Friday, June 26, 2026
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महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती: प्रतिभा, साधना और राष्ट्रीय गणित दिवस

नवनीत मिश्र

भारतीय गणित परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती केवल एक स्मृति-दिवस नहीं, बल्कि उस असाधारण प्रतिभा को नमन करने का अवसर है, जिसने सीमित संसाधनों, औपचारिक शिक्षा के अभाव और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद गणित की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी। रामानुजन का जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी डिग्री या सुविधा की मोहताज नहीं होती। इसी महत्त्व को रेखांकित करते हुए देश में उनकी जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है।

22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के इरोड में जन्मे रामानुजन बचपन से ही संख्याओं के प्रति अद्भुत आकर्षण रखते थे। गणित उनके लिए केवल विषय नहीं, बल्कि साधना था। वे संख्याओं को जीवंत रूप में देखते थे और मानते थे कि उनके सूत्र किसी दैवी प्रेरणा से प्रकट होते हैं। औपचारिक गणितीय प्रशिक्षण के अभाव में भी उन्होंने ऐसे जटिल प्रमेय और सूत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें समझने में विश्व के बड़े-बड़े गणितज्ञों को भी समय लगा।

रामानुजन की प्रतिभा का निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्होंने इंग्लैंड के प्रसिद्ध गणितज्ञ जी. एच. हार्डी को अपने शोध पत्र भेजे। हार्डी ने उनकी असाधारण प्रतिभा को तुरंत पहचाना और उन्हें कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय आमंत्रित किया। भारत की सीमाओं से निकलकर विश्व मंच पर पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था, लेकिन रामानुजन ने अपने मौलिक विचारों से संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणियों, विभाजन फलनों और सतत भिन्नों जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी योगदान दिया।

रामानुजन के गणितीय सूत्र आज भी आधुनिक गणित और विज्ञान के कई क्षेत्रों में उपयोगी हैं। कंप्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी, क्वांटम भौतिकी और क्रिप्टोग्राफी तक में उनके कार्यों की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। प्रसिद्ध संख्या 1729, जिसे ‘रामानुजन संख्या’ कहा जाता है, उनकी विलक्षण गणितीय दृष्टि और सृजनात्मक सोच का प्रतीक बन चुकी है।

भारत सरकार द्वारा रामानुजन की जयंती को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया जाना इस बात का प्रतीक है कि उनका योगदान केवल अतीत की उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। इस दिन विद्यालयों, महाविद्यालयों और शोध संस्थानों में गणितीय गतिविधियों, व्याख्यानों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से गणित के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

अल्पायु में 1920 में उनका निधन हो गया, लेकिन सीमित जीवनकाल में किया गया उनका कार्य सदियों तक मानव ज्ञान को समृद्ध करता रहेगा। श्रीनिवास रामानुजन की जयंती और राष्ट्रीय गणित दिवस हमें यह संदेश देते हैं कि जिज्ञासा, साधना और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति असंभव को संभव बना सकता है। वे केवल एक महान गणितज्ञ नहीं, बल्कि भारतीय बौद्धिक चेतना के ऐसे प्रकाश स्तंभ थे, जिनकी रोशनी आज भी दुनिया को दिशा दे रही है।

आयुष सेवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी, मरीजों को मिलेगी ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आयुष चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आयुष विभाग अब डिजिटल माध्यम पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है। इसके लिए आईआईटी कानपुर के सहयोग से एक आधुनिक आयुष मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है।
इस एप के माध्यम से मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा मिलेगी। साथ ही आयुष विभाग से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां भी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आम नागरिकों को आयुष चिकित्सा सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
आयुष विभाग के अनुसार, एप लॉन्च होने के बाद मरीजों को अस्पतालों और आयुष केंद्रों में पंजीकरण के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। लोग अपने मोबाइल से घर बैठे ही डॉक्टर से मिलने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
इस एप के जरिए आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। विभिन्न बीमारियों के उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पतालों और डिस्पेंसरियों का विवरण भी एप पर मिलेगा।
भविष्य में एप के माध्यम से टेली-परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इससे मरीज घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे। इसके अलावा आयुष से जुड़ी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी।

महिलाओं की सुरक्षा के दावों के बीच रेलवे में कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर

आनंद विहार–आरा ट्रेन में कथित धनउगाही का वीडियो वायरल, पुलिस व टीटी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।देश की राजधानी नई दिल्ली से बिहार के आरा जाने वाली ट्रेन संख्या 12506 को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आनंद विहार स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के जनरल डिब्बे में कथित तौर पर यात्रियों से पैसे लेकर सीट दिलाने की बात सामने आ रही है। वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी, जो यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा बताया जा रहा है, और एक टीटी यात्रियों से कथित रूप से अवैध वसूली करते नजर आ रहे हैं।

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वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सीट को लेकर यात्रियों और टीटी के बीच कहासुनी हो रही है। इस दौरान महिलाओं द्वारा विरोध किए जाने पर वर्दी में मौजूद व्यक्ति द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने और “एक थप्पड़ मारने” की धमकी देने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब का है और राष्ट्र की परम्परा इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।

