Saturday, June 27, 2026
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विकास और जनकल्याण को लेकर विधायक का भरोसा

विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस का जनसंपर्क दौरा, गोगेपुर में जरूरतमंदों को कंबल वितरण

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।कटरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने गुरुवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गोगेपुर, पिपरथरा, गढ़िया रंगीन और खमरिया समेत कई गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं, विकास कार्यों और आवश्यक सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी, जिस पर विधायक ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दौरे के अंत में विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने गोगेपुर में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। स्थानीय निवासी रामशंकर गुप्ता के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में जरूरतमंद, असहाय और गरीब लोगों को ठंड से राहत देने के उद्देश्य से कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ दिखाई दिया।

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विधायक ने कहा कि ठंड के मौसम में गरीबों और असहाय वर्ग की सहायता करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा और जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्य आगे भी लगातार जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।

ग्रामीणों ने विधायक के दौरे का स्वागत करते हुए क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी और अन्य स्थानीय समस्याओं को भी विधायक के समक्ष रखा। विधायक ने भरोसा दिलाया कि सभी जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा और क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। विधायक के जनसंपर्क दौरे और कंबल वितरण से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

प्राथमिक शिक्षक संघ कांट ब्लॉक को मिला नया नेतृत्व

प्राथमिक शिक्षक संघ का सर्वसम्मति से निर्वाचन, देवेंद्र सिंह अध्यक्ष निर्वाचित

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जनपद के कांट विकासखंड में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाई का निर्वाचन गुरुवार को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह निर्वाचन ब्लॉक संसाधन केंद्र कांट में आयोजित किया गया, जिसमें सभी पदों पर सर्वसम्मति से चयन किया गया।

निर्वाचन प्रक्रिया के तहत कंपोजिट विद्यालय नारायणपुर पट्टी में तैनात सहायक अध्यापक देवेंद्र सिंह को कांट ब्लॉक का अध्यक्ष चुना गया, जबकि कंपोजिट विद्यालय मल्लपुर के सहायक अध्यापक उमेश चंद्र सक्सेना को ब्लॉक मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्राथमिक विद्यालय भैंसटा खुर्द के प्रधानाध्यापक विजयकांत को संगठन का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

जिला इकाई द्वारा वरिष्ठ शिक्षक रमेश पाल एवं विष्णु पाल सिंह को ब्लॉक शाखा का संरक्षक घोषित किया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर प्राथमिक विद्यालय कमलनैनपुर के सहायक अध्यापक डॉ. अख्तर अली, जबकि महिला उपाध्यक्ष पद पर प्राथमिक विद्यालय नगला बनवारी की प्रधानाध्यापक सुषमा मौर्य निर्वाचित हुईं। उपाध्यक्ष पद के लिए प्रिया वर्मा, अजीज अहमद, आलोक कुमार मिश्रा एवं राहुल मिश्रा का चयन किया गया।

संयुक्त मंत्री पद की जिम्मेदारी मनोज कुमार सिंह और दीपक अग्निहोत्री को सौंपी गई, वहीं संगठन मंत्री पद पर रणवीर सिंह एवं अमित कनौजिया निर्वाचित घोषित किए गए।

निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी जिला संयुक्त मंत्री डॉ. विनय गुप्ता एवं पुवायां ब्लॉक अध्यक्ष अश्वनी अवस्थी ने पर्यवेक्षक के रूप में की। निर्वाचन उपरांत जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मंत्री देवेश बाजपेई सहित अन्य पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित टीम को माल्यार्पण कर शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शिक्षक हितों की रक्षा, संगठन को मजबूत बनाने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प दोहराया।

सुरक्षा, संस्कृति और समन्वय पर प्रशासन का विशेष फोकस

गोरखपुर महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम दीपक मीणा ने की समीक्षा बैठक

