Saturday, June 27, 2026
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दो बच्चों की मां पांच वर्षीय पुत्र के साथ लापता

सोनाड़ी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। क्षेत्र के एक गांव से दो बच्चों की मां अपने पांच वर्षीय पुत्र के साथ चार दिन से लापता है। अचानक गायब होने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन लगातार खोजबीन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

चार दिन पहले अचानक घर से हुई गायब

स्थानीय लोगों के अनुसार महिला की शादी छह वर्ष पूर्व बिहार के रीवा में हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। महिला का पति दिल्ली में गाड़ी चलाता है, और घटना के समय घर पर मौजूद नहीं था।

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रिपोर्ट के मुताबिक चार दिन पहले सुबह महिला अपने पांच वर्षीय पुत्र को साथ लेकर घर से निकली, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों में काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

पुलिस से लगाई मदद की गुहार

थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने जल्द से जल्द महिला और बच्चे को खोजने की मांग की है।

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सर्दी–कोहरे में सुरक्षा मुहिम: पुलिस ने बढ़ाई निगरानी, जागरूकता अभियान जारी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में बढ़ती ठंड और घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा के निर्देश तथा अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में गुरुवार को महराजगंज कोहरा यातायात अभियान चलाया गया।

कोहरे में सुरक्षित सफर की पहल: एसपी के निर्देश पर महराजगंज में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फॉग लाइट–रिफ्लेक्टर अनिवार्य

यातायात प्रभारी अपनी टीम के साथ सुबह से ही मुख्य मार्गों व कस्बा क्षेत्रों में उतरकर बड़े पैमाने पर वाहनों की जांच में जुटे रहे। टीम ने रोडवेज तथा निजी बसों, स्कूली वाहनों, टेंपो, ट्रैक्टर–ट्राली, पिकअप और भारी वाहनों की सघन चेकिंग की। कोहरे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष रूप से फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर टेप की जांच की। जिन वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे, उन्हें मौके पर ही लगवाया गया।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोहरे के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर न केवल कानूनी आवश्यकता हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा की अनिवार्य ढाल हैं। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहन चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की गई।

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यातायात विभाग ने लोगों से अपील की कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सुरक्षित यात्रा के लिए सभी वाहन चालक फॉग लाइट, इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अवश्य करें, ताकि कोहरे के मौसम में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

रहस्यमय परिस्थितियों में किसान का ट्रैक्टर आग की भेंट, पुलिस ने जांच तेज की

खलिहान में खड़ा किसान का ट्रैक्टर रहस्यमय परिस्थिति में जलकर खाक, पुलिस जांच में जुटी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। श्यामदेउरवां गांव में गुरुवार देर रात एक रहस्यमय घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। गांव के किसान दुर्विजय गुप्ता के खलिहान में खड़ा ट्रैक्टर अचानक आग की भीषण लपटों में घिर गया, जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन मामला संदिग्ध होने के चलते पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है।

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पीड़ित किसान के अनुसार, वे देर रात खेत में बुवाई करने के बाद ट्रैक्टर को रोटावेटर सहित खलिहान में खड़ा करके घर सोने चले गए थे। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाकर आग की सूचना दी। जब किसान मौके पर पहुंचे तो देखा कि ट्रैक्टर का ऊपरी हिस्सा और पिछला टायर पूरी तरह जल चुका था और लपटें तेजी से बढ़ रही थीं।

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ग्रामीणों ने तुरंत पानी और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया, जिससे खलिहान और आसपास के क्षेत्रों में बड़ा हादसा होने से बच गया। हालांकि ट्रैक्टर का अहम हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो चुका है, जिससे किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

सूचना पर 112 पुलिस टीम तुरंत पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं, लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक टीम भी बुलाने पर विचार किया जाएगा।

घटना के बाद ग्रामीणों में आशंका, लापरवाही और संभावित साजिश को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं पीड़ित किसान प्रशासन से जल्द जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे पवन कल्याण, सोशल मीडिया कंपनियों को सात दिन में कार्रवाई के आदेश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को सात दिनों के भीतर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। पवन कल्याण ने अपनी याचिका में अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की थी और बिना अनुमति उनके नाम, तस्वीर और पहचान के दुरुपयोग को रोकने की अपील की थी।

