Saturday, June 27, 2026
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स्वतंत्रता संग्राम से आधुनिक भारत तक: ऐतिहासिक तिथियाँ

“इतिहास के पन्नों में 17 दिसंबर: युद्ध, क्रांति, विज्ञान और कूटनीति से गढ़ा गया एक यादगार दिन”

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के संघर्ष, उपलब्धियों और बदलावों की जीवंत कथा है। 17 दिसंबर ऐसी ही एक महत्वपूर्ण तिथि है, जिसने भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के राजनीतिक, सामाजिक, सैन्य और सांस्कृतिक इतिहास को कई बार नई दिशा दी। इस दिन युद्ध थमे, क्रांतियाँ हुईं, वैज्ञानिक संस्थानों की नींव पड़ी और विश्व राजनीति में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। आइए जानते हैं 17 दिसंबर की प्रमुख घटनाओं को विस्तार से।

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2014 – अमेरिका और क्यूबा के बीच 55 साल बाद रिश्तों की बहाली

17 दिसंबर 2014 को वैश्विक राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आया, जब अमेरिका और क्यूबा ने पांच दशकों से अधिक समय बाद अपने कूटनीतिक संबंधों को बहाल करने की घोषणा की। शीत युद्ध काल से चले आ रहे तनावों का अंत करते हुए इस फैसले ने न केवल कैरेबियाई क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया में शांति और सहयोग की उम्मीद जगाई। इसे राष्ट्रपति बराक ओबामा की विदेश नीति की बड़ी सफलता माना गया।

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2009 – लेबनान तट पर एमवी डैनी एफ टू जहाज हादसा

लेबनान के समुद्री तट पर 17 दिसंबर 2009 को कार्गो जहाज एमवी डैनी एफ टू के डूबने से भीषण त्रासदी घटी। इस हादसे में 40 लोगों की जान चली गई और 28,000 से अधिक पशुओं की मौत हुई। यह दुर्घटना समुद्री सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल छोड़ गई और पर्यावरणीय नुकसान के कारण भी लंबे समय तक चर्चा में रही।

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2008 – शीला दीक्षित का तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना

17 दिसंबर 2008 को शीला दीक्षित ने तीसरी बार दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनका कार्यकाल शहरी विकास, मेट्रो विस्तार और आधारभूत ढांचे के लिए जाना जाता है। इसी दिन केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों में पदोन्नति से जुड़ी नई नीति की घोषणा कर प्रशासनिक ढांचे में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया।

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2005 – भूटान में सत्ता परिवर्तन

इस दिन भूटान के राजा जिग सिग्मे वांगचुक ने सत्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर देश को अग्रसर किया। यह निर्णय एशिया में शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण का उदाहरण बना और भूटान के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में एक नई शुरुआत मानी गई।

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2002 – कश्मीर मुद्दे पर तुर्की का भारत को समर्थन

17 दिसंबर 2002 को तुर्की ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की कूटनीतिक स्थिति को मजबूत किया। यह भारत-तुर्की संबंधों में विश्वास और सहयोग की दिशा में एक अहम कदम था।

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2000 – भारत-पाकिस्तान के बीच हॉटलाइन सेवा बहाल

भारत और पाकिस्तान के सैन्य संबंधों में विश्वास बहाली के प्रयासों के तहत दोनों देशों के सेना मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन सेवा पुनः शुरू की गई। यह निर्णय सीमा पर तनाव कम करने और संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया था।

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1998 – ऑपरेशन डेजर्ट फॉक्स

अमेरिका और ब्रिटेन ने 17 दिसंबर 1998 को ‘ऑपरेशन डेजर्ट फॉक्स’ के तहत इराक पर भीषण बमबारी की। यह कार्रवाई इराक पर हथियार निरीक्षण में सहयोग न करने के आरोपों के चलते की गई और मध्य-पूर्व की राजनीति में लंबे समय तक असर डालने वाली साबित हुई।

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1971 – भारत-पाक युद्ध का अंत

17 दिसंबर 1971 भारत के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम दिन के रूप में दर्ज है। इसी दिन भारत-पाक युद्ध समाप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ। यह जीत भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और साहस का प्रतीक बनी।

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1940 – गांधीजी द्वारा व्यक्तिगत सत्याग्रह स्थगित

