Monday, June 22, 2026
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डायल-112 की फुर्ती बनी जीवनरक्षक, मौत के मुंह से खींच लाई दो जिंदगियां

भीषण सड़क हादसे में पीआरवी-6278 बनी देवदूत, ‘पीआरवी ऑफ द डे’ से सम्मानित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद गोरखपुर में डायल-112 सेवा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आपात स्थितियों में यह आमजन के लिए संजीवनी की तरह काम करती है। सहजनवां थाना क्षेत्र के मगहर बाईपास पर हुए भीषण सड़क हादसे में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीआरवी-6278 की टीम ने दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की।

आमने-सामने की टक्कर से मचा हड़कंप

यह घटना 12 जनवरी 2026 की है, जब मगहर बाईपास पर एक ट्रक और टेलर के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में सवार लोग वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी।

पीआरवी-6278 ने शुरू किया तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही पीआरवी संख्या-6278 बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचते ही पीआरवी कर्मियों ने हालात का तेजी से आकलन किया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने ट्रक में फंसे दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि एक अन्य व्यक्ति को मामूली चोटें आई थीं।

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घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया

पीआरवी टीम ने घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहजनवां पहुंचाया, जहां उनका उपचार शुरू कराया गया। इसके साथ ही टीम ने घायलों के परिजनों और स्थानीय थाना पुलिस को भी तुरंत सूचना दी, जिससे विधिक कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो।

जनता ने की सराहना, यूपी-112 ने किया सम्मानित

पीआरवी टीम की संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय की स्थानीय नागरिकों ने खुले दिल से सराहना की।
इस सराहनीय कार्य को संज्ञान में लेते हुए यूपी-112 मुख्यालय, लखनऊ द्वारा पीआरवी संख्या-6278 को ‘पीआरवी ऑफ द डे’ घोषित किया गया।

उत्कृष्ट सेवा के लिए
• हेड कांस्टेबल श्याम सुन्दर चौहान (कमांडर)
• कांस्टेबल जगराम पटेल (सब-कमांडर)
• होमगार्ड गुरुदेव (पायलट)
को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

संकट की घड़ी में भरोसे का नाम – डायल-112

यह घटना न केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता और मानवीय संवेदना को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश देती है कि संकट की हर घड़ी में यूपी पुलिस आमजन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

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Sir Creek Alert: सर क्रीक में पाकिस्तान का बड़ा सैन्य जमावड़ा, असामरिक युद्ध की रणनीतिक तैयारी तेज

भारत–पाकिस्तान सीमा विवाद के बीच पाकिस्तान ने सर क्रीक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य पुनर्गठन और तैनाती शुरू कर दी है। यह इलाका सिंधु नदी के मुहाने पर स्थित एक दलदली क्षेत्र है, जिस पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।

उच्च-स्तरीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह कदम सामान्य सैन्य गतिविधि नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सोची-समझी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है, जो उसकी असामरिक (Asymmetrical) युद्ध नीति को दर्शाता है।

वायु रक्षा से लेकर नौसेना तक, व्यापक सैन्य तैनाती

सूत्रों के मुताबिक, इस सैन्य जमावड़े में

• वायु रक्षा प्रणालियां
• निगरानी रडार
• मरीन ब्रिगेड की तैनाती
• ड्रोन गतिविधियां
• और तेजी से बढ़ती नौसैनिक शक्ति
शामिल हैं।
सर क्रीक की भौगोलिक स्थिति इसे बेहद संवेदनशील बनाती है, क्योंकि यह गुजरात तट, अरब सागर और भारत के पश्चिमी नौसैनिक रूट के काफी नजदीक स्थित है।

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मकरान तट पर बहु-स्तरीय रडार और वायु-रक्षा नेटवर्क

पाकिस्तान की तैयारी का सबसे अहम पहलू है मकरान तट के साथ स्थापित घना और बहु-स्तरीय रडार नेटवर्क। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इसमें

• शॉर्ट-रेंज
• मीडियम-रेंज
• और लॉन्ग-रेंज रडार
शामिल हैं, जिनकी निगरानी क्षमता 1,000 किलोमीटर तक बताई जा रही है।

खास बात यह है कि इस नेटवर्क में अमेरिकी और चीनी तकनीक से लैस रडार शामिल हैं, जिससे पाकिस्तान को

