Tuesday, June 23, 2026
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चूरू में महिला कांस्टेबल से 7 साल तक गैंगरेप, 4 पुलिसकर्मी नामजद

राजस्थान/चूरू (राष्ट्र की परम्परा)। राजस्थान के चूरू जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। एक महिला कांस्टेबल ने अपने ही विभाग के तत्कालीन थानाधिकारी (SHO) सहित चार पुलिसकर्मियों पर सात साल तक सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि यह सिलसिला 2017 से 2025 तक लगातार चलता रहा।

ड्यूटी के नाम पर होटल ले जाकर दिया नशीला पदार्थ

महिला कांस्टेबल के अनुसार, वर्ष 2017 में एक सहकर्मी कांस्टेबल ने उसे फोन कर झूठी ड्यूटी का हवाला दिया। तड़के करीब 3:30 बजे जब वह ड्यूटी के लिए पहुंची, तो आरोपी उसे होटल ले गए। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद डराने-धमकाने और बदनामी की धमकी देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।

SP के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ मामला

पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक (SP) जय यादव से की। एसपी के निर्देश पर आंतरिक जांच करवाई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आने के बाद बुधवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। महिला कांस्टेबल का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।

दो महीने से निलंबित है पीड़िता

इस केस का एक अहम पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबल पिछले दो महीने से निलंबित चल रही है। उस पर ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने और कुछ आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला कई साल पुराना है, इसलिए सभी पहलुओं की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है।

चटोरी गली के उद्देश्य पर सवाल, बाहर लगे ठेलों से बिगड़ रहा स्वरूप और बढ़ रहा जाम

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l नगर निगम गोरखपुर द्वारा शहर के प्रमुख स्थल इंद्रा बाल बिहार का नाम परिवर्तित कर उसे “चटोरी गली” के रूप में विकसित किया गया। इस पहल का उद्देश्य शहरवासियों को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक फूड स्ट्रीट उपलब्ध कराना था, जहां लोग पैदल भ्रमण करते हुए विभिन्न व्यंजनों का आनंद ले सकें। इसी उद्देश्य के तहत चटोरी गली के भीतर दुकानों को एक समान स्वरूप दिया गया, वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई और आवागमन को नियंत्रित किया गया।
लेकिन अब इस योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं। चटोरी गली के बाहर, विशेषकर वीर बहादुर सिंह की प्रतिमा के सामने, बड़ी संख्या में मोमो, चाट और फास्ट फूड के ठेले लग गए हैं। इन ठेलों के कारण न केवल चटोरी गली की मूल अवधारणा और सौंदर्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में लगातार यातायात जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब चटोरी गली के भीतर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है और दुकानों को नियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, तो बाहर सड़कों पर ठेले लगाने की अनुमति कैसे दी जा रही है। ठेलों के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहनों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब भारी भीड़ के कारण कई बार लंबा जाम लग जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इन ठेलों को लगाने की अनुमति किन परिस्थितियों में दी जा रही है। वहां तैनात पुलिसकर्मी, नगर निगम के कर्मचारी अथवा अन्य संबंधित विभाग इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। आमजन के बीच चर्चा है कि बिना किसी मौन सहमति के इतने बड़े पैमाने पर ठेलों का लगना संभव नहीं है। यदि ऐसा नहीं है, तो फिर इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
नगर निगम और पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए। यदि चटोरी गली को वास्तव में एक आदर्श फूड स्ट्रीट के रूप में विकसित करना है, तो उसके बाहर लग रहे अवैध ठेलों पर तत्काल रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू किया जाए। अन्यथा यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आएगी और आम जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।

