Saturday, June 27, 2026
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पत्तों की भाषा में जीवन का मंत्र, वनस्पतियों और मानव का सनातन रिश्ता

डॉ. सतीश पाण्डेय

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जब शब्द थक जाते हैं और सभ्यता मौन हो जाती है, तब प्रकृति बोलती है। उसकी यह भाषा न किसी लिपि में बंधी होती है, न किसी पुस्तक में—यह पत्तों की सरसराहट, फूलों की सुगंध और वृक्षों की छाया में महसूस की जाती है। मानव और वनस्पतियों का रिश्ता केवल उपयोग या आवश्यकता का नहीं, बल्कि अस्तित्व, संवेदना और सह- अस्तित्व का सनातन संबंध है, जो सृष्टि की पहली सांस से आज तक अनवरत चला आ रहा है। मानव सभ्यता का आरंभ ही वनस्पतियों की गोद में हुआ। आदिमानव ने जब चलना सीखा, तो पेड़ों की छाया में विश्राम पाया। जब भूख लगी, तो फल-फूल बने सहारा। जब रोगों ने घेरा, तो जड़, छाल और पत्तियों ने औषधि बनकर जीवन बचाया। आज की आधुनिक चिकित्सा पद्धति भी कहीं न कहीं उन्हीं वनौषधियों के ज्ञान पर आधारित है। इस दृष्टि से वनस्पतियां केवल प्रकृति का सौंदर्य नहीं, बल्कि मानव जीवन की मौन गुरु रही हैं।
भारतीय संस्कृति में वनस्पतियों को केवल संसाधन नहीं, बल्कि सजीव सत्ता के रूप में देखा गया है। पीपल, बरगद, तुलसी, नीम जैसे वृक्ष धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक—तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माने गए। पूजा-पाठ, पर्व-त्योहार, जन्म से मृत्यु तक के संस्कारों में वनस्पतियों की उपस्थिति यह संदेश देती है कि प्रकृति और मानव अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही जीवन-चक्र के हिस्से हैं। यह दृष्टिकोण हमें उपभोग नहीं, संरक्षण की सीख देता है।
आज का समय इस सनातन रिश्ते के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। विकास की अंधी दौड़ में जंगलों का अंधाधुंध कटान हो रहा है, नदियां सिमटती जा रही हैं और हवा दिन-प्रतिदिन विषैली होती जा रही है। हम यह भूल गए हैं कि हर पत्ती की हरियाली हमारी सांसों की सुरक्षा है। जब जंगल उजड़ते हैं, तब केवल पेड़ नहीं कटते—मानव का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापवृद्धि और प्राकृतिक आपदाएं इसी टूटते रिश्ते का परिणाम हैं।
वनस्पतियां हमें धैर्य, सहनशीलता और निस्वार्थ भाव से देना सिखाती हैं। वे न शोर मचाती हैं, न शिकायत करती हैं, फिर भी निरंतर ऑक्सीजन, फल, छाया और जीवन देती रहती हैं। आज जब समाज स्वार्थ, उपभोग और प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में फंसा है, तब पत्तों की यह मौन भाषा हमें संतुलन और संयम का पाठ पढ़ाती है।
पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी नीति या औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी है। एक पौधा लगाना मात्र प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है। यदि मानव ने वनस्पतियों के साथ अपने इस सनातन रिश्ते को समझ लिया, तो विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन संभव है। अंततः जीवन का सत्य किसी ग्रंथ के पन्नों में नहीं, बल्कि पत्तों की हरियाली में लिखा है। जो इसे पढ़ लेता है, वही जान पाता है कि मानव का भविष्य जंगलों से कटकर नहीं, बल्कि उनसे जुड़कर ही सुरक्षित और समृद्ध रह सकता है।

संविधान मानव की रचना, परमात्मा सृष्टि का आधार

कैलाश सिंह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मानव सभ्यता के इतिहास में जब भी समाज ने संगठित रूप लेना शुरू किया, तब नियम, आचार और नैतिकता की आवश्यकता महसूस हुई। इसी आवश्यकता से संविधान का जन्म हुआ, जबकि नैतिकता और जीवन-मूल्यों की जड़ें परमात्मा की अवधारणा में निहित मानी जाती हैं। संविधान और परमात्मा—दोनों मानव जीवन के मार्गदर्शक हैं, किंतु दोनों की प्रकृति, भूमिका और प्रभाव-क्षेत्र भिन्न हैं। जहां संविधान मानव की बुद्धि, अनुभव और सामाजिक जरूरतों की रचना है, वहीं परमात्मा उस सृष्टि का आधार है, जिसे मानव न तो बना सकता है और न ही पूर्ण रूप से परिभाषित कर सकता है।
संविधान किसी भी राष्ट्र की शासन-व्यवस्था की रीढ़ होता है। यह सत्ता के स्वरूप और उसकी सीमाओं को निर्धारित करता है तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन स्थापित करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान जनता को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का आश्वासन देता है। समय के साथ समाज बदलता है, परिस्थितियां बदलती हैं और नई चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में संविधान में संशोधन की व्यवस्था उसे जीवंत और प्रासंगिक बनाए रखती है। यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन यह भी सत्य है कि संविधान मानव निर्मित है और मानवीय समझ की सीमाओं के भीतर ही कार्य करता है। इसके विपरीत परमात्मा की अवधारणा किसी लिखित दस्तावेज या विधायी प्रक्रिया से उत्पन्न नहीं हुई। वह आस्था, अनुभूति और चेतना का विषय है। सृष्टि की उत्पत्ति, जीवन की निरंतरता, प्रकृति का संतुलन और नैतिकता के मूल सिद्धांत परमात्मा से जुड़े माने जाते हैं। जहां संविधान समाज के बाहरी ढांचे को नियंत्रित करता है, वहीं परमात्मा मनुष्य की अंतरात्मा को दिशा देता है। कानून दंड और पुरस्कार के माध्यम से व्यवहार को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन परमात्मा का विचार व्यक्ति के भीतर विवेक, आत्म-संयम और उत्तरदायित्व की भावना जगाता है।
यह कहना गलत होगा कि संविधान और परमात्मा परस्पर विरोधी हैं। वास्तव में दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। संविधान भले ही धर्मनिरपेक्ष हो, पर उसके मूल में निहित न्याय, समानता, स्वतंत्रता, करुणा और मानव गरिमा जैसे मूल्य किसी न किसी रूप में आध्यात्मिक चेतना से ही प्रेरित हैं। वहीं परमात्मा की अवधारणा मनुष्य को सत्यनिष्ठ, कर्तव्यनिष्ठ और सहिष्णु बनने की प्रेरणा देती है, जिससे संविधान द्वारा स्थापित व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है।
आधुनिक समय में संकट तब पैदा होता है, जब इस संतुलन को बिगाड़ दिया जाता है। कभी संविधान को ही अंतिम और सर्वोच्च सत्य मानकर नैतिकता की उपेक्षा की जाती है, तो कभी परमात्मा या धर्म के नाम पर संविधान और कानून को चुनौती दी जाती है। दोनों ही स्थितियां समाज के लिए घातक हैं। एक स्वस्थ, समरस और प्रगतिशील समाज वही है, जहां संविधान शासन और प्रशासन का मार्गदर्शक बने, और परमात्मा मानव की नैतिक चेतना का आधार।
अंततः संविधान हमें यह सिखाता है कि समाज कैसे चले, जबकि परमात्मा यह बोध कराता है कि हमें कैसा इंसान बनना चाहिए। जब व्यवस्था और विवेक, कानून और करुणा, अधिकार और कर्तव्य—इन सबके बीच संतुलन स्थापित होता है, तभी समाज स्थिर, न्यायपूर्ण और मानवीय बनता है। यही संतुलन राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और सभ्यता की पहचान है।