• हवाई क्षेत्र की समय रहते निगरानी
• समुद्री गश्ती विमानों पर नजर
• मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की पहचान
में मदद मिलती है।
सूत्रों का मानना है कि इन रडारों के साथ सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAMs) भी तैनात की जा सकती हैं, जिससे यह इलाका एरिया-डिनायल ज़ोन में तब्दील हो सकता है।

नई मरीन ब्रिगेड और बढ़ती ड्रोन गतिविधियां

पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में करीब 3,000 सैनिकों वाली एक नई मरीन ब्रिगेड भी तैयार की है। सर क्रीक का दलदली और नदी-नालों वाला भूभाग पारंपरिक युद्ध की तुलना में असामरिक और हाइब्रिड युद्ध के लिए ज्यादा अनुकूल माना जाता है।

इसके साथ ही इलाके में ड्रोन गतिविधियां देखी गई हैं, जो संकेत देती हैं कि पाकिस्तान कम लागत में खुफिया जानकारी जुटाने और लक्ष्यों की पहचान पर जोर दे रहा है।

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पनडुब्बी शक्ति में इजाफा, नौसेना को मिल रही धार

पाकिस्तान अपनी नौसैनिक क्षमता को भी तेजी से मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026 तक दो या तीन हैंगर-क्लास पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की जा सकती हैं। ये कुल 8 पनडुब्बियों की परियोजना का हिस्सा हैं, जिनमें से कुछ चीन में और कुछ कराची में निर्मित हो रही हैं।

इन पनडुब्बियों की प्रमुख विशेषताएं:

• एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक
• लगभग 2,800 टन वजन
• लंबे समय तक पानी के भीतर रहने की क्षमता
• बेहतर गोपनीयता और अधिक मारक क्षमता

AIP तकनीक पनडुब्बियों को बिना सतह पर आए लंबे समय तक ऑपरेशन करने में सक्षम बनाती है। उल्लेखनीय है कि भारत भी जर्मनी के साथ मिलकर ऐसी ही उन्नत पनडुब्बियां विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।

बहराइच: सशस्त्र सीमा बल द्वारा लोहड़ी पर्व का उल्लासपूर्ण आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा परिसर

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नानपारा स्थित 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के मुख्यालय परिसर में लोहड़ी पर्व का भव्य एवं उल्लासपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाहिनी के सभी कार्मिकों, उनके परिवारजनों और संदीक्षा सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लेकर आयोजन को यादगार बना दिया।

मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी शोभा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगा सिंह उदावत, कमांडेंट 42वीं वाहिनी रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरणादायी संबोधन ने बल के कार्मिकों का मनोबल और अधिक मजबूत किया।
पूरे परिसर को आकर्षक सजावट, पारंपरिक रूप से सुसज्जित ग्राउंड, सेल्फी प्वाइंट्स और लोक-संगीत की मधुर धुनों से सजाया गया था, जिससे वातावरण उल्लास, उमंग और पारिवारिक सौहार्द से सराबोर हो गया।

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लोहड़ी एकता और नवप्रभात का प्रतीक: मुख्य अतिथि

मुख्य अतिथि गंगा सिंह उदावत ने अपने संबोधन में कहा कि
“लोहड़ी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह एकता, परंपरा, आशा और नवप्रभात का प्रतीक है। अग्नि की लौ के साथ यह पर्व हृदयों में विश्वास और उल्लास का संचार करता है।”

आयोजन को सफल बनाने में सामूहिक प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान पंकज कुमार ठाकुर, द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट, 59वीं वाहिनी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए वाहिनी कार्मिकों और संदीक्षा सदस्यों के सामूहिक एवं अथक प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने लोहड़ी पर्व से जुड़े उत्साह, उमंग और विश्वास को बल की निरंतर प्रगति और संगठनात्मक एकजुटता का आधार बनाने का आह्वान किया।

आपसी सामंजस्य और सांस्कृतिक विरासत को मिला बल

यह आयोजन सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों और उनके परिवारों के बीच आपसी सामंजस्य, सांस्कृतिक विरासत और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

बहराइच: असहाय और निराश्रित लोगों को वितरित किए गए कंबल, खिचड़ी भोज कार्यक्रम का आयोजन

