Friday, June 26, 2026
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“कंधों पर बोझ या हाथों में किताब? बाल श्रम बनाम शिक्षा—क्यों काग़ज़ों तक सिमट गया कानून”

सोमनाथ मिश्रा की कलम से (राष्ट्र की परम्परा)।

कानून सख़्त हैं, योजनाएं मौजूद हैं—फिर भी क्यों लाखों बच्चे स्कूल नहीं, काम पर हैं?

भारत में बाल श्रम बनाम शिक्षा की बहस आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी दशकों पहले थी। संविधान बच्चों को शिक्षा का अधिकार देता है, बाल श्रम निषेध कानून मौजूद हैं, फिर भी सच्चाई यह है कि लाखों बच्चे आज भी किताबों की जगह औज़ार, थैले या चाय की केतली थामे हुए हैं। सवाल यह है कि कानून क्यों बेअसर साबित हो रहा है?

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि गरीबी, बेरोज़गारी और सामाजिक असमानता बाल श्रम की सबसे बड़ी वजहें हैं। कई परिवारों के लिए बच्चों की कमाई रोज़मर्रा की ज़रूरत बन चुकी है। ऐसे में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा कानून केवल काग़ज़ी अधिकार बनकर रह जाता है। स्कूल तो हैं, लेकिन संसाधनों की कमी, शिक्षक अभाव और गुणवत्ता पर सवाल बच्चों को पढ़ाई से दूर कर देते हैं।

बाल श्रम का शिक्षा पर असर

जो बच्चा कम उम्र में काम करने लगता है, वह न सिर्फ़ शिक्षा से वंचित रहता है बल्कि उसका शारीरिक और मानसिक विकास भी प्रभावित होता है। पढ़ाई छूटने का सीधा असर भविष्य पर पड़ता है, जिससे गरीबी का दुष्चक्र टूट नहीं पाता। यही कारण है कि बाल श्रम और अशिक्षा एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।

परीक्षा की तैयारी: बाल श्रम से जूझते छात्रों के लिए व्यावहारिक तरीके

जो बच्चे कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उनके लिए समय प्रबंधन और स्मार्ट स्टडी बेहद ज़रूरी है:

  1. छोटे समय का सही उपयोग: रोज़ 1–2 घंटे भी नियमित पढ़ाई बड़ा बदलाव ला सकती है।
  2. ऑनलाइन व ई-लर्निंग संसाधन: मुफ्त वीडियो लेक्चर, सरकारी पोर्टल और मोबाइल ऐप्स मददगार हैं।
  3. संक्षिप्त नोट्स और रिवीजन: कम समय में अधिक याद रखने के लिए शॉर्ट नोट्स बनाएं।
  4. परीक्षा पैटर्न पर फोकस: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉडल पेपर हल करें।
  5. समर्थन तंत्र: शिक्षकों, स्वयंसेवी संगठनों और परिवार का सहयोग लें।

समाधान की दिशा

बाल श्रम को खत्म करने के लिए केवल कानून नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी, परिवारों की आर्थिक मदद और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार ज़रूरी है। जब तक शिक्षा को रोजगार से जोड़कर नहीं देखा जाएगा, तब तक कानूनों का असर सीमित रहेगा।

निष्कर्ष:
बाल श्रम बनाम शिक्षा की यह लड़ाई केवल नीतियों की नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की भी है। हर बच्चा स्कूल में हो—यही किसी भी सशक्त राष्ट्र की असली पहचान है।

ठंड और कोहरे के मौसम मे संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रबंधक का औचक निरिक्षण

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)
ठण्ड और कोहरे के मौसम में संरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 21 दिसंबर,2025 को आशीष जैन, मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी द्वारा मंडल के वाराणसी-भटनी रेल खण्ड पर पड़ने वाले सादात एवं जखनियां रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया । इस दौरान उन्होंने स्टेशन की परिचलनिक व्यवस्था के साथ-साथ केन्द्रीकृत स्टेशन पैनल, वीडर काउन्टर, रिले रूम, संरक्षा उपकरणों यथा ब्लॉक इंस्टूमेंट, एक्सल काउंटर,डाटा लॉगर इत्यादि को देखा । इसके अलावा उन्होंने स्टेशन अभिलेखों यथा विफलता रजिस्टर, अनुरक्षण रजिस्टर, रिले रूम चाभी हस्तांतरण रजिस्टर, पॉइंट्स एण्ड क्रासिंग रजिस्टर, स्टेशन वर्किंग रूल इत्यादि की जाँच की । साथ ही प्लेटफार्म सहित स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं का निरीक्षण कर स्टेशन पर वॉटर बूथों,आरसीसी बेंचेज,यात्री शेड एवं स्टेशन भवन के यथोचित प्रबंधन,रख-रखाव एवं साफ-सफाई के सम्बंध में निर्देश दिया।

