महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बनगढ़िया तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक सक्रिय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन चोरी की मोटरसाइकिलें तथा भारी मात्रा में कटे हुए इंजन, चेसिस और अन्य पुर्जे बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। पूछ-ताछ और ई- चालान एप से जांच में मोटरसाईकिल चोरी की निकली। सख्ती से पूछ-ताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से बाइक चोरी के धंधे में लिप्त थे। आरोपी अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोटरसाईकिलें चोरी कर एक स्थान पर जमा करते थे। इसके बाद बाइक को काटकर इंजन और चेसिस अलग-अलग बेच देते थे, जबकि शेष पुर्जे कबाड़ में खपाए जाते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक घर से दो और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके साथ ही एक ऑटो पार्ट्स की दुकान से बड़ी मात्रा में बाइक के कटे हुए पुर्जे, नंबर प्लेट, टंकी, सीट, पहिए, साइलेंसर, इंजन व चेसिस जब्त किए गए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इरफान उर्फ गुड्डू, प्रेम यादव और दीपक गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से कुछ आरोपियों पर पहले से चोरी, गुंडा एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज कई बाइक चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई को वाहन चोरों के खिलाफ महराजगंज पुलिस की बड़ी और प्रभावी सफलता माना जा रहा है।
सरकारी योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, दो आरोपी गिरफ्तार
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का महराजगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पुलिस की इस सफलता को जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में साइबर फ्रॉड और वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और अन्य लाभों का लालच देकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों के नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद उन खातों की पूरी किट—पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और लिंक मोबाइल सिम—बस और कूरियर के माध्यम से अन्य राज्यों में सक्रिय कॉल सेंटरों तक भेज दी जाती थी।इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को मंगाने और निकालने में किया जाता था, जिससे खाताधारक अनजाने में अपराध का हिस्सा बन जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, 71 चैट पीडीएफ, 76 बैंक खातों का विवरण, 80 सिम कार्ड और 5600 रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये की साइबर ठगी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी योजना के नाम पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, ओटीपी या सिम साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सतर्क रहें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।पुलिस के अनुसार, जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
बेटी की हत्या के मामले में सौपा ज्ञापन मुकदमा दर्ज करने की मांग
गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा )
एडीजी जोन गोरखपुर को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिजन ने बेटी की हत्या के मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता की मां संध्या देवी पत्नी अयोध्या साहनी, निवासी ग्राम लक्ष्मीपुर उर्फ कुर्मी पट्टी, थाना नेबुआ नौरंगिया, जनपद कुशीनगर ने जोन कार्यालय पहुंचकर अपनी फरियाद दर्ज कराई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उनकी 21 वर्षीय पुत्री नीतू साहनी की साजिश के तहत हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। पीड़िता पिछले कुछ वर्षों से गोरखपुर के मोहद्दीपुर क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में रहकर काम कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि 29 नवंबर 2025 की सुबह पुत्री की तबीयत खराब होने की सूचना मिली, जिसके बाद जब परिवार मौके पर पहुंचा तो हालात संदिग्ध पाए गए।
पीड़िता की मां का आरोप है कि साजिश के तहत बेटी को बिहार ले जाकर ग्राम प्रधान सहित अन्य लोगों की मिलीभगत से उसकी हत्या की गई और बाद में शव को फंदे से लटका कर आत्महत्या दर्शाया गया। मामले में स्थानीय थाना द्वारा जबरन आत्महत्या का बयान लिखवाने और वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़िता के परिजनों ने एडीजी जोन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म एवं साजिश जैसी गंभीर धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा।
एडीजी जोन कार्यालय में ज्ञापन सौंपते समय परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाने की मांग की। अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डीएम ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं
रोड चौड़ीकरण में गई जमीन के मामलों पर सख्त किसानों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं
गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)जिलाधिकारी दीपक मीणा ने डीएम कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान आने वाले फरियादियों की समस्याओं को एक-एक कर गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ऐसे फरियादी पहुंचे, जिनकी जमीन रोड चौड़ीकरण के कार्य में गई है और वे लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसानों और जमीन मालिकों ने पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा डीएम के समक्ष रखी।फरियादियों ने बताया कि रोड चौड़ीकरण के नाम पर उनकी जमीन ली गई, लेकिन मुआवजा, माप-जोख, भुगतान और अन्य औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी की जा रही है। इस कारण उन्हें बार-बार डीएम कार्यालय और पीडब्ल्यूडी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई किसानों ने यह भी कहा कि विभागीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में जिन किसानों की जमीन गई है, उन्हें किसी भी हालत में परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने इस पूरे मामले में मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा को निर्देशित करते हुए कहा कि रोड चौड़ीकरण सहित अन्य विकास कार्यों में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजे से जुड़े मामलों, दस्तावेजों की जांच, भुगतान की प्रक्रिया और अन्य संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार जिला कार्यालय तक आना पड़े, यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन का दायित्व है कि उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने सीआरओ को निर्देश दिया कि पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी लंबित मामलों की सूची तैयार की जाए और तय समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।डीएम दीपक मीणा ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण जैसे विकास कार्य जनहित में होते हैं, लेकिन इन कार्यों की आड़ में किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। जिनकी जमीन विकास कार्यों में गई है, उन्हें पूरा सम्मान, उचित मुआवजा और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।जनसुनवाई के दौरान डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो कि किसी किसान को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें। इसके लिए विभागीय स्तर पर ही शिकायत निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।जिलाधिकारी के सख्त रुख से जनसुनवाई में आए फरियादियों को राहत मिली। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के निर्देशों के बाद उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। डीएम ने अंत में अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मण्डल में जेई/एईएस टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सीएमओ को दिए सख्त निर्देश, कहा-मरीजों को बेवजह रेफर न किया जाए
गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में जेई/एईएस (जापानी इंसेफेलाइटिस/एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार, गोरखपुर में आयोजित की गई। बैठक में जेई/एईएस से बचाव, उपचार, रेफरल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज और गोरखपुर जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), देवरिया, कुशीनगर व महाराजगंज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), गोरखपुर के सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एडी हेल्थ, सीएमओ डॉ. राजेश झा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जेई/एईएस जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडल के सभी सीएमओ अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर, उचित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं। किसी भी मरीज को बिना ठोस कारण के रेफर न किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि यदि किसी मरीज या परिजन द्वारा यह शिकायत मिलती है कि उन्हें बेवजह रेफर किया गया या इलाज में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारी और चिकित्सक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मरीजों की जान से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान जेई/एईएस के मामलों की वर्तमान स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध बेड, दवाइयों, ऑक्सीजन, जांच सुविधाओं, प्रशिक्षित स्टाफ तथा एंबुलेंस सेवाओं की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जेई/एईएस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायती राज, नगर निकाय, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभागों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। स्वच्छता, जल निकासी, फॉगिंग, टीकाकरण और जनजागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी ढंग से चलाया जाए। गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के बारे में जागरूक किया जाए।
