Thursday, June 25, 2026
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डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ने गोद लिए क्षय रोगियों को वितरित की पोषण पोटली

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सामाजिक दायित्व के तहत गोद लिए गए क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मवर्ष के क्रम में संचालित गतिविधियों के अंतर्गत संपन्न हुआ।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाना रहा।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय परिवार द्वारा सामूहिक रूप से 75 क्षय रोगियों को गोद लिया गया है। इन रोगियों के स्वास्थ्य, पोषण और उपचार संबंधी आवश्यकताओं में निरंतर सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया गया है।
कार्यक्रम जिला महिला चिकित्सालय के निकट स्थित सीएमओ एनेक्सी सभागार में प्रातः 11 बजे आरंभ हुआ। गृह विज्ञान विभाग के प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई और सेवा कार्य को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर कुलपति पूनम टंडन ने क्षय रोग से जुड़े अद्यतन आंकड़ों की जानकारी दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन समाज व राष्ट्रहित को समर्पित रहा है। उनके 75वें जन्मवर्ष पर यह पहल स्वस्थ और सशक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी दिव्या रानी सिंह ने क्षय रोग में पोषण की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि औषधीय उपचार के साथ संतुलित पोषण शीघ्र स्वास्थ्य लाभ का आधार है।
उप जिला क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने कहा कि उपचार के साथ सामाजिक और भावनात्मक सहयोग रोगियों का मनोबल बढ़ाने में सहायक होता है। यह कार्यक्रम सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और जनकल्याण की प्रेरक मिसाल के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में अनुपमा कौशिक, नीता सिंह, गार्गी पाण्डेय, गरिमा यादव तथा शोधार्थी कीर्ति दुबे, अर्चिता चौरसिया, कविता त्रिपाठी, तान्या और रंजना की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक के दौरान कृषि, आवास, मत्स्य पालन एवं कुम्हारी कला से संबंधित आवंटनों की स्थिति, सीमा स्तंभों की प्रगति, आर.सी. वसूली, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, फास्ट ट्रैक प्रमाणपत्र निर्गमन, पेंशन, जीपीएफ, ग्रेच्युटी तथा जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं एवं सेवाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जनता दर्शन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का तत्काल एवं प्रभावी निस्तारण करने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली आमजन के जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आपसी समन्वय बढ़ाकर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने तथा जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश भी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।समीक्षा दौरान जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि अपने तहसील क्षेत्रा अंतर्गत अभियान चलाकर राजस्व ग्रामों में चकरोड का सीमांकन कराकर खाली कराएं तथा प्रत्येक लेखपाल से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त करें कि किसी भी राजस्व ग्रामो के अंतर्गत समस्त चकरोड/चकमार्ग को सीमांकन कर अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी न्यायायिक प्रेम कुमार राय, समस्त उप जिलाधिकारी गण सहित अन्य सभी सम्बन्धित उपस्थित रहे।

उप्र कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षार्थियों को वितरित किए गए प्रमाणपत्र

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन योजनान्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षार्थियों के लिए प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती वंदिता श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह मिशन युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।कार्यक्रम में उपस्थित कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक श्री आलोक कुमार मौर्य ने मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रशिक्षार्थियों को प्राप्त कौशल का सही एवं व्यावहारिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं जिला कौशल प्रबंधक श्री कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रदाता विनायक टेक्निकल एजुकेशनल सोसाइटी के प्रदेश समन्वयक इंजीनियर रिजवान अहमद ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की।कार्यक्रम में केंद्र प्रबंधक साबीर अंसारी, स्टाफ सदस्य श्री अमन श्रीवास्तव, शालिनी मैम सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षार्थियों द्वारा प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव साझा किए गए तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