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यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है। ऐसे में ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन में इस तरह के कथित कृत्य न केवल रेलवे प्रशासन बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं। यात्रियों का आरोप है कि पर्याप्त टिकट होने के बावजूद उनसे 1000 से 1200 रुपये तक की मांग की गई और पैसा न देने पर ट्रेन से उतारने व मारपीट की धमकी दी गई।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे आम जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है। खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। पहले से ही कई यात्री झूठे मुकदमों, जबरन सीट खाली कराने, या ट्रेन से उतारे जाने जैसी परेशानियों का सामना करने की शिकायत करते रहे हैं।

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यह आवश्यक है कि रेलवे प्रशासन, पुलिस विभाग और संबंधित अधिकारी इस वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच करें। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। लोकतंत्र में जवाबदेही सबसे बड़ा आधार है और जनहित से जुड़े मामलों में आंख मूंद लेना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।

समय की धड़कन: 22 दिसंबर की ऐतिहासिक गूंज

22 दिसंबर : इतिहास के पन्नों में दर्ज बदलाव, संघर्ष और सृजन की अमिट गाथा

22 दिसंबर का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में अनेक ऐसे निर्णायक क्षणों का साक्षी रहा है, जिन्होंने राजनीति, विज्ञान, संस्कृति, समाज और मानव अधिकारों की दिशा को नई राह दी। यह दिन कहीं सत्ता परिवर्तन का प्रतीक बना, कहीं वैज्ञानिक उपलब्धियों का, तो कहीं कला, संगीत और विचारधारा के अमर योगदान को स्मरण करने का अवसर। आइए, 22 दिसंबर की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर क्रमवार विस्तार से प्रकाश डालते हैं—

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2010 – अमेरिकी सेना में समलैंगिकों के लिए नया अध्याय
22 दिसंबर 2010 को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने “डोंट आस्क, डोंट टेल” नीति को समाप्त करने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक फैसले से अमेरिकी सेना में समलैंगिक नागरिकों के लिए खुले तौर पर सेवा करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह निर्णय मानव अधिकारों, समानता और आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया, जिसने दुनिया भर में LGBTQ+ समुदाय को नई पहचान और सम्मान दिया।

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2008 – सशस्त्र बलों के वेतन सुधार की दिशा में पहल
भारत में सशस्त्र बलों के वेतन में विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से गठित मंत्रियों के समूह ने 22 दिसंबर 2008 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट सैनिकों के हित, मनोबल और न्यायसंगत वेतन संरचना को सुनिश्चित करने के लिए अहम मानी गई। इस पहल ने रक्षा बलों की कार्यसंस्कृति में संतुलन लाने का प्रयास किया।

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2007 – यूरोप की अंतरिक्ष सफलता
फ्रेंच गुआना स्थित गौस अंतरिक्ष केंद्र से 22 दिसंबर 2007 को एरियन रॉकेट का सफल प्रक्षेपण हुआ। इस रॉकेट ने अंतरिक्ष कक्षा में दो उपग्रह स्थापित कर यूरोप की अंतरिक्ष तकनीक की विश्वसनीयता और क्षमता को सिद्ध किया। यह घटना वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में यूरोप की मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।

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2006 – भारत-पाक सहयोग की नई कोशिश
22 दिसंबर 2006 को भारत और पाकिस्तान ने स्थानीय निकायों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्यदल का गठन किया। यह पहल दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुभव साझा करने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास थी, जो दक्षिण एशिया में शांति की संभावनाओं को मजबूत करती है।

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2005 – सद्दाम हुसैन पर मुकदमे की मांग
ईरान ने 22 दिसंबर 2005 को इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर रासायनिक हथियारों के प्रयोग से हजारों ईरानियों की हत्या के आरोप में मुकदमा चलाने की मांग की। यह मांग अंतरराष्ट्रीय कानून, युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराधों पर वैश्विक विमर्श को और तेज करने वाली साबित हुई।

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2002 – नशीली दवाओं के खिलाफ क्षेत्रीय संवाद
दक्षेस देशों के स्वयंसेवी संगठनों की तीन दिवसीय बैठक 22 दिसंबर 2002 को काठमांडू में शुरू हुई। इस बैठक का उद्देश्य दवाओं के दुरुपयोग की समस्या से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग, जागरूकता और साझा रणनीति विकसित करना था। यह आयोजन सामाजिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।

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1989 – रोमानिया में सत्ता का अंत
22 दिसंबर 1989 को रोमानिया के राष्ट्रपति निकोलाए चाऊशेस्क्यू का तख्ता पलट हो गया। जनता के विद्रोह के बाद वे देश छोड़कर भागते समय गिरफ्तार कर लिए गए। यह घटना पूर्वी यूरोप में साम्यवादी शासन के पतन और लोकतांत्रिक परिवर्तन की प्रतीक बन गई।

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1978 – थाईलैंड का संविधान
थाईलैंड ने 22 दिसंबर 1978 को नया संविधान अंगीकार किया। यह संविधान देश में शासन व्यवस्था को स्थिरता देने और नागरिक अधिकारों को परिभाषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बना।

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1975 – संगीत सम्राट वसंत देसाई का निधन
हिंदी सिनेमा को कालजयी संगीत देने वाले वसंत देसाई का 22 दिसंबर 1975 को निधन हुआ। ‘झनक-झनक पायल बाजे’, ‘गूंज उठी शहनाई’ और ‘दो आँखें बारह हाथ’ जैसी फिल्मों में उनका संगीत आज भी भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनमोल हिस्सा है।

