कि मामला किसी को बताया तो वह जान से मार देगा।
घटना की जानकारी डायल 112 पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी घर से फरार हो चुका था। गोरखनाथ थाना प्रभारी शशिभूषण राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी देवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच निरीक्षक संदीप कुमार को सौंपी गई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अवनीश तिवारी ने बढ़ाया मऊ जनपद का मान,

नेशनल लेवल टेबल टेनिस मैच खेलकर लौटे तो हुआ भव्य स्वागत

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद के कोपागंज ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा लाडनपुर के मौजा माफी में जन्मे अवनीश तिवारी, पुत्र स्वर्गीय प्रमोद तिवारी (हाई कोर्ट एडवोकेट), जम्मू–कश्मीर में आयोजित नेशनल लेवल टेबल टेनिस मैच खेलकर अपने गांव लौटे, तो परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पहुंचते ही उनका फूल-मालाओं और मिठाई के साथ जोरदार स्वागत किया गया।

अवनीश के बड़े भाई अविनाश तिवारी ने बताया कि अवनीश के जन्म के बाद उनके पिताजी इलाहाबाद में वकालत करते थे, इसलिए पूरा परिवार वहीं शिफ्ट हो गया। इसी कारण अवनीश ने अपनी पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद (प्रयागराज) से की और वहीं स्थित इलाहाबाद स्टेडियम में टेबल टेनिस का प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

अवनीश तिवारी 2018 से लगातार टेबल टेनिस खेल रहे हैं तथा अब तक डिस्ट्रिक्ट, स्टेट और नेशनल लेवल की कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। उनके बड़े भाई ने बताया कि 2023 से अवनीश लगातार नेशनल लेवल मैच खेल रहे हैं। हाल ही में 31 नवंबर को नेशनल लेवल मैच खेलकर वह गांव लौटे, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया है।

गांववालों और परिजनों ने कहा कि अवनीश की सफलता न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनकी मेहनत और लगन युवाओं के लिए प्रेरणा है।

अवनीश ने सभी के सम्मान, आशीर्वाद और समर्थन के लिए धन्यवाद जताते हुए कहा कि वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करते रहेंगे।

साइबर टीम कोपागंज ने शिकायतकर्ता के खाते में गायब दस हजार धनराशि वापस कराया

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) पुलिस अधीक्षक इलमारन , अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन में साइबर फ्रॉड रोकथाम व जागरूकता के तहत चलाए जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह व प्रभारी निरीक्षक रविन्द्रनाथ राय के कुशल नेतृत्व में थाने पर नियुक्त साईबर टीम द्वारा शिकायतकर्ता नवीन कुमार सिंह निवासी ग्राम धवरियासाथ थाना कोपागंज के खाते से साइबर फ्रॉडर द्वारा 10,000/- का फ्रॉड कर ट्रान्सफर कर लेने के संबंध में साइबर पोर्टल पर शिकायत संख्या ACK 23112250198684 दर्ज करायी गयी थी जिसके तहत थाना कोपागंज में नियुक्त साईबर टीम एसआई उमाशंकर सिंह, एएसआई अभिजीत पटेल, कांस्टेबल अंकित चौरसिया, महिला कांस्टेबल कविता पासवान के द्वारा कार्यवाही करके शिकायतकर्ता के खाते मे फ्रॉड हुई सम्पूर्ण धनराशि 10,000/- रूपये आज रविवार को वापस करायी गयी। शिकायतकर्ता अपनी गायब रकम पाकर काफी उत्साहित हुआ।

मऊ से थूक जिहाद का आया नया मामला

मऊ मे एक शादी समारोह के दौरान एक व्यक्ति का तंदूर में थूककर रोटियां बनाते हुए वीडियो वायरल हुआ है
जिसके बाद दोहरीघाट पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद के ग्राम सूरजपुर में आई एक बारात में थूक जेहादी रोटी बनाने का ठेका लिया था। रोटी बनाते समय हर रोटी पर थूक कर रोटी सेंकता था।इस कृत्य को देखकर किसी ने बीडीओ बनाकर प्रेस वालों को भेज दिया।एसडीएम राजेश अग्रवाल को खबर मिलते ही त्वरित कार्रवाई हैतु दोहरीघाट पुलिस को कड़ी हिदायत के साथ गिरफ्तार करने का आदेश किया पूलिस ने जेहादी को दबोच कर अदालत में पेश किया जहां से 15 दिन के लिए एसडीएम राजेश अग्रवाल ने जेल भेज दिया।
जेहादी के उक्त कृत्य से क्षेत्र में लोग काफी आक्रोशित हो गये इसकी सूचना पर एसडीएम ने सख्ती से कदम उठाया तथा चेतावनी दिया कोई भी समाज में धर्म मजहब तथा साम्प्रदायिक सोहार्द बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसके साथ प्रशासन सख्ती से निपटेगा।