Monday, June 22, 2026
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प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स–2026 के लिए प्रदेश स्तरीय चयन ट्रायल आयोजित

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित होने वाले प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स–2026 में प्रतिभाग के लिए उत्तर प्रदेश स्तर पर चयन/ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जिला क्रीड़ा अधिकारी रवि कुमार ने जनपद कुशीनगर के अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ियों को जानकारी दी है।उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तरीय चयन/ट्रायल विभिन्न खेलों के लिए 13 जनवरी, 2026 को निर्धारित स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे। तीरंदाजी का चयन ट्रायल सोनभद्र में आयोजित होगा, जबकि एथलेटिक्स एवं कुश्ती का चयन मिर्जापुर में किया जाएगा। वहीं फुटबॉल, हॉकी, तैराकी एवं भारोत्तोलन खेलों के चयन/ट्रायल वाराणसी में संपन्न होंगे।जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी निर्धारित तिथि एवं स्थान पर अपने साथ अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र (राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत) की प्रति अनिवार्य रूप से लेकर उपस्थित हों।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन/ट्रायल में प्रतिभाग करने हेतु खेल विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता अथवा अन्य व्यय देय नहीं होगा

359 बूथों पर मतदाता सूची का वाचन, नए नाम जोड़ने हेतु फार्म भरने में जुटे ग्रामीण

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

भारत निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार को 359 विधानसभा के अंतर्गत सभी 359 मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया गया। सुबह से ही विभिन्न बूथों पर ग्रामीणों की उपस्थिति देखने को मिली, जहां लोगों ने अपने-अपने नाम मतदाता सूची में जांचे। जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं पाया गया या उनमें किसी प्रकार की त्रुटि थी, उन्हें सुधार हेतु संबंधित फार्म उपलब्ध कराए गए।नए मतदाताओं के नाम जोड़ने हेतु फार्म 6, संशोधन के लिए फार्म 8 तथा नाम विलोपन के लिए फार्म 7 भराए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने विशेष रुचि दिखाते हुए अपने परिवार के सदस्यों के नाम सही तरीके से सूची में दर्ज कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म भरना शुरू कर दिया। बूथ लेवल अधिकारियों ने मतदाताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।पूरे अभियान की निगरानी उपजिलाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनील कुमार द्वारा की गई। साथ ही सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी — नायब तहसीलदार सी.पी. यादव, दुर्गेश कुमार, खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार, श्रवण कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी पंकज सिंह एवं अनूप कुमार सहित कुल 16 अधिकारी भ्रमणशील रहे और अलग-अलग बूथों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो तथा कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।निर्वाचन आयोग की यह पहल आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची को अद्यतन व त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देवरिया में कानून का पालन: कोर्ट के फैसले के बाद ध्वस्तीकरण

देवरिया में सरकारी भूमि से हटाई गई अवैध मजार, कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की कार्रवाई शुरू


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देवरिया शहर में स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को गिराने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई एसडीएम सदर न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद की गई, जिसमें मजार को सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर निर्मित बताया गया था। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में न्यायालय के फैसले ने प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया।

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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला एएसडीएम सदर के न्यायालय में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान राजस्व अभिलेखों और स्थल निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर बिना अनुमति बनाई गई थी। कोर्ट के निर्णय के बाद एसडीएम कोर्ट के आदेशानुसार मौके पर पुलिस बल और राजस्व टीम की मौजूदगी में मजार हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया।
इस प्रकरण को लेकर सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने मामले की विधिक प्रक्रिया को तेज किया, जिसके परिणामस्वरूप अदालत का फैसला आया।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी धार्मिक भावना के विरुद्ध नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कानून के पालन के तहत उठाया गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि आगे भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

World War 3: क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया? जानिए कौन होगा किसके पाले में और भारत का क्या रहेगा रुख

World War 3 News। वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही दुनिया एक बेहद अस्थिर भू-राजनीतिक दौर से गुजर रही है। कई मोर्चों पर जारी युद्ध, तेजी से बनते-बिगड़ते सैन्य गठबंधन, हथियार नियंत्रण संधियों का कमजोर होना और अमेरिका–वेनेजुएला तनाव ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है—क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है?

