Sunday, June 28, 2026
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किरावली में यमुना किनारे खड़ी मूज की नीलामी 16 दिसंबर को, इच्छुक व्यक्ति 12 बजे पहुंचे सभागार में

आगरा/किरावली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मौजा सीगना व जुगसैना की यमुना नदी की खादर भूमि पर खड़ी मूज पूरा की नीलामी 16 दिसंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। उपजिलाधिकारी किरावली श्रीमती नीलम तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नीलामी तहसील किरावली सभागार में दोपहर 12 बजे शुरू होगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मौजा सीगना के गाटा संख्या 588मि., रकबा 38.6480 हे० तथा मौजा जुगसैना के गाटा संख्या 461मि., रकबा 68.5220 हे०—दोनोें ही यमुना नदी के नंबर वाली भूमि पर खड़ी मूज को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नीलामी पर उठाया जाना है।

नियम और शर्तें

  1. नीलामी में भाग लेने के लिए प्रत्येक इच्छुक व्यक्ति को ₹5,000 जमानत धनराशि पहले जमा करनी होगी।
  2. नीलामी की सर्वोच्च बोली लगाने वाले बोलीदार को कुल राशि का 1/4 हिस्सा तुरंत जमा करना होगा।
  3. शेष राशि नीलामी स्वीकृति के 15 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
  4. नीलामी से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति 15 दिनों के भीतर दर्ज की जा सकेगी।
  5. यह भूमि केवल मूज काटने के उपयोग के लिए प्रदान की जाएगी। किसी अन्य कार्य में उपयोग पाए जाने पर नीलामी निरस्त कर धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
  6. नीलामी स्वीकृत/निरस्त करने का अधिकार उपजिलाधिकारी के पास सुरक्षित रहेगा।
  7. इच्छुक बोलीदाता अधिक जानकारी हेतु रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग, तहसील किरावली से संपर्क कर सकते हैं।

एसपी ने पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए 21 पुलिस कर्मियों का किया स्थानांतरण, नई सूची जारी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सोमवार को 21 पुलिस कर्मियों का व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किया। इनमें मुख्य आरक्षी, आरक्षी और महिला आरक्षी शामिल हैं। एसपी ने कुछ पूर्व स्थानांतरण आदेशों को रद्द करते हुए कर्मियों को नई तैनाती दी है।

सूची के अनुसार, मुख्य आरक्षी मनोज पाल को थाना सिकंदरपुर से अभियोजन कार्यालय भेजा गया है। अंकलेश्वर सिंह को सीओ नगर कार्यालय से थाना रेवती, जबकि रामलखन प्रजापति को थाना रेवती से पैरोकार थाना मनियर स्थानांतरित किया गया है।

अनिल कुमार सिंह को पुलिस लाइन से थाना मनियर भेजा गया है। वहीं, ओमप्रकाश यादव का पूर्व स्थानांतरण रद्द कर उन्हें कार्यालय 112 में तैनाती दी गई है। शिवाजी का थाना हल्दी हेतु स्थानांतरण रद्द कर उन्हें यातायात शाखा भेजा गया है।

सुरेंद्र यादव को थाना हल्दी से हटाकर क्षेत्राधिकारी कार्यालय रसड़ा तथा शंकर कुमार को थाना बांसडीह के स्थान पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय नगर में तैनाती मिली है। अनिल सिंह को पुलिस लाइन से थाना सुखपुरा भेजा गया है।

आरक्षी जितेंद्र कुमार वर्मा तथा मुकेश कुमार सिंह को क्रमशः पुलिस लाइन और कोतवाली से न्यायिक समन सेल में तैनात किया गया है।
अशोक यादव का अभियोजन कार्यालय से थाना सिकंदरपुर हेतु स्थानांतरण रद्द कर उन्हें मॉनिटरिंग सेल में पदस्थ किया गया है।

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मनोज कुमार का स्थानांतरण भी संशोधित करते हुए उन्हें पैरोकार थाना सिकंदरपुर भेजा गया है। रजनीकांत यादव को थाना खेजुरी से पैरोकार चितबड़ागांव, जबकि अरुण कुमार यादव को पुलिस लाइन से जन सूचना सेल में तैनाती मिली है। ज्ञानप्रकाश बिंद को जन सूचना सेल से हटाकर कार्यालय क्षेत्राधिकारी नगर भेजा गया है।