Maharashtra Politics: निकाय चुनाव से पहले ठाकरे भाइयों का मास्टर स्ट्रोक, नामांकन से पहले होगा गठबंधन का ऐलान

महाराष्ट्र (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर सामने आ रही है। BMC समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव से पहले ठाकरे भाइयों ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले गठबंधन का औपचारिक ऐलान करेंगे।

महाराष्ट्र में 23 दिसंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। ऐसे में संभावना है कि 22 दिसंबर या 23 दिसंबर की सुबह ठाकरे बंधु एक साथ मंच साझा कर गठबंधन की घोषणा कर दें।

क्या है ठाकरे भाइयों का मास्टर स्ट्रोक?

सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (UBT) संयुक्त रैली के जरिए गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। यह रणनीति खासतौर पर इसलिए बनाई गई है ताकि दोनों दलों के नाराज उम्मीदवार बीजेपी या एकनाथ शिंदे गुट में न जा सकें।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम बीजेपी और शिंदे गुट के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर मुंबई और अन्य शहरी निकायों में।

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उम्मीदवारों को सीधे कॉल, तुरंत मिलेगा AB फॉर्म

बताया जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों को सीधे फोन कर बुलाया जाएगा और उन्हें तुरंत AB फॉर्म देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नामांकन के समय अक्सर बगावत और पार्टी छोड़ने की घटनाएं सामने आती हैं, ऐसे में ठाकरे भाइयों की यह रणनीति ऐन मौके पर विपक्ष को चौंकाने वाली मानी जा रही है।

16 जनवरी को साफ होगी निकाय चुनाव की तस्वीर

महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग पहले ही BMC समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर चुका है।

• 15 जनवरी को नगर निगम और नगर पालिकाओं में मतदान

• 16 जनवरी को चुनाव परिणाम घोषित होंगे

इन चुनावों को 2024 के बाद महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है।

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Smartphone Buying Guide: फोन खरीदने का गोल्डन टाइम क्या है? सही समय पर खरीद से बचेंगे हजारों रुपये

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टेक (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अक्सर स्मार्टफोन थोड़ा सा स्लो हुआ नहीं कि लोग नया फोन खरीदने की जल्दबाजी करने लगते हैं। यही जल्दबाजी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। गैजेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्मार्टफोन खरीदने में टाइमिंग सबसे अहम फैक्टर होती है। अगर सही समय पर फोन खरीदा जाए, तो हजारों रुपये की बचत संभव है।

यहां जानिए स्मार्टफोन खरीदने का गोल्डन टाइम और वो ट्रिक्स, जिनसे आप कम दाम में बेहतरीन फोन ले सकते हैं।

लेटेस्ट स्मार्टफोन चाहिए तो प्री-ऑर्डर है बेस्ट

अगर आपको बिल्कुल नया लॉन्च हुआ स्मार्टफोन चाहिए, तो उसके लॉन्च के साथ ही प्री-ऑर्डर करना सबसे फायदेमंद होता है।
कंपनियां प्री-बुकिंग पर:

बैंक डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, फ्री एक्सेसरीज (ईयरबड्स, कवर आदि) जैसे ऑफर्स देती हैं, जो बाद में खत्म हो जाते हैं।

नए मॉडल के लॉन्च का करें इंतजार

यह सबसे पुरानी लेकिन सबसे कारगर रणनीति है। जैसे ही किसी फोन का नया मॉडल लॉन्च होता है, पुराने मॉडल की कीमत अपने आप गिर जाती है।
फीचर्स में मामूली फर्क होता है, लेकिन कीमत में भारी कटौती देखने को मिलती है।

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त्योहारों की सेल में करें खरीदारी

भारत में रक्षाबंधन से लेकर दिवाली तक का समय स्मार्टफोन खरीदने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।
खासकर:

• Flipkart Big Billion Days

• Amazon Great Indian Festival

इन सेल्स के दौरान iPhone, Samsung, OnePlus जैसे ब्रांड्स पर साल का सबसे बड़ा डिस्काउंट मिलता है।

साल के अंत और Black Friday Sale

नवंबर के आखिर में आने वाली Black Friday Sale अब भारत में भी लोकप्रिय हो चुकी है।
इस समय कंपनियां और रिटेलर्स पुराना स्टॉक क्लियर करने के लिए शानदार ऑफर्स देते हैं, जिससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह अच्छे डील्स मिलती हैं।

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बंद हो चुके मॉडल्स पर बड़ा फायदा

जब कोई कंपनी किसी स्मार्टफोन मॉडल का प्रोडक्शन बंद कर देती है, तो ऑफलाइन दुकानदार उसे जल्दी निकालना चाहते हैं।
ऐसे में:

• मोलभाव की पूरी गुंजाइश होती है

• कम कीमत में फ्लैगशिप फीचर्स मिल सकते हैं

सही समय पर खरीद से होगी बड़ी बचत

अगर आप स्मार्टफोन खरीदने से पहले थोड़ा इंतजार और सही प्लानिंग करें, तो हजारों रुपये बचा सकते हैं। अगली बार फोन खरीदने से पहले कैलेंडर जरूर देखें, क्योंकि सही टाइमिंग ही स्मार्ट खरीदारी की असली चाबी है।

