Monday, June 22, 2026
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छद्म राष्ट्रवाद बनाम सच्चाई: भाजपा की दोहरी राजनीति पर सपा युवा नेता का हमला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।समाजवादी पार्टी के युवा नेता दिव्यांश श्रीवास्तव ने भाजपा की राष्ट्रवाद की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “छद्म राष्ट्रवाद” करार दिया है। उन्होंने कहा कि हालिया रिपोर्टिंग ने भाजपा के उस दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है, जिसमें सत्ता के हित में राष्ट्रवाद की परिभाषा बदली जाती है और विपक्ष को बदनाम करने के लिए उसी राष्ट्रवाद को हथियार बना लिया जाता है।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि जब केंद्र की सत्ता चीन सहित अन्य देशों से राजनीतिक या आर्थिक समझौते करती है, तो उसे कूटनीति का नाम दिया जाता है, लेकिन वही नीति यदि विपक्ष अपनाए तो उसे देशद्रोह कहकर जनता के सामने पेश किया जाता है। यह विरोधाभास भाजपा की मंशा और मानसिकता को साफ तौर पर उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए देशभक्ति कोई नैतिक मूल्य नहीं, बल्कि सत्ता को बचाए रखने और सवाल पूछने वालों को डराने का जरिया बन चुकी है। “राष्ट्रहित” शब्द का इस्तेमाल केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी सच्चाई इससे कोसों दूर है।

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सपा नेता ने कहा कि स्वदेशी की बात करने वाली सरकार आज स्वयं विदेशी प्रभाव और पूंजी के दबाव में काम कर रही है। इससे पार्टी के अपने कार्यकर्ता और समर्थक भी भ्रम और असंतोष की स्थिति में हैं। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताया।
दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा देशभक्ति का चोला पहन लेती है और विपक्ष की निष्ठा पर सवाल खड़े करती है। यह वही राजनीति है, जिसे आम बोलचाल में “रंगे सियार” की संज्ञा दी जाती है—जो बाहर से कुछ और, भीतर से कुछ और होती है।

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उन्होंने दावा किया कि अब जनता पहले से अधिक जागरूक है और सत्ता के अहंकार में डूबे लोगों की सच्चाई को समझने लगी है। लोकतंत्र में सवाल पूछना देशद्रोह नहीं, बल्कि नागरिक का अधिकार है। राष्ट्रहित का फैसला भाषणों से नहीं, बल्कि ईमानदार नीतियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली से होता है।
सपा नेता ने कहा कि आने वाले समय में जनता इस दोहरी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

ऑपरेशन कन्विक्शन से बढ़ी सजा की दर, गंभीर अपराधों में अपराधियों पर कसा शिकंजा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। थाना सलेमपुर क्षेत्र में पंजीकृत दहेज हत्या के मामले में प्रभावी विवेचना और सशक्त न्यायिक पैरवी के परिणामस्वरूप दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मु0अ0सं0-54/2022, धारा 302 भादवि, 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम एवं 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियुक्त जयगोविन्द यादव पुत्र उमालाल यादव, निवासी धनौती राय, थाना सलेमपुर को माननीय न्यायालय द्वारा 14 जनवरी 2026 को सश्रम आजीवन कारावास एवं 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
इस मामले में पुलिस की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति ने निर्णायक भूमिका निभाई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हरेंद्र निषाद ने सशक्त तर्क रखे। साथ ही कोर्ट मुहर्रिर कांस्टेबल सौरभ त्रिपाठी, पैरवीकार आरक्षी बृजेश कुमार तथा मॉनिटरिंग सेल प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित कर अपराधियों में कानून का भय और समाज में विश्वास मजबूत किया जा रहा है।

‘Toxic’ टीज़र विवाद: यश संग रोमांटिक सीन पर ट्रोल हुईं एक्ट्रेस, इंस्टाग्राम अकाउंट किया डिलीट

साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का टीज़र सोशल मीडिया पर विवादों में

