Tuesday, June 23, 2026
Home Blog Page 291

हज यात्रा के नाम पर लाखों की ठगी, भरोसे का सौदा बना बड़ा धोखा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पवित्र हज यात्रा पर भेजने के नाम पर की गई एक बड़ी ठगी का मामला मऊ जनपद से सामने आया है, जिसने आम लोगों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। अदरी नगर पंचायत निवासी अतहर पुत्र स्व. अब्दुल हकीम ने थाना कोपागंज में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनसे हज यात्रा की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने कुल 7 लाख 84 हजार रुपये की ठगी की गई।
पीड़ित के अनुसार, कस्बा अदरी निवासी मौलवी इमामुद्दीन पुत्र एकबाल अहमद से पारिवारिक और सामाजिक संबंध थे। आरोपी होटल संचालन, मनी ट्रांसफर, टिकट बुकिंग और मदरसे में पढ़ाने जैसे कार्य करता था, जिससे उस पर भरोसा करना स्वाभाविक था। इसी विश्वास के चलते जुलाई 2024 से अगस्त 2025 के बीच चेक और यूपीआई के माध्यम से कई किश्तों में बड़ी रकम उसे सौंपी गई।
आरोप है कि हज के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कराया गया, लेकिन पहली किस्त समय पर जमा नहीं की गई, जिससे आवेदन स्वतः निरस्त हो गया। इसके बाद सितंबर 2025 में चार लाख पांच हजार रुपये नकद लेकर किस्त जमा करने का दावा किया गया, जो बाद में झूठा साबित हुआ। जब पीड़ित ने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी का मोबाइल बंद मिला।

ये भी पढ़ें – बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक

मामला यहीं नहीं रुका। अक्टूबर 2025 में आरोपी के घर पहुंचने पर उसके पिता एकबाल और भाई आरिफ द्वारा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। काफी प्रयासों के बाद 12 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से थाना कोपागंज में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मौलवी इमामुद्दीन, उसके पिता एकबाल और भाई आरिफ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला हज यात्रा से जुड़े धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

श्रमिक और कोविड अनाथ बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त सीबीएसई पढ़ाई

श्रमिकों और कोविड से अनाथ बच्चों के लिए निःशुल्क सीबीएसई शिक्षा का सुनहरा अवसर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।श्रमिक परिवारों और कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय सहजनवा, गोरखपुर में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत चयनित बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क सीबीएसई पैटर्न पर आधारित आवासीय शिक्षा दी जाएगी, जिससे आर्थिक तंगी शिक्षा में बाधा न बने।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विद्यालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां बच्चों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेलकूद के समुचित संसाधन और सुरक्षित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। उद्देश्य यह है कि श्रमिक वर्ग और कोविड से प्रभावित बच्चों को भी वही अवसर मिलें, जो सामान्यतः महंगे निजी विद्यालयों में उपलब्ध होते हैं।

ये भी पढ़ें – रांची–साहेबगंज सिक्सलेन सड़क व गंगा पुल को मिली हरी झंडी, खुलेगा नॉर्थ ईस्ट का गेटवे

यह योजना विशेष रूप से श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों तथा कोविड-19 से अनाथ हुए उन बच्चों के लिए है, जो महिला एवं बाल कल्याण विभाग में पंजीकृत हैं या मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र हैं। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत वे श्रमिक, जिन्होंने 30 नवंबर 2025 तक कम से कम तीन वर्ष की सदस्यता पूरी कर ली है, वे अपने अधिकतम दो बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आयु सीमा के अनुसार पात्रता भी स्पष्ट की गई है। कक्षा 6 के लिए 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच जन्मे बच्चे तथा कक्षा 9 के लिए 1 मई 2011 से 31 जुलाई 2013 के बीच जन्मे बच्चे आवेदन के योग्य होंगे। आवेदन प्रक्रिया को सरल रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। इच्छुक अभिभावक सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, विकास भवन देवरिया सहित संबंधित विभागों से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें – रेलवे का बचपन बचाओ अभियान, मानव तस्करी रोकथाम के साथ यात्रियों की संपत्ति सुरक्षित

