Sunday, June 28, 2026
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वोटर लिस्ट विवाद पर संसद में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

लोकसभा में गरमाया माहौल: राहुल गांधी ने कहा—अमित शाह घबराए हुए थे, जवाब देने से बचते रहे

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोकसभा में राहुल गांधी बनाम अमित शाह बहस बुधवार को उस समय चरम पर पहुंच गई, जब चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में पूछे गए किसी भी सवाल का “स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब” नहीं दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “अमित शाह कल बेहद घबराए हुए थे, गलत भाषा का उपयोग कर रहे थे… उनके हाथ कांप रहे थे और वे भारी मानसिक दबाव में थे। मैंने जो भी सवाल पूछा, उसका सीधा जवाब नहीं मिला।”

राहुल गांधी ने साथ ही चुनौती दी कि गृह मंत्री संसद में उनकी सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुद्दों पर खुले तौर पर चर्चा करें। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने भी राहुल का समर्थन करते हुए कहा कि हरियाणा में हुई घटनाओं पर सरकार ने मूल सवालों का सामना ही नहीं किया और केवल विपक्ष पर आरोप लगाने तक सीमित रही।

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दूसरी ओर, भाजपा ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें “हिट एंड रन राजनीति” का आरोपी बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “राहुल गांधी बहस से भागते हैं। जब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बोलते हैं, तो वे बाहर निकल जाते हैं। कल गृह मंत्री के तर्कों से पूरा नेहरू परिवार असहज हो गया।”

गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि संसद उनकी मर्जी से नहीं चलेगी और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को वोटर लिस्ट की शुद्धता के लिए अनिवार्य प्रक्रिया बताया। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे जीतने पर चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हैं और हारने पर सवाल उठाते हैं।
गर्मी तब और बढ़ गई जब अमित शाह के जवाब के दौरान विपक्षी सांसद सदन से बाहर चले गए, जिसके बाद लोकसभा को स्थगित करना पड़ा।
इस पूरी राहुल गांधी बनाम अमित शाह बहस ने राजनीतिक तापमान और ऊंचा कर दिया है।

ठाकुरवाड़ी मंदिर का पोखरा गंदगी से भराः ग्रामीणों में तीखा आक्रोश

ग्राम प्रधान की लापरवाही उजागर: हुसैनपुर में विकास ठप, ठाकुरवाड़ी मंदिर का पोखरा बना गंदगी का अड्डा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।नवानगर ब्लॉक के हुसैनपुर गांव में ग्राम प्रधान की लापरवाही अब एक गंभीर मुद्दे के रूप में उभर चुकी है। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी (BDO) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य माहों से बिना वजह रुके पड़े हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक नाला निर्माण के लिए खरीदे गए ह्यूम पाइप पिछले आठ महीनों से पंचायत भवन में सड़ रहे हैं, जबकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए खरीदा गया आरओ सेट चार वर्षों से डिब्बाबंद अवस्था में पड़ा है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा न तो नाला निर्माण की शुरुआत की गई और न ही आरओ स्थापना की दिशा में कोई कदम उठाया गया।

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सबसे गंभीर असर गांव के श्री श्री ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर पर पड़ रहा है। नाले का निर्माण न होने के कारण गांव के नावदान, शौचालयों और घरों का गंदा पानी सीधे मंदिर के पोखरे में गिर रहा है। परिणामस्वरूप पोखरा पूरी तरह गंदगी से भर चुका है और क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरे का पानी अब छूने तक लायक नहीं बचा है, जिससे श्रद्धालुओं और गांव के बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामवासी—पुजारी मदन तिवारी, जिला पंचायत सदस्य रामविलास राम, संग्राम सिंह, रामायण सिंह, राहुल सिंह, उमा तिवारी, श्यामदेव राजभर और कैलाश गुप्ता—ने आरोप लगाया कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी कर ग्राम प्रधान जनहित के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच कराने, ह्यूम पाइप से नाला निर्माण शुरू करवाने और आरओ सेट को चालू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

परीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई, छात्रा पर गिरी गाज

देवरिया परीक्षा नकल कांड: एलएलबी परीक्षा में छात्रा रंगे हाथ पकड़ी गई, केंद्राध्यक्ष ने की सख्त कार्रवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया के संत विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित एलएलबी (LLB) पंचम सेमेस्टर परीक्षा के दौरान गुरुवार को नकल का गंभीर मामला सामने आया। परीक्षा के दौरान केंद्र पर तैनात कक्ष निरीक्षक ने एक छात्रा की संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए उसे रोका और तलाशी ली। जांच में उसके पास से छुपाई गई नकल सामग्री (चिट) बरामद हुई, जिसके बाद परीक्षा केंद्र में तनाव का माहौल बन गया।

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मामले की सूचना मिलते ही केंद्राध्यक्ष प्रो. अर्जुन मिश्र ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए छात्रा को परीक्षा से रस्टीकेट कर दिया। प्रो. मिश्र ने स्पष्ट कहा कि देवरिया परीक्षा नकल कांड जैसे मामलों को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू है और परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पहले से ही निगरानी बढ़ाई गई है, साथ ही सभी कक्ष निरीक्षकों को सख्ती के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है और विद्यार्थियों की मेहनत के साथ अन्याय करती है।

प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे देवरिया परीक्षा नकल कांड जैसी घटनाओं से सीख लेते हुए ईमानदारी और मेहनत को ही अपनी सफलता का आधार बनाएं। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नकल पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।

कोपागंज की बेटी का कमाल: 50 ग्राम मेहंदी से बना विश्व रिकॉर्ड

कोपागंज की श्वेता मौर्य ने रचा इतिहास, मेहंदी से बनाई अनोखी पेंटिंग; बनी वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया बुक की रिकॉर्ड होल्डर

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। “श्वेता मौर्य वर्ल्ड रिकॉर्ड”—यह नाम अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। जनपद मऊ के कोपागंज कस्बे के मोहल्ला पुरानाकोपा निवासी अनिल मौर्य की प्रतिभाशाली पुत्री श्वेता मौर्य ने कला जगत में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया बुक में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया है।

श्वेता ने केवल 3 घंटे में मेहंदी के एक कोन से 21 इंच ऊँची और 13 इंच चौड़ी अनोखी पेंटिंग तैयार कर देशभर को चकित कर दिया। इस ऐतिहासिक कलाकृत‍ि में उन्होंने भगवान गणेश के 125 अद्वितीय स्वरूप अत्यंत बारीकी और कलात्मकता के साथ उकेरे। खास बात यह कि यह सम्पूर्ण पेंटिंग केवल 50 ग्राम मेहंदी से बनाई गई, जो भारत में पहली बार इस पैमाने पर किया गया कार्य है।

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निर्माण के दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के कई वरिष्ठ अधिकारी लाइव जुड़े रहे और पेंटिंग पूरा होने के बाद इसे औपचारिक रूप से विश्व रिकॉर्ड घोषित किया। साथ ही संगठन ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर श्वेता की पेंटिंग और उनकी तस्वीरें प्रकाशित करते हुए उन्हें सर्टिफिकेट, मेडल और शील्ड प्रदान की।

इस उपलब्धि की खबर फैलते ही कोपागंज सहित पूरे मऊ जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय कलाकार समुदाय ने श्वेता को “जिले का गौरव” बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्वेता के चाचा डॉ. सुमन सिंह कुशवाहा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पेंटिंग विभाग में प्रोफेसर हैं, जिनके मार्गदर्शन ने श्वेता की प्रतिभा को निरंतर संवारने का कार्य किया है।

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उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा तथा कोपागंज के कलाकार समूह के आदर्शों ने भी श्वेता मौर्य को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल जनपद, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

श्वेता मौर्य ने वर्ल्ड रिकॉर्ड रचकर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा को मंच की नहीं, साहस और समर्पण की जरूरत होती है। “श्वेता मौर्य वर्ल्ड रिकॉर्ड” अब युवा कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।

कोपागंज में नाली निर्माण में धांधली का आरोप, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

