Saturday, June 13, 2026
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राज्य संस्कृत अकादमी द्वारा भाषा वैभव कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न

मुम्बई (राष्ट्र की परम्परा )l महाराष्ट्र राज्य संस्कृत अकादमी एवं माध्यम फाउंडेशन, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में एस.पी.आर. जैन कन्याशाला, घाटकोपर (प.) में भाषा-वैभव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। घ्यातव्य है कि सांस्कृतिक कार्य विभाग के द्वारा संस्कृत भाषा को साहित्य अकादमी में सम्मिलित किया गया है। इस कार्यक्रम में संस्कृत भाषा की विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें विद्यालय की छात्राओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया और पारितोषिक भी प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि व महाराष्ट्र पुलिस के अतिरिक्त महासंचालक आईपीएस कृष्ण प्रकाश नें अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा के बिना भारतीय सभ्यता व संस्कृति का अनुभव नही किया जा सकता। कार्यक्रम-अध्यक्ष आचार्य रामव्यास उपाध्याय ने बच्चों को संस्कृत भाषा में छंदों और उनके उच्चारण की विधियों के गुणों का उल्लेख करते हुए कहा कि, संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा है यह मृत नही अमृत भाषा है। इस अवसर पर एस.पी.आर. जैन कन्याशाला की मैनेजमेंट ट्रस्टी मीनाबेन खेताणी, मुम्बई गुजराती संगठन के फाउंडर ट्रस्टी भावेशभाई मेहता, नव्य-व्याकरणाचार्य पं. दामोदर त्रिपाठी, चिन्मय मिशन से विराज सडेकर सहित भावेशभाई वोरा, भावना रमेश डोडिया, रमेश लालजी डोडिया, अभयभाई खेताणी एवं विद्यालय की प्राचार्या नंदाबेन ठक्कर की विशेष उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में कविता ठक्कर एवं मनीषा ठक्कर नें भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन एड. राजीव मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन सौरभ शिंदे ने किया।

सीओ व थाना प्रभारी की पैदल गश्त सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के जैतीपुर क्षेत्र में सोमवार शाम कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा पैदल गश्त की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी तिलहर ज्योति यादव एवं थाना प्रभारी जैतीपुर प्रिंस शर्मा ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में भ्रमण किया।
पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने मुख्य बाजार, व्यस्त मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों एवं सार्वजनिक स्थानों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों और आम नागरिकों से संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक भी प्राप्त किया।
अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गश्त के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जिससे लोगों में पुलिस की सक्रियता का संदेश गया।

कुर्ला में अवैध फेरीवालों पर बड़ी कार्रवाई

भारी विरोध के बाद तोड़फोड़ अभियान शुरू

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)l कुर्ला 18 जनवरी शनिवार शाम लगभग 6 बजे कुर्ला एल वार्ड क्षेत्र में अवैध फेरीवालों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता असीम सिंह पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना के विरोध में सकल हिंदू समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने कुर्ला एल वार्ड प्रशासन और कुर्ला पुलिस स्टेशन का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर अवैध फेरीवालों के खिलाफ ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जनाक्रोश और बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तर्ज पर विध्वंसक कार्रवाई शुरू कर दी है। वार्ड क्रमांक 168, न्यू मिल रोड, मानसी अपार्टमेंट के सामने स्थित अवैध फेरीवालों के अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया।
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध फेरीवालों के कारण सड़क पर रोजाना जाम, झगड़े और असुरक्षा की स्थिति बनी रहती थी।
कुर्ला एल विभाग मनपा प्रशासन ने कहा है कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और साथ ही कुर्ला पुलिस स्टेशन के अधिकारियो का कहना है की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जनपद की सात विधानसभा क्षेत्रों में 18,121 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत, शत-प्रतिशत भागीदारी के दिए निर्देश

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में दिव्यांग मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने तथा उनके शत-प्रतिशत पंजीकरण और सहभागिता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में गठित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) मतदाताओं से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और आगामी चुनावों में उनकी सुगम, सुरक्षित एवं सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद की सातों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 18,121 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं।

इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दिव्यांग मतदाताओं की विकलांगता के प्रकार—दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, अस्थिबाधित, मानसिक अथवा बहु-दिव्यांगता—के अनुसार मतदान केंद्रवार मैपिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक दिव्यांग मतदाता के लिए मतदान केंद्र पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग मतदाताओं से संबंधित अद्यतन डाटा के सुव्यवस्थित रख-रखाव के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर जानकारी के अभाव में उन्हें असुविधा न हो। जो पात्र दिव्यांग मतदाता अभी तक निर्वाचक नामावली में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर त्वरित रूप से नामांकन प्रक्रिया पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कोई भी योग्य दिव्यांग मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहने पाए।

बैठक में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिव्यांग मतदाताओं के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन पर जोर दिया गया। मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, प्राथमिक चिकित्सा, स्वयंसेवक, ब्रेल बैलेट अथवा अन्य सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही चुनाव से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांग मतदाताओं की विशेष आवश्यकताओं और उनके प्रति संवेदनशीलता से संबंधित पृथक प्रशिक्षण घटक शामिल करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षित और संवेदनशील कार्मिक ही दिव्यांग मतदाताओं को सम्मानजनक और सहज मतदान अनुभव प्रदान कर सकते हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजन कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए दिव्यांग मतदाताओं को लोकतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

बीजेपी को नया अध्यक्ष: नितिन नबीन संभालेंगे पार्टी की कमान

BJP National President News: भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। वरिष्ठ नेता नितिन नबीन ने औपचारिक रूप से भाजपा की कमान संभाल ली है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए “भाजपा का नवीन अध्यक्ष” बताया और पार्टी के ऐतिहासिक संगठनात्मक सफर को याद किया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में पार्टी की नींव मजबूत हुई। इसके बाद वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी के दौर में संगठन का व्यापक विस्तार हुआ। राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने अपने दम पर केंद्र में सरकार बनाई, जबकि अमित शाह के समय पार्टी ने कई राज्यों में सरकारें बनाईं और दोबारा केंद्र की सत्ता में लौटी। जेपी नड्डा के कार्यकाल में भाजपा पंचायत से लेकर संसद तक और अधिक मजबूत हुई।

‘नितिन नबीन अब मेरे बॉस हैं’ – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को सबसे पहले भाजपा का कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा,
“नितिन नबीन अब सिर्फ मेरे अध्यक्ष नहीं हैं, बल्कि मेरे बॉस हैं।”
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि नितिन नबीन की जिम्मेदारी केवल भाजपा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाना भी उनकी अहम भूमिका होगी।

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नितिन नबीन के व्यक्तित्व की सराहना

प्रधानमंत्री ने नितिन नबीन के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए कहा कि जो भी उनके संपर्क में आया, उसने उनकी सरलता, सहजता और व्यवहारिकता की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष भारत के लिए निर्णायक हैं, क्योंकि इसी अवधि में विकसित भारत का निर्माण होना है और इसमें भाजपा की भूमिका ऐतिहासिक होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नितिन नबीन उस पीढ़ी से आते हैं, जिसने आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलावों को नजदीक से देखा है, और यही अनुभव उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाता है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि इस वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसकी विचारधारा से भाजपा का जन्म हुआ।

भाजपा सिर्फ पार्टी नहीं, एक परिवार

पीएम मोदी ने भाजपा को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि संस्कार और परिवार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में सदस्यता से ज्यादा रिश्तों का महत्व है। यहां अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा वही रहती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की सोच राष्ट्रीय है, लेकिन उसका जुड़ाव स्थानीय स्तर पर गहरा है, यही वजह है कि पार्टी हर दौर में मजबूती से खड़ी रहती है।

मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: पुलिस ने आमजन से किया संवाद, 255 व्यक्ति व 155 वाहन चेक

