Thursday, June 25, 2026
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वृषभ राशिफल 2026: ग्रहों की चाल से बदलेगा भाग्य, जानिए करियर, धन, शिक्षा, राजनीति और जीवन के हर क्षेत्र का विस्तृत भविष्यफल

पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा वृष राशि के जातकों के लिए कैसा रहेगा 2026 rkpnews के माध्यम से

वर्ष 2026 वृषभ राशि (Taurus Horoscope 2026) के जातकों के लिए संतुलन, स्थायित्व और धीरे-धीरे मजबूत होती सफलता का वर्ष सिद्ध होगा। यह साल अचानक उथल-पुथल नहीं, बल्कि निरंतर प्रयासों से मिलने वाले ठोस परिणामों का संकेत देता है। ग्रहों की चाल आपको धैर्य, विवेक और सही समय पर निर्णय लेना सिखाएगी। जो लोग नियम, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ेंगे, उनके लिए वर्ष का उत्तरार्ध विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
🌿 वृष राशि 2026 का समग्र वार्षिक फल
2026 में सूर्य, गुरु (बृहस्पति) और शनि का प्रभाव वृष राशि वालों के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।
सूर्य सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख में वृद्धि करेगा।
गुरु ज्ञान, मार्गदर्शन और सही सलाह देगा।
शनि धीमी गति से सही दिशा में आगे बढ़ने की सीख देगा।
यह वर्ष आपको सिखाएगा कि स्थायी सफलता जल्दबाजी से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास से मिलती है।
मासिक राशिफल: वृष राशि 2026
🔸 जनवरी 2026

वर्ष की शुरुआत सोच-विचार और योजना बनाने से होगी।
करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
खर्च पर नियंत्रण रखें।
स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन ठंड से बचाव आवश्यक है।
🔸 फरवरी 2026
कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा।
छात्रों के लिए पढ़ाई में मन लगेगा।
पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।
गुरु का प्रभाव मानसिक स्थिरता देगा।
🔸 मार्च 2026
इस महीने आलस्य नुकसान पहुंचा सकता है।
कारोबार में निर्णय सोच-समझकर लें।
राजनीति से जुड़े लोग बयानबाजी में संयम रखें।
धन आगमन के साथ खर्च भी बढ़ेगा।

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🔸 अप्रैल 2026
सम्मान और मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि।
सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र में सफलता के योग।
छात्रों को मेहनत का फल मिल सकता है।
सूर्य का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
🔸 मई 2026
व्यापार विस्तार के योग बनेंगे।
नई डील या पार्टनरशिप संभव।
विदेश से जुड़े कामों में लाभ।
स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
🔸 जून 2026
परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा।
निवेश से लाभ संभव, लेकिन जोखिम न लें।
कला और संगीत से जुड़े लोगों को पहचान मिलेगी।
🔸 जुलाई 2026
शनि के कारण कार्य में देरी हो सकती है।
धैर्य बनाए रखें।
छात्र ध्यान भटकने से बचें।
आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी।