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड नवाबगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत रहीम नगर धोबाही के प्राथमिक विद्यालय परिसर में खिचड़ी भोज एवं कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान गरीब, असहाय और निराश्रित लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अक्षय वर लाल गौड़ रहे। उन्होंने सामूहिक खिचड़ी भोज से पहले सरकार की योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए।

पूर्व सांसद अक्षय वर लाल गौड़ का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद अक्षय वर लाल गौड़ ने कहा कि
“गरीब और असहाय लोगों की मदद करने से मनुष्य के जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति होती है। ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।”

सरकारी योजना का उद्देश्य: जरूरतमंदों को राहत

कार्यक्रम में मौजूद एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी ने कहा कि कंबल वितरण का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को ठंड से राहत प्रदान करना है। यह एक सरकारी योजना के तहत संचालित कार्यक्रम है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को सहायता मिल सके।

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सामाजिक समरसता का प्रतीक बना खिचड़ी भोज

ग्राम प्रधान अतुल कुमार सिंह ने कहा कि
“समरसता भोज से समाज में फैला भेदभाव खत्म होता है। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं तथा गरीबों को संबल प्रदान करते हैं।”

उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक अखंडता को मजबूत करते हैं और नियमित रूप से होने चाहिए।

भाजपा नेताओं ने बताया परोपकार का महत्व

भाजपा जिला कार्य समिति के सदस्य बेचे लाल जायसवाल ने कहा कि
“सच्चा मनुष्य वही है जो दूसरों के काम आए। परोपकार ऐसा गुण है, जिससे जीवन में सुख और संतोष की प्राप्ति होती है।”
कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य पिंटू गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में राजस्व विभाग से तहसीलदार रवि रविकांत द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य संदीप जायसवाल, राजस्व निरीक्षक मिश्री लाल पाल, लेखपाल लल्लू प्रसाद, दिग्विजय यादव, कुलदीप वर्मा, सहित दुर्गेश सिंह, मनीष वर्मा, उपेंद्र यादव, मनीष बरनवाल, अतुल वर्मा मौजूद रहे।
वहीं भाजपा की ओर से जिला उपाध्यक्ष रणविजय सिंह, मंडल अध्यक्ष बलवंत सिंह, आनंद जायसवाल समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Punjab Bomb Threat: अमृतसर और मोगा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

पंजाब (राष्ट्र की परम्परा)। बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अमृतसर के कई सरकारी स्कूलों और मोगा के दो निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और स्कूल परिसरों को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

मोगा में दो निजी स्कूलों को ई-मेल से बम धमकी

मोगा जिले में बुधवार सुबह डीएन मॉडल स्कूल, कोट ईसेखां और कैम्ब्रिज स्कूल को सुबह 8:36 बजे ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।

सुरक्षा के मद्देनजर दोनों स्कूलों को खाली कराया गया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर स्कूल परिसरों की गहन तलाशी शुरू की गई।

20 दिन बाद खुले थे स्कूल, अभिभावकों में दहशत

गौरतलब है कि मोगा में करीब 20 दिन बाद आज ही स्कूल खुले थे, जिस कारण बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे थे। अचानक मिली धमकी के बाद अभिभावकों को तुरंत सूचित किया गया और सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया।
फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस की तलाशी और जांच जारी है।

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अमृतसर में सरकारी स्कूलों को खालिस्तान समर्थक धमकी

अमृतसर में छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन खालिस्तान समर्थक संगठनों की ओर से ई-मेल के जरिए बम धमकी भेजी गई। यह धमकी मेहरबानपुरा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त हुई।
ई-मेल में स्कूल को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई, साथ ही राष्ट्रगान गान पर रोक लगाने और गुरु गोबिंद सिंह का जंगी ऐलान पढ़ने की मांग भी की गई।

स्कूल खाली, बम निरोधक दस्ता तैनात

धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस और जिला प्रशासन को सूचित किया। एहतियातन स्कूल परिसर को खाली कराया गया और विद्यार्थियों को सुरक्षित घर भेज दिया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और साइबर सेल मौके पर पहुंचे। स्कूल भवन, कक्षाओं और आसपास के इलाकों की गहन जांच की गई, लेकिन अब तक कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

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पुराने मामलों से जोड़कर जांच, सुरक्षा कड़ी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी अमृतसर के कई स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। उन मामलों की जांच पहले से चल रही है और मौजूदा धमकियों को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस अब ई-मेल के तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकियां एक ही स्रोत से भेजी गई हैं या नहीं। फिलहाल जिले के सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मामले की जांच जारी है।