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। अभियान के दौरान थाना प्रभारी एवं थानाध्यक्षों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।अभियान का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देते हुए जनमानस में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही छोटे-मोटे विवादों का निस्तारण किया तथा मित्र पुलिसिंग की भावना को सशक्त किया।चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच की गई। इस दौरान चोरी के वाहनों की धरपकड़, तीन सवारी चलने वालों पर कार्रवाई, मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के चालान, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में कार्रवाई तथा अवैध असलहा व मादक पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी गई।पुलिस द्वारा जनसामान्य को अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया, जिस पर लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।अभियान के तहत जनपद के कुल 13 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 255 व्यक्तियों एवं 155 वाहनों की जांच की गई। जनपदीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि आमजन की सुरक्षा एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

कोलकाता में बुजुर्ग महिला की चाकू से हत्या, इलाके में सनसनी

West Bengal Crime News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बेहाला इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बेचाराम चटर्जी स्ट्रीट स्थित प्रियदर्शिनी अपार्टमेंट के बी ब्लॉक में रहने वाली महिला अनिता घोष की सोमवार सुबह चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी गई। महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के मुताबिक, फ्लैट में अनिता घोष अपने वृद्ध पति के साथ रहती थीं। उनके पति पिछले करीब आठ वर्षों से गंभीर बीमारी और डिमेंशिया से पीड़ित हैं और पूरी तरह बिस्तर पर आश्रित हैं। घटना के समय वह मदद के लिए आवाज तक नहीं उठा सके।

शरीर पर कई वार, गला रेतने के निशान

पुलिस के अनुसार, अनिता घोष के शरीर पर चाकू के कई वार के निशान मिले हैं और उनका गला भी रेता गया था। शुरुआती जांच में इस हत्या को बेहद क्रूर और योजनाबद्ध बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घरेलू कर्मचारियों से पूछताछ

स्थानीय पार्षद और पुलिस सूत्रों के अनुसार, वृद्ध दंपत्ति की देखभाल के लिए एक आया और एक रसोइया नियमित रूप से फ्लैट में आते थे। संदेह के आधार पर पुलिस ने आया, रसोइया और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस सभी संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है।

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परिवार ने जताया चोरी का शक

परिवार के सदस्यों ने आशंका जताई है कि हत्या लूट के इरादे से की गई हो सकती है। बताया गया है कि घर में करीब एक लाख रुपये नकद रखे थे, क्योंकि अनिता के पति बैंक जाने की स्थिति में नहीं थे। मृतका के बेटे का घर पास में ही किराए पर है।

एक परिजन ने कहा,
“मेरी भाभी को बेहद बेरहमी से मारा गया है। इतने चाकू के वार देखकर विश्वास नहीं होता कि कोई इतना क्रूर हो सकता है।”

संगीतकार थीं अनिता घोष

परिवार के अनुसार, अनिता घोष एक प्रतिभाशाली संगीतकार थीं और छात्रों को गायन सिखाती थीं। उन्होंने दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया था और इलाके में एक शांत व सरल स्वभाव की महिला के रूप में जानी जाती थीं।

फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की साजिश, नकदी की मौजूदगी और घरेलू कर्मचारियों की भूमिका समेत हर पहलू की गहन जांच कर रही है।

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ऑस्ट्रेलिया में पत्नी की मौत: विक्रांत ने मानसलॉटर माना

Australia Crime News: भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड मैजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की मौत के मामले में बयान दर्ज कराया है। कोर्ट में विक्रांत ने स्पष्ट किया कि वह मर्डर (जानबूझकर हत्या) के आरोप को नहीं मानते, लेकिन मानसलॉटर (अनजाने में हुई हत्या) का दोष स्वीकार करते हैं।

विक्रांत ठाकुर 14 जनवरी को दूसरी बार अदालत में पेश हुए। उन पर दिसंबर 2025 में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की हत्या का आरोप लगाया गया था। कोर्ट में अपने वकील की सलाह के बाद उन्होंने कहा,
“मैं मानसलॉटर स्वीकार करता हूं, लेकिन मर्डर का दोषी नहीं हूं।”

घटना के दिन क्या हुआ था?