मनोरंजन (राष्ट्र की परम्परा)। साउथ सुपरस्टार यश की अपकमिंग फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ का टीज़र रिलीज होते ही विवादों में घिर गया है। टीज़र में दिखाए गए रोमांटिक और इंटीमेट सीन को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस छिड़ गई है।

टीज़र के एक वायरल सीन में कब्रिस्तान के बाहर कार के अंदर यश को एक मॉडल के साथ रोमांटिक अंदाज में दिखाया गया है। इस सीन में नजर आने वाली मॉडल और एक्ट्रेस Beatriz Taufenbach हैं, जो ब्राजील की जानी-मानी मॉडल व अभिनेत्री बताई जा रही हैं।

सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार हुईं Beatriz Taufenbach

टीज़र के सामने आने के बाद Beatriz Taufenbach को लेकर गूगल और सोशल मीडिया पर सर्च तेजी से बढ़ गया। इंटीमेट सीन को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किया जाने लगा और कई तरह के कमेंट्स का सामना करना पड़ा।

विवाद और ट्रोलिंग के बीच Beatriz ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया है। फिलहाल इंस्टाग्राम पर उनका नाम सर्च करने पर “Profile not available” का मैसेज दिखाई दे रहा है।

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टीज़र पर जारी है विवाद

फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीज़र जहां एक ओर यश के नए और डार्क अवतार को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर कुछ दर्शक इसके कंटेंट को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। अब देखना होगा कि मेकर्स इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

ठेकेदार और विभागीय उदासीनता से बढ़ी जल संकट की चिंता

लापरवाही की कीमत: सड़क पर बहा पीने का अनमोल पानी, हजारों लीटर की बर्बादी से उठे सवाल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।एक तरफ प्रशासन जल संरक्षण को लेकर आम जनता से लगातार जागरूकता की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विकास कार्यों में बरती जा रही गंभीर लापरवाही से पीने योग्य पानी सड़कों पर बहता नजर आ रहा है। देवरिया शहर में विद्युत पोल और तारों के नवीनीकरण कार्य के दौरान ठेके पर काम कर रही एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल बर्बाद हो गया।

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जानकारी के अनुसार, भीखमपुर रोड स्थित केनरा बैंक के पास चल रहे खुदाई कार्य के दौरान कर्मचारियों ने बिना समुचित तकनीकी सावधानी के गड्ढा खोद दिया। इसी दौरान जलकल विभाग की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप फटते ही तेज दबाव के साथ पानी सड़क पर फैल गया, जिससे कुछ ही समय में आसपास के इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पानी काफी देर तक यूं ही बहता रहा, लेकिन न तो संबंधित कार्यदायी एजेंसी ने तत्काल सुधार की कोशिश की और न ही जलकल विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई देखने को मिली। इस लापरवाही के चलते हजारों लीटर पीने योग्य पानी बर्बाद हो गया, जबकि शहर के कई मोहल्लों में लोग नियमित जलापूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं।

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स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन एक ओर जल संरक्षण को लेकर नियम-कानून और अपील करता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी ठेकेदारों की लापरवाही पर आंख मूंद लेता है। लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन दोषी एजेंसियों पर न तो जुर्माना लगाया जाता है और न ही कोई सख्त कार्रवाई होती है।
नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत कर दी जाती और जिम्मेदार एजेंसी पर आर्थिक दंड लगाया जाता, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकती थी। जल संकट के इस दौर में पीने के पानी की इस तरह की बर्बादी न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि जल संरक्षण अभियान की गंभीरता पर भी सवाल खड़े करती है।

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यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जल संरक्षण सिर्फ आम जनता की जिम्मेदारी है या फिर प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं की भी समान जवाबदेही तय होनी चाहिए। जब तक लापरवाही पर सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक अनमोल जल यूं ही सड़कों पर बहता रहेगा।