नए साल 2026 के पहले दिन महिलाएं जरूर करें ये 3 काम, सालभर मां लक्ष्मी रहेंगी कृपा बनाए

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नए साल की शुरुआत अगर शुभ कार्यों और पूजा-पाठ से की जाए तो पूरे वर्ष सुख-समृद्धि बनी रहती है। साल 2026 के पहले दिन महिलाओं द्वारा किए गए कुछ खास उपाय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं और घर में धन, सुख व शांति का वास बना रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नए साल के पहले दिन ये 3 काम जरूर करने चाहिए।

1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और तुलसी पूजा

नए साल के पहले दिन महिलाओं को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल या किसी पवित्र नदी के जल से स्नान करना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें, लाल रंग का कलावा बांधें और शाम के समय तुलसी वृंदावन के पास दीपक जलाकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।

मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन की कभी कमी नहीं रहती।

2. देवी-देवताओं की पूजा और बड़ों का आशीर्वाद

साल के पहले दिन बाल गोपाल को स्नान कराएं, शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, गणपति जी की पूजा करें और मां दुर्गा को लाल चुनरी अर्पित करें।इसके साथ ही घर के सभी बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और संकल्प करें कि पूरे साल उनका सम्मान और ध्यान रखा जाएगा।

शास्त्रों के अनुसार, जहां बुजुर्ग प्रसन्न रहते हैं, वहां सदैव बरकत बनी रहती है।

3. मीठा बनाएं, दान करें और गाय को रोटी खिलाएं

नए साल के पहले दिन रसोई में कुछ मीठा जरूर बनाएं, भगवान को भोग लगाएं और फिर उसे कन्याओं में बांट दें।
इसके अलावा:

• गाय को ताजी रोटी खिलाएं
• जरूरतमंदों को अन्न, धन, कंबल या उपयोगी वस्तुओं का दान करें

ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पूरे साल आर्थिक सुख-समृद्धि बनी रहती है।

धार्मिक मान्यता

इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से नए साल की शुरुआत शुभ होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

प्रधानमंत्री बांग्लादेश में मारते हिंदुओं को बचा लीजिए

लोग बोले – पानी सर से ऊपर जा रहा है, अब बंगलादेश में मर रहे हिन्दुओ को सुरक्षित करने के लिए कुछ करना चाहिए

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)
बांग्लादेश में खुलेआम हिंदुओं के नरसंहार पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों ने बताया कि, कहां गए एकता और भाईचारे की दुहाई देने वाले आज सभी चुप हैं। देश के नेताओं के मुंह में लकवा मार गया हैं। हम सभी भारतीय प्रधानमंत्री से हाथ जोड़ कर बिनती करते हैं कि बंगलादेश से सभी हिन्दुओं को वापस लाये। इस बेरहमी पर कोई भी विरोधी पार्टी एक जुबान नहीं बोल रहा हैं। यही इनकी असलियत है, बांग्लादेश में हिंदू मारे जा रहे हैं और यहा सभी चुप हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी हमें सिर्फ आपसे उम्मीद है बांग्लादेश में मर रहे हिंदुओं को बचा लीजिए वह खुलेआम हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है। और भारत में एकता की बात करने वाले बंगलादेश में हिंदुओं के मरने का इंतजार कर रहे हैं कोई कुछ नहीं बोल रहा है। देश हमारा है हिंदुओं को मरने मत दीजिए उन्हें बचा लीजिए, नहीं तो बांग्लादेश के कट्टरपंथी, हिंदुओं को फांसी लगाकर चौराहे पर जलाकर और महिलाओं एवं बच्चियों से सामूहिक बलात्कार करके मार देंगे। प्रधानमंत्री आपसे हमारी विनम्र निवेदन है कि अपने हिंदुओं को मारने से बचा लीजिए। देश के नेताओं के मुंह में आज लकवा मार गया है, इसलिए आपसे ही उम्मीद है। बांग्लादेश में मर रहे हिंदुओं को बचा लीजिए।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी बांग्लादेश से मर रहे हिंदुओं को ले आऐ हमारी प्रार्थना हैं कि उनको भारत में सरन दे उनके जान और सम्मान की रक्षा केवल आप ही कर सकते हैं। 120 करोड़ हिन्दू आपसे प्रार्थना करहे कि उनकी चीखों चीत्कारों में केवल आप ही से अपेक्षा है,आप पर ही भरोसा है, उनकी जिंदगी को नर्क होने से बचे लीजिए। बांग्लादेश से सभी हिंदुओं को भारत में बसाया जाए क्योंकि कट्टरपंथी वहां उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। अत्याचार सहते अपने हिंदू भाइयों के लिए सभी हिंदुओं को न्याय की आवाज उठानी चाहिए। मोदी, योगी अब बहुत हो गया अब बांग्लादेश से हिंदुओं को बुला लीजिए। अब सब्र की सीमा समाप्त हो चुकी है। बांग्लादेश का उपचार करने का सही समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि हिन्दुओ को सेव करने की कार्यवाही करना चाहिए क्योंकि कि आप सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं के वोटों से प्रधानमंत्री हैं। पानी सर से ऊपर जा रहा है, अब बंगलादेश में मर रहे हिन्दुओ को सुरक्षित करने के लिए कुछ करना चाहिए। नजर आ रही यह घटनाएं बिल्कुल बहुत दुखद है, यह जो भीड़ थी वो पहले भी ऐसा हो चुका है। अब यह सोचने वाली बात हैं कि बंगलादेश की पुलिस और सेना क्या कर रही हैं? क्या यह भी इस खेल में शामिल हैं। ऐसे हालत में हिन्दुओं को सेव करने के लिए भारत सरकार को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।
ऐसी भयावह घटनाओं को देशवाशीओ को बहुत रोना आता है अपने आप पर – बस इतना कहना चाहते कि सभी हिंदू भाई बहनों से वो जातीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकता स्थापित करें और सरकार पर दबाव बनाएं कि ये देश हिंदू के लिए सुरक्षित हो जाए।