पुलिस को 21 दिसंबर को एडिलेड के उत्तरी इलाके में स्थित एक घर में बुलाया गया था। मौके पर पुलिस ने 36 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर को बेहोशी की हालत में पाया। पुलिस ने तत्काल CPR दिया, लेकिन सुप्रिया को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई।

पहली सुनवाई में क्या हुआ था?

इस मामले की पहली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी। उस समय विक्रांत ठाकुर ने जमानत के लिए कोई आवेदन नहीं किया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत से 16 सप्ताह की मोहलत मांगी थी, क्योंकि डीएनए रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य अहम सबूतों का इंतजार किया जा रहा था। अब इस केस की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।

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सुप्रिया के बेटे के लिए फंडरेजर शुरू

सुप्रिया ठाकुर की मौत के बाद उनके दोस्तों और समुदाय के लोगों ने उनके बेटे की मदद के लिए GoFundMe पर फंडरेजर शुरू किया है। पेज पर लिखा गया है कि सुप्रिया एक समर्पित मां थीं, जो अपने बेटे के सुरक्षित भविष्य के लिए लगातार मेहनत करती थीं। उनका सपना एक रजिस्टर्ड नर्स बनने का था। अचानक हुई इस घटना ने उनके बेटे की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है और वह अब अपनी मां के बिना अकेला हो गया है।

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यूपी क्रिकेट एसोसिएशन ट्रायल 2026-27: ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक, खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर


लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) द्वारा सत्र 2026-27 के लिए आयोजित किए जाने वाले क्रिकेट ट्रायल को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह देखा जा रहा है। इस प्रतिष्ठित ट्रायल में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 10 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
यह ट्रायल राज्य स्तर पर प्रतिभावान खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
देवरिया क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव इंदु प्रकाश मिश्र ने जनपद के सभी युवा एवं इच्छुक खिलाड़ियों से अपील की है कि वे समय रहते यूपीसीए की आधिकारिक वेबसाइट www.registration.upca.tv पर जाकर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है, जिससे योग्य खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सके।

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पंजीकरण के दौरान खिलाड़ियों को मोबाइल नंबर आधारित ओटीपी सत्यापन करना होगा। विशेष बात यह है कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही खिलाड़ी का पंजीकरण मान्य होगा, इसलिए सही और सक्रिय मोबाइल नंबर का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। गलत जानकारी या एक से अधिक प्रयास करने पर आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है।
ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के बाद खिलाड़ियों को अपनी पंजीकरण रसीद, सभी मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित जनपद क्रिकेट एसोसिएशन कार्यालय में उपस्थित होकर निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। शुल्क जमा होने के पश्चात ही आवेदन को अंतिम रूप से स्वीकृत माना जाएगा।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल वही खिलाड़ी ट्रायल में भाग ले सकेंगे, जिनका पंजीकरण जनपद कार्यालय द्वारा स्वीकृत होगा।
पंजीकरण, शुल्क अथवा अन्य किसी भी प्रकार की सहायता के लिए खिलाड़ी देवरिया क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नागेन्द्र त्रिपाठी से संपर्क कर सकते हैं। संघ का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी जानकारी के अभाव में इस अवसर से वंचित न रह जाए।
यूपीसीए ट्रायल न केवल राज्य स्तर पर खेलने का मौका देता है, बल्कि भविष्य में रणजी ट्रॉफी, अंडर-19, अंडर-23 और आईपीएल जैसे बड़े मंचों तक पहुंचने की राह भी खोलता है। ऐसे में सभी इच्छुक खिलाड़ियों के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण है।

फ्रेंच वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी, मैक्रों पर ट्रंप का वार

Trump Tariff Threat: फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप के इस बयान से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव और बढ़ गया है।

डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि मैक्रों शायद ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल न हों, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“क्या मैक्रों ने कहा कि वह नहीं आएंगे? वैसे भी कोई नहीं चाहता कि वह आएं, क्योंकि वह बहुत जल्द पद से हटने वाले हैं। अगर मैं उनकी वाइन और शैंपेन पर 200 फीसदी टैरिफ लगा दूं, तो वह खुद शामिल हो जाएंगे, हालांकि उनकी जरूरत नहीं है।”

