Thursday, June 25, 2026
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1971 के रण में अदम्य पराक्रम की मिसाल: परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का

जयन्ती पर विशेष- पुनीत मिश्र

भारत के सैन्य इतिहास में 1971 का भारत–पाकिस्तान युद्ध अद्वितीय शौर्य, रणनीतिक कुशलता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। इसी युद्ध में भारतीय सेना के जिस वीर सपूत ने अपने अदम्य साहस से इतिहास रचा, वे थे परमवीर चक्र से सम्मानित लांस नायक अल्बर्ट एक्का। उनकी जयंती देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा का अवसर है।
लांस नायक अल्बर्ट एक्का का जन्म झारखंड (तत्कालीन बिहार) के एक साधारण आदिवासी परिवार में हुआ। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े अल्बर्ट एक्का के भीतर बचपन से ही साहस और देशसेवा की भावना विद्यमान थी। भारतीय सेना में भर्ती होकर उन्होंने बिहार रेजिमेंट में अनुशासन, परिश्रम और वीरता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई।
1971 के युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के गंगासागर क्षेत्र में भारतीय सेना को शत्रु की सुदृढ़ रक्षा व्यवस्था का सामना करना पड़ा। दुश्मन के बंकर, मशीनगन पोस्ट और बारूदी अवरोध भारतीय टुकड़ियों की प्रगति में बड़ी बाधा बने हुए थे। ऐसे निर्णायक क्षण में लांस नायक अल्बर्ट एक्का ने असाधारण साहस का परिचय दिया। उन्होंने जान की परवाह किए बिना शत्रु के बंकरों पर धावा बोला और अत्यंत निकट से हमला कर कई दुश्मन ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया। अंतिम सांस तक लड़ते हुए उन्होंने दुश्मन की मशीनगन पोस्ट को नष्ट किया, जिससे भारतीय सेना को आगे बढ़ने का मार्ग मिला और अभियान को निर्णायक सफलता प्राप्त हुई। अंततः राष्ट्र की रक्षा करते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उनका पराक्रम युद्ध की दिशा बदलने में निर्णायक सिद्ध हुआ।
लांस नायक अल्बर्ट एक्का के इस अद्वितीय शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक वीर सैनिक का नहीं, बल्कि उस भावना का प्रतीक है जो देश की एकता, अखंडता और सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने को तत्पर रहती है।
अल्बर्ट एक्का का जीवन और बलिदान यह सिखाता है कि सच्चा साहस परिस्थितियों से नहीं, बल्कि संकल्प से जन्म लेता है। उनकी शौर्यगाथा आज की पीढ़ी को कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनकी जयंती पर उन्हें नमन करते हुए यह संकल्प लेना ही सच्ची श्रद्धांजलि है कि हम देशहित को सर्वोपरि रखेंगे और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।
परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का की अमर गाथा सदैव यह स्मरण कराती रहेगी कि भारत की सुरक्षा और सम्मान ऐसे ही वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान से सुरक्षित है।

शनि देव की कृपा कैसे बदल देती है भाग्य: साढ़ेसाती की शास्त्रीय सच्चाई

🔱 शनि देव की साढ़ेसाती का वास्तविक रहस्य: परीक्षा नहीं, परिवर्तन है शनि की महाकृपा 🔱

(शास्त्रोक्त कथा विशेष )


✨ भारतीय सनातन परंपरा में शनि देव का नाम आते ही अधिकांश लोगों के मन में भय, कष्ट और दंड की छवि उभर आती है। विशेषकर जब किसी जातक पर साढ़ेसाती या ढैय्या का योग बनता है, तो जीवन में आने वाली कठिनाइयों को शनि का प्रकोप मान लिया जाता है।
लेकिन क्या वास्तव में साढ़ेसाती केवल दुख देने वाली अवधि है?
या फिर यह कर्म शुद्धि, आत्मबल और जीवन परिवर्तन की दिव्य प्रक्रिया है?
हम शास्त्रों के आधार पर साढ़ेसाती का वास्तविक रहस्य, शनि देव की महिमा, उनकी न्यायप्रियता, करुणा और कृपा प्राप्त करने के शास्त्रोक्त उपायों को एक भावनात्मक व प्रेरक कथा के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं।

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🌑 साढ़ेसाती क्या है? (शास्त्रीय दृष्टि)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शनि ग्रह जन्म कुंडली की चंद्र राशि से बारहवें, प्रथम और द्वितीय भाव में गोचर करता है, तब लगभग सात वर्ष छह माह की अवधि को साढ़ेसाती कहा जाता है।
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार—
“शनि चंद्राद् द्वादशे लग्ने द्वितीये च यदा भवेत्।
साढ़ेसातीति विख्याता कर्मफल प्रदायिनी॥”
अर्थात साढ़ेसाती कर्मों के अनुसार फल देने वाली अवधि है — न कि अकारण दंड।
🪔 शनि देव: दंडाधिकारी नहीं, धर्माधिकारी
शनि देव को कर्मफल दाता कहा गया है। वे न तो पक्षपात करते हैं, न ही किसी के साथ अन्याय।
जहाँ अन्य ग्रह फल देने में शीघ्र होते हैं, वहीं शनि धीमे, स्थिर और स्थायी परिणाम देते हैं।
शनि देव की दृष्टि को शास्त्रों में समदृष्टि कहा गया है —
राजा और रंक, धनी और निर्धन, सभी के लिए समान।

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📖 शास्त्रोक्त कथा: राजा विक्रमादित्य और शनि की साढ़ेसाती
प्राचीन काल में उज्जैन के प्रतापी राजा विक्रमादित्य अपनी न्यायप्रियता, दानशीलता और धर्मपरायणता के लिए प्रसिद्ध थे। एक बार राजा ने गर्ववश शनि देव की कठोरता पर प्रश्न उठाया।
शनि देव ने राजा को चेताया —
“राजन! कर्म का फल कोई नहीं टाल सकता।”
कुछ समय बाद राजा विक्रमादित्य पर साढ़ेसाती प्रारंभ हुई।
राज्य छिन गया, अंग-भंग हुआ, परिवार बिछुड़ गया। वर्षों तक वे अपमान, पीड़ा और दरिद्रता में रहे।
परंतु इस कठिन काल में भी राजा ने धर्म, सत्य और करुणा का त्याग नहीं किया।
जब साढ़ेसाती समाप्त हुई, शनि देव स्वयं प्रकट हुए और बोले—
“राजन! यह दंड नहीं, तुम्हारे भीतर के अहंकार को नष्ट कर तुम्हें महान बनाने की प्रक्रिया थी।”
राजा को पुनः राज्य मिला — पहले से अधिक वैभव और यश के साथ।
👉 यही साढ़ेसाती का वास्तविक रहस्य है — विनाश नहीं, नव निर्माण।
🌟 साढ़ेसाती के तीन चरण और उनका संदेश