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🔸 अगस्त 2026
आर्थिक स्थिति में सुधार।
पुराने अटके काम पूरे होंगे।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में लोकप्रियता बढ़ेगी।
🔸 सितंबर 2026
करियर में उन्नति के संकेत।
स्थानांतरण या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
व्यवसायियों के लिए लाभकारी समय।
🔸 अक्तूबर 2026
भूमि-भवन से जुड़े मामलों में सतर्कता जरूरी।
खर्च बढ़ सकता है।
पारिवारिक सहयोग मिलेगा।
🔸 नवंबर 2026
धन संचय का अच्छा समय।
प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग।
गुरु का पूर्ण सहयोग मिलेगा।
🔸 दिसंबर 2026
वर्ष का समापन संतोषजनक रहेगा।
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
💼 कार्य क्षेत्र और व्यवसाय
नौकरीपेशा लोगों के लिए 2026 स्थिरता और जिम्मेदारी का वर्ष है।
सरकारी सेवा, बैंकिंग, लेखा, कृषि और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को विशेष लाभ।
व्यवसायियों के लिए मई से सितंबर तक विस्तार के योग।
विदेशी व्यापार से लाभ संभव।
🎓 शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा
छात्रों के लिए यह वर्ष मेहनत और अनुशासन मांगता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर अभ्यास से सफलता।
तकनीकी, वाणिज्य, मैनेजमेंट और कृषि शिक्षा में शुभ परिणाम।
🎨 कला, संगीत और रचनात्मक क्षेत्र
वृष राशि का संबंध सौंदर्य और कला से है।
2026 में कलाकारों, गायकों, डिजाइनरों और लेखकों को पहचान मिलेगी।
पुराने रचनात्मक प्रोजेक्ट पूरे होंगे।
🏛️ राजनीति और प्रशासन
राजनीतिक लोगों के लिए सार्वजनिक छवि मजबूत होगी।
प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नति या स्थानांतरण संभव।
संयमित व्यवहार से लाभ।
💰 आर्थिक स्थिति
आय के नए स्रोत बनेंगे।
खर्च भी बढ़ेंगे, लेकिन वर्ष के अंत तक बचत बढ़ेगी।
निवेश सोच-समझकर करें।
⚠️ संभावित अशुभ प्रभाव
मानसिक दबाव
अनावश्यक खर्च
काम में देरी
🔱 ग्रहों के प्रभाव को अनुकूल बनाने के उपाय
प्रतिदिन सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
शनिवार को काले तिल या अन्न का दान करें।
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।
🌸 शुभ संकेत
शुभ रंग: सफेद, हल्का नीला
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: भगवान शिव, माता पार्वती, हनुमान जी
🔔 निष्कर्ष
वर्ष 2026 वृष राशि वालों के लिए धीरे-धीरे मजबूत होती सफलता का वर्ष है।
संयम, परिश्रम और नियमित पूजा से यह साल जीवन की मजबूत नींव रख सकता है।
नोट: यह ज्योतिषीय आकलन सामान्य ग्रह स्थिति पर आधारित है। राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करता। जीवन के बड़े निर्णयों से पूर्व अपनी जन्मकुंडली किसी योग्य विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं।

आगरा में किसानों को राहत: यूरिया उर्वरक की सुचारू आपूर्ति जारी, डीएम ने की संयमित उपयोग की अपील

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। रबी फसलों में बुवाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के कार्य के चलते किसानों द्वारा यूरिया उर्वरक की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर जनपद में साधन सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की निरंतर और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर समितियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण आवश्यकता से अधिक खरीद और अग्रिम भंडारण की प्रवृत्ति है। कई बार समिति क्षेत्र के बाहर के कृषक भी उर्वरक लेने पहुंच जाते हैं, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है।
डीएम ने सभी सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में पंजीकृत सदस्य कृषकों एवं फार्मर आईडी (फार्मर रजिस्ट्री / एग्रीस्टैक) वाले किसानों को ही उनकी जोत और कृषि भूमि के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश शासन के कृषि अनुभाग-2 द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 30 सितंबर 2025 के अनुरूप लागू की जा रही है।

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जिलाधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे उर्वरकों का अनावश्यक भंडारण न करें और फसलों में आवश्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, बल्कि अन्य किसानों को समय पर उर्वरक मिलने में भी बाधा आती है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जनपद में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी। किसान संयम और संतुलित उपयोग अपनाएं, ताकि सभी कृषकों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और रबी उत्पादन प्रभावित न हो।

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जैविक खेती और श्री अन्न पर केंद्रित रहा किसान मेला, वैज्ञानिकों ने दी अहम सलाह

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आगरा के बाह क्षेत्र स्थित पवित्र वटेश्वर धाम प्रांगण में आयोजित चार दिवसीय पारंपरिक विराट किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी के द्वितीय दिवस का आयोजन 26 दिसंबर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में आगरा मंडल के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और जैविक खेती के महत्व से रूबरू कराया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख जैतपुरकलां के प्रतिनिधि रीतेश वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष (बाह देहात) शिव कुमार शर्मा रहे। दीप प्रज्ज्वलन के साथ भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों ने विभिन्न विभागों एवं निजी कंपनियों द्वारा लगाए गए कृषि स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

मेले को संबोधित करते हुए शिव कुमार शर्मा ने किसानों को केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी कृषि योजनाओं की जानकारी दी। संयुक्त कृषि निदेशक आगरा मंडल ने किसानों को मृदा परीक्षण के बाद संतुलित उर्वरक उपयोग और उन्नत बीज प्रजातियों को अपनाने की सलाह दी। वहीं डॉ. राजेश पाराशर ने जैविक खेती से स्वास्थ्य और पर्यावरण को होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।

