Wednesday, June 24, 2026
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सिकंदरपुर बस स्टेशन चौराहे पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित

सिकंदरपुर /बलिया ( राष्ट्र की परम्परा)

स्वर्गीय जगन्नाथ चौधरी, पूर्व सांसद की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सिकंदरपुर बस स्टेशन चौराहे पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा आम नागरिकों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा की शुरुआत स्वर्गीय जगन्नाथ चौधरी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित नेताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जगन्नाथ चौधरी जनसेवा के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने अपने संसदीय कार्यकाल में क्षेत्र के विकास, सामाजिक समरसता और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय चौधरी सरल, मिलनसार और जनप्रिय जननेता थे, जिनकी सोच आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने का कार्य किया। श्रद्धांजलि सभा में सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय जगन्नाथ चौधरी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही, जिससे स्पष्ट हुआ कि स्वर्गीय जगन्नाथ चौधरी आज भी जनता के दिलों में जीवित हैं।

नए साल से पहले पुलिस का सुरक्षा संदेश

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित व अनुशासित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के स्पष्ट निर्देशन में 31 दिसंबर 2025 को यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख मार्गों पर विशेष अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड एवं बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने और खतरनाक स्टंट करने वालों को चिन्हित कर मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के अंतर्गत चालान किया गया।
यातायात पुलिस की इस सख्त कार्रवाई में कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 4 वाहनों को गंभीर उल्लंघन के चलते सीज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि जनहित में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया गया है, ताकि लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन करें।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित अभियानों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि सड़क पर अनुशासन भी कायम होगा। यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट का प्रयोग करें, वाहन के कागजात पूरे रखें और सड़क पर सुरक्षित व जिम्मेदाराना व्यवहार अपनाएं।

नए साल से पहले पुलिस का सुरक्षा संदेश

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित व अनुशासित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के स्पष्ट निर्देशन में 31 दिसंबर 2025 को यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख मार्गों पर विशेष अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड एवं बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने और खतरनाक स्टंट करने वालों को चिन्हित कर मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के अंतर्गत चालान किया गया।
यातायात पुलिस की इस सख्त कार्रवाई में कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 4 वाहनों को गंभीर उल्लंघन के चलते सीज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि जनहित में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया गया है, ताकि लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन करें।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित अभियानों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि सड़क पर अनुशासन भी कायम होगा। यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट का प्रयोग करें, वाहन के कागजात पूरे रखें और सड़क पर सुरक्षित व जिम्मेदाराना व्यवहार अपनाएं।

फार्मर रजिस्ट्री को लेकर प्रमुख सचिव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, मंडलायुक्त सभागार में हुई समीक्षा बैठक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री अभियान को लेकर शुक्रवार को गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर प्रदेशभर में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गोरखपुर मंडल के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री की वर्तमान स्थिति, आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं तथा उनके त्वरित समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी/कार्यवाहक जिलाधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, अपर आयुक्त जय प्रकाश, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहदेव मिश्रा सहित कृषि, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रमुख सचिव ने फार्मर रजिस्ट्री को शासन की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिया कि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का एक समग्र, प्रमाणिक और डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंच सकेगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और कैंपों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए।

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मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने इसे किसानों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए राजस्व और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान और फील्ड स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सीडीओ/कार्यवाहक डीएम शाश्वत त्रिपुरारी ने बताया कि गोरखपुर जनपद में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को गति दी जा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया सरल और सुगम हो सके। अधूरे दस्तावेजों वाले किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन देकर शीघ्र रजिस्ट्री पूरी कराई जा रही है।

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अपर आयुक्त जय प्रकाश और एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा ने भी अब तक की प्रगति से अवगत कराते हुए आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि फार्मर रजिस्ट्री की नियमित समीक्षा की जाएगी और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य पूर्ण कराया जाएगा, ताकि प्रत्येक किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।

फरीदाबाद में 25 वर्षीय युवती के साथ सनसनीखेज गैंगरेप, आरोपियों को किया गिरफ्तार


फरीदाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। हरियाणा के फरीदाबाद में 25 साल की युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता 29 दिसंबर की रात करीब 08:30 बजे किसी बात पर अपनी मां से नाराज होकर घर से निकल गई और अपनी सहेली के पास गई थी। रात 12:30 बजे घर लौटते समय मेट्रो चौक पर ऑटो लेने के लिए खड़ी थी, तभी एक वैन में सवार आरोपियों ने उसे लिफ्ट देने का झांसा दिया। आरोप है कि जैसे ही वह वैन में बैठी, आरोपियों ने उसे फरीदाबाद की बजाय गुरुग्राम की ओर ले जाकर सुनसान जगह पर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया और मारपीट भी की।

