कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)सचिव कृषि उत्पादन मण्डी समिति दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि समिति द्वारा राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशन में जनपद में संचालित विभिन्न किसान हितैषी एवं कल्याणकारी योजनाओं का विवरण जारी किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों, कृषि छात्रों एवं दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।मुख्यमंत्री किसान उपहार योजना इस योजना के अंतर्गत कृषकों द्वारा मंडी समिति के माध्यम से कृषि उपज विक्रय करने की दशा में प्रवेश पर्ची एवं प्रपत्र संख्या 6 के आधार पर कृषकों को ₹5 हजार मूल्यपर इनामी कूपन निर्गत कर मासिक, त्रैमासिक एवं छमाही ड्रॉ के माध्यम से उपहार प्रदान किए जाने की व्यवस्था लागू हैं।मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों में अध्ययनरत कृषि एवं होम साइंस संकाय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राओं को ₹3,000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। जनपद में विभिन्न संस्थानों के कुल पात्र छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना दुर्घटना की स्थिति में कृषकों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के विबरण के क्रम में बताया कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹3,00,000,दोनों हाथ/पैर या दोनों आँखों की क्षति पर ₹75,000, एक हाथ, एक पैर अथवा एक आँख की क्षति पर ₹40,000, एक हाथ के साथ चार अंगुलियों की क्षति पर ₹30,000, एक हाथ के साथ तीन अंगुलियों की क्षति पर ₹25,000, अंगूठे की क्षति पर ₹20,000, एक हाथ की दो अंगुलियों की क्षति पर ₹15,000, किसी एक अंगुली की क्षति पर ₹5,000,उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है।मुख्यमंत्री खेत खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना के सम्बंध में उन्होंने बताया कि अग्निकांड से फसल/खेत खलिहान की क्षति होने पर प्रभावित कृषकों को सहायता प्रदान की जाती है-2.5 एकड़ तक क्षति पर अधिकतम ₹30,000, 2.5 से 5 एकड़ तक क्षति पर अधिकतम ₹40,000, 5 एकड़ से अधिक क्षति पर अधिकतम ₹50,000 (देय राशि वास्तविक आकलित क्षति अथवा निर्धारित सीमा, जो भी कम हो, के आधार पर दी जाती है।) इस योजना में भी आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति, कुशीनगर द्वारा जनपद के कृषकों एवं पात्र लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा समय से ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित करें।
जनपद में किसानों एवं कृषि छात्रों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जारी
12 घंटे का विशेष सघन अभियान 217 अभियुक्त गिरफ्तार
एडीजी जोन मुथा अशोक जैन के निर्देश पर वारण्टियों व वांछितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन के निर्देशन में जोन के समस्त जनपदों में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वारण्टी एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई हेतु एक विशेष सघन अभियान चलाया गया। यह अभियान दिनांक 18 दिसम्बर 2025 को सायं 06:00 बजे से प्रारम्भ होकर 19 दिसम्बर 2025 को प्रातः 06:00 बजे तक लगातार 12 घंटे संचालित किया गया।
अभियान के तहत एडीजी जोन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी जनपद पर्याप्त संख्या में पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करते हुए वारण्टियों एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी दबिश दें और किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, रात्रि गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
निर्देशों के अनुपालन में गोरखपुर जोन के सभी जनपदों द्वारा एक साथ सुनियोजित कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने चिन्हित अभियुक्तों के ठिकानों पर दबिश देकर बड़ी संख्या में वारण्टियों एवं वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान जोन के विभिन्न जनपदों से कुल 167 वारण्टी अभियुक्तों तथा 50 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया।
इसके अतिरिक्त सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 170 बीएनएसएस के अंतर्गत भी व्यापक कार्रवाई की गई। इस क्रम में कुल 137 प्रकरणों में 232 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई, जिससे असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और अपराधियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के लिए गोरखपुर जोन में कोई स्थान नहीं है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