पुलिस लाइन से कमलेश कुमार सिंह को थाना हल्दी, प्रत्युष कृष्ण को थाना रेवती और राजवीर सिंह को थाना खेजुरी भेजा गया है। महिला आरक्षियों में, रेशू सिंह का पुलिस लाइन से थाना मनियर हेतु स्थानांतरण रद्द कर उन्हें महिला सम्मान प्रकोष्ठ (MasPr) में तैनाती दी गई है, जबकि बबली को MasPr से थाना मनियर भेजा गया है।

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एसपी द्वारा जारी यह व्यापक स्थानांतरण सूची जिले की पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

20 वर्षीय युवक का शव मिला, दो संदिग्ध हिरासत में

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में अपराध का ग्राफ एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। सुल्तानपुरी इलाके में एक 20 वर्षीय युवक का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सोमवार शाम पुलिस को पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली कि नमोकार अस्पताल के पास एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है।

तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां युवक को मृत अवस्था में पाया गया। मृतक की पहचान सुमित (20) निवासी ए-ब्लॉक, सुल्तानपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने शरीर को एसजीएम अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया है और मेडिकल लीगल प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

घटनास्थल पर क्राइम टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया और मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

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नौकरी की तलाश में था मृतक युवक

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुमित 10वीं पास था और हाल ही में नौकरी की तलाश कर रहा था। उसके माता-पिता एक निजी फर्म में हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में काम करते हैं।

दो संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच के बाद ही मौत के कारण और घटनाक्रम की पुष्टि हो सकेगी। मामला संवेदनशील होने के चलते पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

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परिवहन निगम के ड्राइवर–कंडक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी, अब प्रति किलोमीटर मिलेगा अधिक भुगतान; एक जनवरी 2026 से लागू

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने संविदा चालकों और परिचालकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि का आदेश जारी कर दिया है। नए आदेश के अनुसार अब इन्हें प्रति किलोमीटर 7 से 14 पैसे तक अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि वर्तमान में नोएडा, एनसीआर, सौनोली, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज डिपो के संविदा चालकों/परिचालकों को औसतन ₹2.18 प्रति किमी मानदेय दिया जाता है, जिसे बढ़ाकर ₹2.28 प्रति किमी कर दिया गया है।

अन्य क्षेत्रों में भी संविदा चालकों/परिचालकों को 7 पैसे प्रति किमी की बढ़ोतरी दी गई है। योजना के तहत चालकों को दो वर्ष और परिचालकों को चार वर्ष की निरंतर सेवा अनिवार्य होगी। साथ ही साल में 288 दिन की ड्यूटी और 66,000 किलोमीटर दूरी पूरी करनी होगी।

• नई व्यवस्था लागू होने पर चालक को
पारिश्रमिक: ₹14,687 + अतिरिक्त प्रोत्साहन ₹4,000 = कुल ₹18,687,

• जबकि परिचालक को
पारिश्रमिक: ₹14,418 + प्रोत्साहन ₹4,000 = कुल ₹18,418
मिलेंगे।

वाराणसी में आज से रोजगार महाकुंभ, 27,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती

राजधानी में सफल आयोजन के बाद दूसरा रोजगार महाकुंभ अब वाराणसी में आयोजित हो रहा है। आईटीआई करंदी परिसर में 9 और 10 दिसंबर को होने वाले इस रोजगार महाकुंभ में निजी क्षेत्र की 293 कंपनियां भाग ले रही हैं।

इसमें 27,385 पदों पर भर्ती निकाली गई है, जिसके लिए अब तक 21,685 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
खास बात यह है कि यूएई, ओमान और सऊदी अरब की 14 विदेशी कंपनियां भी इसमें शामिल हो रही हैं।
प्रमुख सचिव डॉ. एमकेएस सुंदरम ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मनरेगा कार्य पर सवाल मृतक भी आ रहे हैं मनरेगा में कार्य करने

मुख्यमंत्री के गृह जनपद में मनरेगा कार्य की धांधली जोरों पर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विकासखंड खोराबार जनपद गोरखपुर के ग्राम पंचायत महीमाठ में मनरेगा कार्य में धाधंली का मामला सामने आया है। 7 दिसंबर 2025 को मस्टरोल संख्या 1939 1940 जहबार के खेत से छोटका ताल तक मिटटी कार्य मस्टरोल संख्या 1921 1922 एवं 1923 पुलिया से रामेश्वर पांडे के खेत होते हुए पंडा के खेत तक मिटटी कार्य पर कुल टोटल 44 मनरेगा मजदूरों की पोर्टल पर हाजरी लगाकर फोटो अपलोड कर दिखलाया गया है।