मंडलायुक्त ने सीडीओ और सीएमओ को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण करें और अस्पतालों की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य दिखाई देना चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों की स्थिति से मंडलायुक्त को अवगत कराया और जेई/एईएस से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस पर मंडलायुक्त ने आवश्यक सुझाव दिए और कुछ मामलों में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि जेई/एईएस एक गंभीर चुनौती है, लेकिन यदि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें, तो इससे होने वाली जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
ग्राम हड़ुवा उर्फ औरंगाबाद में लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय बना बेकार, बदहाली की कहानी बयां कर रहा ढांचा
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम हड़ुवा उर्फ औरंगाबाद में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सरकार की मंशा खुले में शौच से मुक्ति और स्वच्छता को बढ़ावा देने की थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर नजर आ रही है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शौचालय का निर्माण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उसकी स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो निर्माण के बाद से आज तक उसका एक बार भी उपयोग नहीं हुआ हो। शौचालय परिसर में उगी झाड़ियां, टूटी-फूटी संरचना और जर्जर हालत इस बात की गवाही दे रही है कि इसकी न तो नियमित सफाई हुई और न ही किसी स्तर पर निगरानी।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण ग्राम सभा से काफी दूरी पर, गंडक नदी के किनारे किया गया है। जहां तक पहुंचना ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहद कठिन है। बरसात के मौसम में नदी के किनारे जाना जोखिम भरा हो जाता है, ऐसे में शौचालय का उपयोग करना तो दूर, वहां तक पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं।

ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय की लोकेशन चयन में भारी लापरवाही बरती गई है। यदि यह आबादी के पास बनाया जाता तो निश्चित रूप से इसका उपयोग होता और स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलती। वर्तमान में यह शौचालय ग्रामीणों के किसी काम का नहीं रह गया है और सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रतीक बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण के बाद से आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली। न तो इसके संचालन के लिए कोई व्यवस्था की गई और न ही देखरेख के लिए किसी की तैनाती। परिणामस्वरूप यह सामुदायिक शौचालय कुछ ही वर्षों में खंडहरनुमा पहाड़ में तब्दील हो चुका है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा या तो शौचालय को आबादी के नजदीक स्थानांतरित किया जाए या फिर इसे दुरुस्त कर नियमित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में आम जनता तक पहुंच सके।
यह मामला न केवल योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बिना जमीनी जरूरतों को समझे किए गए निर्माण किस तरह जनता के हितों के विपरीत साबित हो जाते हैं।
गांधी चौक सलेमपुर में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर चिंतन बैठक, श्रम सम्मान निधि व स्वास्थ्य सुधार की उठी मांग
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)मंगलवार को राष्ट्रीय समानता दल, राष्ट्रीय महिला बहुजन संगठन तथा सामाजिक–राजनीतिक प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता द्वारा गांधी चौक, सलेमपुर परिसर में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर एक चिंतन बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के कमजोर वर्गों—महिलाओं, असंगठित मजदूरों, भूमिहीन किसानों तथा ग्रामीण गरीबों—के अधिकार, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर मंथन किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजयदीप कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल (उत्तर प्रदेश) ने कहा कि महिलाओं, असंगठित मजदूरों एवं भूमिहीन परिवारों को “श्रम सम्मान निधि” दिया जाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसान अन्न उत्पादन करता है, वहीं महिलाएं परिवार और देश के भविष्य का निर्माण करती हैं, लेकिन उनके श्रम का समुचित मूल्यांकन न तो पारिवारिक स्तर पर होता है और न ही राष्ट्रीय स्तर पर। इसी प्रकार असंगठित क्षेत्र के मजदूर देश के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी उन्हें सम्मान और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पाती। भूमिहीन परिवार कुट और बटाई पर खेती कर अन्न उत्पादन करते हैं, किंतु कृषि से जुड़ी अधिकांश सरकारी योजनाओं से वंचित रहते हैं। उन्होंने इन सभी वर्गों को सम्मान देते हुए प्रति परिवार अथवा व्यक्ति प्रतिमाह ₹5000 की श्रम सम्मान निधि देने की मांग की।राष्ट्रीय मुख्यमहासचिव आरएसडी अग्मस्वरूप कुशवाहा ने ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी और पीएचसी को सुदृढ़ एवं संसाधनयुक्त किए जाने पर जोर दिया। सपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्य ने कहा कि जनपद देवरिया में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। सृजित पदों के सापेक्ष चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता लगभग 50 प्रतिशत ही है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है।