गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय युवा सप्ताह (12 से 17 जनवरी 2026) के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा सप्ताह युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है। युवाओं को अपने विचार, रचनात्मकता और सेवा भाव के माध्यम से समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सत्यपाल सिंह ने प्रतियोगिता की प्रस्तावना प्रस्तुत की। डॉ. आमोद राय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्री प्रकाश सिंह ने किया जबकि अंत में डॉ. नुपुर सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. आलोक कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. दुर्गेश पाल, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. सुशील कुमार सिंह सहित अन्य कार्यक्रम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय चेतना, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्र
राष्ट्रीय युवा सप्ताह के अंतर्गत निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित
क्या आप जानते हैं 13 जनवरी को भारत ने किन-किन अनमोल रत्नों को खोया?
13 जनवरी के इतिहास में दर्ज अमिट शोक : देश के लिए अमूल्य योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों का निधन
भारतीय इतिहास केवल विजय और उत्सवों से नहीं, बल्कि उन महान विभूतियों की स्मृतियों से भी बनता है, जिन्होंने अपने जीवन को कला, संस्कृति, विज्ञान, राजनीति और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया। 13 जनवरी का दिन ऐसे ही अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों के निधन के कारण इतिहास में शोक और स्मरण का प्रतीक बन गया। इस दिन हमने संगीत, सिनेमा, गुप्तचर सेवा, साहित्य और राजनीति के ऐसे स्तंभ खोए, जिनका योगदान आज भी देश को दिशा देता है।
आइए, 13 जनवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन से जुड़े इन महान नामों के जीवन, जन्मभूमि और राष्ट्रहित में उनके योगदान को विस्तार से जानते हैं।
प्रभा अत्रे (निधन: 13 जनवरी 2024)
प्रभा अत्रे भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत की एक विलक्षण हस्ती थीं। उनका जन्म पुणे, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था। वे किराना घराने की प्रमुख गायिकाओं में गिनी जाती थीं और उन्होंने खयाल, ठुमरी, भजन और अभंग गायकी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
प्रभा अत्रे केवल गायिका ही नहीं, बल्कि एक विदुषी संगीत शोधकर्ता भी थीं। उन्होंने संगीत पर कई पुस्तकें लिखीं और विश्वविद्यालयों में संगीत शिक्षा को प्रोत्साहन दिया। पद्म विभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मान उनके नाम रहे। उनका योगदान भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
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मनमोहन महापात्र (निधन: 13 जनवरी 2020)
ओडिशा राज्य, भारत में जन्मे मनमोहन महापात्र उड़िया सिनेमा के सशक्त हस्ताक्षर थे। वे एक संवेदनशील फ़िल्म निर्माता-निर्देशक के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने व्यावसायिकता से अलग हटकर सामाजिक यथार्थ को पर्दे पर उतारा।
उनकी फ़िल्मों में ओडिशा की संस्कृति, आम जनजीवन और मानवीय संघर्षों का सजीव चित्रण मिलता है। उन्होंने उड़िया सिनेमा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान क्षेत्रीय सिनेमा को सशक्त बनाने और सामाजिक चेतना जगाने में अमूल्य माना जाता है।
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अमृत तिवारी (निधन: 13 जनवरी 2018)
डॉ. अमृत तिवारी एक प्रतिष्ठित भारतीय दंत चिकित्सक थीं, जिनका जन्म उत्तर भारत के एक शिक्षित मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल आधुनिक तकनीकों को अपनाया, बल्कि ग्रामीण और वंचित वर्गों तक दंत स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का कार्य किया।
स्वास्थ्य शिविरों, जागरूकता अभियानों और चिकित्सा प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने समाज को स्वस्थ बनाने में योगदान दिया। चिकित्सा सेवा के प्रति उनकी निष्ठा उन्हें एक आदर्श चिकित्सक के रूप में स्थापित करती है।
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सरस्वती राजामणि (निधन: 13 जनवरी 2018)
चेन्नई, तमिलनाडु, भारत में जन्मी सरस्वती राजामणि भारत की सबसे कम उम्र की महिला जासूस के रूप में इतिहास में दर्ज हैं। मात्र किशोरावस्था में ही उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान गुप्तचर गतिविधियों में भाग लिया।
वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रभावित थीं और आज़ादी की लड़ाई में जोखिम उठाकर सूचनाएँ पहुँचाने का कार्य किया। उनका योगदान भले ही लंबे समय तक गुप्त रहा, लेकिन राष्ट्र की स्वतंत्रता में उनकी भूमिका साहस और देशभक्ति की मिसाल है।
अहमद जान थिरकवा (निधन: 13 जनवरी 1976)
उत्तर प्रदेश, भारत में जन्मे अहमद जान थिरकवा तबला वादन की दुनिया का चमकता सितारा थे। वे बनारस घराने के प्रमुख उस्ताद माने जाते थे।
उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई लय और संरचना दी तथा देश-विदेश में तबला वादन की प्रतिष्ठा बढ़ाई। कई महान संगीतकार उनके शिष्य रहे। पद्म श्री से सम्मानित थिरकवा साहब का योगदान भारतीय ताल परंपरा को समृद्ध करने में ऐतिहासिक रहा।
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शौक़ बहराइची (निधन: 13 जनवरी 1964)
बहराइच जिला, उत्तर प्रदेश, भारत में जन्मे शौक़ बहराइची उर्दू साहित्य के सशक्त शायर थे। उनकी शायरी में सामाजिक यथार्थ, मानवीय पीड़ा और प्रेम का गहरा दर्शन मिलता है।
उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से आम जन की आवाज़ को साहित्यिक मंच दिया। उनकी ग़ज़लें और नज़्में आज भी साहित्य प्रेमियों में लोकप्रिय हैं। उर्दू अदब को संवेदनशीलता और गहराई देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
आर. एन. माधोलकर (निधन: 13 जनवरी 1921)
महाराष्ट्र, भारत में जन्मे आर. एन. माधोलकर एक प्रख्यात भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।
स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारंभिक दौर में उन्होंने संगठनात्मक मजबूती, जनजागरण और राजनीतिक चेतना फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन और वैचारिक संघर्ष में उनका योगदान भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा की नींव मजबूत करने वाला रहा।