सोना 1700 रुपये टूटा, 1,35,900 रुपये पर पहुंचा; चांदी की कीमतों में भी आई गिरावट

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चार दिन की रिकॉर्ड तेजी के बाद मंगलवार को सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सोना 1,700 रुपये टूटकर 1,35,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना।

चार सत्रों की तेजी के बाद टूटा सोना

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना सोमवार को 4,000 रुपये की तेजी के साथ 1,37,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों में सोने की कीमतों में करीब 6,000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च – कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें दबाव में रहीं और पीली धातु 4,275 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर की ओर फिसल गई।

रुपये की कमजोरी से नुकसान सीमित

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में नरमी जरूर आई, लेकिन भारतीय रुपये की कमजोरी ने गिरावट को काफी हद तक सीमित कर दिया। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास बना रहा, जिससे घरेलू कीमतों को कुछ सहारा मिला।

चांदी भी 1000 रुपये सस्ती

स्थानीय बुलियन बाजार में चांदी की कीमतों में भी 1,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। चांदी अब 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई है। हालांकि इससे पहले चांदी 1,99,500 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर स्थिर थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत में पांच दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया और यह 27.80 डॉलर या 0.65% गिरकर 4,277.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
वहीं हाजिर चांदी की कीमत 1.07 डॉलर या 1.67% गिरकर 63.02 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

अमेरिकी आंकड़ों पर निवेशकों की नजर

विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, खासकर नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत दे सकते हैं, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है।

बिना PUC वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन, दिल्ली में सिर्फ BS-6 वाहनों की एंट्री की अनुमति

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सख्ती करते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कल से राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC/PUCC) वाले किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दी जाएगी। यह जानकारी दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सचिवालय में प्रेस वार्ता के दौरान दी।

सरकार ने साफ किया है कि अब दिल्ली में केवल BS-6 मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। यह कदम राजधानी की बिगड़ती हवा को सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पेट्रोल पंपों को जारी हुए सख्त निर्देश

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों से निकलने वाला टेल-पाइप उत्सर्जन नियंत्रित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों के पालन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

BS-4 और पुराने वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

सरकार के अनुसार, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS-4 से कम मानक वाले वाहनों को ग्रैप-3 और ग्रैप-4 लागू होने की स्थिति में राजधानी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा ग्रैप-4 के दौरान निर्माण सामग्री ढोने वाले किसी भी वाहन की दिल्ली में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

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ANPR सिस्टम से होगी निगरानी, जांच अभियान तेज

नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम और जमीनी स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे।
पर्यावरण मंत्री ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना PUC प्रमाणपत्र बनवा लें, ताकि ईंधन भरवाने या यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो।

AQI में सुधार का दावा

सरकार के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि मौजूदा कार्यकाल के दौरान 10 में से 8 महीनों में औसत AQI में गिरावट दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि नवंबर जैसे गंभीर महीने में भी औसत AQI पिछले वर्षों की तुलना में करीब 20 अंक बेहतर रहा है।

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इंडस्ट्री, DG सेट और निर्माण गतिविधियों पर कार्रवाई

प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों, DG सेट और निर्माण गतिविधियों पर भी सख्ती की जा रही है।
अब तक 2,000 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं और 9.21 करोड़ रुपये से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई है।

रांची के रंगोली बाजार में फर्जी अधिकारी का भंडाफोड़, महिला हिरासत में

रांची (राष्ट्र की परम्परा)।राजधानी रांची के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र रंगोली स्वीट बाजार में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला खुद को जांच अधिकारी बताकर दुकानदारों को डराने-धमकाने लगी। महिला ने लाइसेंस जांच के नाम पर दुकानों में घुसकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर तोड़फोड़ तक की कोशिश की। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला लगातार दुकानदारों पर दबाव बना रही थी कि अगर उसके निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो वह कड़ी कार्रवाई कराएगी। इसी बीच समाजसेवी कुमुद झा ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने न केवल महिला से सख्ती से पूछताछ की, बल्कि स्थानीय लोगों की मदद से उसे काबू में कर थाना पहुंचाया।

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थाने ले जाते समय महिला ने खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए पागलपन का नाटक भी किया, लेकिन समाजसेवी कुमुद झा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं व्यापारियों में भय का माहौल पैदा करती हैं और प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला के पास से कोई वैध पहचान पत्र या अधिकृत दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि महिला अकेले इस तरह की हरकत कर रही थी या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।स्थानीय दुकानदारों ने समाजसेवी कुमुद झा की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। प्रशासन से मांग की गई है कि बाजार क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी और अवैध वसूली पर रोक लग सके।

गणेश तत्व : पूजा से मोक्ष तक की आध्यात्मिक यात्रा

🕉️ धर्म, विवेक और आत्मबोध का महासंगम — जब गणेश तत्व जीवन में अवतरित होता है

शास्त्रोक्त गणेश कथा ।(विशेष धार्मिक प्रस्तुति | आत्मबोध, कर्म और मोक्ष की ओर यात्रा)

🌼 पूजा से आगे साधना की यात्रा

इससे पहले यह स्पष्ट हुआ कि गणेश जी की पूजा केवल पुष्प, धूप और नैवेद्य तक सीमित नहीं, बल्कि वह मनुष्य के आचरण, विचार और विवेक में घटित होने वाली आंतरिक साधना है।
अब एपिसोड–6 में शास्त्र हमें उस बिंदु तक ले जाते हैं, जहाँ गणेश केवल पूज्य देवता नहीं, बल्कि जीवन-तत्व बन जाते हैं।
शास्त्र उद्घोष करते हैं— “यो गणेशं आत्मनि पश्यति, स एव मुक्तः।”
अर्थात जो गणेश को अपने भीतर देख लेता है, वही मुक्त होता है।

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🌺 शास्त्रोक्त कथा : जब ऋषि ने गणेश को मूर्ति नहीं, चेतना में पाया
📜 कथा प्रसंग
पुराणों में वर्णित है कि नैमिषारण्य में एक बार महान ऋषि आत्रेय ने प्रश्न किया—
“हे मुनिवरों! यदि गणेश विघ्नहर्ता हैं, तो फिर जीवन में दुःख क्यों?”
तभी महर्षि सनक ने उत्तर दिया—
“विघ्न बाहर नहीं, भीतर होता है। और गणेश बाहरी देव नहीं, आंतरिक विवेक हैं।”

