बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद गौरा बरहज की ओर से जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में नगर क्षेत्र के जरूरतमंद, असहाय एवं गरीब लोगों को कंबल वितरित किए गए तथा खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण कराया गया।
कार्यक्रम नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल एवं अधिशासी अधिकारी निरुपमा प्रताप के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य ठंड से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना एवं सामाजिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे। नगर पालिका प्रशासन ने भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने का संकल्प व्यक्त किया।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तरंग सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा सत्र 2025–26 में आयोजित होने वाले 39वें अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव (उत्तर–मध्य क्षेत्र, हरियाणा) के लिए प्रतिभागियों के चयन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। साहित्य, ललित कला, रंगमंच, संगीत और नृत्य वर्ग की चयन प्रतियोगिताएँ 16 एवं 17 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जाएँगी। साहित्यिक वर्ग के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता 17 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से आयोजित होगी, जिसका विषय “उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक आंदोलन” निर्धारित किया गया है। इसी दिन दोपहर 1 बजे से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा अपराह्न 2 बजे से वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वाद-विवाद का विषय “पर्यटन आधारित विकास, विनिर्माण आधारित विकास से अधिक सतत है” रखा गया है। इसके साथ ही ललित कला वर्ग के अंतर्गत रंगोली, मिट्टी से आकृति निर्माण, पोस्टर निर्माण, चित्र-संकलन, तात्कालिक चित्रांकन एवं व्यंग्य चित्र जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। रंगमंच वर्ग में अनुकरण कला, लघु नाटिका, मूक अभिनय और एकांकी नाटक की चयन प्रतियोगिताएँ संपन्न कराई जाएँगी। संगीत वर्ग में भारतीय समूह गान, शास्त्रीय वादन एवं गायन, सुगम गायन तथा लोक वाद्यवृंद की प्रतियोगिताएँ होंगी, जबकि नृत्य वर्ग में समूह लोक एवं जनजातीय नृत्य की चयन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सभी प्रतियोगिताएँ निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार 16 एवं 17 जनवरी को संपन्न होंगी। तरंग की निदेशक प्रो. उषा सिंह ने कहा कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों की सृजनात्मक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक क्षमताओं को अभिव्यक्ति का सशक्त मंच प्रदान करता है। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं गुणवत्तापरक रखा गया है, जिससे विश्वविद्यालय का श्रेष्ठ प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि अंतर-विश्वविद्यालय युवा महोत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं तरंग सांस्कृतिक केंद्र ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों से निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान के अनुसार चयन प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की अपील की है।
श्रावस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में उस समय सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मंच से दिया गया एक बयान विवाद का कारण बन गया। गिलौला क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में सनातनी समाज के लोग मौजूद थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए विष्णु देव महाराज ने सैयद सालार मसूद गाजी की मज़ार को लेकर टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सूर्यकुंड को पाटकर मज़ार बनाई गई है और यह भी कहा कि यदि राम मंदिर के सपने को पूर्णता तक पहुंचाना है तो इस मज़ार को हटाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज में अपनी विरासत वापस लेने की ताकत मौजूद है। बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग इसे आस्था और इतिहास से जोड़कर समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरे वर्ग ने इसे भड़काऊ बताते हुए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला करार दिया है। मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, हालांकि सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और टिप्पणियों पर नजर रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब क्षेत्र के सक्रिय समाजसेवी बाबू विमल राय ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह कार्यक्रम आजमगढ़ में आयोजित हुआ, जहां पार्टी नेतृत्व और पदाधिकारियों की मौजूदगी में उनका स्वागत किया गया।