अंक ज्योतिष से खुलेंगे सफलता और सावधानी के राज
🔥 आज का अंक राशिफल 13 जनवरी 2026: क्या आपकी जन्मतिथि बदल देगी किस्मत? जरूर पढ़ें पूरा भविष्यफल 🔥
पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा प्रस्तुत अंक राशिफल
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🔢 मूलांक 1 (जन्मतिथि: 1, 10, 19, 28)
प्रतिनिधि ग्रह: सूर्य
आज का दिन शुरुआत में थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों से मतभेद संभव हैं, लेकिन आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता आपको आगे बढ़ाएगी। व्यवसाय में पुराने क्लाइंट से लाभ होगा।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को धैर्य रखना होगा।
कला/संगीत: रचनात्मकता में स्थिरता रहेगी।
राजनीति/प्रशासन: प्रभाव बना रहेगा, लेकिन वाणी पर संयम रखें।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है, बचत पर ध्यान दें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव
उपाय: तांबे के बर्तन में पानी पिएं।
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🔢 मूलांक 2 (जन्मतिथि: 2, 11, 20, 29)
प्रतिनिधि ग्रह: चंद्र
भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में योजना बनाकर चलना लाभ देगा। साझेदारी के काम में सावधानी जरूरी है।
शिक्षा: पढ़ाई में मन लगेगा, एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: गायन, लेखन में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: छवि निखरेगी।
आर्थिक स्थिति: आय सामान्य रहेगी।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: शिव जी
उपाय: चांद की रोशनी में 2–3 मिनट ध्यान करें।
🔢 मूलांक 3 (जन्मतिथि: 3, 12, 21, 30)
प्रतिनिधि ग्रह: बृहस्पति
संपर्कों से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में रुके कार्य पूरे होंगे। व्यापार में विस्तार के योग हैं।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में सफलता।
कला/संगीत: मंच से जुड़ने के अवसर।
राजनीति/प्रशासन: मान-सम्मान बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: विष्णु भगवान
उपाय: पूर्वजों की परंपराओं का पालन करें।
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🔢 मूलांक 4 (जन्मतिथि: 4, 13, 22, 31)
प्रतिनिधि ग्रह: राहु
विदेश या तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को सतर्क रहना होगा। दस्तावेज़ों में गलती न करें।
शिक्षा: तकनीकी छात्रों के लिए दिन महत्वपूर्ण।
कला/संगीत: प्रयोगधर्मिता बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन: विवाद से दूर रहें।
आर्थिक स्थिति: निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: दुर्गा माता
उपाय: ससुराल पक्ष से संबंध मधुर रखें।
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🔢 मूलांक 5 (जन्मतिथि: 5, 14, 23)
प्रतिनिधि ग्रह: बुध
आज का दिन आनंददायक है। व्यापार में मुनाफा होगा। नई डील फाइनल हो सकती है।
शिक्षा: विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलेंगे।
कला/संगीत: लेखन, मीडिया में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: संवाद कौशल से लाभ।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन के योग।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: गणेश जी
उपाय: तुलसी के पौधे की सेवा करें।
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🔢 मूलांक 6 (जन्मतिथि: 6, 15, 24)
प्रतिनिधि ग्रह: शुक्र
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। कला, फैशन, सौंदर्य से जुड़े लोगों को लाभ।
शिक्षा: रचनात्मक विषयों में सफलता।
कला/संगीत: विशेष उपलब्धि संभव।
राजनीति/प्रशासन: जनसमर्थन मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: आय संतोषजनक।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: लक्ष्मी माता
उपाय: गाय को गुड़ खिलाएं।
🔢 मूलांक 7 (जन्मतिथि: 7, 16, 25)
प्रतिनिधि ग्रह: केतु
कार्य में थोड़ी सुस्ती रहेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।
शिक्षा: शोध कार्य में प्रगति।
कला/संगीत: आध्यात्मिक रुझान बढ़ेगा।
राजनीति/प्रशासन: पर्दे के पीछे कार्य सफल।
आर्थिक स्थिति: स्थिर रहेगी।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: गणेश जी
उपाय: केसर का तिलक लगाएं।
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🔢 मूलांक 8 (जन्मतिथि: 8, 17, 26)
प्रतिनिधि ग्रह: शनि
घर-परिवार में संयम जरूरी। मेहनत का फल देर से मिलेगा।
शिक्षा: अनुशासन से सफलता।
कला/संगीत: धैर्य रखें।
राजनीति/प्रशासन: जिम्मेदारी बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनि देव
उपाय: काली चींटियों को आटा दें।
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🔢 मूलांक 9 (जन्मतिथि: 9, 18, 27)
प्रतिनिधि ग्रह: मंगल
जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। अधिकारियों से विवाद न करें।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्रों को मेहनत बढ़ानी होगी।
कला/संगीत: ऊर्जा सही दिशा में लगाएं।
राजनीति/प्रशासन: आक्रामकता से बचें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य रहेगी।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी
उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें।
वीरता से कला तक: एक ही दिन जन्मे असाधारण लोग
13 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, कला, विज्ञान और शौर्य से भारत को समृद्ध करने वाले नाम
13 जनवरी भारतीय और विश्व इतिहास में एक विशेष दिन है। इस दिन राजनीति, साहित्य, सिनेमा, संगीत, विज्ञान, अंतरिक्ष और सेना जैसे विविध क्षेत्रों में देश और समाज को दिशा देने वाले अनेक महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। इन सभी विभूतियों ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर पहचान बनाई। आइए जानते हैं 13 जनवरी को जन्मे ऐसे ही महान लोगों के जीवन, जन्म स्थान और राष्ट्रहित में उनके योगदान के बारे में विस्तार से।
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अश्मित पटेल (जन्म: 13 जनवरी 1978)
अश्मित पटेल का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ। वे प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता हैं और बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल के भाई हैं। अश्मित ने फिल्म इंतकाम से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में मर्डर, दिल दिया है, इंसाफ जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वे कई रियलिटी शोज़ जैसे बिग बॉस में भी नजर आए। उन्होंने हिंदी सिनेमा में ग्लैमर और प्रयोगधर्मी भूमिकाओं को बढ़ावा दिया। युवा कलाकारों के लिए वे यह संदेश देते हैं कि निरंतर प्रयास और धैर्य से पहचान बनाई जा सकती है।