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1️⃣ प्रथम चरण (चंद्र से 12वां भाव)
– मानसिक अशांति, भय, अनिश्चितता
– संदेश: धैर्य और आत्मविश्लेषण
2️⃣ द्वितीय चरण (चंद्र राशि)
– वास्तविक परीक्षा, संघर्ष
– संदेश: कर्म सुधार, अहंकार त्याग
3️⃣ तृतीय चरण (चंद्र से 2रा भाव)
– पुनर्निर्माण, स्थिरता
– संदेश: संयम से सफलता

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🛕 शनि देव की कृपा पाने के शास्त्रोक्त उपाय
शास्त्र कहते हैं — शनि को प्रसन्न नहीं, संतुष्ट किया जाता है।
🔹 1. कर्म शुद्धि
– सत्य, ईमानदारी, परिश्रम
– किसी का अधिकार न छीनें
🔹 2. सेवा और दान
– शनिवार को काले तिल, लोहा, कंबल दान
– श्रमिक, वृद्ध, अपाहिज की सेवा
🔹 3. मंत्र साधना
“ॐ शं शनैश्चराय नमः”
शनिवार को 108 बार जप
🔹 4. दीपदान
– पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक
🔹 5. हनुमान भक्ति
– हनुमान चालीसा और सुंदरकांड
शनि देव स्वयं हनुमान जी के भक्त हैं।

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🌺 शनि देव की महिमा और करुणा
शनि देव केवल कष्ट देने वाले नहीं,
वे राजा को रंक और रंक को राजा बनाने की शक्ति रखते हैं।
जो व्यक्ति साढ़ेसाती में भी धर्म, संयम और सेवा का मार्ग नहीं छोड़ता —
उस पर शनि देव असीम कृपा बरसाते हैं।

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शनि 🔔 निष्कर्ष
साढ़ेसाती कोई अभिशाप नहीं,
यह जीवन का महायज्ञ है,
जिसमें व्यक्ति तपता है, निखरता है और अंततः स्वर्ण बनता है।
जो शनि को समझ ले —
उसका जीवन स्वयं शनि संवार देते हैं।

मेष से मीन तक आज किस राशि की चमकेगी किस्मत?

जानिए करियर, धन, प्रेम और उपाय

पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत दैनिक राशिफल

आज 27 दिसंबर 2025, शनिवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए कुछ न कुछ खास संकेत लेकर आया है। यह राशिफल आसान, सरल और SEO फ्रेंडली भाषा में तैयार किया गया है, ताकि पाठक इसे पढ़ते ही स्वयं को इससे जोड़ सकें।
राशियों के हिंदी-इंग्लिश नाम, राशिचिन्ह, अक्षर, करियर, व्यवसाय, शिक्षा, कला-संगीत, राजनीति, प्रशासन, आर्थिक स्थिति, शुभ रंग, शुभ अंक और पूजा उपाय की विस्तृत जानकारी नीचे दी जा रही है।
मेष राशि (Aries) – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
आज का दिन रिश्तों में स्पष्टता लाएगा। जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए संवाद बहुत जरूरी रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: नौकरीपेशा लोगों को टीमवर्क से लाभ मिलेगा। व्यापार में पुराने क्लाइंट दोबारा जुड़ सकते हैं।
शिक्षा: छात्रों को ध्यान भटकने से बचना चाहिए।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में सराहना मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: जनसंपर्क मजबूत होगा।
आर्थिक स्थिति: सामान्य से बेहतर, अनावश्यक खर्च न करें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी
वृषभ राशि (Taurus) – ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
आज नए अनुभव जीवन में सकारात्मक मोड़ ला सकते हैं।
कार्य/व्यवसाय: बिजनेस में नई डील फायदेमंद रहेगी।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्रों को शुभ समाचार मिल सकता है।
कला-संगीत: संगीत या डिजाइन से जुड़े लोग आगे बढ़ेंगे।
राजनीति/प्रशासन: स्थिरता बनी रहेगी।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन के संकेत।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां लक्ष्मी

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मिथुन राशि (Gemini) – का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
आज रोमांटिक और भावनात्मक दिन रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: मीडिया, आईटी और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को लाभ।
शिक्षा: पढ़ाई में मन लगेगा।
कला-संगीत: लेखन और मंचीय कला में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: भाषण या प्रस्तुति से प्रभाव पड़ेगा।
आर्थिक स्थिति: संतुलित रहेगी।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: भगवान गणेश
कर्क राशि (Cancer) – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
दिन व्यस्त रहेगा, लेकिन परिणाम संतोषजनक होंगे।
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी।
शिक्षा: प्रोजेक्ट और असाइनमेंट में समय देना होगा।
कला-संगीत: भावनात्मक कला में गहराई आएगी।
राजनीति/प्रशासन: निर्णय सोच-समझकर लें।
आर्थिक स्थिति: खर्च अधिक हो सकता है।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: शिव जी

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सिंह राशि (Leo) – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
आज समझदारी से लिया गया फैसला भविष्य सुरक्षित करेगा।
कार्य/व्यवसाय: लीडरशिप रोल में सफलता।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कला-संगीत: मंचीय कलाकारों को पहचान।
राजनीति/प्रशासन: पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि।
आर्थिक स्थिति: मजबूत होगी।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव
कन्या राशि (Virgo) – टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
खुशियों भरा दिन रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें।
शिक्षा: छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा।
कला-संगीत: हस्तकला, लेखन में प्रगति।
राजनीति/प्रशासन: योजनाओं में सफलता।
आर्थिक स्थिति: स्थिर रहेगी।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: मां सरस्वती
तुला राशि (Libra) – रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
समय प्रबंधन आज सबसे बड़ा मंत्र है।
कार्य/व्यवसाय: बॉस से प्रशंसा मिलेगी।
शिक्षा: फोकस बनाए रखें।
कला-संगीत: फैशन और डिजाइन में उन्नति।
राजनीति/प्रशासन: संतुलित निर्णय लाभ देंगे।
आर्थिक स्थिति: शुभ।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: मां दुर्गा