कोपागंज में सीसी रोड निर्माण में अनियमितता: ग्रामीणों का विरोध तेज, उच्च-स्तरीय जांच की मांग

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत कोपागंज के वार्ड नंबर 1 कोपाकोहना स्थित गंजशहिदा रोड पर चल रहे सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर स्थानीय नागरिकों ने बड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की खुली अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

निवासियों ने अधिशासी अधिकारी को एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र सौंपकर उच्च-स्तरीय जांच और दोषी ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लगभग एक किलोमीटर लंबे सीसी रोड निर्माण में कम मात्रा में मटेरियल, कमजोर गुणवत्ता वाला सीमेंट और स्थानीय स्तर का निर्माण सामान उपयोग किया जा रहा है।

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पुरानी नाली पर प्लास्टर कर नया दिखाने का आरोप

नाली निर्माण को लेकर भी ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि नई और मानक अनुरूप चौड़ी नाली बनाने की जगह पुरानी नाली पर सिर्फ प्लास्टर कर उसे नया बताने की कोशिश की जा रही है। यह न केवल अत्यंत लापरवाही है बल्कि सरकारी धन की सीधी बर्बादी भी है।

ग्रामीणों का प्रदर्शन, कार्रवाई की चेतावनी

निर्माण स्थल पर पहुँचकर लोगों ने सड़कों पर नारेबाजी करते हुए काम की गुणवत्ता पर कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो सड़क कुछ ही महीनों में टूट-फूट जाएगी और सरकार का लाखों रुपये का बजट पानी में चला जाएगा।

स्थानीय लोगों के बयान

सुनील कुमार मौर्य: “कम मात्रा में मटेरियल और घटिया सीमेंट काम में लगाया जा रहा है। कई बार कहने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ।”
विजय शंकर मौर्य: “नई नाली का निर्माण होना चाहिए था, लेकिन पुरानी पर प्लास्टर चढ़ाकर उसे नया बताया जा रहा है। यह जनता से धोखा है।”
भरत शर्मा: “प्रशासन ने जांच नहीं की तो सड़क महीनों भी नहीं टिकेगी।”
आयुष शर्मा: “मानक के अनुरूप काम नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि का स्पष्टीकरण
अध्यक्ष प्रतिनिधि अरशद रेयाज ने कहा—
“यह मामला हमारी जानकारी में नहीं था। अब सूचना मिली है, इसलिए जेई को तुरंत निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। जहां भी अनियमितता मिलेगी, उसे हटवाकर सही सामग्री लगाई जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्थल पर मौजूद नागरिक:
अनूप राय, सुरेंद्र मौर्य, अनंत मौर्य, वीरेंद्र मौर्य, रंजन राय, किरण मौर्य, हर्ष मौर्य, शीतल मौर्य, सरिता मौर्य सहित अनेक ग्रामीण।

शपथ के बाद बढ़ी हिंसा? RJD बोला—‘बिहार में कानून व्यवस्था चरमराई’

बेगूसराय में जदयू नेता की हत्या के बाद बिहार में कानून व्यवस्था पर सियासत गरम, RJD ने NDA सरकार पर बोला हमला

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के बेगूसराय में जदयू नेता की हत्या और रंगदारी नहीं देने पर कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या के बाद बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने घटनाओं को लेकर राज्य की NDA सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

RJD के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि “बिहार में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है और सत्ता परिवर्तन के बाद हत्या और अपराध की घटनाओं में तेजी आई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद हत्या का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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शक्ति सिंह यादव ने कहा,
“सरकार पहले भी NDA की थी और तब भी हत्या का सिलसिला जारी था। अब फिर वही स्थिति लौट आई है। बेगूसराय में जदयू नेता निलेश कुमार की हत्या हुई, आज एक कपड़ा व्यवसायी को रंगदारी नहीं देने पर गोलियों से भून दिया गया। औरंगाबाद में हमारे नेता पर हमला हुआ और उन्हें पैर में गोली लगी। आखिर बिहार में कानून व्यवस्था का जिम्मा कौन लेगा?”