भरे हुए आवेदन पत्र 31 जनवरी 2026 तक जमा किए जाएंगे। इसके बाद प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रवेश पत्र 7 फरवरी 2026 से उपलब्ध होंगे और प्रवेश परीक्षा 22 फरवरी 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के माध्यम से मेधावी और पात्र छात्रों का चयन किया जाएगा, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने श्रमिकों और कोविड से प्रभावित बच्चों के अभिभावकों से अपील की है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रवेश प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का अवसर है। निःशुल्क आवासीय शिक्षा, अनुशासित वातावरण और सीबीएसई पाठ्यक्रम बच्चों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।

रांची–साहेबगंज सिक्सलेन सड़क व गंगा पुल को मिली हरी झंडी, खुलेगा नॉर्थ ईस्ट का गेटवे

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार ने रांची से साहेबगंज के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के मिसिंग हिस्सों में फोरलेन और सिक्सलेन सड़क निर्माण के प्रस्ताव को प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। साथ ही राजमहल से पश्चिम बंगाल के मानिकचक तक गंगा नदी पर पुल निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से झारखंड का पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट राज्यों से सीधा व बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होगा। इससे खनन, औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्रों को नई गति मिलेगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
यह निर्णय नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में झारखंड की परिवहन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
रांची–साहेबगंज मार्ग पर जैनामोड़, डुमरी, फुसरो तथा देवघर–मिर्खाबाद के बीच मिसिंग हिस्सों में सड़क निर्माण प्रस्तावों पर भी प्राथमिक सहमति बनी।
गडकरी ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर अपलोड कर सक्षम प्राधिकरण के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत किया जाए, ताकि प्रक्रियागत देरी न हो।
राजमहल–मानिकचक गंगा पुल से झारखंड का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, खनन क्षेत्रों को बेहतर बाजार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में ईस्ट-वेस्ट, ईस्टर्न, नॉर्थ-साउथ और सेंट्रल—चार प्रमुख कोरिडोर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई, जिससे औद्योगिक व खनन क्षेत्र राष्ट्रीय मार्गों से सशक्त रूप से जुड़ेंगे।
राज्य में सड़क परियोजनाओं से जुड़े फॉरेस्ट क्लियरेंस और भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष जताते हुए लंबित मामलों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में NHAI चेयरमैन संतोष यादव, केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार की ओर से पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
फोकस: रांची–साहेबगंज सिक्सलेन सड़क और राजमहल–मानिकचक गंगा पुल
टैग: झारखंड, राष्ट्रीय राजमार्ग, गंगा पुल, पीएम गति शक्ति, नॉर्थ ईस्ट कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

रेलवे का बचपन बचाओ अभियान, मानव तस्करी रोकथाम के साथ यात्रियों की संपत्ति सुरक्षित

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देश एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. रामकृष्णन के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेल संपत्ति की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ बचपन बचाओ अभियान के तहत मानव तस्करी की रोकथाम के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 29 नवंबर 2025 को मंडल कंट्रोल से प्राप्त सूचना पर गाड़ी संख्या 14005 के कोच संख्या B-2, बर्थ संख्या 11 से एक ओपो कंपनी का मोबाइल फोन एवं चार्जर बरामद किया गया। उक्त सामान को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट बनारस पर सुरक्षित जमा कराया गया। 6 जनवरी 2026 को यात्री अभिषेक कुमार, निवासी देवरिया, द्वारा वैध टिकट एवं आधार कार्ड का सत्यापन कर मोबाइल व चार्जर सही अवस्था में सुपुर्द किया गया। यात्री ने इसकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये बताते हुए रेलवे सुरक्षा बल की सराहना की।
इसी क्रम में 3 जनवरी 2026 को गाड़ी संख्या 02563 के कोच M-3 में छूटे एक नीले रंग के जैकेट की सूचना प्राप्त हुई। 4 जनवरी को गाड़ी के सिवान स्टेशन पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जैकेट बरामद कर पोस्ट पर जमा किया गया। 6 जनवरी 2026 को यात्री रिंकू कुमार गुप्ता, निवासी छपरा (बिहार) द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जैकेट सुपुर्द किया गया। जैकेट की अनुमानित कीमत 1100 रुपये बताई गई।
इसके अतिरिक्त 28 दिसंबर 2025 को गाड़ी संख्या 65120 के कोच से एक नीले रंग का पिट्ठू बैग बरामद किया गया, जिसमें पुराने कपड़े एवं बी.कॉम का प्रवेश पत्र मिला। संपर्क करने पर बैग देवराज पांडेय, निवासी देवरिया का पाया गया। 6 जनवरी 2026 को आवश्यक सत्यापन के बाद बैग उन्हें सुपुर्द किया गया। बैग व सामान की अनुमानित कीमत 4000 रुपये बताई गई। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यात्रियों की खोई संपत्ति सुरक्षित लौटाने की इस कार्रवाई से आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत हुई है।