गुरु जी आप को लूट लिया हुस्न वालों ने गोरे-गोरे
वर्ष 2004 को पुरानी पेशन दिलाने का किया गया था वायदा
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
विशिष्ट वीटीसी 2004 के गुरुजी लोगों की तैनाती के कुछ समय बाद एक संगठन का उदय हुआ। संगठन ने गुरु जी लोगों को हर सम्भव साथ रहकर मदद देने का वायदा कर विभाग में प्रदेश स्तर तक अपनी लौ को जगाने में लीन रहे। रही बात पुरानी पेंशन की तो संगठन ने अपनी अहम भूमिका के दम पर पेशन से 2004 के गुरुओं आच्छादित करने का आश्वासन देकर आज और कल में आदेश जारी कराने की फेहरिस्त चलती रही। यहाँ तक कि सत्ता के ओहदेदारों के साथ लगातार फोटो खिंचवाकर डालते रहे की आज वार्ता लखनऊ में संबंधित अधिकारियों से हुई जो सकारात्मक रहा। वैसे तो सगठन ने मुख्यमन्त्री से भी करा लेने की बात फैला दी थी जो गुरु जी लोग गदगद हो कर बेफिक्र अपने कार्यों मे लीन रहे। सूत्रों की माने तो उसी बीच शासन स्तर पर प्रसाद चढ़ाने की बात पर मनयोग का भी इन्तजाम गुरू जी लोगों ने मिल कर कर दिया अब सवाल उठने लगा है कि जब संगठन मुख्यमंत्री व शासन के सम्बन्धित अधिकारियों से सकारात्मक भाव पा लिया था तो क्या प्रसाद की पुडिया सम्बन्धित आलाओं के पास नहीं पहुंच पाया क्या। क्यो कि परिणाम गुरुजी लोगों को बेहोश करने का आ गया । अब 2004 बीटीसी के नेता जी लोग कब तक झटके पर झटका देगे कि गुरु जी लोगों का बढ़ा ब्लडप्रेशर स्थिर होने लगे संगठन के ओहदेदारों को अपने शासन के अधिकारीयों से पूछना चाहिए कि 2019 में नियुक्त चिकित्साधिकारी को पुरानी पेंशन से आच्छादित होने का लाभ मिल गया और 2004 के गुरुओं को क्यों नहीं।फिल हाल यह साबित होने लगा है कि वि०वी०टी सी 2004 के गुरुजी लोगों को पुरानी पेंशन पाने का आश्वासन समाप्त हो गया चुपचाप अब आए और जाए की तर्ज पर नौकरी का कार्यकाल पूर्ण करें यही बेहतर दिख रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने वृद्धा आश्रम गड़वार में किया औचक निरीक्षण, शीतकालीन राहत सामग्री वितरित
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा ने शुक्रवार को गड़वार स्थित वृद्धा आश्रम का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम परिसर का भ्रमण किया और वहां निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों की दिनचर्या, स्वास्थ्य स्थिति, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बुजुर्गों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शीत ऋतु की बढ़ती ठंड को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आश्रम में रह रहे सभी वरिष्ठ नागरिकों को शीतकालीन राहत सामग्री वितरित की गई। इस दौरान वृद्धजनों को शॉल, स्वेटर, मोज़ा, टोपी सहित अन्य गर्म कपड़े प्रदान किए गए। प्रशासन की इस मानवीय पहल से आश्रम में रह रहे वृद्धजन काफी प्रसन्न नजर आए और उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वृद्धजनों ने कहा कि ठंड के मौसम में इस प्रकार की सहायता उनके लिए बहुत राहत देने वाली है।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं गरिमा की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्रम प्रबंधन, अधीक्षक एवं कर्मचारियों द्वारा बुजुर्गों की सेवा, देखभाल एवं संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद आश्रम में स्वच्छ, अनुशासित एवं संवेदनशील वातावरण में दी जा रही सेवाएं अत्यंत प्रशंसनीय हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्रम प्रबंधन को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किए जाएं, उन्हें पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए तथा स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्गों की आवश्यकताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा वृद्धजनों के कल्याण एवं सुविधाओं के विस्तार हेतु हरसंभव सहयोग निरंतर प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर वृद्धा आश्रम के कर्मचारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण, मानवीय एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
घरेलू विवाद के बाद युवक ने खुद को मारी गोली, इलाज के लिए ले जाते समय मौत
शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव खमरिया में गुरुवार रात घरेलू विवाद के बाद एक युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। तमंचे से खुद को गोली मारने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार गांव खमरिया निवासी 32 वर्षीय संजीव कुमार का गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे पत्नी रोशनी से पशुओं को चारा डालने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर संजीव ने आवेश में आकर तमंचे से अपने सीने में गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
परिजन रात में ही शव को घर वापस ले आए। मृतक के भाई राजवीर ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, आवश्यक जांच-पड़ताल की और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनकी उम्र तीन वर्ष और दो वर्ष बताई जा रही है। थाना प्रभारी हरकेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
नगर क्षेत्र में नेपाली फेरीवालों की बढ़ती संख्या, अतिक्रमण व सुरक्षा पर सवाल
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद के सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत में नेपाल के लोगो का प्रवेश बाद गया है खास कर सिकंदरपुर नगर क्षेत्र में इन दिनों नेपाली प्रवासी फेरीवालों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। विशेषकर बस स्टेशन रोड एवं आसपास के प्रमुख मार्गों पर शीतकालीन कपड़ों की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन दुकानों के लिए न तो नगर निकाय से कोई अनुमति ली गई है और न ही अतिक्रमण संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद खुलेआम सड़कों और फुटपाथों पर व्यवसाय किया जा रहा है, जिससे यातायात और स्थानीय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे नियमों के तहत टैक्स और शुल्क देकर दुकानें संचालित करते हैं, जबकि बाहरी फेरीवाले बिना अनुमति व्यवसाय कर रहे हैं। कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों द्वारा दुकान लगाने से मना करने की बात भी सामने आ रही है, जिससे तनाव की स्थिति बन रही है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि यदि दुकान लगाने को लेकर नेपाली प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद या मारपीट होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।एक और गंभीर सवाल सुरक्षा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर में रह रहे नेपाली प्रवासी फेरीवालों का पुलिस द्वारा समुचित सत्यापन (वैरिफिकेशन) नहीं हुआ है। बिना पहचान और पृष्ठभूमि जांच के बाहरी लोगों का बड़ी संख्या में नगर क्षेत्र में रहना और व्यापार करना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन और नगर निकाय को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। अवैध अतिक्रमण हटाने, बिना अनुमति दुकानों पर कार्रवाई करने और सभी बाहरी फेरीवालों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और नगर में शांति एवं व्यवस्था बनी रहे।
राष्ट्र की परम्परा खबर का हुआ असर जागा बिजली विभाग रामपुर गांव से हटाया गया जानलेवा पोल
शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के रामपुर गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां रिहायशी इलाके में खड़ा एक बिजली का पोल करीब दो से तीन महीनों से जर्जर हालत में था। सीमेंट का यह पोल ऊपर से पूरी तरह टूट चुका था और केवल लटकते बिजली के तारों के सहारे खड़ा था, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। गांव के बीच स्थित इस पोल के नीचे से रोजाना बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण गुजरते रहे, जिससे हमेशा खतरा बना रहा।ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग से शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बरसात के मौसम में खुले और झूलते तारों से करंट फैलने की आशंका और बढ़ गई थी, जिससे गांववासियों में दहशत का माहौल था।मामले को पूर्व में (राष्ट की परम्परा)में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बिजली विभाग हरकत में आया। खबर प्रकाशित होने के करीब 24 घंटे बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और टूटे हुए खतरनाक पोल को हटाकर नया मजबूत पोल स्थापित कराया। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन सवाल उठाया कि समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसम्बर