RJD प्रवक्ता ने आगे कहा कि शासन की बागडोर जिनके हाथ में है, उन्हें कार्रवाई में भेदभाव छोड़ते हुए कानून को मजबूत करना चाहिए। उनके अनुसार,
“शपथ के बाद हत्या का आंकड़ा हाफ सेंचुरी पार कर चुका है। जब सरकार ‘डिस्क्रिमिनेशन ऑफ एक्शन’ करती है, तो उसकी साख कमजोर हो जाती है। हर मामले में एक जैसी कार्रवाई जरूरी है।”

बेगूसराय में बीते दिनों जदयू नेता की दिनदहाड़े हत्या ने पहले ही तनाव बढ़ा दिया था, वहीं कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या ने फिर से बिहार में कानून व्यवस्था को हिला दिया है। लगातार हो रही हत्याओं व हमलों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

UP में SIR Verification में देरी, ElectionCommission आज ले सकता है समय सीमा बढ़ाने का फैसला

चुनाव आयोग फिर बढ़ा सकता है SIR दस्तावेज़ जमा करने की समय सीमा, यूपी में 29 लाख से अधिक फॉर्म लंबित

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) दस्तावेज़ जमा करने की समय सीमा एक बार फिर बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। आज इन दस्तावेज़ों को जमा करने की मौजूदा अंतिम तिथि है, लेकिन बड़ी संख्या में लंबित फॉर्म को देखते हुए आयोग आज महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि राज्य में मतदाता सूची सत्यापन कार्य 99% से अधिक पूरा हो चुका है, फिर भी शेष फॉर्मों के सत्यापन के लिए आयोग से 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया है।
वर्तमान में 29 लाख से अधिक SIR सत्यापन प्रपत्र लंबित हैं, जिन्हें समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है।

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पहले सत्यापन की अंतिम तिथि 4 दिसंबर थी, जिसे बढ़ाकर 11 दिसंबर किया गया था। अब पुनः समय सीमा बढ़ने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

सीईओ ने बताया कि 99.24% जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
अब तक 80.29% प्रपत्र मतदाताओं के हस्ताक्षर सहित प्राप्त, जबकि 18.85% प्रपत्र ‘मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या दोहरा मतदाता’ जैसे कारणों से प्राप्त नहीं हो सके।
आंकड़ों के अनुसार—
2.91 करोड़ मतदाता – प्रपत्र प्राप्त नहीं
1.27 करोड़ – स्थायी रूप से स्थानांतरित
84.73 लाख – अनुपस्थित
45.95 लाख – मृत
23.69 लाख – दूसरे स्थान पर पंजीकृत
सीईओ ने सभी जिलाधिकारियों को मानचित्रण कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है।
जिन मतदाताओं के नाम 2025 की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरने को कहा जाएगा।
साथ ही 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं को भी फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।

राज्य के 14 जिलों, 132 विधानसभा क्षेत्रों और 1,43,509 मतदान केंद्रों में मतगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जिससे प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सीतामढ़ी में HIV मामलों में तेजी: जागरूकता की कमी बनी सबसे बड़ी वजह

सीतामढ़ी में HIV मामलों में तेजी, 7,400 संक्रमित—400 से अधिक बच्चे; स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी चिंता

सीतामढ़ी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के सीतामढ़ी जिले में HIV मामलों में तेजी से वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। जिला अस्पताल के एआरटी (ART) केंद्र के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 7,400 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनमें 400 से अधिक बच्चे शामिल हैं, जिन्हें यह संक्रमण जन्म के समय माता-पिता से मिला है।

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परिवार के भीतर संक्रमण की बढ़ती श्रृंखला

डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर मामले उन परिवारों से जुड़े हैं, जहां पिता, मां या दोनों HIV पॉजिटिव पाए गए। परिणामस्वरूप नवजात बच्चों में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिले में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के पीछे सामान्य जन-समुदाय में जागरूकता की कमी, असुरक्षित यौन संबंध, दूषित सुई का इस्तेमाल और समय पर जांच न कराना महत्वपूर्ण कारण रहे हैं।

