Monday, June 22, 2026
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चिकित्सा और खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. डी.के. पाण्डेय को मिला राष्ट्रीय सम्मान

वरिष्ठ स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. डी.के.पाण्डेय को “एक्सीलेंट थॉट एक्सपीरियंस अवार्ड”, देवरिया में खुशी की लहर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।देवरिया जिले के लिए गौरव का क्षण तब आया जब जिले के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. डी.के. पांडेय को भू-स्वतंत्रता भवन, बीएचयू में आयोजित गरिमामय समारोह में “एक्सीलेंट थॉट एक्सपीरियंस अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके चिकित्सा क्षेत्र में दीर्घकालिक योगदान, खेल चिकित्सा में विशेषज्ञता और समाज के प्रति समर्पित सेवाओं को देखते हुए प्रदान किया गया।

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सम्मान समारोह में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा जगत के वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सामाजिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी एवं विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने डॉ. पांडेय को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उन्होंने जिले का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

इस अवसर पर डॉ. बिपिन बिहारी शुक्ला, डॉ. जे.एन. पांडेय, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. गुलाम रसूल, डॉ. शांतनु जायसवाल, डॉ. नवेंदु राय, डॉ. पवन त्रिपाठी, डॉ. गिरजेश मिश्रा, डॉ. मनीष तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों ने उन्हें बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की।

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रविन्द्र किशोर शाही स्टेडियम के क्रीड़ा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. डी.के. पांडेय ने खेल जगत से जुड़े खिलाड़ियों को आधुनिक फिजियोथैरेपी के माध्यम से नई ऊर्जा और दिशा दी है। वहीं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. अभय मणि त्रिपाठी एवं भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी उन्हें सम्मान प्राप्ति पर शुभेच्छाएँ प्रेषित कीं।
इसके अतिरिक्त जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद तिवारी ने कहा कि यह सम्मान न केवल डॉ. पांडेय की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे देवरिया जिले के लिए गर्व की बात है।
डॉ. डी.के. पांडेय ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि यह अवार्ड उन्हें समाज और खेल चिकित्सा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने सभी सहयोगियों, मरीजों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: भारत-नेपाल सीमा पर स्मैक तस्कर गिरफ्तार, नानपारा सेक्टर में सतर्कता से नाकाम हुई तस्करी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नशा तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। नानपारा मुख्यालय के अंतर्गत 59वीं वाहिनी, अगैया के कमांडेंट कैलाश चंद्र रमोला के दिशा-निर्देशन में सीमा चौकी बलाईगांव पर तैनात एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्ती के दौरान एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।

जानकारी के अनुसार, सीमा चौकी बलाईगांव से उप निरीक्षक (सामान्य) नरेश कुमार अपने चार अन्य जवानों के साथ थाना मोतीपुर पुलिस के उप निरीक्षक अनिल कुमार एवं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्त पर थे। गश्ती दल जब सीमा स्तंभ संख्या 665/1 की ओर बढ़ रहा था, तभी एक व्यक्ति कच्चे रास्ते से भारत से नेपाल की ओर जाते हुए दिखाई दिया।

गश्ती दल को देखते ही संदिग्ध व्यक्ति घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा। जवानों ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनिल कुमार चौधरी, पुत्र परदेशी चौधरी, निवासी बजनाथ, जिला बर्दिया (नेपाल) बताया।

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कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पास नशीला पदार्थ स्मैक है, जिस कारण वह भाग रहा था। इसकी सूचना तुरंत सहायक कमांडेंट असम सुशील सिंह को दी गई। मौके पर पहुंचकर उनकी उपस्थिति में आरोपी की विधिवत तलाशी ली गई, जिसमें प्लास्टिक की एक छोटी पोटली से स्मैक बरामद हुई।

पकड़े गए तस्कर के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करते हुए जब्त मादक पदार्थ को थाना मोतीपुर, जिला बहराइच को सुपुर्द कर दिया गया है। एसएसबी की इस सतर्क कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में नशा तस्करी को एक बड़ा झटका लगा है।

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आस्था ही भारत की आत्मा, विश्वास ही उसकी पहचान