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महर्षि ने एक कथा सुनाई—
एक बार एक तपस्वी ने वर्षों तक गणेश की मूर्ति की पूजा की, किंतु जीवन में क्रोध, अहंकार और लोभ बना रहा।
जब उसने व्यथित होकर गणेश से प्रश्न किया, तब अंतरात्मा से वाणी गूंजी—
“तू मुझे मंदिर में खोजता रहा,
जबकि मैं तेरे निर्णयों, धैर्य और करुणा में प्रकट होता हूँ।”
उसी क्षण तपस्वी को आत्मबोध हुआ—
गणेश = बुद्धि + विवेक + करुणा + संतुलन
🐘 गणेश तत्व की शास्त्रोक्त व्याख्या

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🔱 1. गणेश का मस्तक — महाबुद्धि का प्रतीक
शास्त्र कहते हैं—“विशालं मस्तकं यस्य, स महाबुद्धिमान्।”
गणेश का बड़ा मस्तक दर्शाता है कि छोटे मन से बड़ा जीवन नहीं जिया जा सकता।
👂 2. विशाल कर्ण — श्रवण और सहनशीलता
मनुस्मृति में कहा गया है—
“जो सुन सकता है, वही समझ सकता है।”
गणेश के बड़े कान सिखाते हैं—
बोलने से अधिक सुनो, प्रतिक्रिया से पहले विवेक रखो।
🐀 3. मूषक वाहन — इच्छाओं पर नियंत्रण
मूषक अस्थिर इच्छाओं का प्रतीक है।
गणेश उस पर सवार हैं, अर्थात—
इच्छाएँ रहें, पर नियंत्रण में।

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🍬 4. मोदक — आत्मिक आनंद
मोदक बाहरी सुख नहीं, बल्कि साधना से उत्पन्न आत्मसंतोष का प्रतीक है।
🌿 समानता : गणेश तत्व और मानव जीवन
गणेश स्वरूप मानव जीवन में अर्थ
टूटा दांत त्याग और बलिदान
लंबा सूंड परिस्थिति अनुसार लचीलापन
शांत मुख विषमता में स्थिरता
आशीर्वाद मुद्रा सेवा और संरक्षण
शास्त्र कहते हैं—
“यथा देवः तथा भक्तः।”
जैसा देव, वैसा भक्त।

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🔔 शास्त्रोक्त संदेश : कर्मयोग में गणेश
भगवद्गीता के भाव में गणेश तत्व स्पष्ट होता है—
कर्तव्य करो, फल छोड़ो।
“निष्काम कर्म ही विघ्नों का नाश करता है।”
जो व्यक्ति हर कार्य से पहले स्वार्थ नहीं, धर्म को रखता है—
वही सच्चा गणेश उपासक है।
🌼 भावनात्मक बोध : क्या हम सच में गणेश पूजक हैं?
क्या हम—क्रोध में भी विवेक रखते हैं?
असफलता में भी धैर्य?
सफलता में भी विनम्रता?
यदि हाँ—तो समझिए गणेश हमारे भीतर प्रतिष्ठित हो चुके हैं।

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🪔 आत्मबोध ही गणेश का वास्तविक प्रसाद
शास्त्रों का अंतिम संदेश स्पष्ट है—

“ज्ञानं दीपः, करुणा ईंधनं, धैर्यः पात्रम् — एष गणेश पूजा।”
जब मनुष्य अपने जीवन को इस सूत्र में ढाल लेता है—
तब हर दिन गणेश चतुर्थी बन जाता है,
और हर श्वास पूजा।

प्रदेश में पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, अब प्रदूषण और वन विभाग सहित 4 एनओसी से मिली राहत

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रदेश सरकार ने कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग समेत चार विभागों की अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की जरूरत नहीं होगी। इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

अब तक पेट्रोल पंप लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी (DM) को 10 विभागों से एनओसी लेनी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया जटिल और समय-साध्य हो जाती थी। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया सरल, तेज और पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी।

पहले 10 विभागों से लेनी पड़ती थी एनओसी

अब तक लागू नियमों के तहत जिलाधिकारी को पेट्रोल पंप खोलने के लिए
राजस्व, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग (PWD), विकास प्राधिकरण या नगर निकाय, जिला पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, वन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग और बिजली विभाग सहित कुल 10 विभागों से एनओसी लेनी होती थी।
इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता था, जिससे आवेदकों को काफी परेशानी होती थी।

अब केवल इन विभागों से जरूरी होगी एनओसी

प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था को सरल बनाते हुए फैसला किया है कि अब पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए मुख्य रूप से
राजस्व विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और विकास प्राधिकरण / आवास विकास परिषद / औद्योगिक विकास प्राधिकरण
से ही अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा।

शेष विभागों के लिए आवेदक का स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) ही पर्याप्त माना जाएगा।

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डिजिटल एनओसी और ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा

नई व्यवस्था के तहत जिलाधिकारी द्वारा जारी एनओसी डिजिटल हस्ताक्षरित होगी और आवेदक के यूजर लॉग-इन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेगी।
इसके साथ ही आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकेगा।

कारोबारियों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार के इस फैसले से

• पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज होगी

• अनावश्यक देरी खत्म होगी

• निवेशकों और कारोबारियों को राहत मिलेगी

• प्रदेश में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा

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ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें! पहाड़ों पर बर्फ, मैदानों में कोहरा; दिल्ली-NCR में गिरा पारा

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मौसम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देश के अधिकतर हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी राज्यों में तीखी ठंड के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और गिरता तापमान जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में कोहरे और ठंड को लेकर चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत पर पश्चिमी विक्षोभ और उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम का असर बना हुआ है। वहीं दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों में चक्रवातीय प्रसार के कारण गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम से बढ़ी ठंड

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ ही मध्य स्तरों में एक अन्य ट्रफ मौजूद है। उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम की रफ्तार 120 नॉट (करीब 223 किमी प्रति घंटा) तक पहुंच गई है, जो सर्दियों में पश्चिमी विक्षोभ को मजबूती देती है। इसी कारण उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड और शीतलहर का असर बना हुआ है।

17 दिसंबर की रात से एक नया, हालांकि कमजोर, पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। इसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और ठंड बनी रहेगी।

उत्तर भारत में कोहरे का अलर्ट

मौसम विभाग ने 17 से 20 दिसंबर के बीच उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना जताई है।

• पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17-18 दिसंबर को कोहरा छाया रह सकता है।

• उत्तर प्रदेश में 17 दिसंबर को बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी गई है।

