Monday, June 22, 2026
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ईवीएम गोदाम का निरीक्षण, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने निर्वाचन कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, सीलिंग प्रक्रिया और संबंधित अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग सिस्टम, प्रवेश-निकास नियंत्रण, गोदाम की सील और लॉक की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। साथ ही ईवीएम से संबंधित अभिलेखों के अद्यतन और सुरक्षित संधारण की भी जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ईवीएम गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी निगरानी प्रणाली हर समय सक्रिय रहे तथा सीलिंग प्रक्रिया और अभिलेख संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके साथ ही नियमित अंतराल पर निरीक्षण और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी सर्वेश कुमार सहित निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन के इस निरीक्षण से चुनावी तैयारियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मऊ में रोजगार मेला बना युवाओं के लिए उम्मीद की किरण, 48 को मिला रोजगार

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर, मऊ में आयोजित रोजगार मेला (कैंपस ड्राइव) बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर लेकर आया। मेले में कुल 125 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें ऑनलाइन साक्षात्कार के माध्यम से 48 योग्य अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें रोजगार से जोड़ा गया।

रोजगार मेले में ग्रोज इंजीनियरिंग टूल्स, गुड़गांव, Mais India Medical Devices Pvt. Ltd. गुड़गांव, गतिमान एग्रोफॉरेस्ट्री मऊ और रमाया हेल्थकेयर मऊ सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रतिभाग किया। चयन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए अभ्यर्थियों का आकलन किया गया।

सहायक सेवायोजन अधिकारी आशुतोष प्रसाद ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं के लिए नियमित रूप से ऐसे रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जनपद और अन्य जनपदों के युवक-युवतियां अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर सकें। रोजगार मेला प्रभारी योगेन्द्र यादव ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह रोजगार मेला और अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रोजगार मेला टीम के साथ विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभाई।

तिलहन किसान मेला देवरिया 14 जनवरी को, पथरदेवा के पकहाँ में होगा आयोजन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में किसानों को तिलहन उत्पादन के प्रति जागरूक करने और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से तिलहन किसान मेला देवरिया का आयोजन 14 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से विकास खंड पथरदेवा के ग्राम पकहाँ में किया जाएगा। यह आयोजन कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (तिलहन) कार्यक्रम के अंतर्गत होगा।

मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि तिलहन किसान मेला देवरिया में कृषि विभाग सहित कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। मेले में कृषि वैज्ञानिक किसानों को तिलहन की उन्नत खेती, अधिक उत्पादन देने वाली किस्में, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी देंगे।

मेले में विभिन्न विभागों के स्टालों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान, बीज वितरण, फसल बीमा, मृदा परीक्षण और तकनीकी सहायता से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को तिलहन उत्पादन बढ़ाने में सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय पर अपने-अपने विभागों के स्टाल अनिवार्य रूप से लगवाएं। उन्होंने कहा कि तिलहन किसान मेला देवरिया जैसे आयोजनों से किसानों को नवीन तकनीकों की जानकारी मिलती है और उनकी आय बढ़ाने के अवसर बनते हैं।

कृषि विभाग ने जनपद के अधिक से अधिक किसानों से अपील की है कि वे तिलहन किसान मेला देवरिया में पहुंचकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