हत्या के मामले में नामजद अभियुक्त गिरफ्तार, आलाकत्ल सिलबट्टा बरामद

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रुद्रपुर पुलिस को हत्या के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल सिलबट्टा (लोढ़ा) बरामद कर लिया है।पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर श्री हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में थाना रुद्रपुर पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।थाना रुद्रपुर पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 479/2025 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता से संबंधित अभियुक्त चन्द्रमोहन मिश्रा उर्फ चन्दू पुत्र जगदीश नारायण मिश्रा, निवासी ग्राम गोनाह सूरतपुरा, थाना रुद्रपुर, जनपद देवरिया को दिनांक 26 दिसंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर साधू बाबा कुटिया मंदिर से पहले पीपल के पेड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सिलबट्टा बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के अनुसार, दिनांक 25 दिसंबर 2025 को ग्राम गोनाह सूरतपुरा के चौकीदार द्वारा थाना रुद्रपुर में तहरीर दी गई थी, जिसमें बताया गया कि गांव के निवासी मनीष तिवारी पुत्र स्वर्गीय भरत तिवारी को गांव के ही चन्द्रमोहन मिश्रा उर्फ चन्दू ने आपसी विवाद के दौरान जान से मारने की नीयत से सिलबट्टे से सिर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल मनीष तिवारी का इलाज सदर अस्पताल देवरिया में चल रहा था।उक्त तहरीर के आधार पर थाना रुद्रपुर पुलिस द्वारा पहले अभियोग धारा 109(1) बीएनएस के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था, किंतु उपचार के दौरान दिनांक 25 दिसंबर 2025 को मनीष तिवारी की मृत्यु हो जाने के बाद मामले में धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर विवेचना की जा रही है।गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि घटना के दिन वह अपने मित्र मनीष तिवारी के साथ बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान नशे की हालत में गाली-गलौज को लेकर विवाद हो गया, जिससे आवेश में आकर उसने पास में पड़े सिलबट्टे से मनीष तिवारी के सिर पर वार कर दिया। गिरफ्तार अभियुक्त चन्द्रमोहन मिश्रा उर्फ चन्दू पुत्र जगदीश नारायण मिश्रा निवासी ग्राम गोनाह सूरतपुरा, थाना रुद्रपुर, जनपद देवरिया बरामदगी घटना में प्रयुक्त सिलबट्टा (आलाकत्ल)गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक कल्याण सिंह सागर उपनिरीक्षक दिनेश कुमारकांस्टेबल राजेश यादव कांस्टेबल अनिल सिंह यादव पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना विधिक रूप से की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में नवाचार को मिलेगा प्रोत्साह: हरिहर प्रसाद दुबे ट्रस्ट इनोवेशन अवार्ड 2025–26 के लिए आवेदन शुरू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों में नवाचार, शोध और वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हरिहर प्रसाद दुबे ट्रस्ट इनोवेशन अवार्ड 2025–26’ की घोषणा की है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
इस पुरस्कार में विश्वविद्यालय के स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर के सभी विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। सहभागिता व्यक्तिगत रूप में या 3 से 4 विद्यार्थियों की टीम के रूप में की जा सकेगी। प्रत्येक प्रतिभागी अथवा टीम केवल एक ही प्रविष्टि प्रस्तुत कर सकेगी।
आवेदन एवं चयन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में 500 से 700 शब्दों का लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, जिसमें समस्या विवरण, उद्देश्य, कार्यप्रणाली, नवाचार की विशेषता तथा अपेक्षित सामाजिक एवं औद्योगिक प्रभाव का उल्लेख अनिवार्य होगा। द्वितीय चरण में शॉर्टलिस्ट प्रतिभागियों से विस्तृत रिपोर्ट या मॉडल तैयार कराया जाएगा। अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागी निर्णायक मंडल के समक्ष अपने प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण और प्रदर्शन करेंगे।
प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विज्ञान संकाय के डीन कार्यालय में विभागाध्यक्ष के माध्यम से तथा संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी अपने प्राचार्य के माध्यम से प्रविष्टियां जमा करेंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के अनुसार, इस अवार्ड का उद्देश्य उत्कृष्ट नवाचारी विचारों की पहचान करना, विद्यार्थियों को शोध और नवोन्मेष के लिए प्रेरित करना तथा संभावनाशील परियोजनाओं को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और उद्योग सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाना है। इससे विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता सुदृढ़ होगी।
डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि यह अवार्ड पंडित हरिहर प्रसाद दुबे ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित किया गया है। ट्रस्ट द्वारा विश्वविद्यालय में मेधावी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनमें रसायनशास्त्र में शांति तिवारी मेमोरियल छात्रवृत्ति, भौतिकी, गणित और प्राणी विज्ञान में हरिहर प्रसाद दुबे मेमोरियल छात्रवृत्ति, बायोटेक्नोलॉजी में पुष्पा दुबे मेमोरियल छात्रवृत्ति तथा समाजशास्त्र में प्रभाशंकर पाण्डेय मेमोरियल छात्रवृत्ति शामिल हैं। शैक्षणिक सत्र 2025–26 से एलएलबी के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सावित्री देवी मेमोरियल स्कॉलरशिप भी प्रदान की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पंडित हरिहर प्रसाद दुबे (1900–1963) गोरखपुर के प्रतिष्ठित अधिवक्ता और शिक्षाविद् थे। वे 1952 में गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। विश्वविद्यालय की स्थापना प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भूमिका रही और वे 1963 तक इससे जुड़े रहे। उनकी स्मृति में स्थापित फाउंडेशन ट्रस्ट आज भी विद्यार्थियों के नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित कर रहा है।