फाइनल मुकाबले में आजमगढ़ ने बड़हलगंज को हराकर ट्रॉफी पर किया कब्जा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका क्षेत्र स्थित कृष्ण इंटर कॉलेज आश्रम के मैदान में गुरुवार को राज्य स्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला आजमगढ़ और बड़हलगंज की टीमों के बीच खेला गया। मुकाबले का शुभारंभ सपा के राष्ट्रीय महासचिव विनय शंकर तिवारी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फुटबॉल को किक लगाकर किया।
फाइनल मैच में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय तक दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, जिससे मैच का निर्णय पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से किया गया। पेनाल्टी में आजमगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़हलगंज को 3 गोल से पराजित कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। बड़हलगंज की टीम उपविजेता रही।
मैच के दौरान मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा और पूरे आयोजन में खेल भावना का उत्साह देखने को मिला। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल मौजूद रहीं, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान करने का कार्य मुख्य अतिथि शेखर गुप्ता (मानव सेवा संस्थान, बड़हलगंज) द्वारा किया गया। टूर्नामेंट का आयोजन इंडियन डाइवर्सिटी पब्लिक स्कूल की ओर से किया गया, जिसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य केशवानंद तिवारी ने निभाई।
इस अवसर पर छोटेलाल तिवारी, काजू तिवारी, संजय मद्देशिया, दिलीप मद्देशिया, महेश यादव, रमेश सिंह, मोहन मद्देशिया, अशोक मद्देशिया, विष्णु जायसवाल, मैनेजर चौहान, मनोज गुप्ता, दीपु तिवारी, लकी गुप्ता, प्रतीक मद्देशिया, अमित दीक्षित, राम तिवारी, शिवम द्विवेदी, सुजल मद्देशिया, राज मद्देशिया, आदित्य भार्गव, ऋषि सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
मैच में कमेंट्री की भूमिका श्रीधर पांडे ने निभाई।
राज्य स्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रो. रजनीकांत पाण्डेय ने संभाला राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष का दायित्व

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष पद का कार्यभार प्रो. रजनीकांत पाण्डेय ने आज ग्रहण किया।
कार्यभार संभालने के उपरांत प्रो. पाण्डेय ने विभाग के सभी शिक्षकों के साथ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने विभाग की वर्तमान शैक्षणिक, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों की जानकारी साझा की तथा भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. रजनीकांत पाण्डेय को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव और नेतृत्व में राजनीति विज्ञान विभाग शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रो. रजनीकांत पाण्डेय इससे पूर्व सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं। उन्हें शैक्षणिक प्रशासन और शोध के क्षेत्र में दीर्घ अनुभव प्राप्त है। वे पूर्व में विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता छात्र कल्याण तथा क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन भी कर चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में 4 IAS अफसरों का तबादला, नई तैनाती जारी

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, राज्य के पर्यटन, सूचना और औद्योगिक विकास से जुड़े अहम विभागों में बदलाव किया गया है।

राज्य के महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय को अब राज्य मानवाधिकार आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, राज्य सूचना आयोग में तैनात डॉ. वेदपति मिश्रा को नया महानिदेशक पर्यटन बनाया गया है।

इसके अलावा, लंबे समय से प्रतीक्षारत चल रहे प्रशांत कुमार को राज्य सूचना आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। सरकार ने प्रांजल यादव से सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया है। हालांकि, वह सचिव सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के पद पर बने रहेंगे। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

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निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का 300 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

मगहर/संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में डॉमिनेंट एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में गुरुवार को डॉमिनेंट क्लासेस परिसर में निःशुल्क एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लगभग 300 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क दवाओं का लाभ उठाया।
चिकित्सा शिविर का उद्घाटन भाजपा जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र मिश्र एवं जिला कार्यसमिति सदस्य व जिला संयोजक ‘मन की बात’ भाजपा, संत कबीर नगर गौरव कुमार निषाद ने फीता काटकर किया। अतिथियों ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए जनहित में ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
शिविर में जनरल फिजिशियन, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक एवं फिजियोथेरेपी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच की गई। साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया।
शिविर में सेवाएं देने वाले प्रमुख चिकित्सकों में डॉ. सौरव सिंह यादव (एमबीबीएस), डॉ. के. डी. वर्मा (बीएचएमएस), डॉ. तनमय मल्लिक (बीएचएमएस), डॉ. शत्रुघ्न गुप्ता (बीएएमएस) तथा डॉ. राहुल प्रिया (कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट) शामिल रहे।
ट्रस्ट अध्यक्ष रितेश पासवान ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और मानवता को पहुंचाना है। भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। स्थानीय लोगों ने शिविर की सराहना करते हुए ट्रस्ट एवं पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भाजपा नेता सुजीत गुप्ता, कृतेश पासवान , सभासद रईस आलम सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।है

रेलवे प्रशासन की कार्रवाई से उग्राये दुकानदार सपा जिला अध्यक्ष ने दिया मदद का भरोसा