अजय देवगन मामले की तर्ज पर कार्रवाई

न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की अदालत ने पवन कल्याण की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सभी विवादित कंटेंट की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने को कहा। कोर्ट ने अजय देवगन की याचिका पर पारित आदेश के आधार पर एक सप्ताह में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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सलमान खान के नाम और फोटो के दुरुपयोग पर भी हाईकोर्ट सख्त

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने सलमान के नाम, फोटो और अन्य विशेषताओं का बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग करने पर स्टे ऑर्डर जारी किया।

न्यायालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरमीडियरी कंपनियों को निर्देश दिया कि वे सलमान की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। सलमान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एआई चैटबॉट्स पर उनकी छवि का दुरुपयोग कर मर्चेंडाइज बेचा जा रहा है, जिसमें टी-शर्ट, मग और अन्य उत्पाद शामिल हैं।

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दिल्ली डिवीजन के रेलवे ट्रैक होंगे मजबूत, बढ़ेगी ट्रेन की गति और कम होगा हादसों का खतरा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली डिवीजन में बड़े पैमाने पर ट्रैक मेंटेनेंस कार्य शुरू करने की योजना बनाई है। दिल्ली मंडल से रोजाना 500 से अधिक यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे ट्रैक पर अत्यधिक दबाव रहता है। लंबे समय से उपयोग में आने वाले कई ट्रैकों पर मरम्मत की आवश्यकता थी, जिसके चलते अब उन्हें उन्नत किया जाएगा।

उत्तर रेलवे का दिल्ली डिवीजन देश का सबसे व्यस्त रेल खंड है। दिल्ली-अंबाला, दिल्ली-सहारनपुर समेत कई राष्ट्रीय मार्गों पर भारी ट्रैफिक रहता है। पुराने स्लीपर, घिसे फिटिंग्स और ट्रैक पर जमी गाद के कारण ट्रेन की गति प्रभावित हो रही थी। ऐसे में नया ट्रैक सुधार अभियान यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इसके बाद ट्रेनें ज्यादा सुरक्षित और तेज़ गति से चल सकेंगी।

5.27 करोड़ रुपये की परियोजना, 12 महीने में पूरा होगा काम

इस ट्रैक सुधार परियोजना की अनुमानित लागत 5.27 करोड़ रुपये तय की गई है। रेलवे ने इसके लिए निविदा आमंत्रित कर दी है और अगले 12 महीनों में कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों का मानना है कि नियमित ट्रैक मेंटेनेंस रेलवे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी ला सकता है। पिछले वर्षों में ट्रैक संबंधी हादसों में गिरावट इसी प्रकार की परियोजनाओं का परिणाम है।

रेल पैनल पुलिंग, स्लीपर रिप्लेसमेंट और गाद-सफाई पर जोर

नई योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे:

• रेल पैनलों की पुलिंग और पोजिशनिंग

• पुराने स्लीपरों का रिप्लेसमेंट

• फिश प्लेट्स व फिटिंग्स की मरम्मत

• ट्रैक और यार्ड की गहन स्क्रीनिंग

• गाद व मलबे की सफाई

• रेल रिन्यूअल और ट्रैक डिस्मेंटलिंग
ये सभी कार्य निर्धारित ट्रैफिक ब्लॉक में पूरे किए जाएंगे ताकि ट्रेनों की आवाजाही कम से कम प्रभावित हो।

अमृत भारत स्टेशन योजना और फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ी पहल

दिल्ली डिवीजन का यह ट्रैक उन्नयन कार्य रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स—जैसे अमृत भारत स्टेशन योजना और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर—से भी जुड़ा है। इन योजनाओं का लक्ष्य रेलवे को आधुनिक तकनीक, उच्च गति और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं से लैस करना है।

नए मेंटेनेंस कार्यों से न केवल ट्रैक मजबूत होंगे बल्कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी, देरी कम होगी और डिरेलमेंट जैसी दुर्घटनाओं की संभावना में भारी कमी आएगी।

बीए छात्रा दुल्हन प्रेमी संग हुई फरार, पति देगा पुलिस को तहरीर क्षेत्र में हो रहा सवाल