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वृश्चिक राशि (Scorpio) – तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर दिन।
कार्य/व्यवसाय: रिसर्च और टेक्निकल फील्ड में लाभ।
शिक्षा: गहराई से अध्ययन लाभ देगा।
कला-संगीत: अभिनय में अवसर।
राजनीति/प्रशासन: गुप्त रणनीति सफल होगी।
आर्थिक स्थिति: धन संचय का योग।
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भगवान भैरव

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धनु राशि (Sagittarius) – ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
आज लक्ष्य के करीब पहुंचने का दिन है।
कार्य/व्यवसाय: ट्रैवल, शिक्षा, ट्रेनिंग में लाभ।
शिक्षा: उच्च शिक्षा के योग।
कला-संगीत: दर्शन और साहित्य में रुचि।
राजनीति/प्रशासन: विचारधारा से लोग प्रभावित होंगे।
आर्थिक स्थिति: ठीक रहेगी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: विष्णु भगवान
मकर राशि (Capricorn) – भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
अप्रत्याशित बदलाव लाभकारी सिद्ध होंगे।
कार्य/व्यवसाय: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
शिक्षा: अनुशासन से सफलता।
कला-संगीत: पारंपरिक कला में रुचि।
राजनीति/प्रशासन: प्रशासनिक निर्णय मजबूत होंगे।
आर्थिक स्थिति: अच्छी।
शुभ रंग: स्लेटी
शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनि देव

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कुंभ राशि (Aquarius) – गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
दिन सामान्य लेकिन सीख देने वाला रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: भागदौड़ रहेगी, धैर्य जरूरी।
शिक्षा: टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स को लाभ।
कला-संगीत: नए प्रयोग सफल होंगे।
राजनीति/प्रशासन: सामाजिक कार्यों से पहचान।
आर्थिक स्थिति: संतुलित।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: शिव जी
मीन राशि (Pisces) – दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
कार्य/व्यवसाय: क्रिएटिव और हेल्थ सेक्टर में लाभ।
शिक्षा: मन लगाकर पढ़ाई करें।
कला-संगीत: संगीत और अभिनय में गहराई।
राजनीति/प्रशासन: सहानुभूति से लोग जुड़ेंगे।
आर्थिक स्थिति: मध्यम।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: भगवान विष्णु
महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
यह राशिफल पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।

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आज का राशिफल नोट: इस ज्योतिषीय जानकारी को “राष्ट्र की परम्परा” प्रमाणित नहीं करता। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं।

भाग्यांक से जानिए भविष्य कार्य, व्यवसाय, शिक्षा, धन, प्रेम और राजनीति पर क्या रहेगा असर

🔢 आज का अंक राशिफल – भाग्यांक से जानिए भविष्य

पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा प्रस्तुत विशेष अंक ज्योतिष


अंक ज्योतिष (Numerology) ज्योतिषशास्त्र की एक महत्वपूर्ण शाखा है, जिसके माध्यम से जातक के भविष्य, स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा का अनुमान लगाया जाता है।
जिस प्रकार नाम के अनुसार राशि तय होती है, उसी प्रकार जन्म तिथि से मूलांक (भाग्यांक) निकाला जाता है।
👉 उदाहरण:8, 17 और 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है।
आइए जानते हैं 27 दिसंबर 2025 का विशेष अंक राशिफल, जिसमें कार्यक्षेत्र, शिक्षा, कला, राजनीति, प्रशासन, धन, शुभ रंग, शुभ अंक और पूजा-उपाय तक की विस्तृत जानकारी दी गई है।
🔴 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28)
आज का दिन: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से भरपूर
कार्य/व्यवसाय: नेतृत्व का अवसर मिलेगा, प्रमोशन या नई जिम्मेदारी संभव
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत
कला/मीडिया: रचनात्मक विचारों को मंच मिलेगा
राजनीति/प्रशासन: प्रभाव बढ़ेगा, अधिकारी वर्ग से संपर्क बनेगा
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि, निवेश सोच-समझकर करें
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजनीय देवता: सूर्य देव
उपाय: प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें

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मूलांक 2 (2, 11, 20, 29)
आज का दिन: भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी
कार्य/व्यवसाय: टीमवर्क से लाभ, जल्दबाजी से बचें
शिक्षा: एकाग्रता में कमी हो सकती है, ध्यान जरूरी
कला/लेखन: भावनात्मक रचनाएं सराही जाएंगी
राजनीति: सहयोगियों से मतभेद संभव
आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण रखें
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजनीय देवता: माता पार्वती
उपाय: चंद्र मंत्र का जाप करें
🟡 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30)
आज का दिन: ज्ञान और सम्मान में वृद्धि
कार्य/व्यवसाय: सीनियर्स का सहयोग मिलेगा
शिक्षा: नई स्किल सीखने के लिए उत्तम दिन
कला/शिक्षण: शिक्षकों, वक्ताओं के लिए शानदार समय
राजनीति: प्रतिष्ठा बढ़ेगी
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूजनीय देवता: भगवान बृहस्पति
उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें

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🟢 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31)
आज का दिन: मेहनत और धैर्य की परीक्षा
कार्य/व्यवसाय: दबाव रहेगा लेकिन परिणाम सकारात्मक
शिक्षा: तकनीकी विषयों में लाभ
प्रशासन: नियमों का पालन लाभ देगा
आर्थिक स्थिति: स्थिर रहेगी
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूजनीय देवता: भगवान गणेश
उपाय: गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ
🔵 मूलांक 5 (5, 14, 23)
आज का दिन: बदलाव और नए अवसर
कार्य/व्यवसाय: नेटवर्किंग से बड़ा लाभ
शिक्षा: कम्युनिकेशन स्किल मजबूत होगी
मीडिया/मार्केटिंग: सफलता के योग
यात्रा: शुभ संकेत
आर्थिक स्थिति: अचानक लाभ
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजनीय देवता: भगवान विष्णु
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ

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💖 मूलांक 6 (6, 15, 24)
आज का दिन: प्रेम और रचनात्मकता से भरपूर
कार्य/व्यवसाय: फैशन, कला, सौंदर्य क्षेत्र में लाभ
शिक्षा: आर्ट्स स्टूडेंट्स के लिए शुभ
परिवार/प्रेम: मधुर संबंध
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजनीय देवता: माता लक्ष्मी
उपाय: श्रीसूक्त का पाठ
🟣 मूलांक 7 (7, 16, 25)
आज का दिन: आत्मचिंतन और अध्यात्म
कार्य/व्यवसाय: रिसर्च, एनालिसिस में सफलता
शिक्षा: उच्च अध्ययन के लिए अनुकूल
राजनीति: रणनीति बनाकर आगे बढ़ें
आर्थिक स्थिति: सामान्य
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूजनीय देवता: भगवान शिव
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पण

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मूलांक 8 (8, 17, 26)
आज का दिन: जिम्मेदारी और अनुशासन
कार्य/व्यवसाय: सरकारी, प्रशासनिक क्षेत्र में प्रगति
राजनीति: संघर्ष के बाद सफलता
आर्थिक स्थिति: धन धीरे-धीरे बढ़ेगा
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूजनीय देवता: शनिदेव
उपाय: शनिवार को सरसों का तेल दान
🔴 मूलांक 9 (9, 18, 27)
आज का दिन: ऊर्जा और कार्यसिद्धि
कार्य/व्यवसाय: अधूरे काम पूरे होंगे
शिक्षा/खेल: प्रदर्शन शानदार
राजनीति: जोश में निर्णय न लें
आर्थिक स्थिति: लाभ के संकेत
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूजनीय देवता: हनुमान जी
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ

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⚠️ डिस्क्लेमर (महत्वपूर्ण सूचना):इस अंक राशिफल में दी गई जानकारी अंक ज्योतिष पर आधारित सामान्य अनुमान है। राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिषीय गणना को प्रमाणित नहीं करता। अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण किसी योग्य विशेषज्ञ से अवश्य कराएं।

27 दिसंबर को जन्में कला, शौर्य और राजनीति के अमर नायक

इतिहास के पन्नों में अमर 27 दिसंबर जब जन्मे वे व्यक्तित्व जिन्होंने भारत की आत्मा को दिशा दी

27 दिसंबर भारतीय और वैश्विक इतिहास में एक विशेष दिन है। इस तिथि को जन्मे व्यक्तित्वों ने कला, संस्कृति, साहित्य, राजनीति और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। आइए 27 दिसंबर को जन्मे ऐसे ही महान लोगों के जीवन, जन्म-स्थल और देशहित में उनके योगदान पर विस्तार से दृष्टि डालते हैं।
सलमान ख़ान (जन्म: 27 दिसंबर 1965)
सलमान ख़ान का जन्म इंदौर, जिला इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ। वे हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली अभिनेताओं में गिने जाते हैं। अभिनय की शुरुआत उन्होंने 1989 में फ़िल्म मैंने प्यार किया से की, जिसने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।
सलमान ख़ान ने बजरंगी भाईजान, सुल्तान, टाइगर श्रृंखला जैसी फिल्मों के माध्यम से न केवल मनोरंजन बल्कि सामाजिक संदेश भी दिए। इसके अतिरिक्त, उनकी संस्था Being Human शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज़रूरतमंदों की सहायता करती है। भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान उल्लेखनीय है।

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लांस नायक अल्बर्ट एक्का (जन्म: 27 दिसंबर 1942)
परमवीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा अल्बर्ट एक्का का जन्म झारखंड (तत्कालीन बिहार), जिला गुमला, भारत में हुआ। 1971 के भारत–पाक युद्ध में उन्होंने अद्वितीय साहस का परिचय दिया।
गंगासागर क्षेत्र में दुश्मन की मजबूत चौकियों को नष्ट करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। उनका बलिदान भारतीय सेना के शौर्य और आदिवासी समाज की वीर परंपरा का प्रतीक है। अल्बर्ट एक्का का जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।
नित्यानंद स्वामी (जन्म: 27 दिसंबर 1927)
हरिद्वार, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड, भारत में जन्मे नित्यानंद स्वामी उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे। राज्य गठन के बाद प्रशासनिक ढांचे को स्थिरता देने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
उन्होंने पहाड़ी राज्य की भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियों को समझते हुए विकास की नींव रखी। राजनीति में उनकी सादगी, ईमानदारी और संगठन क्षमता ने उन्हें जननेता के रूप में प्रतिष्ठित किया। उत्तराखंड की पहचान गढ़ने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

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उज्जवल सिंह (जन्म: 27 दिसंबर 1895)
पंजाब, भारत में जन्मे उज्जवल सिंह एक प्रमुख सिख कार्यकर्ता और समाजसेवी थे। वे सिख समुदाय के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए सक्रिय रहे।
औपनिवेशिक दौर में उन्होंने सामाजिक सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने का कार्य किया। सार्वजनिक जीवन में उनकी स्पष्टवादिता और नेतृत्व क्षमता ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक संरचना को दिशा दी। वे साम्प्रदायिक सौहार्द और जनसेवा के पक्षधर रहे।

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मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ‘ग़ालिब’ (जन्म: 27 दिसंबर 1797)
उर्दू–फ़ारसी साहित्य के अमर कवि मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्म आगरा, जिला आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ। उनकी शायरी मानवीय संवेदनाओं, दर्शन और जीवन के द्वंद्व को गहराई से व्यक्त करती है।
ग़ालिब ने ग़ज़ल को नई ऊँचाइयाँ दीं और उर्दू साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी रचनाएँ आज भी साहित्य प्रेमियों के मानस पटल पर अमिट छाप छोड़ती हैं। भारतीय सांस्कृतिक विरासत में ग़ालिब का स्थान कालजयी है।

27 दिसंबर को जन्मे ये महान व्यक्तित्व अलग-अलग क्षेत्रों से होते हुए भी भारत की आत्मा, विचार और पहचान को समृद्ध करते हैं। इनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा, साहस और सेवा से इतिहास रचा जा सकता है।