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पीड़िता के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते अस्पताल में उसके सिर पर 12 टांके लगे। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फरीदाबाद शहर के ही रहने वाले हैं। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की नई पहल, उत्पादन बढ़ाने पर जोर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सघन मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एयरेशन सिस्टम स्थापना योजना के तहत एक बार फिर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का सीधा लाभ महिला मत्स्य पालकों को मिलेगा, जिससे मत्स्य उत्पादन में वृद्धि के साथ उनकी आय में भी इजाफा होगा।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, देवरिया विजय कुमार मिश्र ने जानकारी दी कि इच्छुक महिला आवेदक विभागीय वेबसाइट fisheries.up.gov.in पर 07 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। योजना के अंतर्गत तालाबों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आधुनिक एयरेशन सिस्टम की स्थापना की जाएगी, जिससे मछलियों की वृद्धि दर और जीवित रहने की क्षमता में सुधार होगा।

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उन्होंने बताया कि योजना पूर्णतः महिला मत्स्य पालकों के लिए संचालित की जा रही है। प्रति यूनिट एयरेशन सिस्टम की इकाई लागत 50,000 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला लाभार्थियों को 50 प्रतिशत अनुदान, जबकि अनुसूचित जाति की महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। शेष राशि लाभार्थी द्वारा वहन की जाएगी।

मत्स्य विशेषज्ञों के अनुसार, एयरेशन सिस्टम से तालाब के पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे रोगों का खतरा कम होता है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है। यह योजना महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
विभाग ने पात्र महिला मत्स्य पालकों से समय रहते आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने की अपील की है, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सके।

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सड़क सुरक्षा के साथ सामाजिक समावेशन की ओर देवरिया पुलिस का कदम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क सुरक्षा और सामाजिक समावेशन को मजबूती देने की दिशा में यातायात पुलिस ने एक प्रेरक पहल की। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात कार्यालय देवरिया परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मूक–बधिर नागरिकों को यातायात नियमों की सुलभ और प्रभावी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

इस अवसर पर मूक–बधिर युवती शानवी ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल ढंग से समझाया। उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल की पहचान, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा, सुरक्षित लेन अनुशासन और सतर्क वाहन संचालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। यह पहल उन नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई, जिन्हें सामान्य माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई होती है।

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कार्यक्रम के उपरांत यातायात पुलिस के सहयोग से एक जागरूकता मोटरसाइकिल रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि जिन वाहनों पर कान का प्रतीक चिन्ह अंकित हो, वे मूक–बधिर चालक द्वारा संचालित हो सकते हैं। ऐसे वाहनों के आसपास अनावश्यक हॉर्न न बजाने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई।

यातायात प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नागरिकों से यातायात नियमों के पालन, संवेदनशीलता और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का अनुरोध किया। यह देवरिया यातायात जागरूकता अभियान न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम है, बल्कि समावेशी समाज के निर्माण का सशक्त संदेश भी देता है।

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नहरों में छोड़ा गया पानी, किसानों के चेहरे खिले; गेहूं की फसल को मिला जीवनदान

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बीते करीब तीन माह से वार्षिक अनुरक्षण और साफ-सफाई के नाम पर बंद पड़ी नहरों के चलते क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रबी की प्रमुख फसल गेहूं की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। समय पर पानी न मिलने से खेतों में खड़ी फसल मुरझाने लगी थी और कई स्थानों पर पौधे सूखने की कगार पर पहुंच चुके थे।

नहरों में पानी न होने के कारण किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही थी, जिससे लागत में लगातार इजाफा हो रहा था। डीजल और बिजली के बढ़ते दामों ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। खासकर छोटे और सीमांत किसान अतिरिक्त खर्च उठाने में असमर्थ हो गए थे।

किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग में हलचल मची। विभागीय अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए मंगलवार देर रात पूर रजवाहा सहित क्षेत्र की अन्य माइनरों में पानी छोड़े जाने की व्यवस्था की।

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नहरों में पानी आते ही खेतों में फिर से जान लौट आई। बुधवार सुबह से ही किसान अपने-अपने खेतों में सिंचाई कार्य में जुट गए। सूखती फसल को पानी मिलते ही पौधों की हरियाली लौट आई और किसानों के चेहरों पर भी रौनक दिखाई देने लगी। खेतों में पानी बहता देख किसानों ने राहत की सांस ली।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, तो गेहूं की पैदावार पर गंभीर असर पड़ता। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान होता, बल्कि भविष्य में खाद्यान्न संकट की आशंका भी बढ़ जाती।