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1971 – सोवियत संघ का परमाणु परीक्षण
22 दिसंबर 1971 को तत्कालीन सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। यह घटना शीत युद्ध के दौर में परमाणु शक्ति संतुलन और वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को दर्शाती है।

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1966 – जेएनयू की स्थापना
22 दिसंबर 1966 को भारतीय संसद द्वारा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। जेएनयू शिक्षा, शोध और वैचारिक विमर्श का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा और भारतीय बौद्धिक परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त किया।

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1961 – अमेरिका का परमाणु परीक्षण
अमेरिका ने 22 दिसंबर 1961 को नेवादा में परमाणु परीक्षण किया, जो शीत युद्ध के समय सैन्य शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का उदाहरण था।

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1957 – चिड़ियाघर में जन्मा पहला गोरिल्ला
ओहायो के कोलंबस चिड़ियाघर में 22 दिसंबर 1957 को ‘कोलो’ नामक गोरिल्ला का जन्म हुआ। यह चिड़ियाघर में पैदा होने वाला पहला गोरिल्ला था, जिसने वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।

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1947 – इटली का नया संविधान
22 दिसंबर 1947 को इटली की संसद ने नए संविधान को अंगीकार किया। यह संविधान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का प्रतीक बना।

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1941 – द्वितीय विश्व युद्ध की अहम मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट और ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल 22 दिसंबर 1941 को वॉशिंगटन में मिले। इस बैठक ने मित्र राष्ट्रों की युद्ध रणनीति को नई दिशा दी।

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1940 – रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी की घोषणा
मानवेंद्र नाथ राय ने 22 दिसंबर 1940 को रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थापना की घोषणा की। यह कदम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में वैचारिक विविधता और लोकतांत्रिक सोच को मजबूती देने वाला साबित हुआ।

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1910 – डाक बचत पत्र की शुरुआत
अमेरिका में 22 दिसंबर 1910 को पहली बार डाक बचत पत्र जारी किए गए, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित बचत का अवसर मिला।

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1882 – क्रिसमस ट्री पर बिजली की रोशनी
थॉमस एडीसन द्वारा बनाए गए बल्बों से 22 दिसंबर 1882 को पहली बार क्रिसमस ट्री सजाया गया। यह आधुनिक सजावट और विद्युत उपयोग के इतिहास में अनोखी घटना थी।

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1851 – भारत की पहली मालगाड़ी
22 दिसंबर 1851 को भारत में पहली मालगाड़ी रुड़की से पिरान के बीच चलाई गई। यह भारतीय रेलवे के विकास और औद्योगिक प्रगति की नींव मानी जाती है।

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1843 – देवेंद्रनाथ टैगोर का ब्रह्म समाज से जुड़ाव
रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ टैगोर 22 दिसंबर 1843 को ब्रह्म समाज में शामिल हुए। इससे भारतीय समाज सुधार आंदोलन को नई वैचारिक दिशा मिली।

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1241 – लाहौर पर मंगोल आक्रमण
22 दिसंबर 1241 को मंगोल सेनापति हुलागु खान के नेतृत्व में लाहौर पर कब्जा किया गया। यह घटना मध्यकालीन भारत में मंगोल आक्रमणों के प्रभाव को दर्शाती है।

जन्मे सितारे जिनकी प्रतिभा और त्याग ने इतिहास को अमर बनाया

22 दिसंबर के महान जन्मे हुए सितारे

इतिहास के पन्नों में कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं, जो केवल तारीख़ नहीं बल्कि चेतना बन जाती हैं। 22 दिसंबर भी ऐसी ही एक विशेष तिथि है, जब भारत और विश्व को ऐसे महान व्यक्तित्व मिले, जिन्होंने साहित्य, गणित, स्वतंत्रता संग्राम और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए, 22 दिसंबर को जन्मे महान व्यक्तित्वों के जीवन, जन्म स्थान और राष्ट्रहित में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हैं।

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गुरु गोविंद सिंह (जन्म: 22 दिसंबर 1666)
जन्म स्थान: पटना साहिब, पटना जिला, बिहार, भारत
सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि एक महान योद्धा, कवि और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना कर सिख समाज को नई पहचान और आत्मबल दिया। जाति, भेदभाव और अत्याचार के विरुद्ध उन्होंने संगठित प्रतिरोध की भावना को जन्म दिया।
गुरु गोविंद सिंह ने सिखों को “संत-सिपाही” की संकल्पना दी, जिससे वे आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों रूपों में सशक्त बने। उनके बलिदान और विचार आज भी मानवता, साहस और धर्मनिष्ठा के प्रतीक हैं।

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मौलाना मज़हरुल हक़ (जन्म: 22 दिसंबर 1866)
जन्म स्थान: बहपुरा, पटना जिला, बिहार, भारत
मौलाना मज़हरुल हक़ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रखर सेनानी और राष्ट्रवादी चिंतक थे। वे महात्मा गांधी के निकट सहयोगी रहे और असहयोग आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने हिंदू–मुस्लिम एकता को स्वतंत्रता संग्राम की आधारशिला माना।
कई बार जेल गए, संपत्ति कुर्बान की, लेकिन अंग्रेज़ी शासन के सामने कभी नहीं झुके। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रीय एकता का प्रेरक उदाहरण है।