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।सिकंदरपुर क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। पंदह गांव निवासी सतीश वर्मा की शादी 2 दिसंबर को सिवानकला गांव की पूजा वर्मा से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। लेकिन यह वैवाहिक संबंध महज दस दिनों में ही टूटता हुआ नजर आया, जब नई दुल्हन अपने प्रेमी के साथ अचानक फरार हो गई।

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गुरुवार को पूजा अपने पति के साथ दादर आश्रम स्थित श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय में परीक्षा देने पहुंची थी। परीक्षा शुरू होने से पहले उसने पति से कहा कि वह घर लौट जाए और परीक्षा खत्म होने के बाद उसे लेने आ जाए। लेकिन सतीश को बाद में पता चला कि पूजा परीक्षा देने पहुंची ही नहीं थी और वह पहले से बनाई गई योजना के तहत प्रेमी के साथ भाग निकली।

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परिजनों के अनुसार, घर से निकलते समय पूजा एक पिट्ठू बैग लेकर गई थी। ननद के पूछने पर उसने इसे परीक्षा सामग्री बताया, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बैग में उसके कपड़े, निजी दस्तावेज और अन्य सामान भरा था। परिवार का यह भी आरोप है कि पूजा घर से ढाई से तीन लाख रुपये मूल्य के गहने तथा करीब ₹25,000 नकद लेकर गई है।

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जांच में सामने आया है कि पूजा कस्तूरी महाविद्यालय, नवानगर में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और कॉलेज के ही एक युवक से उसका प्रेम संबंध चल रहा था। घटना के बाद गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि सतीश का परिवार सदमे में है और पुलिस को तहरीर देने की तैयारी कर रहा है।

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यह मामला इलाके में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और पुलिस जल्द ही जांच शुरू कर सकती है।

मऊ में दहेज हत्या का सनसनीखेज मामला, मां-बेटी मृत—सात पर केस दर्ज

बबुआपुर सिंहाव में दोहरी मौत से सनसनी, कमरे में मां-बेटी के शव मिले – दहेज हत्या मामला मऊ में हड़कंप

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बबुआपुर सिंहाव गांव में बृहस्पतिवार को हुए दिल दहला देने वाले घटनाक्रम ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक ही कमरे से महिला और उसकी तीन वर्षीय बेटी के शव मिलने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतका के परिजनों ने इसे दहेज हत्या मामला मऊ बताते हुए सात ससुरालीजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शादी के बाद से चल रही थी प्रताड़ना – भाई का आरोप

हलधरपुर थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी सचिन चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन रेखा चौहान का विवाह दिसंबर 2021 में बबुआपुर सिंहाव निवासी राकेश चौहान से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही रेखा को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी।

सचिन के अनुसार, रेखा और उसकी 3 वर्षीय बेटी रितिका की तबीयत खराब रहने पर भी ससुराल पक्ष इलाज तक नहीं करवाता था। इसी कारण रितिका कई दिनों से ननिहाल में रह रही थी।

7 दिसंबर को रेखा के देवर रितेश रितिका को ननिहाल से वापस ससुराल ले गया। आरोप है कि इसके बाद जब भी सचिन ने अपनी बहन से बात कराने की कोशिश की, जीजा राकेश टालमटोल करता रहा।

अचानक मिली मौत की खबर रितेश ने फोन कर बताया कि रेखा और रितिका की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही सचिन घर पहुंचा तो दोनों के शव कमरे में पड़े मिले।

सचिन ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन और भांजी की हत्या ससुराल पक्ष के सात लोगों ने मिलकर की है।

सात नामजद आरोपी, तीन हिरासत में पुलिस ने राकेश चौहान, रितेश चौहान, अखिलेश चौहान, ससुर सुभाष चौहान, सास विमला देवी, जेठानी और देवरानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

थाना सरायलखंसी पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 80(1), 103(1) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दर्ज कर तीन आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

फोरेंसिक टीम जुटी, जांच तेज

पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी इसे गंभीर मामला मानते हुए दहेज हत्या मामला मऊ को प्राथमिकता पर जांच रहे हैं।