व्यापार संगठन का विस्तार: पौली और दूल्हापार बाजार की नई कार्यकारिणी गठित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले द्वाबा क्षेत्र के प्रमुख बाजारों पौली और दूल्हापार में संगठन विस्तार को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश महामंत्री बनर्जी लाल अग्रहरि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कपीश अग्रहरि ने की, जबकि संचालन प्रदेश मंत्री राम अजोर कशौधन ने किया। बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच तैयार करना रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से पौली बाजार के लिए पवन सिंह को नगर अध्यक्ष घोषित किया गया। पौली बाजार की कार्यकारिणी में रमेश चौरसिया को महामंत्री, सतीश सिंह को कोषाध्यक्ष तथा दीपक अग्रहरि को मीडिया प्रभारी बनाया गया। इसी क्रम में दूल्हापार बाजार के लिए रघुवीर सोनी को नगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया। दूल्हापार बाजार की कार्यकारिणी में विजय कुमार चौरसिया को महामंत्री, बेलाल अहमद, नरसिंह प्रजापति, जसवंत सिंह यादव और कौलवास यादव को उपाध्यक्ष, लांकेश्वर को कोषाध्यक्ष तथा राजकुमार चौधरी को मंत्री नामित किया गया।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री बनर्जी लाल अग्रहरि ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न रोकना है। उन्होंने कहा कि अब यह जिम्मेदारी पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी व्यापारियों की भी है कि आवश्यकता पड़ने पर एक आवाज में एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े हों। जिला अध्यक्ष कपीश अग्रहरि और प्रदेश मंत्री राम अजोर कशौधन ने सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को माला पहनाकर स्वागत किया और संगठन के प्रति निष्ठा व एकजुटता का संदेश दिया।
बैठक में राम अजोर कशौधन, जफर खान (जिलाध्यक्ष साइकिल एसोसिएशन), दिलीप अग्रहरि, मदन लाल साहू, प्रमोद गुप्ता, सोनल सिंह, सोहन लाल जायसवाल, कमलेश जायसवाल, सुनील अग्रहरि, रघुवीर सोनी, विजय कुमार चौरसिया, तारकेश्वर अग्रहरि, राजकुमार चौरसिया, संजय वर्मा, केदारनाथ वर्मा, राम आशीष विश्वकर्मा, बिलाल अहमद, नरसिंह प्रजापति, जसवंत सिंह यादव, कौलवास यादव, हरिलाल, राम सुखारी प्रजापति, पलटन राम अग्रहरि, जालंधर प्रसाद प्रजापति, अब्दुल रहीम खान, मोहम्मद आजम खान, रितेश सिंह, भीमसेन गौतम, देवव्रत चतुर्वेदी, रामदरश विश्वकर्मा, रामचंद्र, राम गिरीश, जगन्नाथ अग्रहरि, नवी चंद्रेश चौरसिया, अच्छे लाल चौरसिया, नितेश सिंह, धीरज सिंह, शादाब, अशोक कुमार कनौजिया, ध्रुवकुमार, इनाम, सद्दाम हुसैन, चंद्रकेश, अब्दुल रब और मकसूद सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कांग्रेस जिला महासचिव के भाई के पत्नी के निधन पर कांग्रेसियों ने जताया शोक

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस के जिला महासचिव जगरनाथ यादव के छोटे भाई के पत्नी व मण्डल अध्यक्ष भीमपुर निवासी रामकेवल चौहान के भाई के निधन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शोक सभा का आयोजन कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया।इस दौरान वक्ताओं ने इनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। शोक व्यक्त करते हुए युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष केशवचन्द यादव ने कहा कि शोक संतप्त परिवार को भगवान संबल प्रदान करें। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता संकट के घड़ी में इनके साथ खड़ा है।जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा इनकी कमी सदैव खलेगी।शोक व्यक्त करने वालों में जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय, जनार्दन वर्मा,मार्कण्डेय मिश्र, रजनीश प्रसाद,दीनदयाल प्रसाद,डॉ रमेश कुशवाहा,अखिलेश मिश्र,ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक, सलीम अली,परमानन्द प्रसाद, सोनू कुमार, राजू खान,यूसुफ खान,सादिक अली, एम ए खान,पारस निषाद, सत्यवान पांडेय, अशोक कुमार,सुच्चन खान,डॉ याहिया अंजुम, मोहन प्रसाद, सुरेंद्र यादव, कौशलेंद्र वर्मा,विपिन पांडेय, भोला मिश्र, अवधेश यादव, अवधेश पांडेय, बब्लू पासवान, प्रभुनाथ शर्मा,जितेन्द्र यादव, देवांग कश्यप,आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए। अंत में मृतात्मा की शान्ति के लिए दो मिनट के लिए मौन धारण किया गया।