महात्मा गांधी ने 17 दिसंबर 1940 को व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन को स्थगित कर दिया। यह निर्णय स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति में बदलाव का संकेत था, जिससे आगे चलकर ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ जैसी व्यापक जनक्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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1931 – भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना

प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के सपने को साकार करते हुए 17 दिसंबर 1931 को कोलकाता में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना हुई। यह संस्थान भारत में आधुनिक सांख्यिकी और योजना निर्माण की रीढ़ बना।

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1929 – भगत सिंह और राजगुरु की क्रांतिकारी कार्रवाई

इस दिन भगत सिंह और राजगुरु ने ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स को गोली मारकर ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी आंदोलन की सबसे साहसी कार्रवाइयों में गिनी जाती है।

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1907 – भूटान के पहले राजा उग्येन वांगचुक

17 दिसंबर 1907 को उग्येन वांगचुक भूटान के पहले वंशानुगत राजा बने। इसी के साथ भूटान में संगठित राजशाही की नींव पड़ी, जिसने देश को राजनीतिक स्थिरता प्रदान की।

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1803 – ईस्ट इंडिया कंपनी का उड़ीसा पर कब्ज़ा

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 17 दिसंबर 1803 को उड़ीसा पर अधिकार कर लिया। यह घटना भारत में औपनिवेशिक विस्तार की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी, जिसने आगे चलकर पूरे देश को ब्रिटिश शासन के अधीन कर दिया।

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1398 – तैमूर लंग का दिल्ली पर कब्ज़ा

मंगोल शासक तैमूर लंग ने 17 दिसंबर 1398 को दिल्ली पर कब्ज़ा किया। इस आक्रमण ने दिल्ली सल्तनत को भारी क्षति पहुंचाई और भारतीय उपमहाद्वीप के मध्यकालीन इतिहास को गहरे रूप से प्रभावित किया।

जिसका कोई नही उसका है विधिक सेवा प्राधिकरण-अपर जिला जज

जिला कारागार में बंदियों की सुनी समस्याएं

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज देवेंद्र नाथ गोस्वामी जिला कारागार पहुंचे। बंदियों को संबोधित करते हुए अपर जिला जज ने कहा कि जिसका कोई नही है, उसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण मौजूद है।
जनपद में प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम अस्तित्व में है। ऐसे बंदी जिनके पास पैरवी करने वाला कोई नहीं है, वह प्रार्थना पत्र देकर अपनी पैरवी निःशुल्क करा सकता है। उनके साथ उपस्थित लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने ऐसे बंदियों को चिन्हित किया जिनके मामले में अधिवक्ता न होने के कारण मुकदमें की पैरवी नही हो पा रही है। कोतवाली खलीलाबाद के मो.वकील ने अपनी पैरवी कराने की बात कही। बेलहर कला थानाक्षेत्र के अमगिलिया गांव निवासी शाहनवाज उर्फ सेराज ने कहा कि मेरे मामले में पैरवी करने वाला कोई नही है। इसी प्रकार दर्जनों बंदियों ने अपनी समस्या बताई जिसके निराकरण की बात कही गई।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक कुलदीप सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल मो.दानिश, जेलर आर.के.वर्मा, डिप्टी जेलर नयन कमल सिंह, हरिकेश समेत अनेक बंदी आदि उपस्थित रहे।

पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र श्री एस.चन्नप्पा द्वारा जनपद देवरिया में अपराध गोष्ठी आयोजित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र गोरखपुर एस. चन्नप्पा द्वारा जनपद देवरिया के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण एवं थाना प्रभारीगण के साथ पुलिस लाइन देवरिया सभागार में अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा पुलिस कार्यप्रणाली की प्रभावशीलता बढ़ाना रहा।अपराध गोष्ठी के दौरान डीआईजी महोदय ने जनपद में घटित गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, चोरी, नकबजनी एवं अन्य संगीन अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। महिला अपराध एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष संवेदनशीलता बरतने तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने हेतु विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।साइबर अपराध, एनडीपीएस एक्ट, गौ-तस्करी, अवैध शराब, जुआ एवं सट्टा जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर सघन अभियान चलाने को कहा गया। डीआईजी ने अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट तथा कुर्की की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमों का गठन कर परिणाममुखी कार्रवाई करने पर बल दिया गया।लंबित विवेचनाओं एवं न्यायालय में विचाराधीन मामलों की समीक्षा करते हुए डीआईजी महोदय ने निर्देश दिए कि विवेचनाओं को समयबद्ध एवं निष्पक्ष रूप से पूर्ण कर चार्जशीट निर्धारित समय में प्रेषित की जाए। आईजीआरएस, जनसुनवाई एवं थानों पर प्राप्त प्रार्थनापत्रों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।यातायात व्यवस्था एवं रात्रि गश्त की समीक्षा करते हुए अपराधों की रोकथाम हेतु प्रभावी गश्त, चेकिंग अभियान तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहों की रोकथाम एवं निगरानी को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