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श्रीनिवास अयंगर रामानुजन (जन्म: 22 दिसंबर 1887)
जन्म स्थान: ईरोड, ईरोड जिला, तमिलनाडु, भारत
विश्वविख्यात गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन असाधारण प्रतिभा के प्रतीक थे। सीमित संसाधनों और औपचारिक शिक्षा के अभाव में भी उन्होंने गणित के क्षेत्र में ऐसे सूत्र दिए, जो आज भी वैश्विक शोध का आधार हैं।
संख्या सिद्धांत, अनंत श्रेणियाँ और गणितीय विश्लेषण में उनका योगदान अमूल्य है। भारत सरकार ने उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

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पंकज सिंह (जन्म: 22 दिसंबर 1948)
जन्म स्थान: बलिया जिला, उत्तर प्रदेश, भारत
पंकज सिंह समकालीन हिंदी कविता के सशक्त हस्ताक्षर माने जाते हैं। उनकी कविताओं में आम आदमी का संघर्ष, सामाजिक असमानता और लोकतांत्रिक चेतना स्पष्ट रूप से झलकती है।
वे शब्दों के माध्यम से सत्ता, व्यवस्था और अन्याय पर तीखा प्रहार करते हैं। उनकी रचनाएँ साहित्य को केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का माध्यम बनाती हैं।

22 दिसंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व अलग-अलग क्षेत्रों से होने के बावजूद एक साझा सूत्र से जुड़े हैं—समाज और राष्ट्र के प्रति निष्ठा। इनका जीवन हमें सिखाता है कि विचार, ज्ञान और साहस से इतिहास बदला जा सकता है।

भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण पुण्यतिथियाँ

22 दिसंबर : जब तीन युगपुरुषों की स्मृतियाँ इतिहास में अमर हो गईं


भारत का इतिहास केवल जन्म से नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की पुण्यतिथियों से भी आकार लेता है जिन्होंने अपने जीवन से समाज, संस्कृति और राष्ट्र को दिशा दी। 22 दिसंबर ऐसी ही एक तिथि है, जब साहित्य, संगीत और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े तीन विशिष्ट नाम काल के पटल पर अमर हो गए। इन महान आत्माओं का योगदान आज भी हमारी चेतना, विचार और संस्कारों में जीवित है।


माधवी सरदेसाई (निधन : 22 दिसंबर 2014)
जन्म स्थान: गोवा | राज्य: गोवा | देश: भारत
माधवी सरदेसाई कोंकणी साहित्य की एक सशक्त स्तंभ थीं। वे न केवल एक संवेदनशील महिला साहित्यकार थीं, बल्कि कोंकणी भाषा की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘जाग’ की संपादक के रूप में उन्होंने भाषा और संस्कृति को नई ऊँचाइयाँ दीं। गोवा की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना को शब्दों में ढालते हुए उन्होंने स्त्री विमर्श, स्थानीय पहचान और भाषाई अस्मिता को मजबूती दी।
उनकी रचनाओं में गोवा की मिट्टी की सुगंध, आम जनजीवन की पीड़ा और स्त्री की आत्मिक स्वतंत्रता स्पष्ट झलकती है। कोंकणी भाषा को साहित्यिक मंच दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है। उनका निधन कोंकणी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति था, किंतु उनके विचार आज भी नई पीढ़ी के लेखकों को प्रेरित करते हैं।


वसंत देसाई (निधन : 22 दिसंबर 1975)
जन्म स्थान: महाराष्ट्र | राज्य: महाराष्ट्र | देश: भारत
वसंत देसाई भारतीय सिनेमा के उन महान संगीतकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने संगीत को आत्मा की भाषा बना दिया। विशेष रूप से मराठी रंगमंच और हिंदी सिनेमा में उनके संगीत ने भावनाओं को स्वर दिया। व. शांताराम की फिल्मों में उनका योगदान भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है।
लोकसंगीत और शास्त्रीयता के संतुलन से सजे उनके गीत आज भी श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करते हैं। उन्होंने संगीत को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का माध्यम बनाया। 22 दिसंबर 1975 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनके सुर आज भी भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं।


तारकनाथ दास (निधन : 22 दिसंबर 1958)
जन्म स्थान: बंगाल | राज्य: पश्चिम बंगाल | देश: भारत
तारकनाथ दास भारत के उन क्रांतिकारियों में थे जिन्होंने विदेशी धरती पर रहकर भी मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। वे एक शिक्षाविद्, लेखक और राष्ट्रवादी विचारक थे, जिन्होंने अमेरिका और अन्य देशों में भारत की आज़ादी का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया।
उन्होंने भारतीय छात्रों और प्रवासी समुदाय को संगठित कर स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक समर्थन दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन त्याग, बौद्धिक साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक था। 22 दिसंबर 1958 को उनका निधन हुआ, किंतु उनका योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतरराष्ट्रीय आयाम को सदैव जीवित रखेगा।