आपको बता दें की फोटो में दिख रहे एक मनरेगा मजदूर रामप्रीत का दो माह पूर्व मृत्यु हो चुका है वहीं मनरेगा मजदूरों का कहना है की 7 दिसंबर को कोई मनरेगा कार्य नहीं हुए हैं। यह फोटो फसल बोअनी के पहले के कार्य का है।

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उसे समय हम लोग 10 से 12 मजदूर ही थे सबसे आश्चर्य की बात जिस मजदूर की दो महीने पूर्व मृत्यु हो चुकी थी, क्या वह भी इस समय कार्य पर आ रहे हैं ? मनरेगा कार्य में पोर्टल पर अपलोड की जा रही फर्जी हाजिरी को लेकर प्रधान व सचिव पर उठ रहे हैं सवाल?

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साइबर टीम कोपागंज ने गुम हुआ मोबाइल बरामद कर शिकायतकर्ता को लौटाया

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। साइबर फ्रॉड रोकथाम, जागरूकता अभियान और गुम मोबाइल बरामदगी के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक इलमारन और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन में चल रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक रविन्द्रनाथ राय के नेतृत्व में कोपागंज थाने की साइबर टीम ने महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।

शिकायतकर्ता चन्दा राजभर, निवासी प्यारेपुर सलाउद्दीन, पोस्ट कारीसाथ, थाना घोसी, मऊ ने 12 सितंबर 2025 को अपने लगभग ₹9,000 कीमत वाले INFINIX मोबाइल के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोपागंज थाने की साइबर टीम — उपनिरीक्षक प्रियंका सिंह, एएसआई अभिजीत पटेल, कांस्टेबल जीतू कन्नौजिया और अंकित चौरसिया — ने तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के आधार पर मोबाइल को सफलतापूर्वक बरामद किया।

टीम ने मंगलवार 09 दिसंबर 2025 को मोबाइल शिकायतकर्ता को सौंप दिया। मोबाइल वापस पाकर शिकायतकर्ता काफी उत्साहित और संतुष्ट दिखीं।

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प्रकृति संरक्षण की मिसाल: सीतामढ़ी DM रिची पांडे का सफाई अभियान बना जन-आंदोलन

सीतामढ़ी में DM रिची पांडे खुद उतरे लखनदेई नदी की सफाई में, स्थापना दिवस से पहले दिया स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण का संदेश

सीतामढ़ी (राष्ट्र की परम्परा)सीतामढ़ी में DM रिची पांडे द्वारा लखनदेई नदी किनारे चलाया गया सफाई अभियान पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। आगामी 11 दिसंबर को सीतामढ़ी जिला स्थापना दिवस मनाया जाना है और उससे पहले प्रशासन द्वारा लगातार स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में डीएम की सीधी भागीदारी ने इस अभियान को एक साधारण सरकारी गतिविधि से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन का रूप दे दिया।

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लखनदेई नदी के किनारे जब DM रिची पांडे स्वयं कचरा उठाते और सफाई करते दिखीं, तो यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया। उनके इस कार्य ने साफ संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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डीएम ने अभियान के दौरान कहा—
“नदी, तालाब और पोखर सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, समाज और धार्मिक जीवन की धरोहर हैं। इन्हें स्वच्छ रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रकृति स्वस्थ रहेगी, तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

यह पहल सिर्फ संदेश भर नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक उदाहरण है कि शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी जमीन पर उतरकर वही कार्य कर रहे हैं, जिसे वे जनता से अपेक्षा करते हैं। इससे लोगों में जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जुड़ाव बढ़ता है।

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सीतामढ़ी स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए प्रशासन द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें पर्यावरण संरक्षण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। नदी किनारे की यह सफाई पहल न सिर्फ पर्यावरण-संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित प्राकृतिक धरोहर छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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जिलेभर में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों के बीच यह अभियान स्थापना दिवस से पहले एक सकारात्मक और प्रेरक माहौल तैयार कर रहा है। स्थानीय लोग भी इस पहल से जुड़ते दिखे और प्रशासन के साथ मिलकर स्वच्छ सीतामढ़ी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