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कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन अनुसंधानों और तकनीकी नवाचारों से अवगत कराया। तकनीकी सहायक श्री सर्वेश कुमार ने श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित किया। इसके अलावा पीएम किसान योजना, फसल बीमा, फार्मर रजिस्ट्री और जैविक कीट नियंत्रण जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।

इस पारंपरिक विराट किसान मेला आगरा 2025 में आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद और मथुरा जनपदों के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।

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कड़ाके की ठंड में पटवा समाज युवा संगठन बना सहारा, गरीब बच्चों को कंबल व गर्म वस्त्र वितरित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच पटवा समाज कल्याण समिति के युवा संगठन ने मानवता और सेवा का सराहनीय उदाहरण पेश किया। संगठन द्वारा जनपद में गरीब और जरूरतमंद बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से कंबल, टोपी, मफलर और मोजे वितरित किए गए। इस सेवा कार्य से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौटी और समाज में सकारात्मक संदेश गया।

कार्यक्रम के दौरान युवा संगठन के सदस्यों ने कहा कि ठंड के मौसम में सबसे अधिक परेशानी गरीब और बेसहारा बच्चों को झेलनी पड़ती है। ऐसे समय में समाज के सक्षम लोगों का दायित्व बनता है कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें। इसी भावना के साथ पटवा समाज युवा संगठन ने यह पहल की, ताकि कोई भी बच्चा ठंड के कारण पीड़ा न सहे।

इस अवसर पर पटवा समाज युवा अध्यक्ष मनीष पटवा ने कहा कि पटवा समाज हमेशा से सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के कार्यों में अग्रणी रहा है। शीतकाल में जरूरतमंदों को चिन्हित कर कंबल और आवश्यक सामग्री का वितरण समाज की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि दानवीर भामाशाह को केवल नाम से नहीं, बल्कि उनके त्याग, सेवा और समाजहित के कार्यों से याद किया जाना चाहिए। पटवा समाज उसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कमजोर वर्ग के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
मनीष पटवा ने युवाओं से अपील की कि वे सामाजिक कार्यों से जुड़कर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सेवा कार्य न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।

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कार्यक्रम में पटवा समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष विजय पटवा, महामंत्री अश्विनी आर्य पटवा सहित लोकेश पटवा, विपिन पटवा, विनोद पटवा, दर्शन पटवा, कृष्ण पटवा, देवानंद पटवा, आकाश पटवा, आदित्य पटवा, गोलू पटवा, अंश पटवा, श्याम पटवा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने ऐसे सेवा कार्यों को लगातार जारी रखने का संकल्प लिया।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। अजमेर शरीफ दरगाह पर आस्था की चादर चढ़ाने गए भिटौली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डेरवा निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दुखद घटना की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और माहौल गमगीन हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बीते बृहस्पतिवार को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाने और दुआ मांगने के उद्देश्य से अजमेर रवाना हुए थे। शुक्रवार को दरगाह परिसर में नल से स्नान करते समय जैसे ही उन्होंने अपने ऊपर ठंडा पानी डाला, अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े। उस समय उनके साथ बहनोई हरीश, निवासी बसंतपुर, मौजूद थे।

आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल सहायता की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, कड़ाके की ठंड के कारण अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मृत्यु हो गई।

मृतक सिसवा मुंशी चौराहे पर रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते थे और क्षेत्र में एक मेहनती, मिलनसार व धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन से परिवार के साथ-साथ व्यापारी वर्ग और ग्रामीणों में भी गहरा शोक व्याप्त है। वे अपने पीछे चार संतानों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

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मृतक के सबसे बड़े पुत्र जिब्रील (38 वर्ष) सऊदी अरब में रोज़गार करते हैं। पिता के निधन की सूचना मिलते ही वे भारत के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, उनके आज शाम लगभग पांच बजे तक गांव पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इधर, शव गांव पहुंचते ही घर में मातमी सन्नाटा पसर गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ शोक संवेदना प्रकट करने के लिए जुटी रही। इस दुखद घटना से पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूब गया है।