इतिहास की सबसे सस्ती कीमत पर iPhone 15! क्रोमा की ईयर-एंड सेल में मिल रही छप्परफाड़ डील

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। अगर आप नया iPhone 15 खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह समय सबसे बेहतर हो सकता है। नए साल से पहले क्रोमा की ईयर-एंड सेल में iPhone 15 अब तक की सबसे कम कीमत पर उपलब्ध है। इस डील में भारी डिस्काउंट के साथ कैशबैक और एक्सचेंज बोनस का भी फायदा मिल रहा है, जिससे फोन की कीमत 40 हजार रुपये से भी नीचे आ सकती है।

iPhone 15 के स्पेसिफिकेशंस

2023 में लॉन्च हुआ iPhone 15 दमदार फीचर्स के साथ आता है:

• 6.1-इंच Super Retina XDR डिस्प्ले
• Apple A16 Bionic प्रोसेसर
• 6GB RAM
• 48MP + 12MP डुअल रियर कैमरा
• 12MP फ्रंट कैमरा
• IP68 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंस
• iOS 17 आउट-ऑफ-द-बॉक्स
• iOS 26 अपडेट के लिए एलिजिबल
• वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट

क्रोमा पर iPhone 15 की लेटेस्ट डील

iPhone 15 की लॉन्च कीमत ₹79,900 थी, लेकिन अब क्रोमा पर यह सिर्फ ₹57,990 में लिस्टेड है।

अतिरिक्त फायदे:

• ₹2,000 का इंस्टेंट कैशबैक
• पुराने फोन के एक्सचेंज पर ₹14,000 तक की छूट
• ₹4,000 तक का एक्सचेंज बोनस

इन सभी ऑफर्स के बाद iPhone 15 की प्रभावी कीमत ₹40,000 से भी कम हो सकती है।

Google Pixel स्मार्टफोन्स पर भी बंपर ऑफर

क्रोमा के अलावा Google की ईयर-एंड सेल में Pixel स्मार्टफोन्स पर भी बड़ी छूट दी जा रही है:

• Pixel 10 पर ₹10,000 तक की बचत
• Pixel 9: ₹79,999 से घटकर ₹58,399
• Pixel 9 Pro Fold: ₹1,72,999 से ₹1,62,999
• Pixel 9a: ₹49,999 से ₹44,999

ग्रहों की चाल से बदलेगी किस्मत, जानें अपना भविष्य

आज का राशिफल 22 दिसंबर 2025: इन 5 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव, उथल-पुथल के बीच भी किस्मत देगी साथ
ग्रह-नक्षत्रों की चाल से व्यक्ति के जीवन में होने वाले बदलावों का संकेत मिलता है

सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को चंद्रमा का गोचर धनु से मकर राशि में होगा, जिससे कई राशियों के जीवन में निर्णायक मोड़ आएंगे। गुरु मिथुन, शनि मीन और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल, आसान शब्दों में, सभी 12 राशियों के लिए—कार्य, व्यवसाय, शिक्षा, कला-संगीत, राजनीति, प्रशासन, आर्थिक स्थिति और शुभ उपायों के साथ।
(राशिफल: पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय)
मेष राशि (Aries ♈)
नाम का पहला अक्षर: अ, च, ल, ई
आज आपके साहस और मेहनत का फल मिलेगा।
कार्य/व्यवसाय: व्यापार में बड़ा ऑर्डर या नया अनुबंध मिल सकता है।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्रों को सफलता के संकेत।
कला-संगीत: मंच से जुड़ने वालों को प्रशंसा।
राजनीति/प्रशासन: उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भगवान हनुमान
वृषभ राशि (Taurus ♉)
नाम अक्षर: ब, व, उ, ए
भाग्य आपका साथ देगा।
कार्य/व्यवसाय: नौकरी में पदोन्नति के योग।
शिक्षा: उच्च शिक्षा के लिए दिन अनुकूल।
कला-संगीत: रचनात्मक सोच बढ़ेगी।
राजनीति: जनसमर्थन मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के अवसर।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां लक्ष्मी
मिथुन राशि (Gemini ♊)
नाम अक्षर: क, घ, छ
आज सतर्कता जरूरी है।
कार्य/व्यवसाय: साझेदारी में सावधानी रखें।
शिक्षा: ध्यान भटक सकता है, एकाग्र रहें।
कला-संगीत: अभ्यास से लाभ।
राजनीति/प्रशासन: विवाद से दूर रहें।
आर्थिक स्थिति: खर्च अधिक हो सकता है।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: गणेश जी
कर्क राशि (Cancer ♋)
नाम अक्षर: ड, ह
कार्य/व्यवसाय: नौकरी में स्थिरता।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए मध्यम दिन।
कला-संगीत: भावनात्मक रचनाएं सफल।
आर्थिक स्थिति: संतुलित।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: भगवान शिव
सिंह राशि (Leo ♌)
नाम अक्षर: म, ट
कार्य/व्यवसाय: शत्रुओं पर विजय।
शिक्षा: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
राजनीति: नेतृत्व क्षमता उभरेगी।
आर्थिक स्थिति: सामान्य।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव
कन्या राशि (Virgo ♍)
नाम अक्षर: प, ठ, ण
कार्य/व्यवसाय: सोच-समझकर निर्णय लें।
शिक्षा: लेखन-पढ़ाई में सफलता।
कला-संगीत: बौद्धिक कार्यों में लाभ।
आर्थिक स्थिति: अच्छी।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: मां सरस्वती
तुला राशि (Libra ♎)
नाम अक्षर: र, त
कार्य/व्यवसाय: संपत्ति से लाभ।
शिक्षा: फोकस बनाए रखें।
राजनीति: संतुलित व्यवहार जरूरी।
आर्थिक स्थिति: मजबूत।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां दुर्गा
वृश्चिक राशि (Scorpio ♏)
नाम अक्षर: न, य
कार्य/व्यवसाय: पराक्रम रंग लाएगा।
शिक्षा: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
राजनीति/प्रशासन: प्रभाव बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: लाभ।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भगवान भैरव
धनु राशि (Sagittarius ♐)
नाम अक्षर: भ, ध, फ
कार्य/व्यवसाय: सत्ता-प्रशासन से सहयोग।
शिक्षा: उच्च अध्ययन में सफलता।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ।
शुभ रंग: नारंगी | शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: विष्णु भगवान
मकर राशि (Capricorn ♑)
नाम अक्षर: ख, ज
कार्य/व्यवसाय: सकारात्मक ऊर्जा रहेगी।
प्रशासन: नियमों का पालन करें।
आर्थिक स्थिति: स्थिर।
शुभ रंग: भूरा | शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनि देव
कुंभ राशि (Aquarius ♒)
नाम अक्षर: ग, स
कार्य/व्यवसाय: मन में चिंता रहेगी।
शिक्षा: धैर्य रखें।
आर्थिक स्थिति: ठीक-ठाक।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: शिव जी
मीन राशि (Pisces ♓)
नाम अक्षर: द, च
कार्य/व्यवसाय: आय के नए स्रोत बनेंगे।
शिक्षा/कला: रचनात्मकता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: बहुत अच्छी।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान विष्णु
नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिष की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं।

पारिवारिक विवाद के बाद दर्दनाक घटना, पिता ने तीन बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाया; सभी अस्पताल में भर्ती


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पारिवारिक विवाद के बाद एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है। भाटपाररानी थाना क्षेत्र के ग्राम भरौली में रविवार को एक व्यक्ति ने अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया, जिससे चारों की हालत गंभीर हो गई।

घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने तुरंत सभी को भाटपाररानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया गया।

घरेलू विवाद बना घटना की वजह

जानकारी के अनुसार, ग्राम भरौली निवासी रानू गोंड़ (25) पेशे से पिकअप चालक है। उसका पत्नी से अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था। कुछ दिन पहले पत्नी बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।

पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने पारिवारिक तनाव को इस कदम की वजह बताया है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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बच्चों का ICU में इलाज, पिता की हालत स्थिर