गाजा युद्ध के बाद शांति के लिए बना बोर्ड ऑफ पीस

गाजा में युद्ध के बाद शांति, पुनर्निर्माण और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं। इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा के लिए एक अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को समर्थन देना, मानवीय सहायता का समन्वय करना और युद्ध के बाद शासन व्यवस्था की निगरानी करना है।

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ट्रंप ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी निमंत्रण भेजा है। हालांकि, अब तक किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका-यूरोप में टकराव

ग्रीनलैंड को लेकर भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा जता चुके हैं, जिसका आठ यूरोपीय देशों ने खुलकर विरोध किया है। इसके जवाब में ट्रंप ने इन देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो अगले महीने से लागू होगा। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में यह टैरिफ और बढ़ सकता है।

इस बीच ट्रंप ने मैक्रों का एक निजी संदेश भी सार्वजनिक किया है, जिसमें फ्रांसिसी राष्ट्रपति ने ईरान और सीरिया के मुद्दे पर सहमति जताई थी, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख पर असमंजस व्यक्त किया था।

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सीबीआई जांच या आंदोलन: पप्पू यादव का अल्टीमेटम, सरकार पर बढ़ा दबाव

पूर्णिया हॉस्टल मौत मामला: सबूत मिटाने का आरोप, पप्पू यादव की CBI जांच की मांग, प्रशासन–नेता–माफिया गठजोड़ का दावा

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पूर्णिया के परफैक्ट पीजी हॉस्टल में औरंगाबाद की एक युवती की संदिग्ध मौत ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने खुलकर आरोप लगाया है कि यह सिर्फ एक सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है, जिसमें सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन, स्थानीय नेताओं और माफिया के बीच संभावित मिलीभगत की आशंका जताई है।
पप्पू यादव रविवार को स्वयं परफैक्ट पीजी हॉस्टल पहुंचे, जहां युवती का शव बरामद हुआ था। मौके पर पहुंचकर उन्होंने हॉस्टल प्रबंधन, स्थानीय लोगों और पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से बातचीत में वे काफी आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से घटना के बाद कार्रवाई हुई है, उससे साफ संकेत मिलता है कि सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सांसद पप्पू यादव ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया न जा सके। उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले में सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग स्थानों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनके अनुसार हॉस्टल, संबंधित थाना और अस्पताल—तीनों की भूमिका की जांच आवश्यक है।

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पप्पू यादव ने हॉस्टल के मालिक से सख्त पूछताछ करने की मांग करते हुए कहा कि बिना उसकी भूमिका की जांच के सच्चाई सामने नहीं आ सकती। इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टल में आने-जाने वाले दो संदिग्ध युवकों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक इन संदिग्धों से पूछताछ नहीं होगी, तब तक मौत की असली वजह सामने नहीं आएगी।
इस दौरान उन्होंने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “सम्राट बाबू जैसे नेता आरोपियों पर बुलडोजर कब चलाएंगे?” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और सच्चाई जनता के सामने नहीं लाई गई, तो वे सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।
यह मामला अब सिर्फ एक युवती की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बन चुका है।