कृषि विभाग की अपील: समय पर प्रबंधन से बचाएं रबी फसलों की उपज

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में रबी फसलों को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग ने किसानों से नियमित निगरानी और समय पर प्रबंधन अपनाने की अपील की है। उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) श्री राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण गेहूं, सरसों, चना, मटर, मसूर, आलू एवं गन्ना जैसी प्रमुख रबी फसलों में खरपतवार, माहू, फली भेदक कीट एवं फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि गेहूं में खरपतवार नियंत्रण हेतु 20–25 दिन के भीतर निराई-गुड़ाई एवं अनुशंसित खरपतवारनाशी का प्रयोग आवश्यक है। सरसों में माहू से बचाव के लिए पीले चिपचिपे जाल और समय पर कीटनाशी छिड़काव लाभकारी रहेगा। चना एवं मटर में फली भेदक कीट से बचाव के लिए ट्रैप क्रॉप, एनपीवी तथा आवश्यकता अनुसार रासायनिक नियंत्रण अपनाने की सलाह दी गई है।
जनपद में राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPS) के माध्यम से कीट-रोगों की सघन निगरानी की जा रही है। किसान मोबाइल ऐप के जरिए विशेषज्ञों से तुरंत सलाह प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही किसान हेल्पलाइन 9452247111 पर फसल की फोटो भेजकर 48 घंटे के भीतर समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

आगरा: उद्योग स्थापना व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ग्राम हुल्सा में विशेष शिविर

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)जनपद की तहसील एत्मादपुर अंतर्गत ग्राम हुल्सा, ग्राम पंचायत अयेला में 17 जनवरी 2026 (शनिवार) को एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा विपणन विकास सहायता योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा युवाओं को विभागीय जनकल्याणकारी व रोजगारपरक योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी नीतू यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार जनपद आगरा की सभी छह तहसीलों में क्रमवार जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने हैं। इसी क्रम में एत्मादपुर तहसील के ग्राम हुल्सा में यह शिविर प्रस्तावित है।
जागरूकता शिविर में खादी ग्रामोद्योग से जुड़ी योजनाओं, ऋण सुविधा, अनुदान, प्रशिक्षण, विपणन सहायता तथा उद्योग स्थापना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रतिभागियों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।
तहसील के समस्त शिक्षित युवक-युवतियों एवं स्वरोजगार में रुचि रखने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर विभागीय वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठाएं।

पूर्व सैनिकों के योगदान को किया गया नमन

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)देश की रक्षा में समर्पित पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों के सम्मान में 14 जनवरी 2026 को जनपद कुशीनगर में आर्म्ड फोर्स वेटरन्स डे का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विंग कमांडर आलोक सक्सेना (अप्रा/जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी) तथा अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र ने की।
इस अवसर पर वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और पदक विजेता पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में शहीद श्रीधर मिश्रा की पत्नीसीमा मिश्रा, स्वर्गीय अतुल कुमार शाही की माता प्रभावती देवी, शहीद श्याम शरण पाण्डेय की पत्नी देवा देवी, सिपाही संतोष यादव की पत्नी धर्मशिला देवी तथा पदक विजेता शम्भू नाथ यादव शामिल रहे।
इसके साथ ही लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार के पिता श्री सत्य प्रकाश जायसवाल सहित जनपद के वरिष्ठ पूर्व सैनिक कैप्टन एल.बी. त्रिपाठी, कैप्टन नागेन्द्र पाण्डेय, कैप्टन डी.एस. पाण्डेय, कैप्टन शमशुद्दीन, सूबेदार हरेंद्र राय, हवलदार अनिल सिंह एवं हवलदार एस.पी. गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व सैनिक और वीर नारी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका सम्मान करना समाज का कर्तव्य है। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों एवं स्टाफ के सहयोग से संपन्न हुआ।