आज का पंचांग: जीवन की दिशा तय करने वाला दिव्य संकेत

🕉️ आज का पंचांग | 27 दिसंबर 2025 (शनिवार)

आज का संक्षिप्त पंचांग – 27 दिसंबर 2025
दिनांक: शनिवार, 27 दिसंबर 2025
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चन्द्र मास: पौष (अमांत एवं पूर्णिमांत)
वैदिक ऋतु: हेमंत
द्रिक ऋतु: शिशिर
अयन: दक्षिणायन
त्योहार/व्रत: श्री गुरु गोबिंद सिंह जयंती
तिथि- शुक्ल सप्तमी: 26 दिसंबर 01:43 PM से 27 दिसंबर 01:10 PM तक
शुक्ल अष्टमी: 27 दिसंबर 01:10 PM से 28 दिसंबर 11:59 AM तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपदा: 26 दिसंबर 09:00 AM से 27 दिसंबर 09:09 AM तक
उत्तरभाद्रपदा: 27 दिसंबर 09:09 AM से 28 दिसंबर 08:43 AM तक
करण
वणिज: 27 दिसंबर 01:31 AM से 01:10 PM तक
विष्टि (भद्रा): 27 दिसंबर 01:10 PM से 28 दिसंबर 12:39 AM तक
बव: 28 दिसंबर 12:39 AM से 12:00 PM तक
योग
व्यातीपात योग: 26 दिसंबर 02:00 PM से 27 दिसंबर 12:21 PM तक
वरीयान योग: 27 दिसंबर 12:21 PM से 28 दिसंबर 10:13 AM तक

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विशेष शुभ योग
त्रिपुष्कर योग: 27 दिसंबर 07:10 AM से 09:09 AM तक
सर्वार्थसिद्धि योग: 28 दिसंबर 07:11 AM से 08:43 AM तक
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:10 AM
सूर्यास्त: 05:45 PM
चन्द्रोदय: 11:55 AM
चन्द्रास्त: 12:27 AM (28 दिसंबर)
राशि स्थिति
सूर्य राशि: धनु
चन्द्र राशि: मीन (पूरे दिन-रात)

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अशुभ काल
राहुकाल: 09:49 AM – 11:08 AM
यमगण्ड: 01:47 PM – 03:06 PM
कुलिक: 07:10 AM – 08:29 AM
दुर्मुहूर्त: 08:35 AM – 09:17 AM
वर्ज्यम्: 06:34 PM – 08:08 PM
शुभ काल
ब्रह्म मुहूर्त: 05:34 AM – 06:22 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:06 PM – 12:49 PM
अमृत काल: 03:59 AM – 05:33 AM

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यात्रा विचार
शनिवार को निषिद्ध दिशा: पूर्व दिशा
यदि यात्रा आवश्यक हो: गुड़ अथवा तिल खाकर यात्रा करें
लाभकारी दिशा: दक्षिण एवं पश्चिम दिशा की यात्रा शुभ फलदायी
चंद्रबल
27/12/25 को वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त रहेगा।
दिन का संदेश
आज का दिन संयम, सेवा और श्रद्धा का है। गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर साहस, बलिदान और धर्म की रक्षा का संकल्प लें। व्यातीपात योग में नए कार्य से बचें, परन्तु सेवा, दान और स्मरण श्रेष्ठ फल देता है।

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आज का पंचाग नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” जिम्मेदार नहीं है। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य अथवा विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर बढ़ाया गया आत्मविश्वास

वीर बाल दिवस @2047 : कलेक्ट्रेट सभागार में पीएम के सजीव संबोधन का आयोजन, मेधावी छात्राओं का सम्मान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत की अमूल्य धरोहर और साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए वीर बाल दिवस @2047 के अवसर पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। यह कार्यक्रम भारत की बल शक्ति @2047 अभियान के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें जनपद के एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी संबोधन में बच्चों को राष्ट्र की असली ताकत बताते हुए उन्हें अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। साहिबजादों के शौर्य, साहस और बलिदान की गाथा ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।

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कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने महिला कल्याण विभाग के माध्यम से जनपद की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दीपशिखा, अनुपमा सिंह और आंचल को ₹2500-₹2500 की प्रोत्साहन राशि का डेमो चेक प्रदान किया गया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वोच्च अंक अर्जित करने वाली दिव्या विश्वकर्मा, खुशी वर्मा और पूजा वर्मा को भी समान धनराशि देकर सम्मानित किया गया।

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जिलाधिकारी ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन और खेल सहित हर क्षेत्र में जनपद और देश का नाम रोशन कर रही हैं। सरकार प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

चोरी की बाइक के साथ नाबालिग अपराधी धराए

थाना बनकटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 02 बाल अपचारी गिरफ्तार, चोरी की बाइक व अवैध शराब-बियर बरामद


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना बनकटा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमान श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना बनकटा पुलिस द्वारा विगत रात्रि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर जंजीरहा प्राथमिक विद्यालय के पास दबिश देकर दो बाल अपचारियों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 20 पाउच ऑफिसर च्वाइस अंग्रेजी शराब (कुल 3.6 लीटर), 14 केन किंगफिशर बीयर (कुल 7 लीटर) तथा चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

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बरामद मोटरसाइकिलों में एक सुपर स्प्लेंडर (वाहन संख्या BR 04AA 9994) और दूसरी पैशन प्रो (वाहन संख्या BR 29V 6621) शामिल है। इस मामले में थाना बनकटा पर मु0अ0सं0 171/2025 धारा 317(2), 341(2) बीएनएस एवं 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी राजेश कुमार, कांस्टेबल आज्ञाराम कन्नौजिया, कांस्टेबल आशीष तिवारी एवं कांस्टेबल विवेक यादव शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों में हड़कंप मच गया है और आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।

श्रम पंजीयन से खुलेगा कल्याण योजनाओं का रास्ता

सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं पर मजदूर पाठशाला, पंजीयन से मिलेगा जन्म से मरण तक लाभ

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और श्रम पंजीयन को लेकर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक्शन एड एसोसिएशन एवं श्रमिक सुविधा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मजदूर पाठशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पडरौना नगर स्थित एक होटल सभागार में दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में निर्माण श्रेणी के श्रमिकों ने भाग लिया।
पाठशाला का शुभारंभ करते हुए वक्ता रामवृक्ष गिरि ने कहा कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाएं श्रमिकों के जीवन के हर चरण—जन्म से लेकर मृत्यु तक—सहयोग प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक समय से बोर्ड में पंजीयन कराते हैं, तो वे सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता का लाभ उठाकर अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।