राष्ट्रीय महिला बहुजन संगठन के संस्थापक सुरेंद्र बौद्ध ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गरीब और कम आय वर्ग के लिए जीवनरक्षक हैं। इन्हें पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ और उपकरणों से लैस करना आवश्यक है।आरएसडी जिलाध्यक्ष विजय कुमार ने सीएचसी सलेमपुर का नामकरण “जननायक हरिकेवल प्रसाद कुशवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र” किए जाने की मांग रखी। कार्यक्रम का संचालन अभय कुमार ने किया और अध्यक्षता मोतीलाल जी ने की। बैठक के बाद राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम सलेमपुर को सौंपा गया।
मुख्य न्यायाधीश ने सलेमपुर ग्राम न्यायालय का किया अर्धवार्षिक निरीक्षण
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मंगलवार की सुबह मुख्य न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह ने सीजेएम मंजू कुमारी के साथ सलेमपुर स्थित ग्राम न्यायालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान न्यायिक कार्यप्रणाली, लंबित वादों और न्यायालयीन व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के समय ग्राम न्यायालय के न्यायाधीश सक्षम शेखर, सीओ मनोज कुमार, एसडीएम दिशा श्रीवास्तव तथा तहसीलदार अलका सिंह भी उपस्थित रहीं। मुख्य न्यायाधीश ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक न्यायालय परिसर में रुककर विभिन्न वादों से संबंधित फाइलों की जानकारी ली और न्यायालय के भीतर उपलब्ध सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान तहसील क्षेत्र के दर्जनों अधिवक्ता भी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए उनके साथ संवाद किया। निरीक्षण के माध्यम से न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
थर्ड उसकाई कप कराटे चैंपियनशिप में महराजगंज के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, गोल्ड-सिल्वर जीतकर बढ़ाया जिले का मान
महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ऑल इंडिया नेशनल कराटे चैंपियनशिप–2025 के अंतर्गत वाराणसी (बनारस) में आयोजित थर्ड उसकाई कप कराटे प्रतियोगिता में महराजगंज जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज, भैंसा के खिलाड़ियों ने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।
11 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, मेडल्स की झड़ी
06 और 07 दिसंबर को आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्यालय के कुल 11 खिलाड़ियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच आराधना चौधरी, उद्देश्य मिश्र और सुफियान शेख ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
वहीं सतीश चौधरी, आदित्यनाथ, आनंद कुमार, सत्यम चौधरी, अंशिका मद्धेशिया, प्रीति निषाद, हरिकेश चौधरी और अंश प्रजापति ने सिल्वर मेडल जीतकर टीम की सफलता को और मजबूती प्रदान की।
विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह
प्रतियोगिता के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में प्रधानाचार्य करुणा मणि पटेल ने सभी विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर टीम कोच एवं ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षक राजेंद्र विश्वकर्मा ने खिलाड़ियों के अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पूरे महराजगंज जिले के लिए गर्व की बात है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मंच देने की जरूरत
प्रधानाचार्य करुणा मणि पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और उचित मंच उपलब्ध कराने की है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
बड़ी संख्या में गणमान्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के रमेश चंद पटेल, मनमीत पटेल, महेंद्र उपाध्याय, राहुल साहनी, राहुल जायसवाल, सीमा पांडेय, उषा सिंह, नेहा पटेल, नेहा मद्धेशिया, विमलेश पांडेय, सरवन विश्वकर्मा, गंगेश वर्मा सहित प्रबंधन अध्यक्ष उपेंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष विंध्यवासिनी सिंह और परमानंद विश्वकर्मा उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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पीएम मोदी की ओमान यात्रा भारत-ओमान रिश्तों को देगी नई दिशा: राजदूत जीवी श्रीनिवास
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ओमान यात्रा को लेकर भारत में ओमान के राजदूत जीवी श्रीनिवास ने कहा है कि यह दौरा भारत-ओमान संबंधों को नई दिशा और मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और अब सहयोग के नए क्षेत्र जैसे ग्रीन हाइड्रोजन, सतत विकास और भविष्य की तकनीक तेजी से उभर रहे हैं।
आठ वर्षों बाद हो रही है पीएम मोदी की ओमान यात्रा
राजदूत श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण और समयानुकूल है। आठ वर्षों के अंतराल के बाद हो रही इस यात्रा से पहले दिसंबर 2023 में ओमान के सुल्तान भारत दौरे पर आए थे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का शीर्ष नेतृत्व व्यापार, आर्थिक साझेदारी और समग्र सहयोग को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