नेताजी जयंती पर मऊ में आपदा प्रबंधन का अभ्यास

मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को जनपद मऊ में ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह मॉकड्रिल प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ आयोजित की जा रही है। तैयारी को लेकर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, नगर पालिका, अग्निशमन, परिवहन, आपात सेवा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 23 जनवरी को सायं 6 बजे से ब्लैकआउट मॉकड्रिल प्रारंभ होगी। इस दौरान चयनित क्षेत्रों में पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। विद्युत आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, इन्वर्टर, मोबाइल टॉर्च सहित सभी प्रकार की रोशनी बंद रखी जाएगी। ठीक 6 बजे चेतावनी सायरन बजेगा, जिसके साथ मॉकड्रिल की कार्रवाई शुरू होगी।
मॉकड्रिल के दौरान नागरिकों को हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों से बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार, आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंगुशर और फायर टेंडर के उपयोग, तथा सुरक्षित शेल्टर में लोगों को पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। मॉकड्रिल समाप्त होने पर “ऑल क्लियर” सायरन बजाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा कभी भी आ सकती है, इसलिए जनसामान्य को जागरूक और प्रशिक्षित करना बेहद जरूरी है। सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ मॉकड्रिल को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कैंटीन में बिकता धीमा जहर-दीप्ति

मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा)
आजकल दोनों माता-पिता वर्किंग हैं। सुबह का समय इतना व्यस्त होता है कि टिफ़िन तैयार करना और बच्चों का पूरा ध्यान रखना चुनौती बन जाता है। ऐसे में माता-पिता अक्सर मोटी फीस देकर नामी स्कूल चुनते हैं, यह सोचकर कि उनका बच्चा न सिर्फ़ अच्छी शिक्षा पाएगा, बल्कि स्कूल की कैंटीन में मिलने वाला खाना भी सुरक्षित और पौष्टिक होगा।
लेकिन हकीकत यह है कि कई स्कूलों में वही पैकेट में बंद ‘हेल्दी’ दिखने वाले स्नैक्स बिकते हैं, जो पाम ऑयल, रिफाइंड ऑयल, रिफाइंड व्हीट फ्लोर (मैदा) और व्हाइट शुगर से बने होते हैं। इन पैकेट्स में कभी-कभी फलों या अनाज का छोटा सा हिस्सा मिला दिया जाता है लगभग 10–25 प्रतिशत और बाकी का हिस्सा वही पुराना, पाम आयल या रिफाइन आयल उसके साथ preservatives or enhancer होते है जो हानिकारक केमिकल होते है।
जिनको वो “हेल्दी” फ़ूड दिखाकर बेचते है।कुछ बच्चे स्कूल टिफ़िन लेकर भी कैंटीन की ओर खिंचे चले जाते हैं। इसका कारण केवल स्वाद या जिज्ञासा नहीं, बल्कि दोस्तों की देख-देखी और सभी दूसरे बच्चे ले रहे हैं तो मैं भी लूँ की आदत होती है। वहीं, कई स्कूल पैकेज ऑफर देते हैं। कूपन या मॉर्निंग-ब्रेक पैक, जिसमें टिफ़िन के साथ-साथ पैक्ड स्नैक और फ्लेवर्ड ड्रिंक भी शामिल होते हैं। इससे बच्चे बिना सोचे-समझे इन जंक फूड्स की ओर बढ़ जाते हैं।
पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि पाम ऑयल में लगभग 50 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट होता है, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। रिफाइंड ऑयल और मैदा पोषण खो चुके होते हैं और मोटापा, सूजन और मेटाबॉलिक समस्याएँ बढ़ाते हैं। वहीं व्हाइट शुगर बच्चों को कम उम्र में ही मीठे की लत लगाती है और भविष्य में डायबिटीज़ तथा हार्ट डिज़ीज़ का खतरा पैदा करती है।
शहरी भारत में लगभग 25 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में पहुँच चुके हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 5–7 वर्षों में बच्चों में फैटी लिवर, हाई कोलेस्ट्रॉल और प्री-डायबिटिक लक्षण दोगुनी बढ़ गए हैं। और सबसे हैरानी की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की है जो तथाकथित अच्छे और महँगे स्कूलों में पढ़ते हैं।
जमीनी सच्चाई यह है कि महँगी फ़ीस वाले स्कूलों की कैंटीनों में 70-80 प्रतिशत बिक्री पैकेट फूड, बेक्ड स्नैक्स और शुगर-युक्त ड्रिंक्स से होती है। फल, अंकुरित अनाज या मिलेट्स आधारित ताज़ा भोजन या तो बहुत सीमित होता है या सिर्फ दिखावे के लिए रखा जाता है।
अब सवाल उठता है-जिम्मेदार कौन है?
सरकार: स्कूल कैंटीन के लिए सख़्त और स्पष्ट नियम बनाये जाएँ। पाम ऑयल, रिफाइंड ऑयल, मैदा और व्हाइट शुगर पर सीमा तय हो और “हेल्दी” शब्द के इस्तेमाल की निगरानी हो।
स्कूल प्रबंधन: कैंटीन केवल मुनाफ़े का साधन नहीं है। स्कूल मैनेजमेंट ओर स्कूल हेड को हेल्थी प्रोडक्ट ही कैंटीन में रखने चाहिये ओर निश्चय करना चाहिए कि बच्चों की थाली में क्या जा रहा है।
माता-पिता: महँगी फ़ीस और स्कूल के नाम पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं। कैंटीन मेनू पर सवाल उठाएँ, सामग्री की सूची देखें, और बच्चों को भी सिखाएँ कि क्या चुनना सुरक्षित है।उसके ingredients को पैकेट में देखे।
विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अब व्यक्तिगत पसंद या स्वाद का मुद्दा नहीं रहा। यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। जिस उम्र में बच्चों का शरीर और दिमाग मजबूत होना चाहिए, उसी उम्र में अगर बीमारी की नींव रख दी गई, तो इसका असर पूरी ज़िंदगी पर पड़ेगा।
अब समय आ गया है कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन को कमाई का केंद्र नहीं, बल्कि सेहत का केंद्र बनाया जाए। दिखावे वाले हेल्दीपन से आगे बढ़कर सच्चे पोषण की ओर कदम उठाना ही भविष्य की पीढ़ी को बचाने का एकमात्र रास्ता है।

बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार 14 जनवरी 2026 को नगरपालिका परिषद गौरा बरहज, जनपद देवरिया के परिसर में “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना तथा महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्वेता जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बाधित करता है, बल्कि उनके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना को संबंधित विभागों तक अवश्य पहुँचाएँ।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बच्चों के साथ बाल विवाह न करने एवं न होने देने की शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई तथा सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान की गई।इसी अवसर पर नपा अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने ठंड को देखते हुए गरीब एवं जरूरतमंद सैकड़ो महिलाओ एवं पुरुषो मे कंबल वितरित की।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, मीनू जायसवाल (मनोवैज्ञानिक) ने बाल विवाह से उत्पन्न मानसिक एवं भावनात्मक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। इसी क्रम मे मंशा सिंह (जेंडर स्पेशलिस्ट) ने लैंगिक समानता, बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर विस्तार से जानकारी दी।
जबकि अनुराधा राज (प्रभारी, चाइल्ड लाइन) ने चाइल्ड हेल्पलाइन की सेवाओं, शिकायत प्रक्रिया एवं आपातकालीन सहायता के बारे में बताया।
वही चांदनी मिश्रा (केस वर्कर) द्वारा केसवर्क से जुड़े अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की टीम, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी/कर्मचारी एवं अन्य संबंधित कार्मिक भी उपस्थित रहे।
महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रतिभागियों को वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन सहित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ऑनलाइन शपथ दिलाकर प्रमाण पत्र डाउनलोड कराए गए, जिससे लोगों में अभियान के प्रति सक्रिय सहभागिता बढ़े।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने बाल विवाह के उन्मूलन हेतु सामूहिक रूप से सहयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

मजार के नाम फर्जी अभिलेख बनाने वालों पर मुकदमा दर्ज

एसडीएम कोर्ट के आदेश से निरस्त हुआ 30 साल पुराना फर्जी इंद्राज

विधायक की शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच में सामने आया बड़ा घोटाला