यदि हालात और बिगड़ते हैं और वैश्विक संघर्ष की स्थिति बनती है, तो कौन सा देश किस गुट में खड़ा होगा? और इस पूरे परिदृश्य में भारत की भूमिका क्या होगी? आइए समझते हैं पूरी तस्वीर।

क्यों बढ़ रहा है तीसरे विश्व युद्ध का खतरा?

हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से किसी वैश्विक युद्ध की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दुनिया के कई बड़े संघर्ष आपस में जुड़ते नजर आ रहे हैं—

रूस–यूक्रेन युद्ध ने नाटो और रूस को आमने-सामने ला खड़ा किया है

• मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक चिंताएं बरकरार हैं

• फरवरी 2026 में अमेरिका–रूस न्यू स्टार्ट परमाणु संधि समाप्त होने वाली है

कोरियाई प्रायद्वीप पर उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव चरम पर है

भारत–पाकिस्तान सीमा पर सैन्य निगरानी लगातार जारी है

• वहीं वेनेजुएला पर अमेरिकी दबाव ने दक्षिण अमेरिका में नया भू-राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है

इन सभी घटनाओं ने वैश्विक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है।

संभावित पश्चिमी गठबंधन (Western Bloc)

अगर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ता है, तो एक बड़ा गुट संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों का हो सकता है। इसमें शामिल हो सकते हैं—

• अमेरिका और नाटो देश: यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत यूरोप

• इंडो-पैसिफिक सहयोगी: जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया

• रणनीतिक साझेदार: इजरायल और ताइवान

यह गुट लोकतंत्र, सामूहिक सुरक्षा और सैन्य सहयोग के आधार पर एकजुट हो सकता है।

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रूस–चीन नेतृत्व वाला विरोधी गुट

दूसरी ओर, एक संभावित गठबंधन रूस और चीन के नेतृत्व में बन सकता है। इसमें शामिल हो सकते हैं—

• रूस और चीन (मुख्य धुरी)

• उत्तर कोरिया, ईरान, बेलारूस, सीरिया और वेनेजुएला

• पाकिस्तान, जो चीन के साथ गहरे रणनीतिक और सैन्य संबंधों के कारण इस गुट की ओर झुक सकता है

यह गुट पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ साझा रणनीति अपना सकता है।

भारत का रुख क्या रहेगा?

तीसरे विश्व युद्ध जैसे किसी भी वैश्विक संघर्ष में भारत की भूमिका सबसे अहम और बारीकी से देखी जाने वाली होगी। भारत के किसी भी सैन्य ब्लॉक में औपचारिक रूप से शामिल होने की संभावना बेहद कम है।

भारत संभवतः अपनी पारंपरिक नीति ‘स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी’ को बनाए रखेगा—

• न पूरी तरह पश्चिमी गुट में

• न ही रूस–चीन धुरी का हिस्सा

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं होगा कि भारत निष्क्रिय रहेगा।
यदि चीन या पाकिस्तान भारत की सीमाओं पर हमला करते हैं, तो भारत पूरी सैन्य क्षमता के साथ जवाब देगा। साथ ही, भारत कूटनीतिक स्तर पर वैश्विक संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल तीसरा विश्व युद्ध एक संभावना है, निश्चित हकीकत नहीं। लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि दुनिया खेमेबंदी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। आने वाले महीनों में कूटनीति, सैन्य संतुलन और वैश्विक समझौतों की भूमिका निर्णायक होगी।

Mau News: राष्ट्रीय युवा दिवस पर ‘रन फॉर रिवर’ मैराथन का आयोजन, गंगा–तमसा की स्वच्छता के लिए दौड़ी युवा शक्ति

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति मऊ के तत्वावधान में पुलिस लाइन मऊ से ‘रन फॉर रिवर’ मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा और तमसा नदियों की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं एवं आमजन को जागरूक करना रहा।

स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात सीओ सिटी क्रिस राजपूत एवं प्रो. शर्वेश पाण्डेय ने ‘रन फॉर रिवर’ थीम टी-शर्ट का अनावरण किया और हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया।

पुलिस लाइन से रामघाट तक गूंजे स्वच्छता के नारे

मैराथन पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर गाजीपुर तिराहा, भीटी मार्ग होते हुए तमसा तट स्थित रामघाट पर संपन्न हुई। दौड़ के दौरान पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’, ‘स्वच्छ नदी–स्वच्छ समाज’ और ‘गंगा–तमसा को स्वच्छ रखेंगे’ जैसे नारों से गूंजता रहा।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नदियों की स्वच्छता और जल संरक्षण का संकल्प लिया।