बसपा में शामिल हुए बाबू विमल राय और उनके समर्थकों का स्वागत आजमगढ़ मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जिला नेतृत्व ने किया। इस अवसर पर मंडल चीफ कॉर्डिनेटर दिनेश चंद्रा, मंडल चीफ कॉर्डिनेटर हरिश्चंद गौतम, कॉर्डिनेटर मदन राम, कॉर्डिनेटर हीरामणि भारती, बलिया जिलाध्यक्ष नन्दलाल राम, पूर्व जिलाध्यक्ष रणजीत भारती, निवर्तमान जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भारती, सिकन्दरपुर विधानसभा अध्यक्ष सिकंदर गौतम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अजीत कुमार बब्लू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अजय कुमार भारती, बसपा जिला प्रभारी सत्येंद्र भारती, विधानसभा प्रभारी सुनील गौतम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी विनोद यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मनजीत यादव, बसपा नेता सुरेश मास्टर, लालजी राम, ध्रुप कुमार भारती, छोटेलाल राम सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कई वर्षों से क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे बाबू विमल राय के बसपा में शामिल होने से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा से जुड़े उनके सैकड़ों समर्थकों का एक साथ बसपा में प्रवेश करना आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।
स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि बाबू विमल राय का जनसंपर्क और सामाजिक सक्रियता क्षेत्र में मजबूत रही है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर भूमिका के चलते उनके पार्टी में आने से संगठन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। बसपा नेताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में संगठन को नई दिशा मिलेगी और मजबूती बढ़ेगी।
समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बसपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आगामी चुनावों में क्षेत्रीय राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
बलिया (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बैरिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दोकटी थाने में पंजीकृत दुष्कर्म व आईटी एक्ट के मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक तीन जनवरी को एक वादिनी द्वारा दोकटी थाना क्षेत्र में तहरीर दी गई थी, जिसमें मनोज यादव पुत्र भुवन यादव, निवासी इब्राहिमाबाद थाना बैरिया, बलिया पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। वादिनी ने आरोप लगाया कि अभियुक्त ने उसके साथ अनैतिक कृत्य किया और विरोध करने पर उसकी अश्लील फोटो व वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगा। इतना ही नहीं, अभियुक्त द्वारा लगातार दुष्प्रचार और भयादोहन किए जाने से पीड़िता मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही थी। पीड़िता की शिकायत पर दोकटी थाना पुलिस ने मनोज यादव के खिलाफ धारा 64/351(3) बीएनएस तथा 67ए आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू की। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में बैरिया थाना क्षेत्र के निरीक्षक अपराध अशोक दत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम में उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी तथा आरक्षियों को शामिल कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाने लगी। पुलिस टीम को उस समय सफलता मिली जब मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि वांछित अभियुक्त मनोज यादव इब्राहिमाबाद स्थित फायर ब्रिगेड के पास संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया है। सूचना मिलते ही निरीक्षक अपराध अशोक दत्त त्रिपाठी मय हमराह टीम मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सतर्कता के कारण वह पुलिस के चंगुल से निकल नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अभियुक्त से पूछताछ की, जिसमें उसने मामले से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता की पुष्टि होने पर आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी की और उसे न्यायालय में पेश करने के लिए चालान कर दिया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईटी एक्ट के मामलों में साइबर अपराध शाखा के साथ समन्वय कर दोषियों को कठोर दंड दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक अपराध बैरिया अशोक दत्त त्रिपाठी, उपनिरीक्षक राजेश सिंह, मुख्य आरक्षी प्रमोद पासवान, आरक्षी धर्मेंद्र यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा की भावना और कानून-व्यवस्था को लेकर आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ है।