24 घंटे से कम समय में होगा व्यस्त कार्यक्रम
राजदूत के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की ओमान यात्रा भले ही 24 घंटे से कम की होगी, लेकिन कार्यक्रम अत्यंत व्यस्त रहेगा। पीएम मोदी ओमान के सुल्तान के साथ एक-से-एक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह बिजनेस समिट, भारतीय समुदाय से संवाद और ओमान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से मुलाकात भी करेंगे।
उन्होंने बताया कि ओमान में सीबीएसई शिक्षा प्रणाली के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी विशेष चर्चा प्रस्तावित है। भारत-ओमान संबंध केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रक्षा, सुरक्षा सहयोग और तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास तक विस्तृत हैं।
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आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर
ओमान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बयान में कहा कि वह मस्कट में ओमान के सुल्तान से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वाणिज्यिक व आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ओमान में भारतीय प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों के संबंधों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत-ओमान राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और ओमान के राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस दौरान दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक समीक्षा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की यात्रा का समापन 17-18 दिसंबर को ओमान में होगा।
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आग बुझी तो मिले कंकाल, यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे में 13 की मौत, 17 बैग में भेजे गए शरीर के अवशेष
मथुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के कारण हुए भीषण सड़क हादसे के बाद का मंजर बेहद दर्दनाक रहा। एक के बाद एक वाहनों की टक्कर के बाद सात बसों और तीन कारों में आग लग गई। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसा इतना भयावह था कि आग बुझने के बाद बसों के अंदर से अधजले शवों के अवशेष बरामद किए गए। कई शवों की स्थिति ऐसी थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस ने सभी अवशेषों को 17 अलग-अलग बैगों में रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा है।
बसों में फंसे लोगों को नहीं मिला बचने का मौका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर सफेद लेन मार्किंग तक पिघल गई, जिससे आग की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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चीख-पुकार और एंबुलेंस के सायरन से दहला इलाका
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को और भी गमगीन बना दिया। अपने परिजनों की तलाश में लोग बदहवास हालत में इधर-उधर दौड़ते नजर आए। एंबुलेंस के सायरन और अफरातफरी का दृश्य दिल दहला देने वाला था।
राहत और बचाव कार्य में जुटीं टीमें
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर 14 एंबुलेंस और 11 दमकल वाहन तैनात किए गए। आग बुझाने के लिए टोल प्लाजा के पास ही पानी की व्यवस्था की गई, ताकि दमकल वाहनों को दूर न जाना पड़े।
अब तक तीन मृतकों की हुई पहचान
इस हादसे में मारे गए 13 लोगों में से फिलहाल केवल तीन की ही पहचान हो सकी है। शवों की हालत को देखते हुए शेष मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी।
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प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
घटना के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ितों और परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
• अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व): डॉ. पंकज कुमार वर्मा – 9454417583
• एसपी ग्रामीण: सुरेश चंद्र रावत – 9454401103
हादसे के बाद जली हुई सभी बसों और कारों को हाइड्रा मशीनों की मदद से एक्सप्रेस-वे से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में एम.ए. अर्थशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एम.ए. अर्थशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं 15 दिसंबर 2025 से औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यार्थियों को कक्षाओं के संचालन की सूचना जारी कर दी है।
जारी सूचना के अनुसार, एमए अर्थशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर की सभी कक्षाएं प्रातः 10 बजे से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जा रही हैं। विभाग ने छात्रों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सेमेस्टर की पढ़ाई को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए छात्रों की नियमित सहभागिता आवश्यक है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से समय पर कक्षाओं में पहुंचकर अध्ययन में पूरी गंभीरता बरतने का आग्रह किया है।