मेडिकल कॉलेज देवरिया में तीनों बच्चों का आईसीयू में इलाज चल रहा है, जबकि पिता का इमरजेंसी वार्ड में उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस का बयान

थाना अध्यक्ष अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि भाटपाररानी थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपने बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ सेवन किया था। सभी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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कर्म, श्राप और शिव कृपा का दिव्य रहस्य

🌕 शास्त्रोक्त चन्द्र की कर्मकथा (एपिसोड–7): दाक्षायणियों से कलंक तक—चन्द्र देव का कर्म, श्राप और अमर महिमा

भारतीय सनातन परंपरा में चन्द्र केवल आकाश में चमकता हुआ ग्रह नहीं, बल्कि मन, रस, औषधि, समय और कर्म का साक्षात् प्रतीक हैं। शास्त्रों में उन्हें सोम, इन्दु, निशाकर और हिमांशु कहा गया है। एपिसोड–7 में हम चन्द्र देव की कर्मकथा को शास्त्रोक्त संदर्भों के साथ विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं—जहाँ कर्म, अहंकार, श्राप, तप और करुणा—सब एक साथ मानव जीवन के लिए गहन संदेश देते हैं।

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🌙 शास्त्रों में चन्द्र का स्वरूप और महिमा
ऋग्वेद, अथर्ववेद, विष्णु पुराण और भागवत पुराण—सभी में चन्द्र का वर्णन दिव्य तेजस्विता के साथ मिलता है। चन्द्र देव को औषधियों का स्वामी, रस का अधिष्ठाता और मन का नियंता माना गया है। यही कारण है कि आयुर्वेद में सोम का विशेष स्थान है और ज्योतिष में चन्द्र मन, माता, भावनाएँ और संवेदनशीलता का कारक ग्रह है।
भगवान शिव के मस्तक पर चन्द्र का विराजमान होना—यह संकेत है कि वैराग्य, संयम और करुणा के बिना शक्ति भी दिशाहीन हो जाती है। शिव के शरणागत होकर ही चन्द्र को अपने कर्मों के दुष्परिणाम से मुक्ति का मार्ग मिला।

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🌕 दाक्षायणियों से विवाह और कर्म का बीज
शास्त्रों के अनुसार, प्रजापति दक्ष की 27 कन्याएँ—जो आगे चलकर 27 नक्षत्र बनीं—चन्द्र देव को समर्पित की गईं। यह विवाह समता और धर्म पर आधारित था, किंतु चन्द्र का रुझान केवल रोहिणी की ओर अधिक हो गया। यही असंतुलन उनके कर्म का बीज बना।
धर्म कहता है—जहाँ उत्तरदायित्व हो, वहाँ पक्षपात विनाश का कारण बनता है। चन्द्र ने अपने वैवाहिक धर्म का पालन नहीं किया। यह कर्म, आगे चलकर उनके लिए श्राप का कारण बना।

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🌑 दक्ष का श्राप: क्षय का प्रारंभ
अपमानित होकर प्रजापति दक्ष ने चन्द्र को श्राप दिया—
“तुम क्षय रोग से ग्रस्त होकर क्षीण होते जाओगे।”
यह श्राप केवल शारीरिक नहीं था; यह अहंकार के क्षय का प्रतीक था। चन्द्र का तेज घटने लगा, औषधियाँ प्रभावहीन होने लगीं, और सृष्टि में असंतुलन फैलने लगा।
यहाँ शास्त्र स्पष्ट संदेश देते हैं—कर्म का फल अवश्य मिलता है, चाहे वह देवता ही क्यों न हों।

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🌗 तप, करुणा और शिव शरणागति
कष्ट में पड़े चन्द्र ने देवताओं के साथ भगवान शिव की शरण ली। शिव ने श्राप को पूर्णतः नष्ट नहीं किया, बल्कि संतुलन का मार्ग दिया—
“तुम अमावस्या तक क्षीण और पूर्णिमा तक पुनः पूर्ण होते रहोगे।”
यही से चन्द्र के घटने-बढ़ने (कृष्ण पक्ष–शुक्ल पक्ष) की परंपरा स्थापित हुई। यह कथा बताती है कि शरणागति से कर्म का परिष्कार संभव है, पर उसका लोप नहीं।

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🌕 चन्द्र की समानता और जीवन-संदेश
चन्द्र का स्वभाव मानव मन जैसा है—
कभी उजला, कभी धुंधला
कभी स्थिर, कभी चंचल
कभी पूर्ण, कभी शून्य
इसीलिए ज्योतिष में चन्द्र को मन का कारक माना गया। चन्द्र की कथा हमें सिखाती है कि भावनाओं पर संयम, कर्तव्य में समता और अहंकार का क्षय—यही जीवन का धर्म है।