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अविनाश मणि त्रिपाठी ने जनपद में वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत अन्य दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं को अवगत कराया है कि, शासनादेश के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसम्बर 2025 निर्धारित है। आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने में केवल एक कार्यदिवस शेष है। ऐसे छात्र-छात्राएं जो अब तक उक्त योजना के अंतर्गत आवेदन करने से वंचित रह गए हैं, वे यथाशीघ्र ऑनलाइन आवेदन कर लें, ताकि छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त किया जा सके।
ई-चालान सिस्टम पर सवाल: वाहन खड़ा रहा, चालान दौड़ता रहा
गुमला में परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही: कार पर कटा बिना हेलमेट बाइक चलाने का चालान
गुमला (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड के गुमला जिले से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक कार मालिक को उस अपराध में चालान भेज दिया गया, जो न केवल कानूनन गलत है बल्कि तर्क के भी बिल्कुल विपरीत है। मामला रांची परिवहन विभाग से जुड़ा है, जहां गुमला में खड़ी एक कार पर रांची में बिना हेलमेट बाइक चलाने का आरोप लगाते हुए चालान काट दिया गया।
गुमला के जवाहर नगर निवासी द्वारिकानाथ मिश्रा ने बताया कि उनके पास मारुति कंपनी की एक कार है, जिसका पंजीकरण नंबर JH-01FL-1057 है। यह कार 15 दिसंबर से लगातार उनके घर के गैरेज में खड़ी है और इस दौरान उसे सड़क पर निकाला ही नहीं गया। इसके बावजूद परिवहन विभाग रांची द्वारा मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 194D के तहत बिना हेलमेट बाइक चलाने के आरोप में 1000 रुपये का ई-चालान काट दिया गया, जो सीधे उनके मोबाइल नंबर पर भेजा गया।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धारा 194D दोपहिया वाहन चालकों पर लागू होती है, जबकि श्री मिश्रा के पास कोई बाइक है ही नहीं। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व द्वारा उनकी कार के नंबर का दुरुपयोग कर उसे किसी बाइक पर लगाकर चलाया जा रहा है।
श्री मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण को परिवहन विभाग की लापरवाही और तकनीकी खामी का गंभीर उदाहरण बताया है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें इस गलत चालान से तत्काल मुक्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे और मानसिक प्रताड़ना को लेकर मानहानि का दावा भी दायर करेंगे।
यह मामला ई-चालान प्रणाली की विश्वसनीयता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
इलाज और एंबुलेंस के अभाव में टूटा एक परिवार का सहारा
बिहार के नवादा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: शव वाहन न मिलने पर ठेले पर घर ले जाया गया युवक का शव
नवादा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के नवादा जिले से सामने आई एक मार्मिक घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को भी उजागर कर दिया है। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बाजार स्थित कुम्हारटोली मोहल्ले में 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजन उसके शव को ठेले पर रखकर घर ले जाने को मजबूर हुए। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
मृतक की पहचान कुम्हारटोली निवासी अखिलेश पंडित के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, अखिलेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। घबराए परिजन उन्हें तुरंत गोविंदपुर बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद हालत गंभीर बताते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर रेफर कर दिया।
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परिजन किसी तरह अखिलेश को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। मां-बाप, भाई-बहन और अन्य परिजन बेसुध हो गए। हर तरफ चीख-पुकार और गम का माहौल छा गया।
मगर सबसे दर्दनाक मंजर इसके बाद देखने को मिला। अस्पताल प्रशासन की ओर से शव वाहन या एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मजबूर होकर परिजनों ने अखिलेश के शव को एक ठेले पर रखा और उसी ठेले से घर ले गए। सड़क पर ठेले पर रखा शव और पीछे-पीछे रोते-बिलखते परिजनों को देखकर राहगीर भी भावुक हो उठे। कई लोग खामोशी से इस दृश्य को देखते रहे, तो कुछ ने व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
