संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार के फिट इंडिया अभियान के अंतर्गत “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम के तहत जनपद संत कबीर नगर में जन-जागरूकता साइकिल रैली का सफल आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी राम प्रकाश मिश्रा (अवकाशप्राप्त कर्नल) ने किया।
इस आयोजन में जिले के लगभग 50 पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साइकिल रैली कलेक्ट्रेट परिसर से प्रारंभ होकर पटखौली मार्ग होते हुए नेदुला चौराहे तक पहुंची और सैनिक कल्याण भवन पर संपन्न हुई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने रैली को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फिट इंडिया जैसे अभियानों से आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और नियमित शारीरिक गतिविधियों को जीवनशैली में अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, नियमित व्यायाम, साइकिलिंग एवं सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को कम करना तथा स्वस्थ और सक्षम भारत का निर्माण करना है।
“संडे ऑन साइकिल” पहल के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल, किफायती और स्वास्थ्यवर्धक परिवहन को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।
यह आयोजन 1971 के विजय दिवस की भावना को समर्पित रहा, जिसमें पूर्व सैनिकों की गरिमा, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का समापन “फिटनेस की डोज़, आधा घंटा रोज़” के संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिक राम बचन, मनोज राय, युधिष्ठिर सिंह, राम जनम यादव, अभिषेक कुमार सहित अन्य पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
फिट इंडिया: ‘संडे ऑन साइकिल’, पूर्व सैनिकों ने निकाली जन-जागरूकता रैली
राष्ट्रीय लोक अदालत में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन, न्यायिक प्रक्रिया से रूबरू हुए विधि छात्र
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर पी.डी. लॉ कॉलेज के विधि स्नातक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में विद्यार्थियों ने न्यायिक कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विधि छात्रों ने न्यायिक विषयों पर आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में चयनित छात्र-छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
विधि स्नातक छात्र-छात्राएं अपने गणवेश में दीवानी न्यायालय पहुंचे और लोक अदालत में मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया, बयान दर्ज करने की विधि तथा न्यायालय में संचालित विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने विभिन्न न्यायालयों का भ्रमण कर उनकी गतिविधियों को भी नजदीक से देखा।
इस अवसर पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा, अपर जिला जज भूपेंद्र राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज देवेंद्र नाथ गोस्वामी, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल संजीव कुमार पांडेय, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार, प्राधिकरण कार्यालय के रामभवन चौधरी, नेहा शुक्ला, किरण गुप्ता, कविता, अनुराधा त्रिपाठी, दीपक यादव सहित रवि, दीक्षा, हरेंद्र एवं तीन दर्जन से अधिक विधि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बिहार से मऊ आ रहे युवक की बाइक दुर्घटना में मौत
अज्ञात वाहन की टक्कर से बिहार निवासी बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम
मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जनपद मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढावर गांव के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग के समीप रविवार को हुए एक सड़क हादसे में बिहार निवासी एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 25 वर्षीय मुकुल कुमार यादव, पुत्र हरिशंकर यादव, निवासी ग्राम रूपी, थाना अकौड़ा, जनपद रोहतास (बिहार) के रूप में हुई है। मुकुल कुमार यादव बाइक से दोहरीघाट अपने पिता से मिलने आ रहे थे। जैसे ही वह इंदारा–दोहरीघाट रेलखंड पर बनी बुढावर रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुकुल यादव की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोहरीघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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इस हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार वाहन चालक की पहचान की जा सके।
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स्थानीय लोगों ने रेलवे क्रॉसिंग के पास तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की सड़क दुर्घटना दोबारा न हो।
विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 : भारत में समय-आधारित बिजली मूल्य निर्धारण की संवैधानिक और नीतिगत रूपरेखा
विज़न 2047 में टाइम-ऑफ-डे टैरिफ व्यवस्था भारत को न केवल ऊर्जा दक्ष बनाएगी, बल्कि उसे वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की मुख्यधारा में भी स्थापित करेगी- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत का बिजली क्षेत्र अब एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।दशकों तक देश में बिजली बिलिंग की प्रणाली मुख्यतःयूनिट-आधारित रही, जहाँ उपभोक्ता द्वारा खपत की गई कुल बिजली के आधार पर शुल्क तय होता था,समय का कोई विशेष महत्व नहीं होता था। किंतु बदलती ऊर्जा आवश्यकताओं बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा केविस्तार और ग्रिड प्रबंधन की जटिलताओं ने इस परंपरागत मॉडल को अप्रासंगिक बना दिया है।इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार और विद्युत नियामक संस्थाओं ने समय आधारित बिजली टैरिफ (टाइम ऑफ़ डे टैरिफ़) को लागू करने का संभावित निर्णय की और अग्रसर है, जिसके तहत दिन, रात, सुबह और शाम अलग -अलग दरों पर बिजली बिल लगेगा। यह प्रणाली अगले 3 से 6 महीनों में चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू की जा रही है।
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यह परिवर्तन कोई तात्कालिक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुदृढ़ कानूनी ढांचा, राष्ट्रीय ऊर्जा नीति, टैरिफ नीति संशोधन,और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों पर आधारित रणनीति है।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 को आधुनिक बिजली व्यवस्था की आवश्यकता और ऊर्जा संक्रमण की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप तैयार किया गया एक प्रमुख सुधारात्मक प्रस्ताव है।
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इसका उद्देश्य वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना,नियामकीय ओवरसाइट सुदृढ़ करना और उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत के अनुसार भुगतान के लिए प्रेरित करना है।विधेयक की यह नींव पारंपरिक यूनिफ़ॉर्म-टैरिफ मॉडल से हटकर मांग-आधारित समय- संवेदी कीमत निर्धारण की ओर ले जाने का एक महत्त्वपूर्ण कदम है,जिसका सबसे निर्णायक उपकरण समय-आधारित टैरिफ है।विधेयक की प्रमुख धारणाएँ, टीओडी टैरिफ का वैज्ञानिक व आर्थिक तर्क, कार्यान्वयन चुनौतियाँ स्मार्ट मीटरिंग और ग्रिड-समर्थन तकनीकों की भूमिका, उपभोक्ता-प्रभाव (वंचित वर्गों सहित) मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से हम इसका विश्लेषण करेंगे।
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साथियों बात अगर हम टाइम- ऑफ-डे टैरिफ क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? इसको समझने की करें तो, टाइम -ऑफ-डे टैरिफ वह व्यवस्था है जिसमें बिजली की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि बिजली किस समय उपयोग की जा रही है। उदाहरण के लिए,जब बिजली की मांग अत्यधिक होती है,जैसे शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक,उस समय दरें अधिक होंगी। वहीं जब मांग कम होती है,जैसे देर रात या दोपहर,तब बिजली सस्ती होगी। भारत में बिजली की मांग दिन के अलग- अलग समय पर अत्यंत असमान रहती है। पीक आवर्स में ग्रिड पर भारी दबाव पड़ता है,महंगे पावर प्लांट चालूकरने पड़ते हैं और कभी-कभी बिजली कटौती तक करनी पड़ती है। इसके विपरीत ऑफ-पीक समय में उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा निष्क्रिय रहता है।टीओडी टैरिफ का उद्देश्य मांग को संतुलित करना, ग्रिड स्थिरता बढ़ाना,और उपभोक्ताओं को समय के अनुसार खपत बदलने के लिए प्रेरित करना है।
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भारत में बिजली क्षेत्र का मूल कानूनी ढांचा विद्युत अधिनियम, 2003 (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट,2003) है। यह अधिनियम केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को बिजली उत्पादन, वितरण और टैरिफ निर्धारण के लिए व्यापक अधिकार देता है। अधिनियम की धारा 61 और 62 विशेष रूप से टैरिफ निर्धारण से संबंधित हैं, जिनमें कहा गया है कि टैरिफ आर्थिक दक्षता, उपभोक्ता हित, और संसाधनों के कुशल उपयोग को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा।समय आधारित टैरिफ इसी अधिनियम की भावना के अनुरूप है, क्योंकि यह बिजली संसाधनों के बेहतर उपयोग और लागत-आधारित मूल्य निर्धारण को प्रोत्साहित करता है।अधिनियम किसी एक समान दर की बाध्यता नहीं लगाता, बल्कि नियामक आयोगों को नवाचार की स्वतंत्रता देता है।