गोरखपुर। (राष्ट्र की परम्परा)जनपद की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने वाले गोरखपुर महोत्सव 2026 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपक मीणा ने की। यह तीन दिवसीय महोत्सव 11, 12 और 13 जनवरी 2026 को चम्पा देवी पार्क, गोरखपुर में आयोजित किया जाएगा।

बैठक में अब तक की गई तैयारियों की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गोरखपुर महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनपद की सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन पहचान का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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गोरखपुर महोत्सव 2026 के दौरान पत्रकारों, अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के लिए पास व्यवस्था, बाहरी कलाकारों एवं रंगकर्मियों के ठहरने, भोजन और आवागमन की सुविधाओं पर विशेष चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिया कि कलाकारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

दर्शकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस विभाग को भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, आपातकालीन सेवाओं और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात पुलिस को पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखने और यातायात संचालन को निर्बाध बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में बताया गया कि गोरखपुर महोत्सव 2026 का उद्घाटन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति प्रस्तावित है, जहां वे खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। इसे देखते हुए प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

महोत्सव की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, टैलेंट हंट, इंटर स्कूल प्रतियोगिताएं, महिला प्रतियोगिताएं, स्थानीय कलाकारों को मंच, व्यावसायिक स्टॉल और फूड कोर्ट जैसे अनेक आकर्षण शामिल होंगे। प्रशासन का लक्ष्य इसे अब तक का सबसे बड़ा और यादगार गोरखपुर महोत्सव बनाना है।

बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह, पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक यातायात राजकुमार पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पंजीयन नवीनीकरण नहीं कराया तो बंद हो जाएंगी सरकारी सुविधाएं

निर्माण श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण की समय सीमा बढ़ी, अब 31 दिसंबर 2025 तक मिलेगा लाभ का अवसर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन नवीनीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी गणेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन श्रमिकों ने अब तक अपने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें अब 31 दिसंबर 2025 तक का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।

पहले यह समय सीमा 15 नवंबर 2025 निर्धारित की गई थी, लेकिन श्रमिकों की सुविधा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन हजारों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो किसी कारणवश समय पर नवीनीकरण नहीं करा सके थे।

समय पर नवीनीकरण न कराने पर होंगे गंभीर नुकसान

श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई निर्माण श्रमिक 31 दिसंबर 2025 तक पंजीयन नवीनीकरण नहीं कराता है, तो उसका पंजीयन निष्क्रिय सूची में डाल दिया जाएगा। इसके बाद वह श्रमिक बोर्ड की ओर से संचालित योजनाओं जैसे—आर्थिक सहायता, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सुविधा, विवाह अनुदान और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित हो जाएगा।

ऑनलाइन और CSC के माध्यम से करा सकते हैं नवीनीकरण

निर्माण श्रमिक अपना पंजीयन नवीनीकरण किसी भी नजदीकी सहज जन सेवा केंद्र (CSC) या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट UPBOCW.IN के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं। नवीनीकरण शुल्क मात्र 20 रुपये प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है।

श्रमिकों से की गई विशेष अपील

श्रम विभाग ने सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते पंजीयन नवीनीकरण कराकर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित करें।

मरीजों से सम्मानजनक व्यवहार और रेफरल मामलों में कमी के निर्देश

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की अहम बैठक, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों के प्रबंधन को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय की बैठक जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिला महिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय पुरुष तथा घोसी के टड़ियाव स्थित 100 शैय्या युक्त अस्पताल की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, मेजर और माइनर सर्जरी जैसी सेवाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि समय से डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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जिला महिला चिकित्सालय में डाटा ऑपरेटर की कमी के कारण उत्पन्न समस्याओं पर जिलाधिकारी ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में खराब सीवर और नाली व्यवस्था को लेकर नगर पालिका को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के लिए कहा गया।

जिला चिकित्सालय पुरुष में बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष ओपीडी, आईपीडी, एक्सरे, सीटी स्कैन और सर्जरी सेवाओं में बेहतर प्रगति दर्ज की गई। यहां ऑक्सीजन प्लांट स्थापना की मांग पर जिलाधिकारी ने शासन से पत्राचार कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।