पायलट शेड्यूलिंग में चूक ने उजागर की एयरलाइन की प्लानिंग कमजोरियां

नियम लागू करने में चूक से बिगड़ा देश का सबसे बड़ा एयर नेटवर्क

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अपनी भारी संख्या में रद्द और विलंबित उड़ानों के कारण गंभीर संकट से गुजर रही है। पिछले कुछ सप्ताहों में हजारों यात्रियों को हवाई अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे सोशल मीडिया पर शिकायतों का अंबार लग गया। इस पूरे संकट की जड़ में हैं पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए नियम Flight Duty Time Limitation (FDTL), जिन्हें लागू करने में IndiGo बुरी तरह असफल रही।

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FDTL नियमों का उद्देश्य पायलटों को पर्याप्त आराम देना, रात की उड़ानों की संख्या नियंत्रित करना और सुरक्षा को मजबूत करना था। लेकिन इन नियमों को लागू करने के लिए आवश्यक क्रू मैनेजमेंट, शेड्यूलिंग और संसाधनों की तैयारी IndiGo ने समय पर नहीं की। नतीजा यह हुआ कि अचानक पायलटों की उपलब्धता प्रभावित हुई और एयरलाइन की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द या लेट होने लगीं।

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यात्रियों की परेशानी बढ़ती देख DGCA ने कड़ा कदम उठाते हुए IndiGo की उड़ान क्षमता में 5 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया। इसका मतलब है कि एयरलाइन अपनी लगभग 2,300 दैनिक उड़ानों में से करीब 115 उड़ानें रोजाना कम करेगी। DGCA ने कंपनी को नया शेड्यूल जारी करने, व्यवस्था स्थिर करने और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न होने देने के निर्देश भी दिए हैं। चेतावनी भी दी गई है कि यदि सुधार नहीं दिखा तो कटौती और बढ़ाई जा सकती है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि क्या IndiGo को पहले से इस चुनौती के बारे में चेताया गया था और क्या एयरलाइन प्रबंधन ने उन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया।

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उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा—“नियम और कानून व्यवस्था सुधारने के लिए होते हैं, लोगों को परेशान करने के लिए नहीं।” उनका बयान स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगी, लेकिन नियम लागू करने की प्रक्रिया यात्रियों को कष्ट देने वाली नहीं होनी चाहिए।

DGCA ने हालात को संभालने के लिए कुछ नियमों में अस्थायी राहत जरूर दी है, लेकिन मूल समस्या—IndiGo की तैयारी और प्लानिंग की कमी—अब भी जांच का विषय बनी हुई है। चूंकि भारतीय एविएशन सेक्टर में IndiGo की हिस्सेदारी 60–65% तक है, इसकी किसी भी कमी का सीधा प्रभाव पूरे देश की हवाई यात्रा व्यवस्था पर पड़ता है।

यह संकट बड़ा सबक भी देता है कि सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं, बल्कि उन नियमों को लागू करने के लिए एयरलाइन का तैयार और सक्षम होना जरूरी है। FDTL जैसे नियम सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य हैं, लेकिन उनकी गलत या अधूरी तैयारी यात्रियों की परेशानी को बढ़ा देती है।

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अब जरूरत है कि IndiGo अपने संचालन, संसाधन प्रबंधन और शेड्यूलिंग सिस्टम को सुधारते हुए यात्रियों का भरोसा वापस हासिल करे, ताकि भविष्य में IndiGo Flight Crisis जैसी स्थिति दोबारा न बने।

नाइट क्लब त्रासदी के बाद दोनों मालिक देश छोड़कर फरार, CBI ने मांगा ब्लू नोटिस

गोवा नाइट क्लब आग हादसा: थाईलैंड भागे क्लब मालिक, पुलिस ने इंटरपोल से मांगी मदद

गोवा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)गोवा नाइट क्लब आग हादसा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कहा है कि अरपोरा स्थित नाइट क्लब के मालिकों का घटना के तुरंत बाद देश छोड़कर थाईलैंड भाग जाना स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वे जांच से बचना चाहते थे। शनिवार आधी रात को लगी भीषण आग में कम से कम 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