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साथियों बात अगर हम राष्ट्रीय टैरिफ नीति 2016 और 2023 संशोधन की भूमिका इसको समझने की करें तो, टाइम -ऑफ-डे टैरिफ को वास्तविक रूप से अनिवार्य बनाने का कार्य राष्ट्रीय टैरिफ नीति (टैरिफ़ पालिसी ) के माध्यम से किया गया। 2016 की टैरिफ नीति में पहली बार संकेत दिया गया कि बड़े उपभोक्ताओं के लिए समय आधारित टैरिफ अपनाया जाना चाहिए। किंतु यह प्रावधान सीमित और वैकल्पिक था।वास्तविक परिवर्तन 2023 में किए गए टैरिफ नीति संशोधन से आया। इस संशोधन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि,डिस्कॉम को सभी उपभोक्ताओं के लिए चरणबद्ध तरीके से टाइम ऑफ़ डे टैरिफ़ लागू करना होगा।(1) स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था प्राथमिकता से लागू की जाएगी।(2)राज्य विद्युत नियामक आयोगों को पीक और ऑफ-पीक घंटों की अधिसूचना करनी होगी।यह संशोधन ही वह प्रत्यक्ष नीति आधार है जिसके तहत अब देशभर में दिन-रात के हिसाब से बिजली दरें तय की जा रही हैं।
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साथियों बात अगर हम राष्ट्रीय विद्युत नीति और ऊर्जा संक्रमण का संदर्भ,राज्य विद्युत नियामक आयोगों की भूमिका,इसको समझने की करें तो,भारत की राष्ट्रीय विद्युत नीति का मूल उद्देश्य सस्ती, विश्वसनीय और सतत बिजली उपलब्ध कराना है।नीति यह स्वीकार करती है कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था में सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी लगातार बढ़ेगी। चूंकि ये स्रोत समय-निर्भर होते हैं, इसलिए पारंपरिक फ्लैट टैरिफ उनके अनुकूल नहीं है।दिन में जब सौर ऊर्जा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है, उस समय बिजली सस्ती होनी चाहिए। वहीं रात में, जब सौर उत्पादन नहीं होता, दरें स्वाभाविक रूप से अधिक होंगी। टीओडी टैरिफ इसी तार्किक ऊर्जा संतुलन को लागू करता है।टाइम-ऑफ-डे टैरिफ बिना स्मार्ट मीटर के संभव नहीं है। इसी कारण भारत सरकार ने रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत करोड़ों स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की बिजली खपत को रियल-टाइम में रिकॉर्ड करते हैं और यह बताने में सक्षम होते हैं कि किस समय कितनी बिजली उपयोग हुई।
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आरडीएसएस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य ही यह है कि टैरिफ को डायनेमिक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाया जाए।टीओडी टैरिफ इसी योजना का स्वाभाविक परिणाम है।राज्य विद्युत नियामक आयोगों की भूमिका-हालाँकि नीति और दिशा -निर्देश केंद्र सरकार तय करती है, लेकिन वास्तविक टैरिफ निर्धारण का अधिकार राज्य विद्युत नियामक आयोगों के पास होता है। प्रत्येक राज्य अपने भौगोलिक, आर्थिक और खपत पैटर्न के अनुसार पीक और ऑफ-पीक समय निर्धारित करेगा।इसका अर्थ यह है कि दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु या उत्तर प्रदेश में पीक आवर्स अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मूल सिद्धांत समान रहेगा -भीड़ वाले समय में महंगी बिजली और खाली समय में सस्ती बिजली।
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साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भारत की स्थिति इसको समझने की करें तो,टाइम-ऑफ-डे टैरिफ कोई भारतीय प्रयोग नहीं है। अमेरिका,यूरोप,ऑस्ट्रेलिया,जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में यह प्रणाली वर्षों से लागू है। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि टीओडी टैरिफ से(1)पीक डिमांड में 10-20प्रतिशत तक कमी आई (2) ग्रिड फेल्योर और ब्लैकआउट की घटनाएँ घटीं (3) उपभोक्ताओं की ऊर्जा दक्षता बढ़ी,भारत अब उसी वैश्विक ऊर्जा सुधार पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन अपने सामाजिक- आर्थिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए।उपभोक्ताओं पर प्रभाव, अवसर और चुनौतियाँ,इस नई प्रणाली से उपभोक्ताओं को यह समझना होगा कि बिजली अब केवल कितनी नहीं, बल्कि कब उपयोग की जा रही है। जो उपभोक्ता वॉशिंग मशीन, पानी की मोटर, चार्जिंग और अन्य भारी उपकरण ऑफ-पीक समय में चलाएंगे, उनके बिल कम होंगे।हालाँकि शुरुआती दौर में जागरूकता की कमी, तकनीकी समझ और व्यवहारिक बदलाव चुनौती बन सकते हैं। इसलिए नीति में स्पष्ट किया गया है कि टीओडी टैरिफ क्रमिक रूप से लागू किया जाएगा, न कि एक झटके में।