वहीं टड़ियाव घोसी स्थित सौ शैय्या अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से संस्थागत प्रसव प्रभावित होने की जानकारी दी गई। इस पर भी जिलाधिकारी ने शीघ्र समाधान के संकेत दिए।

बैठक में रेफरल मामलों में अनावश्यक वृद्धि पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि केवल आवश्यक मामलों में ही रेफर किया जाए। इस बैठक में संबंधित सीएमएस, नगर पंचायत प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अपराध नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन, थाना घोसी को मिला जिले में पहला स्थान

थाना घोसी बना जनपद का नंबर-1 थाना, उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद मऊ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में प्रभावी कार्रवाई के लिए थाना घोसी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिला स्तर पर किए गए समग्र मूल्यांकन में थाना घोसी को जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह सफलता थाना स्तर पर बेहतर पुलिसिंग, जनसंपर्क और त्वरित कार्रवाई का परिणाम मानी जा रही है।

क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक इलामारन ने थाना घोसी के कार्यों की गहन समीक्षा की। समीक्षा में अपराधों के समयबद्ध निस्तारण, नियमित गश्त व्यवस्था, फरियादियों की समस्याओं का त्वरित समाधान, शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई और जनता से संवाद की मजबूत प्रणाली को सराहा गया। इन्हीं मानकों के आधार पर थाना घोसी को जिले का सर्वश्रेष्ठ थाना घोषित किया गया।

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इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह, हेड मोहर्रिर इंद्रेश यादव, आरक्षी अवनीश कुमार यादव और महिला आरक्षी काजल सिंह शामिल हैं। सभी को प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

पुलिस अधीक्षक इलामारन ने कहा कि थाना घोसी की इस उपलब्धि के पीछे पूरी टीम की मेहनत, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करना भी है। थाना घोसी की टीम ने दोनों ही स्तरों पर सराहनीय प्रदर्शन किया है।

अंत में पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को भविष्य में भी इसी समर्पण, पारदर्शिता और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। थाना घोसी की यह सफलता अन्य थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है।

ओमान में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत, भारत–ओमान रिश्तों को मिली नई मजबूती

मस्कट (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री मोदी ओमान दौरा भारत और ओमान के बीच गहरे होते रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया है। ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मस्कट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पूरे सम्मान और शान के साथ औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ओमान की सेना की सुसज्जित टुकड़ी, अनुशासित कदमताल और औपचारिक सैन्य सम्मान ने भारत के प्रति ओमान के आदर और मित्रता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ओमान के रक्षा मामलों के उप प्रधानमंत्री सैयद शहाब बिन तारिक अल सईद ने गर्मजोशी से किया। यह यात्रा ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारीख के विशेष निमंत्रण पर हो रही है और भारत–ओमान के 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों का भी अहम पड़ाव मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ओमान दौरा उनके तीन देशों के विदेश दौरे का तीसरा और अंतिम चरण है, इससे पहले वे इथियोपिया और जॉर्डन का दौरा कर चुके हैं।

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ओमान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ओमान की धरती भारत की पुरानी मित्र रही है, जहां ऐतिहासिक संबंधों की मजबूत नींव मौजूद है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खोलेगी और द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगी।

हवाई अड्डे के बाद होटल पहुंचने पर भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। ओमान में रह रहे भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम में राजस्थान का घूमर, गुजराती लोकगीत और कर्नाटक के पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। इसके साथ ही ओमानी कलाकारों की पारंपरिक प्रस्तुतियों ने इस अवसर को और भी खास बना दिया।