क्लासरूम के साथ अब क्लाउडरूम भी, मिश्रित शिक्षण से सशक्त होगी उच्च शिक्षा: प्रो. अजय शुक्ला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित यूजीसी–मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत “क्लासरूम से क्लाउडरूम तक” विषय पर व्याख्यान संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए नव नियुक्त सहायक प्राध्यापकों ने सहभागिता की।
मुख्य वक्ता अंग्रेज़ी विभाग के प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने पारंपरिक कक्षा शिक्षण और डिजिटल माध्यमों के संतुलित एवं पूरक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की उच्च शिक्षा में मिश्रित शिक्षण समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लासरूम प्रत्यक्ष संवाद, अनुशासन और मार्गदर्शन का केंद्र है, जबकि क्लाउडरूम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से समय और स्थान की सीमाओं से परे सीखने के अवसर उपलब्ध कराता है।
प्रो. शुक्ला ने कहा कि SWAYAM का उद्देश्य पारंपरिक क्लासरूम का स्थान लेना नहीं, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाना है। क्लाउडरूम आधारित शिक्षण छात्रों को लचीलापन, अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधन और स्व-अध्ययन के अवसर देता है, जिससे मिश्रित शिक्षण का मॉडल सशक्त होता है।
उन्होंने जानकारी दी कि SWAYAM भारत सरकार का राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा मंच है, जहां राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं। SWAYAM पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई सत्र में किया जाता है। मूल्यांकन प्रणाली के अंतर्गत 30 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन तथा 70 प्रतिशत अंक राष्ट्रीय स्तर की अंतिम परीक्षा से निर्धारित होते हैं।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी कार्यक्रम में कुल क्रेडिट का अधिकतम 40 प्रतिशत SWAYAM के माध्यम से अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि SWAYAM पर एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे आधुनिक शिक्षण तत्वों के माध्यम से जटिल विषयों को सरल और रोचक बनाया जाता है।
कार्यक्रम के अन्य सत्रों में जेएनयू के वरिष्ठ प्राध्यापक संजय कुमार पाण्डेय ने भारत–रूस संबंधों पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए दोनों देशों को दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार बताया और सामरिक सहयोग, सैन्य क्षमता तथा कूटनीतिक संतुलन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
चौथे सत्र में प्रो. अनीता अग्रवाल और प्रो. उमा शंकर तिवारी के निर्देशन में प्रतिभागियों द्वारा विषयगत प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के पाठ्यक्रम प्रभारी एवं भौतिकी विभागाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नव नियुक्त शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की व्यावहारिक समझ प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ कृपा मणि मिश्रा के स्वागत उद्बोधन से हुआ।

सिसवा राजा में गूंजे वैदिक मंत्र, 250 कन्याओं की कलश यात्रा से श्री विष्णु महायज्ञ का भव्य शुभारंभ