देवरिया में बागवानी मिशन से किसानों को मिली नई दिशा

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)एकीकृत बागवानी विकास मिशन देवरिया के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए चयनित 60 किसानों का दो दिवसीय प्रशिक्षण एवं कृषक भ्रमण कार्यक्रम उद्यान विभाग द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, मिश्रित खेती एवं नवाचारों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना रहा।
पहले दिन कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना (भाटपार रानी) में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में जिला उद्यान अधिकारी रामसिंह ने किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदान एवं तकनीकी सहयोग की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई, जल संरक्षण, फूलगोभी, प्याज, आलू, हल्दी, गन्ना, केले सहित विभिन्न फसलों की उन्नत खेती पर व्यावहारिक जानकारी साझा की। एकीकृत खेती, पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन एवं एफपीओ के माध्यम से विपणन को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।
दूसरे दिन किसानों को देवरिया जिले के प्रगतिशील कृषकों के खेतों का भ्रमण कराया गया, जहां पपीता, केला, हल्दी, टमाटर, बैंगन, गोभी, प्याज एवं आलू की उन्नत खेती का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह दिखाया।
यह कार्यक्रम एकीकृत बागवानी विकास मिशन देवरिया को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

बाल विवाह रोकथाम को लेकर देवरिया प्रशासन अलर्ट

देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)बाल विवाह मुक्त भारत अभियान देवरिया के अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर ने की। बैठक का उद्देश्य जनपद को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की दिशा में विभागीय समन्वय को मजबूत करना रहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक अपराध होने के साथ-साथ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। इसे रोकने के लिए कानूनों का कड़ाई से अनुपालन और व्यापक जन-जागरूकता आवश्यक है। जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने अभियान के तहत चल रहे जागरूकता व प्रतिज्ञा कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह के दुष्परिणामों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अदीश मिश्र ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सक्रिय भूमिका पर जोर देते हुए संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने की बात कही। यूनिसेफ के बाल संरक्षण सलाहकार शैलेष प्रताप सिंह ने पीपीटी के माध्यम से जिले की प्रगति की समीक्षा प्रस्तुत की।
अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान देवरिया 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक 100 दिवसीय विशेष अभियान के रूप में संचालित है। बाल विवाह में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

लग्जरी वाहन से 90 लीटर अवैध शराब बरामद, चार अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर जनपद में अपराध एवं शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत थाना खामपार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक लग्जरी वाहन से 90 लीटर अवैध देशी शराब बरामद करते हुए चार अंतर्राज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। मौके से फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गई है।अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में थाना खामपार पुलिस द्वारा छपिया मोड़ के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। जांच के दौरान वाहन पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई, जबकि वाहन के अंदर से 10 पेटी देशी शराब (बंटी-बबली, प्रत्येक 200 एमएल) कुल 90 लीटर बरामद की गई।पुलिस ने मौके से चार अभियुक्तों—शैलेन्द्र कुमार यादव उर्फ परवेन्द्र कुमार, गुड्डू यादव उर्फ राहुल यादव, विशाल कुमार शाह तथा दीपक कुमार—को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में शैलेन्द्र कुमार यादव व गुड्डू यादव अंतर्राज्यीय शराब तस्कर हैं, जिनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश व बिहार में कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।इस संबंध में थाना खामपार पर मु0अ0सं0 009/2026 धारा 341(2) बीएनएस एवं 60/72 आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग 24 हजार रुपये बताई गई है।पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अस्थाना सहित अन्यपुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

10 मिनट डिलीवरी का अंत! ब्लिंकिट ने अचानक क्यों बदला फैसला?

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की सख्त पहल के बाद क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड प्लेटफॉर्म्स से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा पूरी तरह हटा दिया है। यह फैसला डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा, सेफ ड्राइविंग और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सरकार की सलाह के बाद कंपनियों का बड़ा कदम

हाल ही में श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सख्त डिलीवरी टाइम लिमिट डिलीवरी पार्टनर्स के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और इससे सड़क हादसों का जोखिम बढ़ता है।

बैठक के दौरान सभी कंपनियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने विज्ञापनों, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से फिक्स डिलीवरी टाइम का दावा हटाएंगी। ब्लिंकिट ने इस दिशा में तुरंत कदम उठाते हुए बदलाव लागू कर दिया है, जबकि अन्य कंपनियां भी जल्द ऐसा करने वाली हैं।