Thailand Train Accident: हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की क्रेन गिरने से बड़ा हादसा, 19 की मौत, 80 घायल

थाईलैंड (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वोत्तर थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भीषण रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक यात्री ट्रेन उस समय पटरी से उतर गई, जब एक निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेल परियोजना की भारी क्रेन ट्रेन की तीन बोगियों पर गिर पड़ी। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 80 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कुछ शव फंसे होने की आशंका है।

कहां और कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा नाखोन राचासीमा प्रांत के सिखियो जिले में हुआ, जो राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन बैंकॉक से उबोन राचाथानी की ओर जा रही थी।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन घटनास्थल से गुजर रही थी, उसी दौरान ऊपर बन रही एलिवेटेड हाई-स्पीड रेल लाइन की क्रेन अचानक ढह गई और सीधे ट्रेन की तीन बोगियों पर गिर पड़ी। जोरदार टक्कर के बाद ट्रेन पटरी से उतर गई और कुछ समय के लिए आग भी लग गई।

मलबे में फंसे शव, रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा

स्थानीय पुलिस अधिकारी कर्नल थाचापोन चिननावोंग ने बताया कि अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन कुछ शव अब भी बोगियों के अंदर फंसे हुए हैं।

क्रेन के और हिलने की आशंका के कारण बचाव दल को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा, क्योंकि स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। रेस्क्यू टीमें भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम बेहद सावधानी से किया जा रहा है।

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195 यात्री थे सवार, दो बोगियों में सबसे ज्यादा तबाही

थाईलैंड के परिवहन मंत्री फिफात राचकिटप्रकार्न ने बताया कि ट्रेन में कुल 195 यात्री सवार थे। जिन यात्रियों की मौत हुई, वे मुख्य रूप से उन दो बोगियों में थे, जिन पर क्रेन सीधे गिरी थी।
मंत्री ने हादसे की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाई-स्पीड रेल परियोजना की सुरक्षा पर उठे सवाल

जिस क्रेन के गिरने से यह हादसा हुआ, वह निर्माणाधीन एलिवेटेड हाई-स्पीड रेल लाइन के काम में लगी थी, जो मौजूदा रेलवे ट्रैक के ऊपर बनाई जा रही थी।

थाईलैंड में कई हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, लेकिन इस भीषण हादसे ने निर्माण सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Iran Protest Crisis: ईरान में 2,571 मौतें, ट्रंप की खुली चेतावनी—‘प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है’

ईरान में 28 दिसंबर से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 2,571 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ स्वतंत्र रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 2,500 से ज्यादा बताया जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अमेरिका स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

इंटरनेट बंद, सीमित संपर्क, आंशिक राहत

विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सरकार ने कुछ पाबंदियों में आंशिक ढील दी है, जिसके बाद कई दिनों बाद नागरिक विदेश में फोन कॉल कर पा रहे हैं। हालांकि, इंटरनेट और SMS सेवाएं अब भी बंद हैं, जिससे देश के भीतर और बाहर संपर्क बेहद सीमित बना हुआ है।

HRANA का दावा: मौतों का आंकड़ा 2,571 तक पहुंचा

अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। वहीं, ईरानी सरकारी टीवी ने भी स्वीकार किया है कि देश को भारी नुकसान हुआ है।

ईरान के Martyrs Foundation के प्रमुख अहमद मौसवी ने सशस्त्र और आतंकवादी समूहों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई हैं।

ट्रंप का ईरानियों से खुला संदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरानियों से प्रदर्शन तेज़ करने की अपील की। उन्होंने लिखा:
“ईरानी लोग प्रदर्शन जारी रखें, अपने संस्थानों पर कब्जा करें। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखें, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी। जब तक हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। मदद रास्ते में है।”

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‘मानवता दिखाए ईरानी सरकार’: ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि ईरान में हालात बेहद गंभीर हैं।

उन्होंने कहा,
“वे बहुत बुरी तरह से गलत व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें मानवता दिखानी चाहिए। यह एक बहुत बड़ी समस्या है।”
ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है।

ईरान का पलटवार, अमेरिका पर आरोप

ईरान ने ट्रंप पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर युवाओं की मौत के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।