दो दिवसीय विधायक खेल स्पर्धा-2025 का समापन, खिलाड़ियों को मिले पुरस्कार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मेहदावल विधानसभा के जगतगुरु शंकराचार्य इंटरमीडिएट कॉलेज, मेहदावल में आयोजित दो दिवसीय विधायक खेल स्पर्धा-2025 का सफल समापन हो गया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन एथलेटिक्स, कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल की शेष स्पर्धाएं सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में पुरुष एवं महिला वर्ग के अंतर्गत संपन्न कराई गईं।
समापन समारोह में विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, मेडल और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल से शरीर और मन दोनों का विकास होता है। खेल जीवन का अभिन्न अंग है, जिससे अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने वर्ष 1976 के अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य इंटरमीडिएट कॉलेज के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। साथ ही विद्यालय के जीर्णोद्धार में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और कहा कि मेहदावल विधानसभा के खिलाड़ियों को उत्कृष्ट बनाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में जिला युवा कल्याण अधिकारी ने मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि युवा कल्याण विभाग की ओर से पहली बार विधायक खेल स्पर्धा का आयोजन किया गया है। उन्होंने खिलाड़ियों से फीडबैक देने की अपील की और बताया कि विधानसभा स्तर पर विजेता खिलाड़ी जनपद, जोन और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सकेंगे।
इस अवसर पर प्रबंधक जय सिंह, प्रधानाचार्य राजेश सिंह, माध्यमिक शिक्षा संघ के मंत्री संजय द्विवेदी, डीएवी के प्रधानाचार्य कौशलेंद्र सिंह, दिनेश कुमार चौहान, बीओ मुकेश गुप्ता, आराधना द्विवेदी, गोरख, कृष्णगोपाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बैठक, सत्यापन में तेजी के निर्देश

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत बीएलओ द्वारा बीएलओ ऐप पर अपलोड किए गए गणना प्रपत्रों के पुनः सत्यापन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य का संशोधित कार्यक्रम एवं निर्देश जारी किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के अनुसार गणना प्रपत्रों का वितरण बीएलओ द्वारा पूर्ण कर लिया गया है, जबकि बीएलओ ऐप पर अपलोड प्रपत्रों का निर्धारित मानकों एवं तार्किक विसंगतियों के आधार पर पुनः सत्यापन कराया जाना है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि 85 वर्ष से अधिक आयु के सभी मतदाताओं का शत-प्रतिशत सत्यापन समय से पूर्ण कराया जाए। असंग्रहीत प्रपत्रों का कारण सहित दो दिवस में पुनः सत्यापन कर कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही Elector द्वारा प्रस्तुत लेकिन बीएलओ द्वारा सत्यापित न किए गए फार्म को तत्काल बीएलओ ऐप पर वेरीफाई कराने तथा ASD विसंगतियों वाले मतदाताओं से संबंधित सभी श्रेणियों—मृत, अनुपस्थित/अप्राप्य, स्थायी रूप से स्थानांतरित, दोहराव एवं अन्य—का पुनः सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बीएलओ अपने बूथ पर कम से कम 30 फार्म-6 घोषणापत्र भरवाना सुनिश्चित करें। प्राप्त ऑनलाइन फार्म-6 का बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कराते हुए आवश्यक कार्यवाही करने तथा No Mapping में शून्य बूथों का पुनः सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि बीएलओ के सहयोग के लिए उनके क्षेत्र में तैनात लेखपाल (जो सुपरवाइजर ड्यूटी में नहीं हैं), लेखापाल, अध्यापक, पंचायत सेक्रेट्री, पंचायत सहायक एवं रोजगार सेवक आदि को टीम बनाकर सत्यापन कार्य निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए। अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य समय से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार, सीडीपीओ खलीलाबाद क्षमा शर्मा, सीडीपीओ हैंसर सत्येंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका खलीलाबाद अवधेश भारती सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदू सम्मेलन को संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया संबोधित