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क्षेत्र के किसानों ने उम्मीद जताई कि आगे भी नहरों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो और किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ मिलता रहे।

पुतिन के घर पर हमले के दावे से बढ़ा तनाव, यूक्रेन पर दोतरफा दबाव

मास्को (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)रूस और यूक्रेन युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। मॉस्को ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाने की कोशिश ड्रोन हमले के जरिए की गई। हालांकि यूक्रेन ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन इसके बाद रूस ने जो कदम उठाया है, उसने वैश्विक चिंता को और बढ़ा दिया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उसने अपने सबसे आधुनिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ओरिस्टनिक मिसाइल सिस्टम को बेलारूस में तैनात कर दिया है। बेलारूस, यूक्रेन का सीधा पड़ोसी देश है, जिससे यह तैनाती रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। रूसी मंत्रालय ने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें बर्फ से ढके जंगलों के बीच मिसाइल सिस्टम को ले जाते काफिले और सैन्य तैयारियां साफ देखी जा सकती हैं।

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बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने पुष्टि की है कि उनके देश में कुल 10 ओरिस्टनिक मिसाइल सिस्टम तैनात किए जाएंगे। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि यह सिस्टम अब “एक्टिव ड्यूटी” में शामिल हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन के और क्षेत्रों पर नियंत्रण के इरादे को दोहराया, जिससे संकेत मिलता है कि युद्ध की तीव्रता और बढ़ सकती है।
ड्रोन हमले के कथित प्रयास को लेकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यूक्रेन को “कड़ी कीमत” चुकानी होगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि सभी ड्रोन मार गिराए गए, इसलिए किसी ठोस सबूत का सवाल ही नहीं उठता।

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वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन आरोपों को झूठ बताया है। कुल मिलाकर, पुतिन के आवास पर कथित ड्रोन हमले और उसके बाद बेलारूस में न्यूक्लियर सक्षम मिसाइलों की तैनाती ने रूस-यूक्रेन युद्ध को एक और खतरनाक और अनिश्चित दिशा में धकेल दिया है।

विदा हो रहा 2025: अनुभवों की गठरी, सीख की पूंजी और उम्मीदों की नई रोशनी


महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज 31 दिसंबर 2025 है। समय की निरंतर बहती धारा में एक और वर्ष इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है। बीतता वर्ष केवल तारीखों का संग्रह नहीं, बल्कि अनुभवों, उपलब्धियों, चुनौतियों और आत्ममंथन की साझा यात्रा है। विदा हो रहा 2025 हमें ठहरकर सोचने, सीखने और आगे की दिशा तय करने का अवसर देता है।

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वर्ष 2025 ने समाज को कई स्तरों पर आईना दिखाया। तकनीक और डिजिटल क्रांति ने कामकाज को तेज किया, वहीं मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक जिम्मेदारियां बार-बार कसौटी पर रहीं। शहरों की चकाचौंध के बीच गांवों की जमीनी सच्चाइयां, आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ रोजगार और शिक्षा की चुनौतियां—इन सबने समाज को गंभीर चिंतन के लिए मजबूर किया। राजनीति और अर्थव्यवस्था में जन-भागीदारी की ताकत दिखी, पर स्वार्थ और असंवेदनशीलता के उदाहरण भी सामने आए।

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प्रकृति ने भी इस वर्ष स्पष्ट संकेत दिए कि विकास तभी टिकाऊ है जब पर्यावरण संतुलन सुरक्षित रहे। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का महत्व और गहराया। इसके बावजूद, 2025 निराशा का नहीं बल्कि जागरूकता का वर्ष बनकर उभरा। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर नई चेतना और संवाद मजबूत हुए। आमजन में यह भरोसा बढ़ा कि सामूहिक प्रयास से बदलाव संभव है।

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आज जब हम 2025 को विदा कह रहे हैं, तो हाथ खाली नहीं हैं। अनुभवों की गठरी, गलतियों से मिली सीख और उम्मीदों की रोशनी हमारे साथ है। नया वर्ष 2026 एक कोरे पन्ने की तरह है—जिस पर जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच से भविष्य की इबारत लिखनी है।
आइए, बीते साल की कमियों को स्वीकारें, उपलब्धियों से प्रेरणा लें और संकल्प करें कि आने वाला वर्ष मानवता, सद्भाव और संतुलित विकास का प्रतीक बने।