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अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि नियम आधारित सुधार,न कि तात्कालिक निर्णय,भारत में समय आधारित बिजली टैरिफ किसी एक आदेश या घोषणा का परिणाम नहीं है। यह विद्युत अधिनियम, 2003, राष्ट्रीय टैरिफ नीति (संशोधित 2023), राष्ट्रीय विद्युत नीति, और आरडीएसएस जैसी योजनाओं के संयुक्त प्रभाव से उभरा एक संरचनात्मक सुधार है।यह प्रणाली भारत को न केवल ऊर्जा दक्ष बनाएगी, बल्कि उसे वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की मुख्यधारा में भी स्थापित करेगी। आने वाले वर्षों में बिजली केवल उपभोग की वस्तु नहीं, बल्कि समय-संवेदी आर्थिक संसाधन बन जाएगी—और यही इस ऐतिहासिक बदलाव का मूल उद्देश्य है।
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-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425
अनुकंपा राशि को लेकर परिवार में खूनी संघर्ष
भागलपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के सबौर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पैसों के विवाद में एक बेटे ने अपनी ही मां और छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना बड़ी सर्दों गांव की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मीकांत ठाकुर अपनी पत्नी खुशबू देवी के साथ जबरन घर में घुसा और लोहे की रॉड व झाड़ू से अपनी मां शोभा देवी और छोटे भाई नितेश कुमार ठाकुर पर हमला कर दिया। इस हमले में नितेश कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे उनका सिर फट गया, वहीं मां शोभा देवी को भी शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। दोनों घायलों को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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पीड़िता शोभा देवी ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय राम भरोसे ठाकुर की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। सेवानिवृत्ति के बाद प्राप्त धनराशि को उन्होंने दोनों बेटों में बराबर-बराबर बांटने के लिए सुरक्षित रखा था। आरोप है कि बड़े बेटे लक्ष्मीकांत ठाकुर ने पैसों को हड़पने की नीयत से उन्हें नशीली दवा खिलाकर एक ब्लैंक चेक पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए।
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शोभा देवी का कहना है कि इसके बाद से लक्ष्मीकांत ठाकुर और उसके परिवार द्वारा लगातार उन्हें और छोटे बेटे को धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मामले की शिकायत पहले भी सबौर थाना में की गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आज यह हिंसक घटना घट गई।
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घटना के बाद घायल अवस्था में मां-बेटा स्वयं सबौर थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जालंधर के संतोखपुरा इलाके में जोरदार ब्लास्ट, एक व्यक्ति की मौत; इलाके को पुलिस ने किया सील
जालंधर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पंजाब के जालंधर शहर के संतोखपुरा इलाके में रविवार को एक कबाड़ के गोदाम में हुए जोरदार धमाके से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारें तक हिल गईं और इसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनी गई। मृतक की पहचान संतोखपुरा निवासी रजिंदर के रूप में की गई है।
पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही थाना-8 की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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ब्लास्ट के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका गैस सिलेंडर में हुआ हो सकता है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि गोदाम में रखा कोई पुराना या संदिग्ध सामान विस्फोट की वजह बना।
सभी पहलुओं से जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। थाना प्रभारी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
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चुनाव आयुक्तों को चेतावनी– कानून बदलेगी कांग्रेस, जवाबदेही तय होगी
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को कांग्रेस की ‘वोट चोरी, गद्दी छोड़ो’ रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है तथा प्रधानमंत्री का आत्मविश्वास इसलिए डगमगा गया है क्योंकि उन्हें यह एहसास हो चुका है कि “वोट चोरी” की सच्चाई अब छिप नहीं पाएगी।