संत कबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित किया। यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में तथा सकल हिंदू समाज आयोजन समिति के सहयोग से आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में दत्तात्रेय होसबाले ने हिंदू समाज में सामाजिक एकता, आपसी बंधुत्व और संगठनात्मक चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हिंदू समाज को जागृत और संगठित होना होगा। भारत को विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए हर गांव और हर गली तक समाज को तैयार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है, क्योंकि इस राष्ट्र के निर्माण में हिंदू समाज की मूल भूमिका रही है। धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पूर्वज हिंदू रहे हैं, वे हिंदू ही हैं। यदि किसी कारणवश किसी ने धर्मांतरण किया है, तो उनके लिए घर वापसी के द्वार बंद नहीं किए जा सकते।
सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए होसबाले ने कहा कि संघ में जातिगत भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। संघ सभी को एक हिंदू समाज के रूप में देखता है और आपसी भेदभाव को समाप्त कर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।
उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजनों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशभर में संगठनात्मक कार्यों का विस्तार करना और समाज को राष्ट्रहित में संगठित करना है।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में साधु-संत, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का संकल्प भी दोहराया गया।
इस अवसर पर संघ परिवार के सदस्यों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, विधायक अंकुर राज तिवारी, नित्यानंद जी, उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा, एमएलसी प्रतिनिधि सुधांशु सिंह, गौरव निषाद, अत्रेश श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, पुनीत मिश्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

गोड़धोईया नाले के एसटीपी व पम्पिंग स्टेशन का मण्डलायुक्त ने किया निरीक्षण

जनवरी 2026 तक एसटीपी हर हाल में पूरा करने के निर्देश

खजांची ओवरब्रिज दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने जल निगम के अधीक्षण अभियन्ता रतनसेन सिंह एवं अधिशासी अभियन्ता पंकज कुमार के साथ गोड़धोईया नाले के जल को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन 38 एमएलडी क्षमता के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा नाले में गिरने वाले सीवर को प्लांट तक पहुंचाने हेतु बन रहे 61 एमएलडी क्षमता के पम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मौके पर 150 से अधिक मजदूर एवं तकनीशियन कार्यरत मिले। अधिशासी अभियन्ता पंकज कुमार ने बताया कि गोड़धोईया नाले के विभिन्न चैनेज पर लगभग 300 मजदूर एवं 93 पोकलेन, हाइड्रा व क्रेन मशीनों के माध्यम से दिन-रात कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही 250 डिवाटरिंग बोर का कार्य भी प्रगति पर है।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जनवरी 2026 तक एसटीपी का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। नाला क्षेत्र में स्थित 40 ऐसे मकान, जिनके स्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है, उनके निवासियों से अपील की गई कि वे शीघ्र अपने मकान हटाएं, जिससे नाला निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। जिन मकानों में नाला निर्माण के दौरान दरारें आ गई हैं, उन्हें अनुग्रह धनराशि दी जा चुकी है और ऐसे भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
इसके उपरांत मण्डलायुक्त ने जल निगम एवं सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ खजांची ओवरब्रिज तथा उसके बगल में बन रहे नाले का भी निरीक्षण किया। यहां कुल 390 मीटर नाला निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें से 215 मीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे ओवरब्रिज के पूरब साइड उतरने का मार्ग लगभग साफ हो गया है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों को अवगत कराया गया कि चार विद्युत पोल एवं एक ट्रांसफार्मर हटाया जाना शेष है। इस पर मण्डलायुक्त ने अधिशासी अभियन्ता, खण्ड-3 लोक निर्माण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सेतु निगम के अधिकारियों को दिसंबर माह के अंत तक खजांची ओवरब्रिज का कार्य पूरी तरह पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सहज भाव से दुर्गम पथ के राही थे पत्रकार दिनेश – प्रो. चितरंजन मिश्र

जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आयोजित की स्मृति गोष्ठी व पत्रकार सम्मान समारोह