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा ) महानगर के मोहल्ला महमंद जलालनगर स्थित माल गोदाम के पास करीब 35–40 वर्षों से संचालित किराना, चाय होटल और पान की दुकानों को रेलवे प्रशासन ने बिना कोई पूर्व सूचना दिए अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई में नौ दुकानों को तोड़ा गया, जिससे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। दुकानदारों का कहना है कि दुकानों से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, वहीं कुछ दुकानों की जमीन नगर निगम क्षेत्र में आती है, इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई कर दी। कार्रवाई की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन तनवीर खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाजवादी पार्टी की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान तनवीर खान ने कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों को रोजगार देने के बजाय उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। जिन नौ दुकानों को तोड़ा गया है, उन्हीं से दुकानदारों के परिवारों का पालन-पोषण होता था। बिना नोटिस के की गई यह कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदारों को न्याय नहीं मिला तो समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

भदसा–मानोपुर फोरलेन पर कार–ट्रेलर में टक्कर, बड़ा हादसा टला

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भदसा–मानोपुर गांव के पास फोरलेन मार्ग पर बृहस्पतिवार की शाम एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। मऊ की ओर से आ रही फोर व्हीलर और एक ट्रेलर के बीच अचानक टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों वाहन मऊ की दिशा में जा रहे थे, तभी साइड से ट्रेलर ने फोर व्हीलर में जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में फोर व्हीलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में सवार उपेंद्र मल, निवासी नत्थूपुर, मधुबन (मऊ), जो निजी नौकरी करते हैं, काम समाप्त कर घर लौट रहे थे। उनके साथ बच्चे और अन्य लोग भी मौजूद थे, जो इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

टक्कर के बाद कुछ देर के लिए फोरलेन मार्ग पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। सूचना पर कोपागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है।

वरिष्ठ पत्रकार धर्मेन्द्र नारायण दुबे को अश्रुपूरित अंतिम विदाई, पुत्र ने दी मुखाग्नि

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)l गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार धर्मेन्द्र नारायण दुबे (टाटा जी) का 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से गोरखपुर के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम और हर मन व्यथित नजर आया।
बृहस्पतिवार को राजघाट स्थित राप्ती नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार अत्यंत भावुक वातावरण में संपन्न हुआ। दिवंगत पत्रकार के एकमात्र पुत्र धर्मेश नारायण दुबे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। जैसे ही मुखाग्नि दी गई, घाट पर मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं और पूरा वातावरण शोकाकुल हो गया।
धर्मेन्द्र नारायण दुबे अपने पीछे तीन पुत्रियां और एक पुत्र सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे मूल रूप से महुआ डाबर के निवासी थे और लंबे समय से मुगलहा मेडिकल कॉलेज के निकट सिटी हॉस्पिटल क्षेत्र में परिवार संग रह रहे थे। वे काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचाररत थे।
परिवार में वे चार भाइयों में सबसे बड़े थे तथा उनकी एक बड़ी बहन भी हैं। परिवार और समाज में उन्हें अभिभावक, मार्गदर्शक और मजबूत स्तंभ के रूप में जाना जाता था। उनकी सादगी, सरलता और जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठा ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया।
अंतिम संस्कार के दौरान पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ व युवा पत्रकारों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों और शुभचिंतकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी ने नम आंखों से अपने प्रिय वरिष्ठ पत्रकार और मार्गदर्शक को अंतिम विदाई दी।
साथियों ने कहा कि टाटा जी केवल पत्रकार नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय व्यक्तित्व थे। वे बिना बुलाए दूसरों के दुख में सहभागी बन जाते थे। उनके लिए पत्रकारिता मात्र पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति दायित्व थी।
राप्ती तट पर उठती चिता की लपटों के साथ अनगिनत स्मृतियां भी सुलगती रहीं। सभी की जुबां पर एक ही बात थी—टाटा जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनकी सादगी, मुस्कान और मानवीय संवेदनाएं सदैव स्मृतियों में जीवित रहेंगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें।

मनरेगा से मजबूत होगी गांवों की अर्थव्यवस्था, बढ़ेंगे काम के दिन-कमलेश पासवान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े एक अहम बयान में बांसगांव से सांसद एवं भारत सरकार में मंत्री कमलेश पासवान ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक ग्रामीण परिवारों को जहां 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, वहीं आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 125 दिन किए जाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। यह घोषणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि गांवों में रहने वाले श्रमिकों को अपने ही क्षेत्र में अधिक से अधिक काम मिले, जिससे पलायन रुके और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो। मनरेगा के तहत काम के दिनों में बढ़ोतरी से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि मजदूरी के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय भी सशक्त होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण का माध्यम है। सड़क, तालाब, जल संरक्षण, खेतों की मेड़बंदी जैसे कार्यों से गांवों का समग्र विकास हो रहा है। 125 दिन काम की व्यवस्था लागू होने से इन विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