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गोवा पुलिस के अनुसार, दिल्ली के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा आग लगने की घटना के छह घंटे बाद ही देश से फरार हो गए। पुलिस उपाधीक्षक एवं पीआरओ नीलेश राणे ने बताया कि मुंबई स्थित आव्रजन ब्यूरो से संपर्क करने पर पता चला कि दोनों आरोपी 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे इंडिगो की उड़ान 6E 1073 (नई दिल्ली–फुकेत) में सवार हुए थे। यह उड़ान उसी रात हुई त्रासदी के तुरंत बाद पकड़ी गई, जिससे उनकी मंशा पर बड़ा सवाल उठता है।

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राणे ने बताया कि गोवा पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए सीबीआई के इंटरपोल विभाग के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। मामला गंभीर होने के कारण उनके खिलाफ ब्लू नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि उनकी लोकेशन और मूवमेंट का पता लगाया जा सके।

इंडिगो की उड़ान के रद्द होने और देशभर में हजारों उड़ानों के बाधित होने का मुद्दा भी इन दिनों सुर्खियों में है। ऐसे समय पर नाइट क्लब मालिकों के फरार होने ने पुलिस और जांच एजेंसियों की चुनौती और बढ़ा दी है। संसद से लेकर सड़कों तक फ्लाइट कैंसिलेशन के मुद्दे पर बहस जारी है।

गोवा नाइट क्लब आग हादसा अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सुरक्षा और जिम्मेदारी के सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को पकड़कर भारत लाया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।

वंदे मातरम की भावना बनाम बुलडोजर राजनीति: सपा सांसद का बड़ा आरोप

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)वंदे मातरम विवाद एक बार फिर राजनीति के केंद्र में है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके काम और भाषण राष्ट्रीय गीत की भावना के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए दुनिया में अलग पहचान रखता है, लेकिन मौजूदा सरकार उस विरासत को कमजोर कर रही है।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की एकता, भाईचारे और समन्वय का प्रतीक है। इसका संदेश विविधता में एकता को मजबूती देना है, लेकिन आज प्रदेश में सरकार जिस प्रकार का माहौल बना रही है, वह इस मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय गीत की असली प्रेरणा यह है कि हम सब मिलकर समाज में शांति, सद्भाव, रोजगार और समानता के रास्ते को मजबूत करें।

‘बटोगे तो काटोगे’ और बुलडोजर नीति पर सपा सांसद का वार

सपा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कई विवादित टिप्पणियों और उनकी बुलडोजर नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कभी कहते हैं, ‘बटोगे तो काटोगे’, तो कभी बुलडोजर की बात करते हैं। यह भाषा और यह रवैया वंदे मातरम के संदेश से मेल नहीं खाता, जो देशवासियों को एकजुट करने और भाईचारा बढ़ाने की बात करता है।

प्रसाद ने कहा, “राष्ट्रीय गीत बेरोज़गारी समाप्त करने, समाज में सहयोग बढ़ाने, लोगों को जोड़ने और राष्ट्र को मजबूत करने का संदेश देता है। यह गांधी, लोहिया और जयप्रकाश के विचारों वाला देश बनाने का आह्वान करता है, न कि डर और दमन का वातावरण तैयार करने का।”

संसद में ‘वंदे मातरम’ पर 12 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा

उधर, संसद में भी वंदे मातरम विवाद पर खास फोकस रहा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत पर विशेष चर्चा की शुरुआत की। यह चर्चा वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों ने अपनी राय रखी। बहस लगभग 12 घंटे आधी रात तक चली, जो इस विषय की संवेदनशीलता और महत्व को दर्शाती है।

वंदे मातरम का इतिहास: 150 साल का गौरव

वंदे मातरम का यह वर्ष विशेष है। भारत का राष्ट्रीय गीत 7 नवंबर 1875 को पहली बार बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। बाद में इसे 1882 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया। इस गीत को रवींद्रनाथ टैगोर ने संगीतबद्ध किया। आज यह गीत भारत की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सभ्यतागत पहचान का अटूट हिस्सा है।

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो चुका है और 19 दिसंबर तक जारी रहेगा। सत्र के शुरुआती दिनों में ही वंदे मातरम विवाद राजनीतिक बहस का मुख्य विषय बन गया है।

महाराष्ट्र सरकार के रडार पर 719 कर्मचारी, फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का आरोप; मंत्री ने दी जानकारी

महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। महाराष्ट्र सरकार को 719 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जमा करने का आरोप है। यह जानकारी दिव्यांग कल्याण मंत्री अतुल सावे ने मंगलवार को विधानसभा में दी।