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जर्नलिस्ट एसोसिएशन गोरखपुर के तत्वावधान में स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव की स्मृति में विचार गोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन एक स्थानीय होटल में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकारों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं स्वर्गीय दिनेश के परिजनों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की।
विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर चितरंजन मिश्र ने कहा कि स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव सहज भाव से दुर्गम पथ के राही थे। शब्दों की दुनिया में पत्रकारों के अकेलेपन को समझते हुए उन्होंने लगभग चार दशक पूर्व संगठन की आवश्यकता को पहचाना और गोरखपुर पत्रकार परिषद की स्थापना की। यह उनकी दूरदर्शी सोच और संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दिनेश जी का पत्रकार समाज के प्रति जवाबदेह था और उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से दिखाई देते थे।
प्रो. मिश्र ने आगे कहा कि स्वर्गीय दिनेश तीखे व्यंग्य के माध्यम से भी अपनी बात प्रभावी ढंग से कह जाते थे, लेकिन उनके व्यंग्य में कभी किसी को आहत करने या नीचा दिखाने की भावना नहीं होती थी। वे शब्दों की दुनिया के सच्चे साधक थे और पत्रकारिता, एडवोकेसी तथा साहित्य सृजन के अद्भुत समन्वयकर्ता के रूप में जाने जाते थे।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एसपी त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव पत्रकारों के लिए संघर्ष का पर्याय थे। उन्होंने कभी अपनी लेखनी से समझौता नहीं किया और सत्य तथा जनहित के मुद्दों पर संपादकों से टकराव मोल लेने से भी पीछे नहीं हटे। उनका मानना था कि जब तक पत्रकार एकजुट होकर एक मंच पर नहीं आएंगे, तब तक उनकी मजबूती और अधिकारों की लड़ाई प्रभावी ढंग से नहीं लड़ी जा सकती। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि दिनेश की असमय मृत्यु से गोरखपुर ने एक सजग पत्रकार और सक्षम संगठनकर्ता को खो दिया।
कार्यक्रम में गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दिनेश श्रीवास्तव ने पत्रकारों को संगठित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान और निर्भीकता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर स्वर्गीय दिनेश के छोटे भाई अरुण कुमार श्रीवास्तव, उनके पुत्र मनीष एवं आशीष को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही स्वर्गीय दिनेश चंद्र श्रीवास्तव की स्मृति में गोरखपुर के वरिष्ठ पत्रकार जमीर अहमद पयाम, सुशील वर्मा और सुजीत पांडे को ‘दिनेश चंद्र श्रीवास्तव स्मृति लेखनी सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वर्गीय दिनेश के व्यक्तित्व को याद किया। सुजीत पांडे ने कहा कि दिनेश चंद श्रीवास्तव का व्यक्तित्व और कृतित्व विराट था, वे सदैव देने के पक्षधर थे। सुशील वर्मा ने कहा कि स्वर्गीय दिनेश चंद संघर्ष करना जानते थे और पत्रकारों को जोड़ने की अद्भुत क्षमता रखते थे। उनके मन में सभी पत्रकारों को एक साझा मंच पर लाने की प्रबल इच्छा थी। वहीं जमीर अहमद पयाम ने कहा कि दिनेश जी पत्रकारों के सुख-दुख के सच्चे साथी थे और निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल थे।
समारोह का संचालन कर रहे मृत्युंजय नवल को भी उनके उत्कृष्ट संचालन के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव गणेश ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
इस अवसर पर अरुण सिंह, हरीश पांडे, अमन, बशीर, राधेश्याम प्रजापति, शेखर, दिनेश यादव, बेचू बी.ए., अरकान, आकाश सिंह, रविशंकर पाठक, दयाराम सोनकर, यू.पी. पांडे, शशि भूषण ओझा, प्रवीण कुमार, जगदीश लाल श्रीवास्तव, कामिल खान, मुर्तजा, विश्व मोहन तिवारी, रितेश मिश्रा, भूपेंद्र द्विवेदी, पंकज श्रीवास्तव, कुंदन उपाध्याय, मनोज यादव, ओमकार द्विवेदी, अंकज, प्रिंस पांडेय, विनय सिंह, हेमंत तिवारी, मुनव्वर रिजवी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

बच्चों की मनभावन प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन

आचार्य बलदेव स्मारक शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, भुवनी का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न

महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आचार्य बलदेव स्मारक शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, भुवनी का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मनभावन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य, गायन और अभिनय की शानदार प्रस्तुतियों पर पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद बच्चों ने देशभक्ति गीतों, लोकनृत्य, समूह नृत्य और लघु नाटिकाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छात्रा संजना, अन्नू, आरुषि, सोनी यादव, कृति जायसवाल, रितिका, आराध्य चौबे तथा छात्र अंकित दुबे, विनय, अंशु सिंह और आदर्श की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पूर्व कृषि निदेशक प्रो. शरद कुमार मिश्र ने कहा कि आज के समय में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जो हमारे देश और समाज के लिए घातक हो सकता है। युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा वैज्ञानिक सोच पर आधारित है और जीवन में सफलता के लिए प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर समय के अनुरूप आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर न होने दें, क्योंकि प्रत्येक बच्चे में कुछ न कुछ विशेष करने की अद्भुत क्षमता होती है।
मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा ने विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की सराहना करते हुए छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए समय का सदुपयोग करने और लक्ष्य पर केंद्रित रहकर अध्ययन करने की सलाह दी।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य त्रियुगी नारायण तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षक नेता संजय मणि त्रिपाठी, ग्राम प्रधान संगठन गोरखपुर मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र उपस्थित रहे।
समारोह में विद्यालय प्रबंधक विष्णुदेव उपाध्याय, उप प्रबंधक सौमित्र चंद्र पांडेय, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, गणमान्य नागरिक और पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

36 घंटे बाद भी अज्ञात वाहन का नहीं लगा सुराग, लापता वृद्ध की मौत से उठे कई सवाल

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदरपुर–बेल्थरा रोड पर रुद्रावार गांव के पास खवासपुर गांव निवासी 70 वर्षीय रामलगन राजभर के शव मिलने के 36 घंटे बाद भी उस अज्ञात वाहन का कोई सुराग नहीं लग सका है, जिससे उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजनों में रोष व्याप्त है।
ज्ञात हो कि रामलगन राजभर बीते 5 दिसंबर से घर से लापता थे। परिजनों द्वारा लगातार खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चल सका था। सोमवार की सुबह रुद्रावार गांव के पास सड़क किनारे एक गड्ढे में मिट्टी से दबे कपड़े दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पीआरबी और स्थानीय पुलिस ने जांच के दौरान गड्ढे से वृद्ध का शव बरामद किया था। शव के पास मिली बैंक पासबुक से उनकी पहचान हुई।
पुलिस ने मृतक के भतीजे जितेंद्र कुमार की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो वाहन की पहचान हो सकी है और न ही किसी चालक का पता चल पाया है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। घटनास्थल पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी डालने और मशीनों से समतलीकरण का काम जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलगन तीन दिन पहले सड़क किनारे सोते हुए देखे गए थे। आशंका जताई जा रही है कि या तो किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई, या फिर निर्माण कार्य के दौरान मशीन चालक की लापरवाही से वे मिट्टी में दब गए हों।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सड़क निर्माण से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उधर, घटना के बाद से मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण खेल लीग: बलिया की सभी विधानसभाओं में विधायक खेल स्पर्धा का आयोजन, 17 से 27 दिसंबर तक मुकाबले

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग के अंतर्गत प्रादेशिक विकास दल, बलिया द्वारा जनपद की सभी विधानसभाओं में मा० विधायक खेल स्पर्धा का चरणबद्ध आयोजन किया जाएगा। इस खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर देना है।

कार्यक्रम के अनुसार बैरिया विधानसभा में 18 व 19 दिसंबर को बाबा लक्ष्मण दास राजकीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर प्रतियोगिता आयोजित होगी। फेफना विधानसभा में 17 से 20 दिसंबर तक नरही खेल मैदान, नरही (सोहांव) में खेल स्पर्धाएं होंगी। रसड़ा विधानसभा की प्रतियोगिता 20 व 21 दिसंबर को खेल मैदान कोप, कोप रसड़ा में आयोजित की जाएगी।

इसी क्रम में बलिया नगर विधानसभा में 21 व 22 दिसंबर को वीर लोरिक स्टेडियम, बलिया में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। बाँसडीह विधानसभा में 23 व 24 दिसंबर को नारायणपुर खेल मैदान, बेरूआरबारी में मुकाबले होंगे। सिकंदरपुर विधानसभा में 24 व 25 दिसंबर को गांधी इंटर कॉलेज, सिकंदरपुर में तथा बेल्थरारोड विधानसभा में 26 व 27 दिसंबर को हल्दी रामपुर खेल मैदान, सीयर में खेल आयोजन सुनिश्चित किया गया है।