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धनबाद के जगजीवन नगर में भीषण अग्निकांड: शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दो की मौत, दो की हालत नाजुक
धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी इलाकों में बिजली सुरक्षा की गंभीर सच्चाई उजागर कर दी है। झारखंड के धनबाद जिले के जगजीवन नगर इलाके में मंगलवार देर रात करीब 1 बजे हुए दर्दनाक हादसे में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला और 22 वर्षीय युवक की झुलसकर मौत हो गई, जबकि महिला के बेटे और बहू गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के सन्नाटे में अचानक घर से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। शॉर्ट सर्किट के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि घर में सो रहे लोग बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके। आसपास के लोगों ने शोर मचाकर बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
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घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद घर के भीतर से दो शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गंभीर रूप से झुलसे मृत महिला के बेटे और बहू को तत्काल असरफी अस्पताल, धनबाद में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि अग्निकांड की विस्तृत जांच जारी है। घटना के बाद पूरे जगजीवन नगर इलाके में शोक और भय का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा और इलाके में बिजली सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के सुरक्षा गार्ड पर दुकानदार से मारपीट का आरोप, मथुरा में बवाल
मथुरा/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार आरोप उनके सुरक्षाकर्मियों पर लगे हैं। मथुरा स्थित गौरी गोपाल आश्रम के पास दुकान लगाने वाले एक दुकानदार के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई है। घटना की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें पीड़ित गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित दुकानदार विवेक कुमार को आश्रम के सुरक्षा गार्ड पहले जबरन घसीटते हुए अंदर ले गए और फिर उसके साथ जमकर मारपीट की। मारपीट में विवेक कुमार को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पीड़ित की बेटी का आरोप
पीड़ित विवेक कुमार की बेटी ने आरोप लगाया कि घटना दिनदहाड़े करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच हुई। उनका कहना है कि गौरी गोपाल आश्रम के सुरक्षाकर्मी उनके पिता को दुकान से जबरन उठाकर ले गए और विरोध करने पर बुरी तरह पीटा। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि यह आश्रम कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से जुड़ा हुआ है।
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अस्पताल प्रशासन पर भी उठे सवाल
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। विवेक कुमार की पत्नी का कहना है कि अस्पताल में उनके पति का समुचित इलाज नहीं किया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि किसी भी प्रकार की दवा या उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई और यह सब कथित तौर पर दबाव में किया जा रहा है।
न्याय न मिलने का आरोप
परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई गई हैं। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि मारपीट में शामिल सभी सुरक्षाकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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पुलिस जांच में जुटी
मामले को लेकर स्थानीय पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है।
खेत में मिला नवजात बच्ची का शव, इलाके में हड़कंप; पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
शहडोल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मोहतरा गांव के पास एक खेत में नवजात बच्ची का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और लोग मौके पर जमा हो गए।
खेत में काम कर रहे ग्रामीणों ने देखा शव
ग्रामीणों के अनुसार, मोहतरा आईटीआई कॉलेज के पीछे स्थित खेत में काम के दौरान नवजात बच्ची का शव दिखाई दिया। पहले तो लोग स्तब्ध रह गए, फिर तुरंत गोहपारू थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
1–2 दिन की बताई जा रही उम्र
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि नवजात बच्ची की उम्र एक से दो दिन के बीच रही होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
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पुलिस जुटा रही अहम जानकारियां
गोहपारू थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के गांवों में हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी भी एकत्र कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को किसने और किन परिस्थितियों में खेत में छोड़ा।
गांव में शोक और आक्रोश
इस घटना के बाद मोहतरा गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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