घटना के बाद गोविंदपुर बाजार और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। अखिलेश के घर में मातम पसरा हुआ है। मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज, सुविधाएं और आपात सेवाएं उपलब्ध होतीं, तो शायद अखिलेश की जान बचाई जा सकती थी।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं कब तक बदहाल रहेंगी और आम लोगों को कब तक ऐसी अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
अवैध सिरप कारोबार पर यूपी में बड़ा एक्शन, कई गिरफ्तार
कोडीन कफ सिरप मामले में योगी का सपा पर बड़ा हमला, बोले– जांच में और नाम होंगे उजागर
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रारंभिक जांच में इस अवैध नेटवर्क के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों तक पहुंचे हैं और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पूरी सच्चाई सामने आएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।
शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस और विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से जहरीली और अवैध कफ सिरप बेचे जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इन गिरफ्तार लोगों के राजनीतिक संबंधों की भी जांच की जा रही है।
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मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि अब तक पकड़े गए लोगों के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े पाए गए हैं। उन्होंने कहा, “जांच अभी जारी है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस अवैध कारोबार में किसने पैसा लिया, किसने संरक्षण दिया, यह सब सामने आएगा।”
इस पूरे मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस एसआईटी में उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरप की तस्करी की सूचना पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है और राज्य में इस नेटवर्क को तोड़ने का काम किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें –सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का आरोप, डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीज परेशान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक शेर का जिक्र करते हुए कहा, “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।” उन्होंने कहा कि सपा का इतिहास पहले से ही माफियाओं और अवैध गतिविधियों से जुड़ा रहा है। “माफियाओं के साथ इनकी तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं। जांच को पूरा होने दीजिए, सच्चाई खुद सामने आ जाएगी,” मुख्यमंत्री ने कहा।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार अवैध कारोबार, माफिया और तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी राजनीतिक दबाव या आरोप-प्रत्यारोप से हटकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का आरोप, डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीज परेशान
सलेमपुर/देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)
सलेमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों के समय से उपस्थित न रहने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि तय समय पर चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक और मामला सामने आया है। इलाज के लिए आई एक प्रसूता कथित तौर पर अस्पताल से भागने लगी । प्रसूता का आरोप है कि अस्पताल में उसे लगातार परेशान किया जा रहा था, जिससे वह भयभीत हो गई और बिना इलाज कराए ही वहां से निकलने लगी जिसपर आशा और नर्सों ने महिला को समझा बुझा कर वापस लगा और अस्पताल में भर्ती कराया।
इलाज करने आई सुनीता देवी का कहना है कि यदि डॉक्टर समय से उपस्थित रहते और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। खासकर गर्भवती महिलाओं के मामले में जरा सी लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि शासन द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है।
इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। वहीं, लोगों ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
विदेश में ऐश, देश में सवाल: भगोड़ों की बेखौफ जिंदगी
लंदन में भगोड़ों का जश्न: विजय माल्या के जन्मदिन से पहले ललित मोदी की शाही पार्टी ने खड़े किए बड़े सवाल