फांसी की खबरों पर ट्रंप की चेतावनी

CBS News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका “बहुत कड़ी कार्रवाई” करेगा। इसके जवाब में ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप का बहाना तलाश रहा है।

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यूरोप और ब्रिटेन का सख्त रुख

ईरान में हिंसा और इंटरनेट बंदी को लेकर कई यूरोपीय देशों ने ईरानी राजदूतों को तलब किया है।
फिनलैंड ने इंटरनेट बंदी को “खामोशी में दमन” बताया
फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड ने हिंसा को अमानवीय करार दिया
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की
EU प्रमुख उर्सुला वॉन डर लेयेन ने कहा कि ईरान में बढ़ती मौतें “भयावह” हैं।

संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान से अपील की कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा तुरंत बंद करे और उन्हें आतंकवादी कहना बंद करे। उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए।

शरद पवार–अजित पवार की नजदीकी पर सियासी हलचल तेज

नगर निकाय चुनावों में सियासी संकेत: फडणवीस बोले— एनसीपी के दोनों गुटों के साथ आने से इनकार नहीं


मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार और अजित पवार गुटों के भविष्य में एक साथ आने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगमों में दोनों गुटों के बीच मौजूदा तालमेल को केवल स्थानीय और सीमित व्यवस्था करार दिया है।

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15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों के प्रचार के अंतिम दिन पुणे में मीडिया से बातचीत करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि एनसीपी के दोनों धड़े ने औपचारिक रूप से कोई विलय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कुछ नगर निगमों में साथ चुनाव लड़ना यह दर्शाता है कि दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों को एकजुट रखने का प्रयास कर रहे हैं, न कि यह किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि महायुति गठबंधन के दलों के बीच यह सहमति बनी थी कि चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचा जाएगा। इसी संदर्भ में उन्होंने पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) को लेकर अजित पवार द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उपमुख्यमंत्री ने “सौहार्दपूर्ण मुकाबले” की भावना का पालन नहीं किया।

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दूसरी ओर, पुणे जिले के पालक मंत्री अजित पवार ने स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए टैंकर माफिया और पीसीएमसी में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि निगम के विभिन्न विभागों पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं और लागत बढ़ोतरी के कई उदाहरण सामने आए हैं, जिससे आम नागरिकों में नाराजगी है।

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इन बयानों के बीच यह साफ है कि नगर निकाय चुनाव केवल स्थानीय सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति के संकेत भी दे रहे हैं।

सामुदायिक शौचालय के पास महिला का शव मिलने से महराजगंज में सनसनी, चोटों के निशान से हत्या की आशंका

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सामुदायिक शौचालय के पास महिला का शव मिलने की सूचना सामने आई। अधेड़ उम्र की महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया, जिस पर कई स्थानों पर गंभीर चोटों के निशान देखे गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर–महराजगंज मुख्य मार्ग के किनारे स्थित सामुदायिक शौचालय के पास सुबह टहलने निकले ग्रामीणों की नजर महिला के शव पर पड़ी। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सामुदायिक शौचालय के पास महिला का शव कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

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मृतका के गले में लाल रंग का धागा बंधा हुआ था, जिसमें दो चाबियां और एक काला धागा भी पाया गया। महिला के दाहिने पैर का अंगूठा कटा हुआ था, जबकि ललाट पर गहरी चोट और बाएं हाथ पर खरोंच के निशान मौजूद थे। इन चोटों को देखकर स्थानीय लोगों में हत्या की आशंका जताई जा रही है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि महिला के साथ पहले मारपीट की गई, उसके बाद उसकी मौत हुई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के थानों को सूचना देकर लापता महिलाओं की जानकारी खंगाल रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से भी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सामुदायिक शौचालय के पास महिला का शव मिलने की गुत्थी सुलझाई जा सके।
इस मामले में थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा। पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है।
फिलहाल इस रहस्यमय घटना ने क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि सामुदायिक शौचालय के पास महिला का शव आखिर किन परिस्थितियों में मिला और इसके पीछे सच्चाई क्या है।