सहायक सिविल सर्जन एवं जिला HIV नोडल अधिकारी डॉ. जे जावेद ने बताया कि,
“सीतामढ़ी में HIV मामलों में तेजी चिंता का विषय है, हालांकि बेतिया, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में इससे अधिक आंकड़े हैं। यह खांसी या सामान्य संपर्क से फैलने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि असुरक्षित रक्त आधान और एक ही सुई के उपयोग से संक्रमण फैलता है।”

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 250–300 मरीज ART केंद्र में दवाएं लेने आते हैं। वर्तमान में 6,707 मरीज उपचाराधीन हैं। ये आंकड़े वर्ष 2012 से अब तक के हैं।

जागरूकता अभियान तेज, स्वास्थ्य टीमें गांव–गांव कर रहीं पहुंच

एचआईवी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू कर दिए हैं। एआरटी केंद्र नए सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम, काउंसलिंग और फील्ड लेवल मीटिंग आयोजित कर रहा है। स्वास्थ्य टीमें गांवों में जाकर लोगों को सुरक्षित व्यवहार, संक्रमण के रास्तों और नियमित जांच के महत्व के बारे में जानकारी दे रही हैं।

विशेषज्ञों की राय: समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए
सुरक्षित यौन संबंध,
दूषित सुई से बचाव,
रक्त आधान के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन
और
नियमित HIV जांच
सबसे आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सीतामढ़ी में HIV मामलों में तेजी पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

गोवा नाइट क्लब आग मामला पासपोर्ट रद्द: फरार मालिकों पर सरकार का शिकंजा कसना शुरू, जानें आगे क्या होगा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)गोवा नाइट क्लब आग मामला पासपोर्ट रद्द—पिछले सप्ताह 7 दिसंबर को गोवा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद क्लब के दोनों मालिक गौरव और सौरव लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे। लेकिन बुधवार देर रात सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए दोनों के पासपोर्ट रद्द कर दिए, जिसके बाद दोनों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही समय बाद दोनों भाइयों ने विदेश भागने के लिए टिकट बुक कर ली थी और देश से फरार हो गए थे। लेकिन अब पासपोर्ट रद्द होने के बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
पासपोर्ट रद्द होने के बाद क्या होता है?

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पासपोर्ट, जो नागरिकता और पहचान का आधिकारिक दस्तावेज होता है, रद्द होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता खो देता है। ऐसे में:
व्यक्ति किसी भी देश में यात्रा नहीं कर सकता।
इमिग्रेशन तुरंत एंट्री/एग्ज़िट रोक देता है।
विदेश में रह रहे व्यक्ति का वीज़ा स्वतः समाप्त हो जाता है।
व्यक्ति को अपने देश लौटने के लिए दूतावास से विशेष “इमरजेंसी सर्टिफिकेट” लेना पड़ता है।
पासपोर्ट जमा न कराने पर कानूनी कार्रवाई तय है।
कानूनी आधार क्या है?
पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 10(3) के तहत सरकार को पासपोर्ट रद्द करने, निलंबित करने या जब्त करने का पूरा अधिकार है।
यह कार्रवाई तब की जाती है जब—
गलत जानकारी देकर पासपोर्ट हासिल किया गया हो,
व्यक्ति आपराधिक मामलों में वांछित हो,
राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक हित को खतरा हो।
गोवा नाइट क्लब हादसे में दोनों भाइयों पर गंभीर आपराधिक लापरवाही के आरोप हैं, इसलिए विदेश मंत्रालय ने उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है।

अधूरा निर्माण और पूरा भुगतान: ग्रामीण बोले—यह साफ भ्रष्टाचार

बिना रास्ता बने अमृत सरोवर का हो गया भुगतान! ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। अमृत सरोवर योजना में धांधली का गंभीर आरोप कोपागंज ब्लॉक के फैजुल्लाहपुर गांव में सामने आया है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि बिना रास्ता (चकरोड) बनाए ही अमृत सरोवर के निर्माण का लगभग 18 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया है। ग्रामीण रत्नेश राय द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत ने पूरे प्रकरण पर बड़े स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता रत्नेश राय के अनुसार गांव में प्रस्तावित अमृत सरोवर तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता ही मौजूद नहीं है, इसके बावजूद संबंधित विभागों ने सड़क निर्माण और अन्य कार्यों को पूरा दिखाकर भुगतान जारी कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला स्तर के कई अधिकारियों की मिलीभगत से यह भुगतान कराया गया, जबकि तालाब का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है।