“जल है तो कल है” – सीओ सिटी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीओ सिटी क्रिस राजपूत ने कहा कि “जल है तो कल है। यदि आज जल स्रोतों की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा।” उन्होंने लोगों से अपने कचरे का सही निस्तारण करने और कम से कम तीन अन्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की।

जल प्रदूषण से सभ्यताओं का हुआ पतन: प्रो. पाण्डेय

प्रो. शर्वेश पाण्डेय, प्राचार्य डी.सी.एस.के. पीजी कॉलेज एवं सदस्य जिला गंगा समिति ने जल प्रदूषण के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास में कई सभ्यताओं का पतन जल स्रोतों के दूषित होने के कारण हुआ है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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जन-जागरूकता का सतत अभियान

इस अभियान का नेतृत्व पर्यावरणविद् शैलेंद्र प्रताप ने किया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार यादव द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि निरंतर जनचेतना के निर्माण के लिए किए जाते हैं।

इनकी रही सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में अरुण कुमार आरआई (पुलिस लाइन), श्याम शंकर पाण्डेय (यातायात निरीक्षक), दुर्गेश मद्धेसिया, डॉ. विशाल जायसवाल (एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर), तरुण कुमार सिंह, रामविलास राजू, निखिल कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस मऊ और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

‘रन फॉर रिवर’ मैराथन ने यह संदेश दिया कि युवा शक्ति के सहयोग से ही स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव है। गंगा और तमसा जैसी पवित्र नदियों की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

Ballia News: प्रेम प्रसंग से जुड़ा अंतरजातीय विवाह बना चर्चा का विषय, शादी से पहले प्रेमी संग कोर्ट पहुंची युवती

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के एक गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा अंतरजातीय विवाह का मामला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। तीन वर्षों से चले आ रहे प्रेम संबंध के चलते युवती ने सामाजिक दबाव और परिजनों के विरोध के बावजूद अपने प्रेमी के साथ जीवन बिताने का फैसला किया, जिससे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी युवक और युवती पिछले करीब तीन वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और उनके घर भी आमने-सामने स्थित हैं। हालांकि, जाति भिन्न होने के कारण परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। सामाजिक दबाव के चलते परिजनों ने युवती की शादी किसी अन्य स्थान पर तय कर दी थी, जिसकी तारीख 10 फरवरी निर्धारित थी। शादी की तैयारियां भी जोरों पर थीं।

शौच के बहाने निकली युवती, फिर नहीं लौटी

रविवार की सुबह युवती शौच के बहाने घर से निकली, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजन सिकंदरपुर थाने पहुंचे और गुमशुदगी व संभावित अपहरण की आशंका जताई। रविवार से ही परिजन थाने के चक्कर लगाते रहे, ताकि युवती को ढूंढकर वापस लाया जा सके।

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प्रेमी संग न्यायालय पहुंचने की सूचना

इसी बीच परिजनों को सूचना मिली कि युवती अपने प्रेमी के साथ न्यायालय पहुंच गई है, जहां दोनों ने विवाह और सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह जानकारी सामने आते ही ग्रामीणों के बीच चर्चाएं और तेज हो गईं। लोग इसे प्रेम और सामाजिक बंधनों के टकराव के रूप में देख रहे हैं।

पुलिस जांच में जुटी

इस मामले में थानाध्यक्ष मूलचंद चौरसिया ने बताया कि पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। युवती की उम्र, उसकी स्वेच्छा और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के तहत दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।

यह घटना स्थानीय स्तर पर सामाजिक सोच, परंपराओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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Mau News: विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी ने बूथों का किया औचक निरीक्षण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने विधानसभा क्षेत्र–356 मऊ के मतदान केंद्र संख्या 30, कंपोजिट विद्यालय ख्वाजा जहांपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ संख्या 68, 69, 70, 71 एवं 72 पर चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सभी बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित पाए गए। संबंधित बूथों की मतदाता सूचियां मतदान केंद्र पर चस्पा मिलीं। जिलाधिकारी ने नाम जुड़वाने एवं संशोधन कराने पहुंचे नागरिकों से संवाद कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।