जापान में 6.7 तीव्रता का भूकंप, पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तेज झटके; मौसम एजेंसी ने जारी की सुनामी चेतावनी

टोक्यो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जापान में शुक्रवार सुबह एक बार फिर धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई। भारतीय समय अनुसार सुबह 8:14 बजे 6.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के तुरंत बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है।

समुद्र में आया तेज भूकंप, 10.7 किमी गहराई में था केंद्र

रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र में लगभग 10.7 किलोमीटर की गहराई पर था। झटके इतने तेज थे कि तटीय क्षेत्रों से लेकर दूर बसे शहरों तक महसूस किए गए, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।

फिलहाल नुकसान की जानकारी नहीं

अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

1 मीटर ऊंची सुनामी लहरों की चेतावनी

भूकंप के बाद जापान मौसम एजेंसी ने 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने का अलर्ट जारी किया। कई तटीय इलाकों में दोपहर तक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने समुद्र किनारे जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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एक सप्ताह में चौथी बार हिला जापान

जापान पिछले एक हफ्ते में लगातार भूकंपों से परेशान है—

सोमवार: 7.6 तीव्रता का भीषण भूकंप, 50 से अधिक घायल

मंगलवार: होंचो शहर में 6.7 तीव्रता के झटके

बुधवार: आओमोरी और होक्काइडो में 6.5 तीव्रता के झटके

शुक्रवार: फिर 6.7 तीव्रता का ताजा भूकंप

लगातार भूकंपों ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है।

एलएलबी परीक्षा में चिट के सहारे नकल, देवरिया कॉलेज ने दिखाया कड़ा रुख

कानून की पढ़ाई और नकल का खेल! देवरिया के सन्त विनोबा पीजी कॉलेज में एलएलबी छात्र रंगे हाथों पकड़ा गया, तुरंत हुआ निलंबित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।उच्च शिक्षा और विधि जैसे गंभीर विषयों में ईमानदारी की अपेक्षा सबसे अधिक होती है, लेकिन देवरिया के सन्त विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को हुई घटना ने शिक्षा प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एलएलबी तृतीय सेमेस्टर कंपनी लॉ परीक्षा के दौरान एक छात्र नकल करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल परीक्षा से निष्कासित और निलंबित कर दिया।

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सूत्रों के अनुसार, सुबह की पाली में आयोजित परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या–1 में तैनात कक्ष निरीक्षक की नजर एक परीक्षार्थी की हरकतों पर गई। निरीक्षण में पाया गया कि छात्र ने उत्तर पुस्तिका के बीच चिट छिपाकर उत्तर लिखने का प्रयास किया। मामले की पुष्टि होते ही परीक्षा केंद्राध्यक्ष प्रो. अर्जुन मिश्र को इसकी जानकारी दी गई। केंद्राध्यक्ष ने बिना किसी देरी के छात्र को रस्टिकेट करने का निर्देश जारी किया।

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इस पाली में 122 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 121 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। नकल पकड़े जाने की कार्रवाई के बाद परीक्षा कक्ष में मौजूद सभी छात्रों में अनुशासन और सतर्कता का माहौल और अधिक मजबूत हो गया।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकल और किसी भी प्रकार की शैक्षणिक अनियमितता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। परीक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह घटना न केवल छात्र की गलती को उजागर करती है, बल्कि शिक्षा जगत में बढ़ते अनुशासनहीन रवैये पर भी प्रकाश डालती है।

कौन बनेगा प्रदेश भाजपा: पार्टी में हलचल तेज

13-14 दिसंबर को होगा चुनाव

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रदेश भाजपाध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख तय हो गई है। पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 13 दिसंबर को दोपहर 1 से 2 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 14 दिसंबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी दौरान राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का चुनाव भी संपन्न होगा, जिसके लिए प्रांतीय परिषद के सदस्यों को लखनऊ बुलाया गया है। नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े निभाएंगे और चुनाव केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में होगा।