रत्नेश राय का कहना है कि उन्होंने इस अनियमितता की सूचना लगातार अधिकारियों को दी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय झूठी रिपोर्ट लगाकर प्रस्ताव पास कर दिया गया और भुगतान की औपचारिकता पूरी कर ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और मिलीभगत से भुगतान कराने का स्पष्ट मामला है।

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शिकायतकर्ता ने जताई असंतुष्टि

रत्नेश राय ने बताया कि 4 नवंबर 2025 को प्राप्त फीडबैक में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वह अधिकारियों द्वारा दिए गए समाधान से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि कार्य अधूरा होने के बाद भी राशि का पूरा बंदरबांट कर लिया गया है, जो बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है।

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उच्च स्तरीय जांच की मांग

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण था, लेकिन फैजुल्लाहपुर में इस योजना का दुरुपयोग किया गया है।

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बीडीओ का बयान

कोपागंज के बीडीओ चंद्रकांत कुशवाहा ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और सत्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों की नाराज़गी के बीच शहरोज आवास विकास परियोजना का सर्वे जारी

शहरोज आवास विकास परियोजना: मुआवज़े की दर स्पष्ट न होने से किसानों में बढ़ी चिंता, बैठक बेनतीजा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। शहरोज आवास विकास परियोजना को लेकर बुधवार को कोपागंज ब्लॉक के शहरोज गांव में उत्तर प्रदेश आवास विकास प्राधिकरण की टीम और प्रभावित किसानों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तावित आवासीय कालोनी के लाभ और प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन मुआवज़े की दर स्पष्ट न होने के कारण किसानों की आशंकाएँ और अधिक गहराती दिखीं।

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किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी कृषि भूमि के उचित, पारदर्शी और बाजार दर के अनुरूप मुआवज़े की मांग रखी। लेकिन बैठक के दौरान जब मुआवज़े की तय दर और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठे, तो अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसी वजह से किसानों में परियोजना को लेकर अविश्वास की स्थिति बनी रही।

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बैठक में जेई अभिषेक वर्मा, एई विवेक समेत परिषद् के अन्य अधिकारी शामिल रहे। वहीं भागीरथी राय, अंकुर राय, योगेंद्र राय, विजय कुमार राय, अरविंद राय, रामबली राजभर, शिवानंद तिवारी, शोभरन यादव, श्रवण राय, रामप्यारे तथा कई स्थानीय किसान भी उपस्थित रहे।

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200 हेक्टेयर में विकसित होगी आधुनिक आवासीय नगर

शहरोज आवास विकास परियोजना के तहत कुल 200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। सरकार इस विशाल परियोजना पर कुल 3781 करोड़ रुपये खर्च करेगी—
3088.84 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर
692.76 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर
अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में शामिल हैं—
11.784 हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि
0.123 हेक्टेयर आबादी दर्ज भूमि
92.821 हेक्टेयर कृषक भूमि

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यह पूरा क्षेत्र बलिया मोड़–कोपागंज मार्ग से सटा हुआ है, जिसमें रेव‍ड़ीडीह, मेघई, शहरोज, मुहम्मदपुर और डाडीखास गांवों की जमीन शामिल है। शासन ने दिसंबर 2024 में इस योजना को अंतिम मंजूरी दे दी थी।
खसरा सर्वे और स्थलीय निरीक्षण प्रारंभ
अधिशासी अभियंता राम प्रसाद के निर्देश पर वाराणसी आवास एवं विकास परिषद् की टीम ने प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया।
राजस्व कर्मी विजय बहादुर सिंह और लेखपाल इतरात इक़बाल उस्मानी ने—
खसरा नंबरों की वर्तमान स्थिति
पक्का/कच्चा निर्माण
पेड़-पौधे व बाग
ट्यूबवेल
आबादी क्षेत्र
का विस्तृत सर्वे किया।