22 दिसंबर केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन महान आत्माओं की स्मृति है जिन्होंने साहित्य, संगीत और राष्ट्रसेवा से भारत को समृद्ध किया। इन विभूतियों का जीवन हमें यह सिखाता है कि सृजन, संघर्ष और सेवा से ही इतिहास में अमरता प्राप्त होती है।

आज का सम्पूर्ण हिंदी पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल व यात्रा योग

पंचांग 22 दिसंबर 2025 | आज का सम्पूर्ण हिंदी पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल व यात्रा योग

दिनांक: 22 दिसंबर 2025, सोमवार
स्थान: भारत (द्रिक पंचांग आधारित)
📜 आज का विस्तृत पंचांग
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चन्द्र मास: पौष (अमांत व पूर्णिमांत)
ऋतु:
वैदिक ऋतु – हेमंत
द्रिक ऋतु – शिशिर
अयन:
भारतीय – दक्षिणायन
वैदिक (V. Ayana) – उत्तरायण
🌓 तिथि विवरण
शुक्ल पक्ष द्वितीया: 21 दिसंबर 09:11 AM से 22 दिसंबर 10:52 AM तक
शुक्ल पक्ष तृतीया: 22 दिसंबर 10:52 AM से 23 दिसंबर 12:13 PM तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा: 22 दिसंबर 03:36 AM से 23 दिसंबर 05:32 AM तक
श्रवण: 23 दिसंबर 05:32 AM से 24 दिसंबर 07:07 AM तक
🔱 योग
ध्रुव योग: 21 दिसंबर 04:35 PM से 22 दिसंबर 04:40 PM तक
व्याघात योग: 22 दिसंबर 04:40 PM से 23 दिसंबर 04:30 PM तक
🔰 करण
कौलव: 21 दिसंबर 10:04 PM से 22 दिसंबर 10:52 AM तक
तैतिल: 22 दिसंबर 10:52 AM से 22 दिसंबर 11:35 PM तक
गर: 22 दिसंबर 11:35 PM से 23 दिसंबर 12:13 PM तक
☀️🌙 सूर्य व चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:08 AM
सूर्यास्त: 05:42 PM
चन्द्रोदय: 08:54 AM
चन्द्रास्त: 07:46 PM
♐♑ राशि स्थिति
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि:
10:06 AM तक – धनु
उसके बाद – मकर
⚠️ अशुभ काल
राहुकाल: 08:27 AM – 09:46 AM
यम गण्ड: 11:06 AM – 12:25 PM
कुलिक: 01:44 PM – 03:03 PM
दुर्मुहूर्त:
12:46 PM – 01:28 PM
02:53 PM – 03:35 PM
वर्ज्यम्: 12:15 PM – 01:59 PM
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:32 AM – 06:20 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:04 PM – 12:46 PM
अमृत काल: 10:37 PM – 12:20 AM
विशेष शुभ योग
सर्वार्थसिद्धि योग:
22 दिसंबर 03:36 AM – 07:08 AM (उत्तराषाढ़ा नक्षत्र)
23 दिसंबर 05:32 AM – 07:08 AM (श्रवण नक्षत्र व सोमवार)
त्रिपुष्कर योग:
22 दिसंबर 03:36 AM – 07:08 AM
🧭 यात्रा शास्त्र
आज किस दिशा की यात्रा वर्जित: पूर्व दिशा
यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या खाएं:
दही या मिश्री खाकर यात्रा करें
किस दिशा की यात्रा शुभ:
उत्तर व पश्चिम दिशा – धन, कार्य-सिद्धि और सफलता के लिए लाभकारी
🌙 चंद्रबल (राशि अनुसार)
10:06 AM तक: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
उसके बाद: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
ताराबल (नक्षत्र अनुसार)
23 दिसंबर 05:32 AM तक:
भरणी, रोहिणी, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती
उसके बाद: अश्विनी, कृत्तिका, आद्रा, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा

नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” जिम्मेदार नहीं है। किसी भी शुभ-अशुभ कार्य से पूर्व योग्य विद्वान या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।

87वीं पुण्यतिथि पर जन्मस्थली पर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रायबरेली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। हिंदी के युग प्रवर्तक और राष्ट्रभाषा हिंदी को नई दिशा देने वाले महान साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की 87वीं पुण्यतिथि पर उनके जन्मस्थान दौलतपुर और मोक्षस्थली रायबरेली में विविध कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। राही ब्लॉक परिसर और दौलतपुर स्थित प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति न्यास के तत्वावधान में राही ब्लॉक सभागार में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आचार्य द्विवेदी भारतीय पुनर्जागरण के चतुर्थ चरण के सबसे बड़े प्रवक्ता थे। उनके द्वारा विकसित खड़ी बोली हिंदी स्वतंत्रता आंदोलन की प्रभावी भाषा बनी, जिसे 1919 में महात्मा गांधी ने जनआंदोलन की संपर्क भाषा के रूप में स्वीकार किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक युगुल किशोर तिवारी ने की। पूर्व प्राचार्य आदर्श कुमार ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ने हिंदी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय जागरण का सशक्त औजार बनाया। उन्होंने भाषा की शुद्धता, विचारों की स्पष्टता और नैतिक मूल्यों को साहित्य की बुनियाद बनाया। प्रोफेसर उदयभान सिंह ने उनके जीवन को साधना, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का उदाहरण बताया।
हिंदी विभागाध्यक्ष बद्री दत्त मिश्रा ने कहा कि ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादन के माध्यम से आचार्य द्विवेदी ने हिंदी नवजागरण की मजबूत नींव रखी और साहित्य को संगठित स्वरूप देते हुए लेखकों को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने उनके चिंतन को आज के सामाजिक संदर्भ में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया। डॉ. संतोष पांडेय ने कहा कि आचार्य द्विवेदी ने साहित्यिक अनुशासन स्थापित कर बोलियों में बंटी हिंदी को खड़ी बोली का सुदृढ़ रूप दिया।
कार्यक्रम में कवियों ने कविता-पाठ के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। संचालन शंकर प्रसाद मिश्र ने किया और आभार समिति अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने व्यक्त किया। बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, अधिवक्ता, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जाने आज किस मूलांक की चमकेगी किस्मत?