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चचेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप, गर्भपात की दवा खिलाने से युवती की मौत

नोएडा (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली सेक्टर-39 क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपने भतीजे पर बेटी से शारीरिक संबंध बनाने और गर्भवती होने पर गर्भपात की दवा खिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। दवा सेवन के बाद युवती की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित परिवार मूल रूप से उन्नाव का रहने वाला है और पिछले तीन वर्षों से नोएडा में रह रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके छोटे भाई का परिवार भी उसी मकान में रहता था। आरोप है कि भाई के छोटे बेटे ने उनकी 18 वर्षीय बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई।

गर्भ की जानकारी होने पर आरोपी युवक ने युवती को गर्भपात की दवा खिला दी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। 18 दिसंबर को युवती को नोएडा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 23 दिसंबर को युवती की मौत हो गई।

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पुलिस और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया सामने

एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि मामले में कोतवाली सेक्टर-39 में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम मामले की गहन जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवती की मौत का कारण खून की कमी (एनीमिया) बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवती कुछ समय से बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था। इसके अलावा शिकायतकर्ता और उसके भाई के बीच रकम के लेनदेन को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है, जिसे जांच में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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मेष राशिफल 2026: शनि की साढ़ेसाती में संघर्ष से सफलता तक का संपूर्ण वार्षिक भविष्यफल

✍️ पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय (मेष राशि के जातक हेतु RkPnews के माध्यम से)



भूमिका: 2026 – मेष राशि के लिए परीक्षा, परिपक्वता और स्थायी उपलब्धियों का वर्ष
साल 2026 मेष राशि (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) के जातकों के लिए साधारण नहीं, बल्कि जीवन को नया आकार देने वाला वर्ष है। शनि की साढ़ेसाती पूरे वर्ष प्रभावी रहेगी, जो आपको मानसिक, सामाजिक और व्यावहारिक स्तर पर परखेगी। यह समय आपको तोड़ेगा नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मनियंत्रण और दीर्घकालिक सफलता की ओर ले जाएगा।
गुरु (बृहस्पति) वर्ष के मध्य से राहत देंगे, वहीं राहु–केतु अचानक परिवर्तन और भ्रम पैदा करेंगे। मंगल आपकी ऊर्जा बढ़ाएगा, लेकिन जल्दबाजी से बचना अनिवार्य होगा।
ग्रहों की मुख्य स्थिति और उनका प्रभाव (2026)
शनि: साढ़ेसाती के कारण देरी, जिम्मेदारियां और आत्ममंथन
गुरु (बृहस्पति): वर्ष के मध्य से ज्ञान, मार्गदर्शन और अवसर
राहु–केतु: अचानक परिवर्तन, मानसिक भ्रम, अप्रत्याशित लाभ–हानि
मंगल: साहस और ऊर्जा, पर क्रोध व उतावलापन हानिकारक
मासिक राशिफल: जनवरी से दिसंबर 2026

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जनवरी 2026
वर्ष की शुरुआत दबाव और जिम्मेदारियों के साथ होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक, फल कम दिखेगा। स्वास्थ्य और नींद का ध्यान रखें।
शुभ: अनुशासन
अशुभ: मानसिक तनाव
उपाय: शनि मंत्र जप
फरवरी 2026
धन संबंधी फैसलों में सतर्कता जरूरी। परिवार में मतभेद संभव, संवाद से सुलझाएं।
शुभ: धैर्य
अशुभ: खर्च बढ़ना
उपाय: काले तिल का दान
मार्च 2026
करियर में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए मेहनत रंग लाएगी।
शुभ: साहस
अशुभ: जल्दबाजी
उपाय: हनुमान चालीसा