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कम लागत में मिलेंगे प्लॉट, पूरी सुविधाओं वाला आधुनिक आवास नगर
परिषद् का दावा है कि शहरोज आवास विकास परियोजना के पूर्ण होने पर गरीब एवं मध्यम वर्ग को रियायती दरों पर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

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इसमें—
चौड़ी सड़कें,पेयजल, बिजली, सीवर सिस्टम,अस्पताल,विद्यालय,पार्क,सामुदायिक केंद्र,खेल मैदान,जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के बाद लोगों को किसी भी सुविधा के लिए कालोनी से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

अमेरिका-पाकिस्तान F-16 अपग्रेड सौदा: 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को मंजूरी, सैन्य संबंधों में फिर बढ़ी गर्माहट

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग एक बार फिर मजबूत होता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन के विदेश विभाग ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान बेड़े को अपग्रेड करने के लिए 686 मिलियन डॉलर के बड़े रक्षा पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी अमेरिकी डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) द्वारा 8 दिसंबर को कांग्रेस को भेजे गए पत्र से सामने आई है। अब यह प्रस्ताव 30 दिनों की समीक्षा प्रक्रिया से गुज़रेगा, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

यह अमेरिका-पाकिस्तान F-16 अपग्रेड सौदा लिंक-16 सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, उन्नत एवियोनिक्स, प्रशिक्षण और व्यापक लॉजिस्टिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों को शामिल करता है। इन अपग्रेड्स से पाकिस्तान अपनी वायुसेना को आधुनिक खतरे से निपटने में अधिक सक्षम बना सकेगा, साथ ही अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी भी मजबूत होगी।

DSCA के अनुसार यह पैकेज अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, क्योंकि इससे पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से निभा सकेगा। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सौदा क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगा। अपग्रेड के लिए प्रमुख ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन (टेक्सास) को नियुक्त किया गया है।

पाकिस्तान के लिए यह पैकेज इसलिए भी अहम है क्योंकि उसके पास वर्तमान में लगभग 75 F-16 विमान हैं, जिनमें से कई 1980 के दशक से सेवा में हैं। 2021 में पाकिस्तान ने इनके व्यापक अपग्रेड की मांग की थी, लेकिन द्विपक्षीय तनाव के कारण प्रक्रिया रुकी हुई थी। नए पैकेज से पाकिस्तान अपनी कम्युनिकेशन सिस्टम, सेंसर तकनीक और एवियोनिक्स को नवीनतम स्तर तक मजबूत कर सकेगा।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के साथ यह रक्षा सहयोग तब बढ़ रहा है जब भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” और रूस के प्रति भारत की बढ़ती रणनीतिक निकटता पर वॉशिंगटन पहले ही नजर बनाए हुए है। वहीं पाकिस्तान हाल के वर्षों में चीन के साथ भी सैन्य साझेदारी बढ़ा चुका है, जिसमें J-10C जैसे उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं।

फिर भी, DSCA ने अमेरिकी सांसदों की चिंताओं पर सफाई देते हुए कहा है कि यह पैकेज नए F-16 विमानों की खरीद नहीं है, बल्कि मौजूदा बेड़े के रख-रखाव और आधुनिकीकरण के लिए है। साथ ही, इसके लिए अमेरिका को अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की भी आवश्यकता नहीं होगी।

यह सौदा पाकिस्तान की वायुसेना को नई मजबूती देगा और दक्षिण एशिया के सामरिक परिदृश्य में नया संतुलन पैदा कर सकता है।

काम से लौट रहे दो युवकों पर ईंट-डंडे से हमला, दोनों गंभीर रूप से घायल; पीड़ितों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना सलेमपुर क्षेत्र के हरैया वार्ड नंबर-5 में बुधवार शाम लगभग 7 बजे दो युवकों पर ईंट और डंडों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। काम से घर लौट रहे पीड़ित अर्जुन पुत्र शिवशंकर और उमेश पुत्र गुड्डु पर मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे दोनों घायल हो गए।