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🌙 व्रत, पर्व और चन्द्र आराधना
सोमवार व्रत, पूर्णिमा, अमावस्या, करवा चौथ, शरद पूर्णिमा—ये सभी चन्द्र से जुड़े पर्व हैं। मान्यता है कि चन्द्र को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, परिवारिक सौहार्द और रोगों से मुक्ति मिलती है।

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कर्म ही चन्द्र की सबसे बड़ी शिक्षा
एपिसोड–7 की यह शास्त्रोक्त कथा बताती है कि देवता भी कर्म से बंधे हैं। चन्द्र का क्षय और पुनरुत्थान—जीवन के उतार-चढ़ाव का शाश्वत सत्य है। जो व्यक्ति अपने कर्मों को धर्म, करुणा और संतुलन से जोड़ लेता है—वह हर अमावस्या के बाद पूर्णिमा की ओर बढ़ता है।

इंडोनेशिया में भीषण सड़क हादसा, कंक्रीट बैरियर से टकराई बस; 15 यात्रियों की मौत

जकार्ता (राष्ट्र की परम्परा)। इंडोनेशिया में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा स्थानीय समयानुसार आधी रात के करीब हुआ, जब 34 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस अनियंत्रित होकर कंक्रीट के बैरियर से टकरा गई।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और राहत दल ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही मानी जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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नॉन-मेट्रो शहरों से आकार ले रहा भारत का क्रिप्टो बाजार, निवेश में यूपी बना सबसे बड़ा योगदानकर्ता

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत का क्रिप्टोकरेंसी बाजार अब बड़े महानगरों से निकलकर नॉन-मेट्रो शहरों और कस्बों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कॉइनस्विच की रिपोर्ट ‘हाउ इंडिया इन्वेस्ट्स 2025’ के मुताबिक, उत्तर प्रदेश क्रिप्टो निवेश में देश का सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा है, जिसने महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

छोटे शहरों से बढ़ी क्रिप्टो में भागीदारी

रिपोर्ट के अनुसार, क्रिप्टो निवेशकों की भागीदारी अब मेट्रो शहरों से हटकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से बढ़ रही है।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों में 45% निवेशक 26 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के हैं, जो इसे युवाओं का पसंदीदा निवेश विकल्प बनाता है।

क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स कैसे लगता है?

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) की श्रेणी में रखा गया है। इस पर टैक्स के नियम सख्त हैं।

क्रिप्टो टैक्स के प्रमुख नियम

• क्रिप्टो बेचने से हुए मुनाफे पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है।
• होल्डिंग पीरियड चाहे कितना भी हो, टैक्स दर समान रहती है।
• केवल खरीद लागत की कटौती की अनुमति
• माइनिंग, ट्रेडिंग फीस या अन्य खर्च कटौती योग्य नहीं।
• क्रिप्टो से हुए नुकसान को अन्य आय से समायोजित नहीं किया जा सकता।
• नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करने की अनुमति नहीं
• धारा 194S के तहत हर ट्रांजेक्शन पर 1% TDS कटता है।

कौन-से क्रिप्टो ट्रांजेक्शन टैक्सेबल हैं?

• क्रिप्टो को INR (फिएट करेंसी) में बेचना
• एक क्रिप्टो को दूसरी क्रिप्टो से एक्सचेंज करना
• क्रिप्टो से सामान या सेवाएं खरीदना
• माइनिंग, स्टेकिंग, एयरड्रॉप या रिवॉर्ड के रूप में प्राप्त क्रिप्टो
• गिफ्ट के रूप में प्राप्त क्रिप्टो (छूट सीमा से अधिक होने पर)

क्रिप्टो टैक्स की गणना: उदाहरण

मई 2025 में अनुज ने ₹1,50,000 में बिटकॉइन खरीदा।
दिसंबर 2025 में इसे ₹2,20,000 में बेच दिया।

• कुल लाभ: ₹70,000

• 30% टैक्स: ₹21,000

TDS कटौती

• 1% TDS: ₹2,200

• नेट भुगतान: ₹2,17,800

• ITR फाइल करते समय देय टैक्स: ₹18,800

IPO Listing Dates

• 23 दिसंबर: KSH International – ₹700 करोड़

29 दिसंबर: Gujarat Super-Speciality – ₹250 करोड़

डिस्क्लेमर:- यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। क्रिप्टो निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

विधानसभा में आज हंगामे के आसार, सीएम योगी ने मंत्रियों-विधायकों को दिए सख्त निर्देश—डटकर दें विपक्ष को जवाब

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आज दोनों सदनों में हंगामे के आसार हैं। विपक्ष के संभावित हमलों से निपटने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री और विधायक पूरी तैयारी के साथ सदन में आएं और विपक्ष के हर सवाल का तथ्यात्मक व सशक्त जवाब दें।