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा सिसवा राजा में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली इस कलश यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
कलश यात्रा का शुभारंभ ग्राम सभा दरौली स्थित शिव मंदिर के समीप पुराने बड़े पोखरे से हुआ, जहां आचार्यों के मंत्रोच्चार के साथ लगभग 250 कन्याओं ने विधि-विधान से पवित्र जल भरकर कलश धारण किया। इसके उपरांत कन्याएं श्रद्धा और अनुशासन के साथ अपने गंतव्य स्थल सिसवा राजा के लिए प्रस्थान कीं। यात्रा मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रियों का स्वागत किया।
इस भव्य धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चौकी प्रभारी अवधेश सिंह के नेतृत्व में पनियरा पुलिस, सदर कोतवाली महराजगंज एवं भिटौली थाना की पुलिस टीम ने महिला उपनिरीक्षक सहित लगभग 50 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाली। महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका से श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना रहा।
महायज्ञ के आयोजक सर्वेश कुमार पटेल के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई। ग्रामीणों का सहयोग, अनुशासन और आस्था इस महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता रही।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है और सामाजिक एकता के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती मिलती है। श्री विष्णु महायज्ञ के आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

ठंड की रात में मानवता की मिसाल: जरूरतमंदों को ओढ़ाया कंबल, मां की स्मृति में किया सेवा कार्य

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड में मानवता और संवेदनशीलता की एक अनुकरणीय मिसाल उस समय देखने को मिली, जब हरैया वार्ड में रहने वाले एक परिवार ने देर रात सड़क पर निकलकर खुले आसमान के नीचे सो रहे जरूरतमंदों की मदद की। गुरुवार की रात हरैया वार्ड नंबर पांच निवासी विनय श्रीवास्तव ने अपने भाइयों और पत्नी प्रीति श्रीवास्तव के साथ गांधी चौक, रेलवे स्टेशन सहित आसपास के क्षेत्रों में जाकर सड़क किनारे सो रहे लोगों को कंबल ओढ़ाए।ठंड से ठिठुरते बेसहारा और असहाय लोगों की स्थिति को देखते हुए यह सेवा कार्य पूरी निष्ठा और बिना किसी प्रचार-प्रसार के किया गया। परिवार ने दुकानों के आगे, सार्वजनिक स्थलों और सड़क किनारे सो रहे लोगों को न केवल गर्म कंबल प्रदान किए, बल्कि खान–पान से संबंधित आवश्यक सामग्री भी वितरित की, जिससे उन्हें ठंड के साथ-साथ भूख से भी राहत मिल सके।विनय श्रीवास्तव ने बताया कि यह सेवा कार्य उनकी स्वर्गीय माता ललिता श्रीवास्तव की स्मृति में किया गया। उन्होंने बताया कि उनकी माता शिक्षक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद कुछ वर्ष पूर्व बीमारी के कारण दिवंगत हो गई थीं और उनका जीवन सेवा व परोपकार के मूल्यों से प्रेरित रहा। उसी प्रेरणा को जीवंत रखते हुए परिवार ने यह मानवीय पहल की।स्थानीय लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवता और संवेदनशीलता का सकारात्मक संदेश देते हैं। ठंड के मौसम में इस प्रकार की पहल न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाती है, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों से भी जोड़ती है।