महिला उत्पीड़न रोकथाम व जनसुनवाई को लेकर राज्य महिला आयोग की सक्रिय पहल

राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदिनी ने लगायी चौपाल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या जनक नंदिनी द्वारा जनपद संत कबीर नगर में महिला उत्पीड़न की रोकथाम, पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने तथा आवेदिकाओं की सुगमता के उद्देश्य से महिला जनसुनवाई, निरीक्षण एवं विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड बेलहर कला के ग्राम पंचायत मंझरिया पठान में गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम से हुई। इसके पश्चात बेलहर कला विकासखंड में आयोजित महिला जनसुनवाई में कुल 10 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर कला एवं स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपकेंद्र पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। उपकेंद्र पर 10 बच्चों के टीकाकरण की जानकारी मिली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 32 कार्मिक तैनात पाए गए। उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने से संबंधित एक शिकायत पर प्रभारी को नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत कोलकी चमरसन, बेलहर कला में महिला चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत के लिए महिलाओं को शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, खंड विकास अधिकारी बेलहर कला, बाल विकास परियोजना अधिकारी, एडीओ आईएसबी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना सहित विकासखंड के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

2027 में विधायक बना तो सिसवां बनेगी तहसील: सुशील टिबड़ेवाल

बोले—भाजपा ने नौ साल में सिसवां की उपेक्षा की, अब जनता देगी जवाब

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सिसवां विधानसभा क्षेत्र को तहसील का दर्जा दिलाने की वर्षों पुरानी मांग अब राजनीतिक रूप से और तेज हो गई है। वर्ष 2022 में सिसवां विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सिसवां की जनता उन्हें विधायक चुनती है और अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो सिसवां को तहसील का दर्जा हर हाल में दिलाया जाएगा।
पूर्व मंत्री ने सिसवां बाजार में तहसील बनाए जाने की मांग को लेकर हुई व्यापक बंदी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सिसवां की जनता, व्यापारी वर्ग, युवा और प्रबुद्ध समाज द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई यह मांग पूरी तरह जायज है और समाजवादी पार्टी इस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सिसवां एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र होने के साथ-साथ घनी आबादी वाला क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां की जनता आज भी तहसील जैसी बुनियादी प्रशासनिक सुविधा से वंचित है। तहसील न होने के कारण लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूर-दराज में बने तहसील का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व सपा प्रत्याशी ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। केंद्र से लेकर संसद और विधानसभा तक भाजपा के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद सिसवां को तहसील नहीं बनाया जा सका। इससे यह साफ हो जाता है कि भाजपा ने सिसवां की जनता की भावनाओं और जरूरतों की लगातार अनदेखी की है।
उन्होंने कहा कि अब 2027 में सिसवां की जागरूक जनता को खोखले वादों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। भाजपा ने सिसवां की जनता के साथ धोखा किया है और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आते ही सिसवां विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, कस्बे और बाजार के समग्र विकास की कार्ययोजना जनता से सीधा संवाद कर तैयार करेगी, ताकि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर दिखाई दे। साथ ही थाना और तहसील स्तर पर आम जनता को त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसी के साथ अन्याय न हो।
पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद सिसवां को तहसील बनाए जाने का मुद्दा एक बार फिर जिले की राजनीति के केंद्र में आ गया है और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

एक ही दिन दो आत्मघाती प्रयास, गांव में शोक और सवाल

एक ही प्रेम कहानी में उलझे दो युवक, ज़हर खाने से एक की मौत—दूसरा जीवन की जंग लड़ रहा,गांव में पसरा मातम, युवाओं के लिए चेतावनी और समाज के लिए गंभीर सवाल,युवाओं में मानसिक तनाव: समय रहते संवाद क्यों जरूरी?