• मध्य प्रदेश में 17 और 18 दिसंबर को बेहद घना कोहरा रहने के आसार हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंडी पछुआ हवाओं के कारण गलन और ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है। हवा की गति कमजोर रहने से आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

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हिमाचल प्रदेश: ऊंचे इलाकों में बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली है। लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5.7 डिग्री और ताबो में माइनस 2.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 17 और 18 दिसंबर के लिए मैदानी क्षेत्रों में कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में शुष्क ठंड

उत्तराखंड में मौसम सर्द लेकिन शुष्क बना हुआ है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। दिन में धूप से राहत मिलेगी, लेकिन रातें बेहद ठंडी रहेंगी।

शिमला में 34 साल बाद दिसंबर में गर्म रात

शिमला में 34 साल बाद दिसंबर महीने में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। सोमवार रात शिमला का न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि 17 दिसंबर 1991 को यह 13.3 डिग्री सेल्सियस था।

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दिल्ली-NCR में गिरा पारा, 5 दिन तक कोहरे का अनुमान

दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 17 से 22 दिसंबर तक हल्के से मध्यम स्तर के कोहरे का अनुमान जताया है। मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आने वाले दिनों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 22 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के अंत तक राजधानी में कड़ाके की ठंड के आसार कम हैं, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में बारिश नहीं हुई है।

मूलांक 1 से 9 तक जानिए करियर, धन, शिक्षा और भविष्य का पूरा संकेत

🔢 17 दिसंबर 2025 अंक राशिफल: मूलांक 1 से 9 तक जानिए करियर, धन, शिक्षा और भविष्य का पूरा संकेतमूलांक 1 से 9 तक जानिए करियर, धन, शिक्षा और भविष्य का पूरा संकेत

पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा)

न्यूमेरेलॉजी यानी अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म तिथि से व्यक्ति का मूलांक निकलता है, जो उसके स्वभाव, कार्यक्षेत्र, आर्थिक स्थिति और भविष्य के संकेत देता है।
आज हम आपको बता रहे हैं 17 दिसंबर 2025 का विस्तृत अंक राशिफल, जिसमें जानिए —
👉 यह अंक राशिफल पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा तैयार किया गया है।

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🔴 मूलांक 1 (Sun Number)
(जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28)
आज का प्रभाव:आज नेतृत्व क्षमता प्रबल रहेगी। अधिकारी वर्ग, राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों के लिए दिन अत्यंत अनुकूल है।
कार्य / व्यवसाय: नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, प्रमोशन या मान-सम्मान संभव।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा और सरकारी तैयारी में सफलता के संकेत।
कला / संगीत: मंचीय कला और लेखन में पहचान।
राजनीति / प्रशासन: उच्च पदस्थ लोगों से संपर्क बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि, निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजनीय देवता: सूर्यदेव

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मूलांक 2 (Moon Number)
(जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29)
आज का प्रभाव:भावनाओं पर नियंत्रण रखें, रिश्तों में मधुरता आएगी।
कार्य / व्यवसाय: साझेदारी में धैर्य जरूरी।
शिक्षा: मन भटक सकता है, ध्यान से पढ़ाई करें।
कला / संगीत: गायन, नृत्य और लेखन में प्रगति।
राजनीति: जनसंपर्क मजबूत होगा।
आर्थिक स्थिति: स्थिर, खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजनीय देवता: भगवान शिव।

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🟡 मूलांक 3 (Jupiter Number)
(जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30)
आज का प्रभाव:भाग्य का साथ मिलेगा, ज्ञान और अनुभव से लाभ होगा।
कार्य / व्यवसाय: शिक्षा, मीडिया, सलाहकार क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: उच्च अध्ययन और शोध के लिए शुभ समय।
कला / संगीत: लेखन और निर्देशन में नाम।
राजनीति: विचारों को मान्यता मिलेगी।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
शुभ रंग: पीला।
शुभ अंक: 3
पूजनीय देवता: भगवान विष्णु।

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🟤 मूलांक 4 (Rahu Number)
(जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31)
आज का प्रभाव:मेहनत ज्यादा, फल थोड़ा देर से मिलेगा।
कार्य / व्यवसाय: तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्र में संघर्ष।
शिक्षा: निरंतर अभ्यास से सफलता।
कला / संगीत: डिजाइन और फोटोग्राफी में सुधार।
राजनीति: बयानबाजी से बचें।
आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण जरूरी।
शुभ रंग: नीला।
शुभ अंक: 4
पूजनीय देवता: गणेश जी।

🟢 मूलांक 5 (Mercury Number)
(जन्म तिथि: 5, 14, 23)
आज का प्रभाव:
संवाद और संपर्क से सफलता मिलेगी।
कार्य / व्यवसाय: व्यापार, मार्केटिंग, मीडिया में लाभ।
शिक्षा: आईटी और मैनेजमेंट के लिए शुभ।
कला / संगीत: एंकरिंग और कंटेंट क्रिएशन में सफलता।
राजनीति: भाषण प्रभावशाली रहेगा।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन के योग।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजनीय देवता: भगवान गणेश।

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💖 मूलांक 6 (Venus Number)
(जन्म तिथि: 6, 15, 24)
आज का प्रभाव:
सुख-सुविधा और प्रेम जीवन बेहतर होगा।
कार्य / व्यवसाय: फैशन, डिजाइन, होटल उद्योग में लाभ।
शिक्षा: कला और रचनात्मक विषयों में रुचि
कला / संगीत: सौंदर्य और अभिनय में सफलता।
राजनीति: लोकप्रियता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: आय के साथ खर्च भी।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजनीय देवता: माता लक्ष्मी

🧘 मूलांक 7 (Ketu Number)
(जन्म तिथि: 7, 16, 25)
आज का प्रभाव:
आत्मचिंतन और धैर्य से आगे बढ़ें।
कार्य / व्यवसाय: शोध और आध्यात्मिक क्षेत्र में लाभ।
शिक्षा: ध्यान भटक सकता है।
कला / संगीत: साधना से निखार।
राजनीति: दूरी बनाकर चलें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: बैंगनी।
शुभ अंक: 7
पूजनीय देवता: भगवान शिव

मूलांक 8 (Saturn Number)
(जन्म तिथि: 8, 17, 26)
आज का प्रभाव:जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर सफलता तय है।
कार्य / व्यवसाय: सरकारी और प्रशासनिक क्षेत्र में प्रगति
शिक्षा: अनुशासन से सफलता
कला / संगीत: मेहनत से पहचान
राजनीति: संगठन में प्रभाव।
आर्थिक स्थिति: सोच-समझकर निवेश।
शुभ रंग: काला।
शुभ अंक: 8
पूजनीय देवता: शनि देव।