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अप्रैल 2026
मानसिक रूप से मजबूत होने का समय। पुराने अटके काम पूरे होंगे।
शुभ: आत्मविश्वास
अशुभ: क्रोध
उपाय: ध्यान और योग
मई 2026
गुरु के प्रभाव से मार्गदर्शन मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत।
शुभ: ज्ञान
अशुभ: भ्रम
उपाय: गुरुजनों का सम्मान
जून 2026
व्यवसाय में धीरे-धीरे सुधार। निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ: स्थिरता
अशुभ: जोखिम
उपाय: पीले वस्त्र का दान
जुलाई 2026
स्थानांतरण या बदलाव संभव। राजनैतिक और प्रशासनिक लोगों के लिए संघर्ष।
शुभ: परिपक्वता
अशुभ: विरोध
उपाय: सत्य और नियम पालन
अगस्त 2026
कला, संगीत और लेखन से जुड़े लोगों को पहचान मिलने लगेगी।
शुभ: रचनात्मकता
अशुभ: आत्मसंदेह
उपाय: निरंतर अभ्यास
सितंबर 2026
आर्थिक स्थिति संतुलित होगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।
शुभ: संतुलन
अशुभ: आलस्य
उपाय: नियमित दिनचर्या
अक्टूबर 2026
कार्य क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। प्रशासनिक सेवाओं में सफलता।
शुभ: प्रतिष्ठा
अशुभ: अहंकार
उपाय: विनम्रता
नवंबर 2026
व्यवसाय विस्तार के योग। पुराने संपर्क लाभ देंगे।
शुभ: विस्तार
अशुभ: कानूनी लापरवाही
उपाय: दस्तावेज़ सावधानी
दिसंबर 2026
वर्ष का समापन संतोष और सीख के साथ। भविष्य की नींव मजबूत होगी।
शुभ: स्थायित्व
अशुभ: थकान
उपाय: विश्राम और आत्मचिंतन
कार्य क्षेत्र और करियर
नौकरीपेशा जातकों को 2026 में अधिक जिम्मेदारी और कम प्रशंसा मिलेगी। बॉस से मतभेद संभव, लेकिन संयम से स्थिति संभलेगी। वर्ष के उत्तरार्ध में पद-प्रतिष्ठा में सुधार होगा।
व्यवसाय और व्यापार
साझेदारी में सावधानी आवश्यक। जोखिम भरे निवेश से बचें। वर्ष के अंतिम महीनों में धीरे-धीरे विस्तार के योग।
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाएं
अनुशासन ही सफलता की कुंजी। तकनीकी, प्रशासनिक और प्रबंधन क्षेत्रों में पढ़ने वालों को विशेष लाभ।
कला, संगीत और रचनात्मक क्षेत्र
संघर्ष के बाद पहचान मिलेगी। निरंतर अभ्यास से स्थायी मंच प्राप्त होगा।
राजनीति और प्रशासन
आलोचना और विरोध के बावजूद परिपक्वता बढ़ेगी। वर्ष के अंत में प्रतिष्ठा में वृद्धि।
आर्थिक स्थिति
आय स्थिर, खर्च अधिक। दीर्घकालिक निवेश लाभकारी, त्वरित लाभ योजनाओं से बचें।
स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति
मानसिक तनाव, जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। योग, ध्यान और नियमित दिनचर्या अनिवार्य।
शुभ–अशुभ संकेत
शुभ ग्रह: गुरु, संतुलित मंगल
अशुभ ग्रह: शनि, राहु–केतु
उपाय (ग्रहों को अनुकूल करने हेतु)
शनिवार: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” 108 बार
हनुमान जी की पूजा व सुंदरकांड
काले तिल, लोहे या काले वस्त्र का दान
क्रोध और जल्दबाजी से बचाव
शुभ रंग, शुभ अंक और आराध्य
शुभ रंग: गहरा लाल, नीला
शुभ अंक: 9, 8
आराध्य देवता: हनुमान जी, शनिदेव
आज का सामान्य शुभ संकेत
धैर्य और संयम से किया गया कार्य अवश्य सफल होगा।
निष्कर्ष
मेष राशि वालों के लिए 2026 संघर्ष से सफलता तक की यात्रा है। शनि की साढ़ेसाती डराने नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आई है। जो धैर्य, अनुशासन और ईमानदारी से आगे बढ़ेगा, वही आने वाले वर्षों में स्थायी सफलता प्राप्त करेगा।
नोट
यह ज्योतिषीय आकलन सामान्य ग्रह गोचर पर आधारित है। “राष्ट्र की परम्परा” इस ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करता। कृपया अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य दिखाएं।

अलाव, कंबल और रैन बसेरे: तहसील प्रशासन की त्रिस्तरीय राहत व्यवस्था

कड़ाके की ठंड में सिकंदरपुर तहसील प्रशासन की मानवीय पहल, गरीबों के लिए बना राहत का मजबूत सहारा