मंत्री के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिले निर्देशों के बाद सभी विभागों में दिव्यांग प्रमाण पत्रों की अनिवार्य जांच की जा रही है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभागवार शिकायतें और कार्रवाई

सतारा: 78 कर्मचारी

पुणे: 46 कर्मचारी (21 निलंबित)

लातूर: 26 कर्मचारी

नंदुरबार: 2 कर्मचारी पद से हटाए गए

सावे ने बताया कि जिन कर्मचारियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाएंगे या जिनकी दिव्यांगता 40% से कम पाई जाएगी, उनके खिलाफ ‘निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016’ की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी।

जांच के लिए समय सीमा तय

सरकार ने 9 अक्टूबर को जारी नोटिस में सभी विभागों को निर्देश दिया था कि वे दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच पूरी कर 8 जनवरी 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करें।

ट्रक की चपेट में आया युवक, मौके पर मौत—हरकत में आया प्रशासन

सब्जी मंडी जा रहे युवक को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत — परिजनों ने किया रोड जाम

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।मऊ के बलिया मोड़ पर मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें सब्जी मंडी जा रहे युवक को ट्रक ने कुचला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना होते ही इलाके में चीख–पुकार मच गई और स्थानीय लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। मृतक युवक की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक रोज की तरह सुबह सब्जी मंडी जा रहा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया। सब्जी मंडी जा रहे युवक को ट्रक ने कुचला—इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।

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हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर बलिया मोड़ को जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह-सुबह पुलिस की चेकिंग के कारण सड़क पर अफरा–तफरी का माहौल बन गया था। ट्रक चालक ने चेकिंग से बचने के लिए तेज रफ्तार में वाहन निकालने की कोशिश की, इसी दौरान युवक उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

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सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश में जुटी है। हालांकि काफी देर तक जाम के कारण आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ट्रक चालक की गिरफ्तारी और उचित कार्रवाई जल्द की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करती है।

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सब्जी मंडी जा रहे युवक को ट्रक ने कुचला—यह खबर स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है।

कोसी क्षेत्र को मिलेगा पहला हाईटेक मिड-वे सर्विस प्लाजा, यात्रियों के लिए बनेगा बड़ा आकर्षण

कोसी महासेतु के पास बनेगा अत्याधुनिक मिड-वे सर्विस प्लाजा, NH-27 पर यात्रियों को मिलेगी वर्ल्ड-क्लास सुविधा

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कोसी क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कोसी महासेतु मिड-वे सर्विस प्लाजा का निर्माण नेशनल हाईवे-27 पर आसनपुर कुपहा के पास तेजी से जारी है। पर्यटन विभाग इस प्रोजेक्ट पर 29.53 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, जिसे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के तहत अत्याधुनिक मानकों पर विकसित किया जा रहा है। यह प्लाजा अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएगा और कोसी क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बनेगा।

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सात एकड़ में विकसित हो रहा कोसी महासेतु मिड-वे सर्विस प्लाजा केवल एक सामान्य ब्रेक पॉइंट नहीं, बल्कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से लैस बहुउद्देशीय परिसर होगा। एशिया के महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर स्थित होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां यात्रियों को आराम, मनोरंजन और सुरक्षित ठहराव की पूरी सुविधा मिलेगी।

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यह प्रोजेक्ट दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले फेज में मुख्य भवन, फूड कोर्ट, मॉडर्न बैठने की जगह, इनडोर स्पोर्ट्स एरिया और सभी बेसिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। डीएम सवर्न कुमार के अनुसार, पहला चरण तेजी से पूरा हो रहा है और आने वाले आठ महीनों में इसके तैयार होने की उम्मीद है। दूसरे चरण में प्लाजा को नई सेवाओं और उन्नत सुविधाओं के साथ और विस्तृत किया जाएगा।

अगस्त 2024 में चारदीवारी और मिट्टी भराई के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसके बाद मुख्य भवन के लिए 29.53 करोड़ की स्वीकृति मिली, जिसमें से 7.38 करोड़ रुपये भवन निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। पूरी परियोजना को 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जल्द ही यात्रियों को हाईवे पर वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मिल सकें।