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संगठन के चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पार्टी मुख्यालय में लिया जाएगा। इसके बाद 14 दिसंबर को चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल पूरी प्रक्रिया को पूर्ण कराएंगे।
भाजपा सूत्रों के अनुसार इस बार प्रदेश अध्यक्ष का पद ओबीसी समुदाय को जाने की प्रबल संभावना है। संभावित नामों में निषाद समुदाय से आनेवाली साध्वी निरंजन ज्योति, कुर्मी समाज के केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और बीएल वर्मा सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा लोधी समुदाय से धर्मपाल सिंह तथा दलित समाज से राम शंकर कठेरिया के नाम भी चर्चा में हैं। इनके साथ ही ब्राह्मण चेहरे के रूप में पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और हरीश द्विवेदी का नाम रेस में आगे है। माना जा रहा है खरमास शुरू होने से पूर्व ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी।

गोवा के बाद अब ओडिशा में नाइट क्लब में भीषण आग, भुवनेश्वर के सत्य विहार इलाके में मचा हड़कंप

भुवनेश्वर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ओडिशा की राजधानी में शुक्रवार रात एक बड़ा हादसा उस समय हुआ जब सत्य विहार इलाके के एक नाइट क्लब में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग से उठता घना काला धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोग तुरंत बाहर निकल आए और घटना की सूचना फायर विभाग को दी।

फायर ब्रिगेड ने समय रहते पाया काबू, कोई हताहत नहीं

फायरब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, और आग को क्लब के भीतर ही सीमित कर लिया गया, जिससे पास की इमारतों को नुकसान नहीं हुआ।

आग लगने का कारण अभी अस्पष्ट

अधिकारी आग के कारणों की जांच कर रहे हैं कि यह इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट, किचन की गड़बड़ी, या किसी अन्य वजह से लगी होगी। विस्तृत जांच जारी है।

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गोवा हादसे के बाद दूसरी बड़ी आग, सतर्क मोड में प्रशासन

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब गोवा के एक नाइट क्लब में लगी आग से 25 लोगों की मौत ने देशभर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। उस हादसे के बाद ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज ने राज्य भर में 100 से अधिक सीट क्षमता वाले सभी रेस्तरां और प्रतिष्ठानों का सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश जारी किया था।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम राज्य में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

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कोहरे में स्कूल बस ट्रैक्टर से टकराई: 25 बच्चे सवार, एक बच्ची सहित चार घायल; शिक्षकों और ड्राइवर को भी चोटें

सीतापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के मछरेहटा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह घना कोहरा हादसे का कारण बना। बीहट बीरम और आदिलपुर के बीच सुबह करीब 9 बजे आर जे जे एजुकेट प्वाइंट स्कूल की बस एक ट्रैक्टर से टकरा गई, जिसमें कुल 25 बच्चे सवार थे।

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चार लोग घायल, बच्चों में एक बच्ची को आई चोट

हादसे में एक बच्ची सहित कुल चार लोग घायल हुए। इसके अलावा बस में मौजूद दो शिक्षक—

प्रीति मिश्रा (26 वर्ष), निवासी राठौरपुर, अभय मिश्रा (25 वर्ष), निवासी राठौरपुर को भी चोटें आईं। साथ ही बस चालक अनुज कुमार (40 वर्ष) घायल हो गया।

सीएचसी में चल रहा इलाज, सभी की हालत सामान्य

घटना के बाद घायलों को तुरंत सीएचसी मछरेहटा ले जाया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि सभी घायलों की हालत फिलहाल सामान्य है और उनका उपचार जारी है।घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।

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ESMA लागू: यूपी के सभी विभागों में आंदोलन होगा गैरकानूनी

यूपी सरकार सख्त: 6 माह तक सभी विभागों में हड़ताल पर रोक, ESMA लागू करते हुए अधिसूचना जारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े प्रशासनिक निर्णय के तहत राज्य में अगले छह महीनों तक किसी भी तरह की हड़ताल, कार्यबहिष्कार या सामूहिक अवकाश पर पूर्ण रोक लगा दी है। गुरुवार को सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में आवश्यक सेवाओं का सुचारू संचालन बनाए रखने के लिए ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया गया है। इसके लागू होते ही सभी सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों में कोई भी कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेगा।