पीड़ितों ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि मोहल्ले में बैठे सनी, अमित और रोहित पुत्रगण उमाशंकर ने उनका रास्ता रोककर हमला किया। घटना में दोनों के सिर पर चोट लगी है।

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पीड़ितों का यह भी कहना है कि जब वे बाद में पूछताछ के लिए विपक्षी के घर पहुंचे, तो सनी की मां हीरा देवी समेत परिवार वालों ने गालीगलौज की और धमकाते हुए वहां से जाने को कहा।

अर्जुन और उमेश ने थाना सलेमपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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रामायण सिंह का निधन—शिक्षा जगत ने खोया एक प्रेरणादायक मार्गदर्शक

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विधानसभा क्षेत्र भाटपार रानी के ग्राम लक्ष्मणचक के श्री कृष्ण इंटर कॉलेज, हाता प्रतापपुर (देवरिया) के संस्थापक एवं प्रबंधक,रामायण सिंह का निधन हो गया। पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ा दी है।

श्री सिंह शिक्षा जगत का वह उज्ज्वल नाम रहे, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समर्पित कर दिया। श्री कृष्ण इंटर कॉलेज उनकी दूरदृष्टि, त्याग और समाज के प्रति निष्ठा का जीवंत उदाहरण है। उनके मार्गदर्शन में इस विद्यालय ने हजारों छात्रों को बेहतर शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारा।

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उनके निधन की खबर से स्थानीय समाज, शिक्षकों और पूर्व विद्यार्थियों में गहरा शोक व्याप्त है। क्षेत्र के लोग उन्हें एक सच्चे समाजसेवी, विनम्र व्यक्तित्व और शिक्षावादी विचारधारा के लिए याद कर रहे हैं।

शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ब्लॉक प्रमुखों की अध्यक्ष एवं बनकटा ब्लॉक प्रमुख बिन्दा देवी, तथा मुन्ना सिंह कुशवाहा समेत शोकाकुल परिवार ने कहा कि रामायण सिंह जी का जाना शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करें।”

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स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और जनपद के लोगों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण जाता रहेगा।

उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर EOU की स्पेशल STF गठित, माफियाओं के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार शुरू

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में अवैध रेत खनन कार्रवाई को गति देते हुए राज्य सरकार ने अब रेत और भूमि माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान की शुरुआत कर दी है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सख्त निर्देशों के बाद इकोनॉमिक ऑफेन्स यूनिट (EOU) ने माफियाओं के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। यह टीम उन छिपे आर्थिक स्रोतों को उजागर करेगी जिनके सहारे माफिया वर्षों से अवैध साम्राज्य खड़ा करते रहे।

गठित विशेष STF का नेतृत्व EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों करेंगे। उन्हें एसपी राजेश कुमार, चार डीएसपी और EOU के पांच अनुभवी निरीक्षकों की टीम का सहयोग मिलेगा। यह विशेष इकाई न केवल वित्तीय जांच करेगी, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को ज़मीन पर उतारेगी।

STF का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन, भूमि कब्ज़ा और उससे जुड़ी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करना है। टीम यह भी जांच करेगी कि किस तरह माफियाओं ने कानून से बचते हुए करोड़ों की काली कमाई अर्जित की और किसने उन्हें संरक्षण दिया।

EOU ने जनता को सीधे जोड़ने के लिए एक पब्लिक हेल्पलाइन नंबर—90318 29072 भी जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर कॉल या मैसेज कर अवैध खनन, संदिग्ध भूमि सौदों तथा माफिया गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकेंगे। सभी सूचनाएँ गोपनीय रखी जाएँगी।

इससे पहले उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा था कि “चाहे विभाग के लोग हों या सफेदपोश, कोई भी व्यक्ति माफियाओं की मदद करता पाया गया तो कठोर कार्रवाई होगी।” सरकार का मानना है कि जनता की भागीदारी और इस बड़ी कार्रवाई से बिहार में अवैध रेत खनन कार्रवाई को निर्णायक सफलता मिलेगी।