तेरहवीं का भोज खाने गए युवक की गोली मारकर हत्या, 17 आपराधिक मामले थे दर्ज

जौनपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बबुरा गांव में सोमवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब तेरहवीं के भोज में शामिल होने गए एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान स्वाधीन सिंह उर्फ छोटू (24) के रूप में हुई है। युवक के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एएसपी आतिश कुमार सिंह, सीओ सुनील चंद तिवारी सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और स्वाट टीम पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी।

क्या है पूरा मामला

बबुरा गांव निवासी स्वाधीन सिंह उर्फ छोटू अपने बड़े भाई सानिध्य उर्फ लक्की के साथ घर से लगभग 700 मीटर दूर एक तेरहवीं के भोज में गया था। भोजन के बाद वह अकेले गांव की सीमा की ओर स्थित तालाब के पास चला गया। इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी।

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गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे, जहां से हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दो आरोपी हिरासत में

पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर गांव के ही दो व्यक्तियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।
एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

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नए साल की पूर्व संध्या पर गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, डिलीवरी सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। नए साल की पूर्व संध्या आमतौर पर ऑनलाइन ऑर्डर के लिहाज़ से साल का सबसे व्यस्त समय होता है, लेकिन इस बार ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़े गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का असर ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स की सेवाओं पर पड़ने की संभावना है।

यूनियनों का कहना है कि तेज़ डिलीवरी मॉडल, खासकर 10-मिनट डिलीवरी, वर्कर्स पर असुरक्षित दबाव डाल रहा है। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन के मुताबिक, बार-बार बदले जा रहे पेमेंट स्ट्रक्चर की वजह से डिलीवरी पार्टनर्स की आमदनी में लगातार गिरावट आई है। उनका आरोप है कि कम समय में डिलीवरी पूरी करने के लिए वर्कर्स को सड़क पर जोखिम उठाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

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इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र में दावा किया है कि वह देशभर के लगभग चार लाख ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करता है। फेडरेशन ने मांग की है कि पुराने और पारदर्शी भुगतान सिस्टम को बहाल किया जाए, मनमाने ढंग से ID ब्लॉक करने पर रोक लगे और स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा व पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

यूनियनों के अनुसार, 25 दिसंबर को हुई पिछली हड़ताल के बाद भी कंपनियों ने बातचीत नहीं की। ऐसे में 31 दिसंबर की हड़ताल के दौरान पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता समेत कई शहरों में फूड ऑर्डर, ग्रोसरी डिलीवरी और आख़िरी समय की खरीदारी पर असर पड़ सकता है। यूनियनों ने सरकार से त्रिपक्षीय वार्ता कराकर इस संकट का समाधान निकालने की मांग की है।

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क्रेडिट की राजनीति में उलझे ट्रंप: मंच बदला, राग वही

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने चिर-परिचित मुद्दे—“क्रेडिट”—को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मंच था इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय मुलाकात का। एजेंडा गाज़ा, फ़िलिस्तीन, मिडिल ईस्ट, अब्राहम अकॉर्ड और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों का था, लेकिन बातचीत का रुख अचानक ट्रंप के निजी दुखड़े की ओर मुड़ गया—उन्हें उनके दावों का श्रेय क्यों नहीं मिलता?

मीडिया के सामने ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “आठ-आठ युद्ध” सुलझाए, जिनमें भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम कराने का दावा भी शामिल है। ट्रंप का कहना है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच युद्धविराम अमेरिका की मध्यस्थता और व्यापारिक रियायतों के कारण संभव हुआ, लेकिन उन्हें इसका श्रेय नहीं दिया गया। उन्होंने यह बात नेतन्याहू और अपने वरिष्ठ सहयोगियों—विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जेरेड कुशनर—की मौजूदगी में कही।

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हालांकि, यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। जिस संघर्ष को वह कभी “एक फोन कॉल” से सुलझाने की बात करते थे, वही अब उनकी बयानबाज़ी का सबसे कमजोर कड़ी बनता दिख रहा है। पुतिन को मनाने और जेलेंस्की पर दबाव बनाने की कोशिशें आसान नहीं रहीं, और इसी असहजता के बीच ट्रंप नए मोर्चों पर क्रेडिट की मांग करते नज़र आते हैं।