5 दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित पांच दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण मौसमी फल-सब्जियों एवं गन्ना आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन विषय पर केंद्रित रहा। समापन अवसर पर केंद्र प्रभारी पी. के. मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर प्रसंस्करण तथा लघु उद्योग स्थापित करने की व्यावहारिक रणनीतियों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रशिक्षण की कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं गृह विज्ञान वैज्ञानिक अंजलि वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मौसमी फल-सब्जियों एवं गन्ना आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पोषण संरक्षण, गुणवत्ता मानकीकरण तथा लागत-लाभ विश्लेषण का सजीव और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण को पूर्णतः हस्त-प्रयोग आधारित, सहभागी एवं रोजगारोन्मुख रखा गया, जिससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और उद्यमशील सोच का विकास हुआ।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कम पूंजी में घर से ही मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार कर नियमित आय अर्जित करने के अवसरों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानक, पैकेजिंग, लेबलिंग और बाजारोन्मुख उत्पाद विकास पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने आंवला अचार, आंवला कैंडी, कांजी, मुरब्बा, मिक्स/नवरंग अचार, चटनी, सिरका एवं टमाटर सॉस जैसे उत्पाद सफलतापूर्वक तैयार किए। पौध सुरक्षा वैज्ञानिक प्रेम शंकर ने कीट-रोग नियंत्रण एवं सुरक्षित भंडारण प्रबंधन पर जानकारी दी, जबकि वी. बी. सिंह ने उन्नत प्रजातियों एवं गुणवत्तायुक्त कच्चे माल के चयन पर प्रकाश डाला।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक आर. वी. सिंह ने मूल्य संवर्धन आधारित उद्यमिता, विपणन संभावनाओं एवं सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बताए। शस्य वैज्ञानिक हरिओम मिश्रा ने खाद्य प्रसंस्करण में प्रयुक्त लघु यंत्रों एवं ऊर्जा-दक्ष तकनीकों पर व्यावहारिक जानकारी दी। इस रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 25 महिला प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आय सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

खेल सिर्फ जीत या पदक के लिए नहीं, चरित्र निर्माण और टीमवर्क का माध्यम हैं: पुष्पा चतुर्वेदी

ब्लूमिंग बड्स स्कूल में दो दिवसीय अंतरविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभा देवी शिक्षण संस्थान, संत कबीर नगर द्वारा संचालित ब्लूमिंग बड्स स्कूल की सभी शाखाओं के दो दिवसीय अंतरविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी एवं समन्वयक विजय कुमार राय द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण व पुष्पार्चन के साथ किया गया। इसके बाद खेल प्रांगण में फीता काटकर, गुब्बारे तथा शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाते हुए प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम का संचालन इंद्रेश यादव ने किया।
प्रतियोगिता के दौरान मार्च पास्ट, पीटी डिस्प्ले, 100 मीटर व 200 मीटर दौड़, संगीत सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं का आयोजन हुआ। बच्चों ने पूरे अनुशासन और जोश के साथ भागीदारी की। बीच-बीच में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को आकर्षित किया।

मार्च पास्ट प्रतियोगिता में ब्लूमिंग बड्स स्कूल इंडस्ट्रियल एरिया शाखा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। पीटी डिस्प्ले में ब्लूमिंग बड्स स्कूल मेन ब्रांच के विद्यार्थियों की प्रस्तुति को निर्णायकों ने सर्वश्रेष्ठ माना।
एथलेटिक्स स्पर्धाओं में 100 मीटर दौड़ में इंडस्ट्रियल एरिया शाखा की सृष्टि, श्रेया और फैजान प्रथम रहे, जबकि 200 मीटर दौड़ में फैजान, कृतिका पांडे, सुयश और सूर्यांश ने स्वर्ण पदक जीता। मेन ब्रांच से 100 मीटर दौड़ में जगदीश, आयुष मौर्य, सृष्टि, आराध्या और प्रिया प्रथम रहे, वहीं 200 मीटर दौड़ में अंशिका, दिव्या और सौरभ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गीडा शाखा से 100 मीटर दौड़ में कक्षा 10 के सचिन और कक्षा 11 के विपुल तथा 200 मीटर दौड़ में कक्षा 6 के आर्यन और अस्मिता ने स्वर्ण पदक जीतकर शाखा का नाम रोशन किया।
पदक तालिका में ब्लूमिंग बड्स स्कूल मेन ब्रांच ने कुल 9 स्वर्ण पदक के साथ प्रथम स्थान, इंडस्ट्रियल एरिया ब्रांच ने 7 स्वर्ण पदक के साथ द्वितीय स्थान और गीडा ब्रांच ने 4 स्वर्ण पदक के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने कहा कि खेल केवल जीत या पदक पाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और टीमवर्क को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, खेल प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े विद्यालयीय दल को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
एग्जीक्यूटिव हेड दिनेश चंद्र पांडेय ने सभी शाखाओं से आए शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, खेल प्रशिक्षकों, मीडिया प्रतिनिधियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रवि प्रताप सिंह, राजेश पांडेय, डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य शैलेश त्रिपाठी, प्रधानाचार्या वसुंधरा मिश्रा, प्रधानाचार्य विनय शुक्ला, रिया मेहता, अनूप विश्वकर्मा, नागेंद्र सिंह, रितेश त्रिपाठी, सतीश मौर्य, नेहा राय, ध्रुव मौर्य, डॉ. धीरेंद्र पांडेय, चांदनी, सोनी सिंह सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य उपस्थित रहे।