ऑनलाइन जांच करने वाले मतदाताओं की सराहना

निरीक्षण के दौरान कुछ जागरूक मतदाताओं द्वारा ऑनलाइन माध्यम से अपनी मतदाता जानकारी प्राप्त कर बूथ पर क्रॉस-चेकिंग किए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अन्य नागरिकों के लिए प्रेरणादायक बताया।

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अधिक से अधिक नए मतदाता जोड़ने के निर्देश

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जांचें। जिनका नाम सूची में दर्ज न हो या संशोधन आवश्यक हो, वे संबंधित बूथ पर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराएं।

उन्होंने फॉर्म संख्या-6 (नए मतदाता नामांकन हेतु) की जानकारी लेते हुए बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाए, विशेष रूप से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कोई भी पात्र मतदाता न छूटे

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़ने से वंचित न रहे। सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर अवधेश चौहान सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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सद्कर्म करने वाला व्यक्ति होता है महान – सुधाकर गुप्त

क्षेत्र के रामपुर बछउर में हुआ सहभोज व वस्त्र वितरण कार्यक्रम

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। तहसील क्षेत्र के रामपुर बछउर में शिक्षक व पूर्व प्रधान रामायण सिंह के नेतृत्व में दरिद्र नारायण भोज व गर्म वस्त्र वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग व्यापार मण्डल सलेमपुर के अध्यक्ष व नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन सुधाकर गुप्त ने कहा कि सद्कर्म करने वाला व्यक्ति महान होता है ,इस तरह के आयोजन से समाज को राहत के साथ साथ नई ऊर्जा मिलती है l अपने अपने घर चलाने मे लोग परेशान है और रामायण सिंह जैसे लोग है जो प्रति वर्ष अपने कमाई का कुछ अंश बचाकर गरीबो के बीच सहभोज व गर्म वस्त्र बाटने का प्रशंसनीय कार्य करते है l यह सामाजिक कार्य ही नही बल्कि लोगों को जाडे से बचाने का एक सराहनीय पहल है l सलेमपुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमरेश सिंह बबलू ने कहा कि समाज के जागरूक लोगों को इस तरह का आयोजन करना चाहिए l यह एक ऐसा पुनीत कार्य है जिसकी जितनी सराहना की जाय कम ही होगी l अगर हर गांव व क्षेत्र में सामर्थ्य वान लोग इस तरह का आयोजन करें तो कोई भी दीन दुखियों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। सपा नेता हरेराम यादव ने कहा कि जीवन मे हर व्यक्ति को जररूतमंद की सहायता करनी चाहिए।इस अवसर पर सुभाष यादव पूर्व प्रवक्ता, प्रधान प्रतिनिधि अन्नू सिंह ,कांग्रेस नेता जय नारायण सिंह, सत्यम पांडेय,उमेश यादव, विजय सिंह, नितेश,मनोज सिंह,रामायण यादव,सहित सैकड़ों की संख्या मे महिलाये उपस्थित थी l अंत में आयोजक मनमोहन सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

ईमानदारी की मिसाल: लार रोड स्टेशन पर छूटा बैग सुरक्षित लौटाया, यात्री ने ली राहत की सांस

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। रेलवे प्रशासन की तत्परता और ईमानदारी का एक सराहनीय उदाहरण शनिवार को सामने आया, जब लार रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर छूटे एक यात्री के बैग को सुरक्षित उसके मालिक को लौटा दिया गया।भागलपुर विकास खंड के देवसिया गांव निवासी अखिलेश यादव शनिवार सुबह इंटरसिटी एक्सप्रेस से लार रोड से गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान अनजाने में उनका बैग लार रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगी कुर्सी पर ही छूट गया। सलेमपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जब उन्हें बैग न होने का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत स्टेशन प्रशासन को इसकी सूचना दी।सूचना मिलते ही सलेमपुर स्टेशन द्वारा लार रोड स्टेशन अधीक्षक अमरनाथ तिवारी को अवगत कराया गया। स्टेशन अधीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए बैग को सुरक्षित अपने पास रखवा लिया। दोपहर बाद जब अखिलेश यादव लार रोड स्टेशन पहुंचे तो सभी आवश्यक पुष्टि के बाद उनका बैग उन्हें सौंप दिया गया।बैग वापस पाकर यात्री के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने रेलवे प्रशासन और स्टेशन अधीक्षक का आभार जताते हुए इस मानवीय पहल की सराहना की।