मेजर मोहित शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1978)
मेजर मोहित शर्मा का जन्म रोहतक ज़िला, हरियाणा, भारत में हुआ। वे भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स के जांबाज़ अधिकारी थे। कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उन्होंने असाधारण वीरता और नेतृत्व का परिचय दिया। वर्ष 2009 में आतंकियों से मुठभेड़ में वे वीरगति को प्राप्त हुए। देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनका जीवन युवाओं के लिए साहस, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा है।
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रेज़वाना चौधरी बन्न्या (जन्म: 13 जनवरी 1957)
रेज़वाना चौधरी बन्न्या का जन्म ढाका, बांग्लादेश में हुआ। वे विश्वविख्यात रवीन्द्र संगीत गायिका हैं। उन्होंने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की संगीत परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त बनाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने संगीत शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया और युवा पीढ़ी को शास्त्रीय एवं रवीन्द्र संगीत से जोड़ा। उनकी गायकी ने सीमाओं से परे सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया।
राकेश शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1949)
राकेश शर्मा का जन्म पटियाला, पंजाब, भारत में हुआ। वे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। 1984 में उन्होंने सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान सोयूज टी-11 से अंतरिक्ष यात्रा की। अंतरिक्ष से भारत को देखकर उन्होंने कहा – “सारे जहाँ से अच्छा” – जो आज भी गर्व का प्रतीक है। भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में उन्होंने देश की रक्षा की और अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की वैश्विक पहचान बनाई। उनका योगदान विज्ञान, तकनीक और युवाओं की वैज्ञानिक सोच को प्रेरित करता है।
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वजूभाई वाला (जन्म: 13 जनवरी 1939)
वजूभाई वाला का जन्म राजकोट ज़िला, गुजरात, भारत में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुजरात विधानसभा के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। बाद में वे कर्नाटक के राज्यपाल बने। संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने, अनुशासन और निष्पक्षता के लिए वे जाने जाते हैं। उन्होंने राजनीति में शुचिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
पंडित शिवकुमार शर्मा (जन्म: 13 जनवरी 1938)
पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म जम्मू, जम्मू-कश्मीर, भारत में हुआ। वे विश्व प्रसिद्ध संतूर वादक थे। उन्होंने संतूर को भारतीय शास्त्रीय संगीत की मुख्यधारा में प्रतिष्ठा दिलाई। भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनका योगदान ऐतिहासिक है। फिल्म संगीत में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच तक पहुँचाया।
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शक्ति सामंत (जन्म: 13 जनवरी 1926)
शक्ति सामंत का जन्म बारडोली, गुजरात, भारत में हुआ। वे हिंदी सिनेमा के सफल फिल्म निर्माता और निर्देशक थे। आराधना, कटी पतंग, अमर प्रेम जैसी क्लासिक फिल्मों से उन्होंने सिनेमा को नई ऊँचाइयाँ दीं। उन्होंने रोमांटिक और सामाजिक विषयों को मुख्यधारा में लोकप्रिय बनाया। उनका योगदान भारतीय फिल्म उद्योग की पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा।
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जन्मदिन अन्य प्रमुख व्यक्तित्व (संक्षेप में)
मनमोहन सूरी (1928) – दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल; भारत के यांत्रिक अनुसंधान को नई दिशा दी।
मर्री चेन्ना रेड्डी (1919) – हैदराबाद, तेलंगाना; प्रशासन और राजनीति में सुधार।
सी. अच्युत मेनन (1913) – केरल; वामपंथी राजनीति और प्रशासन में संतुलन।
शमशेर बहादुर सिंह (1911) – देहरादून; हिंदी कविता को आधुनिक दृष्टि दी।
दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे (1896) – धारवाड़, कर्नाटक; कन्नड़ साहित्य के स्तंभ।
बदलू सिंह (1876) – उत्तर प्रदेश; प्रथम विश्व युद्ध में अद्भुत वीरता।
करियर, धन और प्रेम का पूरा लेखा-जोखा
मंगलवार को खुलेंगे भाग्य के द्वार या बरतनी होगी सावधानी? पढ़ें 12 राशियों का विस्तृत वैदिक राशिफल
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल हमारे जीवन के हर पहलू—करियर, धन, शिक्षा, प्रेम और स्वास्थ्य—पर प्रभाव डालती है। 13 जनवरी 2026, मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से भय, रोग और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह दिन कुछ राशियों के लिए उन्नति और लाभ लेकर आएगा, जबकि कुछ को सतर्कता बरतनी होगी।
आइए जानते हैं ज्योतिष पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा तैयार विस्तृत राशिफल
♈ मेष राशि (Aries) | राशिचिन्ह: ♈
नाम का पहला अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
आज ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे।
करियर/व्यवसाय: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रशासनिक सेवा व पुलिस-डिफेंस से जुड़े लोगों के लिए दिन मजबूत है।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के संकेत।
कला/संगीत: मंचीय कला से जुड़े लोगों को सराहना मिलेगी।
राजनीति: जनसंपर्क बढ़ेगा, छवि निखरेगी।
आर्थिक स्थिति: आय में सुधार, लेकिन जल्दबाजी में खर्च न करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।
♉ वृषभ राशि (Taurus) | ♉
नाम अक्षर: ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
आज स्थिरता और संयम जरूरी है।
करियर/व्यवसाय: नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य, व्यापार में पुराने निवेश से लाभ।
शिक्षा: एकाग्रता बनाए रखें।
कला: फैशन व डिजाइन क्षेत्र में नए अवसर।
राजनीति: विरोधियों से सावधान रहें।
आर्थिक: अचानक खर्च सामने आ सकता है।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें।
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♊ मिथुन राशि (Gemini) | ♊