दिलचस्प यह रहा कि जब उन्हें एहसास हुआ कि कैमरे हर शब्द रिकॉर्ड कर रहे हैं, तो उन्होंने माहौल हल्का करने की कोशिश की और पत्रकारों से कहा—“आप लोग लंच का आनंद लीजिए।” लेकिन तब तक संदेश जा चुका था: ट्रंप की राजनीति में मुद्दे बदल सकते हैं, पर क्रेडिट की चाह नहीं।

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लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)

सर्दी की छुट्टियों के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में व्यापक साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का अभियान चलाया जाएगा। 31 दिसम्बर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश के बीच नए साल में स्कूलों की साफ-सफाई को लेकर शासन ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलों को आदेश भेजते हुए कहा है कि 26 जनवरी तक प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय पूरी तरह स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होने चाहिए।
निर्देशों के अनुसार इस अवधि में विद्यालय भवन, कक्षाएं, कार्यालय कक्ष, बरामदे, शौचालय, पेयजल स्थल और रसोईघर सहित पूरे परिसर की नियमित और व्यापक साफ-सफाई कराई जाएगी। परिसर में फैले कचरे और अपशिष्ट पदार्थों के समुचित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी। विशेष रूप से शौचालयों की स्थिति, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और अन्य जरूरी मरम्मत कार्य समय से पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत निर्धारित 19 बिंदुओं पर मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं को शत-प्रतिशत पूरा कराने पर जोर दिया है। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों की नियमित समीक्षा करने और प्रगति की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य यह है कि विद्यालय केवल पठन-पाठन तक सीमित न रहें, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन के उदाहरण बनें और विद्यार्थियों को अनुकूल शैक्षिक वातावरण मिल सके।
गौरतलब है कि परिषदीय प्राइमरी स्कूलों में 31 दिसम्बर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित है। इस दौरान बच्चों के साथ शिक्षकों को भी अवकाश रहेगा। प्राइमरी स्कूल 15 जनवरी को खुलेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतलहर और कड़ाके की सर्दी को देखते हुए 29 दिसम्बर से एक जनवरी तक कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए थे।

बेतिया में चोरी का अनोखा दावा, युवक बोला- मैं सिर्फ हेलमेट चोर हूं

पश्चिम चंपारण (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। यहां चोरी करते हुए पकड़े गए एक युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद को “सिर्फ हेलमेट चोर” बताता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक बार-बार कहता सुनाई देता है कि वह बाइक चोरी नहीं करता, बल्कि केवल हेलमेट चुराता है और “पूरी बेतिया यह जानती है।”
जानकारी के अनुसार, युवक को चोरी के दौरान स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों ने युवक की पिटाई कर दी। इसी दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन चुका है। वीडियो में युवक का अजीब तर्क जहां कुछ लोगों को हास्यपूर्ण लग रहा है, वहीं कई लोग इसे गंभीर कानून-व्यवस्था का मामला मान रहे हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। एक वर्ग इस घटना को मजाकिया अंदाज में देख रहा है, जबकि दूसरा वर्ग सवाल उठा रहा है कि चोरी के आरोपी की सरेआम पिटाई करना कितना उचित है। कई यूजर्स का कहना है कि चाहे चोरी कितनी भी छोटी क्यों न हो, कानून हाथ में लेना गलत है और ऐसे मामलों में पुलिस को सूचना देना ही सही तरीका है।
घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति समाज के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है।
यह मामला न सिर्फ बेतिया हेलमेट चोरी वायरल वीडियो के रूप में चर्चा में है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

इंसाफ की लड़ाई में टूटी मां, सल्फास खाकर दी जान

दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल में संदिग्ध हालात में हुई नौ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद इंसाफ की तलाश कर रही मां ने आखिरकार आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतका की पहचान मनीषा देवी के रूप में हुई है, जो लहेरियासराय क्षेत्र की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि मनीषा का इकलौता बेटा कश्यप एक निजी स्कूल में पढ़ता था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि कश्यप की मौत सामान्य नहीं थी और इसके पीछे स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही या साजिश हो सकती है। इस संबंध में बहादुरपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद जांच में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि पुलिस से मदद की उम्मीद लेकर जब-जब मनीषा थाने गईं, उन्हें सहयोग की जगह फटकार और टालमटोल का सामना करना पड़ा।
समय के साथ मनीषा मानसिक रूप से टूटती चली गईं। बेटे की मौत का दर्द और सिस्टम से मिल रही निराशा ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। बीती रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में मनीषा ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने सल्फास का सेवन किया है। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के भाई शिव शंकर साह ने बताया कि उनकी बहन अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता ने उसकी जान ले ली। इस घटना ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या कश्यप की मौत और मनीषा की आत्महत्या की निष्पक्ष जांच होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।