कैलाश सिंह
महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना की वह जीवंत प्रयोगशाला है, जिसने सदियों से मानवता को जीने की दिशा दी है। यहां धर्म किसी टकराव का कारण नहीं, बल्कि जीवन को जोड़ने वाला सूत्र रहा है। यही कारण है कि भारत को समझने के लिए उसके नक्शे से ज्यादा उसके मन को पढ़ना पड़ता है।
भारतीय सभ्यता की नींव आस्था पर टिकी है। यहां नदियां सिर्फ बहती जल धाराएं नहीं, बल्कि श्रद्धा की धमनियां हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती जैसी नदियों ने न केवल खेतों को सींचा, बल्कि पीढ़ियों को संस्कार भी दिए। जब कोई समाज प्रकृति को पूज्य मान ले, तो वह उसके संरक्षण का दायित्व भी स्वयं उठा लेता है—और यही भारत की मूल सोच रही है।
भारत की सबसे बड़ी विशेषता उसकी सांस्कृतिक सहिष्णुता है। दीपावली, होली, ईद, गुरुपर्व और क्रिसमस जैसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के उत्सव हैं। विविधताओं के बीच सामंजस्य स्थापित करना भारत की आत्मा में बसा है। यही वह दृष्टि है, जो अनेकता में एकता को नारा नहीं, व्यवहार बनाती है। देश के कोने-कोने में फैले तीर्थस्थल—अयोध्या, काशी, मथुरा, हरिद्वार, अजमेर शरीफ, अमृतसर और बोधगया—सिर्फ पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के स्तंभ हैं। इन स्थलों पर आकर श्रद्धालु धर्म नहीं पूछता, शांति खोजता है। यही भारत की आस्था को वैश्विक बनाती है।आधुनिक युग में, जब विज्ञान और तकनीक जीवन की गति तय कर रहे हैं, तब भी भारत की आस्था कमजोर नहीं पड़ी। मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और चर्चों में आज भी उतनी ही श्रद्धा से शीश झुकते हैं। यह संकेत है कि भारत में आस्था अंधविश्वास नहीं, बल्कि आत्मिक संबल है—जो व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है।
भारत की वास्तविक शक्ति उसके संसाधनों, हथियारों या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। उसकी सबसे बड़ी पूंजी उसका विश्वास है—वह विश्वास जिसने गुलामी के दौर में आत्मसम्मान बचाए रखा, जिसने विभाजन के घावों के बावजूद देश को जोड़े रखा और जिसने हर आपदा में समाज को एक-दूसरे के साथ खड़ा किया।
आज जब दुनिया संघर्ष, असहिष्णुता और तनाव से जूझ रही है, भारत की आस्था- आधारित जीवन दृष्टि वैश्विक समाज को शांति का रास्ता दिखा सकती है। यही भारत का वैश्विक दायित्व भी है।भारत केवल मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों का देश नहीं,यह उन दिलों का देश है जहां ईश्वर विश्वास बनकर बसता है।और शायद इसी विश्वास के कारण भारत सिर्फ एक राष्ट्र नहीं,बल्कि एक निरंतर चलती आध्यात्मिक यात्रा है।

अंश और अंशिका के सकुशल घर वापसी पर सीएम और पुलिस बधाई के पात्र -राजद

रांची (राष्ट्र की परम्परा)
राजधानी रांची के धुर्वा इलाके में मौसीबाड़ी खटाल से लापता हुए दो बच्चे अंश और अंशिका को पुलिस ने सकुशल बरामद होने पर प्रदेश राजद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड पुलिस का आभार जताया है। पार्टी प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार ने कहा है कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता, आम लोग तो दोनों बच्चों को खोजने में लगे थे। लेकिन इन सभी से अलग मुख्यमंत्री खुद ही मामले पर नजर बनाए रखे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्पष्ट निर्देश दिया था कि एक मां के दोनों बच्चे सकुशल घर लौटे। पुलिस की भारी दबिश के बाद अंतत: अंश और अंशिका आज अपने मां और परिवार के बीच है। इसके लिए बधाई। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार राज्य में अपराध को खत्म करने के लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री लगातार अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्देश देते रहे है। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में विधि-व्यवस्था बनाए रखने पर है। अपराध को नियंत्रण करने के लिए मुख्यमंत्री समय-समय पर वरीय अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे है।

मारिया फातिमा बनीं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी

हजारीबाग/रांची (राष्ट्र की परम्परा) मारिया फातिमा ने एक वर्ष के भीतर दो बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सीडीपीओ परीक्षा में 38वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के पद पर सफलता पाई। इससे पहले वर्ष 2025 में वे नगर निगम राजस्व निरीक्षक पद पर चयनित हुई थीं।
पलामू जिले के गुरहा गांव की मूल निवासी और वर्तमान में हजारीबाग से जुड़ी मारिया फातिमा ने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अल्लाह पाक, परिवार के सहयोग, कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयास से सफलता संभव है।