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मजार भूमि घोटाला एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। देवरिया जिले में सरकारी बंजर भूमि को मजार के नाम दर्ज कराने के मामले में तत्कालीन कानूनगो, लेखपाल समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई हल्का लेखपाल विनय सिंह की तहरीर पर की गई है।

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मामला देवरिया–गोरखपुर रोड पर स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार से जुड़ा है, जो बीते कुछ समय से विवादों में रही है। जांच में यह सामने आया कि वर्ष 1993 में राजस्व ग्राम मेहड़ा, तप्पा धतूरा, परगना सिलहट की आराजी संख्या 1447/2 की बेशकीमती सरकारी बंजर भूमि को कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर वक्फ मजार/कब्रिस्तान के नाम दर्ज करा दिया गया था।

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इस देवरिया मजार भूमि घोटाला की शिकायत सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जब अभिलेखों की गहन जांच कराई, तो शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में जानबूझकर हेराफेरी की गई थी।
अतिक्रमण का मामला एसडीएम न्यायालय में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान मजार कमेटी ने भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद मजार को स्वयं ही तोड़ दिया गया। बीते 19 नवंबर को एसडीएम न्यायालय ने फर्जी इंद्राज को निरस्त करते हुए भूमि को पुनः सरकारी रिकॉर्ड में सही दर्ज कर दिया।

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लेखपाल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन सदर शहाबुद्दीन, नायब सदर इरशाद अहमद, नाजिम मुबारक अली, नायब नाजिर अरशद वारसी, तत्कालीन कानूनगो राधेश्याम उपाध्याय और लेखपाल रामानुज सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल एक जमीन का नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों की विश्वसनीयता से जुड़ा है। देवरिया मजार भूमि घोटाला में दोषियों पर सख्त कार्रवाई से भविष्य में इस तरह के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

मेकअप आर्टिस्ट प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे विद्यार्थी

बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। वीर अमर शहीद स्व. कबीर दास उईके शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उच्च शिक्षा विभाग की योजना क्रमांक 7581 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इनोवेशन एंड इन्कुबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में संचालित 25 दिवसीय मेकअप आर्टिस्ट प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हो रहा है।
प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण में विद्यार्थियों को बेसिक स्किन केयर और मेकअप की आधारभूत जानकारी दी गई। इसके साथ ही हेयर कटिंग, हेयर स्टाइलिंग तथा आई मेकअप की तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षक संध्या मालवीय द्वारा अभ्यास आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को सशक्त किया जा रहा है।
लगभग 165 विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण में पंजीयन कराया है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि यह प्रशिक्षण उन्हें स्वरोजगार और करियर निर्माण की दिशा में नई राह दिखा रहा है।
प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव नियमित रूप से प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ. फरहत मंसूरी ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले दिनों में डे मेकअप, नाइट मेकअप, पार्टी मेकअप और प्रोफेशनल टच-अप से संबंधित उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सौंदर्य एवं मेकअप कला में दक्ष बनाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे शिक्षा पूर्ण करने के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

प्रेस वार्ता में सरकार की प्राथमिकताओं पर रखेंगे स्पष्ट दृष्टिकोण

आगरा।(राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के माननीय मंत्री तथा जनपद प्रभारी मंत्री श्री जयवीर सिंह का आगरा जनपद भ्रमण कार्यक्रम 16 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इस दौरान मंत्री जी प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, माननीय प्रभारी मंत्री पूर्वाह्न 11 बजे नवीन सर्किट हाउस सभागार में विचार परिवार के साथ बैठक करेंगे। इसके उपरांत दोपहर 12 बजे वे जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों से भेंट कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे।
अपराह्न 1 बजे मंत्री जयवीर सिंह जनपद की कोर कमेटी के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें विकास योजनाओं की प्रगति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। इसके बाद अपराह्न 2 बजे नवीन सर्किट हाउस सभागार में जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
प्रशासनिक समीक्षा के पश्चात अपराह्न 4:30 बजे माननीय मंत्री मीडिया बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता करेंगे, जिसमें सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और जनपद से जुड़े अहम मुद्दों पर जानकारी साझा की जाएगी।
जयवीर सिंह के इस दौरे को आगरा के विकास कार्यों को गति देने तथा कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फर्जी SC/ST मुकदमे के विरोध में BSS परशुराम सेना का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