लोकभवन में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक

रविवार को लोकभवन में आयोजित भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार के खिलाफ लगाए जाने वाले गलत आरोपों का शालीनता और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी सदस्य की ओर से ऐसा बयान न आए, जिससे सरकार या पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़े।

अनुपूरक बजट पर रहेगी विपक्ष की नजर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को दोनों सदनों में अनुपूरक अनुदान मांगें पेश की जाएंगी। इस दौरान सभी विधायकों को सदन में अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपना सकता है, इसलिए मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा।

वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा

सरकार ने विधानसभा में वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि विपक्ष चर्चा को भटकाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन सभी सदस्यों को विषय की गंभीरता बनाए रखनी होगी।

आज होगी कैबिनेट बैठक

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक भी होगी। इसमें अनुपूरक बजट के साथ-साथ निवेश, विकास परियोजनाओं और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।

‘यूनुस सरकार बांग्लादेश को अराजकता की ओर ले जा रही है’, शेख हसीना का बड़ा आरोप; देश छोड़ने की वजह भी बताई

ढाका/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने देश की मौजूदा अंतरिम सरकार और प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। एएनआई को दिए एक विस्तृत ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार बांग्लादेश को अराजकता, कट्टरपंथ और अस्थिरता की ओर धकेल रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT), आगामी चुनाव, भारत-बांग्लादेश संबंध, बढ़ती हिंसा और कट्टरपंथ पर खुलकर अपनी बात रखी।

ICT का फैसला राजनीतिक बदले की कार्रवाई: शेख हसीना

शेख हसीना ने ICT के फैसले को न्याय के बजाय राजनीतिक दुश्मनी करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो अपना बचाव करने का पूरा मौका मिला और न ही पसंद का वकील।हसीना ने भरोसा जताया कि जब बांग्लादेश में वैध सरकार और स्वतंत्र न्यायपालिका बहाल होगी, तब सच्चाई सामने आएगी।

उस्मान हादी की हत्या से उजागर हुई कानून-व्यवस्था की नाकामी

इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या पर शेख हसीना ने कहा कि यह घटना यूनुस शासन में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा अब सामान्य हो गई है और अंतरिम सरकार या तो इनकार कर रही है या हालात काबू करने में विफल है।
हसीना ने चेतावनी दी कि इससे न केवल बांग्लादेश, बल्कि भारत समेत पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

‘अवामी लीग के बिना चुनाव लोकतंत्र नहीं’

आगामी चुनावों को लेकर शेख हसीना ने स्पष्ट कहा कि अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाकर कराया गया चुनाव लोकतांत्रिक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को जनता नौ बार चुन चुकी हो, उसे बाहर कर देना लाखों लोगों को वोटिंग अधिकार से वंचित करना है।

प्रत्यर्पण मांग पर यूनुस सरकार को घेरा

प्रत्यर्पण की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए शेख हसीना ने कहा कि ये एक हताश और भटकी हुई सरकार की बयानबाजी है।
उन्होंने भारत के प्रति आभार जताया और कहा कि भारत ने उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी है।

ये भी पढ़ें – शासन में 2158 पदों पर भर्ती के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन शुरू, यूपीपीएससी ने जारी किए दिशा-निर्देश

बांग्लादेश छोड़ने की वजह बताई

देश छोड़ने के फैसले पर शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने खून-खराबा रोकने के लिए बांग्लादेश छोड़ा, न कि न्याय से बचने के लिए।
उन्होंने चुनौती दी कि अगर निष्पक्ष अदालत में मामला चला तो वे बेदाग साबित होंगी।

भारत-बांग्लादेश तनाव के लिए यूनुस जिम्मेदार

शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के लिए सीधे तौर पर यूनुस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद दोस्त रहा है और मौजूदा हालात अस्थायी हैं।

कट्टरपंथ और सुरक्षा पर गंभीर चेतावनी

पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार के दौरान कट्टरपंथी तत्वों को सत्ता और संरक्षण मिला, आतंकियों को जेल से छोड़ा गया और देश की धर्मनिरपेक्ष पहचान खतरे में है।
उन्होंने इसे भारत और पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।

ये भी पढ़ें – सीएम योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, अनुपूरक बजट समेत कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

‘चिकन नेक’ बयान पर सख्त प्रतिक्रिया

भारत के नॉर्थ-ईस्ट और “चिकन नेक” को लेकर दिए गए बयानों को शेख हसीना ने खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं और दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचाते हैं।

शासन में 2158 पदों पर भर्ती के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन शुरू, यूपीपीएससी ने जारी किए दिशा-निर्देश

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से शासन के अधीन विभिन्न विभागों में कुल 2158 पदों पर भर्ती के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयोग ने इस भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन 22 दिसंबर से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है।
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) आधारित ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से आयोग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।