यातायात पुलिस का चेकिंग अभियान, 116 वाहनों का ई-चालान, 2 सीज

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा शुक्रवार को विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर क्षेत्र में यह अभियान चलाया गया। न्यू कॉलोनी स्थित डॉक्टर गुलाम रसूल, आस्था हॉस्पिटल, डॉक्टर दाऊद अंसारी के सामने नो पार्किंग क्षेत्र, गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड तथा बस स्टैंड पर सवारी भरने के लिए खड़े अनुबंधित बसों एवं ई-रिक्शाओं की सघन जांच की गई।
इसके साथ ही गोरखपुर रोड पर यातायात नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के विरुद्ध ई-चालान व सीज की कार्रवाई की गई। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर टेप भी लगाए गए।अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 02 वाहनों को सीज किया गया।यातायात पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई से यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा मिलता है, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आती है तथा वाहन चालकों को नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया जाता है।

बरगदवा छावनी को सड़क की सौगात, दो विभागों की स्वीकृति से विकास की रफ्तार तेज

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बागापार के टोला बरगदवां छावनी के ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वर्षों से जिस पक्की सड़क का इंतजार किया जा रहा था, वह सपना अब साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बरगदवां छावनी को मुख्य संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। स्वीकृति मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता यशवंत कुमार ने स्थल पर पहुंचकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जिससे कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य मुख्य सड़क से बरगदवां छावनी तक किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत द्वारा भी बरगदवां छावनी से अमरावती देवी पब्लिक स्कूल तक पिच रोड निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। दो अलग-अलग विभागों से सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद पूरे टोले में खुशी और उत्साह का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक बरसात के दिनों में कच्चे रास्ते के कारण आवागमन अत्यंत दुष्कर हो जाता था। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं भी सुलभ होंगी।
उल्लेखनीय है कि बरगदवां छावनी में सड़क निर्माण की मांग को लेकर समाजसेवी उमेश चंद्र मित्र ने करीब छह माह पूर्व संबंधित विभागों को प्रार्थना पत्र सौंपा था। इसके बाद अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्ययोजना एवं बजट तैयार किया गया। अब स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों को जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
सड़क स्वीकृति की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और शासन- प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर शम्भू शरण वर्मा, राम आशीष निषाद, अरविन्द सिंह, गोविन्द वर्मा, महेंद्र यादव, हीरालाल शर्मा, सुदामा प्रजापति, राम उदित यादव, राजू मौर्या, दिनेश कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी का कहना है कि यह सड़क बरगदवां छावनी के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