पोंगल के मंच से पीएम मोदी का संदेश: प्रकृति संरक्षण ही भावी पीढ़ियों की असली पूंजी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पोंगल पर्व से जुड़े एक विशेष कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर देश को स्पष्ट और दूरदर्शी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की रक्षा, जल संरक्षण और संसाधनों का संतुलन केवल पर्यावरणीय मुद्दे नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े राष्ट्रीय दायित्व हैं।
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता को जीवनशैली में ढालने की प्रेरणा है। जब धरती हमें निरंतर देती है, तो उसका संरक्षण हमारा नैतिक कर्तव्य बन जाता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम और अमृत सरोवर जैसी पहलें इसी सोच को जन-आंदोलन में बदल रही हैं। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जा रहा है।

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टिकाऊ कृषि और जल प्रबंधन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने “पहली बूंद, अधिक फसल” के मंत्र के तहत प्रभावी जल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, कृषि प्रौद्योगिकी और मूल्यवर्धन को भविष्य की कृषि की रीढ़ बताया।
युवाओं की भागीदारी से बदलेगी खेती की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने तमिलनाडु में प्राकृतिक खेती पर हुए सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि कई युवाओं ने बेहतर भविष्य के लिए उच्च वेतन वाली नौकरियां छोड़कर खेती को अपनाया है, जो भारत के कृषि भविष्य के लिए शुभ संकेत है।

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पीएम ने मनाया पोंगल तमिल सभ्यता से भारत को दिशा
पीएम मोदी ने तमिल सभ्यता को विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक बताते हुए कहा कि यह संस्कृति इतिहास से सीख लेकर वर्तमान का मार्गदर्शन और भविष्य का निर्माण करती है। आज का भारत भी अपनी जड़ों से शक्ति लेकर नई संभावनाओं की ओर अग्रसर है।

मुजफ्फरपुर में आंगनबाड़ी सेविका से 47 हजार की झपटमारी, बाइक सवार बदमाश फरार

मुजफ्फरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के मनियारी थाना क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े हुई झपटमारी की वारदात ने एक बार फिर आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय हाट के समीप टेंपो से उतर रही आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका को बाइक सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया और उनका बैग छीनकर काजीइंडा हाइवे की ओर फरार हो गए।

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पीड़िता की पहचान भगवानपुर हाट निवासी रंजना देवी के रूप में हुई है। वह इंडियन बैंक की माधोपुर शाखा से रुपये निकालकर ऑटो से घर लौट रही थीं। जैसे ही वह मनियारी पेठिया के पास टेंपो से उतरीं, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उनके हाथ से बैग झपट लिया। अचानक हुई इस घटना से वह कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही बदमाश तेज रफ्तार बाइक से फरार हो चुके थे।

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बैग में कुल 47 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेज थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीछा किया और कुछ ही समय में पीड़िता का मोबाइल व बैग बरामद कर लिया, लेकिन नकदी अब तक बरामद नहीं हो सकी है।
पीड़िता ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि छीनी गई राशि में से 27 हजार रुपये सरकारी मद के थे, जिसमें पोषाहार, गैस सिलेंडर, अन्नप्राशन, गोदभराई और अंडा मद की रकम शामिल थी। शेष 20 हजार रुपये निजी खर्च के लिए निकाले गए थे। यह राशि उन्होंने दो अलग-अलग बैंक खातों से निकाली थी।

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मनियारी थानाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बदमाशों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

दही चूड़ा भोज मंच पर लालू–तेज प्रताप, तेजस्वी की गैरहाजिरी बनी चर्चा

लालू-तेज प्रताप की सियासी मुस्कान, दही-चूड़ा भोज में दिखा नया राजनीतिक संदेश


पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में पहुंचना बिहार की राजनीति में खास चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम स्थल के गेट पर खुद तेज प्रताप यादव ने पिता का स्वागत किया। मंच पर लालू प्रसाद बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ बैठे नजर आए, वहीं तेज प्रताप यादव अपने पिता के साथ एक ही सोफे पर बैठे दिखे। यह दृश्य सियासी गलियारों में कई तरह के संदेश दे गया।

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मंगलवार रात तेज प्रताप यादव ने लालू परिवार को इस भोज का न्योता दिया था। बुधवार को लालू प्रसाद तो पहुंचे, लेकिन छोटे भाई तेजस्वी यादव और मां राबड़ी देवी की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। इसके बावजूद लालू प्रसाद की मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह कार्यक्रम केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक संपर्क का मंच भी बना।
दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप यादव के मामा साधु यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस, राजद नेता प्रभुनाथ यादव सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। खास बात यह रही कि तेज प्रताप यादव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों के नेताओं को निमंत्रण दिया था। ऐसे में यह देखना दिलचस्प रहा कि कौन-कौन से नेता इस भोज में शिरकत करते हैं।
कार्यक्रम से पहले तेज प्रताप यादव ने TY Vlog के जरिए तैयारियों की झलक भी साझा की थी। चूड़ा-दही, तिल, तिलकुट के साथ टेंट, कुर्सियों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया था। सुबह से ही मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जिसने इस आयोजन को और खास बना दिया।