पेरिस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लंदन की ठंडी शाम में बेलग्रेव स्क्वायर स्थित छह बेडरूम वाला आलीशान बंगला रोशनी से जगमगा उठा। यह कोई राजनयिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत के दो चर्चित आर्थिक भगोड़ों—विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी—की दोस्ती और जश्न का मंच था। 16 दिसंबर को, विजय माल्या के 70वें जन्मदिन से ठीक दो दिन पहले, ललित मोदी ने यह भव्य पार्टी आयोजित की, जिसने भारत की न्याय व्यवस्था और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए।
ब्रिटेन में दिवालिया घोषित हो चुके और भारत में कई आर्थिक मामलों में वांछित विजय माल्या के लिए यह पार्टी किसी शाही उत्सव से कम नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी में भारत और विदेश से कई नामी चेहरे शामिल हुए। मेहमानों के लिए भारतीय और लेबनानी व्यंजनों की भरमार थी। ललित मोदी की पार्टनर रीमा बूरी, जो लेबनानी मूल की हैं, ने मेजबानी में कोई कसर नहीं छोड़ी। संगीत में 70 और 80 के दशक के लोकप्रिय गाने बजे, जबकि मिठाई में लाल, सफेद और हरे रंग के कपकेक रखे गए, जिन पर सुनहरे अक्षरों में “King” लिखा था।
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खुद विजय माल्या ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि यह पार्टी ललित मोदी ने उनके लिए दी थी। पार्टी की तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें दोनों भगोड़े दोस्त मुस्कुराते हुए नजर आए। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और भारत में आक्रोश का कारण बनीं।
गौरतलब है कि विजय माल्या पर 2009 में IDBI बैंक से किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए कर्ज में धोखाधड़ी और साजिश के गंभीर आरोप हैं। 2020 में वह ब्रिटेन की अदालत में प्रत्यर्पण का मामला हार चुके हैं, लेकिन अब भी भारत नहीं लौटे हैं। वहीं ललित मोदी 2010 में BCCI से निलंबन और आईपीएल बोली में कथित अनियमितताओं के बाद भारत छोड़कर चले गए थे और प्रवर्तन निदेशालय की जांच का सामना कर रहे हैं।
यह खबर सिर्फ एक पार्टी की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की तस्वीर है, जहां आम आदमी कर्ज न चुका पाने पर जेल पहुंच जाता है, जबकि हजारों करोड़ के आरोपी विदेशी धरती पर बेखौफ जश्न मनाते हैं। लंदन की इस पार्टी में सजा “King” का प्रतीक दरअसल भारत के लोकतंत्र और न्याय प्रणाली पर एक तीखा व्यंग्य बनकर उभरा है।
ढाई साल के फॉर्मूले पर विराम, कांग्रेस हाई कमांड तक रहेगा फैसला
बेलगावी विधानसभा सत्र में सीएम सिद्धारमैया का बड़ा बयान: ढाई साल के सत्ता-साझाकरण के दावे खारिज
बेलगावी (कर्नाटक)कर्नाटक विधानसभा के बेलगावी सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सत्ता-साझाकरण को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि ढाई साल के मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भी समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वे वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं और पार्टी हाई कमांड के किसी अंतिम निर्णय तक अपने पद पर बने रहेंगे।
विधानसभा में विपक्ष के सवालों और व्यवधानों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पहले जनता का आशीर्वाद जरूरी होता है, उसके बाद विधायक दल अपने नेता का चयन करता है और अंततः कांग्रेस हाई कमांड निर्णय लेती है। सिद्धारमैया ने दो टूक कहा, “मैंने ढाई साल के कार्यकाल की कोई बात नहीं कही है। ऐसा कोई समझौता अस्तित्व में नहीं है।”
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मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक आर अशोक ने सवाल उठाया कि यदि विधायक दल ने उन्हें पांच साल के लिए चुना है, तो ढाई साल की चर्चा कहां से आई। इस पर सिद्धारमैया ने दोहराया कि यह पूरी तरह निराधार है और कांग्रेस सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी 2028 में फिर से सत्ता में लौटेगी।
बीते कुछ दिनों से यह अटकलें तेज थीं कि कांग्रेस हाई कमांड उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद सौंप सकता है। हालांकि, सिद्धारमैया और शिवकुमार की आपसी मुलाकात और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पार्टी ने एकजुटता का संदेश दिया।
इससे पहले डीके शिवकुमार ने रात्रिभोज बैठक को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि वह अपने पूर्व डीसीसी अध्यक्ष के घर श्रद्धांजलि देने गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