🔥 मूलांक 9 (Mars Number)
(जन्म तिथि: 9, 18, 27)
आज का प्रभाव:ऊर्जा और साहस से भरा दिन।
कार्य / व्यवसाय: सुरक्षा, खेल और सेवा क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में लाभ।
कला / संगीत: अभिनय और मंचीय कला में जोश।
राजनीति: सक्रिय भूमिका।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूजनीय देवता: हनुमान जी

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना

यह अंक राशिफल राष्ट्र की परम्परा द्वारा प्रमाणित नहीं है।
कृपया अपने जीवन से जुड़े बड़े निर्णय लेने से पहले किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अपनी जन्मकुंडली अवश्य दिखाएं।

राष्ट्र निर्माण में व्यक्तित्वों की भूमिका

इतिहास के पन्नों में अमर 17 दिसंबर: जिन जन्मों ने भारत की आत्मा को दिशा दी

17 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, साहित्य, राजनीति, न्याय और सिनेमा में अमिट छाप छोड़ने वाले महान व्यक्तित्वों का स्मरण दिवस है। इस दिन जन्मे व्यक्तियों ने अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ़ उपलब्धियाँ हासिल कीं, बल्कि राष्ट्र के सामाजिक-सांस्कृतिक मानस को भी समृद्ध किया। आइए, इतिहास के महत्वपूर्ण जन्मदिन पर उन व्यक्तित्वों को विस्तार से जानें, जिनकी विरासत आज भी प्रेरणा देती है।

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जॉन अब्राहम (जन्म: 17 दिसंबर 1972)

जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
जॉन अब्राहम भारतीय सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अभिनय के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर भूमिका निभाई। मॉडलिंग से फिल्मी दुनिया में आए जॉन ने धूम, मद्रास कैफे, बाटला हाउस जैसी फिल्मों से एक्शन और यथार्थवादी सिनेमा को नया आयाम दिया। वे एक सफल फिल्म निर्माता भी हैं और राष्ट्रवाद, खेल तथा पशु अधिकारों से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहते हैं। फिटनेस और अनुशासन उनके व्यक्तित्व की पहचान है, जिसने युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित किया।

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जगदीश शेट्टार (जन्म: 17 दिसंबर 1955)

जन्म स्थान: हुबली, धारवाड़ जिला, कर्नाटक, भारत
जगदीश शेट्टार कर्नाटक की राजनीति में एक सशक्त नाम रहे हैं। वे कर्नाटक राज्य के भूतपूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। प्रशासनिक अनुभव, संगठन क्षमता और जनसंपर्क उनकी राजनीतिक पहचान रही। उन्होंने शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में योगदान दिया। दक्षिण भारत की राजनीति में उनका स्थान विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

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वाहेंगबाम निपाम्चा सिंह (जन्म: 17 दिसंबर 1930)

जन्म स्थान: मणिपुर, भारत
वाहेंगबाम निपाम्चा सिंह मणिपुर के नौवें मुख्यमंत्री थे और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व माने जाते हैं। उनके कार्यकाल में मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक सुधार और क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिली। वे एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की।

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हरी देव जोशी (जन्म: 17 दिसंबर 1920)

जन्म स्थान: उदयपुर जिला, राजस्थान, भारत
हरी देव जोशी राजस्थान के भूतपूर्व सातवें मुख्यमंत्री थे और स्वतंत्रता के बाद राज्य की राजनीति को दिशा देने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष बल दिया। सादगी, संगठन कौशल और लोकतांत्रिक आचरण उनकी पहचान रही। राजस्थान की राजनीतिक चेतना के निर्माण में उनका योगदान ऐतिहासिक है।

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न्यायमूर्ति मुहम्मद हिदायतुल्लाह (जन्म: 17 दिसंबर 1905)

जन्म स्थान: नागपुर, महाराष्ट्र, भारत
मुहम्मद हिदायतुल्लाह भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे और उन्होंने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में भी देश की सेवा की। वे संवैधानिक कानून के महान विद्वान माने जाते हैं। न्यायपालिका की स्वतंत्रता, विधि की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में उनका योगदान अतुलनीय है। उनका जीवन भारतीय संविधान की आत्मा को समझने का सजीव उदाहरण है।

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लक्ष्मी नारायण मिश्र (जन्म: 17 दिसंबर 1903)

जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
लक्ष्मी नारायण मिश्र हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार और एकांकी लेखक थे। उन्होंने सामाजिक यथार्थ, मनोवैज्ञानिक द्वंद्व और मानवीय संवेदनाओं को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया। हिंदी एकांकी परंपरा को समृद्ध करने में उनका विशेष योगदान रहा। उनके नाटक आज भी साहित्यिक विमर्श में प्रासंगिक माने जाते हैं।

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सखाराम गणेश देउसकर (जन्म: 17 दिसंबर 1869)

जन्म स्थान: बंगाल (तत्कालीन), भारत
सखाराम गणेश देउसकर एक क्रांतिकारी लेखक, इतिहासकार और निर्भीक पत्रकार थे। उनकी प्रसिद्ध कृति देशेर कथा ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना जगाने का कार्य किया। उन्होंने औपनिवेशिक शोषण का विश्लेषण कर जनता को जागरूक किया। स्वतंत्रता आंदोलन के वैचारिक पक्ष को सशक्त बनाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

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अब्दुर्रहीम ख़ान-ए-ख़ाना ‘रहीम’ (जन्म: 17 दिसंबर 1556)

जन्म स्थान: लाहौर (तत्कालीन मुगल साम्राज्य), वर्तमान पाकिस्तान
रहीम बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक और हिंदी-फारसी साहित्य के महान कवि थे। उनके दोहे आज भी जन-जन की जुबान पर हैं। उन्होंने मानवता, करुणा, नीति और प्रेम को सरल शब्दों में व्यक्त किया। सांस्कृतिक समन्वय और भाषाई सौहार्द के प्रतीक के रूप में रहीम का स्थान अद्वितीय है।

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निष्कर्ष – 17 दिसंबर को जन्मे ये महान व्यक्तित्व विभिन्न युगों और क्षेत्रों से होकर भी एक सूत्र में बंधे हैं—राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण। इनकी जीवन यात्राएँ आज भी प्रेरणा देती हैं और इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं।