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इस प्रतियोगिता में बालक एवं बालिका खिलाड़ी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर—तीन वर्गों में प्रतिभाग करेंगे। एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित विभिन्न खेल विधाओं में मुकाबले कराए जाएंगे। प्रतियोगिता में केवल संबंधित विधानसभा के खिलाड़ी ही भाग ले सकेंगे।

भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए http://Yuvashathi.in पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही प्रतियोगिता स्थल पर आधार कार्ड की छायाप्रति साथ लाना आवश्यक होगा।

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विजय दिवस 2025: गोरखपुर में शहीदों को नमन, 1971 युद्ध के वीरों ने साझा किए गौरवपूर्ण संस्मरण

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–पाक युद्ध 1971 में ऐतिहासिक विजय की स्मृति में विजय दिवस के अवसर पर 16 दिसंबर 2025 को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय, गोरखपुर परिसर स्थित शहीद सैनिक स्मारक पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रातः 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों एवं कार्यालय कर्मियों ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में मेजर जनरल शिव कुमार जसवाल (से.नि.), ब्रिगेडियर गोविंद मिश्र (से.नि.), ब्रिगेडियर के.बी.पी. सिंह (से.नि.) और कर्नल आर. एन. मिश्र (से.नि.) सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत माता के अमर सपूतों को नमन किया। इस अवसर पर अनिरुद्ध शाही, प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

वक्ताओं ने विजय दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 16 दिसंबर 1971 भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इसी दिन भारतीय सेना के शौर्य, साहस और रणनीतिक कौशल के सामने पाकिस्तान को पराजय स्वीकार करनी पड़ी और बांग्लादेश का उदय हुआ। यह दिवस केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और अदम्य साहस का प्रतीक है।

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इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने 1971 के भारत–पाक युद्ध के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा की। उनके प्रेरक संस्मरणों ने उपस्थित युवाओं और कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया।

कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के राकेश भारती (वरिष्ठ सहायक), पिंकी कुमारी चौरसिया (कनिष्ठ सहायक), शालू सिंह (सहायक लिपिक), ज्योति कुमारी (कनिष्ठ सहायक), विजय यादव (कल्याण कार्यकर्ता), बैजनाथ गुप्ता, फरीयाद अहमद और प्रमोद चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे और उन्होंने शहीदों को नमन किया।

समापन पर दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों का ऋण देश कभी नहीं चुका सकता, लेकिन उनकी स्मृतियों को संजोना और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

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मेरी पूंजी मेरा अधिकार अभियान के तहत जिला स्तरीय जागरूकता कैम्प 19 दिसंबर को

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार द्वारा वित्तीय क्षेत्र में बिना दावे वाली संपत्तियों के निस्तारण और आम नागरिकों को उनके वित्तीय अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय जागरूकता अभियान मेरी पूंजी, मेरा अधिकार के अंतर्गत जनपद महराजगंज में एक जिला स्तरीय जागरूकता कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह कैम्प 19 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से शहर के बालाजी लॉन, महराजगंज में आयोजित होगा।

इस विशेष कैम्प में जिले की प्रमुख बैंक शाखाओं, बीमा कंपनियों, डाक विभाग, म्यूचुअल फंड संस्थानों एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए जाएंगे। यहां आमजन अपनी बिना दावे वाली जमा राशि, निवेश, बीमा पॉलिसी, डाक बचत, म्यूचुअल फंड अथवा अन्य वित्तीय संपत्तियों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि मौके पर ही दावे की प्रक्रिया को समझाने के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान करेंगे, जिससे लोगों को अनावश्यक भटकाव से बचाया जा सके।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी महराजगंज की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है। इस अवसर पर ऐसे लाभार्थियों को,जिनके मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण हो चुका है, उनके सेटल किए गए दावों के प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा आम नागरिकों को यह भी बताया जाएगा कि बिना दावे वाली पूंजी की पहचान कैसे करें और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था में दावा प्रस्तुत करने की सही प्रक्रिया क्या है।

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जिला प्रशासन, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तथा सभी संबंधित वित्तीय संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कैम्प का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक की वैध पूंजी अनावश्यक रूप से बिना दावे के न रह जाए और उसे उसका पूरा अधिकार मिल सके।