गैस पाइपलाइन कार्य की लापरवाही से सलेमपुर में मुसीबत, हफ्तों से खुला गड्ढा बना खतरा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सलेमपुर नगर के व्यस्ततम मुख्य मार्ग पर गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर की जा रही लापरवाही आम जनता पर भारी पड़ रही है। मेन रोड पर स्थित इंडियन बैंक, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के ठीक सामने खोदा गया गड्ढा एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक नहीं भरा गया है, जिससे स्थानीय निवासियों, बैंक उपभोक्ताओं और राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि पाइपलाइन कार्य के दौरान सड़क किनारे गड्ढा खोदकर उसे बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के छोड़ दिया गया। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई, जिसके चलते यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। बीते दो दिनों में दो लोग गड्ढे में गिरकर घायल भी हो चुके हैं।

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वार्ड संख्या 12, लोहिया नगर निवासी विजय कुशवाहा पुत्र स्वर्गीय राम अवध कुशवाहा ने बताया कि कार्य बंद पड़े एक सप्ताह से अधिक हो गया है। जब मौके पर मौजूद मजदूरों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि भुगतान न मिलने के कारण मजदूरों ने काम रोक दिया है।
स्थानीय निवासी राजू सैनी ने बताया कि गड्ढे की वजह से दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं हरे कृष्ण कुशवाहा ने कहा कि बैंकों तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह रास्ता जानलेवा साबित हो सकता है।

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स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था से मांग की है कि शीघ्र ही गैस पाइपलाइन कार्य को पूर्ण कराया जाए अथवा गड्ढे को सुरक्षित रूप से ढकवाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और किसी बड़ी दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो।
इस संबंध में ठेकेदार जितेंद्र यादव ने बताया कि कार्य को शीघ्र ही पूरा कराया जाएगा।

Gorakhpur News: झोलाछाप की दवा बनी काल, सात माह की मासूम की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। झंगहा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां झोलाछाप द्वारा दी गई कथित गलत दवा से सात माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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मृत बच्ची की पहचान इच्छा (7 माह) पुत्री राहुल निषाद, निवासी माईधिया घेरऊवां गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बच्ची पिछले 17 दिनों से अपने ननिहाल राजी जगदीशपुर बरहवा टोला में रह रही थी।

पेट दर्द और खांसी की शिकायत के बाद ले गए मेडिकल स्टोर

शनिवार को अचानक बच्ची के पेट में दर्द और खांसी की शिकायत हुई। इलाज के लिए परिजन उसे खिरिहवा चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर ले गए, जहां कथित रूप से झोलाछाप इलाज करता है। आरोप है कि बिना किसी चिकित्सकीय जांच के बच्ची को दो सिरप थमा दिए गए और घर भेज दिया गया।

दवा पिलाने के बाद नहीं खुलीं मासूम की आंखें
घर लाकर जब बच्ची को दवा पिलाई गई तो वह गहरी नींद में चली गई। शाम तक जब बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो परिजन घबरा गए और उसे दोबारा उसी मेडिकल स्टोर पर ले गए। आरोप है कि वहां पहुंचते ही बच्ची की हालत गंभीर बताई गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर से मचा कोहराम

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने झोलाछाप पर लापरवाही और गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
सूचना पर पहुंची झंगहा थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में ले लिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हिरासत में लिए गए मेडिकल स्टोर संचालक से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

तीन बहनों में सबसे छोटी थी इच्छा

बच्ची के पिता राहुल निषाद ने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, जिनमें सबसे छोटी इच्छा थी। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

नालों के संपर्क में पेयजल पाइपलाइन, डीएम ने दिए तत्काल सुधार के आदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने ओवरब्रिज के समीप एसएसबीएल इंटर कॉलेज के पास निरीक्षण के दौरान एक चिंताजनक स्थिति पाई। कुछ स्थानों पर पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें नालों के बीच से होकर गुजर रही थीं, जो जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए नगर पालिका परिषद देवरिया और जल निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी स्थलों को तुरंत चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नालों के संपर्क में पेयजल पाइपलाइनें हैं, वहां तत्काल मजबूत और सुरक्षित कवरिंग कराई जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में नाले का दूषित पानी पाइपलाइन को प्रभावित न कर सके।