त्याग, तपस्या और समर्पण से ही भगवान की प्राप्ति संभव: किशोरी शरण जी महाराज

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान स्वयं साक्षात यज्ञ हैं और समिधा भी। संसार का कोई भी कार्य ईश्वर की कृपा और भूमिका के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। इसलिए मनुष्य को भगवान से कुछ मांगने के बजाय, त्याग, तपस्या और पूर्ण समर्पण के माध्यम से स्वयं भगवान को पाने का प्रयास करना चाहिए। यह प्रेरणादायक संदेश श्रीरामचरितमानस के अयोध्या वासी प्रकांड विद्वान कथा वाचक किशोरी शरण जी महाराज ने दिया। वे मऊ नगर के कोतवाली स्थित श्री दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा महायज्ञ में भक्तों को संबोधित कर रहे थे।
किशोरी शरण जी महाराज ने श्रीराम जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जिनके मिलने से मनुष्य को परम शांति और आनंद की अनुभूति हो, वही राम हैं। जो अपने लक्ष्य पर सदैव अडिग रहे, वे लक्ष्मण कहलाए। शत्रुओं का हनन करने वाले शत्रुघ्न और सभी का भरण-पोषण करने वाले भरत नाम से विख्यात हुए। उन्होंने बताया कि श्रीरामलला के दर्शन के लिए स्वयं देवाधिदेव महादेव काकभुसुंडि जी के साथ भेष बदलकर अयोध्या पहुंचे थे।

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कथा के दौरान मुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण के वन गमन, यज्ञ-हवन की रक्षा, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और मां गंगा में स्नान जैसे प्रसंगों का सजीव वर्णन किया गया। इन प्रसंगों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।
कार्यक्रम के समापन पर व्यास पूजन और श्रीरामायण जी की विधिवत आरती संपन्न हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी विवेकानंद पाण्डेय ने उपस्थित सनातन धर्मावलंबियों, विद्वानों और अतिथियों का स्वागत किया तथा व्यास जी से सभी के लिए आशीर्वाद प्राप्त कराया। इस अवसर पर डॉ. एस.सी. तिवारी, डॉ. राम गोपाल गुप्त, राम आशीष दुबे, पुनीत श्रीवास्तव, छवि श्याम शर्मा, धनेश कुमार, अमित शर्मा, बब्बन सिंह, ऋषिकेश पाण्डेय, शिवधर यादव, आर.के. सिंह, अरुण कुमार, कैलाश चंद जायसवाल, पंकज जायसवाल, राजकुमार खंडेलवाल, वीरू बाबू, अनुराग कपिल खंडेलवाल सहित हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कागज़ों में योजनाएं, ज़मीन पर संघर्ष: बीसवां गांव की हकीकत

नहर किनारे झोपड़ी में गुजर रही ज़िंदगी: महाराजगंज के बीसवां गांव में 30 सदस्यीय कुनबा आज भी सरकारी योजनाओं से वंचित


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बीसवां में विकास और कल्याणकारी योजनाओं के सरकारी दावों को चुनौती देती एक बेहद मार्मिक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। नहर के किनारे वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे 60 वर्षीय लालजी पुत्र सुखल अपने छह बेटों और लगभग 30 सदस्यीय परिवार के साथ आज भी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। न उनके पास अपनी जमीन है, न पक्का मकान और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ।
सरकार द्वारा गरीबों और वंचितों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, आयुष्मान भारत योजना जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन बीसवां गांव का यह कुनबा अब तक प्रशासनिक नजर से ओझल बना हुआ है। परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन भिक्षाटन है। लालजी रोज़ाना आसपास के इलाकों में भीख मांगकर किसी तरह परिवार का पेट पालने की कोशिश करते हैं।

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नहर के किनारे बनी अस्थायी झोपड़ी में रहना हमेशा खतरे से खाली नहीं है। बरसात में बाढ़ का डर, गर्मी में तेज धूप और सर्दियों में ठिठुराने वाली ठंड इस परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा दयनीय है। न तो बच्चों की नियमित शिक्षा की व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते इस परिवार को आवासीय पट्टा, पक्का मकान और सरकारी योजनाओं से जोड़ दे, तो उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। सवाल यह उठता है कि जब सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की बात करती है, तो फिर ऐसे परिवार विकास की मुख्य धारा से बाहर क्यों रह जाते हैं।
यह मामला न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता की परीक्षा है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस खबर के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी संज्ञान लेते हैं या फिर यह परिवार यूं ही अभाव, उपेक्षा और असुरक्षा के साए में जीवन बिताने को मजबूर रहेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जान जोखिम में, मालवाहक वाहनों से हो रही सवारी ढुलाई