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)भीषण ठंड के इस दौर में सिकंदरपुर तहसील प्रशासन जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। आमजन, विशेषकर गरीब, असहाय, वृद्ध एवं निराश्रित लोगों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी और संवेदनशील कदम उठाए जा रहे हैं। तहसीलदार देवेंद्र कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में संचालित यह राहत अभियान क्षेत्र में मानवीय प्रशासन की मिसाल बनता जा रहा है।

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तहसील क्षेत्र में ठंड से बचाव के लिए कुल 17 चिन्हित स्थानों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं। इन अलावों से न केवल बेसहारा लोगों को राहत मिल रही है, बल्कि देर रात तक सफर करने वाले राहगीरों को भी ठंड से बचाव में मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा अलाव व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और आग से जुड़ी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

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इसके साथ ही तहसील प्रशासन द्वारा कंबल वितरण अभियान को भी तेज गति से संचालित किया गया है। अब तक लगभग 800 कंबलों का वितरण किया जा चुका है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर, वृद्ध और निराश्रित लोगों को प्राथमिकता दी गई है। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ झलक रही है।

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नगर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा दो रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है, जहां ठहरने के साथ-साथ स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये रैन बसेरे सर्द रातों में बेसहारा लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय साबित हो रहे हैं।
तहसीलदार देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई व्यक्ति ठंड से पीड़ित या असहाय अवस्था में दिखे, तो तुरंत तहसील प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन की यह संवेदनशील पहल जनमानस में सराहना का विषय बनी हुई है और कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के लिए मजबूत संबल बनकर उभर रही है।

उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ का असर: पाखंड और अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा, 511 गिरफ्तार

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तराखंड में धर्म और आस्था की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों, पाखंड और ठगी के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन कालनेमि निर्णायक साबित हो रहा है। इस विशेष अभियान के तहत अब तक केवल तीन जिलों—हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर—में बड़ी कार्रवाई की गई है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, 10 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में 4,802 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 511 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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इस कार्रवाई में अवैध रूप से भारत में रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों की भी पहचान की गई। इनमें से 10 को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है, जबकि शेष नौ के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह अभियान विशेष रूप से उन तत्वों को निशाना बना रहा है, जो साधु-संत, तांत्रिक या धार्मिक पहचान का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को ठगने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने का काम कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऑपरेशन कालनेमि किसी भी वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता व गरिमा को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था का पूरा सम्मान करती है, लेकिन उसकी आड़ में अपराध, धोखाधड़ी और पाखंड को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखा जाए और प्रदेश की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

दिल्ली पुलिस ऑपरेशन आघात 3.0: अपराधियों पर कहर, हथियार, वाहन और मोबाइल बरामद

नए साल से पहले दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ में 1306 आरोपी दबोचे, अवैध हथियार और सैकड़ों वाहन जब्त

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)नए साल के जश्न से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने एक व्यापक और सख्त अभियान चलाया। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस द्वारा संचालित इस विशेष अभियान को ‘दिल्ली पुलिस ऑपरेशन आघात 3.0’ नाम दिया गया, जिसके तहत रात भर जिले के संवेदनशील और अपराध संभावित इलाकों में सघन तलाशी, छापेमारी और जांच की गई।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नववर्ष समारोहों के दौरान किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना, संगठित अपराधियों को पकड़ना और आम जनता को सुरक्षित माहौल देना था। स्थानीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली।
अभियान के दौरान शस्त्र अधिनियम, उत्पाद शुल्क अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और जुआ अधिनियम के तहत कुल 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, एहतियातन कार्रवाई करते हुए 504 लोगों को हिरासत में लिया गया, ताकि नववर्ष की भीड़ के दौरान किसी भी संभावित अपराध को रोका जा सके।