नाम अक्षर: का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
कम्युनिकेशन आपकी ताकत बनेगा।
करियर: मीडिया, पत्रकारिता, मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए शानदार दिन।
शिक्षा: इंटरव्यू व प्रेजेंटेशन में सफलता।
कला: लेखन व अभिनय में पहचान।
राजनीति: भाषण से प्रभाव डालेंगे।
आर्थिक: धन आगमन के योग।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।
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♋ कर्क राशि (Cancer) | ♋
नाम अक्षर: ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
भावनात्मक संतुलन जरूरी।
करियर: नौकरी में बदलाव के संकेत।
शिक्षा: विषय बदलने का मन बन सकता है।
कला: संगीत व लेखन में गहराई आएगी।
राजनीति: निर्णय सोच-समझकर लें।
आर्थिक: खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2
उपाय: शिव जी को जल अर्पित करें।
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♌ सिंह राशि (Leo) | ♌
नाम अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
करियर: प्रमोशन के योग।
शिक्षा: लीडरशिप रोल मिलेगा।
कला: मंच पर छा जाएंगे।
राजनीति: पद या जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1
उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें।
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♍ कन्या राशि (Virgo) | ♍
नाम अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
काम का दबाव रहेगा।
करियर: योजना से सफलता।
शिक्षा: तकनीकी विषयों में प्रगति।
कला: हस्तकला में लाभ।
राजनीति: रणनीति काम आएगी।
आर्थिक: लेन-देन में सावधानी।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
उपाय: दुर्गा माता की पूजा।
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♎ तुला राशि (Libra) | ♎
नाम अक्षर: रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
रिश्तों में मधुरता।
करियर: साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: कला विषयों में सफलता।
राजनीति: समझौते से फायदा।
आर्थिक: संतुलित लाभ।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6
उपाय: मां सरस्वती की पूजा।
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♏ वृश्चिक राशि (Scorpio) | ♏
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
धैर्य रखें।
करियर: नौकरी परिवर्तन के संकेत।
शिक्षा: रिसर्च में सफलता।
राजनीति: गोपनीय रणनीति लाभ देगी।
आर्थिक: धीरे-धीरे सुधार।
शुभ रंग: मरून | शुभ अंक: 9
उपाय: हनुमान चालीसा पाठ।
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♐ धनु राशि (Sagittarius) | ♐
नाम अक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
भाग्य साथ देगा।
करियर: नई शुरुआत शुभ।
शिक्षा: उच्च शिक्षा में प्रगति।
राजनीति: विचारों को समर्थन।
आर्थिक: धन लाभ।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3
उपाय: विष्णु जी की पूजा।
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♑ मकर राशि (Capricorn) | ♑
नाम अक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
मेहनत रंग लाएगी।
करियर: प्रशासनिक व सरकारी क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: अनुशासन से लाभ।
आर्थिक: स्थिरता।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8
उपाय: शनिदेव को तेल अर्पित करें।
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♒ कुंभ राशि (Aquarius) | ♒
नाम अक्षर: गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
नवाचार का दिन।
करियर: टेक्नोलॉजी व सोशल सेक्टर में उन्नति।
शिक्षा: नए विचार सफल।
राजनीति: जनहित में कार्य।
आर्थिक: निवेश सोच-समझकर।
शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 4
उपाय: शिव पूजा।
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♓ मीन राशि (Pisces) | ♓
नाम अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
मन शांत रहेगा।
करियर: क्रिएटिव फील्ड में चमक।
शिक्षा: कला व संगीत में सफलता।
राजनीति: सहानुभूति से समर्थन।
आर्थिक: संतोषजनक।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 7
उपाय: श्रीकृष्ण की पूजा।
डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के लिए विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।
आज के दिन का इतिहास: 13 जनवरी से जुड़ी अनसुनी कहानियाँ
13 जनवरी का इतिहास: सत्ता, संघर्ष, संकल्प और बदलाव की गूंज
13 जनवरी का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक आंदोलनों, युद्धों और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी कई निर्णायक घटनाओं का साक्षी रहा है। यह तारीख सत्ता परिवर्तन से लेकर मानवता, शांति, साहित्य और विज्ञान के महत्वपूर्ण पड़ावों को अपने भीतर समेटे हुए है। आइए जानते हैं 13 जनवरी के इतिहास से जुड़ी वे प्रमुख घटनाएँ, जिन्होंने समय की धारा को प्रभावित किया।
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2020 – परवेज मुशर्रफ मामले पर लाहौर हाई कोर्ट का फैसला
13 जनवरी 2020 को पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट ने उस विशेष अदालत को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को संगीन देशद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। यह फैसला पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था और सैन्य–राजनीतिक संतुलन पर गहरी बहस का कारण बना। इस निर्णय ने यह भी स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर दिया गया कोई भी फैसला टिकाऊ नहीं हो सकता।
2020 – ओडिशा के फिल्म निर्माता मनमोहन महापात्र का निधन
इसी दिन ओडिशा के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मनमोहन महापात्र का भुवनेश्वर में निधन हुआ। वे समानांतर सिनेमा के सशक्त हस्ताक्षर माने जाते थे। उनकी फिल्मों में सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएँ और ग्रामीण जीवन की सच्चाइयाँ प्रमुखता से दिखाई देती थीं। उनका जाना भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति माना गया।
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2020 – दुर्लभ रोग नीति मसौदा जारी
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 13 जनवरी 2020 को ‘दुर्लभ रोग 2020’ नीति का मसौदा जारी किया। इसका उद्देश्य दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों को अधिकतम 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देना था। यह पहल भारत में स्वास्थ्य समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी गई, जिससे हजारों परिवारों को नई उम्मीद मिली।