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को जनपद औरैया में ब्लैक आउट और मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में संबंधित विभागों, सिविल डिफेंस एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में यह मॉकड्रिल शाम 6 बजे शुरू होगी। निर्धारित समय पर सायरन बजाकर चेतावनी दी जाएगी, जिसके बाद ब्लैक आउट लागू होगा। इस दौरान विद्युत विभाग द्वारा रोड लाइटें बंद कराई जाएंगी तथा आसपास के घरों और दुकानों की बिजली 15 से 20 मिनट के लिए बंद रहेगी। मॉकड्रिल के दौरान नागरिकों को हवाई हमले, आपदा या अन्य आपात स्थितियों से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें घायलों को प्राथमिक उपचार, सिविल डिफेंस सहायता, फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की प्रक्रिया, बड़ी आग की स्थिति में फायर टेंडर के उपयोग तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक सहित सभी संबंधित अधिकारियों को समय से व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत श्रीरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में थाना श्रीरामपुर पुलिस ने 144 लीटर अवैध देशी शराब के साथ दो अंतर्राज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 15 जनवरी 2026 को चेकिंग के दौरान बंकुल रोड, टोला अहिबरन राय के पास की गई। पुलिस टीम ने दो मोटरसाइकिलों पर लदी दो बोरियों से कुल 16 पेटी अवैध देशी शराब ब्रांड बंटी बबली बरामद की। प्रत्येक पेटी में 45 पाउच (200 एमएल प्रति पाउच) पाए गए। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान प्रीतम कुमार और आदर्श कुमार के रूप में हुई है, दोनों बिहार राज्य के निवासी हैं और लंबे समय से शराब तस्करी में संलिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं, जिनका उपयोग शराब के अवैध परिवहन में किया जा रहा था। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपये तथा मोटरसाइकिलों की कीमत लगभग 1 लाख रुपये आंकी गई है। इस संबंध में थाना श्रीरामपुर में आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सिकन्दरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा) मकर संक्रांति के पावन अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध वानखंडी नाथ नागेश्वर नाथ मठ के प्रांगण में इस वर्ष भव्य सहभोज का आयोजन किया गया। पर्व की शुभता और आस्था के बीच क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभोज में भाग लिया। सुबह से ही मठ परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को क्रमवार सहभोज में शामिल कराया। इसी क्रम में दुहा बिहरा स्थित परमधाम आश्रम में भी सहभोज का आयोजन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। आश्रम के प्रांगण में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और संतो-महात्माओं के सान्निध्य में सहभोज का पुण्य लाभ लिया। आयोजन के दौरान मठ अध्यक्ष उड़िया बाबा ने अपने आशीर्वचन देकर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सभी को मकर संक्रांति के महत्व, दान-पुण्य तथा सामाजिक समरसता की भावना को समझने और अपनाने का आह्वान किया। विशेष यह रहा कि पहली बार उड़िया बाबा ने आश्रम में उपस्थित संतों को स्वयं अपने हाथों से आशीर्वाद प्रदान किया। इससे पहले आश्रम में ईश्वर दास ब्रह्मचारी मोनी बाबा अपने शिष्यों को आशीर्वचन दिया करते थे। उनके उत्तराधिकारी के रूप में उड़िया बाबा द्वारा संतों और श्रद्धालुओं को दिया गया आशीर्वाद उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक व सौभाग्यपूर्ण क्षण रहा। आयोजन की सफलता में मठ समिति, स्थानीय ग्रामीणों और सेवा दल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति, अनुशासन और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पुलिस अधीक्षक के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर परंपरागत रूप से खिचड़ी अर्पित की। दोनों अधिकारियों ने गुरु गोरखनाथ का विधिवत दर्शन–पूजन कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। पूर्वाह्न मंदिर पहुंचे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने पूजन के उपरांत मंदिर परिसर एवं चौक खिचड़ी मेले का भ्रमण कर सुरक्षा व व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मेला परिसर में लगाए गए हेल्थ कैंप का अवलोकन करते हुए निर्देश दिया कि 24 घंटे चिकित्सकों की टीम आवश्यक स्टाफ व पर्याप्त दवाओं के साथ तैनात रहे, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने मेले में आमजन की सुविधा के लिए स्थापित प्रमुख स्टालों, नियंत्रण कक्ष व अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साथ ही परिसर में निरंतर साफ-सफाई बनाए रखने तथा सभी सफाईकर्मियों की वर्दी में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके पश्चात दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला कैंप कार्यालय में बैठक कर मेला व्यवस्था,भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। बैठक में उपजिलाधिकारी सदर ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है और अब तक कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय और समन्वय के साथ कार्य करते हुए खिचड़ी मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मऊ।(राष्ट्र की परम्परा) व्यापारियों, कर सलाहकारों और आमजन को जीएसटी से जुड़ी नवीन जानकारियों से अवगत कराने के उद्देश्य से राज्य कर / जीएसटी विभाग, मऊ द्वारा एक दिवसीय मेगा सेमिनार / कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह सेमिनार 17 जनवरी 2026 को अपरान्ह 2 बजे से राजस्थान भवन, संस्कृत पाठशाला के निकट, जनपद मऊ में आयोजित होगा। उपायुक्त राज्य कर अवनीश कुमार चौधरी ने बताया कि सेमिनार में जीएसटी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से जीएसटी पंजीयन प्रक्रिया, रिटर्न फाइलिंग, कर अनुपालन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं तथा व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य व्यापारियों को नियमों के प्रति जागरूक कर उन्हें सरल और सुगम तरीके से कर प्रणाली से जोड़ना है। कार्यशाला में जनपद के व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सभी व्यापारी बंधु, अधिवक्ता, टैक्स प्रैक्टिशनर, सामान्य जन एवं मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा। यह आयोजन व्यापारिक समुदाय के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे वे जीएसटी से संबंधित प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझकर अनुपालन कर सकेंगे और योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