गिग वर्कर्स के विरोध के बाद बढ़ा दबाव

पिछले कुछ हफ्तों से गिग वर्कर्स यूनियनों ने अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी मॉडल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की थी। यूनियनों का कहना था कि 10–20 मिनट की डिलीवरी के दबाव में डिलीवरी पार्टनर्स को तेज रफ्तार से वाहन चलाने पड़ते हैं, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर 2025) को भी डिलीवरी वर्कर्स ने स्ट्राइक कर श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपा था। सरकार ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए कंपनियों के साथ सीधी बातचीत की।

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अब क्या बदलेगा?

अब क्विक कॉमर्स कंपनियां अपने प्रचार में फिक्स टाइम डिलीवरी कमिटमेंट नहीं दिखाएंगी। यानी यह दावा नहीं किया जाएगा कि हर हाल में 10 मिनट में ही डिलीवरी होगी। हालांकि कंपनियों का कहना है कि इससे डिलीवरी की गति पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि सेफ और स्ट्रेस-फ्री डिलीवरी सिस्टम पर फोकस रहेगा।

10 मिनट डिलीवरी का चलन कैसे शुरू हुआ?

कोरोना महामारी के दौरान जरूरी सामान की तेज डिलीवरी की मांग बढ़ी थी। शुरुआत में 30 मिनट में डिलीवरी भी बड़ी बात मानी जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह मॉडल 10 मिनट डिलीवरी तक पहुंच गया। अब सरकार के हस्तक्षेप के बाद इंडस्ट्री में वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

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नए नेतृत्व की ओर भाजपा, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव जल्द संभव

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर हलचल तेज, जल्द हो सकती है बड़ी घोषणा


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक ढांचे में एक अहम बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को पार्टी के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए गठित समिति के संयोजक के. लक्ष्मण की मौजूदगी रही। उनके साथ सह-संयोजक संबित पात्रा और नरेश बंसल ने भी सक्रिय रूप से विचार-विमर्श में हिस्सा लिया। चर्चा के केंद्र में चुनाव प्रक्रिया की औपचारिकताएं, संभावित समयसीमा और संगठन के भीतर समन्वय जैसे अहम बिंदु रहे। पार्टी का लक्ष्य है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव संविधानिक प्रावधानों के अनुरूप, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो।

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पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श पूरा होते ही आधिकारिक कार्यक्रम और प्रक्रिया की घोषणा की जा सकती है। यह चुनाव ऐसे समय पर हो रहा है, जब भाजपा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति को और धार देने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि दिसंबर में पार्टी ने बिहार से पांच बार विधायक रहे नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। इसे संगठन में युवा नेतृत्व को आगे लाने की दिशा में बड़ा संकेत माना गया। फिलहाल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई अहम चुनावी सफलताएं हासिल की हैं।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नया राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की चुनावी रणनीति, संगठनात्मक विस्तार और भविष्य की प्राथमिकताओं को नई दिशा दे सकता है। ऐसे में भाजपा मुख्यालय में चल रही यह बैठक न केवल संगठनात्मक, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुत्ते के काटने से मौत पर सरकारें होंगी जिम्मेदार

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: हर मौत पर राज्यों से भारी मुआवजा वसूला जाएगा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)भारत में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर सर्वोच्च न्यायालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की तीन-न्यायाधीशों वाली विशेष पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कुत्ते के काटने से होने वाली हर मौत के लिए संबंधित राज्य सरकारों पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा। अदालत ने माना कि इस गंभीर जनहित मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारें लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही हैं।

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सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य सरकारें “बुरी तरह असफल” रही हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दशकों से चर्चा में रहने के बावजूद समस्या का समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। पीठ ने दो टूक कहा कि बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े अनेक वीडियो सामने आ चुके हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
8 जनवरी की पिछली सुनवाई में अदालत ने कुछ याचिकाकर्ताओं और कुत्ता प्रेमियों के तर्कों को “वास्तविकता से दूर” बताया था। वहीं, महिला कुत्ता पालकों के कथित उत्पीड़न से जुड़े मामलों को न्यायालय ने कानून-व्यवस्था का विषय मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वह अपने पूर्व आदेशों के कड़े पालन को सुनिश्चित करेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत का यह रुख संकेत देता है कि आने वाले समय में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सरकारों की जवाबदेही तय होगी और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