दहेज उत्पीड़न में गर्भवती महिला से मारपीट, गर्भपात

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना कोपागंज क्षेत्र के मोहल्ला वाजिदपुरा में दहेज उत्पीड़न और गर्भवती महिला से मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता शमा परवीन की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास-ससुर, ननदों और देवर सहित कुल दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घोसी थाना क्षेत्र के काजीपुरा निवासी शमा परवीन का निकाह 4 अगस्त 2021 को वाजिदपुरा निवासी कमाल अख्तर के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष कम दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगा। बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये की मांग को लेकर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जाता रहा।

पीड़िता के अनुसार दहेज की मांग पूरी न होने पर कई बार मारपीट कर उसे घर से निकाला गया और उसका स्त्रीधन भी छीन लिया गया। इसी दौरान उसकी पुत्री अनम फातिमा का जन्म हुआ। समझौते के बाद वह दोबारा ससुराल गई, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा।

आरोप है कि 16 दिसंबर 2025 को शाम करीब 4:30 बजे दहेज को लेकर पति व अन्य ससुरालीजनों ने लात-घूंसे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सिर फटने से वह लहूलुहान हो गई। पेट में मारे गए घूंसों से गर्भस्थ शिशु को गंभीर क्षति पहुंची, तेज दर्द और रक्तस्राव के बाद इलाज के दौरान गर्भपात हो गया।

घटना के बाद पीड़िता ने थाना कोपागंज में शिकायत दी। चिकित्सकीय परीक्षण में दो माह का गर्भ पाया गया था। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने पति कमाल अख्तर, ससुर मतीउल्लाह, सास रेहाना, ननदें सिद्दीका, आसिया, रफीका, रईसा, अनीसा, अरीका तथा देवर फहद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मौजूदा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल: साधु यादव

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज क्षेत्र स्थित समाजवादी पार्टी के कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव ‘साधु’ ने की। इस दौरान पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को मजबूत करने और जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष तेज करने पर जोर दिया गया।

बैठक में प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शैलेन्द्र यादव ‘साधु’ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आए दिन हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आमजन असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि कानपुर में गैंगरेप, मेरठ में ट्रिपल मर्डर और हाल ही में कोपागंज में सर्राफा व्यापारी से लाखों रुपये की लूट जैसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से भटकाया जा रहा है। सपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे और 2027 में परिवर्तन की नींव रखेंगे।

बैठक में जिला महामंत्री अब्दुल कुड्डूस अंसारी, जिला उपाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष तनवीर खान, जिला सचिव पंकज राय, जिला सचिव मुन्नू राम, जिला सचिव निसार अहमद, नगर अध्यक्ष विनोद यादव, ब्लॉक अध्यक्ष संजय चौधरी, पूर्व अध्यक्ष लोहिया वाहिनी अवधेश चौहान, सुरभान यादव, रजनीश राय एडवोकेट, मुन्ना सिंह, मनोज सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनाव में पीडीए की एकजुटता के साथ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।

गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक

उत्तर प्रदेश दिवस पर 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय कार्यक्रम, विकास योजनाओं की लगेगी प्रदर्शनी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में आगामी 26 जनवरी 2026 को जनपद में गणतंत्र दिवस समारोह परम्परागत एवं हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) जय प्रकाश एवं मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों के संयोजन एवं समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रमों में प्रभात फेरी, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, वृक्षारोपण सहित अन्य गतिविधियां शामिल की गई हैं।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों सहित सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं की रंगाई-पुताई व स्वच्छता कराने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने गणतंत्र दिवस समारोह की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का व्यक्तिगत रूप से निर्वहन कर कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रातः 08.15 बजे प्रभात फेरी, 08.30 बजे सभी सरकारी भवनों पर ध्वजारोहण, 09.15 बजे वृक्षारोपण, 09.30 से 11.30 बजे तक पुलिस परेड, 10.00 बजे महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण तथा अपराह्न 01.00 बजे जिला चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से गणतंत्र दिवस को राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ मनाने की अपील करते हुए कहा कि ध्वज स्वच्छ, निर्धारित आकार का तथा सही क्रम में फहराया जाए।
उत्तर प्रदेश दिवस
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने अवगत कराया कि 24 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर विकास भवन परिसर के डीपीआरसी हॉल में कार्यक्रम आयोजित होंगे। 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी एवं स्टाल लगाए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन 24 जनवरी को प्रातः 11 बजे होगा, साथ ही लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया जाएगा।
बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारी, समाजसेवी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