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राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को समान रूप से एक वोट का अधिकार देता है और इस अधिकार के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान का सीधा अपमान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करने की कोशिश देश के भविष्य के लिए खतरनाक है।
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आरएसएस की विचारधारा पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का उल्लेख किया और कहा कि गांधी जी और हिंदू दर्शन में सत्य को सर्वोपरि माना गया है। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अंडमान में दिए गए एक कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि “विश्व सत्य नहीं, शक्ति को देखता है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यही सोच आज देश पर थोपी जा रही है, जहां सत्ता को सत्य से ऊपर रखा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत में सत्य और असत्य की निर्णायक लड़ाई चल रही है और कांग्रेस पार्टी सत्य के साथ खड़ी है। राहुल गांधी ने दावा किया कि पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस समर्थित सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से बाहर किया जाएगा।
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चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चुनावों के दौरान कथित तौर पर भाजपा द्वारा मतदाताओं को धन देने की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने चुनाव आयोग को संरक्षण देने के लिए नया कानून बनाया है, लेकिन कांग्रेस सत्ता में आने पर उस कानून को बदलेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयुक्त किसी पार्टी के नहीं, बल्कि भारत के चुनाव आयुक्त हैं और यदि निष्पक्षता से समझौता हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।
ग्वालियर पुलिस लाइन में प्रधान आरक्षक की संदिग्ध मौत, सरकारी क्वार्टर से मिला शव
ग्वालियर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस विभाग से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की पुलिस लाइन में रहने वाले प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
थाटीपुर थाना में पदस्थ थे प्रधान आरक्षक
मृतक दीपक श्रीवास वर्तमान में थाटीपुर थाना में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। वे पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। घटना के समय घर में वे और उनकी पत्नी ही मौजूद थीं, जबकि दोनों बेटियां अपनी दादी के घर गई हुई थीं।
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी तक घटना के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। विभागीय दबाव, पारिवारिक कारण या अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति से मिली थी नौकरी
जानकारी के मुताबिक, दीपक श्रीवास को उनके पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। उनके पिता की मृत्यु ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में हुई थी।
पत्नी सदमे में
घटना के बाद मृतक की पत्नी की हालत सदमे में बताई जा रही है। पुलिस और परिजन उन्हें संभालने में लगे हुए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम, राष्ट्रीय लोक अदालत से हजारों को राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत बलिया में रिकॉर्ड निस्तारण, 58 हजार से अधिक वाद सुलझे, 25.39 करोड़ की समझौता राशि तय
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद बलिया में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्यायिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देश पर दीवानी न्यायालय परिसर, बलिया में इस वृहद लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों वादकारियों को त्वरित और सुलभ न्याय मिला।
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लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार झा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम का संचालन अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव श्री हरीश कुमार द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में सभी न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान दीवानी, फौजदारी, बैंक ऋण, राजस्व, विद्युत, दूरसंचार, उपभोक्ता विवाद, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न श्रेणियों के मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया। दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों ने हजारों मामलों का समाधान कर अर्थदंड एवं समझौता धनराशि वसूल की।