पंचांग केवल समय नहीं बताता, यह कर्म और चेतना के संतुलन का मार्गदर्शक है।

🌺 पंचांग 17 दिसंबर 2024, मंगलवार | आज का विस्तृत हिंदू पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, यात्रा दिशा, योग व राशिफल संकेत 🌺

📜 पंचांग 17/12/2024 | December 17, 2024

दिन: मंगलवार
तिथि: पौष कृष्ण पक्ष द्वितीया (10:56 AM तक), उपरांत तृतीया
विक्रम संवत: 2081 (पिंगल)
शक संवत: 1946 (क्रोधी)
अमांत मास: मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास: पौष
ऋतु: हेमंत
अयन: दक्षिणायन

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🌙 तिथि का विस्तार

कृष्ण पक्ष द्वितीया: 16 दिसंबर 12:27 PM से 17 दिसंबर 10:56 AM
कृष्ण पक्ष तृतीया: 17 दिसंबर 10:56 AM से 18 दिसंबर 10:06 AM

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नक्षत्र
पुनर्वसु: 17 दिसंबर 01:13 AM से 18 दिसंबर 12:44 AM
पुष्य: 18 दिसंबर 12:44 AM से 19 दिसंबर 12:58 AM

🔱 योग
ब्रह्म योग: 16 दिसंबर 11:22 PM से 17 दिसंबर 09:10 PM
इन्द्र योग: 17 दिसंबर 09:10 PM से 18 दिसंबर 07:33 PM

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🔔 करण
गर: 16 दिसंबर 11:37 PM से 17 दिसंबर 10:56 AM
वणिज: 17 दिसंबर 10:56 AM से 10:26 PM
विष्टि (भद्रा): 17 दिसंबर 10:26 PM से 18 दिसंबर 10:06 AM

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☀️ सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:05 AM
सूर्यास्त: 05:40 PM
चन्द्रोदय: 07:43 PM
चन्द्रास्त: 18 दिसंबर 09:44 AM

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♐ सूर्य राशि
सूर्य: धनु राशि
♊♋ चंद्र राशि
मिथुन: 06:47 PM तक
कर्क: 06:47 PM के बाद

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अशुभ काल
राहुकाल: 03:01 PM – 04:20 PM
यमगण्ड: 09:44 AM – 11:03 AM
कुलिक काल: 12:23 PM – 01:42 PM
दुर्मुहूर्त: 09:12 AM – 09:55 AM, 11:02 PM – 11:56 PM
वर्ज्यम्: 12:58 PM – 02:32 PM

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शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:30 AM – 06:18 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:01 PM – 12:44 PM
अमृत काल: 10:22 PM – 11:56 PM

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🌸 विशेष योग
त्रिपुष्कर योग: 07:05 AM – 10:56 AM
आनन्दादि योग:
सुस्थिर (12:44 AM तक)
वर्धमान

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🌼 सर्वार्थसिद्धि योग
👉 आज सर्वार्थसिद्धि योग नहीं बन रहा है, फिर भी त्रिपुष्कर योग के कारण कुछ कार्यों में विशेष लाभ संभव है।

🚩 दिशा शूल व यात्रा विचार
मंगलवार: उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
यदि यात्रा आवश्यक हो:
गुड़ या मीठा खाकर यात्रा करें।
लाभदायक यात्रा दिशा:
पूर्व एवं दक्षिण दिशा में यात्रा शुभ फलदायक मानी जाती है।

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🧿 चंद्र बल (राशि अनुसार)
06:47 PM तक:
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
06:47 PM के बाद:
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ

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📝 नोट – इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए ‘राष्ट्र की परम्परा’ उत्तरदायी नहीं है। कृपया किसी भी धार्मिक, ज्योतिषीय या महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य विद्वान अथवा आचार्य से परामर्श अवश्य लें।
🌼 राष्ट्र की परम्परा – सनातन ज्ञान की विश्वसनीय प्रस्तुति 🌼

स्वतंत्रता संग्राम से कला जगत तक: स्मृतियों का संगम

17 दिसंबर: इतिहास के पन्नों में दर्ज वे अमर नाम, जिनके निधन ने युगों को मौन कर दिया

17 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय और विश्व इतिहास में उन महान व्यक्तित्वों की स्मृति का दिन है, जिनके विचार, संघर्ष और योगदान आज भी समाज को दिशा देते हैं। राजनीति, कला, स्वतंत्रता आंदोलन, संगीत और सत्ता के केंद्र तक—इस दिन जिन विभूतियों का निधन हुआ, उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए 17 दिसंबर को हुए महत्वपूर्ण निधन पर विस्तार से दृष्टि डालते हैं और उनके जीवन, जन्म-स्थल तथा राष्ट्रहित में योगदान को स्मरण करते हैं।

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सत्य देव सिंह (निधन: 17 दिसंबर 2020)

क्षेत्र: राजनीति
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत

सत्य देव सिंह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और जमीनी स्तर से जुड़े राजनेता थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। ग्रामीण और पिछड़े वर्गों की समस्याओं को सदन तक पहुँचाने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। अनुशासन, सादगी और पार्टी निष्ठा उनके राजनीतिक जीवन की पहचान थी। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करने में अहम योगदान दिया।

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इक़बाल अहमद ख़ान (निधन: 17 दिसंबर 2020)

क्षेत्र: शास्त्रीय संगीत (दिल्ली घराना)
जन्म स्थान: दिल्ली, भारत

इक़बाल अहमद ख़ान दिल्ली घराने के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया। खयाल गायकी में उनकी पकड़, रागों की सूक्ष्म समझ और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने मंचीय प्रस्तुतियों के साथ-साथ शिष्यों के माध्यम से संगीत की विरासत को जीवित रखा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में एक अमूल्य योगदान है।

श्रीराम लागू (निधन: 17 दिसंबर 2019)

क्षेत्र: सिनेमा और रंगमंच
जन्म स्थान: सतारा जिला, महाराष्ट्र, भारत

श्रीराम लागू भारतीय सिनेमा और मराठी रंगमंच के दिग्गज कलाकार थे। उन्होंने सशक्त अभिनय, बौद्धिक संवादों और सामाजिक विषयों को अपने किरदारों में जीवंत किया। हिंदी और मराठी फिल्मों में उनके चरित्र आज भी याद किए जाते हैं। रंगमंच से लेकर बड़े पर्दे तक, उन्होंने अभिनय को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक विमर्श का माध्यम बनाया। उनका योगदान भारतीय कला-जगत के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया (निधन: 17 दिसंबर 1959)