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स्थानीय स्तर पर इस बयान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। मजदूर वर्ग का मानना है कि यदि काम के दिन बढ़ते हैं, तो आर्थिक दबाव कम होगा और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना आसान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला ग्रामीण बाजार, कृषि गतिविधियों और उपभोक्ता मांग को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

सरकार की इस पहल को सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए और अधिक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरेगा।

कामकाजी युवाओं और महिलाओं के लिए इग्नू की बड़ी सौगात

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जवाहरलाल नेहरू स्मारक पी.जी. कॉलेज, महराजगंज में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के अध्ययन केन्द्र की स्थापना से जनपद में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जुड़ गई है। इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी द्वारा इस अध्ययन केन्द्र को औपचारिक मान्यता प्रदान की गई है, जिससे अब स्थानीय छात्रों, कामकाजी युवाओं, महिलाओं और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों को घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

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महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने बताया कि कॉलेज में स्थापित इग्नू अध्ययन केन्द्र का कोड 48064 निर्धारित किया गया है। इस केन्द्र पर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन अध्ययन में स्नातक पाठ्यक्रम की विशेष मान्यता भी दी गई है, जो युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करेगा।

यह अध्ययन केन्द्र उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा, जो नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य कारणों से नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो पाते। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश ले सकते हैं। उपलब्ध पाठ्यक्रमों में बीए, इतिहास स्नातक, पर्यटन अध्ययन स्नातक, तथा संस्कृत एवं शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल हैं। सभी पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध होंगे।

इग्नू अध्ययन केन्द्र के समन्वयक डॉ. विजय आनन्द मिश्र और सह-समन्वयक डॉ. छट्ठू यादव ने भरोसा दिलाया कि केन्द्र का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और भी नए पाठ्यक्रम जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे महराजगंज के छात्र उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने को मजबूर न हों।

यह केन्द्र न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे जनपद के लिए शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यपरिषद की बैठक में सहायक आचार्य (संविदा) नियुक्ति सहित अनेक प्रस्तावों को मंजूरी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक आवश्यकताओं और भविष्य की अकादमिक दिशा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक भवन स्थित समिति कक्ष में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के अकादमिक और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में स्ववित्तपोषित विभागों में सहायक आचार्य (संविदा) की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत कुल 23 सहायक आचार्यों (संविदा) की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। विभागवार स्वीकृत पदों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) के 12 पद, फार्मेसी के 5 पद, कृषि के 4 पद तथा बी.कॉम. (बैंकिंग एवं इंश्योरेंस) के 2 पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से संबंधित विभागों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन मिलेगा और विश्वविद्यालय रोजगारपरक व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
बैठक में शासन के निर्देशों के अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की नियुक्ति प्रक्रिया से भी कार्यपरिषद को अवगत कराया गया, जिससे शिक्षण में व्यावहारिक अनुभव और उद्योग आधारित ज्ञान को शामिल किया जा सकेगा।
इसके साथ ही कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के लोगो में विश्वविद्यालय के नाम के लेखन में परिवर्तन को भी स्वीकृति प्रदान की। अब लोगो में DDU Gorakhpur University के स्थान पर Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University अंकित किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय की पहचान और अधिक स्पष्ट रूप में स्थापित होगी।
बैठक के दौरान सम्बद्धता समिति के निर्णय के क्रम में 12 महाविद्यालयों को कुल 28 पाठ्यक्रमों के लिए स्थायी सम्बद्धता प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त एक महाविद्यालय को एक वर्ष का अस्थायी विस्तार स्वीकृत किया गया। कार्यपरिषद का यह निर्णय उच्च शिक्षा के मानकों को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यातायात पुलिस देवरिया का सघन चेकिंग अभियान, 142 वाहनों का ई-चालान, एक वाहन सीज

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में गुरुवार दिनांक 08 जनवरी 2026 को यातायात पुलिस देवरिया द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से शहर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में गोरखपुर रोड, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड एवं बस स्टैंड क्षेत्र में विशेष चेकिंग की गई। अभियान के दौरान सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो चालकों, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने तथा वाहन पर स्टंट करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान एवं सीज की कार्रवाई की गई।इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल के सामने खड़ी अवैध निजी एंबुलेंस के विरुद्ध भी एमवी एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई।यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान में कुल 142 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 01 वाहन को सीज किया गया।यातायात पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की नियमित कार्रवाई से यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आती है तथा वाहन चालकों को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