क्षेत्र के मुसैला खुर्द में हुआ खिचड़ी सहभोज का आयोजन
सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परंपरा)। त्योहार और पर्व भारतीय संस्कृति व सभ्यता का प्रमुख द्योतक है। मकर संक्रांति के पर्व पर खिचड़ी सहभोज जैसे आयोजन से सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान होती है।उक्त बातें विकास खण्ड के मुसैला खुर्द में आयोजित सहभोज कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग व्यापार मंडल सलेमपुर के तहसील अध्यक्ष पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सलेमपुर सुधाकर गुप्त ने कहा।उन्होंने कहा कि आज देश में इस तरह के आयोजन की आवश्यकता है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि आज के दौर में नफरत फैलाने वाले लोग अधिक है लेकिन आज भी आपसी प्रेम व सद्भाव को कायम करने वाले लोग इस तरह का आयोजन कर समाज को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। सामाजिक समरसता का प्रतीक है सहभोज कार्यक्रम।शहर कांग्रेस देवरिया के पूर्व अध्यक्ष आनन्द श्रीवास्तव सोनू ने कहा कि यह आयोजन एक दशक से हो रहा है पूरे ग्रामवासी इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।आयोजक मोहन प्रसाद ने कहा कि सभी के प्रयास से ही सामाजिक एकता कायम रह सकता है। आज छुआछूत जैसे कुरीतियों का समापन इसी तरह के आयोजन से हुआ है। कार्यक्रम को डॉ चतुरानन ओझा, दीनदयाल यादव, हरिशंकर श्रीवास्तव,सत्यम पांडेय, राजकुमार गौंड़, रामप्रताप यादव, मुकेश शर्मा, विकास कुशवाहा, विकास खरवार, मोहित,जितेन्द्र पांडेय, आनन्द उपाध्याय,राकेश सिंह, अनुपलाल श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश शुक्ल,लालू यादव,सत्यप्रकाश यादव मनोज शर्मा, आत्मानंद,दिलीप, प्रकाश दूबे, यशवंत सिंह, मनीष प्रसाद,अखिलेश, जितेन्द्र कुशवाहा आदि ने सम्बोधित किया।
देवरिया में डिंपल यादव का जन्मदिन बना ‘नारी शक्ति दिवस’, वृद्धाश्रम में सेवा भाव के साथ मना खास दिन
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी की सांसद और उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की सशक्त पहचान डिंपल यादव का जन्मदिन देवरिया जनपद में ‘नारी शक्ति दिवस’ के रूप में मनाया गया। यह आयोजन पूरी तरह सादगी, सामाजिक सरोकार और सेवा भावना से जुड़ा रहा। समाजवादी यूथ फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ता मेहड़ा पुरवा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।
इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को फल और मिठाइयां वितरित की गईं। कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों का हालचाल जाना और उनके अनुभवों को सुना। बुजुर्गों ने भी डिंपल यादव के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जन्मदिन मनाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देना रहा। सेवा और संकल्प का संदेश कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डिंपल यादव के सामाजिक और राजनीतिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव ने कहा कि डिंपल यादव का सार्वजनिक जीवन गरीबों, शोषितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा है। उन्होंने हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को मजबूती से उठाया है।
वहीं छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि डिंपल यादव आज देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। संसद में उनकी मुखर भूमिका और विकासोन्मुखी सोच युवतियों और महिलाओं को जागरूक व आत्मनिर्भर बनने का संदेश देती है। उनके नेतृत्व में नारी शक्ति को नई दिशा मिली है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नारी शक्ति दिवस के इस आयोजन में समाजवादी विचारधारा से जुड़े कई प्रमुख कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम अंसारी, इजहारुल हक बबलू, दयाशंकर यादव, काका चौधरी, बलवंत यादव, धीरज, राधेश्याम, शिवशंकर चौरसिया, प्रेम चौहान, दुर्गेश पासवान, मुकेश कुमार, संदीप, विनोद यादव और अशोक चौहान सहित अनेक लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का रास्ता भी है। डिंपल यादव का जन्मदिन इसी भावना के साथ देवरिया में यादगार बन गया।
औरैया, (राष्ट्र की परम्परा)शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकासखंड भाग्यनगर के ग्राम लालपुर में एक भव्य जनकल्याण मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।मेले की शुरुआत जिलाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी आवास स्थित मंदिर में खिचड़ी का भोग लगाकर की गई। इसके पश्चात मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को खिचड़ी का प्रसाद वितरित कर शुभकामनाएं दी गईं।