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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह भोज केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें रिश्तों, संदेशों और संभावित समीकरणों की झलक भी दिखी—जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

लापता बच्चों की सुरक्षित बरामदगी में पुलिस, मीडिया और समाज की संयुक्त जीत

चितरपुर पहाड़ियों से सकुशल मिले मासूम: 13 दिन बाद रजरप्पा पुलिस को बड़ी सफलता

रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)रजरप्पा पुलिस ने एक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 13वें दिन चितरपुर के पहाड़ी इलाके से पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों मासूम 2 जनवरी से रांची के धुर्वा क्षेत्र से लापता थे। इस दौरान बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और एक पुरुष को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिन्हें पूछताछ के लिए रामगढ़ एसपी कार्यालय भेजा गया है।

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मासूमों के सुरक्षित मिलने की खबर से न सिर्फ परिजनों बल्कि पूरे इलाके में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। मंगलवार रात बच्चों के चितरपुर क्षेत्र में देखे जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय युवाओं ने साहस और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मोर्चा संभाल लिया। डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार ने रातभर पहाड़ी और जंगलनुमा इलाकों में खोजबीन और गश्ती की।

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बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे पहाड़ी क्षेत्र में दोनों बच्चे बैठे हुए मिले। युवाओं ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रजरप्पा थाना की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इस पूरे अभियान में एक समाचार पत्र की व एसआईटी टीम की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। 8 जनवरी से पत्रकारों ने लगातार जमीनी स्तर पर प्रयास करते हुए सुराग जुटाए और प्रशासन तक सूचनाएं पहुंचाईं।
यह मामला न केवल पुलिस और मीडिया की सक्रियता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

आग तापते समय महिला झुलसी, हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। ठंड से बचने के लिए आग ताप रही एक महिला अचानक हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पकड़ी लाला निवासी चंदा देवी (37) पत्नी प्रमोद कुमार बुधवार सुबह नहाने के बाद पूजा कर रही थीं। इसके बाद ठंड अधिक होने के कारण वह घर के अंदर आग तापने लगीं। इसी दौरान उनका कपड़ा आग की चपेट में आ गया और देखते ही देखते कपड़ों में आग लग गई। जब तक परिजन आग बुझाते, तब तक महिला बुरी तरह झुलस चुकी थी।

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आग से झुलसने के कारण महिला के शरीर के कई हिस्से गंभीर रूप से जल गए। परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत सीएचसी सलेमपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया और गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि आग तापते समय कपड़ों में आग लगने से महिला झुलस गई है। उपचार के लिए उन्हें देवरिया रेफर किया गया है।

सुबह-सुबह सांसद के घर आग से मचा हड़कंप, जांच जारी

🔥 बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद के आवास में आग, समय रहते टली बड़ी अनहोनी


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली से एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रवि शंकर प्रसाद के सरकारी आवास में बुधवार सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना 14 जनवरी की सुबह लगभग 8:05 बजे की बताई जा रही है, जब दिल्ली फायर सर्विस को आग की सूचना प्राप्त हुई।

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सूचना मिलते ही दिल्ली फायर ब्रिगेड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन दमकल वाहनों को तत्काल मौके पर रवाना किया। फायर ब्रिगेड की मुस्तैद टीम ने करीब 25 मिनट के भीतर, सुबह 8:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अधिकारियों की तत्परता के चलते एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया।
फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, आग घर के एक कमरे में रखे बेड और उससे जुड़े सामान तक सीमित थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही सांसद या उनके परिवार के किसी सदस्य को कोई चोट पहुंची। आग सीमित क्षेत्र में रहने से संपत्ति को भी बड़े नुकसान से बचा लिया गया।

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हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर विस्तृत जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खराबी या अन्य तकनीकी कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और पूरे इलाके में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर शहरी आवासों में अग्नि सुरक्षा उपायों की अहमियत को रेखांकित किया है।