शीतला माता मंदिर परिसर में हुई संगठन की अहम बैठक, ब्राह्मण महापंचायत में एकजुटता की अपील

दोहरीघाट/मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बीएसएस परशुराम सेना ने फर्जी एससी/एसटी मुकदमों के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है। यह चेतावनी मऊ जनपद के दोहरीघाट क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में आयोजित संगठन की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दी गई। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने की।

बैठक में चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के बिशुनपुरा गांव में ब्राह्मण समाज के 10 लोगों पर दर्ज कथित फर्जी एससी/एसटी मुकदमे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन पदाधिकारियों ने इसे निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश बताते हुए कड़ी निंदा की।

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निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो होगा आंदोलन

क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने कहा कि निर्दोष ब्राह्मणों को झूठे मुकदमों में फंसाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर निर्दोषों को तत्काल राहत देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की तो बीएसएस परशुराम सेना सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

ब्राह्मण समाज के सम्मान की लड़ाई

जिलाध्यक्ष मुनेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज पर हो रहे अत्याचार को संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

18 तारीख को ब्राह्मण महापंचायत

क्षेत्रीय महामंत्री दुर्गा पांडे ने जानकारी दी कि आगामी 18 तारीख को मधुबन स्थित कमल सागर में ब्राह्मण महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में लोगों से शामिल होकर एकजुटता दिखाने की अपील की गई।
वहीं जिला महासचिव अजय कुमार मिश्रा ने समाज को संगठित होने का आह्वान करते हुए लोगों से बीएसएस परशुराम सेना से जुड़ने की अपील की।

बैठक में मनोज पांडे, अजय मिश्रा, दुर्गावती मिश्रा, नीरज कुमार दुबे, राजेश दुबे, जीवन चतुर्वेदी, यशवंत मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, दीपक महाराज सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बलिया में पीएम आवास और ग्राम्य विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक: डीएम ने दिखाया सख्त रुख

लापरवाही पर वेतन से रिकवरी और नोटिस देने के आदेश

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और ग्राम्य विकास व पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। बैठक में कई खंडों की धीमी प्रगति और अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम आवास योजना में गंभीर लापरवाही

जनपद में निर्धारित 623 आवासों में कई ब्लॉकों का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया।

• गड़वार: 62 अपूर्ण आवास
• सोहांव और रेवती: 08-08 अपूर्ण आवास
• चिलकहर: 04 अपूर्ण आवास

जिलाधिकारी ने 250 अपात्र व्यक्तियों को बिना सत्यापन भुगतान किए जाने की गंभीर लापरवाही पाई। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से भुगतान हुआ, उनके वेतन से राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही 27 मृतक और 80 जमीनी विवाद वाले प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश दिए गए।

सत्यापन और पारदर्शिता:

• ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठक आयोजित कर पात्र और अपात्र व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक की जाए।

• हटाए गए नामों के कारण स्पष्ट किए जाएं।

• शौचालय, विद्युत कनेक्शन और उज्ज्वला योजना से जुड़े आंकड़े समय पर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।

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ग्राम्य विकास योजनाओं में धीमी प्रगति पर चेतावनी

स्वयं सहायता समूह, सामुदायिक निवेश निधि और लखपति दीदी योजना की प्रगति कई विकास खंडों में असंतोषजनक पाई गई।

• हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर, दुबहर और मनियर के बीएमएम को लक्ष्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश।

• नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए।

पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण:

• अभी भी 62 पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा।

• 31 जनवरी तक कार्य पूरा न होने पर संबंधित बीडीओ जिम्मेदार होंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 27 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण अधूरा।

• भूमि उपलब्ध न कराने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने की चेतावनी दी गई।

बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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