धर्म और संस्कृति से बच्चों को जोड़ना समय की आवश्यकता : महेश्वरानंद

हिंदू केवल धर्म नहीं, भारत माता की आत्मा है, धर्म परिवर्तन रोकने पर दिया जोर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत बृजमनगंज स्थित रामलीला पार्क में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेश्वरानंद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज को आज संगठित और सजग होने की आवश्यकता है। बच्चों को धर्म और संस्कृति से जोड़ना समय की सबसे बड़ी मांग है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में संस्कारों, रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों की मर्यादा कमजोर हो रही है, जिसे पुनः सहेजने की आवश्यकता है। उन्होंने धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर चिंता जताते हुए समाज से सतर्क रहने का आह्वान किया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को वैश्विक स्तर पर भी एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संरक्षक राकेश जायसवाल ने कहा कि हिंदू संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए समाज को संगठित प्रयास करने होंगे।
विशिष्ट अतिथि राजकीय कन्या इंटर कॉलेज आनंदनगर की प्रधानाचार्य ज्योति सिंह ने कहा कि संगठित, जागरूक और संस्कारित समाज ही राष्ट्र को सशक्त एवं समृद्ध बना सकता है।
मुख्य वक्ता गोपाल आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को साजिश के तहत नशे की ओर धकेला जा रहा है। इससे बचने के लिए वैदिक सनातन परंपरा की ओर लौटना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन सभासद जेपी गौड़ ने किया। कार्यक्रम का समापन आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। अंत में पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरिश्चंद सोनकर ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्य अतिथि महेश्वरानंद महाराज ने नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश जायसवाल, व्यापारियों एवं समाजसेवियों के साथ बैठक कर हिंदू धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर गोपाल आचार्य, सूर्यवीर (सह जिला कार्यवाहक), नागेंद्र (जिला प्रचारक), अजीत (सह विभाग प्रचारक), प्रेम शंकर चौबे, विजय पाण्डेय, उदय राज यादव, योगेंद्र यादव, हरिश्चंद पांडेय, चंदू सिंह, अंशु सिंह, चुन्नू सिंह, झीनक विश्वकर्मा, मनोज जायसवाल, अनूप चौरसिया, प्रद्युम्न सिंह, दिलीप गुप्ता, शैलेश सिंह, आशीष जायसवाल, नटवर गोयल, टिंकल पांडेय, रामकुमार कसौधन, दिनेश पांडेय, कुंज बिहारी त्रिपाठी, भाजपा नेत्री कुसुम प्रजापति सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पी.जी. कॉलेज में खुला इग्नू अध्ययन केन्द्र, कामकाजी युवाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जवाहरलाल नेहरू स्मारक पी.जी. कॉलेज, महराजगंज में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी द्वारा अध्ययन केन्द्र की मान्यता प्रदान की गई है। इस केन्द्र के खुलने से जनपद के छात्रों, कामकाजी स्त्री-पुरुषों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज में स्थापित इग्नू अध्ययन केन्द्र का कोड 48064 है। इस केन्द्र पर स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के साथ-साथ पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन अध्ययन में स्नातक पाठ्यक्रम की भी मान्यता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि यह केन्द्र विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा, जो नियमित रूप से महाविद्यालय में उपस्थित होकर पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश ले सकते हैं। उपलब्ध पाठ्यक्रमों में कला स्नातक, इतिहास स्नातक, पर्यटन अध्ययन स्नातक तथा संस्कृत एवं शिक्षा शास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल हैं, जो हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यमों में संचालित किए जाएंगे।
इग्नू अध्ययन केन्द्र के समन्वयक हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विजय आनन्द मिश्र एवं सह-समन्वयक अर्थशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. छट्ठू यादव को नियुक्त किया गया है।
इग्नू अध्ययन केन्द्र की स्थापना महाविद्यालय और जनपद दोनों के लिए गौरव का विषय है। इससे स्थानीय छात्रों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा तथा भविष्य में और भी नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। वहीं, समन्वयक डॉ. विजय आनन्द मिश्र एवं सह-समन्वयक डॉ. छट्ठू यादव ने आश्वस्त किया कि केन्द्र के सफल संचालन के लिए वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।