2010 – जर्मनी की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक गिरावट
वैश्विक वित्तीय संकट के प्रभाव से जर्मनी की अर्थव्यवस्था में वर्ष 2009 के दौरान 5% की गिरावट दर्ज की गई, जिसकी पुष्टि 13 जनवरी 2010 को हुई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ी आर्थिक गिरावट थी। इस संकट ने यूरोप की आर्थिक नीतियों को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत को उजागर किया।
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2009 – फारुख अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष बने
13 जनवरी 2009 को जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ नेता फारुख अब्दुल्ला को नेशनल कॉन्फ्रेंस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति राज्य की राजनीति में स्थिरता और पारिवारिक राजनीतिक विरासत के प्रभाव को दर्शाती है। उनके नेतृत्व ने पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में फिर से सक्रिय भूमिका दिलाई।
2007 – संयुक्त राष्ट्र में महिला अधिकारों पर 37वाँ अधिवेशन
महिलाओं के प्रति भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र का 37वाँ अधिवेशन न्यूयॉर्क में शुरू हुआ। इस अधिवेशन में महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनाने का प्रयास किया गया, जिसने आगे चलकर कई अंतरराष्ट्रीय नीतियों को जन्म दिया।
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1948 – महात्मा गांधी का आमरण अनशन
13 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिंदू–मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए आमरण अनशन शुरू किया। यह अनशन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि नैतिक दबाव का ऐसा माध्यम था जिसने देश के नेताओं और समाज को आत्ममंथन के लिए विवश कर दिया।
1910 – विश्व का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण
न्यूयॉर्क शहर में 13 जनवरी 1910 को दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण शुरू हुआ। इस घटना ने संचार क्रांति की नींव रखी, जिसने आगे चलकर रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।
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1889 – असम की साहित्यिक चेतना और ‘जोनाकी’ पत्रिका
असम के युवाओं ने 13 जनवरी 1889 को अपनी साहित्यिक पत्रिका ‘जोनाकी’ का प्रकाशन शुरू किया। इस पत्रिका ने असमिया साहित्य में आधुनिकता और नवजागरण की लहर पैदा की, जिसे आज भी असमिया साहित्य का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है।
1849 – चिलियांवाला की ऐतिहासिक लड़ाई
द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के दौरान 13 जनवरी 1849 को चिलियांवाला की प्रसिद्ध लड़ाई शुरू हुई। यह युद्ध ब्रिटिश और सिख सेनाओं के बीच हुआ, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। यह लड़ाई भारतीय सैन्य इतिहास में साहस और बलिदान के लिए जानी जाती है।
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1842 – आंग्ल-अफगान युद्ध और डॉ. विलियम ब्राइडन
आंग्ल-अफगान युद्ध में 13 जनवरी 1842 को डॉ. विलियम ब्राइडन एकमात्र जीवित बचे ब्रिटिश अधिकारी थे। उनका जीवित लौटना उस युद्ध की भयावहता और ब्रिटिश साम्राज्य की सबसे बड़ी सैन्य विफलताओं में से एक का प्रतीक बन गया।
पंचाग अनुसार आज कौन से कार्य करना शुभ रहेगा?
पंचांग 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) | आज का विस्तृत हिंदू पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, यात्रा योग
दिनांक: 13 जनवरी 2026
वार: मंगलवार
स्थान: भारत (द्रिक पंचांग पर आधारित)
📜 आज का पंचांग (13/01/2026)
तिथि
माघ कृष्ण पक्ष दशमी – प्रातः से 03:18 PM तक
उपरांत एकादशी – 03:18 PM के बाद
नक्षत्र
विशाखा – 12:06 AM (रात्रि) तक
उपरांत अनुराधा
योग
शूल योग – 07:04 PM तक
उपरांत गण्ड योग
करण
विष्टि (भद्रा) – 03:18 PM तक
बव – 03:18 PM से 04:36 AM तक
बालव – 04:36 AM के बाद
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🕉️ संवत एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: पौष
पूर्णिमांत मास: माघ
वैदिक ऋतु: हेमंत
द्रिक ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण / दक्षिणायन (परंपरागत उल्लेख)
🌞 सूर्य एवं 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:14 AM
सूर्यास्त: 05:56 PM
चन्द्रोदय: 02:28 AM
चन्द्रास्त: 01:27 PM
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♈ सूर्य राशि एवं ♏ चंद्र राशि
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि:
05:21 PM तक तुला
उपरांत वृश्चिक
⛔ अशुभ काल (आज न करें शुभ कार्य)
राहुकाल: 03:15 PM – 04:36 PM
यमगण्ड: 09:54 AM – 11:15 AM
कुलिक काल: 12:35 PM – 01:55 PM
दुर्मुहूर्त:
09:22 AM – 10:05 AM
11:15 PM – 12:08 AM
वर्ज्यम्: 04:36 AM – 06:24 AM
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✅ शुभ काल (शुभ कार्य हेतु उत्तम समय)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:38 AM – 06:26 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:14 PM – 12:56 PM
अमृत काल: 02:15 PM – 04:03 PM
🌟 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग:
14 जनवरी 2026, 07:14 AM – 15 जनवरी 03:03 AM
अमृतसिद्धि योग:
14 जनवरी 2026, 07:14 AM – 15 जनवरी 03:03 AM
(अनुराधा नक्षत्र एवं बुधवार के संयोग से)
🧭 दिशा शूल व यात्रा फल
मंगलवार को दिशा शूल: उत्तर दिशा
उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी जाती है।
यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ या धनिया खाकर यात्रा करें।
लाभकारी यात्रा दिशा:
पश्चिम एवं दक्षिण दिशा – कार्य सिद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं।
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🌙 चंद्र बल (राशि अनुसार)
05:21 PM तक चंद्र बल:
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
05:21 PM के बाद:
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
⭐ ताराबल (नक्षत्र अनुसार)
12:06 AM तक शुभ नक्षत्र:
भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती
🕯️ त्यौहार एवं व्रत
लोहड़ी (लोहरी पर्व)
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🔔 विशेष जानकारी (पाठकों के लिए)
🔸 क्यों खास है 13 जनवरी 2026 का दिन?