केवल OTR आधारित आवेदन मान्य

यूपीपीएससी ने स्पष्ट किया है कि इन पदों के लिए केवल ओटीआर आधारित ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन अमान्य माने जाएंगे।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

• ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 22 जनवरी 2026

• आवेदन में संशोधन/सुधार व शुल्क समाधान की अंतिम तिथि: 29 जनवरी 2026

विभागवार पदों का विवरण

आयोग के सचिव के अनुसार विभिन्न विभागों में पदों का वितरण इस प्रकार है—

पशुधन विभाग: पशु चिकित्सा अधिकारी – 404 पद

विधायी विभाग: विधिक्षण अधिकारी – 1 पद

परिवार कल्याण महानिदेशालय: स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी – 221 पद

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन: औषधि निरीक्षक – 26 पद

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग: दंत सर्जन – 157 पद

आयुर्वेद निदेशालय: चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) – 168 पद

सामुदायिक स्वास्थ्य (आयुर्वेद/यूनानी): चिकित्सा अधिकारी – 884 पद

यूनानी निदेशालय: चिकित्सा अधिकारी (यूनानी) – 25 पद

श्रम विभाग: चिकित्सा अधिकारी (होम्योपैथिक) – 7 पद

होम्योपैथी निदेशालय: होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी – 265 पद

OTR पंजीकरण अनिवार्य

आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को एकल अवसरीय पंजीकरण (OTR) कर OTR नंबर प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना OTR नंबर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

सीएम योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, अनुपूरक बजट समेत कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा निवेश, बुनियादी ढांचा और विकासपरक योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

पहला अनुपूरक बजट होगा पेश

प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 का पहला अनुपूरक बजट सोमवार को विधानसभा में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बजट में बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

इन विभागों को मिल सकता है अतिरिक्त बजट

अनुपूरक बजट में जिन विभागों को अतिरिक्त धनराशि मिलने की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, शहरी विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग

इसके साथ ही पुलिस आधुनिकीकरण योजनाओं के लिए भी बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।

कहां-कहां होगा खर्च

अनुपूरक बजट की राशि का उपयोग—

• एक्सप्रेसवे, सड़कों और पुलों के निर्माण

• स्मार्ट सिटी परियोजनाओं

• ग्रामीण पेयजल योजनाओं

• चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार

• मेडिकल कॉलेजों की स्थापना

• स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद

• स्कूलों के अधोसंरचना विकास

जैसे अहम क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके अलावा सामाजिक कल्याण, कृषि योजनाओं और रोजगार सृजन कार्यक्रमों के लिए भी अतिरिक्त धन आवंटन की संभावना है।

वंदे मातरम और नए विधेयकों पर चर्चा

सोमवार को सदन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही इस सत्र में आठ नए विधेयक सदन के पटल पर रखे जा सकते हैं।

गौरतलब है कि विधानसभा सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा, और इस दौरान राज्य सरकार सभी आवश्यक विधायी कार्यों को निपटाने की तैयारी में है।

‘चीन के हथियार नहीं, अल्लाह ने मदद की’ — ऑपरेशन सिंदूर पर आसिम मुनीर का विवादित बयान

नई दिल्ली/इस्लामाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर का एक बार फिर विवादित बयान सामने आया है। मुनीर ने दावा किया है कि भारत के खिलाफ हुए सैन्य अभियान में चीन के हथियारों ने नहीं बल्कि अल्लाह ने पाकिस्तान की मदद की।

यह बयान अब सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है, जो इस महीने की शुरुआत में आयोजित नेशनल उलेमा और मशाइख कॉन्फ्रेंस का है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत बड़ी संख्या में इस्लामिक मौलाना और धार्मिक स्कॉलर मौजूद थे।

क्या बोले आसिम मुनीर?

करीब 40 सेकंड के वीडियो में आसिम मुनीर कहते हैं—

“ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ अल्लाह ने हमारी मदद की। चीन के हथियार नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और फरिश्तों ने बुन्यान-ए-मर्सूस ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना का साथ दिया।”

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद अल्लाह की मदद को महसूस किया और देखा, साथ ही पाकिस्तान को अपने तौर-तरीकों को सुधारने की जरूरत बताई। इस दौरान उन्होंने अरबी भाषा में धार्मिक पंक्तियाँ भी पढ़ीं।

कहां दिया गया बयान?

यह बयान नेशनल उलेमा और मशाइख कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया था। वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आया है। फिलहाल आसिम मुनीर लीबिया के दौरे पर हैं।

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और टारगेटेड हमले किए।
इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

पहलगाम आतंकी हमला

पहलगाम में हुए इस बर्बर आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। हमलावरों ने कथित तौर पर लोगों से उनका धर्म पूछकर हत्या की थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।