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भविष्य में यहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, फ्यूल सेंटर और आधुनिक पार्किंग की योजना भी शामिल है। इससे यह स्थान कोसी क्षेत्र का महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब बन सकता है। इस प्लाजा से न केवल यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और छोटे व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कोसी महासेतु मिड-वे सर्विस प्लाजा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनकर उभरेगा और NH-27 पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक सुरक्षित, आरामदेह और आधुनिक ठहराव का बेहतरीन विकल्प प्रदान करेगा।

भीषण रोड एक्सीडेंट: रफ्तार की टक्कर ने ली तीन जानें

हाजीपुर-लालगंज रोड पर बस-ऑटो की भीषण टक्कर: तीन की मौत, सात गंभीर—ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

हाजीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में मंगलवार की सुबह हाजीपुर-लालगंज रोड एक्सीडेंट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। एसएच-74 के करताहां थाना क्षेत्र स्थित कंचनपुर धनुषी गांव के पास तेज रफ्तार बस और ऑटो की आमने-सामने भीषण टक्कर में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि सात यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। आसपास के ग्रामीण तुरंत राहत कार्य में जुटे और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।

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जानकारी के मुताबिक, ऑटो हाजीपुर से लालगंज की ओर जा रहा था, जबकि बस लालगंज से हाजीपुर की तरफ आ रही थी। कंचनपुर धनुषी गांव के पास दोनों वाहनों की रफ्तार तेज होने के कारण जोरदार भिड़ंत हो गई। मृतकों में बेदौली निवासी रंजीत राय (27 वर्ष) भी शामिल हैं, जो तमिलनाडु से लौटकर हाजीपुर जंक्शन पहुंचे थे और ऑटो से लालगंज जा रहे थे।

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हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने हाजीपुर–लालगंज मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल ने लोगों को समझाने की कोशिश की और जाम हटाने की अपील की। उन्होंने बताया कि हादसे में एक की मौके पर मौत हुई और कई घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।

नेशनल गार्ड के सैनिक ने तीन साथियों की गोली मारकर हत्या, एक घायल; मिचोआकान में सुरक्षा बढ़ाई गई

मैक्सिको सिटी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मैक्सिको के हिंसा प्रभावित मिचोआकान राज्य में सप्ताहांत के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। नेशनल गार्ड के एक सैनिक ने कथित तौर पर अपने ही तीन साथियों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, जबकि चौथा गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना की जांच जारी है।

छावनी के अंदर हुई वारदात

यह गोलीबारी शनिवार को मिचोआकान स्थित एक सैन्य छावनी में हुई। एक संघीय अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को जानकारी दी कि उन्हें सार्वजनिक रूप से इस मामले पर बात करने की अनुमति नहीं है, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि संदिग्ध सैनिक को घटनास्थल पर ही हिरासत में ले लिया गया।

कार बम विस्फोट के कुछ घंटों बाद हुई घटना

गोलीबारी से कुछ ही घंटे पहले कोआहुइयाना में पुलिस स्टेशन के बाहर एक कार बम विस्फोट हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। लगातार होती हिंसक घटनाओं ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने सोमवार को इस घटना पर अधिक जानकारी देने से इनकार किया, हालांकि सरकार पहले ही मिचोआकान में सुरक्षा अभियान तेज कर चुकी है।

राज्य में अतिरिक्त सेना की तैनाती

हाल ही में दो हाई-प्रोफाइल हत्याओं—एक चूना उत्पादक प्रतिनिधि और एक लोकप्रिय महापौर—के बाद केंद्र सरकार ने मिचोआकान में सुरक्षा को मजबूत किया है। राष्ट्रपति ने पिछले महीने 2,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के आदेश दिए थे, जो पहले से मौजूद 4,300 स्थायी सैनिकों और पड़ोसी राज्यों के 4,000 सैनिकों के अलावा हैं।

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कई कार्टेल सक्रिय, हिंसा पर नियंत्रण चुनौती

मिचोआकान मैक्सिको के उन राज्यों में से है जहाँ कई ड्रग कार्टेल सक्रिय हैं। इनमें से तीन प्रमुख हैं:

• जाहलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG)

• यूनाइटेड कार्टेल्स

• न्यू मिचोआकान फैमिली

इसके अलावा कई स्थानीय सशस्त्र समूह भी सक्रिय हैं, जिनमें से कुछ को सिनालोआ कार्टेल का समर्थन प्राप्त है। इन समूहों के बीच संघर्ष के कारण राज्य में हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है।

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