लोहड़ी जैसे लोकपर्व के साथ यह दिन आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और पारिवारिक उल्लास के लिए उत्तम है।
🔸 आज कौन से कार्य करना शुभ रहेगा?
दान, मंत्र जाप, संध्या पूजा, पारिवारिक निर्णय और धार्मिक आयोजन शुभ रहेंगे।
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🔸 किन कार्यों से आज बचें?
राहुकाल में निवेश, विवाद, नए अनुबंध और उत्तर दिशा की अनावश्यक यात्रा से बचें।
📝 नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए “राष्ट्र की परम्परा” उत्तरदायी नहीं है। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य विद्वान या पंडित से परामर्श अवश्य लें।
उत्तर प्रदेश दिवस–2026: आगरा में 24 से 26 जनवरी तक भव्य त्रिदिवसीय आयोजन
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश दिवस–2026 का भव्य त्रिदिवसीय आयोजन 24 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य स्थापना की ऐतिहासिक विरासत को संजोते हुए “विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत” की परिकल्पना को जन-जन तक पहुंचाना है। तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों में सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासपरक गतिविधियों की व्यापक झलक देखने को मिलेगी।
राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित किया जाएगा, जिसका सजीव प्रसारण किया जाएगा। वहीं जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, कवियों और साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। मंत्रिगण, जनप्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारियों की उपस्थिति से आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की जाएगी।
उत्तर प्रदेश दिवस के अंतर्गत युवा दिवस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती, राष्ट्रीय पर्यटन दिवस और गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है। इससे आयोजन का स्वरूप और अधिक व्यापक तथा जनसरोकारों से जुड़ा रहेगा।
ओडीओपी योजना के तहत आगरा के जीआई टैग्ड पिट्टू एवं चमड़ा उद्योग से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले हस्तशिल्पियों, किसानों, उद्यमियों और चिकित्सकों को सम्मानित किया जाएगा।
संस्कृति विभाग की ओर से नृत्य, संगीत, नाट्य प्रस्तुतियां और काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। स्वच्छता अभियान, युवा प्रतियोगिताएं तथा सरकारी योजनाओं के स्टॉल लगाकर आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश दिवस–2026 का यह आयोजन आगरा में उत्साह, सांस्कृतिक गौरव और विकास की भावना के साथ मनाया जाएगा।
तकनीकी प्रशिक्षण से पंचायत सहायकों की कार्यक्षमता होगी मजबूत
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से पंचायत सहायकों की तकनीकी दक्षता को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद गोरखपुर के विकास खंड भटहट और जंगल कौड़िया के सभी पंचायत सहायकों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
यह प्रशिक्षण खनिमपुर नगवा जैतपुर खजनी रोड स्थित निजी महात्मा गांधी आईटीआई कॉलेज में विकास खंडवार निर्धारित तिथियों के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
उपनिदेशक (पंचायत) गोरखपुर मंडल हिमांशु शेखर ठाकुर ने प्रशिक्षण को पंचायत सहायकों की कार्यक्षमता बढ़ाने का अहम माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान और डिजिटल दक्षता से ग्राम पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता बेहतर होगी और शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से पूर्व पंचायत सहायकों को बीसी (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) के माध्यम से सूचना दी जाती है, ताकि सभी सहभागी समय से प्रशिक्षण में उपस्थित हो सकें।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दो दिनों में सामान्य प्रशासनिक जानकारी दी जा रही है, जबकि शेष दो दिनों में विभागीय पोर्टल और कंप्यूटर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण पर फोकस किया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से मातृभूमि योजना, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के तहत कर योजना तैयार करने और उसे ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जा रहा है।
सत्रवार प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने टीएम पोर्टल पर डाटा फीडिंग, रिपोर्टिंग और प्रमाणपत्र जनरेट करने की प्रक्रिया भी पंचायत सहायकों को सिखाई। प्रशिक्षण कार्य में नवनीत श्रीवास्तव, राहुल पाठक, आशीष और वरिष्ठ फैकल्टी कल्पना शुक्ला सक्रिय रूप से मार्गदर्शन कर रहे हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से पंचायत सहायकों की तकनीकी समझ सुदृढ़ होगी, जिससे ग्राम पंचायतों के कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता आएगी।
ये भी पढ़ें – कम राशन देने पर भड़के कार्ड धारक दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर पुलिस कार्यवाही में जुटी
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित हुए देवरिया के विकास चंद्र तिवारी, जिले का बढ़ाया मान
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया के लिए गर्व की बात है कि एक राजकीय शिक्षक ने राष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड के रुड़की स्थित शैफिल्ड स्कूल में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह–2026 में विकास चंद्र तिवारी को आइडियल टीचर्स अवार्ड (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय और नवाचारपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का मुख्य विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में मूल्य आधारित शिक्षा की भूमिका रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, कुलपतियों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया और तकनीकी विकास के साथ नैतिक मूल्यों व मानवीय संवेदनाओं को शिक्षा से जोड़ने पर गहन विचार-विमर्श किया।
ये भी पढ़ें – कम राशन देने पर भड़के कार्ड धारक दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर पुलिस कार्यवाही में जुटी