अंक राशिफल 21 दिसंबर 2025: आज किस मूलांक की चमकेगी किस्मत? जानें करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और शुभ उपाय
अंक राशिफल 21 दिसंबर 2025 (रविवार):
जैसे नाम के अनुसार राशि होती है, उसी प्रकार जन्मतिथि के आधार पर अंक ज्योतिष में मूलांक का विशेष महत्व होता है। आज रविवार का दिन है और सूर्य का प्रभाव सभी मूलांकों पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) के अनुसार आज का दिन कई मूलांकों के लिए निर्णय, उन्नति और आत्मविश्लेषण का संकेत दे रहा है।
आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत अंक राशिफल, जिसमें करियर, व्यापार, शिक्षा, कला-संगीत, राजनीति, प्रशासन, आर्थिक स्थिति, शुभ रंग, शुभ अंक और पूजन उपाय शामिल हैं।
🔢 मूलांक 1 (जन्मतिथि: 1, 10, 19, 28)
आज का दिन: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि
कार्य/व्यवसाय: नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों से सराहना मिलेगी। नया प्रोजेक्ट शुरू करने का उत्तम समय।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अनुकूल दिन।
कला/संगीत: रचनात्मक विचारों को मंच मिल सकता है।
राजनीति/प्रशासन: नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा, प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: आय में सुधार, लेकिन अहंकार से बचें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजन: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
🔢 मूलांक 2 (जन्मतिथि: 2, 11, 20, 29)
आज का दिन: भावनात्मक संतुलन जरूरी
कार्य/व्यवसाय: सहयोगियों का साथ मिलेगा, पर निर्णय सोच-समझकर लें।
शिक्षा: कला, मनोविज्ञान और लेखन से जुड़े छात्रों के लिए अच्छा दिन।
कला/संगीत: भावनाओं से जुड़ी रचनाएँ सराही जाएंगी।
राजनीति/प्रशासन: जनसंपर्क मजबूत होगा।
आर्थिक स्थिति: सामान्य, खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजन: माता दुर्गा की आराधना करें।
🔢 मूलांक 3 (जन्मतिथि: 3, 12, 21, 30)
आज का दिन: ज्ञान और नई शुरुआत का
कार्य/व्यवसाय: वरिष्ठों का मार्गदर्शन मिलेगा, पदोन्नति के संकेत।
शिक्षा: छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद शुभ दिन।
कला/संगीत: लेखन और मंचीय कला में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: वाणी की शक्ति से प्रभाव बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ की स्थिति बनेगी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूजन: भगवान विष्णु की पूजा करें।
🔢 मूलांक 4 (जन्मतिथि: 4, 13, 22, 31)
आज का दिन: परिवर्तन और योजनाओं में बदलाव
कार्य/व्यवसाय: काम में फोकस जरूरी, बदलाव लाभदायक होगा।
शिक्षा: टेक्निकल और रिसर्च फील्ड में अच्छा प्रदर्शन।
कला/संगीत: धैर्य से काम लें।
राजनीति/प्रशासन: नीति-निर्धारण में सावधानी रखें।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूजन: भगवान गणेश की पूजा करें।
🔢 मूलांक 5 (जन्मतिथि: 5, 14, 23)
आज का दिन: अवसर और यात्रा का
कार्य/व्यवसाय: व्यापारियों को नए सौदे मिल सकते हैं।
शिक्षा: कम्युनिकेशन व मैनेजमेंट स्टूडेंट्स के लिए उत्तम।
कला/संगीत: मीडिया व अभिनय क्षेत्र में लाभ।
राजनीति/प्रशासन: जनसंपर्क से लाभ।
आर्थिक स्थिति: लाभ संभव, खर्च पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजन: भगवान विष्णु की पूजा करें।
🔢 मूलांक 6 (जन्मतिथि: 6, 15, 24)
आज का दिन: रिश्तों और रचनात्मकता का
कार्य/व्यवसाय: फैशन, डिजाइन, ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को लाभ।
शिक्षा: आर्ट्स स्टूडेंट्स के लिए अनुकूल।
कला/संगीत: पहचान और प्रशंसा मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: सामाजिक छवि मजबूत होगी।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजन: माता लक्ष्मी की पूजा करें।
🔢 मूलांक 7 (जन्मतिथि: 7, 16, 25)
आज का दिन: आत्ममंथन और धैर्य का
कार्य/व्यवसाय: गुप्त योजनाओं पर काम करें।
शिक्षा: रिसर्च और आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी।
कला/संगीत: एकांत में रचनात्मक कार्य करें।
राजनीति/प्रशासन: निर्णय लेने में देरी न करें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूजन: भगवान शिव की आराधना करें।
🔢 मूलांक 8 (जन्मतिथि: 8, 17, 26)
आज का दिन: मेहनत और जिम्मेदारी का
कार्य/व्यवसाय: अधिक परिश्रम से सफलता मिलेगी।
शिक्षा: अनुशासन जरूरी।
कला/संगीत: संघर्ष के बाद पहचान।
राजनीति/प्रशासन: प्रशासनिक कार्यों में दबाव रहेगा।
आर्थिक स्थिति: सोच-समझकर निवेश करें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूजन: शनि देव की पूजा करें।
🔢 मूलांक 9 (जन्मतिथि: 9, 18, 27)
आज का दिन: ऊर्जा और निर्णायक समय
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस में बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत।
कला/संगीत: जोश से भरा दिन।
राजनीति/प्रशासन: नेतृत्व क्षमता उभरेगी।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूजन: हनुमान जी की पूजा करें।
⚠️ डिस्क्लेमर:
यह अंक राशिफल पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा अंक ज्योतिष के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित है। राष्ट्र की परम्परा इस अंक ज्योतिष की पूर्ण प्रमाणिकता का दावा नहीं करती। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएँ।

विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा नौवीं के छात्रों ने मारी बाजी

महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तिलक एकेडमी इंग्लिश मीडियम स्कूल, पुरैना खंडी चौरा में आयोजित वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी ने शिक्षा, नवाचार और प्रतिभा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के विविध विषयों पर आधारित आकर्षक व उपयोगी मॉडलों का प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (अमेरिका) में शिक्षा शास्त्र के वैज्ञानिक रह चुके प्रोफेसर डॉ. राजा वशिष्ठ त्रिपाठी ने प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद कर उनके मॉडल, सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी बच्चों में रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करती है।
प्रतियोगिता में कक्षा नौवीं के छात्र आनंद विश्वकर्मा, अमन और शेखर चौरसिया ने राइटिंग एंड ड्राइंग विषय पर प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी। द्वितीय स्थान कक्षा दसवीं के छात्र कुंदन, चित्रांश और दीपक को वर्किंग रोबोट मॉडल के लिए मिला, जबकि तृतीय स्थान कक्षा आठवीं के आलोक गुप्ता, गौरव प्रजापति और प्रभास आदित्य कनौजिया ने प्लाज्मा गन मॉडल के माध्यम से हासिल किया। विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन से हुई। संवाद सत्र में कक्षा दसवीं की छात्रा महिमा गुप्ता ने जल तत्व पर विस्तृत वैज्ञानिक चर्चा कर सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव ने किया।
विद्यालय के प्रबंधक एवं राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य जनार्दन प्रसाद गुप्त ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक प्रशांत कुमार गुप्त सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, गणमान्य लोग व अभिभावक उपस्थित रहे। प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी विज्ञान के क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं।

एकेडेमिक ग्लोबल स्कूल को मिला स्टार एजुकेशन अवॉर्ड 2025

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर स्थित एकेडेमिक ग्लोबल स्कूल को स्टार एजुकेशन अवॉर्ड्स 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विद्यालय के निदेशक राजेश कुमार ने स्कूल की ओर से प्राप्त किया। मुंबई के बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर, नेस्को में आयोजित समारोह में विद्यालय को “उत्तर प्रदेश : बेस्ट करिकुलम स्कूल” श्रेणी में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर हुई चयन प्रक्रिया में विद्यालय के शैक्षणिक परिणाम, सह-शैक्षणिक गतिविधियां, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियां और प्रभावी प्रबंधन प्रणाली को प्रमुख आधार बनाया गया। निर्णायक मंडल ने विद्यालय के समग्र शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों की विशेष सराहना की।
पुरस्कार ग्रहण करते हुए निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि एकेडेमिक ग्लोबल स्कूल का लक्ष्य केवल परीक्षा-केंद्रित शिक्षा नहीं, बल्कि छात्रों को जीवन के लिए तैयार करना और उनमें मूल्य आधारित सोच विकसित करना है।
इस सम्मान से विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में उत्साह और गर्व का माहौल है।

उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी, एक दुकान पर बिक्री प्रतिबंध