रणनीतिक दृष्टि से प्रधानमंत्री मोदी ओमान दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान भारत और ओमान के बीच कई अहम समझौतों पर चर्चा की संभावना है। सबसे प्रमुख मुद्दा भारत–ओमान व्यापक व्यापार समझौता (FTA) है। भारत सरकार पहले ही इस मुक्त व्यापार समझौते को लेकर आशावाद जता चुकी है और हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। यह समझौता दोनों देशों के व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रोजगार के नए अवसर खोल सकता है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का ओमान दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि यह भारत–ओमान मित्रता को आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित हो सकता है।

कांग्रेस की कार्यसमिति की 27 को होगी बैठक

लोकसभा में ‘विकसित भारत–ग्राम रोजगार और आजीविका मिशन संशोधन विधेयक’ पर तीखी बहस, विपक्ष का विरोध तेज

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोकसभा में बुधवार को विकसित भारत-ग्राम रोजगार और आजीविका मिशन संशोधन विधेयक पर करीब 14 घंटे तक लंबी और तीखी बहस हुई। विपक्षी दलों ने इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजने की जोरदार मांग की, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया।

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमएनआरईजीए) के नाम परिवर्तन और इसके वित्तपोषण ढांचे में बदलाव को लेकर कड़ा एतराज जताया। कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि एमएनआरईजीए का नाम बदलकर ‘वीबी जी राम जी’ किया जाना महात्मा गांधी की विरासत का अपमान है। इसी मुद्दे पर बुधवार सुबह कांग्रेस नेताओं और विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान “महात्मा गांधी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे” जैसे नारे लिखे पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए।

ये भी पढ़ें –एआई तकनीक से होगी हाथियों की पहचान, रेलवे–वन विभाग का संयुक्त प्रयास

इस बीच, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की अहम बैठक 27 दिसंबर को प्रस्तावित है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात, संसद में उठे मुद्दों और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

18वीं लोकसभा के छठे सत्र में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। नियम 193 के तहत दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गंभीर होते वायु प्रदूषण पर विशेष बहस रखी गई। सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कनिमोझी करुणानिधि और बंसुरी स्वराज ने दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता और इसके सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताने की बात कही।

सदन की कार्यवाही की शुरुआत पूर्व सांसदों दारूर पुल्लैया, प्रो. महादेवराव शिवंकर, कुसुमा कृष्ण मूर्ति और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन पर श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके बाद प्रश्नकाल और विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर चर्चा आगे बढ़ी।

एआई तकनीक से होगी हाथियों की पहचान, रेलवे–वन विभाग का संयुक्त प्रयास

हावड़ा–मुंबई रेल मार्ग पर हाथियों की आवाजाही से अलर्ट, चक्रधरपुर रेल मंडल में कई मेमू व पैसेंजर ट्रेनें रद्द

चक्रधरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर हाथियों की लगातार आवाजाही के चलते रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रियों और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने एहतियातन पांच जोड़ी मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह कदम बुधवार, 17 दिसंबर को रेल पटरियों के आसपास हाथियों के लगातार विचरण की सूचना मिलने के बाद उठाया गया।

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रेलवे अधिकारियों के अनुसार नुआगांव–राउरकेला, चक्रधरपुर–राउरकेला और राउरकेला–झारसुगुड़ा रेल खंडों में हाथियों की गतिविधि सबसे अधिक देखी जा रही है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैक की लगातार निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनज़र लंबी दूरी की ट्रेनों की गति घटाकर 10 किलोमीटर प्रति घंटे कर दी गई है। साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों के लोको पायलटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हॉर्न बजाते हुए सतर्कता के साथ आगे बढ़ें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

रद्द की गई ट्रेनों में चक्रधरपुर–राउरकेला मेमू, टाटा–राउरकेला–टाटा मेमू, हटिया–झारसुगुड़ा–हटिया मेमू, राउरकेला–झारसुगुड़ा–राउरकेला मेमू और बिरमित्रपुर–बरसुवां–बिरमित्रपुर पैसेंजर शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रेलवे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हाथी घुसपैठ पहचान प्रणाली (EIDS) स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वन विभाग और चक्रधरपुर रेल मंडल प्रशासन आपसी समन्वय से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ने और रेल पटरियों पर उनके प्रवेश को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रेलवे का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक निगरानी और एहतियाती कदम जारी रहेंगे।