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परिवार न्यायालय द्वारा वैवाहिक मामलों का सफल निस्तारण किया गया, जबकि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 30 मामलों में 1 करोड़ 68 लाख 50 हजार रुपये का प्रतिकर निर्धारित किया। राजस्व विभाग ने 18,311 मामलों का निस्तारण किया। उपभोक्ता फोरम ने 14 मामलों में 32.74 लाख रुपये का प्रतिकर दिलाया।
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बैंकों द्वारा 1,170 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण कर 5.91 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय की गई, जिसमें से 2.88 करोड़ रुपये मौके पर ही वसूल किए गए। विद्युत और दूरसंचार विभाग ने भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया।
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कुल मिलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत बलिया में 58,246 मामलों का निस्तारण हुआ। कुल समझौता धनराशि 25 करोड़ 39 लाख 49 हजार 997 रुपये रही, जबकि 16 करोड़ 86 लाख 47 हजार 045 रुपये की तत्काल वसूली की गई। लोक अदालत से मिले त्वरित न्याय पर वादकारियों ने संतोष व्यक्त किया।
राम नाम की गूंज से भक्तिमय हुआ मऊ, शीतला माता मंदिर में हुआ सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद मऊ रविवार को भक्ति, आस्था और राम नाम की गूंज से सराबोर हो उठा, जब प्राचीन शीतला माता मंदिर परिसर में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का भव्य आयोजन किया गया। हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लेकर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
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समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे विधिवत पूजन के साथ हुई, जिसमें समिति के सदस्यों ने आचार्य की भूमिका निभाई। लगभग डेढ़ घंटे तक चले पूजन के पश्चात सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ आरंभ हुआ, जिसमें अनुमानित 4 से 5 हजार राम भक्तों ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं की संख्या और पाठ की गणना के आधार पर सवा लाख से अधिक हनुमान चालीसा पाठ पूर्ण होने का अनुमान लगाया गया।
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चंद्रशेखर अग्रवाल ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से प्रत्येक रविवार सुंदरकांड का पाठ कराते आ रहे हैं और यह आयोजन लोक कल्याण, राष्ट्र की सुख-शांति और विश्व मंगल की भावना से किया गया। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार का सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ देश में तीसरी बार आयोजित हुआ, जिससे यह कार्यक्रम ऐतिहासिक और विशेष बन गया।
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पाठ उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुआ यह आयोजन दोपहर 2 बजे तक चला और पूरे समय मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम ने न केवल मऊ जनपद बल्कि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
नए साल से पहले यूपी में बदली शराब दुकानों की टाइमिंग, 4 दिनों तक देर रात 11 बजे तक होगी बिक्री
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। नए साल से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने शराब दुकानों की टाइमिंग में अस्थायी बदलाव किया है। 2025 के अंतिम सप्ताह में चार खास दिनों पर शराब की दुकानें सामान्य समय रात 10 बजे के बजाय रात 11 बजे तक खुली रहेंगी।
आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, यह निर्णय 24, 25, 30 और 31 दिसंबर के लिए लागू होगा। क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जब आमतौर पर देर रात तक मांग बढ़ जाती है।
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क्रिसमस और न्यू ईयर को देखते हुए फैसला
क्रिसमस के अवसर पर 24 और 25 दिसंबर, जबकि नववर्ष के स्वागत को लेकर 30 और 31 दिसंबर को शराब की दुकानों के बंद होने का समय एक घंटे बढ़ाया गया है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार विशेष अवसरों पर दुकानों की टाइमिंग में बदलाव करती रही है।
मॉडल शॉप्स पर लागू होगा आदेश
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला प्रदेश की मॉडल शॉप्स पर लागू होगा। वहीं, प्रीमियम शराब दुकानों के लिए पहले से ही रात 11 बजे तक बिक्री की अनुमति दी जा चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
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राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में मऊ के प्रतिभागियों से बड़ी उम्मीदें