सरकार ने कहा है कि हाल के दिनों में विभिन्न विभागों में आंदोलन की चेतावनियों के बीच जनता को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी के मद्देनज़र छह महीने की अवधि के लिए ESMA को प्रभावी किया गया है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख है कि यदि कोई कर्मचारी, संगठन या संघ इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध ESMA के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारी और सेवा नियमों के तहत दंड भी शामिल हैं।

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सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, प्रदेश में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, ऊर्जा, जलापूर्ति, शिक्षा और राजस्व से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली को बाधित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह फैसला आम नागरिकों की सुविधा और प्रशासनिक स्थिरता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

इस निर्णय के लागू होने के साथ ही राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों पर हड़ताल संबंधी किसी भी गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है।

पंचायत चुनावों में NOTA की मांग हाईकोर्ट पहुंची, बैलेट पेपर पर नाम छापने की भी अपील

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों में NOTA (None of the Above) विकल्प लागू करने और बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के नाम छापने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) में एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता सुनील मौर्य ने दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था मतदाताओं में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न करती है और मताधिकार की पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े करती है।

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याचिका में तर्क दिया गया है कि पंचायत चुनावों में अभी केवल चुनाव चिह्न ही बैलेट पेपर पर छपते हैं, जबकि प्रत्याशियों के नाम नहीं दर्ज होते। ऐसी स्थिति में ग्रामीण मतदाता अक्सर चुनाव चिह्नों को लेकर उलझन में पड़ जाते हैं, जिससे सही प्रत्याशी की पहचान करना कठिन हो जाता है। अधिवक्ता मौर्य ने इसे “मतदाता की स्वतंत्र और सूचित पसंद” के अधिकार का उल्लंघन बताया।

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याचिका में कहा गया है कि NOTA का अभाव लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करता है, क्योंकि मतदाता के पास असंतोष जताने का वैकल्पिक साधन नहीं रहता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम चुनावों में NOTA लागू किए जाने का हवाला देते हुए पंचायत चुनावों में भी इसे जरूरी बताया गया है।

हाईकोर्ट में आज इस जनहित याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोर्ट इस पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो पंचायत चुनाव प्रक्रिया में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे ग्रामीण लोकतंत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और मतदाता सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।

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दरभंगा में जमीन दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन तेज—ऑनलाइन तहकीकात की सुविधा जल्द

दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दरभंगा में 1908 से 1989 तक के भूमि दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में बदलने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। निबंधन विभाग द्वारा वर्ष 2023 में शुरू हुई इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के तहत कुल 78 लाख दस्तावेजों को डिजिटाइज्ड किया जाना है। अब तक लगभग चार लाख दस्तावेजों की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग पूरी हो चुकी है, हालांकि अधिकृत एजेंसी की धीमी गति चिंता का विषय बनी हुई है।

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विभागीय जानकारी के अनुसार दस्तावेजों को डिजिटाइज करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हो रही है—स्कैनिंग, क्रॉपिंग, अपलोडिंग, अंचल/मौजा/थाना/खाता/खेसरा आधारित इंडेक्स तैयार करना, अवर निबंधक द्वारा अनुमोदन, और अंत में मेटाडाटा अपलोड। अंतिम अनुमोदन पटना स्थित मद्य निषेध, उत्पाद व निबंधन निदेशालय द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद डेटा पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाएगा।

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एजेंसी को अरबी, फारसी और कैथी लिपि में लिखे पुराने दस्तावेज पढ़ने में कठिनाइयाँ आईं, जिससे प्रक्रिया कुछ समय बाधित हुई। कई कर्मियों ने कार्य भी छोड़ दिया, लेकिन बाद में कार्य पुनः पटरी पर आया।

डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद लोग घर बैठे अपने भूमि दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच, निबंधन से पहले जमीन का पूरा इतिहास, और आवश्यक कागजात की डिजिटल प्रतिलिपि आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इससे फाइलों के गुम या क्षतिग्रस्त होने का खतरा खत्म होगा और भूमि रजिस्ट्री में धोखाधड़ी की शिकायतें भी घटेंगी।

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जिला अवर भूमि निबंधन पदाधिकारी स्वीटी सुमन ने बताया कि यह प्रक्रिया आम नागरिकों को पारदर्शी, सुरक्षित और सरल दस्तावेज प्रबंधन की सुविधा देगी।