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कार्यक्रम में श्रम विभाग के प्रशिक्षक संदीप कुमार मल्ल ने बोर्ड में पंजीयन की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिक मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, कन्या विवाह सहाय योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना तथा निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना सहित कुल छह प्रमुख योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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इसके अलावा उम्मीद संस्था के कोऑर्डिनेटर वरुण कुमार राय और पवन यादव ने स्माइल योजना के अंतर्गत ‘भिक्षावृत्ति मुक्त कुशीनगर’ अभियान की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में लगभग पांच दर्जन मजदूरों की सहभागिता रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं को लेकर श्रमिकों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

स्व. बालेश्वर प्रसाद की पुण्यतिथि पर शिक्षा और समाज निर्माण पर हुआ विचार-मंथन


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले स्वर्गीय बालेश्वर प्रसाद की 18वीं पुण्यतिथि विद्यालय प्रांगण में श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक वातावरण के बीच मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक संजय यादव रहे। उन्होंने स्व. बालेश्वर प्रसाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में संजय यादव ने कहा कि स्व. बालेश्वर प्रसाद शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु अनेक विद्यालयों की स्थापना कर क्षेत्र को नई दिशा दी।

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मुख्य अतिथि ने कहा कि स्व. बालेश्वर प्रसाद द्वारा बोया गया शिक्षा का बीज आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिससे हजारों विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं परिवारजनों की सराहना करते हुए कहा कि वे आज भी उनके आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
समारोह के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय जायसवाल, ओमप्रकाश यादव, चंद्रशेखर गुप्ता, मनिंदर गुप्ता एवं विद्यालय के प्राचार्य राजेश गुप्ता ने अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मान किया।

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कार्यक्रम का सफल संचालन त्रिलोकी पांडे ने किया, जबकि अध्यक्षता नरेंद्र गुप्ता ने की। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने स्व. बालेश्वर प्रसाद को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

मजदूर-किसानों के हक की लड़ाई जारी रखेगी कम्युनिस्ट पार्टी

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने रांची में धूमधाम से मनाया शताब्दी वर्ष समारोह


रांची (राष्ट्र की परम्परा)।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य कार्यालय, रांची में भव्य शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन किया। समारोह की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण से हुई, जिसे पार्टी के राज्य सचिव कामरेड महेंद्र पाठक ने संपन्न कराया। इसके पश्चात शहीद वेदी पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर पार्टी के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राज्य सचिव कामरेड इम्तियाज खान ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ नेता धर्मवीर सिंह ने किया। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में केक काटकर एवं मिठाइयाँ बाँटकर उत्सव मनाया गया।

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सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 26 दिसंबर 1925 को कानपुर में हुई थी। सौ वर्षों के संघर्षपूर्ण इतिहास में पार्टी ने शोषण, अन्याय और दमन के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है। अंग्रेजी शासन से लेकर आज़ादी के बाद तक पार्टी ने मजदूरों, किसानों, छात्रों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक व आर्थिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन रही है। राष्ट्रीय संपदाओं को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है और आम जनता की आवाज दबाने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में कम्युनिस्ट पार्टी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह देश को नई आर्थिक गुलामी से बचाने, जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा की रक्षा करने तथा वंचित तबकों की आवाज बनने के लिए संघर्ष को और तेज करे।
समारोह के दौरान गगनभेदी नारों के साथ पार्टी के 100 वर्षों के संघर्ष और बलिदान को याद किया गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर पार्टी को एकजुट होकर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अक्षर साथी निभाएंगे अहम भूमिका, साक्षर भारत की ओर मजबूत कदम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्र प्रायोजित योजना नवभारत साक्षरता कार्यक्रम (NILP), जिसे ‘उल्लास अभियान’ के नाम से जाना जाता है, के सफल क्रियान्वयन को लेकर शिक्षा क्षेत्र नवानगर में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को बीआरसी नवानगर परिसर में क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर पंकज कुमार सिंह ने उल्लास अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य और कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम वर्ष 2022 से 2027 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों को साक्षर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को पढ़ना-लिखना, अंक ज्ञान, दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक दक्षताएं, व्यावसायिक कौशल और सतत शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए डिजिटल संसाधनों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिन्हें ‘अक्षर साथी’ की संज्ञा दी गई है।

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उन्होंने जानकारी दी कि शिक्षा क्षेत्र नवानगर के अंतर्गत संचालित 136 विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को नोडल शिक्षक के रूप में नामित किया जाएगा। ये शिक्षक अपने क्षेत्र में निरक्षर व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उल्लास अभियान से जोड़ने का कार्य करेंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापकों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को केवल शासकीय योजना न मानते हुए जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि “हर व्यक्ति साक्षर” के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि उल्लास अभियान केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को आत्मनिर्भर, जागरूक और आजीवन सीखने वाला नागरिक बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
बैठक में मौजूद सभी प्रधानाध्यापकों ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और सामूहिक सहभागिता पर बल दिया।

अमृत काल का निर्णायक बजट: केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत तक का रोडमैप

विजन 2047 की दिशा में केंद्रीय बजट 2026-27: अमृत काल से विकसित भारत तक की निर्णायक कड़ी – एक अंतरराष्ट्रीय समग्र विश्लेषण

केंद्रीय बजट 2026-27 और विकसित भारत का राष्ट्रीय संकल्प
भारत विजन 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है, जहाँ आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देश को एक समृद्ध, समावेशी, नवाचार-आधारित और मानवीय मूल्यों से युक्त वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। इस ऐतिहासिक यात्रा में केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सामाजिक दिशा-सूचक, नीतिगत रोडमैप और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब है।
1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत होने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 अमृत काल के दूसरे चरण का ऐसा बजट होगा, जो अगले दशक की नींव रखेगा। यही कारण है कि बजट 2026-27 को विकास + कल्याण के भारतीय मॉडल की निर्णायक कड़ी माना जा रहा है।