रात के अंधेरे में बोलेरो-बाइक भिड़ंत, गांव में मातम

बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, रसड़ा-बलिया मार्ग पर दर्दनाक हादसा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।
रसड़ा–बलिया मुख्य मार्ग पर सोमवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत की यह घटना माधोपुर चीनी मिल गेट के समीप हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान माधोपुर गांव निवासी पुष्पेंद्र सिंह (40) पुत्र रणधीर सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार पुष्पेंद्र सिंह किसी जरूरी कार्य से देर रात चट्टी की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह मुख्य सड़क पार करने लगे, तभी बलिया की ओर से तेज रफ्तार में आ रही बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत की यह घटना अत्यधिक रफ्तार और लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है।

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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुष्पेंद्र सिंह उछलकर कई फीट दूर जा गिरे, जबकि उनकी बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक झोपड़ी में जा घुसी। सौभाग्यवश उस समय झोपड़ी में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

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सूचना मिलने पर रसड़ा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बोलेरो व क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। वाहन चालक की तलाश की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

कोहरे के बीच एयरस्पेस बंदी से बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें

गणतंत्र दिवस 2024: दिल्ली एयरस्पेस बंद, 600 से अधिक उड़ानें प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गणतंत्र दिवस 2024 के मद्देनज़र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऊपर हवाई क्षेत्र 21 जनवरी से छह दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इस दौरान जारी NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) के अनुसार रोज़ाना सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित रहेगा। इस फैसले का असर 600 से अधिक उड़ानों और प्रतिदिन हजारों यात्रियों पर पड़ने की संभावना है।
यह प्रतिबंध गणतंत्र दिवस परेड, फुल ड्रेस रिहर्सल और वायुसेना के फ्लाईपास्ट अभ्यास को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए लगाया गया है। कर्तव्य पथ पर होने वाले इस राष्ट्रीय आयोजन में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक झांकियां और हवाई प्रदर्शन शामिल होते हैं, जिसके लिए सुरक्षा के लिहाज से एयरस्पेस को नियंत्रित करना आवश्यक माना जाता है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार यह समय दिल्ली एयरपोर्ट के लिए बेहद व्यस्त होता है। देश और विदेश से आने वाले यात्री इसी समय यूरोप और भारत के अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ते हैं। ऐसे में उड़ानों के समय में बदलाव, विलंब और कुछ मामलों में रद्दीकरण यात्रियों के लिए अतिरिक्त तनाव का कारण बन सकता है।
स्थिति को और जटिल बना रही है सर्दियों का कोहरा। कम दृश्यता के कारण पहले से ही उड़ानें प्रभावित हो रही हैं, और सीमित ऑपरेशनल समय में बड़ी संख्या में विमानों को संभालना एयरलाइंस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि एयरलाइंस यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान, समय परिवर्तन या रिफंड जैसे विकल्प देने की कोशिश करेंगी, लेकिन अंतिम समय में समायोजन आसान नहीं होगा।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें, फ्लाइट स्टेटस की नियमित जांच करें और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें।

अमरनाथ यात्रा और पर्यटन से लौट रही है घाटी की रौनक

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिमी मोर्चे पर हालात नियंत्रण में, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अंतिम सांस पर: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय सेना के प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिमी मोर्चे और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति संवेदनशील अवश्य है, लेकिन पूरी तरह सेना के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि 10 मई को पाकिस्तानी क्षेत्र में सक्रिय नौ आतंकी संगठनों को निशाना बनाकर की गई कार्रवाई के बाद आतंकवाद के ढांचे को गहरा झटका लगा है।