डीडीयू में यूजी-पीजी स्तर पर स्वयम पाठ्यक्रम होंगे लागू, महाविद्यालयों में भी प्रभावी क्रियान्वयन

एनईपी 2020 के अनुरूप मिश्रित शिक्षा से 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रावधानों के अनुरूप उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, लचीलापन और डिजिटल अधिगम को सशक्त बनाने की दिशा में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय वर्ष 2026 से स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर स्वयम (SWAYAM) पोर्टल के माध्यम से पाठ्यक्रम लागू करेगा। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से अध्ययन का अवसर मिलेगा।
           इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति पूनम टंडन ने कहा कि एनईपी 2020 के तहत मिश्रित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को देश के शीर्ष शिक्षकों और प्रतिष्ठित संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देती है। स्वयम जैसे राष्ट्रीय डिजिटल मंच के माध्यम से विषयगत ज्ञान के साथ कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा।

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कुलपति ने बताया कि स्वयम के माध्यम से विद्यार्थी अधिकतम 40 प्रतिशत क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे, जिन्हें विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था में नियमानुसार समाहित किया जाएगा। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ 350 से अधिक संबद्ध महाविद्यालयों में भी अनिवार्य रूप से लागू होगी, जिससे विश्वविद्यालय से जुड़े 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। शीघ्र ही सभी प्राचार्यों को औपचारिक पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
         उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को स्वयम पाठ्यक्रमों की परीक्षा में सम्मिलित होने का विकल्प दिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय स्तर पर भी परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि किसी भी विद्यार्थी को असुविधा न हो।
         स्नातक स्तर पर एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स और स्किल एन्हांसमेंट पाठ्यक्रमों का एक पूल उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें से विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार चयन कर सकेंगे। ये पाठ्यक्रम अनिवार्य होंगे और विद्यार्थियों की क्षमता, कौशल तथा रोजगारपरक दक्षता को सुदृढ़ करेंगे।
           स्नातकोत्तर स्तर पर भी इस सेमेस्टर से प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम एक स्वयम आधारित पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का व्यावहारिक और बहुविषयक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
             इस अवसर पर स्वयम पोर्टल के नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा स्वयम पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों और शिक्षकों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। स्वयम के माध्यम से उपलब्ध बहुविषयक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाई देंगे।

पत्रकार पंकज मिश्रा हत्या मामला: दो आरोपी गिरफ्तार, जांच में कई सनसनीखेज खुलासे

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र के जाखन में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमित सहगल (51) निवासी कैंट क्षेत्र देहरादून और पार्थो शील (45) निवासी मुंबई शामिल हैं। यह गिरफ्तारी मृतक पत्रकार के भाई अरविंद मिश्रा की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे के बाद की गई।

पुलिस के अनुसार, 15 दिसंबर की रात जाखन स्थित दून विहार में पत्रकार पंकज मिश्रा के घर में कुछ लोग जबरन घुस आए। आरोप है कि अमित सहगल ने अपने साथियों के साथ मिलकर पत्रकार के साथ बेरहमी से मारपीट की। हमले के दौरान सीने और पेट पर लगातार लात-घूंसे मारे गए, जिससे मौके पर ही उनके मुंह से खून निकलने लगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को यह जानकारी थी कि पंकज मिश्रा दिल और लिवर की बीमारी से पीड़ित थे।

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मारपीट के बाद आरोपियों ने पंकज मिश्रा का मोबाइल फोन छीना और जब उनकी पत्नी लक्ष्मी ने पुलिस को फोन करने की कोशिश की तो उसका फोन भी छीनकर बदसलूकी की गई। किसी तरह आरोपियों के जाने के बाद पंकज मिश्रा ने राहगीर के फोन से पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रात में मेडिकल जांच न कराने की बात कहकर पंकज मिश्रा ने सुबह कार्रवाई की बात कही।