विकास चंद्र तिवारी वर्तमान में राजकीय विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही सामाजिक विज्ञान के मास्टर ट्रेनर की भूमिका भी निभा रहे हैं। वे राजकीय शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष तथा भारत स्काउट एंड गाइड में मुख्यालय आयुक्त के रूप में भी सक्रिय हैं। शिक्षा, प्रशिक्षण और सामाजिक गतिविधियों में उनकी निरंतर सहभागिता को देखते हुए उनका चयन इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए किया गया।
सम्मान मिलने की खबर के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। जिले के शिक्षकों और शैक्षिकहै
संगठनों ने इसे देवरिया के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस सम्मान से जिले की शैक्षिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिली है।
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कम राशन देने पर भड़के कार्ड धारक दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर पुलिस कार्यवाही में जुटी
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । नवाबगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत विकास खण्ड रिसिया के ग्राम पंचायत केवल पुर के कोटेदार द्वारा कार्ड धारकों को कम राशन देने पर भड़के कार्ड धारक राशन लेने से इनकार करने पर कोटेदार ने कार्ड धारक उपभोक्ताओं से किया दुर्व्यवहार और मौके पर पहुंची डायल एक सौ बारह कोटेदार व कार्ड धारकों को थाने पर बुलाया।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के विकास खण्ड रिसिया अन्तर्गत ग्राम पंचायत केवल पुर में सोमवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था जहां उसी दौरान कोटेदार शकील द्वारा प्रति यूनिट पांच किलो के बजाय कार्ड धारकों को प्रति यूनिट चार किलो राशन दिया जा रहा था।
जिसका विरोध करने पर कोटेदार ने कार्ड धारकों के अनुसार राशन न देकर दुर्व्यवहार कर भगा दिया कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार ने गाली गलौज देकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया मोबिन खां ,मोहम्मद खां , महमूद खां छंगा खां, ननकऊ यादव रंजन, इमरान, जमाल आदि ने नवाबगंज थाने में कोटेदार के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया देकर कारवाही की मांग के साथ साथ कोटेदार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।

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कम राशन देने का जिस सम्बन्ध में पूर्ति निरीक्षक रिसिया संतोष श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सुचना मिली है लेकिन अभी कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला है, अगर लाभार्थी द्वारा कोई प्रार्थना पत्र मिलेगा तो जांच कर उचित कार्यवाही की जायेगी।
इस संबन्ध में थाना प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज रामाशंकर यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर मिली है, और राशन वितरण प्रकरण विवाद की जांच किया जा रहा है।
लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा से नेपाल जाने की कोशिश, पांच फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी रुतबे का दुरुपयोग कर सीमा पार करने की कोशिश कर रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रुपईडीहा एसएसबी चेक पोस्ट के पास एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
गिरफ्तार आरोपी लाल-नीली बत्ती और हुटर लगी इनोवा क्रिस्टा कार से नेपाल जाने का प्रयास कर रहे थे और खुद को सचिवालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर हाई-प्रोफाइल तरीके से सीमा पार करना चाहते थे।
सहायक कमांडेंट अमित कटियार और प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के संबंध में एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि दोपहर के समय चेक पोस्ट पर इनोवा क्रिस्टा को रोका गया। वाहन सवारों से पूछताछ के दौरान संदेह होने पर तलाशी ली गई, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस, नकद रुपये, कई महंगे मोबाइल फोन सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
इसके बाद सभी आरोपियों को थाना रुपईडीहा लाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में
धर्मेन्द्र सिंह (निवासी बरौना, लखनऊ), शुभम बाजपेई (एलडीए कॉलोनी, आशियाना, लखनऊ), अनमोल यादव (सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ),
सचिन सिंह (एसपीजीआई कैंपस, लखनऊ) और स्वपनिल सहाय (आलमबाग, लखनऊ) शामिल हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार धर्मेन्द्र सिंह के विरुद्ध पहले से ही जुआ अधिनियम और विद्युत अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि अनमोल यादव के खिलाफ भी थाना सुशांत गोल्फ सिटी में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज रह चुके हैं।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि फर्जी पहचान, सरकारी सायरन और इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। थाना रुपईडीहा में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है।
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ग्रामीण पृष्ठभूमि से जेएनयू तक: शिवांशु त्रिपाठी की प्रेरक सफलता
टांडा के शिवांशु त्रिपाठी ने जेएनयू में गणित से एमएससी में हासिल किया प्रवेश, क्षेत्र का नाम किया रोशन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद के विकासखंड बड़हलगंज अंतर्गत ग्राम व पोस्ट टांडा निवासी शिवांशु त्रिपाठी ने देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के मुख्य परिसर में गणित (Maths) विषय से एमएससी में प्रवेश प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता उन्होंने कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली के बल पर प्राप्त की है।
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शिवांशु त्रिपाठी, श्री रमेश त्रिपाठी के पुत्र हैं। ग्रामीण परिवेश में रहकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सीमित संसाधन भी दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण के सामने बाधा नहीं बन सकते। उनकी इस शैक्षणिक उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह देखा जा रहा है।