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आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए पुलिस ने 116 सूचीबद्ध बुरे चरित्र वाले अपराधियों को पकड़ा। वहीं, 10 संपत्ति अपराधियों और 5 वाहन चोरों को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे चोरी और लूट की घटनाओं में संलिप्त गिरोहों को करारा झटका लगा है।
बरामदगी के मामले में भी यह अभियान बेहद अहम साबित हुआ। पुलिस ने 21 देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू जब्त किए। इसके साथ ही भारी मात्रा में मादक पदार्थ और अवैध शराब भी पकड़ी गई, जो त्योहारों से पहले बाजार में खपाने की तैयारी में थी।
चोरी और लूट से जुड़े मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने 310 छीने, लूटे और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए। वाहन चोरी के खिलाफ कार्रवाई में 231 दोपहिया वाहन और एक चार पहिया वाहन जब्त या बरामद किए गए।

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कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत रात भर चली कार्रवाई में 1,306 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि राजधानी में अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके और नए साल का जश्न शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाया जा सके।

AICC मुख्यालय में कांग्रेस की रणनीतिक बैठक, नेतृत्व और चुनावी मुद्दों पर चर्चा

कांग्रेस कार्य समिति की अहम बैठक: नेतृत्व, संगठन और आगामी रणनीति पर मंथन

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)इंदिरा भवन स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

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बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और राज्यों में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, वरिष्ठ नेता हरीश रावत, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद राजीव शुक्ला और अभिषेक मनु सिंहवी जैसे दिग्गज नेता बैठक में मौजूद रहे।
कर्नाटक से जुड़े नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे ने बैठक को विशेष रूप से सुर्खियों में ला दिया। राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के नेतृत्व समझौते को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि, डीके शिवकुमार को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, जिस पर उन्होंने पहले ही असंतोष जाहिर किया था।
इस बैठक में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। हाल के दिनों में पार्टी गतिविधियों से उनकी दूरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण की प्रशंसा को लेकर वे आलोचनाओं में रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, थरूर ने अपनी व्यस्तताओं की जानकारी पहले ही पार्टी को दे दी थी। वहीं, चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी भी बैठक में शामिल नहीं हुए।

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बैठक ऐसे समय में हुई है जब भाजपा लगातार कांग्रेस नेतृत्व और बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल उठा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग पर डीएम का सख्त रुख, अधिकारियों को चेतावनी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के आधार पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर कम अंक एवं खराब श्रेणी में दर्शाए गए इंडिकेटर्स पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जाएं, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके। डीएम ने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विशेष समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वेंडर्स से लाभार्थियों की संख्या की जानकारी लेते हुए विद्युत विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजनाएं, ग्राम्य विकास विभाग की डे-एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज योजना, नमामि गंगे, प्राथमिक शिक्षा विभाग की निपुण परीक्षा आकलन, पीएम पोषण योजना, बाल विकास एवं पुष्टाहार, लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण कार्य और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
फैमिली आईडी निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनका शत-प्रतिशत फैमिली आईडी बनाया जाए। शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

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अंत में डीएम ने सभी विभागों को फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका का दबदबा, ट्रम्प बोले- अंतिम फैसला वाशिंगटन का

यूक्रेन शांति पहल पर ट्रम्प का सख्त संदेश: ‘वाशिंगटन की मंजूरी बिना ज़ेलेंस्की के प्रस्ताव बेअसर’

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)आगामी सप्ताहांत में संभावित उच्चस्तरीय बैठक से पहले यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बेहद सख्त और निर्णायक रुख अपनाया है। पॉलिटिको को दिए एक साक्षात्कार में ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक वाशिंगटन समर्थन नहीं देता, तब तक यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के पास प्रभावी विकल्प नहीं हैं। ट्रम्प का यह बयान वैश्विक कूटनीति में अमेरिका की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।
ट्रम्प ज़ेलेंस्की शांति पहल को लेकर ट्रम्प ने कहा, “जब तक मैं इसे मंजूरी नहीं देता, उनके पास कुछ भी नहीं है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रस्तावित वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है। ज़ेलेंस्की के फ्लोरिडा में ट्रम्प से मिलने की संभावना है, जहां वे अपनी बहुप्रतीक्षित 20 सूत्रीय शांति योजना प्रस्तुत कर सकते हैं।

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इस योजना में विसैन्यीकृत क्षेत्र की अवधारणा और यूक्रेन के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी प्रमुख बिंदु माने जा रहे हैं। ज़ेलेंस्की पहले ही दावा कर चुके हैं कि उनकी शांति योजना लगभग 90 प्रतिशत तैयार है और अब केवल अमेरिकी समर्थन पर अंतिम सहमति बाकी है। लेकिन ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रस्ताव को बिना विस्तार से देखे समर्थन नहीं दिया जाएगा।