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सेना प्रमुख के अनुसार, 2025 में जम्मू-कश्मीर में केवल 31 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिनमें से करीब 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे। इनमें पहलगाम हमले के तीन प्रमुख आतंकी भी शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन महादेव के तहत ढेर किया गया। जनरल द्विवेदी ने बताया कि घाटी में सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या अब एकल अंकों में सिमट गई है, जबकि आतंकी भर्ती लगभग नगण्य हो चुकी है। पूरे वर्ष 2025 में केवल दो नई भर्तियां सामने आई हैं, जो सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। विकास परियोजनाओं में तेजी, पर्यटन का पुनरुद्धार और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा इसका प्रमाण है। इस वर्ष यात्रा में 4 लाख से अधिक तीर्थयात्री शामिल हुए, जो पिछले पांच वर्षों के औसत से कहीं अधिक है। यह दर्शाता है कि क्षेत्र में आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव अब ठोस आकार ले रहा है।

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पूर्वोत्तर पर बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि म्यांमार में जारी अस्थिरता के संभावित दुष्प्रभावों से निपटने के लिए असम राइफल्स, भारतीय सेना और गृह मंत्रालय मिलकर एक बहु-एजेंसी सुरक्षा ग्रिड के तहत काम कर रहे हैं। म्यांमार में दूसरे चरण के चुनावों के सफल आयोजन के बाद क्षेत्रीय सहयोग और संवाद और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

भगवान भरोसे पंदह ब्लॉक के पशु अस्पताल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)पंदह ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पंदह, खेजुरी और पूर—इन तीनों पशु चिकित्सा केंद्रों की हालत पिछले चार वर्षों से लगातार दयनीय बनी हुई है। कोरोना काल में तैनात पशु चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद आज तक किसी स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो सकी है। नतीजतन ये अस्पताल नाम मात्र के रह गए हैं और ग्रामीण क्षेत्र के हजारों पशुपालकों को उपचार व योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक ही डॉक्टर के भरोसे पूरा ब्लॉक
वर्तमान में तीनों अस्पतालों का संचालन एक ही पशु चिकित्सक के सहारे हो रहा है।

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कार्यभार संभाल रहे चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार के अनुसार कर्मचारियों की भारी कमी के कारण सप्ताह के अलग-अलग दिनों में तीनों केंद्रों पर बैठना पड़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक अस्पताल पर नियमित सेवाएं संभव नहीं हो पातीं। पूर पशु अस्पताल सप्ताह में केवल एक दिन खुलता है, और वह भी अधिकांश पशुपालकों को जानकारी न होने से

खाली ही गुजर जाता है।
मूलभूत सेवाएं ठप, बीमार पशुओं पर संकट

पशुपालकों का कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टर न होने की वजह से टीकाकरण, डीवर्मिंग, मल्टी-विटामिन और रोगों की पहचान जैसी बुनियादी सेवाएं बंद हैं। बरसात के मौसम में फुट एंड माउथ, ब्लैक क्वॉर्टर और गलघोटू जैसी संक्रामक बीमारियों से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। इलाज के अभाव में बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
गर्भाधान योजना पूरी तरह प्रभावित
सरकार द्वारा संचालित उन्नतिशील गर्भाधान योजना भी बाधित है। पशुपालकों का कहना है कि योग्य चिकित्सक और तकनीशियन न होने के कारण कई वर्षों से कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा लगभग बंद पड़ी है। इससे दूध उत्पादन, पशुधन संवर्धन और पशुपालकों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस

स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों, जिलाधिकारी तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरकारी फाइलों में दर्ज शिकायतें वास्तविक सुधार में तब्दील नहीं हो पा रही हैं। पशुपालकों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। एंबुलेंस ही एकमात्र सहारा
चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार बताते हैं कि आपात स्थिति में केवल 1962 पशु एंबुलेंस ही सहारा बनती है, लेकिन यह सेवा भी कभी-कभी उपलब्ध न होने के कारण पशुपालकों को निजी चिकित्सकों के पास महंगे इलाज के लिए जाना पड़ता है।
निष्कर्ष कुल मिलाकर पंदह ब्लॉक के सभी पशु चिकित्सा केंद्र भगवान भरोसे चलते दिखाई देते हैं। डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्था और उपेक्षा के कारण पशुपालकों की आजीविका और पशुधन सुरक्षा दोनों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है