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में यातायात नियमों की स्थिति जमीनी स्तर पर बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत प्रमुख सड़कों पर माल ढोने वाले वाहन खुलेआम सवारियां लेकर दौड़ रहे हैं, जिससे लोगों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।
ग्राउंड पर हालात यह हैं कि पिकअप, डाला और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे मालवाहक वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के इन वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं। नियमों के मुताबिक मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
सोमवार देर शाम पुलिस चौकी मगहर के पास गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पिकअप वाहन में दर्जनों सवारियां भरी हुई देखी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन में सवार लोग अयोध्याधाम से दर्शन-स्नान कर लौट रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि यह वाहन कई जिलों की सीमा पार करता रहा, लेकिन कहीं भी उसे रोका नहीं गया।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही आए दिन हादसों को न्योता दे रही है। सड़क पर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की सख्ती मौके पर दिखाई नहीं दे रही है।
यातायात विभाग की ओर से दावा किया जाता है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है और लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि सूचना मिलने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सड़कों पर दिख रही वास्तविक तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मालवाहक वाहनों में सवारी ढुलाई पर रोक लगना मुश्किल है और आम लोगों की जान यूं ही जोखिम में बनी रहेगी।

टैरिफ बनाम ट्रेड बजूका: क्या वैश्विक व्यापार युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया?

ग्रीनलैंड पर अमेरिका–फ्रांस टकराव: उपहास, टैरिफ धमकियां और EU का ‘ट्रेड बजूका’ आमने-सामने


वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अमेरिका और फ्रांस के बीच ग्रीनलैंड को लेकर कूटनीतिक टकराव अब तीखे उपहास, आर्थिक चेतावनियों और व्यापारिक दबाव तक पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की महत्वाकांक्षा ने यूरोप में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। वाशिंगटन इसे सुरक्षा के नजरिये से देख रहा है, जबकि पेरिस और यूरोपीय संघ इसे संप्रभुता पर सीधा हमला मान रहे हैं।
अमेरिका की ओर से ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ट्रंप के रुख का बचाव करते हुए तर्क दिया कि आर्कटिक क्षेत्र में भविष्य में रूस से खतरा बढ़ सकता है। उनके अनुसार, यदि रूस ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो अमेरिका को युद्ध में उतरना पड़ेगा, इसलिए “शांति बनाए रखने” के लिए अभी ही ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाना बेहतर होगा। इस दलील ने यूरोप में नाराजगी और उपहास दोनों को जन्म दिया।

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फ्रांस के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक अकाउंट से सोशल मीडिया पर इस तर्क का मज़ाक उड़ाया गया। तुलना करते हुए लिखा गया कि अगर कभी आग लग सकती है तो अभी घर जला देना चाहिए, या अगर शार्क हमला कर सकती है तो अभी लाइफगार्ड को खा लेना चाहिए। इस व्यंग्य ने कूटनीतिक भाषा की सीमाएं तोड़ दीं और विवाद को सार्वजनिक बहस में बदल दिया।
आर्थिक मोर्चे पर भी तनाव तेज हो गया है। फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह का दबाव EU और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने दोहराया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का संप्रभु हिस्सा है और यूरोपीय संघ से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके साथ छेड़छाड़ अस्वीकार्य है। यही संदेश अमेरिकी समकक्षों तक भी पहुंचाया गया है।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने डेनमार्क और फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। चेतावनी दी गई है कि यदि ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ तो 1 जून से यह टैरिफ 25% तक बढ़ाया जा सकता है।
यूरोपीय संघ ने भी पलटवार के संकेत दे दिए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आपात बैठक के बाद ‘एंटी-कोअर्सन इंस्ट्रूमेंट’ (ACI) यानी EU के ‘ट्रेड बजूका’ का जिक्र किया। यह उपकरण उन देशों के खिलाफ आर्थिक जवाबी कार्रवाई के लिए बनाया गया है जो व्यापार को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। साफ है कि ग्रीनलैंड का मुद्दा अब सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और शक्ति संतुलन की परीक्षा बन चुका है।