जिला प्रशासन ने जनपद के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कैम्प में पहुंचकर मेरी पूंजी, मेरा अधिकार अभियान का लाभ उठाएं और अपनी वित्तीय संपत्तियों से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।

चार लेबर कोड्स के विरोध में श्रम भवन रांची के सामने विशाल प्रदर्शन, फरवरी 2026 में देशव्यापी आम हड़ताल की चेतावनी

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (CITU) के आह्वान पर मंगलवार को श्रम भवन, रांची के समक्ष चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में विशाल धरना–प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित चार लेबर कोड्स के खिलाफ चल रहे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा रहा।

धरने को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने कहा कि वर्ष 2019–20 में संसद में पारित चारों श्रम संहिताएं अलोकतांत्रिक तरीके से लाई गईं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार, निरीक्षण व्यवस्था और ट्रेड यूनियन अधिकारों से वंचित करना है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तथाकथित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर श्रम बाजार को पूंजी के हित में एक सामाजिक और मानवीय उत्तरदायित्व विहीन संसाधन में बदला जा रहा है।

प्रदर्शन में बीएसएसआर यूनियन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा हटिया मजदूर यूनियन, एनसीओईए, इंदल कगार यूनियन, आईआईसीएमयू, निर्माण कामगार यूनियन सहित कई श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार ‘श्रम’ समवर्ती विषय है, इसलिए झारखंड सरकार को श्रमिक हितों की रक्षा करते हुए लेबर कोड्स के नियमों को लागू करने पर रोक लगानी चाहिए।

इस दौरान सीटू राज्य कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह, महासचिव विश्वजीत देब, वरिष्ठ नेता अनिरवन बोस तथा बीएसएसआरयू के प्रतिनिधियों ने श्रम आयुक्त के माध्यम से केंद्रीय और राज्य श्रम मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह रद्द करने, उनके नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने और सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अधिनियम के प्रावधानों की रक्षा कर वैधानिक कार्य नियम बनाने से संबंधित थीं।

इसके साथ ही राज्य सरकार के समक्ष 13 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें स्थायी कार्यों के ठेकाकरण पर रोक, ठेका व अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी का सख्त अनुपालन, सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी दायरे में लाना, निर्माण व बीड़ी श्रमिक कल्याण बोर्ड के कोष का पारदर्शी उपयोग, प्रवासी व असंगठित श्रमिकों को राशन कार्ड व अन्य सुविधाएं तथा ट्रेड यूनियन पंजीकरण की प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।

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सीटू ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो उससे संबद्ध यूनियनें अन्य श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर फरवरी 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर आम हड़ताल करेंगी।

प्रदर्शन को कॉमरेड प्रकाश विप्लव, वीरेंद्र कुमार, कीर्ति मुंडा, हरेंद्र यादव, पीआर गुप्ता, सुमित गुप्ता सहित कई राज्य स्तरीय नेताओं ने संबोधित किया।

श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली श्रीराम–जानकी व महावीर पूजन की भव्य झांकियां, दरहटा लालपुर में दो दिवसीय महोत्सव सम्पन्न

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा ब्लॉक के चौक क्षेत्र अंतर्गत दरहटा लालपुर गांव में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रीराम–जानकी एवं महावीर पूजन का दो दिवसीय भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन के दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच निकली भव्य धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकियां देखने पहुंचे।

महोत्सव के प्रथम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री जय मां काली, श्रीराम–जानकी एवं महावीर जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। शुद्ध मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। झांकियों में राम दरबार, हनुमान जी, मां काली सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को जीवंत व आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से निहारा।

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दूसरे दिन पूर्णाहुति के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया गया। मेले में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने, मिठाइयां, खान-पान की दुकानें और मनोरंजन के साधन लोगों के लिए खास आकर्षण रहे। मेला ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के लिए उत्साह और आनंद का केंद्र बना।

इस पावन अवसर पर कृष्णानंद पटेल, ईश्वर चंद पटेल, अंबिका पांडेय, पुरुषोत्तम मद्धेशिया, कृष्ण मुरारी पटेल, घनश्याम पांडेय, रामवीरू, मिथिलेश्वर पांडेय, हरिशंकर पांडेय, नितेश पटेल सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्रामवासियों की एकजुटता और सहयोग से आयोजन भव्य रूप में सम्पन्न हुआ। समापन पर आयोजकों ने शांति, सद्भाव और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

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