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।तहसील क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को घटी हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्रेम प्रसंग में मानसिक दबाव और भावनात्मक असंतुलन के चलते एक ही दिन दो युवकों ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। दुर्भाग्यवश, एक युवक की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक समय पर उपचार मिलने से बच गया और फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों युवक लंबे समय से एक ही युवती के प्रेम में थे। प्रतिस्पर्धा, असमंजस और सामाजिक दबाव के कारण हालात धीरे-धीरे तनावपूर्ण होते चले गए। मंगलवार को किसी बात ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया। एक युवक ने अलग स्थान पर ज़हर खा लिया, जिसे ग्रामीणों की तत्परता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया, जिससे उसकी जान बच सकी।

ये भी पढ़ें – हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 36 हजार वर्ग फुट जमीन कराई खाली

दूसरे युवक की हालत अधिक गंभीर थी। परिजन उसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे जांच की प्रक्रिया और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

ये भी पढ़ें – औद्योगिक जमीन कांड के अभियुक्त अमिताभ ठाकुर को हार्ट अटैक की आशंका, इलाज जारी

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। समाजशास्त्रियों और ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव, संवाद की कमी और सही मार्गदर्शन के अभाव को उजागर करती है।

ये भी पढ़ें – कानपुर में युवती का स्कॉर्पियो से अपहरण कर गैंगरेप, आरोपियों में पुलिसकर्मी होने का दावा

यह त्रासदी युवाओं के लिए कड़ी चेतावनी है—प्रेम महत्वपूर्ण है, पर जीवन अमूल्य। असफलता या प्रतिस्पर्धा का समाधान आत्मघाती कदम नहीं, बल्कि संवाद, धैर्य और सही सलाह है। एक गलत निर्णय न सिर्फ एक जीवन, बल्कि कई परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लेता है।

मऊ में उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के लिए स्वतंत्र सदस्य की भर्ती

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) की उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम विनियमावली–2022 के अंतर्गत उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विद्युत वितरण मंडल मऊ में उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के लिए एक स्वतंत्र सदस्य के पद पर योग्य और इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन मांगे गए हैं।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता मागेन्द्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पद उपभोक्ताओं की शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण में अहम भूमिका निभाएगा। स्वतंत्र सदस्य का चयन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और प्रभावी न्याय मिल सके।
स्वतंत्र सदस्य के लिए निर्धारित योग्यता
स्वतंत्र सदस्य बनने के लिए आवेदक का संबंधित मंडल क्षेत्र का उपभोक्ता होना अनिवार्य है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। इसके साथ ही आवेदक वर्तमान या पूर्व में सिविल सेवा से जुड़ा होना चाहिए और उसका पद एडीएम से नीचे का नहीं होना चाहिए। इसके अलावा आवेदक पिछले तीन वर्षों से लगातार विद्युत उपभोक्ता रहा हो, उसका पूर्ववृत्त अच्छा हो तथा उसके नाम पर किसी भी प्रकार का विद्युत बकाया न हो।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल मऊ के कार्यालय में, जो स्टेट बैंक के सामने स्थित है, एक सप्ताह के भीतर जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र समय सीमा के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा।
उपभोक्ताओं के हित में अहम अवसर
यह अवसर उन अनुभवी और जिम्मेदार नागरिकों के लिए है, जो उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम के माध्यम से विद्युत से संबंधित शिकायतों का समाधान त्वरित और निष्पक्ष तरीके से किया जाता है।

पुलिस ने गोवंश तस्करी का किया खुलासा

चार गोवंश व पिकअप वाहन बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना लार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चार गोवंशों की तस्करी करते हुए तीन पशु-तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन को भी बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी श्री सुनील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना लार पुलिस टीम द्वारा दिनांक 07 जनवरी 2026 को संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम रावतपार रघेन के पास एक महिंद्रा पिकअप वाहन (संख्या UP 52 AT 0767) को रोका गया।जांच के दौरान वाहन में गोवंशों को क्रूरतापूर्वक बांधकर बिहार/बंगाल ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार गोवंशों के साथ तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान फैयाज नट पुत्र मालधन नट निवासी जमुआ थाना सलेमपुर जनपद देवरिया, जशुराम पुत्र चन्द्रमा राम तथा श्याम बहादुर यादव पुत्र पारस यादव निवासीगण पचलखी थाना नौतन जिला सीवान (बिहार) के रूप में हुई है।पुलिस ने बरामद गोवंश व पिकअप वाहन को कब्जे में लेते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध थाना लार पर मु0अ0सं0 03/2026 अंतर्गत धारा 3/5A/8 गोवध निवारण अधिनियम एवं धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत सीज कर दिया गया है।पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही नियमानुसार की जा रही है।