वीर बाल दिवस पर छात्र छात्राओं ने किया प्रतिभाग और दिखाई प्रतिभा

जी एम एकेडमी के बच्चों ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों को अपनी प्रतिभा से किया नमन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के अग्रणी विद्यालय जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वीर बाल दिवस पर अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह के सपूतों द्वारा अपने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिया और मुंह से उफ तक नहीं कहा।
ऐसे दोनों साहबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के धर्म रक्षा हेतु किये गये सहादत पर गर्व के साथ याद करते हुए निबंध लेखन, पेंटिंग, भाषण, वाद विवाद, कविता, खेल आदि के आयोजन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिये। अधिकतर छात्र छात्राओं ने स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत, राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका, विकसित भारत के लिए मेरा दृष्टिकोण आदि विषयों पर बच्चों ने बहुत ही शानदार भाषण दिया तथा उपर्युक्त विषयों पर निबंध लेखन भी किया।
नन्हें मुन्ने बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए दीवार में चुने गए साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह की छायाचित्र उकेरी। ऐसा करते समय बच्चों के चेहरे पर दोनों साहिबजादों के प्रति गर्व स्पष्ट रूप से प्रतीत हो रहा था।
इस कार्यक्रम में गोलू गुप्ता, अभी यादव, आयूष रंजन, अयान अंसारी, सिवांश तिवारी, शिवांग मिश्र, संजना चौधरी, श्रृष्टि उपाध्याय, नित्या यादव, आकृति पांडेय आदि की प्रस्तुतियों की खूब सराहना हुई।

विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि हमें जोरावर सिंह और फतेह सिंह जैसे दृढ़ निश्चयी, धर्मनिष्ठ, बहादुर, राष्ट्र प्रेमियों पर गर्व है। हमें इनसे सीख लेने की आवश्यकता है। हमारी भारत भूमि ऐसे महापुरुषों की जननी है, जो सदैव पूजनीय है।
इस मौके पर दिलीप कुमार सिंह, श्वेता राज, ज्ञानेंद्र मिश्र, पी गोस्वामी, अनुष्का, खुशबू, अनामिका आदि के प्रयास सराहनीय रहे।

जिलाधिकारी ने शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक का किया निरीक्षण

नगरपालिका को जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने नगर क्षेत्र स्थित शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्मारक परिसर की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और उसके संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका को निर्देशित किया कि शहीद स्मारक का कायाकल्प प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृतियाँ हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण एवं गरिमामय विकास जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।जिलाधिकारी ने समुचित कार्ययोजना बनाकर सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मारक परिसर में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने, नियमित सफाई, रंग-रोगन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था (पाथ लाइटिंग) तथा हरित पट्टी विकसित करने हेतु लैंडस्केपिंग कराने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक को इस प्रकार विकसित किया जाए कि यह युवाओं के लिए प्रेरणा स्थल बने और उन्हें शहीदों के बलिदान, त्याग एवं राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ सके।साथ ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सौंदर्यीकरण से संबंधित सभी कार्य उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं तथा कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष अल्का सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस को है युवा वर्ग के चतुर्दिक विकास की चिंता -गोविन्द मिश्र

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पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के मीर छापर में युवा कांग्रेस की हुई बैठक

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। आज देश में सबसे ज्यादा अगर कोई अपने भविष्य को लेकर चिंतित है तो वह युवा वर्ग है, भाजपा के शासन में सबसे अधिक उपेक्षा इसी वर्ग का हुआ है। उक्त बातें पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के मीर छापर में युवा कांग्रेस के विधानसभा स्तरीय संगठन की समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोविन्द मिश्र ने कहा। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ कांग्रेस पार्टी को ही युवा वर्ग के चतुर्दिक विकास की चिंता है। भाजपा सरकार में तो नौजवानों को रोजगार मांगने पर लाठियां बरसाई जा रही है।देश में जहां कांग्रेस की सरकार है वहां नौजवानों को भरपूर रोजगार व नौकरी दिया जा रहा है।जिला उपाध्यक्ष सत्यम पांडेय ने कहा कि नौजवानों के रोजगार व शिक्षा के दिलाने के लिए हर लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में नौजवानों के हक की लड़ाई चल रही है। अब युवा वर्ग कांग्रेस के तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है।सूफी सलीम ने कहा कि नौजवान अब गुमराह नही होने वाला है आगामी चुनाव में भाजपा को अपनी बेरोजगारी को लेकर भरपूर जवाब देगा।बैठक को सूफी सलीम, अफजल, उमर खान ,सिकन्दर यादव,नवाव खान,सेराज अहमद, समीर, अरमान, साबिर, साहिल, सुफियान, अरबाज, हर्षित सिंह, अंकुर भारती,सन्नी पांडेय आदि ने सम्बोधित किया।