क्षेत्र: स्वतंत्रता आंदोलन, पत्रकारिता, गांधीवाद
जन्म स्थान: आंध्र प्रदेश, भारत

पट्टाभि सीतारामैया एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और कट्टर गांधीवादी विचारक थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को प्रामाणिक रूप से संकलित किया और पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। अहिंसा, सत्य और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा ने स्वतंत्र भारत की वैचारिक नींव को मजबूत किया।

राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी (निधन: 17 दिसंबर 1927)

क्षेत्र: क्रांतिकारी आंदोलन
जन्म स्थान: पाबना जिला (तत्कालीन बंगाल प्रेसीडेंसी), भारत

राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी भारत के अमर शहीद और निर्भीक क्रांतिकारियों में से एक थे। काकोरी कांड में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का मार्ग चुना और देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान भारतीय युवाओं में राष्ट्रप्रेम और साहस की भावना का प्रतीक है।

नूरजहां (निधन: 17 दिसंबर 1645)

क्षेत्र: मुग़ल शासन, राजनीति
जन्म स्थान: कंधार (वर्तमान अफगानिस्तान) / पालन-पोषण: भारत

नूरजहां मुग़ल सम्राट जहांगीर की पत्नी थीं, लेकिन वे केवल एक महारानी नहीं, बल्कि मुग़ल सत्ता की निर्णायक शक्ति थीं। प्रशासनिक निर्णयों, कूटनीति, कला और वास्तुकला में उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का एक प्रारंभिक उदाहरण प्रस्तुत किया और मुग़ल दरबार में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई।

17 दिसंबर को हुए ये निधन हमें यह स्मरण कराते हैं कि व्यक्ति भले ही नश्वर हो, लेकिन उसके कर्म, विचार और योगदान समय की सीमाओं से परे जीवित रहते हैं। ये सभी व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में प्रकाशस्तंभ की तरह हैं, जिनकी स्मृति इतिहास को दिशा देती रहेगी।

करियर, धन और स्वास्थ्य का संपूर्ण भविष्यफल

आज का राशिफल 17 दिसंबर 2025 (बुधवार) | मेष से मीन तक भविष्यफल

पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत विशेष राशिफल

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुधवार का दिन बुद्ध ग्रह और भगवान गणेश को समर्पित होता है। 17 दिसंबर 2025 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए उन्नति, तो कुछ के लिए सावधानी का संकेत दे रही है। यह राशिफल सामान्य गणनाओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य पाठकों को दिन की संभावित दिशा से अवगत कराना है।

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मेष राशि (Aries ♈)
नाम अक्षर: अ, ल, च, ए
आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यवसाय में जोखिम सोच-समझकर लें। छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा। कला व खेल से जुड़े लोगों को पहचान मिल सकती है। राजनीति व प्रशासन में सक्रियता बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी

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वृषभ राशि (Taurus ♉)
नाम अक्षर: ब, व, उ, ए
नौकरी व व्यापार में बदलाव के संकेत हैं। शिक्षा क्षेत्र में सफलता मिलेगी। कला-संगीत से जुड़े लोगों को अवसर मिल सकते हैं। राजनीतिक लोगों को जनसमर्थन मिलेगा। धन लाभ के योग हैं, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां लक्ष्मी

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मिथुन राशि (Gemini ♊)
नाम अक्षर: क, छ, घ
कामकाज में अनुशासन जरूरी है। व्यापार में खर्च बढ़ सकता है। छात्रों को एकाग्रता रखनी होगी। मीडिया, लेखन, कला से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। राजनीति में बयानबाजी से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान गणेश

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कर्क राशि (Cancer ♋)
नाम अक्षर: ड, ह
कार्यक्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। शिक्षा में मार्गदर्शन लाभ देगा। कला-साहित्य में रुचि बढ़ेगी। प्रशासनिक सेवा में कार्यरत लोगों को सम्मान मिल सकता है। खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: भगवान शिव

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सिंह राशि (Leo ♌)
नाम अक्षर: म, ट
नेतृत्व क्षमता निखरेगी। व्यापार में नए संपर्क बनेंगे। छात्रों को प्रतियोगिता में सफलता संभव है। राजनीति में प्रभाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य व खर्च दोनों पर ध्यान दें।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव

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कन्या राशि (Virgo ♍)
नाम अक्षर: प, ठ, ण
नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा। शिक्षा में निरंतर प्रयास जरूरी है। कला व डिजाइन से जुड़े लोगों के लिए रचनात्मक दिन है। तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान विष्णु

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तुला राशि (Libra ♎)
नाम अक्षर: र, त
टीमवर्क से सफलता मिलेगी। व्यापारिक सौदे लाभ देंगे। छात्रों को नई दिशा मिल सकती है। राजनीति में संतुलित रवैया अपनाएं। आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां दुर्गा

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वृश्चिक राशि (Scorpio ♏)
नाम अक्षर: न, य
कामकाज में गोपनीयता रखें। व्यापार में निवेश सोचकर करें। शिक्षा में रिसर्च कार्य सफल रहेगा। कला व अभिनय में पहचान मिल सकती है। भावनात्मक संतुलन जरूरी है।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: भगवान भैरव

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धनु राशि (Sagittarius ♐)
नाम अक्षर: भ, ध, फ
यात्रा के योग हैं। व्यवसाय में विस्तार होगा। छात्रों को उच्च शिक्षा में सफलता संभव है। राजनीति में नए अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: भगवान विष्णु

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मकर राशि (Capricorn ♑)
नाम अक्षर: ख, ज
नौकरी में प्रशंसा मिलेगी। व्यापार में स्थिर लाभ होगा। प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए दिन श्रेष्ठ है। धन संचय के योग हैं।
शुभ रंग: स्लेटी | शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: शनिदेव

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कुंभ राशि (Aquarius ♒)
नाम अक्षर: ग, स
नई योजनाएं सफल होंगी। शिक्षा व तकनीकी क्षेत्र में उन्नति होगी। कला-संगीत में नए प्रयोग लाभ देंगे। राजनीति में सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान शिव

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मीन राशि (Pisces ♓)
नाम अक्षर: द, च
कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ेगी। व्यापार में लाभ के योग हैं। छात्रों को मार्गदर्शन मिलेगा। कला व आध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष है। खर्च संतुलित रखें।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: भगवान कृष्ण

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डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। राष्ट्र की परंपरा या यह मंच इसकी पूर्ण सत्यता का प्रमाण नहीं देता। अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य कराएं।