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केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारी: जनता की भागीदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए 16 जनवरी 2026 तक जनता से सुझाव मांगे हैं। यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को सशक्त बनाती है। आम नागरिक, किसान, युवा, मध्यम वर्ग, उद्योग और सामाजिक संगठन—सभी को बजट निर्माण प्रक्रिया में भागीदार बनाया जा रहा है।

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पिछले महीनों में वित्त मंत्रालय ने अर्थशास्त्रियों, किसान संगठनों, MSME, स्टार्टअप, पूंजी बाजार, BFSI, IT, पर्यटन, ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठनों सहित 13 से अधिक वर्गों के साथ प्री-बजट कंसल्टेशन किए हैं। यह प्रक्रिया केंद्रीय बजट 2026-27 को अधिक समावेशी और व्यवहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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विजन 2047 और केंद्रीय बजट 2026-27: बदलती राष्ट्रीय प्राथमिकताएँ
विजन 2047 केवल GDP वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव विकास सूचकांक, जीवन गुणवत्ता, सामाजिक न्याय और सतत विकास को केंद्र में रखता है। वैश्विक अनुभव बताता है कि जो देश दीर्घकालिक रूप से सफल हुए, उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को समानांतर सुदृढ़ किया।
केंद्रीय बजट 2026-27 से अपेक्षा है कि आर्थिक वृद्धि का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति तक पहुँचे और मध्यम वर्ग पर बढ़ते आर्थिक दबाव को प्रभावी रूप से कम किया जाए।
केंद्रीय बजट 2026-27 से सस्ती शिक्षा, सस्ता इलाज और रोजगार की उम्मीद

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मध्यम वर्ग: भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भारतीय मध्यम वर्ग उपभोक्ता मांग, कर आधार और सामाजिक स्थिरता की रीढ़ है। महँगाई, शिक्षा शुल्क, स्वास्थ्य खर्च और आवास लागत में वृद्धि ने इस वर्ग पर दबाव बढ़ाया है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में आयकर सुधार, सामाजिक सुरक्षा विस्तार और कौशल-आधारित रोजगार सृजन की सख्त आवश्यकता है।
सस्ती शिक्षा: मानव पूंजी में दीर्घकालिक निवेश
उच्च और तकनीकी शिक्षा की बढ़ती लागत चिंता का विषय है।

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केंद्रीय बजट 2026-27 में:
सार्वजनिक शिक्षा संस्थानों की क्षमता वृद्धि
डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग को सस्ता बनाना
छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी
जैसे कदम भारत को फिनलैंड, जर्मनी और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की पंक्ति में ला सकते हैं।
सस्ता इलाज: स्वास्थ्य सुरक्षा से आर्थिक सुरक्षा स्वास्थ्य खर्च भारत में गरीबी का बड़ा कारण है। केंद्रीय बजट 2026-27 में:
जिला स्तर पर उन्नत अस्पताल
जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता
स्वास्थ्य बीमा कवरेज का विस्तार
पर जोर आवश्यक है।
केंद्रीय बजट 2026-27 और कैंसर रोकथाम: राष्ट्रीय रोडमैप की आवश्यकता कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियाँ भारत में स्वास्थ्य ही नहीं, सामाजिक-आर्थिक संकट बन चुकी हैं। WHO के अनुसार 30-40% कैंसर मामलों को रोकथाम से टाला जा सकता है।

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केंद्रीय बजट 2026-27 में अपेक्षित है:
तंबाकू नियंत्रण और प्रदूषण रोकथाम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंसर स्क्रीनिंग
सस्ती जांच, जेनेरिक व बायोसिमिलर दवाएँ
राष्ट्रीय कैंसर डेटा नेटवर्क और स्वदेशी अनुसंधान
प्री-बजट सुझावों का विश्लेषण: समावेशी नीति निर्माण
केंद्रीय बजट 2026-27 से जुड़े प्री-बजट परामर्श में:
उद्योग और MSME ने कर सरलीकरण व आसान क्रेडिट
स्टार्टअप्स ने एंजेल टैक्स से राहत
वेतनभोगियों ने आयकर स्लैब में राहत
वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य खर्च पर अतिरिक्त छूट
जैसी मांगें रखी हैं।
1 फरवरी 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में संभावित प्रमुख प्रस्ताव
आयकर स्लैब में युक्तिसंगत बदलाव
शिक्षा और कौशल पर बढ़ा आवंटन
स्वास्थ्य व कैंसर रोकथाम के लिए राष्ट्रीय मिशन
ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु-अनुकूल कृषि में निवेश

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निष्कर्ष: केंद्रीय बजट 2026-27 – आर्थिक दस्तावेज़ से सामाजिक अनुबंध तक केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत और उसके नागरिकों के बीच एक नया सामाजिक अनुबंध है। सस्ती शिक्षा, सस्ता इलाज, रोजगार सृजन और समावेशी कर नीति—ये सभी मिलकर विजन 2047 को साकार कर सकते हैं।
यदि केंद्रीय बजट 2026-27 मानवीय दृष्टि, आर्थिक विवेक और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का संतुलन साध पाया, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि एक संवेदनशील और न्यायपूर्ण समाज के रूप में भी स्थापित होगा।

संकलनकर्ता लेखक – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक

इतिहास के पन्नों में दर्ज बलिदान, परिवर्तन और उपलब्धियों का दिन

27 दिसंबर का दिन विश्व और भारत के इतिहास में कई ऐसी घटनाओं का साक्षी रहा है, जिन्होंने राजनीति, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और समाज की दिशा को प्रभावित किया। यह दिन कहीं दर्दनाक त्रासदियों की याद दिलाता है तो कहीं रचनात्मक उपलब्धियों और ऐतिहासिक निर्णयों का प्रतीक बनता है। आइए, 27 दिसंबर को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर क्रमवार विस्तार से नज़र डालते हैं—
2008 – ‘तारे ज़मीं पर’ को वी. शांताराम पुरस्कार
हिंदी सिनेमा के इतिहास में संवेदनशील विषयों को नई पहचान देने वाली फ़िल्म तारे ज़मीं पर को वी. शांताराम पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का सम्मान मिला। यह फ़िल्म बच्चों की मानसिक दुनिया, शिक्षा व्यवस्था और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। इस पुरस्कार ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सिनेमा की ताकत को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया।