शीतलहर के चलते जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 14 जनवरी तक अवकाश

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में लगातार जारी शीतलहर एवं तापमान में भारी गिरावट को देखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जिले में संचालित समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिनांक 14 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया है।जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अवकाश अवधि में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति नहीं रहेगी, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका अपने सभी शासकीय एवं विभागीय दायित्वों का नियमित रूप से निर्वहन करेंगी।अवकाश के दौरान लाभार्थियों को अनुपूरक पुष्टाहार वितरण, बच्चों का वजन, गृह भ्रमण, पोषण ट्रैकर पर डाटा फीडिंग, निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सामुदायिक गतिविधियों का संचालन, वीएचएसएनडी सत्र, तथा आरबीएसके टीम के माध्यम से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक संदर्भन कार्य यथावत जारी रहेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवकाश अवधि में बिना सक्षम स्तर की अनुमति के कोई भी कार्मिक आंगनबाड़ी केंद्र अथवा मुख्यालय नहीं छोड़ेगा, तथा आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन द्वारा यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, कुशीनगर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छात्राओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने बताया कि कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर श्री नलिन सिंह ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी।चाइल्ड हेल्पलाइन से मानस मिश्रा ने बताया कि यदि कहीं भी कम उम्र में विवाह (लड़का–21 वर्ष, लड़की–18 वर्ष से कम) की जानकारी मिले तो उसकी सूचना अनिवार्य रूप से चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें।कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती प्रीती सिंह ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं—निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) की जानकारी दी। वहीं वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर श्रीमती रीता यादव एवं जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती बंदना कुशवाहा ने विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों 1098, 181, 1090, 112, 108 एवं 102 की उपयोगिता के बारे में बताया।कार्यक्रम में सेंटर प्रभारी विभाकर मिश्रा सहित सैकड़ों प्रशिक्षु अभ्यर्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर श्री नलिन सिंह द्वारा उपस्थित प्रशिक्षुओं एवं स्टाफ को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाकर किया गया। साथ ही अपील की गई कि बाल विवाह से संबंधित किसी भी सूचना को 1098 या 112 पर देकर अभियान को सफल बनाएं।कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।

वाह्य न्यायालय कसया में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना


वादकारियों को मिलेगी निःशुल्क विधिक सहायता

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर की पहल पर जनपद न्यायालय कुशीनगर के कसया स्थित वाह्य न्यायालय परिसर में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गई। क्लीनिक का शुभारंभ अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने फीता काटकर किया।इस अवसर पर अपर जिला जज त्रिपाठी ने कहा कि लीगल एड क्लीनिक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य न्यायालय में आने वाले वादकारियों एवं आम नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को उनकी कानूनी समस्याओं के समाधान हेतु विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।उन्होंने बताया कि क्लीनिक के माध्यम से कानूनी दस्तावेजों जैसे नोटिस के जवाब, प्रार्थना पत्र, शपथ पत्र एवं अन्य न्यायालयीन कागजात तैयार कराने में भी सहायता दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे बिना आर्थिक बोझ के न्याय प्राप्त कर सकें।लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से लोक अदालतों एवं अन्य वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रक्रियाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि मामलों का समाधान न्यायालय में लंबी प्रक्रिया से पहले ही सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जा सके। इसके अतिरिक्त कानूनी सहायता शिविरों, जेल दौरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विधिक सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों, दिव्यांगजनों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।इस अवसर पर मयंक प्रकाश, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया, सर्वेश कुमार पाण्डेय, सिविल जज (जू०डि०) कसया, शुशुम्न पाण्डेय, पैरालीगल वालंटियर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने लीगल एड क्लीनिक को न्याय तक सरल और सुलभ पहुंच का सशक्त माध्यम बताया।

दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु यातायात पुलिस का चेकिंग अभियान, 116 वाहनों का ई-चालान

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा बुधवार को विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की गई।अभियान के दौरान गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड, बस स्टैंड, सोनूघाट एवं सलेमपुर रोड पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने तथा स्टंट करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किए गए। इसके अतिरिक्त सड़क किनारे खड़े ट्रकों पर भी कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस द्वारा कुल 116 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 02 वाहनों को सीज किया गया।यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अभियानों का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना, दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा यह संदेश देना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सांसद खेल स्पर्धा में भाग लेंगे विधायक खेल स्पर्धा के विजेता खिलाड़ी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि लोकसभा क्षेत्र 71 सलेमपुर के अंतर्गत आयोजित विधायक खेल स्पर्धा में विजेता रहे खिलाड़ियों एवं टीमों को सांसद खेल स्पर्धा में प्रतिभाग कराया जाएगा। यह सांसद खेल स्पर्धा मल्हना मलहनी स्पोर्ट्स स्टेडियम, भाटपार रानी (देवरिया) में आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि सांसद खेल स्पर्धा के अंतर्गत विधानसभा स्तर पर कुल 08 खेल विधाओं में विभिन्न आयु वर्ग के महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल, भारोत्तोलन, जूडो, कुश्ती एवं बैडमिंटन शामिल हैं।कार्यक्रम के अनुसार वॉलीबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन एवं कुश्ती प्रतियोगिताएं 08 जनवरी को आयोजित होंगी, जबकि कबड्डी, एथलेटिक्स, भारोत्तोलन एवं जूडो प्रतियोगिताएं 09 जनवरी को प्रातः 09 बजे से प्रारंभ होंगी।

गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, मधवलियां गोसदन बनेगा मॉडल

डीएम ने की गौवंश संरक्षण की गहन समीक्षा, दिए सख्त निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में निराश्रित गोवंशो के संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की सभी गौशालाओं एवं गौ आश्रय स्थलों की स्थिति, गोवंशो की संख्या, चारा,चिकित्सा सुविधा, ठंड से बचाव और गौशालाओं को स्वावलंबी बनाए जाने को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गोसदन मधवलियां की विशेष समीक्षा करते हुए उसे जनपद का मॉडल गोसदन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं को केवल संरक्षण केंद्र न बनाकर आत्मनिर्भर इकाई के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को अधिक सक्रिय करने तथा ठोस कार्ययोजना बनाकर साइलेज उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि जनपद की सभी गौशालाओं में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही गौकाष्ठ उत्पादन को व्यवस्थित व बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन गौशालाओं में निर्धारित क्षमता से कम गोवंश हैं, वहां के गोवंशो को नजदीकी गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाए, जिससे उनकी बेहतर देखभाल एवं प्रबंधन हो सके। सभी गौशालाओं में बीमार गोवंशो के लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशुपालन विभाग एवं संबंधित बीडीओ/ईओ द्वारा किए गए निरीक्षणों की आख्या का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने जनपद में उपलब्ध गोचर भूमि के सत्यापन और चारा भूमि की फेंसिंग शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए बायो फेंसिंग को अपनाने पर बल दिया। गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौमूत्र, गोबर से बने दीयें, जैविक खाद व अन्य गो-
उत्पादों के निर्माण और विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों से समन्वय स्थापित कर उपयुक्त गौशालाओं का चयन करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने आवंटित गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें और निरीक्षण प्रतिवेदन समय से प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण शासन की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री सुपुर्दगी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर गोवंशो की सुपुर्दगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद की कुल 31 गौशालाओं में 2776 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें गोसदन मधवलियां में 656, अस्थायी गौ आश्रय स्थलों में 693, वृहद गौसंरक्षण केंद्रों में 332, कान्हा हाउस में 266 तथा कांजी हाउस में 191 गोवंश सुरक्षित हैं। जनपद के विभिन्न ब्लॉकों एवं नगरीय निकायों में निराश्रित गोवंशो को पकड़ने के लिए 06 कैटल कैचर वाहन कार्यरत हैं।
इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, डीसी एनआरएलएम मो. जाकिर, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।