इस पहल ने प्रशासन और जनता के बीच आपसी संवाद व सहभागिता को और मजबूत किया।जनकल्याण मेले में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां सामाजिक पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। पात्रता के आधार पर लगभग ढाई सैकड़ा से अधिक लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से लाभान्वित किया गया।पशुपालन विभाग द्वारा 44 किसानों के 121 छोटे एवं 39 बड़े पशुओं की समस्याओं का समाधान किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 250 लोगों को चिकित्सीय परामर्श, 35 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 15 आंगनवाड़ी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर वजन एवं पोषण की जांच की गई।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, अपर जिलाधिकारी अविनाश चंद्र मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।जनकल्याण मेला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का उदाहरण बना, जिसके तहत सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और प्रतिभाशाली कलाकारों को पहचान दिलाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा “उत्तर प्रदेश पर्व: हमारी संस्कृति–हमारी पहचान” के अंतर्गत संस्कृति उत्सव 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद मऊ में 17 जनवरी 2026 को जनपद स्तरीय संस्कृति उत्सव प्रतियोगिता का आयोजन नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें – गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई: लूट गिरोह का सरगना बड़कू महिला सहयोगी सहित गिरफ्तार जिला सूचना अधिकारी धनपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ही धर्म, दर्शन, कला, साहित्य और संगीत के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। प्रदेश की पहचान शास्त्रीय, उप-शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, नृत्य और लोकनाट्य की समृद्ध परंपराओं से है। इन विधाओं से जुड़े अनेक कलाकार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आज भी सक्रिय हैं, लेकिन मंच और पहचान के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। संस्कृति उत्सव का उद्देश्य ऐसे ही कला साधकों को खोजकर उन्हें मंच प्रदान करना, प्रोत्साहित करना और कला की मुख्य धारा से जोड़ना है। इस वर्ष भी गांव, पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर कलाकारों का चयन किया गया है। जनपद स्तर पर चयनित कलाकारों को मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। इसके पश्चात चयनित प्रतिभागियों का 23 जनवरी 2026 को लखनऊ में पूर्वाभ्यास कराया जाएगा। वहीं 24 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित उत्तर प्रदेश पर्व के दौरान अंतिम रूप से चयनित कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जहां उन्हें सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जनपद के सभी इच्छुक कलाकार इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकते हैं। संस्कृति उत्सव न केवल कलाकारों के लिए अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।
एटा/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। एटा जिले के गांव नगला धीरज से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक बदनसीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले पिता की मौत हो चुकी थी और अब लंबी बीमारी से जूझने के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। माता-पिता दोनों को खोने के बाद अब मासूम भाई-बहन पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।
मृत महिला का पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है। सबसे दर्दनाक स्थिति यह है कि अंतिम संस्कार के लिए परिवार का कोई सदस्य आगे नहीं आया। न कोई कंधा देने वाला है और न ही अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने को तैयार।
मां के शव के पास बैठा मासूम, आंखों में सवाल
मासूम बेटा कभी मां के निस्तेज चेहरे को देख रहा है, तो कभी आसपास खड़े लोगों की ओर उम्मीद भरी नजरों से ताक रहा है। उसका दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, जान का खतरा बताया
बालक ने अपने ही अन्य रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे और उसकी बहन को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में दोनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
थाना जैथरा प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मृतका का अंतिम संस्कार पुलिस की ओर से कराया जाएगा। साथ ही बालक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और भाई-बहन की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला न सिर्फ पारिवारिक संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि समाज के सामने भी बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर ऐसे समय में इंसानियत कहां चली जाती है।