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जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ पेयजल नागरिकों का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य की नियमित निगरानी की जाए और समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई पूरी की जाए।
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए देवरिया पेयजल पाइपलाइन सुरक्षा को लेकर यह कदम न केवल आवश्यक है, बल्कि भविष्य में जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए बेहद अहम भी है। आमजन ने भी जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर की पेयजल व्यवस्था और अधिक सुरक्षित होगी।

सीजीएसटी रिश्वत कांड से खुलीं भ्रष्टाचार की परतें, CBI जांच में ‘सेटलमेंट नेटवर्क’ की आशंका

झांसी/कानपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के झांसी में केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर समेत तीन अधिकारियों पर करोड़ों रुपये की रिश्वत के आरोपों का सीबीआई द्वारा खुलासा किए जाने के बाद महकमे में लंबे समय से पनप रहे कथित भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन संकेत साफ हैं कि यह कार्रवाई कुछ चुनिंदा नामों तक सीमित नहीं रहने वाली।सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, केंद्रीय जीएसटी के भीतर चल रहे कथित ‘सेटलमेंट नेटवर्क’ की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है। इस कार्रवाई की जद में कानपुर के वरिष्ठ अधिकारी सहित तीन अफसरों के नाम आने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।अचानक कार्रवाई नहीं, भीतर से मिली पुख्ता जानकारीसूत्रों का दावा है कि यह मामला किसी सामान्य ट्रैप का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे विभाग के भीतर से निकली अंदरूनी और सटीक सूचना निर्णायक साबित हुई।

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अब यह सवाल उठ रहा है कि यह जानकारी किसी असंतुष्ट मुखबिर ने दी या फिर सिस्टम के भीतर बैठे किसी ऐसे व्यक्ति ने, जिसे कथित मोटी डील से बाहर कर दिया गया।बताया जा रहा है कि झांसी डिवीजन में करोड़ों रुपये के कथित सेटलमेंट और लेन-देन की सूचना सीबीआई तक पहुंचाने में विभागीय मुखबिरों की अहम भूमिका रही।सेटलमेंट के खेल में होती है करोड़ों की कमाईकेंद्रीय जीएसटी विभाग में मुखबिरों की एक समानांतर व्यवस्था लंबे समय से सक्रिय बताई जा रही है। नियमों के अनुसार कर चोरी की सटीक सूचना देने पर मुखबिरों को सीक्रेट फंड से इनाम दिया जाता है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह राशि बेहद कम होती है।इसी वजह से कई मामलों में मुखबिर आधिकारिक इनाम की बजाय सेटलमेंट के रास्ते को चुनते हैं, जिसमें विभागीय अफसरों और मुखबिर दोनों की कथित रूप से मोटी कमाई होती है। झांसी मामले में भी दावा है कि करोड़ों की डील हुई, लेकिन मुखबिर को अपेक्षित हिस्सा नहीं मिला। इसी असंतोष के चलते उसने यूटर्न लिया और पूरा मामला उजागर हो गया।बड़ी डील से बाहर हुए अफसरों की नाराजगी बनी वजहइस प्रकरण में दो ऐसे अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है, जिन्हें शुरुआत में कथित सेटलमेंट का हिस्सा बनाया गया था, लेकिन बाद में बाहर कर दिया गया। बड़ी डील से बाहर होने की नाराजगी ने पूरे सिंडिकेट की गोपनीयता तोड़ दी और मामला सीधे सीबीआई तक पहुंच गया।पहला मामला नहीं, पहले भी लग चुके हैं आरोपझांसी रिश्वत कांड केंद्रीय जीएसटी में कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों से सीजीएसटी अधिकारियों पर रिश्वत, सेटलमेंट और कर चोरी को नजरअंदाज करने के गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं।कानपुर में ही इससे पहले सीजीएसटी कमिश्नर संसारचंद को घूस लेते पकड़ा गया था, जिसमें कई अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में आए थे।

18 वर्षों की सेवा, फिर भी उपेक्षा: ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा गुस्सा, प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण विकास की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम रोजगार सेवकों की अनदेखी के खिलाफ जनपद में आक्रोश खुलकर सामने आ गया। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष/प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ को ज्ञापन सौंपा और सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