व्यापारियों से संवाद को लेकर 17 जनवरी को मगहर में विशेष कार्यक्रम, तैयारियों पर हुई समीक्षा बैठक

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। आगामी 17 जनवरी को कबीर परिनिर्वाण स्थल, मगहर स्थित ऑडिटोरियम में पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित होने वाले व्यापारी संवाद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर राज्य कर विभाग कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारी प्रतिनिधियों एवं टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई और सभी से कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यापारी संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापारियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक व्यापारी कार्यक्रम में भाग लेकर कर संबंधी विषयों, समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रख सकें। अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा करें, ताकि कर प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापारी हितैषी बनाया जा सके।
बैठक में उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधियों एवं टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर, राज्य कर विभाग खंड-1 राजेश पांडेय तथा डिप्टी कमिश्नर, राज्य कर विभाग खंड-2 विनय कुमार गुप्त उपस्थित रहे।

शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की स्मृति में गोरखपुर–अकूआ शहीद एक्सप्रेस का शुभारंभ

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की स्मृति में परिवहन मंत्री की अनुशंसा पर गोरखपुर से अकूआ तक शहीद एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया। देवरिया बस स्टैंड पर देवाआश्रम मठलार के मठाधीश स्वामी अभ्यानंद गिरी एवं वेदाचार्यों द्वारा विधिवत पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बाद बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

जनहित में यह पहल शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रविप्रताप सिंह के अथक प्रयासों से साकार हुई। शहीद एक्सप्रेस के शुभारंभ से गोरखपुर, देवरिया, बरहज होते हुए अकूआ तक क्षेत्रीय यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

भलुअनी में पूर्व सिधरिया इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता विक्रमादित्य सिंह के साथ क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए और जनता को मिलने वाले लाभ पर हर्ष व्यक्त किया। बरहज चौराहे पर बस के पहुंचते ही “शहीद अंशुमान सिंह अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा और लोगों में उत्साह देखा गया।

इस अवसर पर उग्रसेन सिंह, बृजेश सिंह, चंद्रभूषण पाण्डेय, उधम सिंह, पट्टू सिंह, राजू सिंह, राकेश सिंह, भानुप्रताप सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। जनमानस ने इस पहल के लिए रविप्रताप सिंह को शुभकामनाएं दीं।

आम जनता के लिए आसान हुई न्यायिक जानकारी की पहुंच

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)आम नागरिकों को न्यायिक प्रक्रिया से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्णय हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह सुविधा माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशानुसार हाईकोर्ट की असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी एवं ई-लॉ कमेटी द्वारा विकसित सुवास प्रकोष्ठ (Supreme Court Vidhik Anuvaad Software) के माध्यम से शुरू की गई है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज कुमार तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में न्यायिक निर्णयों की सहज और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे विधिक जानकारी तक आमजन की पहुंच आसान होगी और न्यायिक पारदर्शिता को बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि हिंदी में अनुवादित निर्णयों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से देखा और पढ़ा जा सकता है। यह सुविधा छात्रों, वकीलों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
सुवास विधिक अनुवाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से निर्णयों की भाषा सरल होने से लोग न्यायालयों के फैसलों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे, जिससे न्याय तक समान पहुंच का उद्देश्य साकार होगा।

कंबल और अलाव में भेदभाव का आरोप, स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत कुर्थीजाफरपुर के वार्ड नंबर 14 में कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कंबल वितरण में भेदभाव हो रहा है और अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे बुजुर्ग, गरीब और महिलाएं ठंड से प्रभावित हो रही हैं।विरोध प्रदर्शन में मीरा शर्मा, निर्मल गुप्ता, कलावती देवी, फूल राजवीर, मनोज गुप्ता, सुनीता गुप्ता, इच्छाप्यारी, पिंकी शर्मा, लीलावती ठाकुर, संदीप ठाकुर, अशोक ठाकुर और अक्षय कुमार सहित कई लोग शामिल हुए।नगर पंचायत अध्यक्ष जफर अहमद ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं और जिनका अभी तक वितरण नहीं हुआ, उन्हें चिन्हित कर दिया गया है। अलाव की व्यवस्था भी सभी आवश्यक स्थानों पर की जा रही है और जहां आवश्यकता है, वहां पर्याप्त लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है।

पूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहरः आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स डे पर अमर शहीदों को नमन