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2008 – आशा एण्ड कम्पनी का लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम
भारतीय उद्यमिता और नवाचार की मिसाल बनी आशा एण्ड कम्पनी का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। यह उपलब्धि बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद नवाचार, निरंतरता और आत्मविश्वास से वैश्विक पहचान हासिल की जा सकती है।
2007 – बेनजीर भुट्टो की हत्या
27 दिसंबर 2007 को पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की रावलपिंडी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक गहरा झटका थी। लोकतंत्र, महिला नेतृत्व और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष की यह एक दर्दनाक समाप्ति मानी जाती है।

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2004 – भारत ने बांग्लादेश को वनडे श्रृंखला में हराया
क्रिकेट के मैदान पर भारत ने तीसरे और अंतिम वनडे मैच में बांग्लादेश को हराकर श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। यह जीत भारतीय टीम के उभरते खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम संतुलन का प्रतीक बनी।
2002 – पहले मानव क्लोन ‘ईव’ के जन्म का दावा
वर्ष 2002 में अमेरिका में पहले मानव क्लोन ‘ईव’ के जन्म का दावा किया गया। यद्यपि यह वैज्ञानिक रूप से विवादास्पद रहा, लेकिन इस घटना ने जैव-प्रौद्योगिकी, नैतिकता और मानव भविष्य को लेकर वैश्विक बहस छेड़ दी।

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2001 – भारत-पाक तनाव और अंतरराष्ट्रीय सक्रियता
भारत-पाक युद्ध की आशंका के बीच अमेरिका और रूस शांति प्रयासों में सक्रिय हुए। इसी दिन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोइबा ने अपना नया प्रमुख नियुक्त किया और संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन के खातों को सील करने के आदेश दिए। यह दिन वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख का संकेत था।
2000 – ऑस्ट्रेलिया में विवाह पूर्व संबंधों को मान्यता
ऑस्ट्रेलिया ने विवाह पूर्व संबंधों को कानूनी मान्यता देकर सामाजिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया। यह फैसला व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और आधुनिक जीवन मूल्यों को दर्शाता है।

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1998 – वांगकान धांग का निधन
चीन के परमाणु कार्यक्रम के जनक वांगकान धांग के निधन से चीन ने अपने एक महान वैज्ञानिक को खो दिया। उनके योगदान ने चीन को वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
1985 – विएना और रोम हवाई अड्डों पर आतंकी हमला
यूरोप के विएना और रोम हवाई अड्डों पर चरमपंथी हमलों में 16 लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया।

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1979 – अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन और सोवियत हमला
हफीजुल्लाह अमीन की हत्या और उसके बाद सोवियत सेना के अफगानिस्तान पर हमले ने शीत युद्ध को एक नया मोड़ दिया। यह संघर्ष दशकों तक वैश्विक राजनीति को प्रभावित करता रहा।
1975 – चासनाला कोयला खदान दुर्घटना
झारखंड के धनबाद जिले में चासनाला कोयला खदान में हुई भीषण दुर्घटना में 372 मजदूरों की जान चली गई। यह भारत के औद्योगिक इतिहास की सबसे भयावह त्रासदियों में गिनी जाती है।

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1972 – उत्तरी कोरिया में नया संविधान
उत्तरी कोरिया में नया संविधान लागू हुआ, जिसने वहां की राजनीतिक व्यवस्था और सत्ता संरचना को कानूनी आधार प्रदान किया।
1961 – बेल्जियम और कांगो के राजनयिक संबंध
औपनिवेशिक अतीत के बाद बेल्जियम और कांगो के बीच राजनयिक संबंधों की बहाली अफ्रीकी कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम था।
1960 – फ्रांस का परमाणु परीक्षण
फ्रांस ने परमाणु परीक्षण कर स्वयं को विश्व की प्रमुख परमाणु शक्तियों में शामिल किया, जिससे वैश्विक शक्ति संतुलन प्रभावित हुआ।

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1945 – विश्व बैंक और आईएमएफ की स्थापना
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने के उद्देश्य से विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना हुई। यह आधुनिक वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की नींव बना।
1939 – तुर्की में विनाशकारी भूकंप
तुर्की में आए भीषण भूकंप में लगभग 40 हजार लोगों की जान गई। यह आपदा मानव इतिहास की सबसे भयावह प्राकृतिक त्रासदियों में गिनी जाती है।
1934 – पर्सिया से ईरान नामकरण
पर्सिया के शाह ने देश का नाम बदलकर ईरान रखने की घोषणा की, जिससे राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक स्वाभिमान को नई दिशा मिली।

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1911 – ‘जन गण मन’ का प्रथम गायन
कलकत्ता अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दौरान पहली बार जन गण मन गाया गया, जो आगे चलकर भारत का राष्ट्रगान बना।
1861 – कलकत्ता में चाय की पहली सार्वजनिक बोली
भारत में चाय व्यापार के इतिहास की शुरुआत 27 दिसंबर 1861 को कलकत्ता में पहली सार्वजनिक नीलामी से हुई, जिसने भारत को विश्व के प्रमुख चाय उत्पादकों में शामिल किया।

फर्जी एस्कॉर्ट वेबसाइटों से ठगी करने वाला गिरोह पुलिस के शिकंजे में

एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, हजारीबाग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रांची / हजारीबाग (राष्ट्र की परम्परा)। झारखंड के हजारीबाग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हजारीबाग पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस की आड़ में ऑनलाइन साइबर ठगी और सेक्सटॉर्शन करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुफस्सिल थाना क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी लंबे समय से फर्जी वेबसाइटों और मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

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पुलिस के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़े आकर्षक विज्ञापन डालता था। संपर्क करने पर पीड़ितों से पहले एडवांस बुकिंग के नाम पर UPI, नेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से पैसे वसूले जाते थे। इसके बाद वीडियो कॉल और आपत्तिजनक चैट के जरिए पीड़ितों को ब्लैकमेल कर दोबारा रकम ऐंठी जाती थी।
गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने न्यूटनगर के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 12 मोबाइल फोन, 16 सिम कार्ड, 12 डेबिट कार्ड और 5 पैन कार्ड सहित कई डिजिटल उपकरण बरामद किए, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।

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इस मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 207/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन विज्ञापनों, खासकर एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़े ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर सेल या नजदीकी थाना को दें।