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ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि मनरेगा योजना के अंतर्गत 18 वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद ग्राम रोजगार सेवक आज भी अस्थायी, अल्प मानदेय और असुरक्षित स्थिति में कार्य करने को मजबूर हैं। योजना का नाम परिवर्तित कर वीबी जीरामजी कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ। रोजगार सेवकों को कई–कई माह तक मानदेय के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके परिवारों का भरण–पोषण तक कठिन हो गया है।
संघ ने सरकार से न्यूनतम 35 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन व चिकित्सा सुविधा की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवकों से वीबी जीरामजी के अतिरिक्त अन्य विभागीय कार्य कराए जाना न्यायसंगत नहीं है।
ज्ञापन में उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के आदेश तथा मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2020 को की गई घोषणाओं को अब तक लागू न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई। रोजगार सेवकों ने इसे सरकारी संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।डिजिटल कार्यभार बढ़ने का हवाला देते हुए प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को मोबाइल/टैबलेट उपलब्ध कराने, डिजिटल मास्टर रोल एवं उपस्थिति प्रणाली को व्यावहारिक और सरल बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
ग्राम रोजगार सेवकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए विवश होंगे। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को चलाने वाले कर्मियों का यह आक्रोश अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इस अवसर पर इंद्रमणि विश्वकर्मा,राजेश वर्मा, राजेश तिवारी, अमरनाथ, रीता गुप्ता, चिन्नू प्रसाद, इंद्र विजय, रमेश, जितेंद्र, अयोध्या वर्मा, रमेश सिंह, अरविंद, असगर अली, बंधु मद्धेशिया, राहुल गुप्ता, संगीता पांडेय, अंजना गुप्ता, रईस अहमद, अनामिका उपाध्याय, कृष्ण प्रताप, पंकज राय संगीता गुप्ता, प्रमोद राय, राकेश, रैना वर्मा, जितेंद्र, प्रेमलाल, प्रियंका , अंजली, गंगोत्री, चंद्रिका, दिनेश, ओम प्रकाश सिंह, सुरेश निषाद, अंबिका प्रसाद,संतोष गुप्ता,सर्वेश मद्धेशिया ,कमलेश कुमार, सहित भारी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहें। ं

Donald Trump: वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड और ईरान पर नजर? अमेरिकी सेना को मिली संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के निर्देश

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला में की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया में भूचाल आ गया है। 3 जनवरी को चलाए गए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की धरती पर उतरकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाने का दावा किया गया, जिससे वैश्विक राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई।

अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड और ईरान पर भी है और इन दोनों क्षेत्रों को लेकर संभावित सैन्य विकल्पों पर गंभीर मंथन चल रहा है।

ग्रीनलैंड पर सैन्य योजना की तैयारी

ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी) को वरिष्ठ विशेष बलों के कमांडरों को ग्रीनलैंड पर संभावित आक्रमण के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने इस संबंध में जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को योजना तैयार करने को कहा है।

हालांकि, इस प्रस्ताव का जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ द्वारा विरोध किया जा रहा है। शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई गैरकानूनी होगी और इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक है। जनरलों के मुताबिक यह कदम न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे यूरोपीय देशों और नाटो (NATO) के साथ अमेरिका के रिश्तों में गंभीर संकट पैदा हो सकता है।

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ईरान को लेकर सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग

वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाने वाले कई सैन्य विकल्पों की जानकारी दी गई है। इन विकल्पों में तेहरान में चुनिंदा ठिकानों पर लक्षित हमले शामिल हैं, जिनमें शासन के आंतरिक सुरक्षा तंत्र से जुड़े गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे भी बताए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ये ब्रीफिंग आकस्मिक योजना (Contingency Planning) का हिस्सा हैं, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ईरान में जारी हालात को देखते हुए राजनयिक, आर्थिक और सैन्य उपायों का आकलन कर रहा है।

ईरान की आजादी को तैयार अमेरिका: ट्रंप

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा आजादी के करीब है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान को मौजूदा सरकार से आजादी दिलाने में हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। यह सरकार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में चल रही है।

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क्या बढ़ेगा वैश्विक टकराव?

वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर सामने आ रही इन रिपोर्ट्स ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप होता है, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, नाटो गठबंधन और मध्य-पूर्व की स्थिरता पर गहरा पड़ सकता है।