53वीं मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में नवाचार की शानदार झलक, मऊ के 15 प्रतिभागियों का राज्य स्तर पर चयन
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।आजमगढ़ स्थित पुरातन क्रिश्चियन वेस्ली इंटर कॉलेज के भव्य परिसर में राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में 53वीं मंडल स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस विज्ञान प्रदर्शनी में आजमगढ़ मंडल के मऊ, आजमगढ़ और बलिया जनपदों के विभिन्न विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिकों ने अपने रचनात्मक क्रियाशील एवं अक्रियाशील मॉडल प्रस्तुत कर वैज्ञानिक सोच और नवाचार की मिसाल पेश की।
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प्रदर्शनी का उद्घाटन कॉलेज के प्रधानाचार्य अजीत पोर्टर ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान की क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की भावना विकसित होती है। इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम “विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित)” रही, जिसके अंतर्गत सात उपविषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए।
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मॉडलों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा वैज्ञानिक सोच, नवाचार, सामाजिक उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल में राहुल सिंह (भौतिक विज्ञान), तेज बहादुर सिंह (गणित) और मोहम्मद जमालुद्दीन (रेडियो एवं संचार) शामिल रहे।
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इस प्रदर्शनी में मऊ जनपद के 15 प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वाराणसी स्थित पीएमश्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में 16 से 19 दिसंबर तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया।
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जूनियर वर्ग में हरित ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, चिरस्थाई खेती और मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग जैसे विषयों पर छात्राओं ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। वहीं सीनियर एवं अध्यापक वर्ग में भी कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प जैसे ज्वलंत मुद्दों पर मॉडल प्रस्तुत कर चयन सुनिश्चित किया गया।
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कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन विधि चंद्र यादव द्वारा किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के वैज्ञानिक भविष्य को दिशा देने वाला साबित हुआ।
ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर गोलीबारी, दो आरोपी गिरफ्तार; शूटर समेत 10 लोगों की मौत
सिडनी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बॉन्डी बीच पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो हथियारबंद लोगों ने भीड़ पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में शूटर समेत कुल 10 लोगों की मौत की खबर है। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के वक्त बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के आयोजन के लिए सैकड़ों लोग मौजूद थे। अचानक हुई फायरिंग से लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर कई राउंड गोलियां चलने की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस की कार्रवाई जारी
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने बताया कि हमलावरों में से एक की पहचान नवीद अकरम, निवासी बोनिरिग (दक्षिण-पश्चिम सिडनी) के रूप में की गई है। पुलिस की टीमें आरोपी के घर पर छापेमारी कर रही हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से अपील की है कि वे बॉन्डी बीच और आसपास के इलाकों से दूर रहें। सुरक्षा कारणों से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी को भी घेराबंदी पार न करने की चेतावनी दी गई है।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग बॉन्डी बीच पर जान बचाकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में गोलियों की आवाज और पुलिस सायरन भी सुने जा सकते हैं, हालांकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस ने साफ किया है कि डोवर हाइट्स इलाके में किसी अन्य घटना की सूचना नहीं है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। मामले से जुड़ी आगे की जानकारी पुलिस द्वारा साझा की जाएगी।
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