घटना के कुछ घंटे बाद तड़के करीब तीन बजे अचानक पेट दर्द की शिकायत के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें दून अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों की मांग पर डॉक्टरों के पैनल द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103, 304, 333 और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर पंकज मिश्रा द्वारा की गई एक पोस्ट से नाराज होकर यह हमला किया गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी, मकान मालिक और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं।

एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए साइबर सेल, एसओजी और फोरेंसिक टीम को लगाया गया है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी होगी।

आंखों के इलाज के लिए गुपचुप दिल्ली यात्रा, मीसा भारती के आवास पर ठहरे राजद सुप्रीमो

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता लालू प्रसाद यादव एक बार फिर स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली पहुंचे हैं। इस बार उनकी यात्रा पूरी तरह गोपनीय रखी गई। आंखों की गंभीर समस्या से जूझ रहे लालू यादव अचानक दिल्ली आए और अपनी बेटी व राज्यसभा सांसद मीसा भारती के आवास पर ठहरे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों को भी इसकी भनक नहीं लगी, जिससे उनकी यात्रा चर्चा का विषय बन गई है।

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सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ दिनों से लालू प्रसाद यादव की आंखों की रोशनी में अचानक गिरावट आई थी। जिस आंख में पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो चुका है, उसी आंख से उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें पटना स्थित आईजीआईएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने सलाह दी कि उसी अस्पताल में परामर्श लिया जाए, जहां पूर्व में ऑपरेशन हुआ था।

परिवार ने किसी भी तरह की सार्वजनिक जानकारी दिए बिना उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। दिल्ली पहुंचने के बाद वे सीधे मीसा भारती के आवास पर रुके, जहां से उन्हें एक बड़े निजी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास ले जाया गया। वहां आंखों की विस्तृत जांच की गई और फिलहाल दवाइयां दी गई हैं। डॉक्टरों ने दो दिन बाद पुनः जांच के लिए बुलाया है।

इलाज के दौरान पूरा परिवार लगातार संपर्क में है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विदेश में होने के कारण दिल्ली नहीं पहुंच सके, लेकिन वे फोन और वीडियो कॉल के जरिए चिकित्सकीय सलाह में शामिल रहे। रोहिणी आचार्य ने भी फोन पर बात कर पिता का हौसला बढ़ाया। राबड़ी देवी फिलहाल पटना में हैं, जबकि तेज प्रताप यादव के शीघ्र दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

लालू प्रसाद यादव का स्वास्थ्य बिहार की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जाता है। समर्थक उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

सुकमा मुठभेड़ में तीन माओवादी ढेर, महिला नक्सली भी शामिल; 2025 में अब तक 284 नक्सलियों का सफाया

रायपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला माओवादी समेत तीन नक्सली मारे गए। यह मुठभेड़ जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में हुई, जहां माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम को माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना किया गया था।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 18 दिसंबर की सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए ऑपरेशन को बेहद सतर्कता के साथ अंजाम दिया गया। मुठभेड़ स्थल से हथियार और अन्य नक्सली सामग्री बरामद होने की भी संभावना जताई जा रही है। अभियान के पूरी तरह समाप्त होने के बाद सुरक्षाबलों द्वारा विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

इस ताजा कार्रवाई के साथ ही वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में अब तक मुठभेड़ों में मारे गए नक्सलियों की संख्या 284 तक पहुंच गई है। इनमें से सबसे अधिक 255 नक्सली बस्तर क्षेत्र में ढेर किए गए हैं, जिसमें बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा समेत सात जिले शामिल हैं। वहीं रायपुर रेंज के अंतर्गत गरियाबंद जिले में 27 नक्सली मारे गए हैं। दुर्ग रेंज के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 16 दिसंबर को बीजापुर जिले में 34 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इनमें सात महिलाएं भी शामिल थीं और 26 नक्सलियों पर कुल 84 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, ये नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, तेलंगाना स्टेट कमेटी और आंध्र-ओडिशा सीमा डिवीजन में सक्रिय थे। लगातार हो रही मुठभेड़ और सरेंडर की घटनाएं छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही हैं।