शिवांशु की माता श्रीमती आशा त्रिपाठी का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने हर कदम पर पुत्र को शिक्षा के लिए प्रेरित किया और कठिन समय में संबल प्रदान किया। शिवांशु की सफलता इस बात का प्रमाण है कि परिवार का सहयोग और सकारात्मक मार्गदर्शन किसी भी छात्र को शिखर तक पहुँचा सकता है।
जेएनयू जैसे शीर्ष विश्वविद्यालय में गणित जैसे कठिन विषय में चयन होना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। उनकी इस सफलता पर शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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इस अवसर पर युवा नेता आलोक त्रिपाठी, रत्नेश त्रिपाठी, प्रशांत त्रिपाठी, रजनीश, सुरेश तिवारी, विनय तिवारी, संतोष तिवारी, रामसहाय तिवारी, श्याम मोहन तिवारी, अमित तिवारी, आदित्य त्रिपाठी, पंकज तिवारी, निमेष त्रिपाठी, देवेश त्रिपाठी, संजय तिवारी, पंडित रामनवल मिश्र सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शिवांशु को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
फिजियोथेरेपी बनेगी स्वतंत्र विभाग, BHU से शुरू होगी नई स्वास्थ्य क्रांति
बनारस फिजियो कांक्लेव 2026: बीएचयू में फिजियोथेरेपी को मिला राष्ट्रीय पहचान, इनोवेशन एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मान

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा स्वास्थ्य डेस्क)बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी एक बार फिर चिकित्सा नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल की साक्षी बनी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रतिष्ठित परिसर में आयोजित Banaras Physio Conclave 2026 में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ डी.के.पाण्डेय देवरिया को “इनोवेशन एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे फिजियोथेरेपी समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।

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इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका और इसके व्यापक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
फिजियोथेरेपी अब केवल हड्डियों तक सीमित नहीं: उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के समय में फिजियोथेरेपी केवल हड्डियों की बीमारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह हर प्रकार की बीमारियों के उपचार में सरल, सुरक्षित और आधुनिक पद्धति के रूप में स्थापित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ संवाद और व्यवहारिक समझ के माध्यम से मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जो इसे अन्य चिकित्सा पद्धतियों से अलग और प्रभावी बनाता है।
CSC और PSC केंद्रों पर फिजियोथेरेपी वैकेंसी का भरोसा
Banaras Physio Conclave 2026 में दिए गए अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के सभी CSC (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) और PSC (प्राइमरी हेल्थ सेंटर) पर फिजियोथेरेपी सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जरूरत पड़ी तो वे नियमों से हटकर भी फिजियोथेरेपी के हित में निर्णय लेने को तैयार हैं और राज्यभर में फिजियोथेरेपिस्ट की वैकेंसी सुनिश्चित की जाएगी। यह घोषणा प्रदेश के हजारों फिजियोथेरेपिस्ट युवाओं के लिए आशा की नई किरण लेकर आई है।
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संवाद आधारित उपचार: फिजियोथेरेपी की सबसे बड़ी ताकत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जहां अन्य चिकित्सा पद्धतियों में उपचार को कठिन बताया जाता है, वहीं एक फिजियोथेरेपिस्ट मरीज से संवाद, समझ और विश्वास के माध्यम से उसे मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ करता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी फिजियोथेरेपिस्ट चुपचाप इलाज नहीं करता, बल्कि मरीज से बातचीत कर, उसकी समस्या को समझकर और हर स्तर पर उसके साथ जुड़कर उपचार करता है। यही कारण है कि फिजियोथेरेपी आज सबसे मानवीय चिकित्सा पद्धति बनकर उभरी है।
स्पोर्ट्स इंजरी और न्यूरोलॉजिकल रोगों में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका
Banaras Physio Conclave 2026 में स्पोर्ट्स इंजरी को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल जगत में फिजियोथेरेपी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने कहा कि नस, दिमाग, पैरालिसिस, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, स्ट्रोक, रीढ़ की समस्या और मांसपेशियों से जुड़ी कोई भी बीमारी ऐसी नहीं है, जिसमें फिजियोथेरेपी की उपयोगिता न हो। यह चिकित्सा पद्धति हर उम्र और हर रोग में प्रभावी साबित हो रही है।
BHU में फिजियोथेरेपी को मिलेगा स्वतंत्र विभाग का दर्जा
कार्यक्रम का सबसे ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव डालने वाला ऐलान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) को लेकर किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक फिजियोथेरेपी हड्डी रोग विभाग के अंतर्गत संचालित होती रही है, लेकिन अब फिजियोथेरेपी और प्रोफेशनल थेरेपी को एक स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित किया जाएगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव और पेपर संबंधित स्तर पर सबमिट कर दिए गए हैं। यह निर्णय फिजियोथेरेपी शिक्षा, शोध और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
Banaras Physio Conclave 2026: फिजियोथेरेपी के भविष्य की नई दिशा
Banaras Physio Conclave 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला मंच साबित हुआ। देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने इसमें भाग लेकर फिजियोथेरेपी के नवाचार, रिसर्च और क्लीनिकल प्रैक्टिस पर मंथन किया।
इनोवेशन एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026 से सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि फिजियोथेरेपी अब भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ बन चुकी है।
निष्कर्ष
Banaras Physio Conclave 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाला समय फिजियोथेरेपी का है। सरकारी स्तर पर मिल रहा समर्थन, शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्र पहचान और जमीनी स्तर पर बढ़ती जरूरतें इस पेशे को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।