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ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी जल्द बातचीत करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए दोनों पक्षों से संवाद जरूरी है। इस बीच ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर के साथ हुई बातचीत को “सकारात्मक” बताया है।
ट्रम्प की हालिया टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि अमेरिका इस संघर्ष में केवल सहयोगी नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति की भूमिका निभा रहा है। ट्रम्प ज़ेलेंस्की शांति पहल पर उनकी सख्ती आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

अंतरिक्ष अनुसंधान पर शोध से इसरो तक पहुंच

सुकरौली के अतुल मिश्रा की ऐतिहासिक उपलब्धि: इसरो ने एमबीए छात्र के अंतरिक्ष शोध-पत्र को दी मान्यता

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।देवरिया जनपद के बरहज तहसील अंतर्गत ग्राम सुकरौली निवासी अतुल मिश्रा ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपने गांव, बल्कि पूरे जनपद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अतुल मिश्रा द्वारा लिखित शोध-पत्र “अंतरिक्ष अनुसंधान की वैचारिक पृष्ठभूमि और बदलता वैज्ञानिक परिदृश्य” को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा स्वीकार किया गया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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विशेष बात यह है कि अतुल मिश्रा वर्तमान में गलगोटिया विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र हैं। प्रबंधन जैसे विषय के विद्यार्थी द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान पर शोध-पत्र का इसरो द्वारा चयन किया जाना उन्हें देश के चुनिंदा छात्रों की श्रेणी में खड़ा करता है। जानकारी के अनुसार, एमबीए पृष्ठभूमि से आने वाले वे संभवतः देश के एकमात्र छात्र हैं जिनका शोध-पत्र इसरो द्वारा मान्य किया गया है।

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अपने शोध में अतुल मिश्रा ने अंतरिक्ष अनुसंधान की वैचारिक यात्रा, मानवीय जिज्ञासा, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास के बदलते आयामों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ‘आर्यभट्ट’ से लेकर ‘चंद्रयान-3’ और ‘आदित्य-एल1’ जैसे ऐतिहासिक मिशनों का उल्लेख करते हुए नासा-इसरो सहयोग, निजी क्षेत्र की भागीदारी, सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण, विकिरण प्रभाव और जलवायु अध्ययन जैसे पृथ्वी-केंद्रित अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला है। यह शोध न केवल अंतरिक्ष विज्ञान बल्कि पृथ्वी पर जीवन और तकनीक में हो रहे बदलावों को समझने में भी सहायक है।

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इस गौरवपूर्ण उपलब्धि का श्रेय अतुल मिश्रा ने अपने बाबा रत्नेश मिश्र, परिवारजनों और शिक्षकों को दिया है। नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा सहित ग्रामवासियों और संस्था के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।

पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण अधूरा, पुलिया कार्य की धीमी रफ्तार से बढ़ी परेशानी

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गढ़िया रंगीन कस्बे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जा रहा सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण क्षेत्र के नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों को रोजमर्रा के आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के कई हिस्सों में चौड़ीकरण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे जगह-जगह गड्ढे और असमतल सतह बनी हुई है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है, खासकर बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सड़क के साथ-साथ गढ़िया रंगीन में स्थित तालाबों पर प्रस्तावित पुलिया निर्माण भी अभी अधूरा है। पुराने बस स्टैंड के पास स्थित तालाब पर शनिवार को पुलिया निर्माण कार्य चलता हुआ जरूर देखा गया, लेकिन गति बेहद धीमी रही। स्थानीय नागरिकों में इस देरी को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। लोगों का कहना है कि पुलिया पूरी न होने से वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।

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इस पूरे मामले में जब पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर पंकज वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शेष बचे निर्माण कार्य को शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि कार्य समाप्त होते ही सड़क और पुलिया दोनों सुरक्षित, मजबूत और सुगम होंगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
फिलहाल, पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण अधूरा होने से गढ़िया रंगीन के लोगों की परेशानी बनी हुई है और सभी को निर्माण कार्य के जल्द पूरा होने का इंतजार है।