EOW जांच में नया मोड़, IPC 420 के तहत बढ़ी कानूनी मुश्किल

शिल्पा शेट्टी–राज कुंद्रा पर 60 करोड़ की कथित धोखाधड़ी: EOW ने IPC की धारा 420 जोड़ी

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति बिजनेसमैन राज कुंद्रा के खिलाफ 60 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में जांच तेज कर दी है। यह मामला मुंबई के कारोबारी दीपक कोठारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप है कि दंपति की अब बंद हो चुकी कंपनी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए उन्हें निवेश के नाम पर धोखा दिया गया।

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EOW अधिकारियों के अनुसार, पहले इस केस में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 यानी आपराधिक विश्वासघात के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब धारा 420 (धोखाधड़ी) भी जोड़ दी गई है। चूंकि यह मामला 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुआ था, इसलिए इसमें नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) नहीं बल्कि IPC के प्रावधान लागू किए गए हैं। IPC के तहत धोखाधड़ी साबित होने पर आरोपी को सात साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।

शिकायतकर्ता दीपक कोठारी का आरोप है कि 2015 से 2023 के बीच उन्हें बेस्ट डील टीवी में लगभग 60 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उनका दावा है कि यह राशि बिजनेस ऑपरेशंस के लिए थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर इसका इस्तेमाल निजी जरूरतों के लिए कर लिया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर FIR में धोखाधड़ी की धाराएं जोड़ी गई हैं।

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जांच के दौरान राज कुंद्रा ने पुलिस को बताया कि निवेश की गई रकम का एक हिस्सा अभिनेत्री बिपाशा बसु और नेहा धूपिया को प्रोफेशनल फीस के तौर पर दिया गया था। उन्होंने यह भी दलील दी कि 2016 की नोटबंदी के बाद कंपनी को भारी नुकसान हुआ, जिससे वित्तीय संकट गहरा गया और निवेशकों का पैसा लौटाना संभव नहीं हो सका।

मामले में नाम आने के बाद शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी कर सभी आरोपों को “बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि इस विवाद को गलत तरीके से आपराधिक रंग दिया जा रहा है। अभिनेत्री के अनुसार, इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका पहले से लंबित है और वे तथा उनके पति जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।

शिल्पा शेट्टी ने मीडिया से अपील की है कि जब तक मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक अटकलों से बचा जाए। फिलहाल, EOW की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और खुलासे होने की संभावना है।

मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान से मजबूत हुई सुरक्षा व्यवस्था

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम करने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस ने एक सराहनीय पहल की। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक जिलेभर में “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया।

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अभियान का मूल उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाना, सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना और मित्र पुलिसिंग की अवधारणा को जमीन पर उतारना रहा। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं, सुरक्षा संबंधी सुझाव साझा किए और छोटे-मोटे विवादों का मौके पर ही समाधान किया। इससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना और प्रबल हुई।

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साथ ही अभियान के दौरान जिले के 15 प्रमुख स्थानों पर सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 310 व्यक्तियों और 186 वाहनों की जांच की गई। संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी गई और चोरी की गाड़ियों की तलाश की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी सख्त कार्रवाई हुई, जिसमें तीन सवारी चलने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, मोडिफाइड साइलेंसर लगे दुपहिया वाहनों और नियम विरुद्ध ड्राइविंग के मामलों में चालान किए गए। इसके अलावा अवैध असलहा और मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क दिखाई दी।

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मार्निंग वॉक पर निकले नागरिकों ने इस पहल की खुलकर सराहना की और कहा कि सुबह के समय पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से सुरक्षा का अहसास बढ़ा है। जनपदीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के जनहितकारी अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।