डीएम ने कहा राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका अहम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय द्वारा आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स डे का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सभागार में दो मिनट का मौन रखकर देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।
इसके पश्चात जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी, एसएसबी कमांडेंट, अपर जिलाधिकारी सहित उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वीर शहीद रैंक नायक प्रेम बहादुर खत्री, रैंक नायक पूरन बहादुर थापा एवं रैंक हवलदार प्रदीप कुमार थापा के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की एक अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने न केवल अपनी जवानी देश के नाम समर्पित की, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज और राष्ट्र की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों का बलिदान केवल अतीत की गाथा नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। देश की स्वतंत्रता, शांति और संप्रभुता के संरक्षण में पूर्व सैनिकों की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों के अनुभवों का लाभ नागरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने में लेना चाहता है। पूर्व सैनिकों की सेवाएं नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण में उपयोग की जाएंगी, जिससे जनपद में एक कुशल और मजबूत नागरिक सुरक्षा बल तैयार किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि तीनों सेनाओं द्वारा संयुक्त रूप से पूर्व सैनिकों के शौर्य, त्याग, बलिदान और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स डे मनाया जाता है। यह दिवस न केवल सम्मान का प्रतीक है, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका को रेखांकित करने का अवसर भी है।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) धीरेन्द्र राय ने पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि देश और समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन का आभार जताया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।
इस अवसर पर एसएसबी कमांडेंट 22वीं वाहिनी शक्ति सिंह ठाकुर, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विजय यादव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहें।

अंतरराष्ट्रीय अपराधी का दर्जा बनाम मानवीय राहत, अदालत के सामने कठिन फैसला

अबू सलेम को आपात पैरोल पर सियासी-कानूनी बहस, हाईकोर्ट में टकराईं दलीलें

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जेल नियमों, मानवीय अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी करार दिए गए अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को लेकर महाराष्ट्र सरकार के हालिया निर्णय ने कानूनी और सामाजिक विमर्श को नई दिशा दी है। राज्य सरकार ने सलेम को पारिवारिक कारणों से दो दिन की आपात पैरोल देने पर सहमति जताई है। यह फैसला उनके भाई अबू हकीम अंसारी के निधन के मद्देनज़र लिया गया, जिनका देहांत पिछले वर्ष नवंबर में हुआ था।

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हालांकि, सलेम की ओर से 14 दिन की आपात पैरोल की मांग की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ—न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंदक—को राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि सलेम अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपराधी माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें बिना सुरक्षा एस्कॉर्ट रिहा करना संभव नहीं है। सरकार का तर्क है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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दूसरी ओर, सलेम की ओर से पेश अधिवक्ता फरहाना शाह ने दो दिन की पैरोल को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ तक की यात्रा, परिवार से मुलाकात और फिर वापसी—यह सब दो दिन में संभव नहीं है। साथ ही, सुरक्षा एस्कॉर्ट पर आने वाले भारी खर्च को भी अनुचित बताया गया। वकील ने मानवीय आधार पर बिना एस्कॉर्ट पैरोल देने की मांग रखी।

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उल्लेखनीय है कि अबू सलेम पिछले करीब 25 वर्षों से जेल में हैं और इससे पहले उन्हें केवल पारिवारिक शोक की स्थितियों में सीमित अवधि की पैरोल मिली है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। अब अगला आदेश यह तय करेगा कि मानवीय राहत और सुरक्षा के बीच संतुलन किस दिशा में जाता है।

डीएम ने वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को शाल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर किया सम्मानित, राष्ट्र अपने वीर सपूतों का सदैव ऋणी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। 10वें सशस्त्र सेना वेटरंस दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके परिजनों, वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जय प्रकाश भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जनपद की वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों को शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त कर पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के चेहरे गर्व से दमक उठे।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और अखंडता के लिए सैनिकों द्वारा दिया गया बलिदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अपने वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा और जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के साथ हर समय खड़ा है। इस दौरान उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की वीर नारियों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। सम्मान और अपनत्व पाकर कई वीर नारियां भावुक हो उठीं, लेकिन उन्होंने अपने परिजनों के बलिदान पर गर्व भी व्यक्त किया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जय प्रकाश ने कहा कि पूर्व सैनिक देश और समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्र ने पूर्व सैनिकों की सेवाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सशस्त्र सेना का इतिहास शौर्य, त्याग और बलिदान की गौरवशाली परंपरा से भरा है। वेटरंस दिवस पूरे देश के लिए पूर्व सैनिकों के योगदान को नमन करने का अवसर है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिजन एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।