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर बघौली ब्लॉक क्षेत्र में उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ औचक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान दुकानों पर स्टॉक व रेट बोर्ड निर्धारित प्रदर्शनीय स्थान पर लगे हैं या नहीं, इसकी जांच की गई। साथ ही स्टॉक व वितरण रजिस्टर अद्यतन होने, पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक के मिलान की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को खतौनी के आधार पर उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिए गए। मौके पर मौजूद किसानों से उर्वरक की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री को लेकर जानकारी भी ली गई।
कुल पांच उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें एक दुकान पर अनियमितता पाए जाने के बाद उर्वरक के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया। वहीं, दो दुकानों पांडेय खाद भंडार, धनखिरिया और प्रहलाद मौर्य खाद भंडार, सिहतीकार को आवश्यक अभिलेख अद्यतन नहीं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित दुकानदारों का लाइसेंस निरस्त किए जाने की चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जनपद को अब तक कुल 21,100 मीट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त आपूर्ति प्राप्त हो रही है। यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण अब धीरे-धीरे मांग में कमी देखी जा रही है।
निरीक्षण में जिन उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की गई, उनमें पांडेय खाद भंडार, धनखिरिया; ओम खाद भंडार, देवडीह; प्रसिद्धी खाद भंडार, सिहतीकार; प्रहलाद मौर्य खाद भंडार, सिहतीकार; और यादव खाद भंडार, भवानी गदा रोड शामिल हैं।

पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए विश्वविद्यालय की पुरुष टीम चयनित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। रावेंशा विश्वविद्यालय, कटक में 10 जनवरी 2026 से आयोजित होने वाली पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट (पुरुष) प्रतियोगिता 2025-26 के लिए दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की क्रिकेट (पुरुष) टीम का चयन कर लिया गया है। टीम का चयन 21 दिसंबर को विश्वविद्यालय क्रीड़ांगन में आयोजित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
अस्थायी रूप से चयनित खिलाड़ियों में सिद्धार्थ नारायण पाण्डेय, सात्विक जायसवाल, सतीश कुमार, हर्षित सिंह, नमन दुबे, आनंद दुबे (विश्वविद्यालय), मो कैफ, निखिल दुबे, आकाश (बहादुर यादव मेमोरियल पीजी कॉलेज), लोकेश वर्मा (एसडी पीजी कॉलेज), नेहाल अहमद, देवेश पाण्डेय (सेंट एंड्रज महाविद्यालय), प्रिंस प्रजापति (रविन्द्र किशोर शाही राजकीय महाविद्यालय), सत्य प्रकाश यादव (कल्पनाथ राय महाविद्यालय), हरिओम चौहान (बीआरडी बीडी बरहज) तथा सौरभ यादव (दिग्विजय नाथ महाविद्यालय) शामिल हैं।
विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सचिव राज वीर सिंह ने बताया कि सभी चयनित खिलाड़ी 23 दिसंबर को अपराह्न 1 बजे विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।

रैन बसेरों में बेघरों की नब्ज टटोलने देर रात पहुंचे एडीएम वित्त अरविंद कुमार

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में 20 दिसंबर 2025 की देर रात अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार अपनी धर्मपत्नी सौम्या के साथ शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण करने निकले।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बेघर, निराश्रित, असहाय एवं दिव्यांगजनों की स्थिति का जायजा लिया और उनसे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
एडीएम सबसे पहले रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां खुले आसमान के नीचे ठंड से जूझ रहे निराश्रित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और ठंड से बचाव के प्रति जागरूक किया। इसके पश्चात टाउन हॉल परिसर में नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरे का निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सुथरे बेड, बिस्तर, रजाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं।
रैन बसेरे में ठहरी एक बुजुर्ग महिला की हालत बेहद दयनीय मिली। महिला ने बताया कि वह कई दिनों से बीमार है और इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। अपनी साड़ी में बंधी दवा की एक टैबलेट दिखाते हुए वह भावुक हो गई। स्थिति को देखते हुए एडीएम अरविंद कुमार ने तत्काल दवा की व्यवस्था करवाई और आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
इसके बाद एडीएम ने शहर में जलाए जा रहे अलावों का निरीक्षण किया और व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति खुले में ठंड में सोता दिखाई दे, तो उसे नजदीकी रैन बसेरे तक पहुंचाने में सहयोग करें। देर रात तक चले इस निरीक्षण से प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता स्पष्ट नजर आई।

विद्यार्थियों के बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जैतीपुर क्षेत्र के त्रिमधुरम बैसरा ट्रस्ट ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, खेल-कूद और बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कबड्डी प्रतियोगिता में क्षेत्र के 13 इंटर कॉलेजों ने प्रतिभाग किया। इस रोमांचक मुकाबले में श्रीलटूरी लाल इंटर कॉलेज, जैतीपुर की टीम विजेता रही, जिसे 21,000 रुपये नकद, ट्रॉफी और मेडल से सम्मानित किया गया। शान इंटर कॉलेज, कटरा की टीम उप-विजेता रही और उन्हें 11,000 रुपये नकद, ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए गए।
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में क्षेत्र के 21 इंटर कॉलेजों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में प्रसाद विद्यामंदिर कटरा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्हें तीन लेनोवो टैबलेट, ट्रॉफी और मेडल दिए गए। आदर्श इंटर कॉलेज कटरा की टीम द्वितीय स्थान पर रही और उन्हें तीन साइकिल, ट्रॉफी व मेडल प्रदान किए गए। सेठ रामचन्द्र सिंह इंटर कॉलेज खड़सार ने तृतीय स्थान हासिल किया और उन्हें तीन स्मार्ट वॉच, ट्रॉफी व मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागी विद्यालयों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज बंथरा के चेयरमैन डॉ. अशोक अग्रवाल रहें।वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में बरेली कॉलेज की जंतु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. बीनम सक्सेना उपस्थित रहीं। इस दौरान काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।